Step-by-Step Textbook Solutions for Class 12 Mathematics Chapter 03 શ્રેણિક
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Chapter 3 श्रेणिङ Miscellaneous Exercise
Question 1. यदि \( A = \left[\begin{array}{cc} 0 & 1 \\ 0 & 0 \end{array}\right] \) और \( I \) एक 2x2 तत्समक आव्यूह है, तो दर्शाइए कि \( (aI + bA)^n = a^nI + na^{n-1}bA \), जहाँ \( n \in N \).
Answer:हमें गणितीय आगमन सिद्धांत से सिद्ध करना है कि \( P(n) : (aI + bA)^n = a^nI + na^{n-1}bA \), जहाँ \( n \in N \). दिया गया है: \( A = \left[\begin{array}{cc} 0 & 1 \\ 0 & 0 \end{array}\right] \), \( I = \left[\begin{array}{cc} 1 & 0 \\ 0 & 1 \end{array}\right] \) **चरण 1: n = 1 के लिए** बायां पक्ष (LHS): \( aI + bA = a\left[\begin{array}{cc} 1 & 0 \\ 0 & 1 \end{array}\right] + b\left[\begin{array}{cc} 0 & 1 \\ 0 & 0 \end{array}\right] = \left[\begin{array}{cc} a & 0 \\ 0 & a \end{array}\right] + \left[\begin{array}{cc} 0 & b \\ 0 & 0 \end{array}\right] = \left[\begin{array}{cc} a & b \\ 0 & a \end{array}\right] \) दायां पक्ष (RHS): \( a^1I + 1a^{1-1}bA = aI + a^0bA = aI + bA = \left[\begin{array}{cc} a & b \\ 0 & a \end{array}\right] \) चूंकि LHS = RHS, इसलिए \( P(1) \) सत्य है। **चरण 2: n = k के लिए** मान लीजिए \( P(k) \) सत्य है, जहाँ \( k \in N \). तो, \( (aI + bA)^k = a^kI + ka^{k-1}bA \) ..........(1) **चरण 3: n = k + 1 के लिए** हमें सिद्ध करना है कि \( P(k+1) \) सत्य है। बायां पक्ष (LHS): \( (aI + bA)^{k+1} = (aI + bA)^k (aI + bA) \) समीकरण (1) से, \( (aI + bA)^k \) का मान रखने पर: \( = (a^kI + ka^{k-1}bA) (aI + bA) \) \( = a^kI(aI) + a^kI(bA) + ka^{k-1}bA(aI) + ka^{k-1}bA(bA) \) \( = a^{k+1}I^2 + a^kb(IA) + ka^ka^{-1}a(bA) + ka^{k-1}b^2(A^2) \) \( = a^{k+1}I + a^kbA + ka^kbA + ka^{k-1}b^2A^2 \) यहां, \( A^2 = \left[\begin{array}{cc} 0 & 1 \\ 0 & 0 \end{array}\right] \left[\begin{array}{cc} 0 & 1 \\ 0 & 0 \end{array}\right] = \left[\begin{array}{cc} 0 & 0 \\ 0 & 0 \end{array}\right] = O \) (शून्य आव्यूह) इसलिए, \( ka^{k-1}b^2A^2 = ka^{k-1}b^2(O) = O \) \( = a^{k+1}I + a^kbA + ka^kbA \) \( = a^{k+1}I + (k+1)a^kbA \) यह दायां पक्ष (RHS) है। अतः, यदि \( P(k) \) सत्य है, तो \( P(k+1) \) भी सत्य है। गणितीय आगमन सिद्धांत के अनुसार, \( P(n) \) सभी \( n \in N \) के लिए सत्य है।
In simple words: हमने गणितीय आगमन का उपयोग करके यह साबित किया कि सूत्र \( (aI + bA)^n = a^nI + na^{n-1}bA \) सभी प्राकृतिक संख्याओं \( n \) के लिए सही है। पहले हमने \( n=1 \) के लिए इसे दिखाया, फिर यह मानकर कि यह \( n=k \) के लिए सही है, हमने इसे \( n=k+1 \) के लिए भी सही साबित किया।
🎯 Exam Tip: गणितीय आगमन सिद्धांत से आव्यूह के गुणों को सिद्ध करते समय, \( n=1 \), \( n=k \) और \( n=k+1 \) के लिए प्रत्येक चरण को स्पष्ट रूप से दिखाना महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से \( A^2 \) जैसे आव्यूह के घात का मान सही ढंग से उपयोग करना।
Question 2. यदि \( A = \left[\begin{array}{ccc} 1 & 1 & 1 \\ 1 & 1 & 1 \\ 1 & 1 & 1 \end{array}\right] \), तो सिद्ध करो कि \( A^n = \left[\begin{array}{ccc} 3^{n-1} & 3^{n-1} & 3^{n-1} \\ 3^{n-1} & 3^{n-1} & 3^{n-1} \\ 3^{n-1} & 3^{n-1} & 3^{n-1} \end{array}\right] \), जहाँ \( n \in N \).
Answer:हमें गणितीय आगमन सिद्धांत से सिद्ध करना है कि \( P(n) : A^n = \left[\begin{array}{ccc} 3^{n-1} & 3^{n-1} & 3^{n-1} \\ 3^{n-1} & 3^{n-1} & 3^{n-1} \\ 3^{n-1} & 3^{n-1} & 3^{n-1} \end{array}\right] \), जहाँ \( n \in N \). **चरण 1: n = 1 के लिए** बायां पक्ष (LHS): \( A^1 = A = \left[\begin{array}{ccc} 1 & 1 & 1 \\ 1 & 1 & 1 \\ 1 & 1 & 1 \end{array}\right] \) दायां पक्ष (RHS): \( \left[\begin{array}{ccc} 3^{1-1} & 3^{1-1} & 3^{1-1} \\ 3^{1-1} & 3^{1-1} & 3^{1-1} \\ 3^{1-1} & 3^{1-1} & 3^{1-1} \end{array}\right] = \left[\begin{array}{ccc} 3^0 & 3^0 & 3^0 \\ 3^0 & 3^0 & 3^0 \\ 3^0 & 3^0 & 3^0 \end{array}\right] = \left[\begin{array}{ccc} 1 & 1 & 1 \\ 1 & 1 & 1 \\ 1 & 1 & 1 \end{array}\right] \) चूंकि LHS = RHS, इसलिए \( P(1) \) सत्य है। **चरण 2: n = k के लिए** मान लीजिए \( P(k) \) सत्य है, जहाँ \( k \in N \). तो, \( A^k = \left[\begin{array}{ccc} 3^{k-1} & 3^{k-1} & 3^{k-1} \\ 3^{k-1} & 3^{k-1} & 3^{k-1} \\ 3^{k-1} & 3^{k-1} & 3^{k-1} \end{array}\right] \) ..........