GSEB Class 6 Hindi Solutions Chapter 2 अनूठे इन्सान

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Detailed Chapter 02 अनूठे इन्सान GSEB Solutions for Class 6 Hindi

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Class 6 Hindi Chapter 02 अनूठे इन्सान GSEB Solutions PDF

Gseb Solutions Class 6 Hindi अनूठे इन्सान Textbook Questions And Answers

अनूठे इन्सान अभ्यास

1. प्रश्नों के उत्तर दीजिए

 

Question 1. नेपोलियन और उसकी बहन के स्वभाव में क्या अंतर था?
Answer: नेपोलियन सच बोलने से नहीं डरता था। उसमें सच्चाई का सामना करने की हिम्मत थी। अपने कारण हुई किसी दूसरे की हानि वह सह नहीं पाता था। उसकी बहन का स्वभाव इसके बिल्कुल उल्टा था। वह कायर थी और सच्चाई का सामना नहीं कर पाती थी। वह झूठ बोलकर सच्चाई से बच निकलने में ही अपना फायदा समझती थी। उसे केवल खुद को बचाने की फिक्र थी, दूसरों के नुकसान की नहीं। इस प्रकार, नेपोलियन और उसकी बहन के स्वभाव में बहुत फर्क था। नेपोलियन के टकरा जाने से अमरूद बेचने जानेवाली लड़की के अमरूद कीचड़ में गिर गए और खराब हो गए थे। अब वह उन्हें बेच नहीं पाती थी। उसे डर था कि अब वह अपनी माँ को क्या उत्तर देगी? नेपोलियन को लगा कि उसके कारण उस गरीब लड़की का नुकसान हुआ है। उसकी हानि को पूरा करना उसने अपनी जिम्मेदारी समझी। उसने अपनी माँ को पूरी सच्चाई बता दी और उस लड़की को माँ से पूरे पैसे दिलवा दिए। अगर मैं नेपोलियन की जगह होता तो मैं भी उसीकी तरह उस गरीब लड़की का नुकसान नहीं होने देता।
In simple words: नेपोलियन हमेशा सच बोलता था और साहसी था, लेकिन उसकी बहन डरपोक थी और सच से बचती थी। नेपोलियन को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने लड़की को हर्जाना भरवाया।

Exam Tip: जब दो पात्रों के स्वभाव की तुलना करनी हो, तो दोनों के गुणों और अवगुणों को स्पष्ट रूप से अलग-अलग बिंदुओं में प्रस्तुत करें।

 

Question 3. आप अपने जेब खर्च का उपयोग किस प्रकार करते हैं?
Answer: मुझे जेबखर्च के लिए रोजाना 10 रुपये मिलते हैं। मैं पूरे पैसे खर्च नहीं करता। हमारे स्कूल के उपहारगृह में चीजें सस्ते दामों पर मिलती हैं। इसीलिए स्कूल में नाश्ता करने के बाद भी मेरे पास कुछ पैसे बच जाते हैं। इन्हें मैं अपने पास इकट्ठा करके रखता हूँ। कभी किसी सहपाठी को सहायता की जरूरत हो तो मैं इस बचत में से उसकी सहायता करता हूँ। छोटी बहन के जन्मदिन का तोहफा भी मैं इस जमा किए हुए पैसों से खरीदता हूँ। माताजी और पिताजी के जन्मदिनों पर इसी बचत से उनके लिए फूलों के हार अवश्य लाता हूँ। इस प्रकार, अपने जेबखर्च का मैं आवश्यकता के अनुसार उपयोग करता हूँ।
In simple words: मैं अपने जेबखर्च का कुछ हिस्सा बचाता हूँ। मैं बचे हुए पैसों का उपयोग दोस्तों की मदद करने, बहन के लिए उपहार खरीदने और माता-पिता के लिए फूल लाने जैसे अच्छे कामों के लिए करता हूँ।

Exam Tip: इस तरह के व्यक्तिगत प्रश्नों में अपने उत्तर को रचनात्मक और व्यावहारिक बनाएँ। खर्च और बचत के उदाहरण दें।

 

Question 4. बापू के बारे में आप क्या जानते हैं?
Answer: बापू का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी था। लोग उन्हें 'महात्मा गाँधी' के नाम से पहचानते हैं। महात्मा गाँधीजी ने देश की आज़ादी के लिए अंग्रेजों से लंबी जंग लड़ी। वे अनेक बार जेल गए। उन्होंने बहुत से सत्याग्रह किए। आज़ादी की लड़ाई में देश की जनता ने उनका पूरा समर्थन दिया। लोगों ने उन्हें 'राष्ट्रपिता' का आदर दिया। 15 अगस्त 1947 को हमारा देश आजाद हुआ। 30 जनवरी, 1948 को दिल्ली में बापू की जान ले ली गई। बापू ने हमें शांति, प्रेम और अहिंसा का उपदेश दिया। उनकी समाधि 'राजघाट' के नाम से मशहूर हैं।
In simple words: बापू का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी था। उन्होंने अंग्रेजों से देश की आज़ादी के लिए कई लड़ाइयाँ लड़ीं और लोगों ने उन्हें 'राष्ट्रपिता' का आदर दिया।

Exam Tip: किसी भी ऐतिहासिक व्यक्ति का परिचय देते समय, उनके जन्म-मृत्यु, योगदान और मुख्य विचारों को संक्षेप में बताएं।

 

Question 5. बापू धन क्यों इकट्ठा कर रहे थे?
Answer: आंदोलन जारी था। बापू उसके अगुवा थे। आंदोलन के लिए पैसे की आवश्यकता होती थी। बापू यह धन कहाँ से लाते थे? इसलिए वे पूरे देश में घूमकर सभाएं करते थे और पैसे जमा करते थे।
In simple words: बापू देश की आजादी के आंदोलन के नेता थे और उन्हें आंदोलन चलाने के लिए पैसे की जरूरत थी, इसलिए वे पूरे देश में घूमकर पैसे इकट्ठा करते थे।

Exam Tip: उत्तर में कारण और उसके पीछे की मुख्य गतिविधि को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 6. आपको कौमुदी का पात्र कैसा लगा? क्यों?
Answer: मुझे कौमुदी का पात्र बहुत प्रेरणादायक लगा। महिलाओं को गहनों के प्रति प्राकृतिक लगाव होता है। फिर कौमुदी तो सोलह वर्ष की लड़की थी। उसके गहने बहुत मूल्यवान थे। ऐसे गहने फिर से नहीं बन पाते थे। फिर भी देश की आज़ादी के लिए उसने अपने गहनों का त्याग कर दिया। गाँधीजी को अपने सभी गहने उपहार देकर उसने सिद्ध कर दिया कि देशप्रेम से बढ़कर कुछ भी नहीं है। इसीलिए कौमुदी का पात्र हम सब के लिए बहुत ही प्रेरणा देने वाला है।
In simple words: कौमुदी का पात्र प्रेरणादायक लगा क्योंकि उसने देशप्रेम के लिए अपने कीमती गहनों का त्याग कर दिया, यह दिखाता है कि देशप्रेम सबसे बढ़कर होता है।

Exam Tip: किसी पात्र के बारे में राय देते समय, अपनी राय को कारणों और उदाहरणों से respald करें।

 

Question 7. क्या आपने भी कभी अपने माता-पिता के सामने गलती स्वीकार की है? उस घटना को अपने शब्दों में बताइए।
Answer: एक बार छुट्टी के दिन मैं अपनी कॉलोनी के मैदान में दोस्तों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। बैटिंग करते हुए मैंने गेंद को इतनी तेजी से मारा कि एक मकान की खिड़की का काँच टूट गया। मकान के मालिक गुस्सा होकर बाहर आए और पूछा, "मेरा काँच किसने तोड़ा?” साथियों ने मेरा ही नाम लिया। उस सज्जन ने जाकर मेरे माता-पिता से इसकी शिकायत दर्ज कराई। मैंने अपनी भूल मान ली। वे सज्जन भी प्रसन्न हुए और बोले, "कोई बात नहीं बेटा, खेलो जरूर, पर इतना ख्याल रखो कि किसी का नुकसान न हो।”
In simple words: एक बार क्रिकेट खेलते हुए मुझसे एक घर का काँच टूट गया था। मैंने अपने माता-पिता के सामने अपनी गलती मान ली, जिस पर वे खुश हुए और मुझे आगे सावधान रहने को कहा।

Exam Tip: व्यक्तिगत अनुभव साझा करते समय, घटना का संक्षिप्त विवरण दें, अपनी प्रतिक्रिया बताएं और उससे मिली सीख को स्पष्ट करें।

 

2. उदाहरण के अनुसार संयुक्त वर्ण से बने दो-दो शब्द लिखिए :

 

Question 2. (1) द् + ध = द्ध = शुद्ध –
Answer: शुद्ध, बुद्ध

Exam Tip: Practice recognizing and forming compound letters with different combinations.

