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Detailed Chapter 20 मनोहरपुरी की सीमा पर GSEB Solutions for Class 12 Hindi
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Class 12 Hindi Chapter 20 मनोहरपुरी की सीमा पर GSEB Solutions PDF
स्वाध्याय
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर उनके नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर दीजिए :
Question 1. मनोहरपुरी को किसने जीत लिया?
(क) हूणों ने
(ख) द्रविड़ों ने
(ग) म्लेच्छों ने
(घ) आयों ने
Answer: (ग) म्लेच्छों ने
In simple words: मनोहरपुरी नाम की जगह को म्लेच्छों ने जीत लिया था।
🎯 Exam Tip: Identify key historical figures or groups mentioned in the text for direct recall questions.
Question 2. बैलगाड़ी दो वनों के बीच से कैसे चल रही थी?
(क) धीरे-धीरे
(ख) लड़खड़ाती
(ग) तेजगति से
(घ) चरमराती
Answer: (घ) चरमराती
In simple words: बैलगाड़ी दो जंगलों के बीच से आवाज करते हुए चल रही थी।
🎯 Exam Tip: Pay attention to descriptive words that indicate motion or sound for characters and objects.
Question 3. सरस्वतीचन्द्र के पीछे सवारों को किसने भेजा था?
(क) कुमुदसुन्दरी
(ख) गुणसुन्दरी
(ग) विद्याचतुर
(घ) बुद्धिधन
Answer: (क) कुमुदसुन्दरी
In simple words: कुमुदसुन्दरी ने सरस्वतीचन्द्र के पीछे घुड़सवारों को भेजा था।
🎯 Exam Tip: Remember the names of important characters and their actions in the narrative.
Question 4. "तिराहे में तिगुना भय है" यह वाक्य कौन बोलता है?
(क) संन्यासी
(ख) सुरसंग
(ग) सरस्वतीचंद्र
(घ) बैलगाड़ीवाला
Answer: (घ) बैलगाड़ीवाला
In simple words: यह बात बैलगाड़ी चलाने वाले व्यक्ति ने कही थी कि तिराहे पर बहुत खतरा होता है।
🎯 Exam Tip: Quote identification questions require knowledge of who said what within the story.
Question 5. अंधकार में बिगुल बजने पर सुरसंग ने कैसा विचित्र स्वर निकाला?
(क) सियार
(ख) भालू
(ग) शेर
(घ) कुत्ते
Answer: (क) सियार
In simple words: जब अँधेरे में बिगुल बजा, तब सुरसंग ने सियार की तरह अजीब आवाज निकाली।
🎯 Exam Tip: Focus on character reactions and specific events that occur in the narrative.
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए :
Question 1. मनोहरपुरी सुवर्णपुर से कितनी दूर है?
Answer: मनोहरपुरी सुवर्णपुर से लगभग दस कोस की दूरी पर है।
In simple words: मनोहरपुरी, सुवर्णपुर से करीब दस कोस दूर स्थित है।
🎯 Exam Tip: Factual details like distances and locations are important for short answer questions.
Question 2. मनोहरपुरी का सीवान किन तीन राज्यों के सिवान से मिलता था?
Answer: मनोहरपुरी की सीमाएं सुवर्णपुर, रत्ननगरी और अंग्रेजी राज्य की सीमाओं से मिलती थीं।
In simple words: मनोहरपुरी की सीमाएं सुवर्णपुर, रत्ननगरी और अंग्रेजी राज्य से जुड़ी हुई थीं।
🎯 Exam Tip: Map out the geographical and political boundaries mentioned in the text.
Question 3. बैलगाड़ी के पीछे भेजे गए तीन सवारों के क्या नाम थे?
Answer: बैलगाड़ी के पीछे भेजे गए तीन सवारों के नाम अब्दुल्ला, फतेहसंग और हरभमजी थे।
In simple words: बैलगाड़ी के पीछे भेजे गए लोगों के नाम अब्दुल्ला, फतेहसंग और हरभमजी थे।
🎯 Exam Tip: Remember the names of supporting characters and their roles.