(1) **चरण 3: n = k + 1 के लिए** हमें सिद्ध करना है कि \( P(k+1) \) सत्य है। बायां पक्ष (LHS): \( A^{k+1} = A^k \cdot A \) समीकरण (1) से, \( A^k \) का मान रखने पर: \( = \left[\begin{array}{ccc} 3^{k-1} & 3^{k-1} & 3^{k-1} \\ 3^{k-1} & 3^{k-1} & 3^{k-1} \\ 3^{k-1} & 3^{k-1} & 3^{k-1} \end{array}\right] \left[\begin{array}{ccc} 1 & 1 & 1 \\ 1 & 1 & 1 \\ 1 & 1 & 1 \end{array}\right] \) प्रत्येक अवयव का गुणा करने पर: \( = \left[\begin{array}{ccc} 3^{k-1} \cdot 1 + 3^{k-1} \cdot 1 + 3^{k-1} \cdot 1 & 3^{k-1} \cdot 1 + 3^{k-1} \cdot 1 + 3^{k-1} \cdot 1 & 3^{k-1} \cdot 1 + 3^{k-1} \cdot 1 + 3^{k-1} \cdot 1 \\ 3^{k-1} \cdot 1 + 3^{k-1} \cdot 1 + 3^{k-1} \cdot 1 & 3^{k-1} \cdot 1 + 3^{k-1} \cdot 1 + 3^{k-1} \cdot 1 & 3^{k-1} \cdot 1 + 3^{k-1} \cdot 1 + 3^{k-1} \cdot 1 \\ 3^{k-1} \cdot 1 + 3^{k-1} \cdot 1 + 3^{k-1} \cdot 1 & 3^{k-1} \cdot 1 + 3^{k-1} \cdot 1 + 3^{k-1} \cdot 1 & 3^{k-1} \cdot 1 + 3^{k-1} \cdot 1 + 3^{k-1} \cdot 1 \end{array}\right] \) \( = \left[\begin{array}{ccc} 3 \cdot 3^{k-1} & 3 \cdot 3^{k-1} & 3 \cdot 3^{k-1} \\ 3 \cdot 3^{k-1} & 3 \cdot 3^{k-1} & 3 \cdot 3^{k-1} \\ 3 \cdot 3^{k-1} & 3 \cdot 3^{k-1} & 3 \cdot 3^{k-1} \end{array}\right] \) \( = \left[\begin{array}{ccc} 3^k & 3^k & 3^k \\ 3^k & 3^k & 3^k \\ 3^k & 3^k & 3^k \end{array}\right] \) यह दायां पक्ष (RHS) है, जब \( n = k+1 \) रखा जाता है, तो \( 3^{(k+1)-1} = 3^k \) मिलता है। अतः, यदि \( P(k) \) सत्य है, तो \( P(k+1) \) भी सत्य है। गणितीय आगमन सिद्धांत के अनुसार, \( P(n) \) सभी \( n \in N \) के लिए सत्य है।
In simple words: हमने गणितीय आगमन विधि का उपयोग करके यह सिद्ध किया कि आव्यूह \( A \) की \( n \)वीं घात एक आव्यूह है जिसके सभी अवयव \( 3^{n-1} \) हैं। हमने इसे \( n=1 \) के लिए दिखाया, फिर मान लिया कि यह \( n=k \) के लिए सही है, और अंत में इसे \( n=k+1 \) के लिए भी सही साबित किया।
🎯 Exam Tip: आव्यूह गुणन करते समय सावधानी बरतें, विशेष रूप से जब आप \( A^k \cdot A \) की गणना कर रहे हों। प्रत्येक पद का सही योग करना और घात के नियमों को लागू करना महत्वपूर्ण है।
Question 3. यदि \( A = \left[\begin{array}{cc} 3 & -4 \\ 1 & -1 \end{array}\right] \) हो, तो सिद्ध करो कि \( A^n = \left[\begin{array}{cc} 1+2n & -4n \\ n & 1-2n \end{array}\right] \), जहाँ \( n \) एक धन पूर्णांक है।
Answer:हमें गणितीय आगमन सिद्धांत से सिद्ध करना है कि \( P(n) : A^n = \left[\begin{array}{cc} 1+2n & -4n \\ n & 1-2n \end{array}\right] \), जहाँ \( n \in N \). **चरण 1: n = 1 के लिए** बायां पक्ष (LHS): \( A^1 = A = \left[\begin{array}{cc} 3 & -4 \\ 1 & -1 \end{array}\right] \) दायां पक्ष (RHS): \( \left[\begin{array}{cc} 1+2(1) & -4(1) \\ 1 & 1-2(1) \end{array}\right] = \left[\begin{array}{cc} 1+2 & -4 \\ 1 & 1-2 \end{array}\right] = \left[\begin{array}{cc} 3 & -4 \\ 1 & -1 \end{array}\right] \) चूंकि LHS = RHS, इसलिए \( P(1) \) सत्य है। **चरण 2: n = k के लिए** मान लीजिए \( P(k) \) सत्य है, जहाँ \( k \in N \). तो, \( A^k = \left[\begin{array}{cc} 1+2k & -4k \\ k & 1-2k \end{array}\right] \) ..........(1) **चरण 3: n = k + 1 के लिए** हमें सिद्ध करना है कि \( P(k+1) \) सत्य है। बायां पक्ष (LHS): \( A^{k+1} = A^k \cdot A \) समीकरण (1) से, \( A^k \) का मान रखने पर: \( = \left[\begin{array}{cc} 1+2k & -4k \\ k & 1-2k \end{array}\right] \left[\begin{array}{cc} 3 & -4 \\ 1 & -1 \end{array}\right] \) आव्यूह गुणन करने पर: \( = \left[\begin{array}{cc} (1+2k)3 + (-4k)1 & (1+2k)(-4) + (-4k)(-1) \\ k \cdot 3 + (1-2k)1 & k(-4) + (1-2k)(-1) \end{array}\right] \) \( = \left[\begin{array}{cc} 3+6k-4k & -4-8k+4k \\ 3k+1-2k & -4k-1+2k \end{array}\right] \) \( = \left[\begin{array}{cc} 3+2k & -4-4k \\ k+1 & -1-2k \end{array}\right] \) हम इसे \( n = k+1 \) के रूप में लिखने का प्रयास करेंगे: \( = \left[\begin{array}{cc} 1+2+2k & -4-4k \\ k+1 & 1-2-2k \end{array}\right] \) \( = \left[\begin{array}{cc} 1+2(k+1) & -4(k+1) \\ k+1 & 1-2(k+1) \end{array}\right] \) यह दायां पक्ष (RHS) है, जब \( n = k+1 \) रखा जाता है। अतः, यदि \( P(k) \) सत्य है, तो \( P(k+1) \) भी सत्य है। गणितीय आगमन सिद्धांत के अनुसार, \( P(n) \) सभी \( n \in N \) के लिए सत्य है।
In simple words: हमने गणितीय आगमन विधि का उपयोग करके यह सिद्ध किया कि आव्यूह \( A \) की \( n \)वीं घात एक विशिष्ट सूत्र द्वारा दी जाती है। हमने \( n=1 \) के लिए सूत्र की पुष्टि की, फिर मान लिया कि यह \( n=k \) के लिए सही है, और अंत में इसे \( n=k+1 \) के लिए भी सही साबित किया।
🎯 Exam Tip: आव्यूह गुणन और बीजगणितीय सरलीकरण में सावधानीपूर्वक गणना करें, खासकर जब आप \( (k+1) \) के रूप में पदों को व्यवस्थित कर रहे हों। एक छोटी सी गलती भी अंतिम परिणाम को गलत कर सकती है।
Question 4. यदि \( A \) और \( B \) सममित आव्यूह हैं, तो सिद्ध करो कि \( AB - BA \) एक विषम सममित आव्यूह है।
Answer:हमें दिया गया है कि \( A \) और \( B \) सममित आव्यूह हैं। इसका मतलब है कि \( A' = A \) और \( B' = B \) ..........(i) हमें सिद्ध करना है कि \( AB - BA \) एक विषम सममित आव्यूह है। माना \( P = AB - BA \). एक आव्यूह विषम सममित होता है यदि उसका परिवर्त (transpose) उसके ऋणात्मक के बराबर हो, यानी \( P' = -P \). अब हम \( P' \) की गणना करते हैं: \( P' = (AB - BA)' \) परिवर्त के गुणों का उपयोग करके, \( (X-Y)' = X' - Y' \) और \( (XY)' = Y'X' \). \( P' = (AB)' - (BA)' \) \( P' = B'A' - A'B' \) समीकरण (i) से, \( A' = A \) और \( B' = B \) का मान रखने पर: \( P' = BA - AB \) अब, \( BA - AB \) को \( -(AB - BA) \) के रूप में लिखा जा सकता है। \( P' = -(AB - BA) \) चूंकि \( P = AB - BA \), इसलिए \( P' = -P \). अतः, \( P = AB - BA \) एक विषम सममित आव्यूह है।