 

Question 2. (2) त् + त = त्त = वित्त –
Answer: वित्त, कुत्ता, छत्ता

Exam Tip: Pay attention to the subtle differences in pronunciation and usage of words with compound letters.

 

Question 2. (3) द् + म = द्म = पद्म –
Answer: पद्म, छद्म, सद्म

Exam Tip: Remember that some compound letters can combine in multiple ways to form different sounds or words.

 

Question 2. (4) द् + व = द्व = विद्वान – द्वार, द्वेष
Answer: विद्वान, द्वार, द्वेष

Exam Tip: When new compound letters are presented, try to think of common words that use them to aid memorization.

 

Question 2. (5) ह + म = ह्म – ब्रह्म –
Answer: ब्रह्म, ब्रह्मांड, ब्राह्मण

Exam Tip: Ensure you can correctly identify and write words containing less common compound letters like 'ह्म'.

 

3. निम्नलिखित विषय पर चर्चा कीजिए:

 

Question 1. महात्मा गाँधी और देशप्रेम
Answer: शिक्षक – शौनक, हम गाँधीजी को क्या कहकर उन्हें आदर देते हैं?
शौनक – गुरुजी, हम गाँधीजी को 'बापू' और 'राष्ट्रपिता' कहकर उन्हें आदर देते हैं।
शिक्षक – शाबाश, परंतु उन्हें 'राष्ट्रपिता' क्यों कहते हैं?
सुनील – गुरुजी, गाँधीजी ने अपना सारा जीवन देश की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने अपने घर-परिवार की फिक्र नहीं की, केवल देश की चिंता की।
रमण – उन्होंने बहुत से सत्याग्रह किए और वे अनेक बार कारावास गए। उन्होंने अनेक बार व्रत रखे। देश को अंग्रेजों के शासन से आजाद कराने के लिए उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने बिना किसी स्वार्थ के देश की सेवा की। सचमुच, बापू महान देशभक्त थे।
In simple words: गाँधीजी को 'बापू' और 'राष्ट्रपिता' कहा जाता है क्योंकि उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा में समर्पित कर दिया, कई सत्याग्रह किए, और अंग्रेजों से आजादी के लिए निस्वार्थ भाव से लड़े।

Exam Tip: चर्चा आधारित प्रश्नों में, प्रत्येक वक्ता के दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें और मुख्य निष्कर्ष को सारांशित करें।

 

Question 2. इन्सान अनूठा कब कहलाता है?
Answer: शिक्षक – महेश, क्या तुम बता सकते हैं कि इन्सान अनूठा कब कहलाता है?
महेश – गुरुजी, जब व्यक्ति कोई असाधारण कार्य करता है, तब वह 'अनूठा इन्सान' कहलाता है। जैसे – सरदार वल्लभभाई पटेल।
शिक्षक – उन्होंने कौन-सा अनूठा काम किया था?
महेश – गुरुजी, जब हमारा देश आजाद हुआ तब यहाँ करीब 600 रियासतें थीं। इनमें से कुछ राजा बहुत जिद्दी थे। वे अपनी रियासत छोड़ने के लिए राजी नहीं थे। सरदार पटेल ने बड़ी होशियारी से सभी राजाओं से उनकी रियासतें प्राप्त कीं और एक आजाद देश का निर्माण किया। सभी लोग सरदार की ताकत मान गए।
रानक – गुरुजी, इसीलिए सरदार पटेल को 'लौहपुरुष' कहते हैं।
शिक्षक – हाँ, सरदार पटेल मजबूत इरादों वाले व्यक्ति थे। वास्तव में, वे 'अनूठे इन्सान' थे।
In simple words: एक इन्सान अनूठा तब कहलाता है जब वह कोई खास या असाधारण काम करता है, जैसे सरदार पटेल ने आजादी के बाद करीब 600 रियासतों को कुशलता से भारत में मिलाया।

Exam Tip: अनूठे इन्सान की परिभाषा देते समय, एक स्पष्ट उदाहरण दें जो परिभाषा को अच्छी तरह समझाए।

 

Question 3. तुम अपने देश की सेवा कैसे करोगे?
Answer: शिक्षक – (विद्यार्थियों से) तुम लोग महात्मा गाँधी, जवाहरलाल नेहरु, लालबहादुर शास्त्री आदि नेताओं की देश की सेवा के बारे में जानते हो। लेकिन तुम स्वयं अपने देश की सेवा कैसे करोगे?
अंशुमान – गुरुजी, मैं खेती का वैज्ञानिक बनूँगा। मैं खेती के नए-नए तरीकों का आविष्कार कर तरह-तरह के अनाजों, दालों और शाक-सब्जियों का उत्पादन बढ़ाऊँगा।
प्रदीप – गुरुजी, मैं इंजीनियर बनकर ऐसी टेक्नोलॉजी विकसित करूँगा कि जिससे सस्ते, अच्छे और टिकाऊ मकान बनें। मैं ऐसा कोशिश करूँगा कि देश में कोई भी बेघर न रहे।
कौशल – गुरुजी, मैं देश में फैले हुए भ्रष्टाचार को जड़-मूल से खत्म करने का संकल्प रखता हूँ। इसके लिए जो भी संभव होगा, मैं ईमानदारी से करूँगा।
शिक्षक – मुझे प्रसन्नता है कि तुम लोग किसी-न-किसी तरह देश की सेवा करना चाहते हैं। भविष्य में तुम्हारे हाथ में ही देश की कमान होगी। मुझे यकीन है कि तुम लोग सच्चे देश के सेवक बनोगे।
In simple words: छात्र अपने देश की सेवा कृषि वैज्ञानिक बनकर अनाज उत्पादन बढ़ाकर, इंजीनियर बनकर सस्ते घर बनाकर, और भ्रष्टाचार खत्म करने की ईमानदारी से कोशिश करके करना चाहते हैं।

Exam Tip: जब अपने योगदान की बात हो, तो विशिष्ट और व्यावहारिक उदाहरण दें कि आप किस क्षेत्र में और कैसे सेवा करेंगे।

 

4. नीचे संज्ञा से बननेवाले विशेषण शब्द दिए गए हैं, उनका वाक्य में प्रयोग करके लिखिए :

 

Question 4. (1) धर्म – धार्मिक
Answer: मेरे दादाजी कोई-न-कोई धार्मिक काम करते रहते हैं।
In simple words: दादाजी धार्मिक कार्य करते रहते हैं।

Exam Tip: सुनिश्चित करें कि विशेषण का प्रयोग वाक्य में संज्ञा के अनुरूप हो।

 

Question 4. (2) रंग – रंगीन
Answer: शीला रंगीन कपड़े चुनती है।
In simple words: शीला को रंगीन कपड़े पसंद हैं।

Exam Tip: वाक्य में विशेषण का उपयोग इस तरह से करें जिससे उसका अर्थ स्पष्ट हो।

 

Question 4. (3) लोभ – लोभी
Answer: लोभी व्यक्ति को अक्सर हानि होती है।
In simple words: लालची इंसान को अक्सर नुकसान होता है।

Exam Tip: विशेषण का प्रयोग व्यक्ति के गुण या विशेषता को बताने के लिए करें।

 

Question 4. (4) भारत-भारतीय – भारतीय लोग अतिथिप्रिय होते हैं।
Answer: भारतीय लोग मेहमानों का सत्कार करते हैं।
In simple words: भारत के लोग मेहमानों को प्यार करते हैं।

Exam Tip: 'भारतीय' जैसे विशेषणों का प्रयोग राष्ट्रीयता या संबंधित गुणों को दर्शाने के लिए होता है।

 

Question 4. (5) चमक-चमकीला – सोना चमकीला होता है।
Answer: सोना बहुत चमकदार होता है।
In simple words: सोना बहुत चमकता है।

Exam Tip: विशेषण का उपयोग वस्तु की गुणवत्ता या बाहरी रूप को व्यक्त करने के लिए किया जाता है।

 

Question 4. (6) शक्ति-शक्तिमान – वह सभी काम करने में शक्तिमान है।
Answer: वह हर कार्य करने में ताकतवर है।
In simple words: वह सभी काम करने में मजबूत है।

Exam Tip: विशेषण 'शक्तिमान' का प्रयोग किसी व्यक्ति की शारीरिक या मानसिक क्षमता को दर्शाने के लिए होता है।

 

Question 4. (7) गुण-गुणवती – सुरेखा गुणवती बालिका है।
Answer: सुरेखा एक अच्छी गुणों वाली लड़की है।
In simple words: सुरेखा अच्छे गुणों वाली लड़की है।

