Official GSEB Solutions for Class 11 Hindi: Chapter 12 दुख
Review structured textbook solutions for Class 11 Hindi Chapter 12 दुख. Built according to GSEB guidelines for the 2026-27 academic year, these downloadable answers support daily revision and problem-solving accuracy.
Chapter-wise Solutions for Hindi: Chapter 12 दुख
Navigate directly to the solved Hindi textbook exercises using the digital viewer below. Each solution includes detailed step-by-step explanations, allowing students to instantly cross-check their work and identify areas requiring further revision.
Exercise 1. सही विकल्प चुनकर खाली जगह भरिए:
Question 1. अपमान और तिरस्कार होने पर मन ............ से भर जाता है।
(क) त्याग
(ख) वैराग्य
(ग) वितृष्णा
(घ) ग्लानि
Answer: (ग) वितृष्णा
In simple words: जब कोई व्यक्ति अपमानित महसूस करता है, तो उसके मन में एक तरह की अरुचि या नफरत पैदा हो जाती है।
🎯 Exam Tip: बहुविकल्पीय प्रश्नों में, सही विकल्प का चुनाव विषय वस्तु की गहरी समझ पर आधारित होता है। सटीक उत्तर के लिए प्रत्येक विकल्प का अर्थ समझें।
Question 2. दिलीप चुपचाप..............की तरह अपने दुख को सहेगा।
(क) वीर
(ख) बहादुर
(ग) शहीद
(घ) योद्धा
Answer: (ग) शहीद
In simple words: दिलीप चुपचाप अपनी तकलीफें वैसे ही सहेगा जैसे एक शहीद अपनी पीड़ा सहता है।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में पाठ के संदर्भ को समझना महत्वपूर्ण है, क्योंकि पात्र के भावनात्मक जुड़ाव या प्रेरणा को दर्शाने वाला शब्द ही सही उत्तर होता है।
Question 3. वृक्षों के भीगे पत्ते बिजली के प्रकाश में............... रहे थे।
(क) चमचमा
(ख) दमक
(ग) दिमदिमा
(घ) जगमगा
Answer: (क) चमचमा
In simple words: बारिश के बाद पेड़ों के पत्तों पर जब बिजली की रोशनी पड़ती है, तो वे चमकते हुए दिखाई देते हैं।
🎯 Exam Tip: दृश्य वर्णन वाले प्रश्नों में, कहानीकार द्वारा प्रयुक्त सटीक क्रिया या विशेषण को पहचानना महत्वपूर्ण है, जो दृश्य के प्रभाव को दर्शाता है।
Question 4. स्त्री मैली-सी.......... में शरीर लपेदे बैठी थी।
(क) साड़ी.
(ख) धोती.
(ग) चादर
(घ) कंबल
Answer: (ख) धोती.
In simple words: एक महिला गंदी धोती ओढ़कर बैठी थी।
🎯 Exam Tip: पात्रों के पहनावे या स्थिति से जुड़े विवरण अक्सर उनकी सामाजिक या आर्थिक स्थिति को दर्शाते हैं; इन सूक्ष्म संकेतों पर ध्यान दें।
Question 5. दिलीप ने . फाड़कर फेंक दिया।
(क) पत्र
(ख) लिफाफा
(ग) पन्ना
(घ) अर्जी
Answer: (क) पत्र
In simple words: दिलीप ने कागज के उस टुकड़े को फाड़कर फेंक दिया।
🎯 Exam Tip: कहानी में किसी वस्तु का त्याग या विनाश, जैसे कि पत्र को फाड़ना, अक्सर पात्र की गहरी भावनाओं या निर्णय को दर्शाता है; इसे ध्यान में रखें।
Exercise 2. निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर दीजिए :
Question 1. हेमा अपनी माँ के घर क्यों चली गई ?
Answer: हेमा अपने मायके इसलिए चली गई क्योंकि दिलीप उसकी सहेली के साथ फिल्म देखने गया था, जिससे वह रुष्ट हो गई थी।
In simple words: हेमा दिलीप के अपनी सहेली के साथ फिल्म देखने जाने से नाराज होकर अपनी मां के घर चली गई।
🎯 Exam Tip: चरित्रों के बीच के संबंधों और उनकी प्रतिक्रियाओं को समझना कहानी के मूल संदेश को जानने में मदद करता है।
Question 2. बिजली के लैम्प किस भाव से प्रकाश डाल रहे थे ?
