GSEB Class 7 Hindi Solutions Chapter 7 बढ़े कहानी

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Detailed Chapter 07 बढ़े कहानी GSEB Solutions for Class 7 Hindi

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Class 7 Hindi Chapter 07 बढ़े कहानी GSEB Solutions PDF

 

अभ्यास

 

Question 1. ढाँचे के आधार पर कहानी का कथन और लेखन कीजिए :
एक बादशाह – वजीर की निवृत्ति के बाद उस पद के लिए उम्मीदवार बुलवाना – कठिन परीक्षा -तीन उम्मीदवारों का बादशाह तक पहुँचना – बादशाह का तीनों को एक ही सवाल – "मेरी और तुम्हारी दाढ़ी में एक साथ आग लग जाए तो क्या करोगे?" पहला – मैं पहले अपनी दाढ़ी की आग बुझाऊँगा। दूसरा – मैं पहले आपकी दाढ़ी की आग बुझाऊँगा। तीसरा – मैं एक हाथ से आपकी और दूसरे हाथ से अपनी दाढ़ी की आग बुझाऊँगा। – बादशाह – पहला स्वार्थी, दूसरा नादान एवं तीसरा बुद्धिमान है, अत: तीसरे को वजीर पद के लिए नियुक्त करना।
Answer: नए वजीर का चुनाव अथवा चतुर बादशाह एक बादशाह था। उसका वजीर बहुत बूढ़ा हो गया तो उसकी निवृत्ति का समय आया। तब बादशाह ने वजीर के पद के लिए नए उम्मीदवार बुलवाए। वजीर का पद बहुत इज्जत का था। इसलिए उसके लिए बहुत से उम्मीदवार आए। उन सबकी कठिन परीक्षा लेने के लिए तीनों उम्मीदवारों को बादशाह के पास भेजा गया। उन्हीं तीन में से किसी एक को चुनना था। बादशाह ने बारी-बारी से तीनों को अपने पास बुलाया और प्रत्येक उम्मीदवार से एक ही सवाल पूछा, "मेरी और तुम्हारी दाढ़ी में एक साथ आग लग जाए तो तुम क्या करोगे?" इस प्रश्न के उत्तर में पहले उम्मीदवार ने कहा, "मैं पहले अपनी दाढ़ी की आग बुझाऊँगा।" दूसरे उम्मीदवार ने कहा, "मैं पहले आपकी दाढ़ी की आग बुझाऊँगा।" तीसरे उम्मीदवार का जवाब था, "मैं एक हाथ से आपकी और दूसरे हाथ से अपनी दाढ़ी की आग बुझाऊँगा।" तीनों के उत्तर सुनकर बादशाह ने कहा, "पहले उम्मीदवार की बात से लगता है कि वह स्वार्थी है। दूसरे के जवाब से लगता है कि वह नादान है। तीसरे के जवाब से मालूम होता है कि वह बुद्धिमान है।” बादशाह ने तीसरे उम्मीदवार को ही नए वजीर के पद पर नियुक्त कर लिया।
In simple words: एक राजा को नया वजीर चाहिए था, तो उसने तीन लोगों को बुलाया और एक मुश्किल सवाल पूछा: "अगर मेरी और तुम्हारी दाढ़ी में एक साथ आग लग जाए, तो तुम क्या करोगे?" पहले ने कहा, मैं अपनी दाढ़ी बुझाऊँगा; दूसरे ने कहा, मैं आपकी दाढ़ी बुझाऊँगा; और तीसरे ने कहा, मैं एक हाथ से आपकी और दूसरे हाथ से अपनी दाढ़ी बुझाऊँगा। राजा ने सोचा कि तीसरा वाला सबसे समझदार है, इसलिए उसे ही नया वजीर बना दिया।

Exam Tip: जब भी आपको कहानी का ढाँचा दिया जाए, तो सभी बिंदुओं को मिलाकर एक पूरी कहानी लिखें। कहानी के मुख्य पात्रों और घटनाओं को स्पष्ट रूप से समझाएँ।

 