Question 4. बैलगाड़ीवाले ने बैलों को कहाँ खोला?
Answer: बैलगाड़ीवाले ने तिराहे के बीच में एक बरगद के पेड़ के नीचे बैलों को खोला।
In simple words: बैलगाड़ी चलाने वाले ने तिराहे के पास बरगद के पेड़ के नीचे बैलों को आराम करने के लिए छोड़ दिया।
🎯 Exam Tip: Note down specific locations where key actions take place.
Question 5. भूपसिंह की गद्दी कौन हचमचा रहा था?
Answer: भूपसिंह की गद्दी सुरसंग हचमचा रहा था।
In simple words: सुरसंग, भूपसिंह की सत्ता को चुनौती दे रहा था।
🎯 Exam Tip: Understand the power dynamics and conflicts between characters.
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में लिखिए :
Question 1. किन कारणों से मनोहरपुरी लोगों को प्रिय थी?
Answer: मनोहरपुरी का पुराना धन और वैभव खत्म हो गया था, लेकिन उसकी प्राकृतिक सुंदरता अभी भी बनी हुई थी। इसके अलावा, कुछ लोगों का इस गांव से गहरा भावनात्मक जुड़ाव था। इन्हीं कारणों से मनोहरपुरी लोगों को बहुत पसंद थी।
In simple words: मनोहरपुरी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और कुछ लोगों के भावनात्मक जुड़ाव के कारण लोगों को बहुत पसंद आती थी, भले ही उसका पुराना ऐश्वर्य खत्म हो चुका था।
🎯 Exam Tip: When asked about reasons, list all contributing factors clearly and concisely.
Question 2. मनोहरपुरी गाँव की दृष्टिसीमा कैसे कँध गई थी?
Answer: मनोहरपुरी गांव के उत्तर दिशा में सुंदरगिरि नामक एक छोटा पर्वत था, जिसके दोनों ओर बड़े जंगल थे। पूर्व दिशा में आम के पेड़ थे। इसके साथ ही, बड़े-बड़े इलाकों में बहुत से बरगद के पेड़ और गन्ने के खेत भी थे। इन सभी चीजों के कारण गांव की दृष्टि-सीमा (देखने का क्षेत्र) सीमित हो गया था।
In simple words: मनोहरपुरी के चारों ओर पहाड़, घने जंगल, आम के बाग और गन्ने के खेत थे, जिससे दूर तक देखना मुश्किल था।
🎯 Exam Tip: Describe the geographical features and their impact on the environment.
Question 3. सुवर्णपुर का रास्ता मनोहरपुरी की ओर कैसे मुड़ता था?
Answer: सुवर्णपुर से निकलने वाला रास्ता नदी की तरह आम और ताड़ के पेड़ों के समूहों को अलग करता हुआ उनके बीच से गुजरता था। यह मार्ग धीरे-धीरे मनोहरपुरी की दिशा में मुड़ जाता था।
In simple words: सुवर्णपुर से मनोहरपुरी का रास्ता नदी के किनारे-किनारे आम और ताड़ के पेड़ों के बीच से होकर जाता था।
🎯 Exam Tip: Understand the description of routes and landmarks connecting different places.
Question 4. सुरसंग ने राजा खाचर के प्रति श्रद्धा किन शब्दों में प्रगट की?
Answer: सुरसंग ने राजा खाचर के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि राजा खाचर ने उन पर बहुत दया की है। उसने कहा कि सरकार उनसे जो भी कहेगी, चाहे वह बोलकर या कागज पर, वे मानेंगे, लेकिन राजा खाचर उसका (सुरसंग का) कभी बाल भी बांका नहीं होने देंगे।
In simple words: सुरसंग ने कहा कि राजा खाचर ने उस पर बड़ी कृपा की है, और भले ही सरकार कुछ भी कहे, राजा खाचर उसका कभी बुरा नहीं होने देंगे।
🎯 Exam Tip: Pay attention to dialogues and expressions of loyalty or respect between characters.
