GSEB Class 8 Hindi Solutions Chapter 4 उठो, धरा के अमर सपूतो

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Class 8 Hindi Chapter 04 उठो, धरा के अमर सपूतो GSEB Solutions PDF

Gujarat Board Textbook Solutions Class 8 Hindi Chapter 4 उठो, धरा के अमर सपूतो

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

 

Question 1. कवि धरा के अमर सपूतों से क्या चाहते है?
Answer: हमारे देश को गुलामी के कई सदियों बाद आजादी मिली है। कवि चाहते हैं कि देश के युवा स्वतंत्रता के बाद देश का नया निर्माण करें। वे लोगों के जीवन में नया जोश भरें और उनमें नई ऊर्जा डालें। युगों-युगों से मुरझाए हुए फूलों को एक नई मुस्कान दें। अपनी शुभ वाणी से वे संसार रूपी बगीचे को गूंजायमान करें। वे कई तरह का ज्ञान प्राप्त करके देश का भविष्य उज्ज्वल बनाएं। इस प्रकार, कवि धरती के सपूतों से बहुत सी उम्मीदें रखते हैं।
In simple words: कवि चाहते हैं कि युवा देशवासी गुलामी से मिली आजादी के बाद देश को फिर से बनाएं, लोगों में जोश भरें, और ज्ञान से देश का भविष्य चमकाएं।

Exam Tip: जब कवि की इच्छाओं या अपेक्षाओं के बारे में पूछा जाए, तो कविताओं के मुख्य विषयों जैसे नवनिर्माण, उत्साह और ज्ञान पर ध्यान दें।

 

Question 2. कवि नई मुस्कान कहाँ देखना चाहते हैं?
Answer: दिलों के फूल आजादी की रोशनी में खिलते हैं। हमारा देश सदियों तक गुलामी के अँधेरे में रहा। विदेशी शासक यहाँ के लोगों पर बहुत अत्याचार करते रहे। अन्याय और कई तरह का शोषण सहते-सहते लोग अपना स्वाभिमान खो बैठे। उनके दिलों में उदासी छा गई। कवि की इच्छा है कि ऐसे बेजान दिलों में फिर से नया जीवन का संचार हो। इस प्रकार, कवि युगों-युगों से लोगों के मुरझाए हुए हृदय रूपी फूलों पर नई मुस्कान देखना चाहते हैं।
In simple words: कवि चाहते हैं कि गुलामी से थक चुके लोगों के उदास दिलों में फिर से नई खुशी और जीवन का संचार हो।

Exam Tip: 'नई मुस्कान' जैसे प्रतीकात्मक शब्दों का अर्थ स्पष्ट करते समय, उनके पीछे के भावनात्मक और ऐतिहासिक संदर्भ को जरूर बताएं।

 

Question 3. कवि ने देश के सपतो को क्या संदेश दिया है?
Answer: कवि देश के सपूतों से कहते हैं कि देश अब स्वतंत्र हो चुका है। अब उन्हें देश का नया निर्माण करना है। आजादी का लाभ हर किसी तक पहुंचाना है। देशवासी उनसे बड़ी-बड़ी आशाएं रखते हैं। उन्हें उन आशाओं को निराश नहीं करना है। उन्हें लोगों में नई जान फूंकनी है। विकास के नए रास्ते खोजकर देश के पिछड़ेपन को दूर करना है। इस प्रकार, कवि ने देश के सपूतों को यह संदेश दिया है कि वे देश को एक नए युग में ले जाएं।
In simple words: कवि ने देश के युवाओं को आजादी के बाद देश का नवनिर्माण करने, लोगों में नई जान फूंकने और देश को विकास के नए रास्ते पर ले जाने का संदेश दिया है।

Exam Tip: संदेश वाले प्रश्नों में कवि की मुख्य प्रेरणा और लक्ष्य को संक्षेप में स्पष्ट करें।

 

Question 4. हमारी राष्ट्रीय संपत्ति कौन-कौन-सी है? उसकी सुरक्षा के लिए आप क्या-क्या कर सकते हैं?
Answer: रेलगाड़ियां, रेलवे स्टेशन, राष्ट्रीय राजमार्ग, नदियां, अभयारण्य, पुरातत्त्व संबंधी संपत्ति आदि हमारी राष्ट्रीय संपत्ति हैं। राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा करना हमारा कर्तव्य है। हम रेल संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। राजमार्गों की मरम्मत के लिए सरकार को पत्र लिखेंगे। हम लोगों को पानी का महत्व समझाकर उसका दुरुपयोग रोकेंगे। सरकार द्वारा संरक्षित इमारतों को नुकसान पहुंचते देखकर हम पुरातत्त्व विभाग को सूचित करेंगे। अभयारण्यों में सुरक्षित पशुओं का शिकार होते देखकर हम उससे संबंधित अधिकारियों को सावधान करेंगे।
In simple words: हमारी राष्ट्रीय संपत्ति में रेल, सड़कें, नदियां और स्मारक शामिल हैं। हमें उन्हें नुकसान पहुंचाने से रोकना चाहिए, पानी बचाना चाहिए और अधिकारियों को नुकसान की जानकारी देनी चाहिए।