Answer: बिजली के लैंप बिना किसी स्वार्थ या बदलाव के अपनी रोशनी फैला रहे थे।
In simple words: बिजली के लैंप बिना किसी अपेक्षा या भावना के बस अपना काम कर रहे थे।
🎯 Exam Tip: निर्जीव वस्तुओं के माध्यम से मानवीय भावनाओं या दार्शनिक विचारों का चित्रण लेखक की लेखन शैली का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
Question 3. दिलीप को समीप खड़ा देख लड़के ने क्या कहा ?
Answer: दिलीप को पास खड़ा देखकर लड़के ने 'एक-एक पैसे में एक-एक ढेरी' कहा।
In simple words: लड़के ने दिलीप से कहा कि वह एक-एक पैसे में एक-एक ढेरी बेच रहा है।
🎯 Exam Tip: संवादों का सटीक उद्धरण पात्रों की स्थिति और उनके भावनात्मक संदर्भ को समझने में सहायक होता है।
Question 4. लड़के की माँ बाबू के यहाँ क्या करती थी?
Answer: लड़के की मां बाबू के घर में चौका-बर्तन का काम करती थी।
In simple words: लड़के की मां बाबू के घर में साफ-सफाई और खाना बनाने का काम करती थी।
🎯 Exam Tip: पात्रों के व्यवसायों को जानना उनकी सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि को उजागर करता है, जिससे कहानी की गहराई समझ में आती है।
Exercise 3. निम्नलिखित प्रश्नों के दो-तीन वाक्यों में उत्तर दीजिए :
Question 1. मनुष्य का मन वितृष्णा से कब भर जाता है?
Answer: मनुष्य का हृदय वितृष्णा से तब भर जाता है, जब वह किसी पर दूसरों से अधिक विश्वास करता है और उससे कृतज्ञता की अपेक्षा रखता है, लेकिन बदले में उसे अपमान और तिरस्कार प्राप्त होता है।
In simple words: जब हम किसी पर बहुत भरोसा करते हैं और वह हमें धोखा देता है या हमारा अपमान करता है, तो हमारा मन उससे नफरत करने लगता है।
🎯 Exam Tip: मानवीय भावनाओं, विशेषकर निराशा और वितृष्णा के कारणों को विश्लेषण करना, कहानी के मनोवैज्ञानिक पहलुओं को समझने में सहायक है।
Question 2. जगतू के अद्भुत नमूने क्या हैं. ?
Answer: जब दिलीप रात में लगभग साढ़े नौ बजे मिटो पार्क से एक शांत रास्ते से घर लौट रहा था, तो उसने देखा कि सड़क के किनारे खड़े बिजली के लैंपों की रोशनी में लाखों पतंगे झुंड बनाकर नाच रहे थे। मनुष्यों की अनुपस्थिति में भी इन पतंगों का नृत्य करते रहना दिलीप को जगत के अद्भुत उदाहरण लगे।
In simple words: दिलीप ने देखा कि रात में सुनसान सड़क पर बिजली के लैंपों के आसपास लाखों पतंगे गोल-गोल घूमकर नाच रहे थे। उसे यह दृश्य संसार का एक अनोखा उदाहरण लगा।
🎯 Exam Tip: प्राकृतिक दृश्यों या घटनाओं के वर्णन में लेखक के सूक्ष्म निरीक्षण और उसके माध्यम से व्यक्त होने वाले दार्शनिक विचारों को पहचानें।
Question 3. लड़के की माँ को काम से क्यों हटा दिया गया था?
Answer: लड़के की मां एक बाबू के घर में प्रतिमाह ढाई सौ रुपये में चौका-बर्तन का कार्य करती थी। लेकिन जगतू की मां ने बाबू की पत्नी से कहा कि वह यह सारा काम दो सौ रुपये में कर देगी, जिसके कारण बाबू की घरवाली ने उसे रख लिया और लड़के की मां को काम से हटा दिया।
In simple words: लड़के की मां को काम से हटा दिया गया क्योंकि जगतू की मां ने उसी काम को कम पैसों (दो सौ रुपये) में करने की पेशकश की थी, जबकि लड़के की मां ढाई सौ रुपये लेती थी।
🎯 Exam Tip: सामाजिक-आर्थिक संघर्षों और उनके परिणामों को समझने के लिए कहानी में पात्रों के बीच के प्रतिस्पर्धात्मक संबंधों पर ध्यान दें।
Question 4. स्कूल वालों ने जगतू की माँ को क्यों निकाला ?
