Step-by-Step Textbook Solutions for Class 7 Hindi Chapter 08 दोहा अष्टक
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1. निम्नलिखित प्रश्नों के मौखिक उत्तर दीजिए :
Question 1. बड़े लोगों की संकुचित मनःस्थिति व्यक्त करने के लिए खजूर के पेड़ का उदाहरण क्यों दिया गया है?
Answer: खजूर का वृक्ष बहुत विशाल होता है, पर उससे यात्रियों को न तो छाया मिलती है और न ही उसके फल प्राप्त होते हैं। इसी तरह बड़े लोगों का स्वभाव भी सीमित होता है। उनसे दूसरों को कोई लाभ नहीं पहुँचता है।
In simple words: खजूर का पेड़ बहुत बड़ा होता है, पर वह किसी को फायदा नहीं देता। ऐसे ही, कुछ बड़े लोग भी सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं और दूसरों की मदद नहीं करते।
Exam Tip: जब भी किसी चीज़ की तुलना किसी प्रकृति की वस्तु से की जाए, तो उस वस्तु की खासियतों को ध्यान में रखकर ही उत्तर लिखें।
Question 2. साधु पुरुष कैसा होना चाहिए? क्यों?
Answer: साधु पुरुष को सूप के समान स्वभाव वाला होना चाहिए, क्योंकि छलनी अच्छी वस्तुओं (जैसे अनाज) को अपने अंदर ले लेती है और बेकार चीजों (जैसे कचरा) को बाहर निकाल देती है।
In simple words: एक अच्छे इंसान को छलनी जैसा होना चाहिए। छलनी अच्छी चीजों को रख लेती है और खराब चीजों को बाहर कर देती है।
Exam Tip: साधु पुरुष के गुणों को स्पष्ट करते समय उदाहरण को सटीक रूप से प्रस्तुत करें।
Question 3. तुलसीदास सबसे हिल-मिलकर रहने को क्यों कहते हैं?
Answer: तुलसीदासजी सबको साथ मिलकर रहने की सलाह देते हैं, क्योंकि ऐसा करने से हमें खुशी, शांति और सुरक्षा मिलती है।
In simple words: तुलसीदास कहते हैं कि सब मिल-जुलकर रहें क्योंकि इससे सुख और शांति मिलती है।
Exam Tip: तुलसीदासजी के विचारों को व्यक्त करते समय उनके संदेश के मुख्य बिंदु पर जोर दें।
Question 4. आप गरीब लोगों की मदद कैसे कर सकते हैं?
Answer: हम गरीब लोगों के बच्चों को शिक्षा देकर उनकी सहायता कर सकते हैं। हम उनकी पढ़ाई में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने का प्रयास करें।
In simple words: हम गरीब बच्चों को पढ़ाकर और उनकी पढ़ाई की मुश्किलें खत्म करके उनकी मदद कर सकते हैं।
Exam Tip: सामाजिक सेवा से जुड़े प्रश्नों में व्यावहारिक और प्रभावी समाधानों को ही लिखें।
Question 5. सज्जन लोग अपनी संपत्ति का उपयोग कैसे करते हैं?