Exam Tip: 'गुणवती' विशेषण का प्रयोग स्त्री के अच्छे गुणों को बताने के लिए होता है।

 

Question 4. (8) बल-बलवान – भीम बहुत बलवान थे।
Answer: भीम बहुत शक्तिशाली थे।
In simple words: भीम बहुत ताकतवर थे।

Exam Tip: 'बलवान' विशेषण का प्रयोग पुरुष की शारीरिक शक्ति को दर्शाने के लिए होता है।

 

Question 4. (9) दया-दयावान – आप बड़े दयावान पुरुष हैं।
Answer: आप बहुत दयालु व्यक्ति हैं।
In simple words: आप बहुत दयालु इंसान हैं।

Exam Tip: 'दयावान' विशेषण का प्रयोग किसी व्यक्ति के दयालु स्वभाव को बताने के लिए किया जाता है।

 

Question 4. (10) दर्शन-दर्शनीय – दक्षिण भारत में कई दर्शनीय स्थान हैं।
Answer: दक्षिण भारत में अनेक देखने योग्य जगहें हैं।
In simple words: दक्षिण भारत में बहुत से सुंदर स्थान हैं।

Exam Tip: 'दर्शनीय' विशेषण का अर्थ है 'देखने योग्य', इसका प्रयोग पर्यटक स्थलों के लिए होता है।

 

5. उदाहरण के अनुसार लिंग परिवर्तन कीजिए:

उदाहरण : पुत्र – पुत्री

 

Question 5. (1) मेढ़क
Answer: मेढ़क - मेढ़की

Exam Tip: लिंग परिवर्तन में सही प्रत्यय (suffix) का चुनाव महत्वपूर्ण है।

 

Question 5. (2) तरुण
Answer: तरुण - तरुणी

Exam Tip: 'ई' प्रत्यय लगाकर स्त्रीलिंग बनाने के कई उदाहरण याद रखें।

 

Question 5. (3) कुमार
Answer: कुमार - कुमारी

Exam Tip: कुछ शब्दों में लिंग परिवर्तन के लिए 'ई' प्रत्यय का उपयोग होता है।

 

Question 5. (4) देव
Answer: देव - देवी

Exam Tip: 'आ' को 'ई' में बदलकर भी स्त्रीलिंग बनाया जाता है।

 

Question 5. (5) हिरन –
Answer: हिरन - हिरनी

Exam Tip: सामान्यतः 'न' अंत वाले शब्दों में 'नी' लगाकर स्त्रीलिंग बनता है।

 

उदाहरण : साँप – साँपन

 

Question 5. (1) कुम्हार-
Answer: कुम्हार - कुम्हारिन

Exam Tip: 'इन' प्रत्यय का प्रयोग कई व्यावसायिक नामों के स्त्रीलिंग बनाने में होता है।

 

Question 5. (2) नाग
Answer: नाग - नागिन

Exam Tip: 'इन' प्रत्यय का उपयोग कुछ पशुओं के नाम के स्त्रीलिंग बनाने में भी होता है।

 

Question 5. (3) बाघ
Answer: बाघ - बाघिन

Exam Tip: 'इन' प्रत्यय स्त्रीलिंग रूप को दर्शाता है।

 

Question 5. (4) धोबी
Answer: धोबी - धोबिन

Exam Tip: व्यवसाय से संबंधित शब्दों में 'इन' प्रत्यय का प्रयोग सामान्य है।

 

Question 5. (5) ग्वाला
Answer: ग्वाला - ग्वालिन

Exam Tip: 'इन' प्रत्यय का प्रयोग कुछ नामों के साथ उनके स्त्रीलिंग रूप को बनाने में मदद करता है।

 

उदाहरण : मोर – मोरनी

 

Question 5. (2) जादूगर –
Answer: जादूगर - जादूगरनी

Exam Tip: 'नी' प्रत्यय लगाकर स्त्रीलिंग बनाने के नियमों पर ध्यान दें।

 

Question 5. (3) मास्टर –
Answer: मास्टर - मास्टरनी

Exam Tip: विदेशी मूल के कुछ शब्दों के लिंग परिवर्तन में भी 'नी' प्रत्यय का उपयोग होता है।

 

Question 5. (4) डॉक्टर
Answer: डॉक्टर - डॉक्टरनी

Exam Tip: कुछ अंग्रेजी शब्दों के हिंदी स्त्रीलिंग रूप में भी 'नी' प्रत्यय का प्रयोग होता है।

 

Question 5. (5) ऊँट –
Answer: ऊँट - ऊँटनी

Exam Tip: 'नी' प्रत्यय पशुओं के नाम के स्त्रीलिंग रूप बनाने में भी सहायक है।

 

6. प्रश्न 5 में जिन शब्दों के लिंग परिवर्तन किये हैं, उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए :

जैसे - हिरन – हिरनी : – हिरन दौड़ रहा है।, हिरनी दौड़ रही है।

पुत्र – पुत्री : – राहुल राजीव गाँधी के पुत्र हैं।, इन्दिरा जी जवाहरलाल जी की पुत्री थीं।

 

Answer:
1. मेढ़क – मेढ़क आवाज कर रहा है। मेढ़की-मेढ़की आवाज कर रही है।
2. तरुण – तरुण महाविद्यालय जा रहा है। तरुणी – तरुणी महाविद्यालय जा रही है।
3. कुमार – कुमार क्रीडा कर रहा है। कुमारी – कुमारी क्रीडा कर रही है।
4. देव – देव मुस्कुरा रहा है। देवी – देवी मुस्कुरा रही है।
5. कुम्हार – कुम्हार मिट्टी के बर्तन बना रहा है। कुम्हारिन – कुम्हारिन मिट्टी के बर्तन बना रही है।
6. नाग – नाग फुफकार रहा है। नागिन – नागिन फुफकार रही है।
7. बाघ – बाघ दहाड़ रहा है। बाघिन – बाघिन दहाड़ रही है।
8. धोबी – धोबी वस्त्र धो रहा है। धोबिन – धोबिन वस्त्र धो रही है।
9. ग्वाला – ग्वाला दुग्ध ला रहा है। ग्वालिन – ग्वालिन दुग्ध ला रही है।
10. शेर – शेर दहाड़ रहा है। शेरनी – शेरनी दहाड़ रही है।
11. जादूगर – जादूगर जादू दिखा रहा है। जादूगरनी – जादूगरनी जादू दिखा रही है।
12. मास्टर – मास्टर शिक्षित कर रहा है। मास्टरनी – मास्टरनी शिक्षित कर रही है।
13. डॉक्टर – डॉक्टर रोगी को देख रहा है। डॉक्टरनी – डॉक्टरनी रोगी को देख रही है।
14. ऊँट – ऊँट आवाज निकाल रहा है। ऊँटनी - ऊँटनी आवाज निकाल रही है।
In simple words: लिंग परिवर्तित शब्दों का उपयोग करते हुए, मेढ़क, तरुण, कुमार, देव, कुम्हार, नाग, बाघ, धोबी, ग्वाला, शेर, जादूगर, मास्टर, डॉक्टर और ऊँट के पुल्लिंग और स्त्रीलिंग रूपों के लिए अलग-अलग वाक्य बनाए गए हैं।

Exam Tip: वाक्यों में लिंग परिवर्तन का सही प्रयोग करें और सुनिश्चित करें कि क्रिया और अन्य शब्द लिंग के अनुसार बदलें।

 

7. चित्र के आधार पर चर्चा करके कहानी लिखिए :

 

Answer:

सच्चे दोस्त

एक वन था। उसमें एक सरोवर के पास कौआ, हिरन, चूहा और कछुआ ये चार मित्र रहते थे। एक दिन हिरन घूमते-घूमते शिकारी के फंदे में फंस गया। कौआ, चूहा और कछुआ काफी दूर चले गए थे। उसने मित्रों को पुकारा, पर वहाँ कोई नहीं था। कुछ समय के बाद कौआ आया। उसने हिरन को फंदे में फंसा हुआ देखा तो बहुत उदास हुआ। उसने हिरन से कहा, "मित्र, फिक्र न करो। मैं अभी तुम्हें फंदे से आजाद कराता हूँ।" वह उड़ते हुए चूहे के पास पहुंचा और कहा, "चूहा भाई, जल्दी चलो। अपना मित्र हिरन शिकारी के फंदे में फंस गया है। फंदा काटकर उसे केवल तुम ही आजाद करा सकते हो। ऐसा करो कि तुम मेरी पीठ पर बैठ जाओ तो हम तेजी से पहुँच जाएंगे।” कछुए ने कहा, "कौआ सही बोलता है। तुम दोनों शीघ्र जाओ। मैं भी बाद में आता हूँ।" कौआ चूहे को अपनी पीठ पर बैठाकर लाया। चूहे ने धीरे-धीरे फंदा काट दिया। कौए ने दूर से ही शिकारी को आते हुए देखा। उसने हिरन को चेतावनी दी। हिरन फंदे से निकल भागा। चूहा पास की झाड़ी में छिप गया। तब तक कछुआ वहाँ पहुँच गया था। शिकारी के पास थैला था। हिरन को न पाकर क्रोध में उसने कछुए को पकड़कर थैले में डालना चाहा, लेकिन तब तक कछुआ सरोवर में खिसक गया। शिकारी निराश रह गया। इस तरह कौआ, हिरन, चूहा और कछुआ चारों ने दोस्ती निभाई।
In simple words: एक जंगल में चार दोस्त (कौआ, हिरन, चूहा, कछुआ) रहते थे। हिरन एक बार शिकारी के फंदे में फँस गया, तो बाकी दोस्तों ने मिलकर उसे बचाया। यह कहानी दिखाती है कि सच्चे दोस्त एक-दूसरे की मदद कैसे करते हैं।