In simple words: हमें यह साबित करना था कि अगर \( A \) और \( B \) सममित आव्यूह हैं, तो \( AB - BA \) एक विषम सममित आव्यूह होगा। हमने \( AB - BA \) का परिवर्त लिया, और आव्यूह के परिवर्त गुणों का उपयोग करके दिखाया कि इसका परिवर्त \( -(AB - BA) \) के बराबर है, जो विषम सममित आव्यूह की परिभाषा है।
🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रमाण में आव्यूह परिवर्त के मूल गुणधर्मों जैसे \( (A+B)' = A'+B' \) और \( (AB)' = B'A' \) का सही उपयोग करना महत्वपूर्ण है। सममित और विषम सममित आव्यूह की परिभाषाओं को याद रखें।
Question 5. यदि \( A \) सममित या विषम सममित आव्यूह है, तो सिद्ध करो कि \( B'AB \) सममित या विषम सममित आव्यूह है।
Answer:हमें सिद्ध करना है कि \( B'AB \) सममित होगा यदि \( A \) सममित है, और \( B'AB \) विषम सममित होगा यदि \( A \) विषम सममित है। माना \( X = B'AB \). हमें \( X' \) ज्ञात करना होगा। \( X' = (B'AB)' \) आव्यूह के गुणनफल के परिवर्त गुणधर्म का उपयोग करके, \( (PQR)' = R'Q'P' \). यहां, \( P = B' \), \( Q = A \), \( R = B \). तो, \( X' = B'A'(B')' \) हम जानते हैं कि \( (B')' = B \). इसलिए, \( X' = B'A'B \). **स्थिति 1: जब \( A \) सममित आव्यूह है।** यदि \( A \) सममित है, तो \( A' = A \). \( X' = B'AB \) चूंकि \( X = B'AB \), तो \( X' = X \). अतः, यदि \( A \) सममित है, तो \( B'AB \) भी सममित है। **स्थिति 2: जब \( A \) विषम सममित आव्यूह है।** यदि \( A \) विषम सममित है, तो \( A' = -A \). \( X' = B'(-A)B \) \( X' = -(B'AB) \) चूंकि \( X = B'AB \), तो \( X' = -X \). अतः, यदि \( A \) विषम सममित है, तो \( B'AB \) भी विषम सममित है। इस प्रकार, \( A \) सममित या विषम सममित आव्यूह होने पर \( B'AB \) भी सममित या विषम सममित आव्यूह होता है।
In simple words: हमने यह दिखाया कि एक आव्यूह \( B'AB \) का प्रकार (सममित या विषम सममित) आव्यूह \( A \) के प्रकार पर निर्भर करता है। यदि \( A \) सममित है, तो \( B'AB \) भी सममित होगा। और यदि \( A \) विषम सममित है, तो \( B'AB \) भी विषम सममित होगा।
🎯 Exam Tip: यह प्रमाण आव्यूह के परिवर्त के गुणों और सममित/विषम सममित आव्यूह की परिभाषाओं की गहरी समझ पर आधारित है। श्रृंखला गुणन के परिवर्त नियम \( (ABC)' = C'B'A' \) का सही उपयोग करना महत्वपूर्ण है।
Question 6. यदि आव्यूह \( A = \left[\begin{array}{ccc} 0 & 2y & z \\ x & y & -z \\ x & -y & z \end{array}\right] \) के लिए \( A'A = I \) हो, तो \( x, y, z \) के मान ज्ञात करो।
Answer:हमें दिया गया है \( A = \left[\begin{array}{ccc} 0 & 2y & z \\ x & y & -z \\ x & -y & z \end{array}\right] \). सबसे पहले, हम \( A' \) ज्ञात करते हैं, जो \( A \) का परिवर्त है: \( A' = \left[\begin{array}{ccc} 0 & x & x \\ 2y & y & -y \\ z & -z & z \end{array}\right] \) अब, हमें \( A'A = I \) दिया गया है, जहाँ \( I \) एक तत्समक आव्यूह है। चूंकि \( A \) 3x3 आव्यूह है, \( I \) भी 3x3 आव्यूह होगा: \( I = \left[\begin{array}{ccc} 1 & 0 & 0 \\ 0 & 1 & 0 \\ 0 & 0 & 1 \end{array}\right] \) अब, \( A'A \) की गणना करते हैं: \( A'A = \left[\begin{array}{ccc} 0 & x & x \\ 2y & y & -y \\ z & -z & z \end{array}\right] \left[\begin{array}{ccc} 0 & 2y & z \\ x & y & -z \\ x & -y & z \end{array}\right] \) गुणनफल के अवयवों की गणना: \( (A'A)_{11} = (0)(0) + (x)(x) + (x)(x) = x^2 + x^2 = 2x^2 \) \( (A'A)_{12} = (0)(2y) + (x)(y) + (x)(-y) = 0 + xy - xy = 0 \) \( (A'A)_{13} = (0)(z) + (x)(-z) + (x)(z) = 0 - xz + xz = 0 \) \( (A'A)_{21} = (2y)(0) + (y)(x) + (-y)(x) = 0 + xy - xy = 0 \) \( (A'A)_{22} = (2y)(2y) + (y)(y) + (-y)(-y) = 4y^2 + y^2 + y^2 = 6y^2 \) \( (A'A)_{23} = (2y)(z) + (y)(-z) + (-y)(z) = 2yz - yz - yz = 0 \) \( (A'A)_{31} = (z)(0) + (-z)(x) + (z)(x) = 0 - zx + zx = 0 \) \( (A'A)_{32} = (z)(2y) + (-z)(y) + (z)(-y) = 2yz - yz - yz = 0 \) \( (A'A)_{33} = (z)(z) + (-z)(-z) + (z)(z) = z^2 + z^2 + z^2 = 3z^2 \) तो, \( A'A = \left[\begin{array}{ccc} 2x^2 & 0 & 0 \\ 0 & 6y^2 & 0 \\ 0 & 0 & 3z^2 \end{array}\right] \) चूंकि \( A'A = I \), हम संगत अवयवों की तुलना करते हैं: \( \left[\begin{array}{ccc} 2x^2 & 0 & 0 \\ 0 & 6y^2 & 0 \\ 0 & 0 & 3z^2 \end{array}\right] = \left[\begin{array}{ccc} 1 & 0 & 0 \\ 0 & 1 & 0 \\ 0 & 0 & 1 \end{array}\right] \) इससे हमें तीन समीकरण मिलते हैं: 1. \( 2x^2 = 1 \implies x^2 = \frac{1}{2} \implies x = \pm \frac{1}{\sqrt{2}} \) 2. \( 6y^2 = 1 \implies y^2 = \frac{1}{6} \implies y = \pm \frac{1}{\sqrt{6}} \) 3. \( 3z^2 = 1 \implies z^2 = \frac{1}{3} \implies z = \pm \frac{1}{\sqrt{3}} \) अतः, \( x = \pm \frac{1}{\sqrt{2}}, y = \pm \frac{1}{\sqrt{6}}, z = \pm \frac{1}{\sqrt{3}} \).