Answer: जगतू की मां पहले स्कूल की लड़कियों को उनके घरों से लाने का काम करती थी। लेकिन जब स्कूल प्रशासन ने लड़कियों को लाने के लिए एक मोटर गाड़ी की व्यवस्था कर ली, तो उन्होंने जगतू की मां को काम से हटा दिया।
In simple words: जगतू की मां को स्कूल से इसलिए निकाला गया क्योंकि स्कूल ने लड़कियों को घर से लाने के लिए एक मोटर खरीद ली थी, जिससे उसके काम की जरूरत नहीं रही।
🎯 Exam Tip: तकनीकी या व्यवस्थागत परिवर्तनों का मानवीय रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव को समझना कहानी के सामाजिक संदेश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Question 5. दिलीप ने पत्र फाड़कर क्यों फेंक दिया ?
Answer: दिलीप ने पत्र इसलिए फाड़ दिया क्योंकि उसने खोमचेवाले बच्चे की झोंपड़ी में गरीबी और अभाव के वास्तविक 'दुःख' का अनुभव किया था। उसकी दृष्टि में वही सच्चा कष्ट था। उसने सोचा कि उसकी पत्नी हेमा को वास्तविक दुःख का अर्थ समझना चाहिए, क्योंकि उसके सामने हेमा का दुःख नगण्य प्रतीत हो रहा था।
In simple words: दिलीप ने पत्र फाड़ दिया क्योंकि उसने गरीब बच्चे और उसकी मां के असली दुःख को देखा था। उसे लगा कि उसकी पत्नी हेमा का दुःख उस गरीबी के सामने कुछ भी नहीं है।
🎯 Exam Tip: पात्रों के निर्णय अक्सर उनके अनुभवों और विचारों से प्रभावित होते हैं; घटनाओं के पीछे के गहरे भावनात्मक कारणों का विश्लेषण करें।
Exercise 4. निम्रलिखित प्रश्नों के पाँच छः वाक्यों में उत्तर दीजिए
Question 1. दिलीप के मन में क्षोभ का अंत न रहा, क्यों ?
Answer: दिलीप ने हेमा को पूर्ण स्वाधीनता दी थी और उसका बहुत सम्मान करता था, उसके प्रति उसके हृदय में गहरा प्रेम था। इन सबके बावजूद, वह हेमा को संतुष्ट नहीं रख सका। जब दिलीप हेमा की सहेली के साथ सिनेमा देखने गया, तो हेमा पूरे दिन उससे रूठी रही और अगले दिन अपने मायके चली गई। हेमा के इस व्यवहार से दिलीप अत्यंत खिन्न हो गया, और उसके मन में उपजे क्षोभ की कोई सीमा नहीं रही।
In simple words: दिलीप ने हेमा को बहुत प्यार और आजादी दी थी, लेकिन जब वह अपनी सहेली के साथ फिल्म देखने गया तो हेमा रूठकर मायके चली गई। इस बात से दिलीप बहुत दुखी और निराश हो गया।
🎯 Exam Tip: मानवीय संबंधों में अपेक्षाओं और वास्तविकताओं के बीच का अंतर अक्सर पात्रों के भावनात्मक संघर्षों को जन्म देता है, जिसे कहानी के माध्यम से व्यक्त किया जाता है।
Question 2. नृत्य करते पतंगे कैसे दिख रहे थे ?
Answer: कई घंटों तक अकेले रहने के बाद, दिलीप अपने घर लौट रहा था। सड़क लगभग वीरान थी, और लाखों पतंगे बिजली के लैंपों के चारों ओर नृत्य कर रहे थे, मानो उन्हें मनुष्यों की अनुपस्थिति की कोई परवाह न हो। प्रत्येक पतंगा एक नक्षत्र की भांति अपनी धुरी पर घूम रहा था; कुछ दाएं, कुछ बाएं, और कुछ विपरीत दिशा में गति कर रहे थे, पर उनमें से कोई भी आपस में टकरा नहीं रहा था। उनका यह नृत्य ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे विभिन्न ग्रह, उपग्रह और नक्षत्र बिना किसी टकराव के अपनी कक्षाओं में गतिशील हों।
In simple words: दिलीप ने देखा कि लाखों पतंगे बिजली के लैंपों के आसपास नाच रहे थे। वे ऐसे लग रहे थे जैसे अंतरिक्ष में ग्रह और तारे बिना टकराए घूमते रहते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रकृति के साथ मानव अनुभवों की तुलना करना लेखक की शैली का एक महत्वपूर्ण पहलू है, जो गहन दार्शनिक विचारों को सरल ढंग से प्रस्तुत करता है।
Question 3. लड़के की कोठरी कैसी थी ?