Exam Tip: कहानी लिखते समय, पात्रों, घटनाक्रम और अंतिम सीख को स्पष्ट और क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत करें।

 

अनूठे इन्सान स्वाध्याय

1. प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

 

Question 1. नेपोलियन की बहन का नाम क्या था?
Answer: नेपोलियन की बहन का नाम इलाइजा था।
In simple words: नेपोलियन की बहन का नाम इलाइजा था।

Exam Tip: छोटे उत्तरों में, सीधा और सटीक जवाब दें।

 

Question 2. नेपोलियन लड़की को अपने घर क्यों ले गया?
Answer: लड़की के अमरूद बिगड़ जाने से उसे हानि हुई थी। नेपोलियन माँ से धन दिलवाकर उसका नुकसान पूरा करवाना चाहता था। इस कारण वह लड़की को अपने घर ले गया।
In simple words: नेपोलियन लड़की को अपने घर इसलिए ले गया ताकि उसकी माँ से पैसे दिलवाकर उसके खराब हुए अमरूद का नुकसान पूरा करवा सके।

Exam Tip: कारण वाले प्रश्नों में, मुख्य कारण को संक्षेप में बताएं।

 

Question 3. गाँधी जी को सोने की चूड़ी देनेवाली लड़की का नाम क्या था?
Answer: गाँधीजी को सोने की चूड़ा देनेवाली लड़की का नाम 'कौमुदी' था।
In simple words: गाँधीजी को सोने की चूड़ी देने वाली लड़की का नाम कौमुदी था।

Exam Tip: तथ्यात्मक प्रश्नों में, नाम या तथ्य को स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 4. गाँधी जी ने कौमुदी से क्या कहा?
Answer: गाँधीजी ने कौमुदी से कहा, "तुम्हें दोनों चूड़ियाँ देने की आवश्यकता नहीं है। एक ही चूड़ी लेकर मैं तुम्हें अपने हस्ताक्षर करके दूंगा।"
In simple words: गाँधीजी ने कौमुदी से कहा कि उसे दोनों चूड़ियाँ देने की जरूरत नहीं है, वे एक चूड़ी पर हस्ताक्षर कर देंगे।

Exam Tip: संवाद वाले प्रश्नों में, कही गई बात को यथासंभव सटीक रूप से प्रस्तुत करें।

 

Question 5. हस्ताक्षर करने के बाद गाँधी जी ने क्या लिखा?
Answer: हस्ताक्षर करने के बाद गाँधीजी ने लिखा, तुम्हारे इन गहनों की बजाय "तुम्हारा त्याग ही वास्तविक गहना है।"
In simple words: गाँधीजी ने लिखा कि कौमुदी का त्याग ही उसका सच्चा आभूषण है, न कि गहने।

Exam Tip: उद्धृत वाक्य को हमेशा दोहरा अवतरण चिह्न (" ") में लिखें।

 

Question 2. (क) अपने गाँव में घटी कोई आँखों देखी घटना के बारे में लिखिए।
Answer: मेरा गाँव वन के करीब है। कभी-कभी जंगली पशु गाँव में आ जाते हैं। एक दिन मैं अपने मित्र के साथ उसके घर के पीछे खेल रहा था। अचानक तेंदुआ चुपचाप आया और उसने मेरे मित्र पर आक्रमण कर दिया। मैं जोर से चीखा, “तेंदुआ, तेंदुआ, बचाओ – बचाओ।" शोर सुनकर मित्र की माँ एक लाठी लेकर दौड़ी और तेंदुए पर हमला कर दिया। उसका भयंकर रूप देखकर तेंदुआ भाग गया। मुझे राहत मिली। मित्र की गर्दन पर खरोंच के निशान थे। कोई गहरा जख्म नहीं हुआ था। अनेक लोग वहाँ इकट्ठे हो गए। सबने मित्र की माँ की बहादुरी की सराहना की। इस घटना को अनेक वर्ष बीत गए, पर मैं इसे आज तक भूला नहीं पाया। वह बहादुर माँ आज हमारे गाँव की सरपंच है।
In simple words: गाँव में एक तेंदुआ मेरे दोस्त पर हमला करने आया था, लेकिन मेरी दोस्त की माँ ने लाठी से उसे भगा दिया। यह एक साहसी घटना थी जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगा।

Exam Tip: आँखों देखी घटना का वर्णन करते समय, क्रमबद्धता, प्रमुख घटनाओं और अपनी भावनाओं को स्पष्ट करें।

 

Question 2. (ख) इस इकाई के आधार पर अपने मित्रों से पूछने के लिए पाँच प्रश्न बनाइए।
Answer:
• तुमसे किसी का नुकसान हो जाए तो क्या तुम उसकी भरपाई करोगे?
• क्या तुम नेपोलियन की तरह अपने माता-पिता के आगे सच बोलते हो?
• तुम्हारे सच बोलने से तुम्हें नुकसान हो रहा हो, तो क्या तुम उसे सहन कर लोगे?
• तुम देश के लिए क्या दे सकते हो?
• तुम देश की सेवा किस प्रकार करना चाहते हो?
In simple words: आप नेपोलियन की ईमानदारी, देशप्रेम और गलतियों को स्वीकार करने की बातों पर अपने दोस्तों से प्रश्न पूछ सकते हैं।

Exam Tip: प्रश्न बनाते समय, इकाई के मुख्य विषयों और पात्रों से संबंधित प्रश्न पूछें।

 

3. विरामचिह्नों का उपयोग करके परिच्छेद फिर से लिखिए और अनुवाद कीजिए।

 

Answer: दुर्गावती बचपन से ही बहादुर थीं। उन्हें युद्ध करने में अपूर्व धैर्य, दूर की सोच, अदम्य हिम्मत और आत्म-सम्मान जैसे गुण विरासत में प्राप्त हुए थे। जहाँ वे विनम्र, सौम्य, बहुत खूबसूरत और भावुक थीं, वहीं दूसरी ओर वे वीर, साहसी और शस्त्र चलाने में भी माहिर थीं। शिकार खेलने में उन्हें खास दिलचस्पी थी। वे तीर और बंदूक का सही निशाना लगाने में भी कुशल थीं।
In simple words: दुर्गावती बचपन से ही बहादुर थीं, युद्ध में धीरज, दूरदर्शिता, हिम्मत और आत्म-सम्मान जैसे गुण उनमें थे। वे सुंदर, भावुक होने के साथ-साथ वीर, साहसी और हथियार चलाने में भी माहिर थीं। उन्हें शिकार और निशाना लगाने में बहुत रुचि थी।

Exam Tip: विरामचिह्नों का सही प्रयोग करें ताकि वाक्य का अर्थ स्पष्ट रहे। मूल अर्थ में कोई बदलाव न करें।

Answer:

Translation: Durgavati was brave from her childhood. She had inherited the virtues such as great patience, cautiousness, endless courage, and self-respect. She was virtuous, soft, very beautiful, and sensitive. On the other side, she was brave, adventurous, and clever in using weapons. She had a keen interest in hunting. She was skilled in shooting with an arrow and a gun.


In simple words: Durgavati was brave from childhood, possessing virtues like patience, caution, and self-respect. She was also skilled in combat and hunting, excelling in archery.