Question 2. कहानी आगे बढ़ाइए :
एक चरवाहा था। एक बार जंगल की ओर बकरियाँ चराने गया। चरवाहा पेड़ के नीचे बैठा था और एक बकरी अकेली थोड़े दूर निकल गई। वहाँ कहीं से एक भेड़िया आ पहुँचा। उसने बकरी से कहा, 'मैं तुझे खाऊँगा...'
अब आप बकरी की जान बचाकर कहानी पूर्ण कीजिए।
Answer: मुझे बहुत भूख लगी है। अच्छा हुआ तुम यहाँ आ गई।” बकरी पहले तो बहुत घबरा गई। फिर उसने हिम्मत से काम लिया। वह बोली, "आप मुझे खाना चाहते हैं तो कोई बात नहीं, परंतु पहले आप मेरा एक गाना सुन लीजिए।” भेड़िया बोला, "चलो ठीक है, सुना तू अपना गाना।” बकरी जोर-जोर से 'में-में' करने लगी। आवाज सुनकर चरवाहा लाठी लेकर वहाँ आ पहुँचा। उसे देखकर भेड़िया भाग गया और बकरी की जान बच गई। सीख : मुसीबत आने पर घबराना नहीं चाहिए। हिम्मत और युक्ति से काम लेने पर मुसीबत दूर हो सकती है।
In simple words: एक चरवाहा अपनी बकरियाँ चरा रहा था। एक भेड़िया एक बकरी के पास आया और उसे खाने की बात कही। बकरी ने हिम्मत से काम लिया और कहा कि वह गाना गाएगी। उसने जोर-जोर से आवाज लगाई, जिससे चरवाहा लाठी लेकर आ गया। भेड़िया भाग गया, और बकरी बच गई। इससे हमें यह सीख मिलती है कि मुश्किल समय में घबराना नहीं चाहिए, बल्कि समझदारी से काम लेना चाहिए।

Exam Tip: कहानी को आगे बढ़ाते समय, मूल कहानी के पात्रों और कथानक को बनाए रखें। सीख को कहानी के अंत में स्पष्ट रूप से बताएँ।

 

Question 3. टी.वी., रेडियो, टेपरिकार्डर और मोबाइल फोन के माध्यम से कहानी दिखाना या सुनाना, बाद में बारी-बारी से कक्षा में कहानी का वर्णन करवाना।
Answer: छात्र ध्यानपूर्वक कहानी देखें या सुनें। फिर वे एक के बाद एक देखे या सुने अनुसार कहानी का वर्णन करें।
In simple words: विद्यार्थियों को कहानी दिखानी या सुनानी चाहिए, फिर उन्हें एक-एक करके कक्षा में कहानी सुनाने के लिए कहें।

Exam Tip: छात्रों को कहानी सुनाते समय क्रमबद्धता और मुख्य बिंदुओं पर ध्यान देने का निर्देश दें। इससे उनकी मौखिक अभिव्यक्ति बेहतर होगी।

 

Question 4. दिए गए ढाँचे के आधार पर कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए :
एक नाई – चमत्कारी मुर्गी मिलना – मुर्गी का रोज सोने का एक अंडा देना – नाई का अमीर हो जाना – शहर भर में चर्चा – इज्जत करना – सारा सोना एक साथ पाने की लालसा जागना – मुर्गी को मार डालना – अंडे मिलना बंद होना – लालच में सोने के सब अंडे खो देना – सीख।
Answer: लालच का फल किसी गाँव में एक नाई रहता था। वह बहुत गरीब था। एक दिन वह एक सेठ की हजामत कर लौट रहा था। रास्ते में उसे एक मुर्गी मिल गई। वह मुर्गी बहुत चमत्कारी थी। वह रोज सोने का एक अंडा देती थी। कुछ ही समय में नाई अमीर हो गया। शहरभर में उसकी चर्चा होने लगी। लोगों में उसकी इज्जत बढ़ गई। एक दिन नाई ने सोचा कि इस मुर्गी के पेट में तो सोने के बहुत सारे अंडे होंगे। यदि मैं इसका पेट चीर डालूँ तो सोने के सभी अंडे मुझे एक साथ मिल जाएँ। उनको पाकर मैं बहुत धनवान बन जाऊँगा। ऐसा सोचकर नाई ने मुर्गी को मार डाला। उसे मुर्गी के पेट में से एक भी अंडा नहीं मिला। अब उसे सोने के अंडे मिलना बंद हो गया। नाई को बहुत पछतावा हुआ। सीख : सचमुच, लालच का परिणाम बहुत बुरा होता है।
In simple words: एक गरीब नाई को एक जादुई मुर्गी मिली जो हर दिन सोने का एक अंडा देती थी। वह जल्द ही अमीर बन गया और उसकी बहुत इज्जत होने लगी। लेकिन लालच में आकर, उसने सारे सोने के अंडे एक साथ पाने के लिए मुर्गी को मार डाला। उसे मुर्गी के पेट में एक भी अंडा नहीं मिला, और फिर उसे कोई अंडा नहीं मिला। नाई को बहुत पछतावा हुआ, क्योंकि लालच का नतीजा बुरा होता है।