In simple words: हमें एक आव्यूह \( A \) दिया गया था और शर्त दी गई थी कि \( A'A = I \), जहाँ \( I \) तत्समक आव्यूह है। हमने पहले \( A \) का परिवर्त \( A' \) ज्ञात किया। फिर \( A' \) और \( A \) का गुणा किया और परिणामी आव्यूह को \( I \) के बराबर रखा। संगत अवयवों की तुलना करके, हमने \( x, y, z \) के मान निकाले।
🎯 Exam Tip: आव्यूह गुणन में त्रुटियों से बचने के लिए प्रत्येक अवयव की गणना ध्यान से करें। \( A'A = I \) जैसी शर्तों में, तत्समक आव्यूह \( I \) के उचित आयामों का उपयोग करना और संगत अवयवों की सही तुलना करना महत्वपूर्ण है।
Question 7. \( x \) की किस कीमत के लिए \( [1 \ 2 \ 1] \left[\begin{array}{ccc} 1 & 2 & 0 \\ 2 & 0 & 1 \\ 1 & 0 & 2 \end{array}\right] \left[\begin{array}{l} 0 \\ 2 \\ x \end{array}\right] = 0 \) होगा?
Answer:हमें समीकरण दिया गया है: \( [1 \ 2 \ 1] \left[\begin{array}{ccc} 1 & 2 & 0 \\ 2 & 0 & 1 \\ 1 & 0 & 2 \end{array}\right] \left[\begin{array}{l} 0 \\ 2 \\ x \end{array}\right] = 0 \) पहले दो आव्यूहों का गुणा करें: \( [1 \ 2 \ 1] \left[\begin{array}{ccc} 1 & 2 & 0 \\ 2 & 0 & 1 \\ 1 & 0 & 2 \end{array}\right] \) यह \( (1 \times 3) \times (3 \times 3) \) गुणा है, जिसका परिणाम \( 1 \times 3 \) आव्यूह होगा। पहला अवयव: \( (1)(1) + (2)(2) + (1)(1) = 1 + 4 + 1 = 6 \) दूसरा अवयव: \( (1)(2) + (2)(0) + (1)(0) = 2 + 0 + 0 = 2 \) तीसरा अवयव: \( (1)(0) + (2)(1) + (1)(2) = 0 + 2 + 2 = 4 \) तो, गुणनफल है: \( [6 \ 2 \ 4] \) अब, इस परिणामी आव्यूह को तीसरे आव्यूह से गुणा करें: \( [6 \ 2 \ 4] \left[\begin{array}{l} 0 \\ 2 \\ x \end{array}\right] = 0 \) यह \( (1 \times 3) \times (3 \times 1) \) गुणा है, जिसका परिणाम \( 1 \times 1 \) आव्यूह होगा (एक एकल मान)। \( (6)(0) + (2)(2) + (4)(x) = 0 \) \( 0 + 4 + 4x = 0 \) \( 4 + 4x = 0 \) \( 4x = -4 \) \( x = \frac{-4}{4} \) \( x = -1 \)
In simple words: हमें तीन आव्यूहों का गुणा करके शून्य के बराबर रखने पर \( x \) का मान निकालना था। हमने पहले आव्यूह को दूसरे से गुणा किया, फिर उस परिणाम को तीसरे आव्यूह से गुणा किया। अंत में, हमने प्राप्त एकल समीकरण को हल करके \( x \) का मान \( -1 \) पाया।
🎯 Exam Tip: आव्यूह गुणन के क्रम और नियमों का सावधानीपूर्वक पालन करें। प्रत्येक चरण में आव्यूह के आयामों को ट्रैक करना सुनिश्चित करें ताकि सही गुणन संक्रियाएं की जा सकें।
Question 8. यदि \( A = \left[\begin{array}{cc} 3 & 1 \\ -1 & 2 \end{array}\right] \) हो, तो सिद्ध करो कि \( A^2 - 5A + 7I = 0 \).
Answer:हमें दिया गया है \( A = \left[\begin{array}{cc} 3 & 1 \\ -1 & 2 \end{array}\right] \). हमें सिद्ध करना है कि \( A^2 - 5A + 7I = 0 \). जहां \( I \) एक 2x2 तत्समक आव्यूह है, \( I = \left[\begin{array}{cc} 1 & 0 \\ 0 & 1 \end{array}\right] \). पहले \( A^2 \) की गणना करते हैं: \( A^2 = A \cdot A = \left[\begin{array}{cc} 3 & 1 \\ -1 & 2 \end{array}\right] \left[\begin{array}{cc} 3 & 1 \\ -1 & 2 \end{array}\right] \) \( = \left[\begin{array}{cc} (3)(3) + (1)(-1) & (3)(1) + (1)(2) \\ (-1)(3) + (2)(-1) & (-1)(1) + (2)(2) \end{array}\right] \) \( = \left[\begin{array}{cc} 9 - 1 & 3 + 2 \\ -3 - 2 & -1 + 4 \end{array}\right] \) \( A^2 = \left[\begin{array}{cc} 8 & 5 \\ -5 & 3 \end{array}\right] \) अब \( 5A \) की गणना करते हैं: \( 5A = 5 \left[\begin{array}{cc} 3 & 1 \\ -1 & 2 \end{array}\right] = \left[\begin{array}{cc} 5 \cdot 3 & 5 \cdot 1 \\ 5 \cdot (-1) & 5 \cdot 2 \end{array}\right] = \left[\begin{array}{cc} 15 & 5 \\ -5 & 10 \end{array}\right] \) और \( 7I \) की गणना करते हैं: \( 7I = 7 \left[\begin{array}{cc} 1 & 0 \\ 0 & 1 \end{array}\right] = \left[\begin{array}{cc} 7 & 0 \\ 0 & 7 \end{array}\right] \) अब, हम दिए गए व्यंजक में इन मानों को प्रतिस्थापित करते हैं: \( A^2 - 5A + 7I = \left[\begin{array}{cc} 8 & 5 \\ -5 & 3 \end{array}\right] - \left[\begin{array}{cc} 15 & 5 \\ -5 & 10 \end{array}\right] + \left[\begin{array}{cc} 7 & 0 \\ 0 & 7 \end{array}\right] \) \( = \left[\begin{array}{cc} 8 - 15 & 5 - 5 \\ -5 - (-5) & 3 - 10 \end{array}\right] + \left[\begin{array}{cc} 7 & 0 \\ 0 & 7 \end{array}\right] \) \( = \left[\begin{array}{cc} -7 & 0 \\ 0 & -7 \end{array}\right] + \left[\begin{array}{cc} 7 & 0 \\ 0 & 7 \end{array}\right] \) \( = \left[\begin{array}{cc} -7 + 7 & 0 + 0 \\ 0 + 0 & -7 + 7 \end{array}\right] \) \( = \left[\begin{array}{cc} 0 & 0 \\ 0 & 0 \end{array}\right] \) यह एक शून्य आव्यूह \( O \) के बराबर है। इसलिए, \( A^2 - 5A + 7I = O \).