Exam Tip: अनुवाद करते समय, मूल भाषा के भाव और अर्थ को बनाए रखें और सरल शब्दों का प्रयोग करें।

 

अनूठे इन्सान योग्यता विस्तार

 

Question 1. गाँधी जी और नेपोलियन के बारे में परिचय प्राप्त कीजिए।
Answer:

गाँधीजी

महात्मा गाँधी का नाम केवल भारत में ही नहीं, पूरी दुनिया में मशहूर है। उनका नाम मोहनदास करमचंद गाँधी था। उनकी माता का नाम पुतलीबाई था। उनका जन्म गुजरात के पोरबंदर शहर में 2 अक्तूबर, 1869 को हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई राजकोट में हुई। फिर वे इंग्लैंड जाकर वकील बने। गाँधीजी ने भारत में अंग्रेज सरकार के जुल्मों के खिलाफ सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया। गाँधीजी के प्रयासों से उन्होंने हरिजनों की बुरी हालत सुधारने के लिए पूरे प्रयास किए। उन्होंने खादी-प्रचार, ग्राम-सुधार, स्त्री-शिक्षा जैसे कई जरूरी काम किए। उन्होंने पूरा जीवन हमारे देश की सेवा की, इसलिए वे हमारे देश के 'राष्ट्रपिता' कहलाए। गाँधीजी सत्य, प्रेम और अहिंसा के मानने वाले थे। वे सीधेपन और सादगी की मिसाल थे। वे बच्चों को बहुत प्रेम करते थे। 30 जनवरी, 1948 के दिन गाँधीजी की जान ले ली गई। मरते समय गाँधीजी के मुँह से 'हे राम' शब्द निकला था। आज गाँधीजी हमारे साथ नहीं हैं, फिर भी उनके महान काम हमें सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।

नेपोलियन बोनापार्ट

नेपोलियन बोनापार्ट फ्रांस का राजा था। उसका जन्म 15 अगस्त, 1769 में हुआ था। पहले वह सेनापति था, परंतु क्रांति के बाद वह बादशाह बन गया। उसने फ्रांस के आसपास के अनेक देश जीत लिए। 1812 में उसने रूस पर हमला किया, किंतु बहुत अधिक ठंड में उसके बहुत से सिपाही मारे गए और आखिर उसे लौटना पड़ा। 1815 में वाटर लू के युद्ध में उसकी बुरी हार हुई। उसे पकड़ लिया गया। उसे कैदी बनाकर सेन्टहेलना टापू में रखा गया। वहीं 6 वर्ष के कैदी जीवन में उसकी मृत्यु हो गई। नेपोलियन की गिनती दुनिया के महान सेनापतियों में होती है।
In simple words: गाँधीजी भारत के 'राष्ट्रपिता' थे जिन्होंने आजादी के लिए अहिंसा और सत्य का मार्ग अपनाया। नेपोलियन बोनापार्ट फ्रांस का शासक था जिसने कई युद्ध जीते, लेकिन आखिर में हारकर कैदी बन गया।

Exam Tip: दो व्यक्तियों का परिचय देते समय, उनके जीवन के प्रमुख पहलुओं (जन्म, योगदान, विशेषताएँ, मृत्यु) को अलग-अलग उपशीर्षकों के तहत प्रस्तुत करें।

 

Question 2. महापुरुषों के जीवन की घटनाओं का संकलन कीजिए।
Answer:

भाषा – सज्जता

किसी घटना, प्रसंग आदि का वर्णन करते समय प्रयोग किए गए प्रचलित और प्रभावशाली कथन को 'कहावत' बोला जाता है। कहावत की पृष्ठभूमि में कोई कहानी या घटना होती है। धीरे-धीरे जब यह प्रचलित हो जाती है तो कहावत बन जाती है। कहावत सीधे हृदय में प्रवेश कर विशेष प्रभाव डालती है। कभी उसमें व्यंग्य की पैनी धार होती है तो कभी नीति या बोधपूर्ण उक्तियों का काम करती हैं।

सार:


• कहावतें अक्सर पूरे वाक्य के रूप में होती हैं और किसी संदर्भ के आखिर में आकर उसका अर्थ स्पष्ट करती है।
• कहावतें ज्ञान और अनुभव का निचोड़ होती हैं।
• कहावतों का आजादी से इस्तेमाल किया जा सकता है। जैसे - कमजोर को मत सताओ, जिसकी आह में बड़ी ताकत होती है। (कमजोर को मत सताओ, क्योंकि उसकी आह में बड़ी शक्ति होती है।)
इस प्रकार, कहावत अपने आप में एक पूरा विचार और आजाद वाक्य है। कहावत का प्रयोग करने के लिए उसके छिपे अर्थ को समझना ज़रूरी है। (सूचना : पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 11 से 13 पर दी गई कहावतों को अच्छी तरह समझिए।)
In simple words: कहावतें ऐसी प्रचलित और प्रभावशाली बातें होती हैं जो किसी कहानी या घटना से जुड़ी होती हैं और एक विशेष अर्थ रखती हैं। वे अक्सर पूरे वाक्य में होती हैं और ज्ञान तथा अनुभव का सार होती हैं।

Exam Tip: कहावतों का वर्णन करते समय, उनकी परिभाषा, उत्पत्ति और प्रभाव को स्पष्ट करें। उदाहरणों का भी उल्लेख करें।

 

अनूठे इन्सान भाषा-सजता

 

Answer:

आये थे हरि भजन को ओटन लगे कपास –

तुम्हें हॉस्टल में इसीलिए भेजा था कि तुम एग्जाम में पहले आ सको पर तुमने तो यहाँ रहकर भी फालतू बातों में समय बर्बाद करना शुरू कर दिया। इसे कहते हैं – 'आये थे हरि भजन को ओटन लगे कपास' अर्थात् अच्छा काम छोड़कर कम महत्व वाले काम में लग जाना।
In simple words: 'आये थे हरि भजन को ओटन लगे कपास' मुहावरे का मतलब है कि जब कोई व्यक्ति मुख्य और महत्वपूर्ण काम छोड़कर बेकार के या कम जरूरी काम में लग जाए।

Exam Tip: कहावतों या मुहावरों की व्याख्या करते समय, उसका शाब्दिक अर्थ, एक उदाहरण और उसका वास्तविक अर्थ स्पष्ट करें।

अनूठे इन्सान भाषा-सजता

आये थे हरि भजन को ओटन लगे कपास – तुम्हें छात्रावास में इसलिए भेजा था कि तुम परीक्षा में प्रथम आ सको पर तुमने तो यहाँ रहकर भी बेकार की बातों में समय बरबाद करना शुरू कर दिया। इसे कहते हैं – 'आये थे हरि भजन को ओटन लगे कपास' अर्थात् अच्छा काम छोड़कर महत्त्वहीन काम में लग जाना।

एक तो तुमने चोरी की और ऊपर से मुझे ही डाँट रहे हो? इसे कहते हैं – 'उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे' अर्थात् अपराधी द्वारा निर्दोष को धमकाना।

ऊँची दुकान फीका पकवान – हमने तो तुम्हारी दुकान की प्रसिद्धि सुनकर सामान खरीदा था मगर आपका सामान तो बहुत ही घटिया निकला। इसे कहते हैं – 'ऊँची दुकान फीका पकवान' अर्थात् प्रसिद्धि के अनुरूप न होना।

एक तो करेला ऊपर से नीम चढ़ा – वह शराबी तो था ही, जुआ भी खेलने लगा। यह तो वही बात हुई – एक तो करेला ऊपर से नीम चढ़ा। अर्थात् एक दोष के साथ-साथ दूसरा दोष भी लग जाना।

एक सड़ी मछली सारे तालाब को गंदा करती है– जब से धनराज हमारी कक्षा में आया है उसने कई बार चोरी की है। उसकी देखा-देखी कई और लड़के भी इस लत में पड़ गए हैं। ठीक ही कहा है – एक सड़ी मछली सारे तालाब को गंदा कर देती है। अर्थात् एक की बुराई के कारण सबकी बदनामी होना।

कंगाली में आटा गीला– गंगू पहले ही बहुत निर्धन था, छोटी-सी नौकरी में बड़ी मुश्किल से गुज़ारा कर रहा था, अब तो वह भी छूट गई। इसे कहते हैं – 'कंगाली में आटा गीला' अर्थात् मुसीबत में और मुसीबत आना।

कहाँ राजा भोज और कहाँ गंगू तेली – उस साधारण गायिका की तुलना लता मंगेशकर से करना उचित नहीं – कहाँ राजा भोज और कहाँ गंगू तेली। अर्थात दो व्यक्तियों की स्थिति में बहुत अंतर होना।

उसका साथ छोड़ दो, पूरा गुंडा है, कभी तुम्हें भी ले बैठेगा। जानते नहीं, कोयले की दलाली में हाथ काला। अर्थात् बुरे के साथ रहने पर बुराई मिलती है।

चमड़ी जाए पर दमड़ी न जाए – सेठ मोहनदास कई दिनों से बीमार हैं, फिर भी अस्पताल नहीं जाना चाहते हैं। उनके लिए तो चमडी जाए पर दमड़ी न जाए। अर्थात् कंजूस व्यक्ति कष्ट सहन कर लेता है, लेकिन पैसे खर्च नहीं करता।