Answer: अच्छे लोग अपनी संपत्ति का उपयोग दूसरों की भलाई करने में लगाते हैं।
In simple words: सज्जन लोग अपनी दौलत का उपयोग दूसरों की मदद करने के लिए करते हैं।
Exam Tip: सज्जनों के गुणों को संक्षेप में और स्पष्ट शब्दों में बताना चाहिए।
2. नीचे दिए गए शब्दों में विलोम शब्दों के सही जोड़े बनाइए और उदाहरण के अनुसार वाक्य में प्रयोग कीजिए :
(1) सत्य – गांधीजी सत्य बोलते थे।
(2) असत्य – हमें असत्य नहीं बोलना चाहिए।
Answer:
(1) आदर x अनादर
आदर – हमें बड़ों का आदर करना चाहिए।
अनादर – हमें किसी का अनादर नहीं करना चाहिए।
(2) स्वकाज x परकाज
स्वकाज – मैं यहाँ अपने काम के लिए आया था।
परकाज – सज्जन लोग दूसरों के काम के लिए धन जमा करते हैं।
(3) बुरा x अच्छा
बुरा – उसे अपने बुरे कर्मों का परिणाम भुगतना पड़ा।
अच्छा – उसने यहाँ एक अच्छा नाम कमाया।
(4) प्रेम x नफरत
प्रेम – हम सबको प्रेम करें।
नफरत – संत पुरुष किसी से नफरत नहीं करते।
(5) नजदीक x दूर
नजदीक – बाजार मेरे घर के करीब है।
दूर – पाठशाला मेरे घर से बहुत दूर है।
(6) मृत x जीवित
मृत – उस दुर्घटना में अनेक लोग मरे हुए पाए गए।
जीवित – मलबे में से कई लोग जीवित निकले।
(7) छोटा x बड़ा
छोटा- हमारा घर छोटा है।
बड़ा – वह बड़ा आदमी है।
In simple words: हर शब्द का उल्टा (विलोम) शब्द लिखें और फिर दोनों शब्दों का इस्तेमाल करके छोटे-छोटे वाक्य बनाएं।
Exam Tip: विलोम शब्द लिखते समय उनके अर्थों का सही मिलान करें और वाक्य प्रयोग में उन्हें स्पष्ट रूप से दर्शाएं।
3. अंदाज अपना-अपना
Question. कभी-कभी कुछ इलाकों में बारिश बिलकुल भी नहीं होती। नदी-नाले, तालाब सूख जाते हैं। फसलों के लिए पानी नहीं मिलता। खेत सूख जाते हैं। पशु-पक्षी, जानवर और लोग भूखे मरने लगते हैं। ऐसे समय में वहाँ रहनेवाले लोगों को मदद की जरूरत होती है। तुम भी लोगों को मदद कर सकते हो। सोचकर बताओ तुम अकाल में परेशान लोगों की मदद कैसे करोगे?
Answer: हम सूखे से पीड़ित लोगों के लिए धन एकत्रित करेंगे। उस धन से हम अनाज तथा अन्य आवश्यक चीजें खरीदकर उन्हें वितरित करेंगे। हम पानी के टैंकर बुलाकर सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पानी उपलब्ध कराएंगे। हम उनके जानवरों के लिए भी चारे की व्यवस्था करेंगे।
In simple words: हम पैसे जमा करेंगे और उस पैसे से अनाज व जरूरी चीजें खरीदकर सूखे से परेशान लोगों को देंगे। हम टैंकर से पानी और जानवरों के लिए चारा भी देंगे।
Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में अपनी सोच को रचनात्मक और व्यावहारिक बनाए रखें, जिससे प्रभावी समाधान निकल सकें।
4. निम्नलिखित दोहों का भावार्थ स्पष्ट करने के लिए भिन्न-भिन्न उदाहरण दीजिए :
Question 1. साधु ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय। सार-सार को गहि रहे, थोथा देई उड़ाय ।।
Answer: कबीरजी कहते हैं कि केवल साधु का वेश धारण करने से कोई साधु नहीं बनता। साधु वह है जिसकी बुद्धि शुद्ध हो और जिसमें विवेक हो। साधु का स्वभाव सूप (छलनी) के समान होना चाहिए। छलनी अनाज को अपने पास रख लेती है और कचरे को बाहर फेंक देती है। सच्चा साधु भी ज्ञान की अच्छी बातें ग्रहण करता है और व्यर्थ की बातों में कोई रुचि नहीं लेता।
In simple words: कबीर कहते हैं कि साधु को छलनी जैसा होना चाहिए। जैसे छलनी अच्छी चीज़ें रखती है और खराब फेंक देती है, वैसे ही साधु को अच्छी बातें सीखनी चाहिए और बेकार बातें छोड़ देनी चाहिए।
Exam Tip: दोहे का भावार्थ बताते समय कवि के मूल विचार को स्पष्ट करें और उसे सरल शब्दों में समझाएं।