Question 5. चिलम की आग का प्रकाश कैसा स्पष्ट होता था?
Answer: जब चिलम में आग जलाई गई, तो उसका प्रकाश इतना तेज था कि ऐसा लगा मानो ऊपर की पेड़ों की डालियों पर उसी तेज का प्रतिबिंब पड़ रहा हो। उस समय यह प्रकाश जुगनू के पंखों की चमक जैसा दिखाई देता था।
In simple words: चिलम की आग बहुत तेज जल रही थी, जिससे पेड़ों पर रोशनी पड़ रही थी और वह जुगनू की चमक जैसी लग रही थी।
🎯 Exam Tip: Note down vivid descriptions related to sensory experiences like light and sound.
4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पाँच-छः वाक्यों में उत्तर दीजिए :
Question 1. विद्याचतुर ने मनोहरपुरी का जीर्णोद्धार क्यों किया?
Answer: विद्याचतुर का जन्म मनोहरपुरी में ही हुआ था, इसलिए इस जगह से उनका गहरा संबंध था। उनका मौसी का घर भी मनोहरपुरी में ही था। विद्याचतुर ने अपना बचपन और जवानी का शुरुआती समय इसी गांव में बिताया था। इन्हीं कारणों से उन्हें मनोहरपुरी बहुत प्रिय थी। अपने इस गहरे लगाव के कारण ही विद्याचतुर ने मनोहरपुरी का फिर से विकास और सुधार करवाया।
In simple words: विद्याचतुर का जन्म मनोहरपुरी में हुआ था और उनका बचपन वहीं बीता था। उनका मौसी का घर भी वहीं था। इन सभी कारणों से मनोहरपुरी से उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव था, इसलिए उन्होंने इसका सुधार करवाया।
🎯 Exam Tip: When explaining reasons for a character's actions, connect them to their personal history and emotional ties.
Question 2. भद्रानदी की सुभद्रा शाखा समुद्र में कैसे मिलती है ?
Answer: भद्रा नदी की सुभद्रा नामक शाखा पूर्व दिशा से बहना शुरू करती है और फिर दक्षिण की ओर मुड़ जाती है। यह टेढ़े-मेढ़े रास्तों से बहती है और अपने साथ सभी पेड़ों के पत्ते और फूल बहाकर लाती है। यह शाखा धीमी लेकिन स्थिर गति से, मधुर आवाज करती हुई, आखिर में मुख्य नदी से मिलकर समुद्र में मिल जाती है।
In simple words: भद्रानदी की सुभद्रा शाखा पूरब से दक्षिण की ओर टेढ़ी-मेढ़ी बहती है। यह पत्ते और फूल बहाती हुई धीरे-धीरे, मीठी आवाज में बहकर समुद्र में मिल जाती है।
🎯 Exam Tip: Provide a clear, sequential description of natural processes like a river's flow.
Question 3. बैलगाड़ी कहाँ से गुजरी और तिराहे पर क्यों रुकी?
Answer: बैलगाड़ी आम के बाग (आम्रवन) और ताड़ के पेड़ों के बाग (ताड़वन) के बीच से गुजरने वाले रास्ते से आगे बढ़ी। फिर वह ऐसी सीमा से गुजरी जहां पूर्व-पश्चिम दिशा में जाने वाले रास्ते थे। इसके बाद वह दक्षिण की ओर के बंद रास्ते पर पहुंची, जहां तीन दिशाओं से मार्ग मिलते थे, जिससे एक तिराहा बनता था। उस समय तक अंधेरा हो चुका था और रात हो रही थी। इन्हीं कारणों से बैलगाड़ी तिराहे के पास आकर रुक गई।
In simple words: बैलगाड़ी आम और ताड़ के बागों के बीच से गुजरी, फिर ऐसे रास्ते पर पहुंची जहाँ कई मार्ग मिलते थे। अंधेरा होने और रात होने के कारण वह तिराहे पर रुक गई।
🎯 Exam Tip: Describe the route taken and the environmental conditions that influenced the journey's pause.