Answer: लड़के की कोठरी की ऊंचाई एक वयस्क व्यक्ति के कद के बराबर थी। उसमें मिट्टी के तेल की ढिबरी से निकलने वाला धुआं धुंधला प्रकाश फैला रहा था। एक छोटी चारपाई काली दीवार से सटी खड़ी थी, जिसके पायों पर कुछ मैले कपड़े लटके हुए थे। यह पूरी कोठरी उस परिवार की दयनीय और करुण स्थिति का स्पष्ट चित्रण कर रही थी।
In simple words: लड़के की कोठरी बहुत छोटी थी, जिसमें मिट्टी के तेल का दीपक जल रहा था। एक पुरानी चारपाई थी जिस पर मैले कपड़े लटके थे, जो उनकी गरीबी को दर्शाती थी।
🎯 Exam Tip: किसी स्थान या वस्तु का विस्तृत वर्णन पात्रों की स्थिति और कहानी के भावनात्मक माहौल को समझने में मदद करता है।
Question 4. दिलीप के लिए क्या देखना असंभव था ?
Answer: दिलीप ने लड़के की कोठरी में अत्यधिक गरीबी का दृश्य देखा: मां खुद भूखी रहकर अपने बेटे को दो सूखी रोटियां दे रही थी। लड़का यह जानता था कि उसकी मां भी भूखी है, इसलिए उसने एक रोटी मां को दी, लेकिन मां ने भूख न होने का बहाना बनाकर वह रोटी वापस बेटे को दे दी। इस गहन अभाव के बावजूद, अपनेपन और त्याग का यह हृदयस्पर्शी दृश्य दिलीप के मन को द्रवित कर गया, और इसके बाद उसे और कुछ भी देखना असंभव सा लगने लगा।
In simple words: दिलीप के लिए उस झोंपड़ी में मां और बेटे का एक-दूसरे के लिए त्याग देखना असंभव था, क्योंकि मां भूखी रहकर बेटे को रोटी दे रही थी, और बेटा भी मां को रोटी देना चाहता था।
🎯 Exam Tip: कठिनाई और अभाव के बीच मानवीय संबंधों की गहराई को समझना, कहानी के केंद्रीय भावनात्मक बिंदुओं को पहचानना सिखाता है।
Exercise 5. आशय स्पष्ट कीजिए।
Question 1. मनुष्य के बिना भी संसार कितना व्यस्त और रोचक है।
Answer: यह कथन दिलीप के अनुभव पर आधारित है, जब वह एकांत की तलाश में मिंटो पार्क गया था। लौटते समय उसे रास्ते में कोई मनुष्य नहीं दिखा, लेकिन उसने देखा कि बिजली के लैंपों के चारों ओर लाखों पतंगे गोल घेरे में नृत्य कर रहे थे। जैसे-जैसे वह लैंप के पास से आगे बढ़ता, उसकी परछाई आगे बढ़ती और पेड़ों की डालियों की परछाई उसके ऊपर से गुजरती। भीगे हुए पत्ते लैंप की रोशनी में चमक रहे थे। इन दृश्यों को देखकर दिलीप ने महसूस किया कि मानव की अनुपस्थिति में भी संसार कितना सक्रिय और मनोरंजक हो सकता है।
In simple words: यह बताता है कि दुनिया इंसानों के बिना भी बहुत सक्रिय और दिलचस्प होती है, जैसे पतंगों का रोशनी के पास नाचना और प्रकृति का अपना चक्र।
🎯 Exam Tip: उद्धरणों की व्याख्या करते समय, कहानी के उस विशेष प्रसंग को याद करें जिसमें वे कहे गए हैं, और उनके गहरे अर्थ को स्पष्ट करें।
Question 2. "काश! तुम जानती, दुःख किसे कहते हैं.... तुम्हारा यह रसीला दुःख तुम्हें न मिले तो जिन्दगी दूभर हो जाए।"
Answer: इस कथन के माध्यम से दिलीप अपनी पत्नी हेमा के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करता है। उसने एक गरीब बच्चे और उसकी मां की झोंपड़ी में उनकी भीषण दरिद्रता और वास्तविक कष्ट का अनुभव किया था। इस गहरे दुःख के सामने, उसकी पत्नी हेमा का 'दुःख', जो मामूली बातों पर रूठने और मायके चले जाने तक सीमित था, उसे अत्यंत तुच्छ और नगण्य प्रतीत होता है। दिलीप चाहता है कि हेमा वास्तविक दुःख को समझे, ताकि उसे पता चले कि जीवन की सामान्य असुविधाओं को 'दुःख' नहीं कहा जा सकता।
In simple words: दिलीप अपनी पत्नी हेमा से कहता है कि काश वह जानती कि सच्चा दुःख क्या होता है, क्योंकि उसकी अपनी परेशानियां उस गरीब मां-बेटे के वास्तविक कष्टों के सामने कुछ भी नहीं थीं।
🎯 Exam Tip: तुलनात्मक विश्लेषण का उपयोग करके दो अलग-अलग प्रकार के दुःखों को स्पष्ट करें - भौतिक अभाव से उत्पन्न दुःख और मानसिक असंतोष से उत्पन्न दुःख।
Exercise. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए :
Question 1. दिलीप घर से बाहर क्यों चला गया?