जो गरजते हैं सो बरसते नहीं– कमल ने इस बार 100 मीटर की दौड़ में प्रथम स्थान प्राप्त करने का दावा किया था। वह प्रथम तो क्या, तृतीय भी न आ सका। इसे कहते हैं – 'जो गरजते हैं सो बरसते नहीं' अर्थात् जो डींग मारते हैं, वे काम नहीं करते।

नाम बड़े और दर्शन छोटे – तुम्हारे विद्यालय की बहुत प्रशंसा सुन रखी थी, पर कुछ भी नहीं। इसे कहते हैं - 'नाम बड़े और दर्शन छोटे' अर्थात् प्रसिद्धि अधिक किन्तु तत्व कुछ भी नहीं।

बोया पेड़ बबूल का आम कहाँ से पाय – सारे साल तो तुमने पढ़ाई नहीं की अब उत्तीर्ण होने के सपने देख रहे हो? यह संभव नहीं है, क्योंकि किसी ने कहा है – 'बोया पेड़ बबूल का आम कहाँ से पाय' अर्थात् बुरे कामों का अच्छा फल नहीं मिलता।

इन कहावतों को पढ़ने से पता चलता है कि उनमें से शाब्दिक अर्थ नहीं, बल्कि कुछ विशेष अर्थ प्रकट होता है।

कहावत का पूर्ण वाक्य में स्वतंत्र रूप से प्रयोग किया जाता है।

कहावत का प्रयोग किसी बात के समर्थन या खंडन के लिए किया जाता है।

Hindi Digest Std 6 GSEB अनूठे इन्सान Important Questions And Answers

अनूठे इन्सान विशेष प्रश्नोत्तर

लिए दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए :

 

Question 1. नेपोलियन अपनी बहन के साथ कौन - सा खेल खेल रहा था?
(a) पकड़ा – पकड़ी
(b) आँख – मिचौनी
(c) टेनिस
(d) खो – खो
Answer: (b) आँख – मिचौनी
In simple words: नेपोलियन अपनी बहन इलाइजा के साथ लुका-छिपी खेल रहा था, जिसे 'आँख-मिचौनी' भी कहते हैं।

Exam Tip: Pay attention to specific details like names of games or activities mentioned in the story to answer accurately.

 

Question 2. नेपोलियन ने लड़की को क्या दिया?
(a) दो सिक्के
(b) तीन सिक्के
(c) चार सिक्के
(d) पाँच सिक्के
Answer: (b) तीन सिक्के
In simple words: नेपोलियन ने उस गरीब लड़की को अपनी जेब से तीन छोटे सिक्के दिए, क्योंकि उसके अमरूद खराब हो गए थे।

Exam Tip: Remember precise numbers or quantities mentioned in the narrative for fact-based questions.

 

Question 3. नेपोलियन कैसा इन्सान था?
(a) निडर
(b) दिलदार
(c) बहादुर
(d) अनूठा
Answer: (d) अनूठा
In simple words: नेपोलियन एक अनोखा इंसान था क्योंकि वह हमेशा सच बोलता था और दूसरों की मदद करने में विश्वास रखता था।

Exam Tip: Understand the core qualities of characters to correctly identify their nature or type.

 

Question 4. कौमुदी के पिता किसकी नीलामी करा रहे थे?
(a) हस्ताक्षरों की
(b) आवेदनपत्रों की
(c) मानपत्रों की
(d) आभूषणों की
Answer: (d) आभूषणों की
In simple words: कौमुदी के पिता महात्मा गाँधी की सभा में लोगों के दान किए गए गहनों की नीलामी करवा रहे थे।

Exam Tip: Contextual details, such as the setting (Gandhi's meeting) and the purpose (fundraising), help in answering such questions correctly.

 

Question 2. कोष्ठक में से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए : (जेवरों, अमरूद, बड़गरा, कौमुदी, सत्यवादी, दृढ़, देशप्रेम, टोकरी)
(1) नेपोलियन जब छोटा था तभी से वह ____________ था।
(2) लड़की ____________ बेचने के लिए जा रही थी।
(3) नेपोलियन के टकराने से उसकी ____________ नीचे गिर पड़ी।
(4) बचपन से ही उसे खुद पर ____________ विश्वास था।
(5) वहाँ ____________ नाम के गाँव में सभा का आयोजन किया गया।
(6) गाँधीजी ने उपस्थित बहनों से ____________ की भीख माँगी।
(7) गाँधीजी ने ____________ से कहा।
(8) ____________ से बढ़कर कुछ भी नहीं।
Answer:
(1) नेपोलियन जब छोटा था तभी से वह सत्यवादी था।
(2) लड़की अमरूद बेचने के लिए जा रही थी।
(3) नेपोलियन के टकराने से उसकी टोकरी नीचे गिर पड़ी।
(4) बचपन से ही उसे खुद पर दृढ़ विश्वास था।
(5) वहाँ बड़गरा नाम के गाँव में सभा का आयोजन किया गया।
(6) गाँधीजी ने उपस्थित बहनों से जेवरों की भीख माँगी।
(7) गाँधीजी ने कौमुदी से कहा।
(8) देशप्रेम से बढ़कर कुछ भी नहीं।
In simple words: आपको दिए गए शब्दों में से सही शब्द चुनकर खाली स्थान भरने होंगे, ताकि वाक्य पूरे हो सकें और उनका सही अर्थ निकल सके।

Exam Tip: Read the full sentence carefully and select the word from the options that best fits the meaning and context.

 

Question 3. सही वाक्यांश चुनकर पूरा वाक्य फिर से लिखिए :
Question 1. लड़की को डर था, कि ...
(अ) अब वह केले कहाँ से खरीदेगी?
(ब) कीचड़ में गिरकर अमरूद खराब न हो गए हों।
(क) वह माँ को क्या जवाब देगी?
Answer:
लड़की को डर था, कि वह माँ को क्या जवाब देगी?
In simple words: लड़की इस बात से बहुत डर रही थी कि वह अपनी माँ को खराब हुए अमरूदों के बारे में क्या बताएगी।

Exam Tip: Always choose the option that most accurately reflects the character's primary concern or fear as depicted in the story.

 

Question 2. नेपोलियन भागा नहीं, क्योंकि ...
(अ) वह लड़की को जो हानि हुई थी उसे भरपाई करना चाहता था।
(ब) वह निडर था।
Answer:
नेपोलियन भागा नहीं, क्योंकि वह लड़की को जो हानि हुई थी उसे भरपाई करना चाहता था।
In simple words: नेपोलियन ने भागने के बजाय रुककर लड़की के नुकसान की भरपाई करने का फैसला किया, क्योंकि वह ईमानदारी से अपनी गलती सुधारना चाहता था।

Exam Tip: Identify the underlying motive or reason for a character's action to pick the best choice.

 

Question 3. माँ नेपोलियन से खुश हुई, क्योंकि.
(अ) वह लड़की को धक्का देकर भागा नहीं था।
(ब) उसने माँ को सच – सच बता दिया था।
(क) उसने अपने जेबखर्च का पैसा दिलाया था।
Answer:
माँ नेपोलियन से खुश हुई, क्योंकि उसने माँ को सच – सच बता दिया था।
In simple words: नेपोलियन की माँ उसकी ईमानदारी से खुश हुई, क्योंकि उसने बिना डरे अपनी गलती और सच्चाई बता दी थी।

Exam Tip: Focus on the direct cause of the emotion or reaction in the story, which is often related to a character's moral actions.

 

Question 4. भाषण समाप्त कर गाँधीजी ...
(अ) महिलाओं से उनके जेवर माँगने लगे।
(ब) सबको अपने हस्ताक्षर देने लगे।
(क) भेंट में मिली वस्तुएँ नीलाम करने लगे।
Answer:
भाषण समाप्त कर गाँधीजी भेंट में मिली वस्तुएं नीलाम करने लगे।
In simple words: गाँधीजी ने भाषण खत्म होने के बाद लोगों से मिले उपहारों की नीलामी शुरू कर दी, ताकि धन इकट्ठा किया जा सके।

Exam Tip: Remember the sequence of events and the purpose of each action taken by the historical figures in the text.

 

Question 5. गाँधीजी ने कौमुदी के ...
(अ) हार को सच्चा आभूषण बताया।
(ब) त्याग को सच्चा आभूषण बताया।
(क) साहस को सच्चा आभूषण बताया।
Answer:
गाँधीजी ने कौमुदी के त्याग को सच्चा आभूषण बताया।
In simple words: गाँधीजी ने कहा कि कौमुदी ने जो बलिदान दिया, वही सबसे बड़ा और सच्चा गहना है।

Exam Tip: Understand the moral or philosophical message conveyed by the characters, as it often forms the crux of the answer.