In simple words: हमें यह साबित करना था कि एक दिए गए आव्यूह \( A \) के लिए, व्यंजक \( A^2 - 5A + 7I \) एक शून्य आव्यूह के बराबर है। हमने पहले \( A^2 \) की गणना की, फिर \( 5A \) और \( 7I \) (जहां \( I \) तत्समक आव्यूह है) की गणना की। अंत में, हमने इन सभी को जोड़ा और घटाया, जिससे हमें एक शून्य आव्यूह प्राप्त हुआ।
🎯 Exam Tip: इस तरह के सत्यापन प्रश्नों में, आव्यूह गुणन और अदिश गुणन को सावधानीपूर्वक करना महत्वपूर्ण है। संख्याओं की गणना में छोटी सी गलती भी अंतिम परिणाम को गलत कर सकती है।
Question 9. यदि \( [x \ -5 \ -1] \left[\begin{array}{ccc} 1 & 0 & 2 \\ 0 & 2 & 1 \\ 2 & 0 & 3 \end{array}\right] \left[\begin{array}{l} x \\ 4 \\ 1 \end{array}\right] = 0 \) हो, तो \( x \) का मान ज्ञात करो।
Answer:हमें समीकरण दिया गया है: \( [x \ -5 \ -1] \left[\begin{array}{ccc} 1 & 0 & 2 \\ 0 & 2 & 1 \\ 2 & 0 & 3 \end{array}\right] \left[\begin{array}{l} x \\ 4 \\ 1 \end{array}\right] = 0 \) पहले बीच के दो आव्यूहों का गुणा करते हैं: \( \left[\begin{array}{ccc} 1 & 0 & 2 \\ 0 & 2 & 1 \\ 2 & 0 & 3 \end{array}\right] \left[\begin{array}{l} x \\ 4 \\ 1 \end{array}\right] \) यह \( (3 \times 3) \times (3 \times 1) \) गुणा है, जिसका परिणाम \( 3 \times 1 \) आव्यूह होगा। पहला अवयव: \( (1)(x) + (0)(4) + (2)(1) = x + 0 + 2 = x+2 \) दूसरा अवयव: \( (0)(x) + (2)(4) + (1)(1) = 0 + 8 + 1 = 9 \) तीसरा अवयव: \( (2)(x) + (0)(4) + (3)(1) = 2x + 0 + 3 = 2x+3 \) तो, गुणनफल है: \( \left[\begin{array}{c} x+2 \\ 9 \\ 2x+3 \end{array}\right] \) अब, समीकरण को इस प्रकार लिखा जा सकता है: \( [x \ -5 \ -1] \left[\begin{array}{c} x+2 \\ 9 \\ 2x+3 \end{array}\right] = 0 \) यह \( (1 \times 3) \times (3 \times 1) \) गुणा है, जिसका परिणाम \( 1 \times 1 \) आव्यूह होगा (एक एकल मान)। \( (x)(x+2) + (-5)(9) + (-1)(2x+3) = 0 \) \( x^2 + 2x - 45 - (2x+3) = 0 \) \( x^2 + 2x - 45 - 2x - 3 = 0 \) \( x^2 - 48 = 0 \) \( x^2 = 48 \) \( x = \pm \sqrt{48} \) \( x = \pm \sqrt{16 \times 3} \) \( x = \pm 4\sqrt{3} \)
In simple words: हमें तीन आव्यूहों का गुणा करके उसे शून्य के बराबर सेट करने पर \( x \) का मान निकालना था। हमने बीच के दो आव्यूहों को गुणा करके एक नया आव्यूह बनाया। फिर, पहले आव्यूह को इस नए आव्यूह से गुणा किया, जिससे हमें \( x \) के साथ एक सरल समीकरण मिला। इस समीकरण को हल करके हमने \( x \) का मान \( \pm 4\sqrt{3} \) प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: आव्यूह गुणन करते समय, प्रत्येक चरण में परिणामी आव्यूह के आयामों पर ध्यान दें। बीजगणितीय व्यंजकों के विस्तार और सरलीकरण में माइनस साइन और कोष्ठकों का सही उपयोग करना महत्वपूर्ण है।
Question 10. एक उत्पादक \( x, y, z \) एम तीन प्रकार के माल का उत्पादन करता है। वह उनका दो बाजारों में बेचता है। वार्षिक बिक्री नीचे दी गई है:
| बाजार | उत्पाद \( x \) | उत्पाद \( y \) | उत्पाद \( z \) |
|---|---|---|---|
| I | 10,000 | 2,000 | 18,000 |
| II | 6,000 | 20,000 | 8,000 |
(a) यदि \( x, y, z \) के प्रति नग विक्रय मूल्य क्रमशः Rs. 2.50, Rs. 1.50 और Rs. 1.00 हैं, तो आव्यूह बीजगणित की मदद से प्रत्येक बाजार से कुल आय ज्ञात करो।
(b) यदि उपरोक्त तीन वस्तुओं का प्रति नग उत्पादन खर्च क्रमशः Rs. 2.00, Rs. 1.00 और Rs. 0.50 पैसा होता है, तो कुल लाभ ज्ञात करो।
Answer:उत्पादक द्वारा बेची गई वस्तुओं की वार्षिक बिक्री को आव्यूह \( A \) के रूप में दर्शाया जा सकता है: \( A = \left[\begin{array}{ccc} 10,000 & 2,000 & 18,000 \\ 6,000 & 20,000 & 8,000 \end{array}\right] \) (वार्षिक बिक्री) **(a) कुल आय की गणना:** उत्पाद \( x, y, z \) के प्रति नग विक्रय मूल्य को आव्यूह \( B \) के रूप में दर्शाते हैं: \( B = \left[\begin{array}{c} 2.50 \\ 1.50 \\ 1.00 \end{array}\right] \) (प्रति नग विक्रय मूल्य) कुल आय (Revenue) ज्ञात करने के लिए, हम \( AB \) की गणना करेंगे: \( AB = \left[\begin{array}{ccc} 10,000 & 2,000 & 18,000 \\ 6,000 & 20,000 & 8,000 \end{array}\right] \left[\begin{array}{c} 2.50 \\ 1.50 \\ 1.00 \end{array}\right] \) \( = \left[\begin{array}{c} (10,000)(2.50) + (2,000)(1.50) + (18,000)(1.00) \\ (6,000)(2.50) + (20,000)(1.50) + (8,000)(1.00) \end{array}\right] \) \( = \left[\begin{array}{c} 25,000 + 3,000 + 18,000 \\ 15,000 + 30,000 + 8,000 \end{array}\right] \) \( = \left[\begin{array}{c} 46,000 \\ 53,000 \end{array}\right] \) बाजार I से कुल आय = Rs. 46,000 बाजार II से कुल आय = Rs. 53,000 कुल विक्रय मूल्य = Rs. 46,000 + Rs. 53,000 = Rs. 99,000 **(b) कुल लाभ की गणना:** उत्पाद \( x, y, z \) के प्रति नग उत्पादन खर्च को आव्यूह \( C \) के रूप में दर्शाते हैं: \( C = \left[\begin{array}{c} 2.00 \\ 1.00 \\ 0.50 \end{array}\right] \) (प्रति नग उत्पादन खर्च) कुल उत्पादन खर्च (Cost) ज्ञात करने के लिए, हम \( AC \) की गणना करेंगे: \( AC = \left[\begin{array}{ccc} 10,000 & 2,000 & 18,000 \\ 6,000 & 20,000 & 8,000 \end{array}\right] \left[\begin{array}{c} 2.00 \\ 1.00 \\ 0.50 \end{array}\right] \) \( = \left[\begin{array}{c} (10,000)(2.00) + (2,000)(1.00) + (18,000)(0.50) \\ (6,000)(2.00) + (20,000)(1.00) + (8,000)(0.50) \end{array}\right] \) \( = \left[\begin{array}{c} 20,000 + 2,000 + 9,000 \\ 12,000 + 20,000 + 4,000 \end{array}\right] \) \( = \left[\begin{array}{c} 31,000 \\ 36,000 \end{array}\right] \) बाजार I के लिए कुल उत्पादन खर्च = Rs. 31,000 बाजार II के लिए कुल उत्पादन खर्च = Rs. 36,000 कुल उत्पादन खर्च = Rs. 31,000 + Rs. 36,000 = Rs. 67,000 कुल लाभ = कुल विक्रय मूल्य - कुल उत्पादन खर्च कुल लाभ = Rs. 99,000 - Rs. 67,000 = Rs. 32,000.
In simple words: हमने एक कंपनी के दो बाजारों से कुल आय और लाभ की गणना करने के लिए आव्यूह गुणन का उपयोग किया। पहले, हमने प्रत्येक वस्तु के विक्रय मूल्य से गुणा करके कुल आय निकाली। फिर, प्रत्येक वस्तु के उत्पादन खर्च से गुणा करके कुल लागत निकाली। अंत में, कुल आय में से कुल लागत घटाकर कुल लाभ ज्ञात किया।
🎯 Exam Tip: आव्यूह गुणन के लिए सही क्रम का उपयोग करना सुनिश्चित करें (बिक्री आव्यूह \( \times \) मूल्य आव्यूह) ताकि परिणामी आव्यूह का अर्थ सही हो। बड़े अंकों की गणना में सावधानीपूर्वक जोड़-घटाव करें।
Question 11. यदि \( X\left[\begin{array}{ccc} 1 & 2 & 3 \\ 4 & 5 & 6 \end{array}\right]=\left[\begin{array}{ccc} -7 & -8 & -9 \\ 2 & 4 & 6 \end{array}\right] \) हो, तो आव्यूह \( X \) ज्ञात करो।
Answer:हमें समीकरण दिया गया है: \( X\left[\begin{array}{ccc} 1 & 2 & 3 \\ 4 & 5 & 6 \end{array}\right]=\left[\begin{array}{ccc} -7 & -8 & -9 \\ 2 & 4 & 6 \end{array}\right] \) माना \( A = \left[\begin{array}{ccc} 1 & 2 & 3 \\ 4 & 5 & 6 \end{array}\right] \) और \( B = \left[\begin{array}{ccc} -7 & -8 & -9 \\ 2 & 4 & 6 \end{array}\right] \). तो, \( XA = B \). आव्यूह \( A \) का क्रम \( 2 \times 3 \) है। आव्यूह \( B \) का क्रम भी \( 2 \times 3 \) है। यदि \( X \) का क्रम \( m \times n \) है, तो \( XA \) का क्रम \( m \times 3 \) होगा। चूंकि \( XA = B \), इसलिए \( XA \) और \( B \) का क्रम समान होना चाहिए। इसलिए, \( m \times 3 = 2 \times 3 \). इससे पता चलता है कि \( m = 2 \). आव्यूह गुणन \( XA \) के लिए, \( X \) के स्तंभों की संख्या \( A \) की पंक्तियों की संख्या के बराबर होनी चाहिए। तो, \( n = 2 \). अतः, आव्यूह \( X \) का क्रम \( 2 \times 2 \) होना चाहिए। माना \( X = \left[\begin{array}{cc} a & b \\ c & d \end{array}\right] \). अब, \( XA = B \) में मानों को प्रतिस्थापित करते हैं: \( \left[\begin{array}{cc} a & b \\ c & d \end{array}\right] \left[\begin{array}{ccc} 1 & 2 & 3 \\ 4 & 5 & 6 \end{array}\right] = \left[\begin{array}{ccc} -7 & -8 & -9 \\ 2 & 4 & 6 \end{array}\right] \) बाएं पक्ष का गुणनफल: \( \left[\begin{array}{ccc} a \cdot 1 + b \cdot 4 & a \cdot 2 + b \cdot 5 & a \cdot 3 + b \cdot 6 \\ c \cdot 1 + d \cdot 4 & c \cdot 2 + d \cdot 5 & c \cdot 3 + d \cdot 6 \end{array}\right] \) \( = \left[\begin{array}{ccc} a+4b & 2a+5b & 3a+6b \\ c+4d & 2c+5d & 3c+6d \end{array}\right] \) अब, इस परिणामी आव्यूह को \( B \) के बराबर रखते हैं और संगत अवयवों की तुलना करते हैं: \( \left[\begin{array}{ccc} a+4b & 2a+5b & 3a+6b \\ c+4d & 2c+5d & 3c+6d \end{array}\right] = \left[\begin{array}{ccc} -7 & -8 & -9 \\ 2 & 4 & 6 \end{array}\right] \) हमें निम्नलिखित समीकरण मिलते हैं: **पहली पंक्ति से:** 1. \( a+4b = -7 \) 2. \( 2a+5b = -8 \) समीकरण (1) को 2 से गुणा करें: \( 2(a+4b) = 2(-7) \implies 2a+8b = -14 \) समीकरण (2) में से इस नए समीकरण को घटाएँ: \( (2a+5b) - (2a+8b) = -8 - (-14) \) \( -3b = 6 \implies b = -2 \) \( b = -2 \) को समीकरण (1) में प्रतिस्थापित करें: \( a+4(-2) = -7 \implies a-8 = -7 \implies a = 1 \) **दूसरी पंक्ति से:** 3. \( c+4d = 2 \) 4. \( 2c+5d = 4 \) समीकरण (3) को 2 से गुणा करें: \( 2(c+4d) = 2(2) \implies 2c+8d = 4 \) समीकरण (4) में से इस नए समीकरण को घटाएँ: \( (2c+5d) - (2c+8d) = 4 - 4 \) \( -3d = 0 \implies d = 0 \) \( d = 0 \) को समीकरण (3) में प्रतिस्थापित करें: \( c+4(0) = 2 \implies c = 2 \) तो, \( a = 1, b = -2, c = 2, d = 0 \). अतः, आव्यूह \( X = \left[\begin{array}{cc} 1 & -2 \\ 2 & 0 \end{array}\right] \).