Question 2. तुलसी हाय गरीब की, कबहूँ न खाली जाय। मए ढोर के चाम से, लौह भस्म हो जाय ॥
Answer: तुलसीदासजी कहते हैं कि गरीब व्यक्ति को कभी परेशान नहीं करना चाहिए। गरीब की बद्दुआ लेने से हमारा ही नुकसान होता है। जब मरे हुए पशु के चमड़े से बनी धौंकनी (एक उपकरण) से लोहा भी जलकर राख हो जाता है, तो जीवित व्यक्ति की बद्दुआ कैसे निष्फल हो सकती है? वह तो सताने वाले का सब कुछ नष्ट कर देती है। इसलिए किसी गरीब को कभी परेशान नहीं करना चाहिए और उसकी बद्दुआ कभी नहीं लेनी चाहिए।
In simple words: तुलसीदास कहते हैं कि गरीब को कभी दुख नहीं देना चाहिए। गरीब की बददुआ कभी बेकार नहीं जाती। जैसे मरे हुए जानवर की चमड़ी से बनी धौंकनी से लोहा जल जाता है, वैसे ही गरीब की बददुआ से सब कुछ तबाह हो सकता है।
Exam Tip: इस दोहे में गरीब की शक्ति और बद्दुआ के प्रभाव पर जोर दें।
Question 3. रहिमन देखी बड़ेन को, लघु न दीजिए डारि । जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तलवारि ।।
Answer: लोग बड़े लोगों के दिखावे से प्रभावित होकर साधारण लोगों की उपेक्षा करने लगते हैं। रहीमजी कहते हैं कि बड़े लोगों को देखकर छोटे या सामान्य लोगों को नहीं छोड़ना चाहिए। जहाँ सुई काम आ सकती है, वहाँ तलवार भला क्या कर सकती है?
In simple words: रहीम कहते हैं कि बड़ों को देखकर छोटों को नहीं छोड़ना चाहिए। जहाँ सुई का काम होता है, वहाँ तलवार कुछ नहीं कर सकती।
Exam Tip: प्रत्येक वस्तु या व्यक्ति की अपनी उपयोगिता होती है, इस बात पर विशेष ध्यान दें।
भाषा-सज्जता
नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों को ध्यान से पढ़िए :
(1) वह कौन जा रहा है?
(2) पहला इनाम किसे मिला?
(3) आप क्या लाए हैं?
(4) किसने कहा आज छुट्टी है?
इन वाक्यों में 'कौन, किसे, क्या, किसने' – इन शब्दों से प्रश्न पूछे गए हैं। ये शब्द किसी-न-किसी संज्ञा के स्थान पर आए हैं। इसलिए ये 'प्रश्नवाचक सर्वनाम' हैं।
प्रश्नवाचक सर्वनाम : संज्ञा के विषय में जिन शब्दों से प्रश्न किया जाए, वे प्रश्नवाचक सर्वनाम कहलाते हैं।
अब इन वाक्यों को पढ़िए :
(1) जिसका काम सबसे अच्छा होगा, उसे इनाम मिलेगा।
(2) जो जन्म लेता है, वह मरता है।
इन वाक्यों में रेखांकित शब्द सर्वनाम है। प्रत्येक वाक्य के सर्वनाम परस्पर संबंध दर्शाते हैं। ये 'संबंधवाचक सर्वनाम' हैं।
संबंधवाचक सर्वनाम : वाक्य में एक वाक्यांश का दूसरे वाक्यांश से संबंध बतानेवाले सर्वनाम को संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं।
1. नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित शब्दों को प्रश्नवाचक और संबंधवाचक सर्वनाम में वर्गीकृत कीजिए :
(1) वह कौन आ रहा है?
(2) जैसी करनी वैसी भरनी।
(3) जो चलता रहेगा, वह मंजिल तक पहुँचेगा।
(4) आज का इनाम किसे मिलेगा?
(5) जिसकी मेहनत उसकी सफलता।
(6) आप क्या ढूँढ़ रहे हैं?
(7) किसने कहा आज मेहमान आएँगे?
Answer:
प्रश्नवाचक : कौन, किसे, क्या, किसने
संबंधवाचक : जैसी-वैसी, जो-वह, जिसकी-उसकी
In simple words: दिए गए वाक्यों में से जो शब्द प्रश्न पूछते हैं उन्हें 'प्रश्नवाचक सर्वनाम' में और जो शब्द वाक्यों के हिस्सों को जोड़ते हैं उन्हें 'संबंधवाचक सर्वनाम' में बांटो।
Exam Tip: प्रश्नवाचक सर्वनाम हमेशा प्रश्न पूछने का काम करते हैं, जबकि संबंधवाचक सर्वनाम दो उपवाक्यों को जोड़ते हैं और संबंध स्थापित करते हैं।
2. निम्नलिखित शब्दों से प्रश्नवाचक वाक्य बनाइए :
(1) क्या (2) कौन (3) किसका (4) किसे
Answer:
(1) क्या – आप क्या लाए हैं?