 

Question 4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक – एक वाक्य में दीजिए :
Question 1. नेपोलियन किससे टकराया?
Answer: नेपोलियन एक अमरूद बेचने जा रही लड़की से टकराया।
In simple words: नेपोलियन एक लड़की से टकरा गया जो अमरूद बेचने जा रही थी।

Exam Tip: For single-sentence answers, identify the main subject and object of the action directly from the text.

 

Question 2. अमरूदों के खराब हो जाने का क्या कारण था?
Answer: अमरूद कीचड़ में गिर जाने के कारण खराब हो गए थे।
In simple words: अमरूद कीचड़ में गिरने के कारण गंदे और बेकार हो गए थे।

Exam Tip: State the direct cause of the problem mentioned in the question clearly and concisely.

 

Question 3. इलाइजा अमरूदवाली लड़की को घर ले जाने का विरोध क्यों कर रही थी?
Answer: इलाइजा अमरूदवाली लड़की को घर ले जाने का विरोध कर रही थी, क्योंकि उसे माँ के नाराज होने का डर था।
In simple words: इलाइजा लड़की को घर ले जाने के खिलाफ थी क्योंकि उसे डर था कि माँ गुस्से हो जाएंगी।

Exam Tip: Explain the character's reason or fear directly as the core part of the answer.

 

Question 4. नेपोलियन कैसा इन्सान था?
Answer: नेपोलियन सच्चाई के पथ पर चलनेवाला इन्सान था।
In simple words: नेपोलियन एक ईमानदार व्यक्ति था जो हमेशा सच बोलता था।

Exam Tip: Focus on the primary moral quality of the character as described in the narrative.

 

Question 5. बड़गरा गाँव किस राज्य में है?
Answer: बड़गरा गाँव केरल राज्य में है।
In simple words: बड़गरा गाँव भारत के केरल राज्य में पड़ता है।

Exam Tip: Memorize geographical details like village and state names if they are part of the core facts.

 

Question 6. कौमुदी ने गाँधीजी को भेंट में क्या – क्या दिया?
Answer: कौमुदी ने गाँधीजी को भेंट में अपने हाथों की सोने की चूड़ियाँ, गले का स्वर्णहार और कानों के रत्नजड़ित बुंदे दिए।
In simple words: कौमुदी ने गाँधीजी को अपने हाथों की सोने की चूड़ियां, सोने का हार और कानों के कुंडल दिए थे।

Exam Tip: List all items accurately that were given as gifts or donations in the story.

 

Question 7. कौमुदी ने अपने कीमती गहने गाँधीजी को क्यों दे दिए?
Answer: कौमुदी ने अपने कीमती गहने गाँधीजी को दे दिए, क्योंकि उसकी दृष्टि में देश का महत्त्व गहनों से अधिक था।
In simple words: कौमुदी ने अपने गहने इसलिए दिए क्योंकि उसके लिए देश की सेवा और प्रेम किसी भी कीमती चीज से ज्यादा महत्वपूर्ण था।

Exam Tip: Understand the motivation behind a character's actions, especially when it reflects a strong moral value like patriotism.

 

Question 5. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
Question 1. नेपोलियन को सच बोलने का क्या परिणाम भुगतना पड़ा?
Answer: नेपोलियन ने अपनी माँ को बता दिया कि उसके कारण अमरूद बेचनेवाली लड़की को हानि उठानी पड़ी है। उस लड़की को डर है कि उसकी माँ उसे बुरी तरह डाँटेगी। अपनी जेबखर्च की रकम में से उस लड़की को अमरूदों के पूरे पैसे देने के लिए नेपोलियन ने माँ से कहा। माँ नेपोलियन की सच्चाई से बहुत खुश हुई। उसने नेपोलियन से कहा कि अब एक महीने तक उसे जेबखर्च के लिए कुछ भी नहीं मिलेगा। नेपोलियन ने माँ की बात मान ली। उसने अपने सच बोलने के परिणाम को खुशी – खुशी भुगत लिया।
In simple words: नेपोलियन को सच बोलने के कारण एक महीने तक जेबखर्च नहीं मिला, लेकिन वह अपनी ईमानदारी से खुश था।

Exam Tip: Describe both the negative consequence and the positive emotional outcome of the character's honesty as portrayed in the story.

 

Question 2. कौमुदी कौन थी? उसने अपने देशप्रेम का परिचय किस प्रकार दिया?
Answer: कौमुदी केरल के बड़गरा गाँव की बालिका थी। बड़गरा गाँव में धन इकट्ठा करने के लिए गाँधीजी की सभा का आयोजन हुआ था। सभा में भाषण के बाद गाँधीजी ने उपस्थित महिलाओं से उनके गहने माँगे। बहुत सी महिलाओं ने अपने गहने गाँधीजी को भेंट कर दिए। उस समय 16 वर्ष की कौमुदी गाँधीजी के पास आई। उसने गाँधीजी से उनके हस्ताक्षर माँगे। हस्ताक्षर के बदले में उसने अपने दोनों हाथों की सोने की चूड़ियाँ, गले का स्वर्णहार और कानों के रत्नजडित बुंदे गाँधीजी को दे दिए। यह निश्चित था कि उतने कीमती गहने अब वह नहीं बनवा सकती थी, परंतु देश के लिए उसने अपने गहनों की परवाह नहीं की। इस प्रकार, मूल्यवान गहने देकर कौमुदी ने अपने देशप्रेम का परिचय दिया।
In simple words: कौमुदी केरल की एक 16 साल की लड़की थी जिसने देशप्रेम के कारण अपने सभी कीमती गहने गाँधीजी को दान कर दिए थे।

Exam Tip: When asked about a character, first identify them, then detail their significant actions and the motivations behind them.

अनूठे इन्सान प्रवृत्तियाँ

 

Question 1. गाँधीजी का चित्र चिपकाइए और उनके बारे में पाँच वाक्य लिखिए :
Answer:
(i) गाँधीजी महान देशभक्त थे।
(ii) उन्होंने अनेक कष्ट सहकर हमें आज़ादी दिलाई।
(iii) वे सत्य और अहिंसा के पुजारी थे।
(iv) हम उन्हें प्रेम से 'राष्ट्रपिता' कहते हैं।
(v) गाँधीजी ने अपनी आत्मकथा लिखी है। उसका नाम 'सत्य के प्रयोग' है।
In simple words: गाँधीजी एक महान देशभक्त थे जिन्होंने सत्य और अहिंसा से भारत को आज़ादी दिलाई और उन्हें 'राष्ट्रपिता' कहा जाता है।

Exam Tip: When writing about historical figures, include key facts about their contributions, principles, and common titles.

 

Question 2. आपने अपने दादा – दादी में कौन – सी अनूठी बातें देखी हैं? बताइए।
Answer:
(i) मेरे दादाजी नाटकों में अभिनय करते हैं। वे अच्छे अभिनेता हैं।
(ii) मेरे दादाजी अंग्रेजी भी बहुत अच्छी बोलते हैं।
(iii) मेरी दादीजी सुरीले कंठ से भजन गाती हैं।
(iv) मेरी दादीजी देशी दवाओं से ही हमारी बीमारियाँ अच्छी कर देती हैं।
(v) नेपोलियन की तरह अब्राहम लिंकन भी अनूठे इन्सान थे। अपने पुस्तकालय से महापुरुषों के चरित्र पढ़िए।
In simple words: मैंने अपने दादा-दादी में कई अनोखी बातें देखी हैं, जैसे मेरे दादाजी नाटकों में अभिनय करते हैं और मेरी दादीजी भजन गाती हैं तथा देशी दवाओं से इलाज करती हैं।

Exam Tip: When asked to list unique qualities, provide diverse examples that showcase different aspects of a person's personality or skills.

 

Question 6. नेपोलियन फ्रांस का सम्राट था। यूरोप के नक्शे में फ्रांस देश को ढूंढिए।
Answer: नेपोलियन फ्रांस का सम्राट था।
In simple words: नेपोलियन बोनापार्ट फ्रांस देश का शासक था।

Exam Tip: For activity-based questions with two parts, address the factual statement directly and acknowledge the instructional part implicitly.

अनूठे इन्सान Summary in English

Peculiar Persons

Such Was Napolean!

Napolean was truthful since his childhood. One day he was playing hide and seek with his sister Ilija. Ilija had hidden and Napolean was running here and there trying to seek her. Suddenly he dashed the girl who was going to sell guavas.

Her basket of guavas fell down. Her guavas became dirty because of mud. She began to cry and said, "Now, what will I say (reply) to my mother ?"

Naija began to say, “Brother, let us run away from here."

“No sister, she has got loss because of us,” Napolean said this. He gave three small coins from his pocket to the girl and said, “Sister, I have only three coins. Please take them.”