Exam Tip: कहानी लिखते समय, ढांचे के सभी बिंदुओं को क्रम से जोड़ें और कहानी को एक स्पष्ट सीख के साथ समाप्त करें। लालच के बुरे परिणाम को अच्छे से समझाएँ।

 

Question 5. नीचे दिए गए चित्र के आधार पर कहानी का निर्माण कीजिए:
Answer: खरगोश की चतुराई अथवा ताकत से अक्ल बड़ी किसी जंगल में एक सिंह रहता था। वह जंगल में रोज कई जानवरों का शिकार करता था। इसलिए सब जानवर भयभीत और चिंतित रहते थे। एक दिन जंगल के पशुओं ने मिलकर सिंह से प्रार्थना की, “आप जंगल में शिकार के लिए न निकलें। हम प्रतिदिन निश्चित समय पर एक जानवर आपके पास भेज देंगे। अब निश्चित समय पर रोज एक जानवर सिंह के पास आने लगा। एक दिन एक खरगोश की बारी आई। उसने एक तरकीब सोची। वह जान-बूझकर सिंह के पास देर से पहुँचा। सिंह को बहुत गुस्सा आया। उसने उससे देर से आने का कारण पूछा। खरगोश ने कहा, “महाराज, रास्ते में मुझे एक दूसरा सिंह मिल गया था। वह मुझे मारकर खाना चाहता था। उससे जल्दी वापस लौटने का वादा कर मैं आपके पास आया हूँ।" जंगल में दूसरा सिंह होने की बात सुनकर सिंह आपे से बाहर हो गया और गरजकर बोला, "चल दिखा मुझे, कहाँ है वह दूसरा सिंह? मैं अभी उसका काम तमाम करता हूँ।" खरगोश सिंह को एक गहरे कुएँ के पास ले गया और बोला, "महाराज, इसीमें छिपा है वह दुष्ट !" सिंह ने कुएँ में झाँका। कुएँ के पानी में उसे अपनी परछाईं दिखाई दी। उसीको दूसरा सिंह समझकर वह कुएँ में कूद पड़ा और डूबकर मर गया। खरगोश की जान बच गई। जंगल के दूसरे जानवरों ने भी राहत की सांस ली और खरगोश को धन्यवाद दिया। सीख : ताकत से अक्ल बड़ी होती है। जो काम ताकत से न हो, उसे अक्ल से करना चाहिए।
In simple words: एक जंगल में एक शेर रहता था जो रोज जानवरों का शिकार करता था। सारे जानवर बहुत डरे हुए थे। जानवरों ने शेर से वादा किया कि वे रोज खुद एक जानवर भेजेंगे। एक दिन एक चालाक खरगोश की बारी आई। वह जानबूझकर देर से पहुँचा और शेर को बताया कि रास्ते में उसे एक और शेर मिला था जिसने उसे रोकने की कोशिश की थी। गुस्सा होकर, शेर उस दूसरे शेर को देखने खरगोश के साथ चला गया। खरगोश उसे एक गहरे कुएँ के पास ले गया, जहाँ शेर ने पानी में अपनी परछाईं देखी और उसे दूसरा शेर समझकर कुएँ में कूद गया और मर गया। इस तरह खरगोश ने अपनी जान बचाई, और सभी जानवरों ने उसकी बुद्धिमत्ता के लिए धन्यवाद दिया। इससे हमें यह सीख मिलती है कि बल से ज्यादा बुद्धि काम आती है।