Exam Tip: राष्ट्रीय संपत्ति के उदाहरण देते समय, सरकारी और प्राकृतिक दोनों प्रकार की संपत्तियों को शामिल करें और उनकी सुरक्षा के लिए नागरिक कर्तव्य बताएं।

 

Question 5. 'उठो, धरा के अमर सपूतो' कविता में कौन-कौन-सी बातें हैं जिन्हें तुम अपने जीवन में उतारना चाहोगे?
Answer: 'उठो, धरा के अमर सपूतो' कविता की निम्नलिखित बातें मैं अपने जीवन में अपनाना चाहूँगा :
(1) मैं अपने देश से प्रेम करूँगा।
(2) मैं केवल अपने लिए नहीं, बल्कि देश के लिए जीऊँगा।
(3) मैं सारे देशवासियों को अपना मानूँगा।
(4) मैं खूब मन लगाकर पढूंगा। पढ़-लिखकर अपने ज्ञान का उपयोग देश की सेवा में करूंगा। मैं चाहूँगा कि मेरी योग्यता का लाभ देश को मिले।
(5) मैं ऐसे काम करूँगा जिनसे देश का गौरव बढ़े।
(6) मैं देश की रक्षा करने में कभी पीछे नहीं हटूंगा।
In simple words: मैं अपने देश से प्यार करूँगा, दूसरों के लिए जीऊंगा, सब देशवासियों को अपना मानूंगा, खूब पढ़-लिखकर देश की सेवा करूँगा और देश का गौरव बढ़ाने वाले काम करूँगा।

Exam Tip: जब 'तुम क्या करोगे' पूछा जाए, तो व्यक्तिगत प्रतिबद्धताओं को स्पष्ट, कार्यवाही योग्य वाक्यों में व्यक्त करें, जैसे 'मैं करूंगा'।

 

Question 6. देश के नवनिर्माण के लिए आप क्या-क्या करना चाहेंगे?
Answer: देश के नवनिर्माण का कार्य करना मैं अपना कर्तव्य समझता हूँ। इसके लिए मैं अपने मुहल्ले में एक 'मित्र मंडल' की स्थापना करूँगा। इस मंडल के माध्यम से साक्षरता का प्रसार किया जाएगा। गरीब परिवारों के विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें दी जाएंगी। हम अपने मुहल्ले में एक वाचनालय खोलेंगे। यहाँ बैठकर लोग अखबार पढ़ सकेंगे। मंडल की तरफ से वृक्षारोपण किया जाएगा और समय-समय पर आरोग्य-शिविर लगाए जाएंगे।
In simple words: देश को फिर से बनाने के लिए, मैं अपने पड़ोस में एक समूह बनाऊंगा जो शिक्षा फैलाएगा, गरीब बच्चों को किताबें देगा, एक लाइब्रेरी खोलेगा, पेड़ लगाएगा और स्वास्थ्य शिविर लगाएगा।

Exam Tip: नवनिर्माण के लिए व्यावहारिक और सामुदायिक स्तर के कार्यों को सूचीबद्ध करें, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण सुधार।

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-दो वाक्यों में दीजिए :

 

Question 1. धरा के सपूत नये राग और गान किसमें भरेंगे?
Answer: स्वतंत्रता मिलने के बाद हमारे देश में एक नया युग आ गया है। धरती के सपूत इस नए युग की वीणा में नए राग और गान भरेंगे।
In simple words: आजादी के बाद, धरती के युवा इस नए समय में नई धुनें और गीत भरेंगे।

Exam Tip: प्रतीकात्मक भाषा वाले प्रश्नों में, मुख्य प्रतीकों (जैसे 'वीणा', 'राग और गान') का वास्तविक अर्थ स्पष्ट करें।

 

Question 2. धरती माँ की काया आज सुनहरी क्यों हो रही है?
Answer: पूरे देश में स्वतंत्रता रूपी सूर्य का प्रकाश फैल गया है। सुनहरी धूप के कारण आज धरती माँ की काया सुनहरी हो रही है।
In simple words: धरती माँ की काया सुनहरी दिख रही है क्योंकि स्वतंत्रता रूपी सूरज की किरणें हर जगह फैल गई हैं।

Exam Tip: 'काया सुनहरी होना' जैसे मुहावरों का अर्थ बताते समय, उसके पीछे छिपे गौरव और खुशी के भाव को व्यक्त करें।

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में दीजिए :

 