In simple words: हमें एक अज्ञात आव्यूह \( X \) को ज्ञात करना था जो एक आव्यूह समीकरण को संतुष्ट करता है। पहले हमने \( X \) के क्रम का अनुमान लगाया। फिर, \( X \) के अवयवों को चर मानकर आव्यूह गुणन किया। गुणनफल को दिए गए आव्यूह के बराबर रखकर, हमने समीकरणों की एक प्रणाली बनाई और उन समीकरणों को हल करके \( X \) के सभी चरों के मान ज्ञात किए।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में, अज्ञात आव्यूह के क्रम का सही निर्धारण करना पहला महत्वपूर्ण कदम है। फिर, रैखिक समीकरणों की प्रणाली को हल करने में सावधानी और सटीकता आवश्यक है।
Question 12. यदि \( A \) और \( B \) समान कोटि के ऐसे वर्ग आव्यूह हैं कि \( AB = BA \), तो गणितीय आगमन सिद्धांत से सिद्ध करो कि \( AB^n = B^nA \). साथ ही, सिद्ध करो कि सभी \( n \in N \) के लिए \( (AB)^n = A^nB^n \).
Answer:दिया गया है कि \( A \) और \( B \) समान कोटि के वर्ग आव्यूह हैं और \( AB = BA \). **भाग 1: \( AB^n = B^nA \) सिद्ध करना।** हम गणितीय आगमन सिद्धांत का उपयोग करते हैं। माना \( P(n) : AB^n = B^nA \), जहाँ \( n \in N \). **चरण 1: n = 1 के लिए** \( P(1) : AB^1 = B^1A \implies AB = BA \). यह हमें दिया गया है। इसलिए \( P(1) \) सत्य है। **चरण 2: n = k के लिए** मान लीजिए \( P(k) \) सत्य है, जहाँ \( k \in N \). तो, \( AB^k = B^kA \) ..........(i) **चरण 3: n = k + 1 के लिए** हमें सिद्ध करना है कि \( P(k+1) \) सत्य है, यानी \( AB^{k+1} = B^{k+1}A \). बायां पक्ष (LHS): \( AB^{k+1} = AB^k \cdot B \) समीकरण (i) का उपयोग करके \( AB^k = B^kA \) रखने पर: \( AB^{k+1} = (B^kA)B \) आव्यूह गुणन साहचर्य होता है, इसलिए \( (B^kA)B = B^k(AB) \). चूंकि \( AB = BA \) (दिया गया है): \( = B^k(BA) \) \( = (B^kB)A \) \( = B^{k+1}A \) यह दायां पक्ष (RHS) है। अतः, यदि \( P(k) \) सत्य है, तो \( P(k+1) \) भी सत्य है। गणितीय आगमन सिद्धांत के अनुसार, \( AB^n = B^nA \) सभी \( n \in N \) के लिए सत्य है। **भाग 2: \( (AB)^n = A^nB^n \) सिद्ध करना।** हम गणितीय आगमन सिद्धांत का उपयोग करते हैं। माना \( Q(n) : (AB)^n = A^nB^n \), जहाँ \( n \in N \). **चरण 1: n = 1 के लिए** \( Q(1) : (AB)^1 = A^1B^1 \implies AB = AB \). यह सत्य है। इसलिए \( Q(1) \) सत्य है। **चरण 2: n = k के लिए** मान लीजिए \( Q(k) \) सत्य है, जहाँ \( k \in N \). तो, \( (AB)^k = A^kB^k \) ..........(ii) **चरण 3: n = k + 1 के लिए** हमें सिद्ध करना है कि \( Q(k+1) \) सत्य है, यानी \( (AB)^{k+1} = A^{k+1}B^{k+1} \). बायां पक्ष (LHS): \( (AB)^{k+1} = (AB)^k (AB) \) समीकरण (ii) का उपयोग करके \( (AB)^k = A^kB^k \) रखने पर: \( (AB)^{k+1} = (A^kB^k)(AB) \) \( = A^k(B^kA)B \) भाग 1 से, हम जानते हैं कि \( B^kA = AB^k \). इस गुण का उपयोग करने पर: \( = A^k(AB^k)B \) \( = (A^kA)(B^kB) \) \( = A^{k+1}B^{k+1} \) यह दायां पक्ष (RHS) है। अतः, यदि \( Q(k) \) सत्य है, तो \( Q(k+1) \) भी सत्य है। गणितीय आगमन सिद्धांत के अनुसार, \( (AB)^n = A^nB^n \) सभी \( n \in N \) के लिए सत्य है।
In simple words: हमने दो गुणों को साबित करने के लिए गणितीय आगमन विधि का उपयोग किया। पहला, यदि दो आव्यूह \( A \) और \( B \) आपस में गुणा करने पर क्रमविनिमेय होते हैं (यानी \( AB=BA \)), तो \( A \) को \( B \) की किसी भी घात से गुणा करने पर भी क्रमविनिमेय रहेगा (\( AB^n = B^nA \))। दूसरा, इसी शर्त के तहत, गुणनफल \( AB \) की \( n \)वीं घात, \( A \) की \( n \)वीं घात और \( B \) की \( n \)वीं घात के गुणनफल के बराबर होगी (\( (AB)^n = A^nB^n \))।
🎯 Exam Tip: यह प्रमाण गणितीय आगमन सिद्धांत का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। \( AB=BA \) जैसी दी गई शर्तों का प्रत्येक चरण में सही ढंग से उपयोग करना और आव्यूह गुणन के साहचर्य गुणधर्म को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 13 से 15 में कथन सही बने वह उचित विकल्प चुनें:
Question 13. यदि \( A = \left[\begin{array}{cc} \alpha & \beta \\ \gamma & -\alpha \end{array}\right] \) के लिए \( A^2 = I \) हो, तो...