Answer: दिलीप घर से बाहर इसलिए चला गया ताकि वह दूसरों के साथ किसी अप्रिय बातचीत या विवाद से बच सके।
In simple words: दिलीप घर से बाहर चला गया ताकि उसे किसी बहस में न पड़ना पड़े।
🎯 Exam Tip: पात्रों के व्यवहार के पीछे के कारणों को पहचानना उनके चरित्र और कहानी के प्रवाह को समझने में मदद करता है।
Question 2. लड़का क्या बेच रहा था?
Answer: लड़का एक थाली में आठ कागज़ के टुकड़ों पर आठ ढेरियां लगाकर पकौड़े बेच रहा था।
In simple words: लड़का एक थाली में कागज पर पकौड़े की ढेरियां लगाकर बेच रहा था।
🎯 Exam Tip: सूक्ष्म विवरण, जैसे कि बेची जा रही वस्तु का प्रकार, कहानी के यथार्थवादी चित्रण में योगदान देते हैं।
Question 3. लड़का सभी ढेरियां कम पैसे में देने को क्यों तैयार नहीं हुआ?
Answer: लड़का सारी ढेरियां कम कीमत पर बेचने को तैयार नहीं हुआ, क्योंकि उसे अपनी मां के नाराज होने का भय था।
In simple words: लड़का कम पैसों में पकौड़े बेचने को तैयार नहीं हुआ क्योंकि उसे डर था कि उसकी मां गुस्सा करेगी।
🎯 Exam Tip: बच्चों के व्यवहार में माता-पिता के प्रति सम्मान या भय जैसे तत्वों को समझना कहानी के मानवीय पहलुओं को उजागर करता है।
व्याकरण
समानार्थी शब्द लिखिए :
• तिरस्कार = अपमान
• अनुरक्त = आसक्त
• क्षोभ = दुःख
• यातना = कष्ट, पीड़ा
• सान्त्वना = दिलासा
• कोलाहल = शोर
• स्तब्ध = शांत
• सुनसान = वीरान
• प्रफुल्लता = प्रसन्नता
• कुतूहल = जिज्ञासा
• प्रतिकार = प्रतिशोध
• पुलकित = प्रसन्न
• इजाजत = अनुमति
• व्याकुलता = बेचैनी
• अभिप्राय = आशय
विरुद्धार्थी शब्द लिखिए :
• अपमान × सम्मान
• स्वतंत्रता × परतंत्रता
• आदर × निरादर
• मुश्किल × आसान
• छुटकारा × बंधन
• निष्काम × सकाम
• बचपन × बुढ़ापा
• कृतज्ञता × कृतघ्नता
• सुविधा × असुविधा
• इच्छा × अनिच्छा
• रसीला × शुष्क
• शीघ्रता × देरी
• हल्का × भारी
• नुकसान × फायदा
शब्दों में से उपसर्ग अलग कीजिए :
• अपमान – अप
• वितृष्णा – वि
• अनुरक्त – अनु
• अप्रिय – अ
• प्रतिकार – प्रति
• अनिच्छा - अन्
• विद्रूपता - वि
• अनादर – अन
• विरक्ति – वि
• निर्विकार – निः
• निष्काय – निः
• बावजूद – बा
• प्रत्यक्ष – प्रति
• अभाव – अ
शब्दों में से प्रत्यय अलग कीजिए:
• बादशाही – ई
• खोमचेवाला – वाला
• आकर्षित – इत
• सौदागर – गर
• चतुरता – ता
• व्यस्तता – ता
• खनखनाहट – आहट
• रसीला – ईला
• अलसाई – ई
• शैथिल्य – य
• शिथिलता – ता
• पीड़ित – इत
• मनुष्यत्व – त्व
• प्रफुल्लता – ता
• विस्मित – इत
• चकित – इत
• आवश्यकता – ता
• परिचित – इत
दुःख Summary In Gujarati
ભાવાત્મક અનુવાદ :
દિલીપ અને હેમા : દિલીપ અને હેમા પતિ-પત્ની છે. તેમા દિલીપને ખૂબ પ્રિય છે. તે હેમાનો આવશ્યક્તા કરતાં વધારે આદર કરે છે. દિલીપે તેને પૂરી સ્વતંત્રતા આપી રાખી છે. તે તેને જરા પણ કષ્ટ પહોંચાડતો ન હતો.