(2) कौन – दरवाजे पर कौन खड़ा है?
(3) किसका – यह किसका घर है?
(4) किसे- पहला इनाम किसे मिला?
In simple words: दिए गए शब्दों का उपयोग करके ऐसे वाक्य बनाएं जिनमें प्रश्न पूछा जाए।
Exam Tip: प्रश्नवाचक वाक्य बनाते समय हमेशा प्रश्नवाचक चिह्न (?) का प्रयोग करें और प्रश्न की प्रकृति को स्पष्ट रखें।
3. संबंधवाचक सर्वनामों को छाँटकर लिखिए :
(1) तू जो कहता है वह मैं समझ गया हूँ।
(2) जिसने मेहनत की, उसे फल मिला।
(3) जो ध्यान से पढ़ेगा, वह उत्तीर्ण होगा।
(4) जिसकी लाठी, उसकी भैंस।
Answer:
(1) जो ............. वह।
(2) जिसने .............उसे ।
(3) जो ............. वह।
(4) जिसकी ............. उसकी।
In simple words: इन वाक्यों में से उन शब्दों को चुनें जो दो बातों को आपस में जोड़ते हैं।
Exam Tip: संबंधवाचक सर्वनाम हमेशा दो वाक्यांशों के बीच संबंध स्थापित करते हैं, इसे पहचानने का प्रयास करें।
Hindi Digest Std 7 GSEB दोहा अष्टक Important Questions and Answers
1. निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न के उत्तर के लिए दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए :
Question 1. कबीर किसे बुरा बताते हैं?
A. नफरत
B. बैर
C. गरीबी
D. लालच
Answer: (D) लालच
In simple words: कबीर के अनुसार, लालच सबसे बुरी चीज है।
Exam Tip: कबीर के दोहों के मूल भाव को समझकर ही सही विकल्प का चयन करें।
Question 2. किसका स्वभाव सूप जैसा होना चाहिए?
A. किसान का
B. स्त्री का
C. साधु का
D. नौकर का
Answer: (C) साधु का
In simple words: साधु का स्वभाव छलनी जैसा होना चाहिए।
Exam Tip: तुलनात्मक प्रश्नों में सही तुलनात्मक आधार को पहचानें।
Question 3. लुहार की धौंकनी से लोहा क्या हो जाता है?
A. सोना
B. भस्म
C. नरम
D. चमकीला
Answer: (B) भस्म
In simple words: लोहार की धौंकनी से लोहा जलकर राख बन जाता है।
Exam Tip: इस प्रश्न का उत्तर गरीब की हाय की शक्ति को दर्शाता है।
Question 4. गरीब की क्या व्यर्थ नहीं जाती?
A. टोकरी
B. झोली
C. हाय
D. दुआ
Answer: (C) हाय
In simple words: गरीब की बद्दुआ कभी बेकार नहीं होती।
Exam Tip: तुलसीदास के दोहे के अनुसार, गरीब की हाय का प्रभाव बहुत शक्तिशाली होता है।
Question 5. प्रेम का धागा न तोड़ने की सीख किसने दी है?