5. आशय स्पष्ट कीजिए :
Question 1. तुम तो मुक्त हो, पर मेरा तो घर-बार जाएगा।
Answer: यह वाक्य बैलगाड़ी चलाने वाले ने एक संन्यासी से कहा था। बैलगाड़ी में संन्यासी संदिग्ध स्थिति में यात्रा कर रहा था, और बैलगाड़ीवाले को इस बात का डर था। इसलिए उसने संन्यासी से कहा कि संन्यासी तो दुनिया के बंधनों से मुक्त होते हैं और उन्हें कुछ लेना-देना नहीं होता, लेकिन वह एक परिवार वाला व्यक्ति है। अगर उसके साथ कुछ बुरा होता है, तो उसका सब कुछ, यानी उसका घर-परिवार, नष्ट हो जाएगा।
In simple words: बैलगाड़ीवाले ने संन्यासी से कहा कि संन्यासी को दुनिया की कोई चिंता नहीं होती, लेकिन अगर उसे कुछ हो गया तो उसका परिवार और घर बर्बाद हो जाएगा क्योंकि वह एक गृहस्थ है।
🎯 Exam Tip: To explain the meaning, clarify who said it, to whom, in what context, and what underlying sentiment it conveys.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए :
Question 1. आम्रवन और ताइवन किन राज्यों में थे?
Answer: आम्रवन अंग्रेजी राज्य में था और ताड़वन सुवर्णपुर के राज्य में था।
In simple words: आम का बाग अंग्रेजी राज्य में और ताड़ का बाग सुवर्णपुर राज्य में था।
🎯 Exam Tip: Remember specific details about property ownership or administrative divisions.
Question 2. मनोहरपुरी किसकी राजधानी है?
Answer: मनोहरपुरी प्रतापी राजाओं की राजधानी है।
In simple words: मनोहरपुरी कई शक्तिशाली राजाओं की राजधानी हुआ करती थी।
🎯 Exam Tip: Identify the historical significance or political status of locations.
व्याकरण
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची (समानार्थी) शब्द लिखिए :
- प्राचीन - पुरातन
- अवनति - अधोगति
- जीर्णोद्धार - मरम्मत
- सीमा - मर्यादा
- ज्वार - भरती, उबाल
- बिगुल - रणभेरी
- संन्यासी - साधू
- मायका - पीहर
- विश्राम - आराम
निम्नलिखित शब्दों के विलोम (विरुद्धार्थी) शब्द लिखिए :
- प्राचीन × अर्वाचीन
- चतुर × मूर्ख
- प्रारंभ × पूर्णाहुति
- अधिकार × अनाधिकार
- प्राकृतिक × अप्राकृतिक
- संन्यासी × गृहस्थ
- सावधान × असावधान
- स्वीकृति × अस्वीकृति
- भय × निर्भयता
- संशय × विश्वास
- आकाश × धरती
- मुखर × चुप
- निश्चित × अनिश्चित
- आदमी × औरत
निम्नलिखित तदभव शब्दों के तत्सम रूप लिखिए :
- मूर्ख - मूढ़
- तीन - त्रिजी
- भाई - भ्राता
- चुल्हा - चुल्लिः
- खपरा - खर्पर
- भात - भक्त
- सौत - सपत्नी
- फूल- पुष्प
निम्नलिखित शब्दों में से प्रत्यय अलग कीजिए :
1. सीमित = सीमा + इत (प्रत्यय)
2. प्रारंभिक = प्रारंभ + इक (प्रत्यय)
3. गुजराती = गुजरात + ई (प्रत्यय)
4. विभाजित = विभाजन + इत (प्रत्यय)
5. ऐतिहासिक = इतिहास + इक (प्रत्यय)