Question 1. कवि ने धरती के सपूतो का किसलिए आह्वान किया है?
Answer: कवि ने देश का नया निर्माण करने के लिए धरती के सपूतों का आह्वान किया है।
In simple words: कवि ने देश के युवाओं को देश को फिर से बनाने के लिए बुलाया है।

Exam Tip: एक-वाक्य के उत्तरों में केवल मुख्य क्रिया और उद्देश्य को सीधे बताएं।

 

Question 2. कवि ने प्रातःकाल को 'नया' क्यों कहा है?
Answer: कवि ने सुबह को 'नया' कहा है, क्योंकि यह स्वतंत्रता का प्रभात है।
In simple words: कवि ने सुबह को 'नया' इसलिए कहा है क्योंकि यह आजादी की सुबह है।

Exam Tip: जब 'क्यों' पूछा जाए, तो कारण को संक्षेप में और सीधे बताएं।

 

Question 3. लोगों में नई उमंगें और तरंगें क्यों हैं?
Answer: लोगों में नई उमंगें और तरंगें हैं, क्योंकि सदियों की गुलामी के बाद देश को आजादी मिली है।
In simple words: लोगों में नया जोश और उत्साह है क्योंकि देश को बहुत साल की गुलामी के बाद आजादी मिली है।

Exam Tip: भावनाओं के कारण बताते समय, ऐतिहासिक संदर्भ (जैसे 'सदियों की पराधीनता') को जरूर जोड़ें।

 

Question 4. डालों पर बैठे पंछी क्या कर रहे हैं?
Answer: डालों पर बैठे पंछी नए स्वरों में गा-गाकर अपनी खुशी प्रकट कर रहे हैं।
In simple words: पेड़ों पर बैठे पक्षी नए गानों में गाकर अपनी खुशी दिखा रहे हैं।

Exam Tip: प्रकृति के वर्णन वाले प्रश्नों में, क्रिया (जैसे 'गा-गाकर खुशी प्रकट करना') को स्पष्ट करें।

 

Question 5. नूतन मंगलमय ध्वनियों से किसे गुंजित करना है?
Answer: नई शुभ ध्वनियों से संसार रूपी उद्यान को गुंजायमान करना है।
In simple words: नई शुभ आवाजों से दुनिया रूपी बगीचे को खुशियों से भरना है।

Exam Tip: 'जगतरूपी उद्यान' जैसे प्रतीकों का अर्थ स्पष्ट करते हुए बताएं कि कवि किस बड़े लक्ष्य की बात कर रहे हैं।

 

Question 6. कवि ने किसे 'शुभ संपत्ति' कहा है?
Answer: कवि ने सरस्वती के पवित्र मंदिर को 'शुभ संपत्ति' कहा है।
In simple words: कवि ने विद्या के मंदिर, सरस्वती को 'शुभ संपत्ति' बताया है।

Exam Tip: प्रतीकात्मक शब्दों का संदर्भ स्पष्ट करें; यहां 'सरस्वती का मंदिर' ज्ञान का प्रतीक है।

 

Question 7. नवयुग का आह्वान कैसे किया जाएगा?
Answer: ज्ञान के सैकड़ों दीपक जलाकर नवयुग का आह्वान किया जाएगा।
In simple words: ज्ञान की रोशनी फैलाकर नए युग को बुलाया जाएगा।

Exam Tip: 'दीपक जलाना' जैसे मुहावरों के प्रतीकात्मक अर्थ (ज्ञान का प्रसार) को समझाएं।

सही वाक्यांश चुनकर पूरा वाक्य फिर से लिखिए :

 

Question 1. कवि ने धरा के सपूतो को 'अमर' बताया है, क्योंकि ...
(अ) उन्होंने मृत्यु को जीत लिया है।
(ब) इतिहास में सदा के लिए उनका नाम रहेगा।
(क) उनकी मृत्यु बहुत देर से होगी।
Answer: (ब) इतिहास में सदा के लिए उनका नाम रहेगा।
In simple words: कवि ने धरती के सपूतों को 'अमर' कहा है क्योंकि वे अपने कामों से इतिहास में हमेशा याद रखे जाएंगे।

Exam Tip: 'अमर' जैसे विशेषणों के अर्थ को संदर्भ में समझें; यहां यह 'यादगार' या 'प्रसिद्ध' होने का अर्थ है।

 

Question 2. ज्ञान दीपक के समान है, क्योंकि ...
(अ) मनुष्य के मस्तिष्क की रचना दीपक जैसी है।
(ब) उसे पाने के लिए परिश्रम के तेल की जरूरत पड़ती है।
(क) वह अज्ञान का अँधेरा दूर करता है।
Answer: (क) वह अज्ञान का अँधेरा दूर करता है।
In simple words: ज्ञान एक दीपक की तरह है क्योंकि यह हमारी अज्ञानता के अंधेरे को दूर करता है।