A. तुलसीदास ने
B. कबीर ने
C. सूरदास ने
D. रहीम ने
Answer: (D) रहीम ने
In simple words: प्रेम के धागे को न तोड़ने की सलाह रहीम ने दी है।
Exam Tip: कवि और उनकी रचनाओं से संबंधित प्रश्नों में सही कवि का नाम याद रखें।
2. कोष्ठक में से सही शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
Question. (धागा, हाय, परकाज, सूप, भाँति-भाँति)
(1) साधु ऐसा चाहिए, जैसा ................. सुभाय ।
(2) तुलसी इस संसार में, ................. के लोग।
(3) तुलसी ....... गरीब की, कबहूँ न खाली जाय।
(4) रहिमन ................. प्रेम का, मत तोड़ो चटकाय ।
(5) कहि 'रहीम' ................. हित, संपत्ति संचहि सुजानि ।
Answer:
(1) साधु ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय ।
(2) तुलसी इस संसार में, भाँति-भाँति के लोग।
(3) तुलसी हाय गरीब की, कबहूँ न खाली जाय।
(4) रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो चटकाय ।
(5) कहि 'रहीम' परकाज हित, संपत्ति संचहि सुजानि।
In simple words: कोष्ठक में दिए गए शब्दों में से सही शब्द चुनकर खाली जगहों को भरो।
Exam Tip: रिक्त स्थानों की पूर्ति करते समय दोहे के सही शब्द और उसके अर्थ को ध्यान में रखें।
3. सही वाक्यांश चुनकर पूरा वाक्य फिर से लिखिए :
Question 1. (1) पथिक को खजूर के फल नहीं मिलते, क्योंकि ...
(अ) उन्हें पक्षी ही खा जाते हैं।
(ब) रात में कुँजड़े उन्हें तोड़ ले जाते हैं।
(क) वे बहुत ऊँचाई पर लगते हैं।
Answer: पथिक को खजूर के फल नहीं मिलते, क्योंकि वे बहुत ऊँचाई पर लगते हैं।
In simple words: सही जवाब है कि यात्री को खजूर के फल नहीं मिलते क्योंकि वे बहुत ऊँचे होते हैं।
Exam Tip: प्रश्न के संदर्भ में सबसे सटीक और उचित कारण का चुनाव करें।
Question 2. (2) बड़ों से प्रभावित होकर ...
(अ) उनकी नकल नहीं करनी चाहिए।
(ब) छोटों की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए।
(क) उनसे ईर्ष्या नहीं करनी चाहिए।
Answer: बड़ों से प्रभावित होकर छोटों की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए।
In simple words: बड़े लोगों से प्रभावित होकर भी छोटे लोगों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
Exam Tip: रहीम के दोहे के अनुसार, हर किसी का अपना महत्व होता है, चाहे वह बड़ा हो या छोटा।
4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में दीजिए :
Question 1. बड़ा होने पर भी कबीर खजूर के पेड़ को महत्त्व क्यों नहीं देते?
Answer: कबीर खजूर के पेड़ को महत्व नहीं देते, क्योंकि उससे यात्रियों को न तो छाया मिलती है और न ही उसके फल बहुत ऊँचाई पर लगते हैं।
In simple words: कबीर खजूर के पेड़ को महत्वपूर्ण नहीं मानते क्योंकि वह न तो छाया देता है और न ही उसके फल आसानी से मिलते हैं।
Exam Tip: उत्तर में खजूर के पेड़ की अनुपयोगी विशेषताओं का उल्लेख करें।
Question 2. मक्खी को सिर धुनने की नौबत क्यों आती है?
Answer: मक्खी को सिर धुनने की नौबत इसलिए आती है, क्योंकि वह गुड़ खाने के लालच में फंस जाती है।
In simple words: मक्खी को अपना सिर पीटने जैसा महसूस होता है क्योंकि वह गुड़ के लालच में फंस जाती है।
Exam Tip: लालच के परिणाम को एक वाक्य में स्पष्ट करें।
Question 3. गरीब की हाय से क्या होता है?
Answer: गरीब की हाय से उसे सताने वाले का सब कुछ नष्ट हो जाता है।
In simple words: गरीब की बद्दुआ उसे परेशान करने वाले को पूरी तरह बर्बाद कर देती है।
Exam Tip: गरीब की बद्दुआ के गंभीर परिणामों को संक्षेप में बताएं।
Question 4. तुलसीदासजी ने हिल-मिलकर रहने के लिए किसका उदाहरण दिया है?
Answer: तुलसीदासजी ने हिल-मिलकर रहने के लिए नदी और नाव के संयोग का उदाहरण दिया है।
In simple words: तुलसीदासजी ने नदी और नाव के मिलने का उदाहरण देकर मिल-जुलकर रहने को कहा है।
Exam Tip: तुलसीदास के उपदेशों से संबंधित प्रश्नों में दिए गए उदाहरणों को याद रखें।
Question 5. प्रेम के धागे में गाँठ कब पड़ जाती है?