"What can I do with these three coins ? My mother will beat me,” said the girl. "Then come with us to our home. We will pay you the rest of the money from our mother,” said Napolean.

Listening this Ilaija said to Nepolean, "Brother, if we take this girl to our home, mother will be displeased.”

But Napolean did not listen. He took the girl to his home with him. He informed everything to his mother and said, “Mother, please pay the girl from my pocketmoney which you give me."

“Allright. I am happy for your truthfulness, but remember that you will not get anything for your pocketmoney for a month,” said mother.

"Allright, mother,” said Napolean laughing.

Kaumudi accepted the condition firmly. Gandhiji gave his autograph and wrote this sentence : "Your sacrifice is a real ornament than your all these ornaments.”

Really, nothing is superior to patriotism.

अनोखा मानवी

आवो हतो नेपोलियन

નેપોલિયન જ્યારે નાનો હતો ત્યારથી જ સત્યવાદી હતો. એક દિવસ તે પોતાની બહેન ઈલાઈજા સાથે સંતાકૂકડી રમી રહ્યો હતો. ઈલાઇજા છુપાઈ ગઈ હતી અને નેપોલિયન તેને શોધવા માટે આમતેમ દોડી રહ્યો હતો. અચાનક એ એક છોકરાં સાથે ભટકાયો.

છોકરી જામફળ વેચવા માટે જતી હતી. નેપોલિયનના ધક્કાથી એની ટોપલી નીચે પડી ગઈ. ત્યાં કીચડ હોવાથી એના બધાં જામફળ ખરાબ થઈ ગયાં. તે રડતા - રડતી કહેવા લાગી, “હવે, માને હું શો જવાબ આપીશ?”

ઈલાઈજા કહેવા લાગી, “ચાલ ભાઈ, આપણે અહીંથી ભાગી જઈએ.”

“ના બહેન, આપણા લીધે તો તેને નુકસાન થયું છે." नेपोलियन ने कहा. “बहेन, मेरी पास आ त्रण ज सिक्का छे. तुं आ लई ले.” "What can I do with these three coins ? My mother will beat me,” છોકરીએ કહ્યું. “Good, so come with us to our home. We will pay you the rest of the money from our mother.”

ઈલાઇજાએ નેપોલિયનને કહ્યું, “ભાઈ, આને ઘેર લઈ જઈશું તે મા નારાજ થશે."

નેપોલિયન માન્યો નહીં, તે પેલી છોકરીને પોતાની સાથે ઘેર લઈ ગયો. માને હકીકત જણાવીને તે બોલ્યો, “મા, તમે મને જે ખીસા - ખર્ચા આપો છો તેમાંથી આ છોકરીને પૈસા આપી દો."

“ઠીક છે. હું તારી સચ્ચાઈથી ખુશ છું, પરંતુ યાદ રાખજે, હવે તેને એક મહીના સુધી ખીસા - ખર્ચ માટે કંઈ પણ નહીં મળે,” માએ કહ્યું.

ઠીક છે મા," નેપોલિયને હસતાં - હસતાં કહ્યું,

માએ તે છોકરીને બે મોટા સિક્કા આપ્યા. તે ખુશખુશાલ થતી ઘેર ચાલી ગઈ. નેપોલિયનને છોકરીને ધક્કો મારવાની સજા તો મળી, પરંતુ સત્યના માર્ગે ચાલવાને લીધે તેને આ સજા ભોગવવામાં અનેરો આનંદ આવ્યો.

ચાલનારો મનુષ્ય હતો. બાળપણથી જ તેને પોતાના પર દઢ વિશ્વાસ હતા અને તમા દઢ ઈચ્છાશાક્ત પણ હતી.

સાચું દાન માલબાર(કેરલ)ની વાત છે. ત્યાં બડગરા નામના એક ગામમાં સભાનું આયોજન કરવામાં આવ્યું. ગાંધીજીએ પોતાના ભાષણમાં ઉપસ્થિત સૌ બહેનો પાસે ઘરેણાંની ભિક્ષા માગી. ઘણી વસ્તુઓ ભેટમાં મળી.

પોતાનું ભાષણ પૂરું કરીને ગાંધીજી આ વસ્તુઓની બોલી બોલીને વેચવા લાગ્યા. તે વખતે કૌમુદી નામની સોળ વર્ષની એક બાલિકા મંચ પર આવી, તેણે એક હાથની સોનાની બંગડી ઉતારી અને ગાંધીજીને. તે આપતાં બોલી, “શું, આપ મને તમારા હસ્તાક્ષર આપશો?”

ગાંધીજી હસ્તાક્ષર કરી જ રહ્યા હતા કે તેણે બીજા હાથની બંગડી પણ ઉતારી દીધી. આ જોઈને ગાંધીજીએ કહ્યું, “અરે ગાંડી છોકરી, બંને બંગડીઓ આપવાની જરૂર નથી. એક જ બંગડી લઈને હું તને મારા હસ્તાક્ષર આપી દઈશ."

એના ઉત્તરમાં કૌમુદીએ પોતાના ગળાનો સોનાનો હાર ઉતાર્યો. ગાંધીજીએ પૂછ્યું, “તેં તારા માતાપિતાની આજ્ઞા તો લીધી છે ને?

કંઈ પણ ઉત્તર આપ્યા વિના તેણે કાનમાંથી રત્નજડિત બુટ્ટીઓ પણ કાઢી લીધી. ગાંધીજીએ પૂછ્યું” તેં આ ઘરેણાં આપવા માટે તારા માતાપિતાની આજ્ઞા લીધી છે ને?

કૌમુદી કંઈક ઉત્તર આપે, એ પહેલાં જ કોઈકે કહ્યું, “આના પિતા તો અહીં જ છે ને, માનપત્રોની બોલી બોલવામાં તેઓ જ બોલી બોલાવીને તમને મદદ કરી રહ્યા છે.’

હવે ગાંધીજીએ કૌમુદીને કહ્યું “તને એ તો ખબર હશે કે આ ઘરેણાં આપી દીધા પછી તું ફરીથી નવાં ઘરેણાં નહીં બનાવી શકે!”

કૌમુદીએ આ શરત મક્કમતાપૂર્વક સ્વીકારી લીધી. ગાંધીજીએ હસ્તાક્ષર કર્યા પછી આ વાક્ય લખ્યું - તારાં આ ઘરેણાં કરતાં તારો ત્યાગ જ ખરું ઘરેણું છે.

સાચે જ, દેશપ્રેમથી ચડિયાતું કશું નથી.

अनूठे इन्सान ऐसा था नेपोलियन विषय – प्रवेश

नेपोलियन बोनापार्ट फ्रांस देश का सम्राट था। यहाँ उसके बचपन की एक घटना दी गई है। इस घटना से पता चलता है कि सच्चाई का डटकर सामना करने का गुण उसमें बचपन से ही था। वह झूठ बोलकर अपनी गलती नहीं छिपाता था।

सच्चा दान विषय – प्रवेश

अपने देश से सबको प्रेम होता है। अपने देश की आज़ादी और उसके सम्मान के लिए देशभक्त लोग अपना सर्वस्व भी देने के लिए तैयार हो जाते हैं। यहाँ महात्मा गाँधी की उपस्थिति में देश के लिए सर्वस्व त्याग करनेवाली एक लड़की के बारे में बताया गया है।

अनूठे इन्सान शब्दार्थ

  • सत्यवादी – हमेशा सच बोलनेवाला; truthful
  • आँख – मिचौनी – लुका - छिपी का खेल; hide and seek
  • अचानक – एकाएक, अकस्मात; suddenly
  • टकराना – धक्का लगना; to dash
  • अमरूद – पेरू; guava
  • हानि – नुकसान; loss
  • नाराज – अप्रसन्न, नाखुश; unhappy, sad, displeased
  • पथ – मार्ग, रास्ता; way अद्भुत – अनोखा; peculiar, extraordinary
  • दृढ़ – मजबूत; strong
  • खुद पर – अपने आप पर; one's self
  • इच्छा शक्ति – मनचाही वस्तु प्राप्त करने की शक्ति; determination

अनूठे इन्सान शब्दार्थ

  • आयोजन – इंतजाम; arrangement
  • जेवर – गहने, आभूषण; ornaments
  • नीलाम करना – बोली लगाकर बेचना; to bid
  • मंच – स्टेज; stage
  • हस्ताक्षर – दस्तखत; autograph
  • स्वर्णहार – सोने की माला; golden chain
  • आज्ञा – अनुमति; permission
  • बुंदे – कान के आभूषण; the ornaments of ears
  • मानपत्र – आदर सूचित करनेवाला पत्र; a letter of respect
  • त्याग – छोड़ने की भावना; a sense of deserting
  • भाषण – सभा के सामने बोलना; speech, lecture

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