Exam Tip: उपमा वाले प्रश्नों में, दोनों चीजों (ज्ञान और दीपक) के बीच की समानता को स्पष्ट रूप से जोड़ें।

कोष्ठक में से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :

 

Question 1. कोष्ठक में से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
(विहग, ज्ञान, ध्वनियों, अमर, मुरझे)

(1) उठो, धरा के ____ सपूतो, पुनः नया निर्माण करो।
(2) युग-युग के ____ सुमनों में नयी-नयी मुस्कान भरो।
(3) डाल-डाल पर बैठ ____ कुछ नये स्वरों में गाते हैं।
(4) नूतन मंगलमय ____ से गुंजित जग-उद्यान करो।
(5) शत-शत दीपक जला ____ के, नवयुग का आह्वान करो।
Answer:
(1) उठो, धरा के अमर सपूतो, पुनः नया निर्माण करो।
(2) युग-युग के मुरझे सुमनों में नयी-नयी मुस्कान भरो।
(3) डाल-डाल पर बैठ विहग कुछ नये स्वरों में गाते हैं।
(4) नूतन मंगलमय ध्वनियों से गुंजित जग-उद्यान करो।
(5) शत-शत दीपक जला ज्ञान के, नवयुग का आह्वान करो।
In simple words: दिए गए शब्दों का सही उपयोग करके खाली जगहों को भरें ताकि वाक्य पूरे हो जाएं और सही अर्थ दें।

Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, वाक्य के अर्थ और व्याकरण के अनुसार सबसे उपयुक्त शब्द का चयन करें।

निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न के उत्तर के लिए दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए :

 

Question 1. अमर सपूत किसका नया निर्माण करेंगे?
A. इमारतों का
B. सपनों का
C. देश का
D. फिल्मों का
Answer: (c) देश का
In simple words: बहादुर युवा अपने देश का नया निर्माण करेंगे।

Exam Tip: बहुविकल्पीय प्रश्नों में, कविता के मुख्य विषय या संदेश से सबसे सीधा संबंध रखने वाले विकल्प को चुनें।

 

Question 2. नये प्रभात के पहले किसका अँधेरा था?
A. रात का
B. अज्ञान का
C. कोहरे का
D. गुलामी का
Answer: (d) गुलामी का
In simple words: नई सुबह से पहले गुलामी का अंधेरा छाया हुआ था।

Exam Tip: 'अंधेरा' जैसे प्रतीकात्मक शब्दों के संभावित अर्थों पर विचार करें और कविता के संदर्भ में सही अर्थ पहचानें।

 

Question 3. वीणा किस देवी के हाथ में होती है?
A. लक्ष्मी के
B. सरस्वती के
C. काली के
D. बहुचरा के
Answer: (b) सरस्वती के
In simple words: वीणा देवी सरस्वती के हाथों में होती है।

Exam Tip: सामान्य ज्ञान या सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़े प्रश्नों में, सही देवी या देवता को पहचानें।

 

Question 4. हम किसके रक्षक और पुजारी हैं?
A. मातृभूमि के
B. सरस्वती मंदिर के
C. ज्ञान के
D. संपत्ति के
Answer: (b) सरस्वती मंदिर के
In simple words: हम सरस्वती के मंदिर के रक्षक और पुजारी हैं, जिसका अर्थ है ज्ञान और विद्या।

Exam Tip: 'रक्षक' और 'पुजारी' जैसे शब्दों का संबंध कविता के शैक्षिक या नैतिक संदेश से जोड़ें।

आशय स्पष्ट कीजिए :

 

Question 1. "युग-युग के मुरझे सुमनों में नयी नयी मुस्कान भरो। उठो धरा के अमर सपूतो, पुनः नया निर्माण करो।।”
Answer: हे मातृभूमि के पुत्रों, तुमने इस देश को आजाद करने के लिए बहुत संघर्ष किया है और अंत में विजयी हुए हो। सचमुच, तुम भारतमाता के वीर पुत्र हो, लेकिन अभी तुम्हें बहुत कुछ करना बाकी है। युगों-युगों से गुलामी में रहते-रहते यहाँ के देशवासियों के हृदयों में निराशा भर गई है। तुम्हें इस निराशा को दूर करना है और उन्हें फिर से आशा देनी है। गुलामी के दौरान यहाँ जो बर्बादी हुई है, उसे दूर करके हर क्षेत्र में नया निर्माण करना है।
In simple words: कवि कहते हैं कि हे देश के बहादुर युवा, तुम आजादी की लड़ाई जीत गए हो। अब तुम्हें लोगों के उदास दिलों में नई खुशी भरनी है, उन्हें आशा देनी है और देश को फिर से बनाना है।