દિલીપના મનનો ક્ષોભઃ આટલું બધું હોવા છતાં સામાન્ય ઘટના બને છે અને પરિણામે હેમારિસાઈને પોતાને પિયર ચાલી જાય છે. એવું બને છે કે એક વખત દિલીપ હેમાની સહેલી સાથે સિનેમા જોવા જાય છે. એનાથી દુઃખી થઈને હેમા આખો દિવસ તેનાથી રિસાયેલી રહે છે. બીજે દિવસે રિસાઈને તે પોતાના પિયર જતી રહે છે. આને લીધે દિલીપનું મન ક્ષુબ્ધ થઈ જાય છે. મિટો પાર્કમાં દિલીપ કેટલોક સમય હૉલમાં ચિંતામગ્ન બેસી રહે છે. પછી એકલપણાથી મુક્ત થવા તે શહેરના મિંટો પાર્કમાં જાય છે.
સૂમસાન સડક પર ખુમચાવાળોઃ દિલીપ મિટો પાર્કમાંથી રવાના થયો. લગભગ સાડા નવ વાગી ચૂક્યા હતા. અંધારામાં એક નાનકડો ખુમચાવાળો છોકરો ભજિયાંની ઢગલી કરીને બેઠેલો દેખાયો. દિલીપ છોકરા પર દયા ખાઈને આઠ પૈસામાં ભજિયાંની બધી ઢગલીઓ ખરીદી લે છે. દિલીપ ખુમચાવાળાને ઘેર: દિલીપ આઠ પૈસામાં છોકરાના બધા ભજિયાં ખરીદીને તેની થાળીમાં એક રૂપિયો મૂકી દે છે.
બાળક પાસે બાકીના છૂટા પૈસા નથી. દિલીપ તેની સાથે તેની ઝૂંપડી પર જાય છે. બાળકના ઘરમાં પણ પાછા આપવાના પૈસા નહોતા. દિલીપ બાળકને પૂરો રૂપિયો રાખી લેવા કહે છે. ખૂબ મુશ્કેલી પછી છોકરાની મા રૂપિયાના બાકી પૈસા પોતાની પાસે રાખવા તૈયાર થાય છે.
ઝૂંપડીમાં દિલીપ જુએ છે કે બાળકની ઝૂંપડીમાં મા બાળકને મીઠા સાથે સૂકી રોટલી ખાવા માટે આપે છે. બાળક સૂકી રોટલી ખાવાની ના પાડે છે. "રોજ રોજ સૂકી રોટલી!" મા તેને સમજાવીને કહે છે કે તે સવારે તેને દાળ જરૂર ખાવા આપશે. દિલીપ તેને રૂપિયો આપી ગયો છે. પછી બાળક રોટલી ખાઈ લે છે.
“રોટલી અને મા-દીકરો બાળકને પોતાની માના ખાવાની ચિંતા થાય છે. તે માને પૂછે છે “મા! તેં રોટલી ખાધી?" માના હાથમાં ફક્ત ટુવાલ હોય છે અને રોટલીઓ ખલાસ થઈ ગઈ છે. મા કહે છે મેં ખાઈ લીધું છે, મને ભૂખ નથી. તું ખાઈ લે. બાળકને ઘરની હાલત ખબર છે. તે પોતાની રોટલીઓમાંથી એક રોટલી માને આપીને કહે છે, “એક રોટલી તું ખાઈ લે." મા દીકરાને સમજાવે છે કે, એને સવારમાં મોડેથી ખાધું હતું, એટલે તેને ભૂખ નથી તું ખાઈ લે. દિલીપ ગરીબીનું આ દશ્ય જોઈ શકતો નથી અને ચાલી નીકળે છે.