Answer: प्रेम के टूटे हुए धागे को फिर से जोड़ने पर उसमें गाँठ पड़ जाती है।
In simple words: प्यार का रिश्ता एक बार टूट जाने पर उसे दोबारा जोड़ने की कोशिश करने पर उसमें एक गांठ पड़ जाती है।
Exam Tip: प्रेम के रिश्ते की नाजुकता को दर्शाने वाले उत्तर पर ध्यान दें।
Question 6. बड़ों को देखकर क्या नहीं करना चाहिए?
Answer: बड़ों को देखकर छोटों की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए।
In simple words: हमें बड़ों को देखकर छोटे लोगों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
Exam Tip: सभी लोगों के महत्व को पहचानने वाले उत्तर को प्राथमिकता दें।
5. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
Question 1. तुलसीदासजी के अनुसार संसार में लोगों का संयोग किस प्रकार का होता है?
Answer: इस संसार में विभिन्न प्रकार के लोग होते हैं। हमें सबके साथ मिल-जुलकर रहना चाहिए, क्योंकि लोगों का मिलना नदी और नाव के संगम की तरह कुछ समय का ही होता है।
In simple words: तुलसीदासजी कहते हैं कि दुनिया में अलग-अलग तरह के लोग होते हैं। हमें सबसे मिल-जुलकर रहना चाहिए, क्योंकि लोगों का साथ नदी और नाव के मिलने जैसा, थोड़े समय का ही होता है।
Exam Tip: तुलसीदासजी के विचारों में सामाजिक सद्भाव और क्षणभंगुरता के भाव को स्पष्ट करें।
Question 2. रहीमजी सज्जनों के परोपकारी स्वभाव के बारे में क्या कहते हैं?
Answer: रहीमजी कहते हैं कि वृक्ष अपने फल स्वयं नहीं खाते। तालाब भी अपना पानी स्वयं नहीं पीते। सज्जनों का स्वभाव भी वृक्ष और तालाब की तरह परोपकारी होता है। वे दूसरों की भलाई करने के लिए ही संपत्ति जमा करते हैं।
In simple words: रहीमजी कहते हैं कि सज्जन लोग पेड़ और तालाब जैसे होते हैं। जैसे पेड़ अपने फल खुद नहीं खाते और तालाब अपना पानी खुद नहीं पीते, वैसे ही सज्जन अपनी दौलत दूसरों की मदद के लिए जमा करते हैं।
Exam Tip: रहीमजी के दोहों में परोपकार की भावना को उजागर करें और दिए गए उदाहरणों को शामिल करें।
दोहा अष्टक Summary in Hindi
कबीरदास
(1) बड़ा हुआ............ अति दूर।
बड़ा होने से ही किसी का महत्व नहीं बढ़ जाता। खजूर का पेड़ बहुत विशाल है, पर उसके बड़े होने से क्या लाभ? उससे मुसाफिर को छाया नहीं मिलती और फल भी बहुत ऊँचाई पर लगते हैं।
(2) साधु ऐसा .......... उड़ाय।
साधु (सज्जन) पुरुष छलनी जैसे स्वभाव वाला होना चाहिए। छलनी अच्छे (अनाज) को अपने अंदर रख लेती है और कचरे को बाहर फेंक देती है। उसी तरह साधु पुरुष को तत्व की बातें ग्रहण कर व्यर्थ की बातें छोड़ देनी चाहिए।
(3) माखी गुड़ में..................बलाई।
मक्खी गुड़ खाने के लिए गुड़ पर बैठती है और उसमें फंस जाती है। उसके पंख गुड़ में चिपक जाते हैं। फिर वह कितना भी पछताती और हाथ मलती रहती है, उससे छुटकारा नहीं मिलता। सचमुच, लालच बहुत बुरी चीज है।
तुलसीदास
(4) तुलसी इस........... संजोग।
तुलसीदासजी कहते हैं कि इस संसार में भिन्न-भिन्न प्रकार के लोग हैं। हमें सबके साथ मिल-जुलकर रहना चाहिए जैसे नदी और नाव का संयोग रहता है।
(5) तुलसी हाय ........... हो जाय।
तुलसीदासजी कहते हैं कि गरीब की हाय (बद्दुआ) कभी निष्फल नहीं होती। मरे हुए जानवर के चमड़े से बनी धौंकनी से लोहा राख हो जाता है। (फिर गरीब तो जीवित व्यक्ति है। उसकी हाय कैसे निष्फल जा सकती है?)