6. प्रकाशित = प्रकाश + इत (प्रत्यय)
7. प्रतापी = प्रताप + ई (प्रत्यय)
8. प्राकृतिक = प्रकृति + इक (प्रत्यय)
9. आलंकारिक = अलंकार + इक (प्रत्यय)
10. मनोहारी = मनोहर + ई (प्रत्यय)
11. वाचाक = वाचा + क (प्रत्यय)
12. आकर्षित = आकर्षण + इत (प्रत्यय)
13. गोलाकार = गोला + कार (प्रत्यय)
निम्नलिखित शब्दों में से उपसर्ग अलग कीजिए :
1. स्वतंत्र = स्व (उपसर्ग) + तंत्र
2. अवनति = अव (उपसर्ग) + नति
3. सविशेष = स (उपसर्ग) + विशेष
4. व्यतीत = वि (उपसर्ग) + अतीत
5. प्रारंभ = प्र (उपसर्ग) + आरंभ
6. प्रदत्त = प्र (उपसर्ग) + दत्त
7. दुःसहता = दुः (उपसर्ग) + सहता
8. अतिविस्तृत = अति (उपसर्ग) + विस्तृत
9. असंख्य = अ (उपसर्ग) + संख्य
10. सुभद्रा = सु (उपसर्ग) + भद्रा
11. सुरंगित = सु (उपसर्ग) + रंगित
12. सुवर्ण = सु (उपसर्ग) + वर्ण
13. विमुक्त = वि (उपसर्ग) + मुक्त
14. प्रतिबिंब = प्रति (उपसर्ग) + बिंब
15. अधोगति = अधः (उपसर्ग) + गति
16. विद्रोही = वि (उपसर्ग) + द्रोही
निम्नलिखित वाक्यों में से विशेषण पहचानिए :
Question 1.
1. ईश्वर-प्रदत्त सुंदरता से गांव सुशोभित है।
2. पश्चिमी पवन की लहरें चलती हैं।
3. सूरसंग ने सियार जैसा विचित्र स्वर निकाला।
4. तीन लड़के वहाँ खेल रहे थे।
Answer:
1. ईश्वर-प्रदत्त
2. पश्चिमी
3. विचित्र
4. तीन
In simple words: इन वाक्यों में "ईश्वर-प्रदत्त" (ईश्वर द्वारा दी गई), "पश्चिमी" (पश्चिम दिशा की), "विचित्र" (अजीब), और "तीन" (संख्या) शब्द विशेषण हैं, क्योंकि ये संज्ञाओं की विशेषता बताते हैं।
🎯 Exam Tip: To identify adjectives, look for words that describe nouns or pronouns in terms of quality, quantity, number, or demonstration.
निम्नलिखित शब्दसमूहों के लिए एक-एक शब्द लिखिए :
1. मौसी का घर - मौसियान
2. पत्नी के पिता का घर - पीहर, मायका
3. ईश्वर द्वारा विशेष रूप से दिया गया - ईश्वर-प्रदत्त
4. जो खून से लथपथ हो - रक्तरंजित
5. स्वीकृति के रूप में हकारात्मक स्वर - हुंकारी
6. जहाँ तीन रास्ते मिलते हो - त्रिराहा
7. पैरों के चलने की आवाज़ - आहट
निम्नलिखित अशुद्ध वाक्यों को शुद्ध करके फिर से लिखिए :
Question 1.
1. यह मेरा अपना निजी मकान है।
2. वह यही शहर का निवासी है।
Answer:
1. यह मेरा मकान है।
2. वह इसी शहर का निवासी है।
3. ऐसा किसी शास्त्र में नहीं लिखा है।
In simple words: पहले वाक्य में "अपना" और "निजी" दोनों एक ही अर्थ बताते हैं, इसलिए एक ही शब्द का प्रयोग करना सही है। दूसरे वाक्य में "यही" की जगह "इसी" ज्यादा सही है। तीसरे वाक्य में "कोई शास्त्र" की जगह "किसी शास्त्र" होना चाहिए।
🎯 Exam Tip: For sentence correction, identify redundant words, incorrect prepositions, or inappropriate demonstrative pronouns.