દિલીપ પોતાના ઘેરઃ દિલીપ ભારે હૃદયથી પોતાને ઘેર આવી પહોંચે છે. નોકર પાસેથી તેમને ખબર પડે છે કે બે સજ્જન આવ્યા હતા અને થોડી વાર બેસી જતા રહ્યા. તેણે તેમનાં નામ પણ કહ્યાં. તે વખતે દિલીપનો નાનો ભાઈ તેને એક કવર આપે છે અને કહે છે કે ભાભીએ આ પત્ર મોકલ્યો છે. દિલીપ પત્ર ખોલીને વાંચે છે, પત્રની પહેલી પંક્તિમાં “હું આ જીવનમાં દુઃખ ભોગવવા માટે જ ઉત્પન્ન થઇ છું." દિલીપ પત્ર ફાડીને ફેંકી દે છે. તેના મગજમાં ઝૂંપડીમાં જોયેલું મા-દીકરાના દુःख के चित्र घूमने लगते है | उसके मुँह से निकलता है – “काश! તને ખબર હોત કે દુઃખ કોને કહે છે?”
दु:ख Summary In Hindi
विषय-प्रवेश :
'दुःख' कहानी दो ऐसे अलग-अलग परिवारों की है, जिनके लिए दुःख की परिभाषा अलग-अलग है। एक परिवार अभावों और अत्यंत गरीबी में जी रहा है, जिसका दुःख पेट भर रोटी न मिल पाने का है और दूसरा परिवार संपन्नता में पल रहा है और उस परिवार की औरत का दुःख मानसिक असंतोष है।
मुहावरे-अर्थ और वाक्य-प्रयोग :
आँखें झुकाना – शर्मिंदा होना
वाक्य : गलती पकड़े जाने पर मुनीमजी ने आँखें झुका लीं।
माथे पर बल पड़ना-आघात लगना
वाक्य : कठिन सवाल हल करने में विद्यार्थी के माथे पर बल पड़ गए।
दांतों से होंठ दबाना – चुप रहना
वाक्य : डाँट खाकर लड़का दाँतों से होंठ दबाकर रह जाता था।
मन हलका होना- शांति मिलना
वाक्य : माफी मांग लेने पर बहू का मन हलका हो गया।
पाठ का सार :
दिलीप और हेमा : दिलीप और हेमा पति-पत्नी हैं। हेमा दिलीप की चहेती है। वह हेमा का आवश्यकता से अधिक आदर करता है। उसने उसे पूरी स्वतंत्रता दे रखी है। उसे कहीं कोई कष्ट नहीं होने देता।
दिलीप के मन का क्षोभ : इतना होने के बावजूद एक मामूली-सी घटना घटती है, जिसका परिणाम यह होता है कि हेमा रूठकर अपने मायके चली जाती है। होता यह है कि एक दिन दिलीप उसकी सहेली के साथ सिनेमा देखने चला जाता है। इससे दुःखी होकर हेमा दिनभर उससे रूठी रहती है। अगले दिन रूठकर अपने मायके चली जाती है। इससे दिलीप का मन क्षोभ से भर जाता है।
मिंटो पार्क में : दिलीप कुछ देर बैठक में चिंतामग्न बैठा रहता है। फिर अकेलेपन से छुटकारा पाने के लिए वह शहर के मिंटो पार्क चला जाता हैं।
सुनसान सड़क पर खोमचेवाला : दिलीप इस पार्क के लिए रवाना हुआ था छः बजे और अब साढ़े नौ बज चुके हैं। वह रात गए अंधेरे में एक भोलाभोला खोमचेवाला लड़का पकौड़ों की ढेरियाँ लगाए बैठा दिखाई देता है। दिलीप बच्चे पर रहम करके आठ पैसे में उसकी सारी ढेरियाँ खरीद लेता है।
दिलीप खोमचेवाले के घर : दिलीप आठ पैसे में बच्चे का पूरा सौदा खरीदकर उसकी थाली में एक रुपया डाल देता है। बच्चे के पास बाकी पैसे लौटाने के लिए पैसे नहीं हैं इसलिए दिलीप को उसकी झोपड़ी तक जाना पड़ता हैं। पर बच्चे के घर में लौटाने के लिए पैसे न होने के कारण दिलीप उसे पूरा रुपया रख लेने के लिए कहता है। बड़ी मुश्किल से बच्चे की माँ इसके लिए राजी होती है।
झोंपड़े के अंदर : दिलीप देखता है कि बच्चे के झोंपड़े के अंदर माँ बच्चे को नमक के साथ सूखी रोटी खाने के लिए देती है। बेटा सूखी रोटी खाने से ना-नुकर करता है – “रोज, रोज रूखी रोटी!” माँ उसे पुचकारकर उससे वादा करती है कि वह सुबह उसे दाल जरूर खिलाएगी। 'बाबू' (दिलीप) उसे एक रुपया दे गए हैं। फिर बच्चा रोटी खा लेता है।
रोटी और माँ-बेटा : अब बेटे को अपनी माँ के खाने की चिंता होती है। वह उससे पूछता है, “माँ तूने रोटी खा ली?" माँ के हाथ में खाली अंगोछा है और रोटियाँ खत्म हो चुकी हैं। वह कहती है कि उसे भूख नहीं, वह खा ले। बच्चा घर की हालत से परिचित है। वह अपनी रोटी में से एक रोटी अपनी माँ को देकर कहता है, “एक रोटी तू खा ले।" माँ बेटे को पुचकारकर कहती है, उसने सुबह देर से खाया था। उसे भूख नहीं है। वह खा ले। दिलीप गरीबी का यह दृश्य देख नहीं पाता और वहाँ से चल देता है।