रहीम
(6) रहिमन धागा ............ पड़ जाय।
रहीमजी कहते हैं कि प्रेम के धागे को खींचकर (झटके से) मत तोड़ डालो। यह एक बार टूट जाने पर फिर जुड़ता नहीं और जुड़ता भी है तो उसमें गाँठ पड़ जाती है। (प्रेम में पहले जैसी मिठास नहीं रहती।)
(7) तरुवर ............ सुजानि।
रहीमजी कहते हैं कि पेड़ अपने फल खुद नहीं खाते। सरोवर अपना पानी खुद नहीं पीते। इसी तरह सज्जन दूसरों का भला करने के लिए ही संपत्ति जमा करते हैं।
(8) रहिमन देखि ................. तलवार।
रहीमजी कहते हैं कि बड़े लोगों को देखकर (बड़े लोगों से प्रभावित होकर) छोटे लोगों की उपेक्षा मत करो। जहाँ सुई काम आती है, वहाँ तलवार काम नहीं आती।
दोहा अष्टक Summary in English
Kabirdas
(1) Only being high is not important. Though the datepalm grows very tall, it is useless; because its fruits (dates) are too high to get them easily and travelers cannot rest under it.
(2) A gentleman's nature should be like a winnowing basket. A winnowing basket keeps cleaned grains and removes the waste. (In this way a gentleman should grasp the good and leave out useless talks.)
(3) When a fly sits on jaggery to eat it, it is trapped in it and its wings get stuck to jaggery. Then it regrets a lot but cannot be free from it. Truly, greed is a great trouble.
Tulsidas
(4) Tulsidas says that there are different kinds of people in the world. So we should live with them together closely like the meeting of a river and a boat.
(5) Tulsidas says that a poor person's sigh is never fruitless. The bellows made of a dead animal's skin turn iron into ashes. (Then how can a poor person's curse fail?)
Rahim
(6) Rahimji says that please don't cut the thread of love by pulling it because if once it is cut, it cannot be joined. Suppose we join it, its knot remains forever. (We cannot feel the sweetness in love as before.)
(7) Rahimji says that a tree never eats its fruits, a lake never drinks its water itself. In this way gentlemen collect their wealth only for the welfare of others, not for themselves.
(8) Rahimji says that please don't neglect common men when you see reputed men because a sword can do nothing what a needle can do or a sword fails to do what a needle can do.
दोहा अष्टक (भावानुवाद)
कबीरदास
(1) મોટું હોવાથી જ કોઈ મહત્ત્વપૂર્ણ બની જતું નથી. ખજૂરનું વૃક્ષ ખૂબ મોટું હોય છે, પરંતુ તેનાથી મુસાફરને છાંયડો મળતો નથી અને તેને ફળ પણ ખૂબ ઊંચે લાગે છે.
(2) સાધુ (સજ્જન) સૂપડાના જેવા સ્વભાવવાળો હોવો જોઈએ. સૂપડું સાર તત્ત્વ (અનાજ) રાખી લે છે અને થોથાં ઉડાડી મૂકે છે. એવી જ રીતે સાધુ (સજ્જન) પુરુષે તત્ત્વની વાતો ગ્રહણ કરવી જોઈએ અને નકામી વાત છોડી દેવી જોઈએ.]
(3) માખી ગોળ ખાવા માટે ગોળ પર બેસે છે અને તેમાં ફસાઈ જાય છે. તેની પાંખો ગોળ સાથે ચોંટી જાય છે. પછી તે પસ્તાય છે પણ તેમાંથી છૂટી શકતી નથી. ખરેખર, લાલચ એક મોટી આફત છે.
તુલસીદાસ
(4) તુલસીદાસજી કહે છે કે આ સંસારમાં અનેક પ્રકારના લોકો હોય છે. નદી અને નાવના સંયોગની જેમ આપણે સૌની સાથે હળીમળીને રહેવું જોઈએ.