निम्नलिखित कहावत का अर्थ लिखकर समझाइए
Question. कहाँ राजा भोज, कहाँ गंगू तेली – जिनसे कोई तुलना न हो सकती हो उसकी तुलना करने पर कहा जाता है।
Answer: इस कहावत का मतलब है कि जब दो बिलकुल अलग स्तर के व्यक्तियों या चीजों की तुलना की जाती है, जिनकी कोई बराबरी नहीं होती। इसका स्पष्टीकरण यह है कि तुलना हमेशा बराबर के लोगों या चीजों में होती है। जैसे, एक गरीब व्यक्ति की तुलना एक अमीर व्यक्ति से नहीं की जा सकती। जब कोई छोटा व्यक्ति अपनी बड़ाई करते हुए खुद को किसी महान व्यक्ति जैसा दिखाने की कोशिश करता है, तब यह कहावत कही जाती है: 'कहाँ राजा भोज, कहाँ गंगू तेली।'
In simple words: यह कहावत तब कही जाती है जब दो बहुत अलग व्यक्तियों या चीजों की तुलना की जाती है, जहाँ एक बहुत बड़ा और दूसरा बहुत छोटा हो। इसका अर्थ है कि असमान लोगों की तुलना करना गलत है।
🎯 Exam Tip: Explain the literal meaning of the idiom, its context of usage, and provide a clear example for full marks.
मनोहरपुरी की सीमा पर Summary in Hindi
विषय-प्रवेश :
मनोहरपुरी बहुत पुराने समय में एक बड़ी नगरी थी। जब म्लेच्छों ने इस नगरी को जीत लिया, तो इसका पतन शुरू हो गया और यह नगरी एक गांव में बदल गई। बाद में विद्याचतुर नामक व्यक्ति ने मनोहरपुरी का फिर से विकास किया। इस पाठ में मनोहरपुरी की सीमाओं का प्राकृतिक सौंदर्य, उसकी कलात्मकता और मनोरम वर्णन किया गया है।
पाठ का सार :
ऐतिहासिक नगरी : मनोहरपुरी प्राचीन काल में एक ऐतिहासिक शहर था। यह सुवर्णपुर से लगभग दस कोस की दूरी पर था और यह शक्तिशाली राजाओं की राजधानी हुआ करती थी। जब म्लेच्छों ने इसे जीत लिया, तो इसकी प्रतिष्ठा कम होने लगी। इतना ही नहीं, इसे मनोहरियु और मनोरियु जैसे छोटे नामों से पुकारा जाने लगा। आज यह गांव रत्ननगरी राज्य के इलाके में आता है।
जीर्णोद्धार : विद्याचतुर का जन्म इसी गांव में हुआ था। उनकी मौसी का घर और गुणसुंदरी का मायका भी इसी गांव में स्थित था। इस कारण विद्याचतुर का इस जगह से गहरा भावनात्मक जुड़ाव था। यही वजह है कि विद्याचतुर ने इस गांव का जीर्णोद्धार करवाया।
मनोहरपुरी की सुंदरता बरकरार : मनोहरपुरी का पुराना वैभव तो समाप्त हो गया था, लेकिन इसकी प्राकृतिक सुंदरता अभी भी बनी हुई थी।
प्राकृतिक रचना : मनोहरपुरी, सुवर्णपुर, रत्ननगरी और अंग्रेजी राज्य के अधिकार क्षेत्र के मध्य में स्थित था। इन तीनों राज्यों की सीमाएं मनोहरपुरी की सीमा से मिलती थीं। समुद्र तट लगभग आधे कोस की दूरी पर था। उत्तर दिशा में संदरगिरि पर्वत था और उसके दोनों ओर घने वन थे। भद्रा नदी की सुभद्रा शाखा समुद्र में मिलती थी।