दिलीप अपने मकान पर : दिलीप भरे दिल से अपने मकान पर आ जाता है। नौकर से उसे पता चलता है कि दो भद्र पुरुष आए थे और कुछ देर बैठकर चले गए। उसने उनके नाम भी बताए। तभी दिलीप का छोटा भाई एक लिफाफा उसे देता है और कहता है कि भाभी ने यह पत्र भेजा है। दिलीप पत्र खोलकर पढ़ता है जिसकी पहली पंक्ति है – “मैं इस जीवन में दुःख ही देखने के लिए पैदा हुई हूँ..." दिलीप पत्र फाड़कर फेंक देता है। उसके दिमाग में झोंपड़ी में देखे हुए माँ-बेटे के दुःख के चित्र घूमने लगते हैं। उसके मुंह से निकलता है – “काश! तुम जानती, दुःख किसे कहते हैं?"
दुःख शब्दार्थ :
• तिरस्कार – अनादर, अपमान।
• वितृष्णा – विरक्ति, वैराग्य।
• अनुरक्त – लगाव, झुकाव।
• ग्लानि – मन में होनेवाला खेद, पश्चत्ताप।
• अलसाई - शिथिल, आलस में पड़ी हुई।
• फसील – कोट।
• व्यथा - घोर दुःख, तीव्र मानसिक पीड़ा।
• सांत्वना – तसल्ली, ढाढ़स।
• निःस्वास – नाक से साँस बाहर निकालना।
• प्रतिकार – बदला चुकाना।
• शैथिल्य – शिथिलता।
• निष्काम – जिसके मन में कोई, इच्छा न हो।
• निर्विकार – जिसमें कोई विकार या परिवर्तन न होता हो।
• ढिबरी – मिट्टी का दीपक।
• ढेरी – कुछ चीजों का लगाया गया समूह।
• मनुष्यत्व – मानवता।
• प्रफुल्लता – खिलने का भाव।
• खनखनाहट – खन-खन की आवाज।
• क्षीणकाय – दुबला-पतला।
• अभिप्राय – मतलब।
• कुम्हलाना – मुरझाना।
• तहाना – मोड़कर तह करके रखना।
• भद्रपुरुष – सज्जन व्यक्ति।
• विद्रुपता – उपहास, मजाक उड़ाना।
• विस्मित – चकित।
• रसीला – सुंदर, रसदार।
• दूभर – कष्टदायक।
Free study material for Hindi
Hindi Class 11 Curriculum Solutions: Chapter 12 दुख
Chapter Exercise Answers for Class 11 Hindi
Review comprehensive exercise answers for Class 11 Hindi Chapter 12 दुख. Fully updated to match current GSEB syllabus guidelines, these textbook solutions help students verify their work and maintain accurate study notes.
Detailed Answer Guides for Chapter 12 दुख
Beyond providing final answers, these guides offer step-by-step breakdowns for complex queries in the Class 11 Hindi module. This approach helps students balance theoretical depth with practical problem-solving skills required for GSEB exams.
Complete Preparation Kit for Class 11 Exams
These resources act as an effective roadmap for daily homework tasks and independent study. Supplement your review of Chapter 12 दुख with official sample papers and interactive practice tests available on our platform free of charge.
FAQs
The complete and updated GSEB Class 11 Hindi Solutions Chapter 12 दुख is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 11 Hindi are as per latest GSEB curriculum.
Yes, our experts have revised the GSEB Class 11 Hindi Solutions Chapter 12 दुख as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using GSEB language because GSEB marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our GSEB Class 11 Hindi Solutions Chapter 12 दुख will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 11 Hindi. You can access GSEB Class 11 Hindi Solutions Chapter 12 दुख in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire GSEB Class 11 Hindi Solutions Chapter 12 दुख in printable PDF format for offline study on any device.