Exam Tip: चित्र देखकर कहानी बनाते समय, चित्र में दिख रहे मुख्य पात्रों और दृश्यों का प्रयोग करें। कहानी में एक अच्छी सीख होनी चाहिए जो पाठकों को कुछ सिखाए।

 

Question 6. 'प्यासा कौआ कहानी में कौआ, मटका, पानी, पत्थर, धूप जैसे पात्र/वस्तुएँ हैं। ये सब कहानी की प्रतिक्रिया के रूप में 'अपनी प्यारी छोटी चाची' को जो बताते हैं, वह आप लिखिए।
जैसे : धूप : आज गजब हो गया चाची, एक उड़ते कौए को हैरान करने की शरारत सूझी और मैं उस पर टूट पड़ी। पल में ही उसका गला सूखने लगा और जोरों की प्यास लगी। उसने एक पानी का मटका देखा, पर पानी खूब गहराई में था, उसकी पहुँच के बाहर था। मन ही मन सोचती थी – बच्चू! अब, क्या करोगे? पर वह बड़ा अक्लमंद निकला उसने पत्थर से पानी निकाला।
Answer:
कौआ : चाची, ऐसी प्यास मुझे कभी नहीं लगी जैसी आज लगी। धूप भी तेज थी। मैं उड़ते-उड़ते थक भी गया था। गला बुरी तरह सूख रहा था। तभी मेरी नजर एक मटके पर पड़ी। उसमें पानी देखकर मेरी खुशी का ठिकाना न रहा। लेकिन जब मैंने मटके में चोंच डाली, तो वह पानी तक नहीं पहुंची। इधर-उधर बैठकर कई बार प्रयत्न किए, पर कोई सफलता न मिली। पर चाची, तुम्हारा यह भतीजा हार माननेवाला नहीं था। फौरन एक तरकीब सूझी। मैंने आसपास पड़े पत्थर मटके में डाले। पानी ऊपर तक आ गया। मैंने पानी पीकर अपनी प्यास बुझाई।
मटका : चाची, आज एक कौए ने कमाल कर दिया। मुझमें बहुत थोड़ा पानी था। मैं सोचता था किसीने मुझे जरा-सा भी धक्का दिया या किसीकी ठोकर लगी तो यह पानी ढुलक जाएगा। लेकिन जैसे दाने-दाने पर उसे खानेवाले का नाम लिखा होता है, वैसे ही बूंद-बूंद पर उसे पीनेवाले का नाम लिखा होता है। इतने में एक चतुर कौआ आया। उसे प्यास लगी थी। परंतु पानी तक उसकी चोंच नहीं पहुंची। तब उसने मुझमें कई पत्थर डाले। पानी की सतह ऊपर उठ गई और कौए ने मजे से पानी पिया। मैं उस चतुर कौए को कभी नहीं भूलूंगी। मुँह पर बैठा। वह बहुत प्यासा था। उसने चोंच मटके में डाली पर वह मुझ तक पहुँच न पाई। तब उसने मटके में पत्थर डाले और जब मैं ऊपर आया, तब उसने मुझे पीकर अपनी प्यास बुझाई।
पत्थर : चाची, हम तो खुले में पड़े-पड़े ऊब गए थे। जीवन व्यर्थ लग रहा था। लेकिन आज एक चतुर कौए ने हमारा उपयोग कर हमें चकित कर दिया। उसे एक मटके से पानी पीना था, परंतु पानी तक उसकी चोंच नहीं पहुँचती थी। तब उसने हमें एक-एककर मटके में डाला। पानी ऊपर आ गया। उसने मजे से पानी पिया और खुश होकर उड़ गया। हम मटके के पानी में चले गए। बहुत मजा आया। सचमुच, चाची, कौआ बड़ा अक्लमंद था।
In simple words: कौए ने बताया कि उसे बहुत प्यास लगी थी और वह पानी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते थक गया था। जब उसे मटका दिखा, तो वह खुश हो गया, लेकिन पानी बहुत नीचे था। उसने आसपास से पत्थर डालकर पानी को ऊपर किया और अपनी प्यास बुझाई। मटके ने बताया कि वह सोचता था कि उसका थोड़ा पानी बेकार हो जाएगा, लेकिन कौए ने अपनी बुद्धिमानी से उसे उपयोग में ले लिया। पत्थरों ने बताया कि वे बेकार पड़े थे, लेकिन कौए ने उन्हें पानी ऊपर लाने के लिए इस्तेमाल किया, जिससे वे भी काम आ गए। सभी ने कौए की चतुराई की प्रशंसा की।