(A) \( 1 + \alpha^2 + \beta\gamma = 0 \)
(B) \( 1 - \alpha^2 + \beta\gamma = 0 \)
(C) \( 1 - \alpha^2 - \beta\gamma = 0 \)
(D) \( 1 + \alpha^2 - \beta\gamma = 0 \)
Answer: (C) 1 - α² - βγ = 0हमें दिया गया है \( A = \left[\begin{array}{cc} \alpha & \beta \\ \gamma & -\alpha \end{array}\right] \) और \( A^2 = I \), जहाँ \( I = \left[\begin{array}{cc} 1 & 0 \\ 0 & 1 \end{array}\right] \) एक 2x2 तत्समक आव्यूह है। पहले \( A^2 \) की गणना करते हैं: \( A^2 = A \cdot A = \left[\begin{array}{cc} \alpha & \beta \\ \gamma & -\alpha \end{array}\right] \left[\begin{array}{cc} \alpha & \beta \\ \gamma & -\alpha \end{array}\right] \) \( = \left[\begin{array}{cc} (\alpha)(\alpha) + (\beta)(\gamma) & (\alpha)(\beta) + (\beta)(-\alpha) \\ (\gamma)(\alpha) + (-\alpha)(\gamma) & (\gamma)(\beta) + (-\alpha)(-\alpha) \end{array}\right] \) \( = \left[\begin{array}{cc} \alpha^2 + \beta\gamma & \alpha\beta - \alpha\beta \\ \alpha\gamma - \alpha\gamma & \beta\gamma + \alpha^2 \end{array}\right] \) \( = \left[\begin{array}{cc} \alpha^2 + \beta\gamma & 0 \\ 0 & \beta\gamma + \alpha^2 \end{array}\right] \) अब, चूंकि \( A^2 = I \), हम संगत अवयवों की तुलना करते हैं: \( \left[\begin{array}{cc} \alpha^2 + \beta\gamma & 0 \\ 0 & \beta\gamma + \alpha^2 \end{array}\right] = \left[\begin{array}{cc} 1 & 0 \\ 0 & 1 \end{array}\right] \) इससे हमें समीकरण मिलता है: \( \alpha^2 + \beta\gamma = 1 \) इस समीकरण को पुनर्व्यवस्थित करने पर: \( 1 - \alpha^2 - \beta\gamma = 0 \) इसलिए, विकल्प (C) सही है।
In simple words: हमें \( A^2=I \) शर्त दी गई थी और \( A \) के अवयवों के बीच संबंध खोजना था। हमने \( A \) का वर्ग \( A^2 \) की गणना की। फिर, \( A^2 \) को तत्समक आव्यूह \( I \) के बराबर रखकर, हमने संगत अवयवों की तुलना की जिससे हमें \( 1 - \alpha^2 - \beta\gamma = 0 \) समीकरण मिला।
🎯 Exam Tip: आव्यूह गुणन में सावधानीपूर्वक गणना करें, विशेष रूप से जब प्रतीकात्मक अवयवों के साथ काम कर रहे हों। तत्समक आव्यूह \( I \) के साथ तुलना करते समय, संगत अवयवों को सही ढंग से सेट करना महत्वपूर्ण है।
Question 14. यदि आव्यूह \( A \) सममित और विषम सममित दोनों हो, तो...
(A) \( A \) विकर्ण आव्यूह है।
(B) \( A \) शून्य आव्यूह है।
(C) \( A \) वर्ग आव्यूह है।
(D) इनमें से कोई भी नहीं।
Answer: (B) A शून्य आव्यूह है।यदि आव्यूह \( A \) सममित है, तो परिभाषा के अनुसार: \( A' = A \) ..........(i) यदि आव्यूह \( A \) विषम सममित है, तो परिभाषा के अनुसार: \( A' = -A \) ..........(ii) अब, समीकरण (i) और (ii) से, हम \( A' \) के दो मानों को बराबर कर सकते हैं: \( A = -A \) अब, \( -A \) को समीकरण के बाईं ओर ले जाते हैं: \( A + A = O \) \( 2A = O \) जहां \( O \) एक शून्य आव्यूह है (उसी क्रम का जैसा \( A \) है)। दोनों तरफ \( \frac{1}{2} \) से गुणा करने पर: \( \frac{1}{2} (2A) = \frac{1}{2} O \) \( A = O \) इसलिए, यदि एक आव्यूह सममित और विषम सममित दोनों है, तो वह निश्चित रूप से एक शून्य आव्यूह होना चाहिए।
In simple words: एक आव्यूह को सममित कहा जाता है यदि उसका परिवर्त खुद के बराबर हो, और विषम सममित कहा जाता है यदि उसका परिवर्त खुद के ऋणात्मक के बराबर हो। यदि एक आव्यूह दोनों गुण दिखाता है, तो उसका परिवर्त खुद के और खुद के ऋणात्मक दोनों के बराबर होना चाहिए। इसका एकमात्र तरीका यह है कि आव्यूह एक शून्य आव्यूह हो।
🎯 Exam Tip: सममित और विषम सममित आव्यूहों की परिभाषाएँ याद रखें। यह एक मौलिक अवधारणा है जो अक्सर वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में पूछी जाती है। इस शर्त का एकमात्र समाधान एक शून्य आव्यूह है।
Question 15. यदि \( A \) एक वर्ग आव्यूह है जिसके लिए \( A^2 = A \) होता है, तो \( (I + A)^3 - 7A = \)
(A) \( A \)
(B) \( I-A \)
(C) \( I \)
(D) \( 3A \)
Answer: (C) Iहमें दिया गया है कि \( A \) एक वर्ग आव्यूह है और \( A^2 = A \). हमें \( (I + A)^3 - 7A \) का मान ज्ञात करना है। \( (I + A)^3 \) के लिए द्विपद प्रमेय (या सीधे गुणन) का उपयोग करें: \( (I + A)^3 = I^3 + A^3 + 3I^2A + 3IA^2 \) आव्यूहों के साथ, \( I^n = I \) और \( IA = A \). तो, \( (I + A)^3 = I + A^3 + 3A + 3A^2 \) अब, हम \( A^2 = A \) शर्त का उपयोग करते हैं: \( A^3 = A^2 \cdot A = A \cdot A = A^2 = A \) तो, \( A^3 = A \). इन मानों को \( (I + A)^3 \) के विस्तार में प्रतिस्थापित करते हैं: \( (I + A)^3 = I + A + 3A + 3A \) (चूंकि \( A^2 = A \) और \( A^3 = A \)) \( (I + A)^3 = I + (1+3+3)A \) \( (I + A)^3 = I + 7A \) अब, दिए गए व्यंजक \( (I + A)^3 - 7A \) में यह मान रखते हैं: \( (I + A)^3 - 7A = (I + 7A) - 7A \) \( = I + 7A - 7A \) \( = I \) इसलिए, \( (I + A)^3 - 7A = I \).
In simple words: हमें \( (I+A)^3 - 7A \) का मान ज्ञात करना था, जहाँ \( A^2=A \) दिया गया था। हमने \( (I+A)^3 \) को द्विपद प्रमेय का उपयोग करके विस्तार किया। फिर, हमने \( A^2=A \) और \( A^3=A \) जैसी शर्तों का उपयोग करके पदों को सरल बनाया, जिससे हमें \( I+7A \) मिला। अंत में, \( 7A \) को घटाने पर, परिणाम \( I \) (तत्समक आव्यूह) आया।
🎯 Exam Tip: \( (X+Y)^3 = X^3+Y^3+3X^2Y+3XY^2 \) जैसे द्विपद विस्तार सूत्रों को याद रखना महत्वपूर्ण है, लेकिन यह भी ध्यान दें कि \( X \) और \( Y \) आव्यूह होने पर \( XY \) और \( YX \) अलग-अलग हो सकते हैं। इस मामले में, \( I \) और \( A \) क्रमविनिमेय होते हैं, इसलिए यह सूत्र सीधे लागू होता है। \( A^2=A \) जैसी शर्तों का उपयोग करके आव्यूह के उच्च घातों को सरल बनाने पर ध्यान दें।
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