सड़क पर बैलगाड़ी : शाम के समय सड़क पर एक बैलगाड़ी आ रही थी। यह वही बैलगाड़ी थी जिसमें बैठकर सरस्वतीचंद्र यात्रा कर रहा था। बैलगाड़ी चलाने वाला वही व्यक्ति था, लेकिन सरस्वतीचंद्र अंदर नहीं था, बल्कि बैलगाड़ी के साथ एक दंडी संन्यासी चल रहा था। बैलगाड़ीवाला ठीक था, लेकिन संन्यासी के मन में किसी बात की शंका थी, और उसकी आँखें सावधान रहने की कोशिश करती दिख रही थीं।
बैलगाड़ी तिराहे पर : बैलगाड़ी कई रास्तों से होकर तिराहे पर पहुंची, तो बैलगाड़ी चलाने वाले ने संन्यासी की इच्छा से बैलों को खोल दिया। इसके बाद संन्यासी और बैलगाड़ीवाला दोनों चुपचाप बातें करने लगे।
बैलगाड़ीवाले का भय : बैलगाड़ी चलाने वाले ने संन्यासी से कहा कि अब उसे जाने दिया जाए। क्योंकि तिराहे पर बहुत खतरा है। संन्यासी तो दुनिया के बंधनों से मुक्त हैं, उन्हें किसी चीज से लेना-देना नहीं, पर वह एक परिवार वाला व्यक्ति है। अगर उसे कुछ हो गया तो उसका घर-परिवार सब चला जाएगा। संन्यासी का विरोध : संन्यासी बैलगाड़ीवाले का विरोध करता है और कहता है कि उसे वीरपुर जाना है और बैलगाड़ी में ही जाना जरूरी है, क्योंकि हरभम की मार से उसके पैर की हड्डी में दर्द हो रहा है। पर बैलगाड़ीवाला जवाब देता है कि वीरपुर में संन्यासी और उसे दोनों को बंदी बना लिया जाएगा।
सुरसंग का आश्वासन : संन्यासी बैलगाड़ीवाले को सुरसंग के बारे में बताता है। सुरसंग कहता है कि वीरपुर में राजा खाचर की उस पर कृपा है। इसलिए उसे चिंता करने की जरूरत नहीं है। सुरसंग उसका बाल भी बांका नहीं होने देगा।
बिगुल का स्वर, सियार की बोली : अंधेरे में बिगुल की आवाज सुनाई देती है। उत्तर दिशा से सुरसंग सियार जैसी आवाज निकालता है। फिर कुछ कदमों की आहट सुनाई देती है। सुरसंग चिलम फूंककर उसमें से आग की लपटें निकालता है। बागी लोग मन की बात करने लगते हैं।
बागियों की कहानी का रस : चारों ओर फैले अंधेरे की तरह बिना किसी बाधा के, लेकिन हवा के हिलने और ऊपर के पत्तों की आवाज की तरह धीमी आवाज में बागियों की कहानी का रस धीरे-धीरे एक-दूसरे को सुनाई पड़ने लगता है।
मनोहरपुरी की सीमा पर शब्दार्थ :
- प्राचीन - पुराना।
- काल - समय।
- म्लेच्छों - वह जो संस्कृत न बोलनेवाले हों, अनार्य, विदेशी।
- अवनति - हीन दशा।
- विद्याचतुर - ज्ञानी।
- मौसियान - मौसी का घर।
- मायका - पत्नी के पिता का घर, पीहर।
- बाल्यावस्था - बचपन।
- दंपती - पति-पत्नी।
- ईश्वरप्रदत्त - ईश्वर द्वारा प्रदान किया गया।
- सिवान - सीमा।
- रुधना - रुक जाना।
- गुथना - मोटे तागों से सिलना।
- ज्वारीय - भरती, उबाल (समुद्र में)।
- पांजर - पसली, पार्श्व।
- रक्तरंजित - खून से लथपथ।
- हुंकारी - स्वीकृति की सूचक हूँहूँ।
- तिराहा - जहाँ तीन रास्ते मिलते हैं।
- बिगुल - रणभेरी।
- पदचाप - पैरों के स्वर।
- निष्कंटक - बिना बाधा।
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