Exam Tip: प्रत्येक पात्र की भावनाएँ और प्रतिक्रियाएँ 'छोटी चाची' को संबोधित करते हुए व्यक्त करें। कहानी के मुख्य घटनाक्रम को पात्रों के नजरिए से प्रस्तुत करें।

 

Question 7. शब्दों के भेद को जानकर उसका वाक्य में प्रयोग कीजिए :
आदि-आदी, अपेक्षा-उपेक्षा, अशक्त-आसक्त, गृह-ग्रह, बहार-बाहर, शौक़-शोक
Answer:
(1) आदि – आरंभ
इस कहानी का आदि और अंत बहुत रोचक हैं।
आदी – अभ्यस्त
मैं सुबह जल्दी उठने का आदी हूँ।
(2) अपेक्षा – आशा
मुझे आपसे यही अपेक्षा थी।
उपेक्षा - ध्यान न देना
तुम्हें किसी की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए।
(3) अशक्त – कमजोर
बीमारी ने उसे अशक्त बना दिया।
आसक्त – मुग्ध, आकर्षित
राजा सत्यवती पर आसक्त था।
(4) गृह – घर
यह हमारा नया गृह है।
ग्रह – बुध, शुक्र आदि ग्रह
ग्रहों की तरह हमारी पृथ्वी भी एक ग्रह है।
(5) बहार – वसंत
बागों में बहार आई हुई है।
बाहर – सीमा के पार
लोग घरों से बाहर निकल आए।
(6) शौक – चसका, रुचि
मुझे घूमने-फिरने का शौक है।
शोक – दुःख माँ के मरने पर उसे बहुत शोक हुआ।
In simple words: 'आदि' का मतलब शुरुआत और 'आदी' का मतलब आदत होना है। 'अपेक्षा' का अर्थ आशा करना और 'उपेक्षा' का अर्थ अनदेखा करना है। 'अशक्त' मतलब कमजोर और 'आसक्त' मतलब किसी पर मोहित होना। 'गृह' घर को कहते हैं और 'ग्रह' अंतरिक्ष के पिंड होते हैं। 'बहार' का मतलब मौसम की सुंदरता और 'बाहर' मतलब किसी जगह से बाहर निकलना है। 'शौक' का मतलब कोई पसंद या रुचि है, जबकि 'शोक' का मतलब दुख या गम है।

Exam Tip: प्रत्येक शब्द युग्म के अर्थ को स्पष्ट करें और फिर उन्हें सही संदर्भ में प्रयोग करके वाक्य बनाएँ। वाक्य सरल और अर्थपूर्ण होने चाहिए।

 

बढ़े कहानी स्वाध्याय

 