Exam Tip: आशय स्पष्ट करते समय, कविता की पंक्तियों का गहरा अर्थ समझाएं, जिसमें प्रतीकात्मक शब्दों और उनके भावनात्मक प्रभावों को शामिल करें।

 

Question 8. दिए गए काव्य को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
खड़ा हिमालय बता रहा है, डरो न आँधी पानी में,
डटे रहो अपने पथ पर, सब कठिनाई-तूफानों में ।
डिगो न अपने पथ से तुम, तो सब कुछ पा सकते हो प्यारे,
तुम भी ऊँचे उड़ सकते हो, छू सकते हो नभ के तारे।
अटल रहो जो अपने पथ पर, लाख मुसीबत आने में,
मिली सफलता उसको जग में, जीने में मर जाने में।
जितनी भी बाधाएँ आई, उन सब से ही लड़ा हिमालय,
इसीलिए तो दुनिया भर में, हुआ सभी से बड़ा हिमालय।
(1) हिमालय हमें क्या संदेश देता है?
Answer: हिमालय हमें यह संदेश देता है कि हम अपने निर्धारित मार्ग पर दृढ़ रहें। यदि हम अपने संकल्प और रास्ते पर टिके रहेंगे, तो हमारी सभी इच्छाएं पूरी हो जाएंगी। यहाँ तक कि हम असंभव को भी संभव बना सकेंगे।
In simple words: हिमालय हमें सिखाता है कि हमें अपने लक्ष्य पर अटल रहना चाहिए। अगर हम दृढ़ रहेंगे, तो हम सब कुछ पा सकते हैं और असंभव को भी संभव कर सकते हैं।

Exam Tip: काव्यांश आधारित प्रश्नों में, कवि के मुख्य संदेश को सीधा और स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 2. मुसीबत आने पर हमें क्या करना चाहिए?
Answer: मुसीबत आने पर हमें उससे डरना नहीं चाहिए। उससे घबराकर अपना संकल्प और रास्ता नहीं छोड़ना चाहिए।
In simple words: मुश्किलों के आने पर हमें डरना या घबराना नहीं चाहिए, बल्कि अपने लक्ष्य पर बने रहना चाहिए।

Exam Tip: चुनौतियों का सामना करने के बारे में प्रश्नों में, सकारात्मक और दृढ़ प्रतिक्रिया पर जोर दें।

 

Question 3. कवि ने हिमालय को सबसे बड़ा क्यों कहा है?
Answer: हिमालय ने सभी बाधाओं का डटकर मुकाबला किया। वह हर कठिनाई से लड़ा। वह कभी अपने रास्ते से विचलित नहीं हुआ। इसीलिए कवि ने हिमालय को सबसे महान कहा है।
In simple words: कवि ने हिमालय को सबसे महान कहा है क्योंकि वह हर बाधा से बिना डिगे लड़ा और अपने रास्ते पर अटल रहा।

Exam Tip: किसी विशेषण (जैसे 'सबसे बड़ा') का कारण बताते समय, दिए गए पाठ से समर्थनकारी साक्ष्य (जैसे 'बाधाओं का डटकर मुकाबला किया') प्रस्तुत करें।

 

Question 4. इस काव्य का भावार्थ लिखिए।
Answer: जीवन में अनेक बाधाएं और कठिनाइयां आती हैं। हमें निर्भयता से उनका सामना करना चाहिए। जो मुसीबतों से बिना घबराए अपने संकल्प और रास्ते पर अटल रहते हैं, वे असंभव को भी संभव कर दिखाते हैं।
In simple words: यह कविता सिखाती है कि जीवन में मुश्किलें आती हैं, पर हमें निडर होकर उनका सामना करना चाहिए। जो लोग डरते नहीं और अपने लक्ष्य पर अटल रहते हैं, वे कुछ भी हासिल कर सकते हैं।

Exam Tip: काव्यांश के भावार्थ में, उसके मुख्य नैतिक या दार्शनिक संदेश को सारांशित करें।

 

Question 5. इस काव्य को योग्य शीर्षक दीजिए।
Answer: योग्य शीर्षक : हिमालय का संदेश ।
In simple words: इस कविता का सबसे अच्छा शीर्षक 'हिमालय का संदेश' है।

Exam Tip: शीर्षक हमेशा कविता के केंद्रीय विषय या मुख्य पात्र पर आधारित होना चाहिए।

चित्र के आधार पर कविता लिखिए, जिसमें निम्नलिखित शब्दों का उपयोग हुआ हो :

 

Question 1. चित्र के आधार पर कविता लिखिए, जिसमें निम्नलिखित शब्दों का उपयोग हुआ हो :
(फूल, तितली, बादल, वृक्ष, बारिश)