(5) તુલસીદાસજી કહે છે કે ગરીબની હાય (નિસાસો) કદી નિષ્ફળ જતી નથી. મરેલા જાનવરના ચામડાની બનેલી ધમણથી લોખંડ પણ ભસ્મ થઈ જાય છે. (તો પછી ગરીબની બદદુઆ કેવી રીતે નિષ્ફળ જાય?)
રહીમ
(6) રહીમજી કહે છે કે પ્રેમના દોરા(તંતુ)ને ખેંચીને તોડી નાખશો નહિ. એ એક વાર તૂટી ગયા પછી પાછો જોડી શકાતો નથી અને જોડીએ તોપણ એમાં, ગાંઠ પડી જાય છે. (પ્રેમમાં પહેલાં જેવી મીઠાશ રહેતી નથી.)
(7) રહીમજી કહે છે વૃક્ષ પોતાનાં ફળ પોતે ખાતાં નથી. સરોવર પોતાનું પાણી સ્વયં પીતું નથી. એ જ રીતે સજ્જનો બીજાનું ભલું કરવા માટે જ સંપત્તિનો સંગ્રહ કરે છે.
(8) રહીમજી કહે છે કે મોટા લોકોને જોઈને નાના માણસોની ઉપેક્ષા કરશો નહિ. જ્યાં સોય કામ લાગે છે ત્યાં તલવાર શું કામ કરી શકવાની હતી?
विषय-प्रवेश
दोहा एक छोटा-सा छंद है। हिन्दी के कई पुराने कवियों ने इस छंद में कविताएँ लिखी हैं। 'दोहा अष्टक' में आठ दोहे दिए गए हैं। इन में तीन कबीर के, दो तुलसीदास के और तीन रहीम के दोहे हैं। इन दोहों से हमें तरह-तरह के व्यावहारिक शिक्षा मिलती है।
शब्दार्थ (Meanings)
कबीरदास; Kabirdas
[1] पंथी- यात्री, राही, मुसाफिर; a traveller अति – बहुत; very
[2] सूप – अनाज साफ करने का एक साधन; a winnowing basket सुभाय – स्वभाव; nature सार – तत्त्व, असली वस्तु, निष्कर्ष; moral थोथा-निकम्मी चीज, कचरा; a useless thing
[3] माखी – मक्खी; a fly लालच – लोभ; greed बलाई – आपत्ति, आफत; trouble
तुलसीदास; Tulsidas
[4] भाँति-भाँति के – तरह-तरह के, भिन्न-भिन्न प्रकार के; different kinds of हिल-मिल – मिलजुल कर, प्रेम से और शांतिपूर्वक; together, intimately, harmoniously संजोग – संयोग, मिलन, मेल; meeting "
[5] हाय – बद्दुआ; a curse, a sigh कबहूँ – कभी; never खाली – व्यर्थ, निष्फल; to fail मुए – मरे हुए; dead ढोर – पशु, जानवर; animals चाम – चमड़ा; skin भस्म – राख; ashes
रहीम; Rahim
[6] चटकाय – खींचकर, झटके से; by pulling
[7] तरुवर – वृक्ष; a tree सरवर – सरोवर, जलाशय, तालाब; a lake पानी – पानी; water परकाज - परोपकार, दूसरों की भलाई; for welfare of others संचहिं – संग्रह करते हैं; collect सुजानि- सज्जन; a gentleman
[8] बड़ेन – बड़े लोगों को, बड़ी चीज को; reputed persons लघु – छोटा; common person डारि - छोड़ना, उपेक्षा करना, त्यागना; to neglect, to leave कहा- क्या; what तलवारि – तलवार; a sword
मुहावरे और वाक्य-प्रयोग
(1) हाथ मलना- पछताना
वाक्य : निशाना चूक जाने से हिरन भाग गया और शिकारी हाथ मलता रह गया।
(2) सिर धुनना – पछताना
वाक्य : सिर धुनने से बिगड़ा काम नहीं बनता।
(3) हिल-मिलकर चलना – सहयोग करना
वाक्य : सबसे हिल-मिलकर चलने में ही समझदारी है।
(4) लौह भस्म हो जाना – कठिन चीज का नाश हो जाना
वाक्य : जब आग में लौह भी भस्म हो जाता है, तो यह लकड़ी क्यों नहीं हो सकती?
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