Question 1. कहानी आगे बढ़ाइए... कहानी को अपने आप लिखिए :
प्रश्न 1. एक दिन अकबर ने बीरबल से पूछा, 'बीरबल दुनिया में सबसे अधिक शक्तिशाली कौन है?' बीरबल ने क्या कहा होगा? कहानी आगे बढ़ाइए।
Answer: एक दिन अकबर ने बीरबल से पूछा, "बीरबल, दुनिया में सबसे अधिक शक्तिशाली कौन है?” बीरबल ने फौरन उत्तर दिया, "जहाँपनाह, दुनिया में सबसे अधिक शक्तिशाली सूरज है।” अकबर ने पूछा, "कैसे?” तब बीरबल ने कहा, “हुजूर, दुनिया में तीन ही बड़ी शक्तियाँ हैं – हवा, पानी और सूरज। एक बार इन तीनों में बहस छिड़ गई कि उनमें सबसे अधिक बलवान कौन है? तब सूरज ने कोट पहनकर सड़क से गुजरनेवाले एक यात्री की ओर संकेत कर कहा – “जो इसका कोट शरीर पर से उतरवा दे वही सबसे अधिक बलवान है।" हवा ने कहा, "इसमें कौन – सी बड़ी बात है। अभी मैं इसका कोट उतरवाकर बताती हूँ।” ऐसा कहकर हवा जोर से चलने लगी। उसने तूफान का रूप ले लिया, पर इससे वह आदमी अपने कोट को और कसकर पकड़े रहा। आखिर हवा ने अपनी हार मान ली। अब पानी को अपनी ताकत दिखानी थी। जोर की बरसात होने लगी। यात्री एक घने पेड़ के नीचे खड़ा हो गया। फिर भी वह भीग गया, पर अपना कोट नहीं उतारा। कोट के कारण उसकी कमीज और बनियान अधिक नहीं भीगी। पानी ने भी अपनी हार कबूल कर ली। अब सूरज की बारी थी। उसने जोर से तपना शुरू किया। गर्मी से बेहाल होकर यात्री ने कोट उतारकर कंधे पर डाल लिया। इस तरह सूरज यात्री का कोट उतरवाने में सफल रहा। उसने अपने को सबसे अधिक शक्तिशाली सिद्ध कर दिखाया। अकबर बीरबल की बात सुनकर खुश हो गया।
In simple words: अकबर ने बीरबल से पूछा कि दुनिया में सबसे शक्तिशाली कौन है। बीरबल ने कहा, सूरज सबसे शक्तिशाली है। उसने समझाया कि हवा, पानी और सूरज में एक प्रतियोगिता हुई कि कौन एक यात्री का कोट उतरवा सकता है। हवा ने बहुत तेज आँधी चलाई, लेकिन यात्री ने कोट और कसकर पकड़ लिया। पानी ने बहुत बारिश की, लेकिन यात्री ने कोट नहीं उतारा। फिर सूरज ने बहुत गर्मी दी, जिससे यात्री को अपना कोट उतारना पड़ा। इस तरह, सूरज ने खुद को सबसे शक्तिशाली साबित किया।

Exam Tip: कहानी को रोचक बनाने के लिए संवादों और घटनाओं का सटीक वर्णन करें। अकबर-बीरबल की कहानियों में हमेशा एक बुद्धिमानी भरी सीख होती है, उसे ध्यान में रखें।

 

Question 2. गेंद स्कूटर के साथ कहीं चली गई। उसके बाद गेंद के साथ क्या-क्या हुआ होगा। सोचकर बताओ।
Answer: रबर की एक गेंद रास्ते में पड़ी थी। एक स्कूटर वहाँ से गुजरा तो वह उसके एक पहिए में फंस गई। आगे रास्ते में ऊँची-ऊँची घास थी। कोमल-कोमल घास का स्पर्श गेंद को बहुत अच्छा लगा। फिर स्कूटर एक कीचड़वाली जगह से गुजरा। कीचड़ के छींटे गेंद पर भी पड़े। गेंद को बहुत बुरा महसूस हुआ, पर क्या करती बेचारी? स्कूटर आगे बढ़ा तो एक बगीचा आया। स्कूटरवाले को बगीचे से फूल लेने थे। उस स्कूटरचालक से बातें करते समय माली के हाथ से पानी का पाइप कुछ मुड़ गया। पानी की धार स्कूटर के पहिए में फंसी गेंद पर पड़ी। उससे कीचड़ के छींटे धुल गए। गेंद को ठंडा-ठंडा पानी बहुत अच्छा लगा। माली से फूल लेकर चालक ने स्कूटर पर बैठकर किक मारी तो गेंद पहिए से निकलकर उछली और फूल के एक गमले में जा गिरी। उसी समय माली का छोटा बेटा वहाँ आया। उसने कूडे में गेंद पड़ी देखी। गेंद पाकर उसकी खुशी का ठिकाना न रहा।
In simple words: एक रबर की गेंद सड़क पर थी जब एक स्कूटर आया और वह उसके पहिए में अटक गई। गेंद ऊंची घास और कीचड़ से गुजरी। स्कूटर आगे बढ़ा और एक बगीचे में पहुँचा, जहाँ माली के पानी के पाइप से पानी स्कूटर पर पड़ा। पानी से गेंद साफ हो गई और उसे ठंडक महसूस हुई। जब स्कूटर आगे बढ़ा, तो गेंद पहिए से निकलकर एक फूल के गमले में जा गिरी। एक छोटे बच्चे ने उसे देखा और बहुत खुश हुआ।