Answer: धीरे-धीरे बादल बरसे,
फुलवारी में फूल खिले हैं,
फिर तितली के पंख खुले हैं।
वृक्षों ने नवजीवन पाया,
बारिश ने है रंग जमाया।
कोई न अब पानी को तरसे
धीरे-धीरे बादल बरसे ।
In simple words: कविता में धीरे-धीरे बादल बरसते हैं, फूलों के खिलने, तितलियों के उड़ने और पेड़ों में नई जान आने का वर्णन है, जिससे प्रकृति में खुशी फैल जाती है।

Exam Tip: चित्र-आधारित कविता लिखते समय, दिए गए शब्दों को कुशलता से उपयोग करते हुए एक सुसंगत और कल्पनाशील कहानी बनाएं।

अपूर्ण काव्य को पूर्ण कीजिए :

 

Question 1. अपूर्ण काव्य को पूर्ण कीजिए :
माँ खादी की चद्दर दे दो, मैं गाँधी बन जाऊँगा. ..........

Answer: माँ खादी की चद्दर दे दो,
मैं गाँधी बन जाऊँगा।
घड़ी कमर में मैं लटका लूँ,
आँखों को चश्मा पहना
दूं माँ छोटी-सी लाठी दे दो,
ठक-ठक करता जाऊँगा।
In simple words: कविता में बच्चा गांधीजी की तरह कपड़े और सामान पहनकर, उनके आदर्शों पर चलने की इच्छा व्यक्त करता है।

Exam Tip: अपूर्ण काव्य को पूरा करते समय, कवि की शैली, तुकबंदी और मूल विषय को बनाए रखें।

निम्नलिखित वाक्यों में से संज्ञा को ढूँढ़कर उसका भेद बताइए :

 

Question 1. निम्नलिखित वाक्यों में से संज्ञा को ढूँढ़कर उसका भेद बताइए :
(1) सोना कीमती धातु है।
(2) गंगा पवित्र नदी है।
(3) उमंग दौड़ रहा है।
(4) दल जा रहा है।
(5) राजेश भय के कारण जंगल में नहीं गया।
Answer:
(1) सोना – द्रव्यवाचक संज्ञा; धातु – जातिवाचक संज्ञा
(2) गंगा – व्यक्तिवाचक संज्ञा; नदी – जातिवाचक संज्ञा
(3) उमंग – भाववाचक संज्ञा
(4) दल – समूहवाचक संज्ञा
(5) राजेश – व्यक्तिवाचक संज्ञा;
भय – भाववाचक संज्ञा;
जंगल – जातिवाचक संज्ञा
In simple words: दिए गए वाक्यों में से संज्ञा शब्दों को पहचानें और बताएं कि वे कौन से प्रकार की संज्ञा हैं, जैसे व्यक्तिवाचक, जातिवाचक, भाववाचक, द्रव्यवाचक या समूहवाचक।

Exam Tip: संज्ञाओं का भेद पहचानते समय, व्यक्ति, वस्तु, स्थान, भाव या समूह के नाम पर ध्यान दें।

निम्नलिखित एकवचन वाक्यों को बहुवचन में परिवर्तित कीजिए :

 

Question 1. निम्नलिखित एकवचन वाक्यों को बहुवचन में परिवर्तित कीजिए :
(1) मुझे लुटेरे का डर था।
(2) पक्षी ने उड़ान भरी।
(3) उसने मुझे मिठाई दी।
Answer:
(1) हमें लुटेरों का डर था।
(2) पक्षियों ने उड़ानें भरीं।
(3) उन्होंने हमें मिठाइयाँ दीं।
In simple words: एकवचन वाक्यों में संज्ञा और क्रिया को बहुवचन में बदलकर वाक्य को फिर से लिखें।

Exam Tip: एकवचन से बहुवचन में बदलते समय, केवल संज्ञा ही नहीं, बल्कि क्रिया और सर्वनाम में भी आवश्यक परिवर्तन करें।

निम्नलिखित वाक्यों में से रेखांकित भाववाचक संज्ञाओं को जातिवाचक संज्ञा में परिवर्तित करके वाक्य फिर से लिखिए :

 

Question 1. निम्नलिखित वाक्यों में से रेखांकित भाववाचक संज्ञाओं को जातिवाचक संज्ञा में परिवर्तित करके वाक्य फिर से लिखिए :
(1) विज्ञान ने दूरी कम की है।
(2) नर्मदा नदी की लंबाई बहुत है।
Answer:
(1) विज्ञान ने दूरियाँ कम की हैं।
(2) नर्मदा नदी की लंबाइयाँ बहुत हैं।
In simple words: भाववाचक संज्ञाओं को जातिवाचक संज्ञाओं में बदलें और फिर वाक्यों को दोबारा लिखें।

Exam Tip: भाववाचक संज्ञा को जातिवाचक में बदलते समय, ध्यान दें कि आप एक अमूर्त गुण को उस गुण वाली वस्तुओं के समूह में बदल रहे हैं।