Exam Tip: कहानी को क्रमबद्ध और कल्पनाशील बनाएँ। गेंद के अनुभवों को उसकी भावनाओं के साथ जोड़कर व्यक्त करें, जिससे कहानी जीवंत लगे।

 

Question 2. ढाँचे पर से कहानी लिखिए :
एक कुत्ता – मुँह में रोटी का टुकड़ा – छोटे पुल पर से जाना – पानी में अपनी परछाईं देखना – परछाई को दूसरा कुत्ता समझना – रोटी का टुकड़ा छीन लेने के लिए भौंकना – अपना टुकडा गँवाना – सीख।
Answer: लालची कुत्ता एक कुत्ता था। एक दिन उसे एक रोटी का टुकड़ा मिल गया। उसे मुँह में लेकर वह एक छोटी नदी के पुल पर से गुजर रहा था। नदी के पानी में कुत्ते ने अपनी परछाई देखी। परछाई को उसने दूसरा कुत्ता समझ लिया। उसके पास भी रोटी का टुकड़ा था। उसे दूसरे कुत्ते की रोटी छीनने की इच्छा हुई। कुत्ते ने उस कुत्ते की ओर जोर से भौंकने के लिए जैसे ही मुँह खोला, उसके मुँह की रोटी नदी के पानी में गिर पड़ी। लालच में पड़कर उसने अपनी रोटी भी गँवा दी। सीख : सच है, लालच का फल बुरा होता है।
In simple words: एक कुत्ता अपने मुँह में रोटी का टुकड़ा लेकर पुल पर से जा रहा था। उसने नदी में अपनी परछाईं देखी और सोचा कि वह कोई दूसरा कुत्ता है जिसके पास भी रोटी है। वह उस रोटी को छीनने के लिए भौंकने लगा। जैसे ही उसने मुँह खोला, उसकी अपनी रोटी पानी में गिर गई, और वह भूखा रह गया। इससे हमें यह सीख मिलती है कि लालच का परिणाम हमेशा बुरा होता है।

Exam Tip: इस कहानी में लालच के बुरे परिणाम को स्पष्ट रूप से दर्शाएँ। कहानी में क्रमबद्धता बनाए रखें और शीर्षक को कहानी के विषय के अनुरूप रखें।

 

बढ़ कहानी योग्यता विस्तार

 

Question 1. अपने स्कूल में आनेवाले सामयिकों में दी गई कहानियों का संग्रह कीजिए और प्रार्थना सभा में कहिए।
Answer: छात्रों को अपने विद्यालय में आने वाली पत्रिकाओं और अखबारों में छपी कहानियों को इकट्ठा करना चाहिए। फिर उन्हें प्रार्थना सभा में एक-एक करके प्रस्तुत करना चाहिए।
In simple words: बच्चों को स्कूल के अखबारों और पत्रिकाओं से कहानियाँ जमा करनी चाहिए, फिर उन्हें सुबह की सभा में बताना चाहिए।

Exam Tip: कहानी सुनाने से पहले उसकी तैयारी अच्छे से करें। स्पष्ट उच्चारण और सही भाव के साथ कहानी सुनाएँ ताकि सभी सुन सकें।

 

Question 2. पुस्तकालय से कहानी की किताबें लेकर पढिए। आपने जो कहानी पढी हो उसको कक्षा में कहिए।
Answer: छात्रों को पुस्तकालय से कहानियों की किताबें लेकर पढ़नी चाहिए। फिर उन्हें कक्षा में अपने द्वारा पढ़ी गई कहानियों को दूसरों को सुनाना चाहिए।
In simple words: विद्यार्थियों को लाइब्रेरी से कहानियों की किताबें लेकर पढ़नी चाहिए, फिर उन्हें अपनी पढ़ी हुई कहानियाँ कक्षा में सुनानी चाहिए।

Exam Tip: कहानी सुनाते समय, मुख्य पात्रों और घटनाओं पर ध्यान दें। अपनी भाषा सरल और समझने योग्य रखें ताकि सभी सुन सकें।

 

बढ़े कहानी Summary in Hindi

 

कौआ और मुर्गी

 

Question. कहानी पढ़ते जाइए और उसमें छूटे हुए शब्दों को खाली स्थान में भरते जाइए।
Answer: कौआ और मुर्गी दोनों एक घर में रहते थे। कौआ दाना लाता था। मुर्गी भी दाना लाती थी। ऐसा करते-करते घर में बहुत दाना जमा हो गया। एक दिन कौए ने कहा, "मैं चावल लेने जाता हूँ, तू घर का दरवाजा बंद रखना, नहीं तो कोई दाने ले जाएगा। थोड़ी देर बाद एक घोड़ा आया। उसने कहा, "मुर्गी-मुर्गी, दरवाजा खोल और मुझे दाना दे।” मुर्गी ने कहा, "नहीं, नहीं, मैं दाना नहीं दूंगी।” घोड़े ने कहा, "मुर्गी, मुझे दाना दे, मुझे बहुत भूख लगी है।" मुर्गी को दया आ गई। उसने सारे दाने घोड़े को दे दिए। अब वह सोचने लगी, कौआ दाना माँगेगा तो मैं कहाँ से दूंगी? मुर्गी बहुत घबरा गई। जब कौआ दाना लेकर घर लौटा तब मुर्गी चक्की के पीछे छिप गई। कौए ने आवाज लगाई, "मुर्गी मुर्गी तू कहाँ है?" डर के मारे मुर्गी चुप रही। एक आवाज भी नहीं निकाली। उस समय एक बिल्ली घर में आई। बिल्ली ने कहा, "मुर्गी, मुझे अपनी चक्की दे। मुझे दाना पीसना है!" कौए ने कहा, "मुर्गी तो घर में नहीं है। तू अपना दाना यहीं लाकर पीस ले।” बिल्ली दाना ले आई और पीसने को बैठी। बिल्ली ने दाना चक्की में डाला। मुर्गी ने चट उसे मुँह में भर लिया। बिल्ली ने और दाना चक्की में डाला। मुर्गी ने उसे भी चट कर लिया। बिल्ली पीसने लगी, पर आटा न निकला। ये देख बिल्ली बहुत दुःखी हुई। बिल्ली ने सारी बात कौए को बताई। कौआ भी बहुत चकित हुआ। कौआ सोचने लगा, दाना कहाँ होगा। ढूँढ़ते-ढूँढ़ते उसने चक्की के पीछे देखा। वहाँ मुर्गी मुँह में दाना भरे बैठी थी। उसका मुँह दाने से एकदम फूल गया था। उसे देख कौआ हँसा। उसे देख बिल्ली भी बहुत हँसी। दोनों हँसे तो मुर्गी को भी जोर की हँसी आई। वह हँसी और उसके मुँह से सारे दाने निकल पड़े।
In simple words: एक घर में कौआ और मुर्गी रहते थे और दाना इकट्ठा करते थे। एक बार कौआ चावल लेने गया और मुर्गी से दरवाजा बंद रखने को कहा। एक घोड़ा आया और मुर्गी से दाना माँगा। दया करके मुर्गी ने उसे दाना दे दिया। कौए के लौटने पर मुर्गी डर गई और चक्की के पीछे छिप गई। फिर एक बिल्ली आई और चक्की में दाना पीसने लगी, लेकिन मुर्गी ने दाना खा लिया। कौआ और बिल्ली ने देखा कि मुर्गी के मुँह में दाना भरा है। वे हँसे, और मुर्गी भी हँसी, जिससे सारे दाने बाहर गिर गए।

Exam Tip: कहानी के रिक्त स्थानों की पूर्ति करते समय, कहानी के प्रवाह और घटनाओं के तर्क को बनाए रखें। शब्दों का चयन कहानी के प्रसंग के अनुसार करें।

 

बढ़े कहानी विषय – प्रवेश

कहानी पढ़ना और सुनना सबको अच्छा लगता है। हमें कहानी लिखने का भी अभ्यास करना चाहिए। इस पाठ में इसी हेतु से कुछ कहानियाँ पूरी करने के लिए दी गई हैं।

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