उठो, धरा के अमर सपूतो Summary in Hindi

उठो, धरा के अमर पुत्रों, गुलामी की रात बीत गई है और आजादी की सुबह हो गई है। अब तुम अज्ञान-आलस्य की नींद से जागो और देश के नवनिर्माण में लग जाओ। तुम्हें देशवासियों के जीवन में फिर से नया उत्साह भरना है, उनमें नए प्राणों का संचार करना है।

नयी प्रातः ... मुस्कान भरो।

आजादी की नयी सुबह में नयी चर्चाएं हो रही हैं। नए विचारों की किरणें फैल रही हैं। सब अपने जीवन में नए प्रकाश का अनुभव कर रहे हैं। लोगों के मन में नयी उमंगें हैं और हौसले की नयी लहरें हैं। सबके मन में नयी आशाएं हैं। आज देशवासी खुलकर सांस ले रहे हैं। हे देश के सपूतों, तुम्हें युग-युग के मुरझाए हुए फूलों को नयी मुस्कान देनी है, उन्हें फिर से खिलाना है।

डाल-डाल पर ... नव गान भरो।

आजादी की इस सुबह में प्रकृति भी आनंदित है। पेड़ों की डालों पर बैठे पक्षियों के स्वरों में भी नवीनता है। वे भी जैसे खुशी का कोई गीत गा रहे हों। बागों में भँवरे गुंजार करते हुए मस्ती से मंडरा रहे हैं। हे देश के सपूतों, स्वतंत्रता के बाद देश में नया युग आया है। इस नए युग की वीणा में तुम्हें नए राग और नए गाने भरने हैं।

कली-कली ... उद्यान करो।

इधर उद्यान में कलियां खिल रही हैं और प्रत्येक फूल मुस्करा रहे हैं। सारे देश में स्वतंत्रता के सूर्य का प्रकाश फैला हुआ है। ऐसा लगता है जैसे भारतमाता का शरीर आज सुनहरा हो रहा हो। हे देश के सपूतों, तुम्हें अपनी मंगलमय वाणी से इस संसाररूपी उद्यान को गुंजायमान करना है।

सरस्वती का ... आह्वान करो।।

कवि देश के बालकों से कहते हैं कि हमारा देश सरस्वती का पवित्र मंदिर है। यहाँ की कल्याणकारी सारी विद्याएं ही तुम्हारी संपत्ति हैं। तुममें से प्रत्येक बालक इस विद्या-मंदिर का रक्षक और पुजारी है। तुम्हें यहाँ ज्ञान के सैकड़ों दीपक जलाने हैं और नए युग का आह्वान करना है। (तुम्हें सभी प्रकार का ज्ञान पाकर देश का भविष्य उज्ज्वल बनाना है।)

उठो, धरा के अमर सपूतो Summary in English

O good dutiful sons of the motherland, the night of slavery has passed away and the sun of freedom has risen. Now wake up from your sleep of laziness and join for the reconstruction of the country. You have to increase new enthusiasm in the life of our countrymen.

The rays of new thoughts have been spreading since we got freedom. Everybody has been feeling the new light in his / her life. People have new waves of zest and enthusiasm in their minds. Now our countrymen are breathing in the free atmosphere of freedom. O good dutiful sons of the motherland, you have to give new smile to the flowers which have been withered for ages. You have to blossom them.

In the new atmosphere of freedom, the nature is also pleased. The birds on the trees have new tune in their voice. They are also singing a song of joy. The humming wasps in the garden are flying carefree. O good dutiful sons of the motherland, a new age has come after getting freedom. You have to fill it with your new tunes and new songs.

Here, in the garden new buds are blossoming and flowers are smiling. The rays of the freedom sun have spread all over the country. It seems that the body of our motherland has become golden. O good dutiful sons of the motherland, you have to make the garden (motherland) sing with your propitious speech.

The poet says to the children of the country, ‘Our country is a holy temple of Saraswati. All good learnings are your wealth here. Each child is a protector and a worshipper. You have to enlighten hundred of lamps of learnings and bring a new age. (You have to gain all kinds of learnings to make the future of our motherland bright.)

उठो, धरा के अमर सपूतो Summary in Gujarati

ગુજરાતી સારાંશ :

ઊઠો, ધરતીના અમર સપૂતો (ભાવાત્મક અનુવાદ)

(1) હે ભારતમાતાના અમર સપૂતો, ગુલામીની રાત વીતી ગઈ છે અને આઝાદીનું પ્રભાત ઊગ્યું છે. હવે તમે અજ્ઞાન-આળસની નિદ્રામાંથી જાગો અને દેશના નવનિર્માણમાં લાગી જાઓ. તમારે દેશવાસીઓના જીવનમાં ફરીથી નવીન ઉત્સાહ ભરવાનો છે, તેમનામાં નવા પ્રાણનો સંચાર કરવાનો છે.

(2) આઝાદીના નવા પ્રભાતમાં નવીન ચર્ચાઓ થઈ રહી છે. નવા વિચારોનાં કિરણો ફેલાઈ રહ્યાં છે. સૌ પોતાના જીવનમાં નવા પ્રકાશનો અનુભવ કરી રહ્યા છે. લોકોના મનમાં નવી ઉમંગો અને ઉત્સાહની નવી લહેરો છે. સૌના મનમાં નવી આશાઓ છે. આજે દેશવાસીઓ ખુલ્લા વાતાવરણમાં શ્વાસ લઈ રહ્યા છે. હે દેશના સપૂતો, તમારે યુગોયુગોથી કરમાયેલાં ફૂલોને નવું સ્મિત આપવાનું છે, તેમને ફરીથી ખીલવવાનાં છે.

(3) આઝાદીના આ નૂતન પ્રભાતમાં પ્રકૃતિ પણ પ્રસન્ન છે. વૃક્ષોની ડાળ પર બેઠેલાં પક્ષીઓના સ્વરોમાં નવીનતા છે. તેઓ પણ જાણે ખુશીનું કોઈ ગીત ગાઈ રહ્યાં છે. બગીચાઓમાં ભમરા ગુંજન કરતા મસ્તીથી ચોતરફ ઊડી રહ્યા છે. હે દેશના સપૂતો, સ્વતંત્રતા પછી દેશમાં નવો યુગ આવ્યો છે. આ નૂતન યુગની વીણામાં તમારે નવા રાગ અને નવા ગીત ભરવાનાં છે.

(4) અહીં બગીચામાં કળીઓ ખીલી રહી છે અને ફૂલો સ્મિત કરી રહ્યાં છે. આખા દેશમાં સ્વતંત્રતાના સૂર્યનો પ્રકાશ ફેલાયેલો છે. એવું લાગે છે કે ભારતમાતાનો દેહ આજે જાણે સોનેરી થઈ ગયો છે! હે દેશના સપૂતો, તમારે પોતાની મંગલમય વાણીથી આ સંસારરૂપી ઉદ્યાનને ગુંજિત કરવાનો છે.

(5) કવિ દેશનાં બાળકોને કહે છે કે આપણો દેશ સરસ્વતીનું પવિત્ર મંદિર છે. અહીંની સર્વ કલ્યાણકારી વિદ્યાઓ તમારી સંપત્તિ છે. તમારામાંથી દરેક બાળક આ વિદ્યામંદિરનો રક્ષક અને પૂજારી છે. તમારે અહીં જ્ઞાનના સેંકડો દીવા પ્રગટાવવાના છે અને નવો યુગ લાવવાનો છે. (તમારે સર્વ પ્રકારનું જ્ઞાન પ્રાપ્ત કરીને દેશનું ભવિષ્ય ઉજ્વળ કરવાનું છે.)

विषय-प्रवेश

हमारा देश सदियों तक गुलाम रहा। इस समय के दौरान देश की बहुत बर्बादी हुई। 15 अगस्त, 1947 को हमें ब्रिटिश सत्ता की गुलामी से मुक्ति मिली। सदियों के बाद हमने आजादी का सबेरा देखा। यह कविता उसी समय की रचना है। इसमें कवि ने देश के सपूतों से देश का नया निर्माण करने के लिए कहा है।

शब्दार्थ (Meanings)

धरा- धरती, मातृभूमि; motherland अमर – न मरनेवाला; immortal सपूत – कुल का नाम रोशन करनेवाला पुत्र; a virtuous son [Who is blessing to the family, a good dutiful son] पुनः – फिर; again निर्माण – बनाना; to create, to construct जन-जन – प्रत्येक मनुष्य; every person नव- नया; new स्फूर्ति – उत्साह; enthusiasm, zeal प्राण – जीवन; life प्रातः – सुबह; morning उमंग - उत्साह, हौसला; enthusiasm, zeal तरंग – लहर; a wave, a ripple आस – आशा; hope, wish, desire मुरझे – कुम्हलाए; to wither, to fade away सुमन – फूल; a flower विहग – पक्षी; a bird नवयुग- नया जमाना; new age नूतन – नई; new, novel वीणा – सितार जैसा वाद्य यंत्र (जो सरस्वती देवी के हाथों में होता है।); a lute राग – गाने का ढंग; tune सुनहरी – सोने जैसी चमकीली; golden काया – देह, शरीर; a body मंगलमय – शुभ, मांगलिक; auspicious, propitious गुंजित – गुंजार से युक्त; a humming sound, a pleasant sound जग-उद्यान – संसाररूपी बगीचा; a garden (motherland) पावन – पवित्र; holy, sacred शत – सौ; a hundred आह्वान करना – पुकारना, बुलाना; to call.

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