GSEB Class 10 Social Science Solutions Chapter 6 भारत की साँस्कृतिक विरासत के स्थल

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1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से दीजिए:

 

Question 1. ताजमहल स्थापत्य कला का परिचय दीजिए ।
Answer: प्रस्तावना: भारत में मुगलकालीन स्थापत्य कला का एक बहुत अच्छा उदाहरण ताजमहल है। यह दुनिया के सात अजूबों में से एक है। यह उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में स्थित है। यह इमारत यमुना नदी के किनारे पर बनी है।
ताजमहल:

  • ताजमहल यमुना नदी के किनारे पर एक संगमरमर के चबूतरे पर खड़ा है।
  • ताजमहल का निर्माण शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज महल (अर्जमंद बानो) की याद में करवाया था, जिनकी मृत्यु साल 1630 में हुई थी।
  • ताजमहल का निर्माण साल 1631 में शुरू हुआ और यह साल 1653 में पूरा हुआ।
  • इसके निर्माण में 22 साल लगे और 4.5 करोड़ रुपये का खर्च आया था।
  • शाहजहाँ ने ताजमहल के निर्माण में भारतीय, ईरानी, अरबी, तुर्की और यूरोपीय शिल्पकारों को काम पर लगाया था।
  • ताजमहल को दुनिया के सबसे खास मकबरों में गिना जाता है।
  • शाहजहाँ का लक्ष्य था कि मुमताज महल का नाम पूरे विश्व में अमर हो जाए।
  • ताजमहल की पूरी इमारत उत्तर से दक्षिण दिशा में आयताकार आकार में फैली हुई है।
  • ताजमहल के बीच में मुमताज की कब्र है और उसके चारों तरफ बहुत सुंदर अष्टकोणीय जाली से सजावट की गई है।
  • इसके मेहराब पर लिखा है: 'स्वर्ग के बगीचे में पवित्र दिलों का स्वागत है।'
  • इसके चारों ओर फव्वारे और बगीचे हैं, जो इसकी सुंदरता को बढ़ाते हैं।
  • इसमें संगमरमर, रंगीन और कीमती पत्थरों का भरपूर उपयोग किया गया है।
निष्कर्ष: ताजमहल भारतीय स्थापत्य कला को गौरव प्रदान करता है और देश-विदेश के पर्यटकों के लिए हमेशा एक प्रमुख आकर्षण रहा है। इसकी बारीक कारीगरी पूरे विश्व में लोगों को पसंद आती है।
In simple words: ताजमहल मुगल स्थापत्य का एक शानदार उदाहरण है, जो आगरा में यमुना नदी के किनारे पर बना है। इसे शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में बनवाया था। यह अपनी सुंदरता और बारीक कारीगरी के लिए विश्व प्रसिद्ध है।

Exam Tip: ताजमहल के बारे में लिखते समय, इसके निर्माण का कारण, स्थान, निर्माण अवधि और लागत जैसे मुख्य बिंदुओं पर ध्यान दें।

 

Question 2. गुजरात के साँस्कृतिक विरासत के स्थलों पर टिप्पणी लिखिए ।
Answer: प्रस्तावना: गुजरात अपनी शिल्प कला और स्थापत्य में बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यहाँ कई प्रकार की गुफाएँ, मंदिर, मस्जिदें, किले, वाव (कुएँ), और तोरण (द्वार) जैसी इमारतें पाई जाती हैं।
गुजरात के सांस्कृतिक विरासत के स्थल:
(1) धोलावीरा – धोलावीरा सिंधु घाटी सभ्यता का एक शहर था। यह कच्छ जिले के भचाऊ तालुका के खदीरबेट इलाके में स्थित है। धोलावीरा अपनी व्यवस्थित नगर-रचना और हड़प्पा संस्कृति के व्यापार-वाणिज्य के लिए बहुत प्रसिद्ध था।
* आज से लगभग 500 साल पहले इस शहर में आभूषण और मनके बनाने के केंद्र पाए गए हैं।
(2) लोथल – यह भी सिंधु घाटी सभ्यता का एक पुराना शहर है। लोथल अहमदाबाद-भावनगर हाईवे के पास स्थित एक पुरातात्विक स्थल है।
* यह प्राचीन समय में व्यापार, वाणिज्य और आधुनिक सुविधाओं से भरा एक हड़प्पा संस्कृति का बंदरगाह था।
In simple words: गुजरात में बहुत सारी ऐतिहासिक जगहें हैं, जैसे गुफाएँ और मंदिर। धोलावीरा और लोथल सिंधु घाटी सभ्यता के पुराने शहर हैं, जो अपने व्यापार और शहर की बनावट के लिए जाने जाते हैं।

Exam Tip: गुजरात के सांस्कृतिक स्थलों पर लिखते समय, प्रत्येक स्थल के स्थान और उसकी मुख्य ऐतिहासिक विशेषता का उल्लेख अवश्य करें।

 

Question 3. दिल्ली के लाल किले की जानकारी दीजिए ।
Answer: दिल्ली के लाल किले का निर्माण शाहजहाँ ने साल 1638 में करवाया था।

  • लाल पत्थरों से बने इस किले में शाहजहाँ ने अपने नाम पर शाहजहाँनाबाद शहर बसाया था।
  • इस किले में दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास और रंगमहल जैसी खूबसूरत इमारतें बनवाई गई थीं।
  • दीवान-ए-खास अन्य इमारतों की तुलना में अधिक सजा हुआ है। इसकी सजावट में सोना, चाँदी और कीमती पत्थरों का अद्भुत मिश्रण दिखाई देता है।
  • लाल किले की अन्य इमारतों में रंगमहल, मुमताज का शीशमहल, लाहौरी दरवाजा, मीना बाजार और मुगल गार्डन भी शामिल हैं।
  • इस किले में शाहजहाँ ने मयूरासन बनवाया था, जिसे नादिरशाह अपने साथ ईरान ले गया था।
  • लाल किला मुगल स्थापत्य कला में एक उत्कृष्ट स्थान रखता है।
  • हर साल राष्ट्रीय त्योहारों पर यहाँ राष्ट्रध्वज फहराया जाता है।

In simple words: दिल्ली का लाल किला शाहजहाँ ने बनवाया था। यह लाल पत्थरों से बना है और इसमें कई सुंदर इमारतें हैं जैसे दीवान-ए-आम और दीवान-ए-खास। यह मुगल कला का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।

Exam Tip: लाल किले के बारे में जानकारी देते समय, इसके निर्माता, निर्माण वर्ष, मुख्य इमारतों और ऐतिहासिक महत्व को प्रमुखता से बताएं।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर मुद्दासर दीजिए:

 

Question 1. हम्पीनगर की स्थापत्यकला का परिचय दीजिए ।
Answer: हम्पी कर्नाटक के बेल्लारी जिले के होसपेट तालुका में स्थित है।

  • हम्पी विजयनगर साम्राज्य की राजधानी थी।
  • विजयनगर के सम्राट कला के बहुत बड़े प्रेमी थे। उनके शासनकाल में विजयनगर राज्य में स्थापत्य की एक विशेष शैली विकसित हुई थी।
  • कृष्णदेव राय के समय में यह स्थापत्य शैली अपने चरम पर पहुँची थी।
  • विजयनगर स्थापत्य शैली की मुख्य विशेषता बड़े पत्थरों को तराशकर बनाए गए भव्य, ऊँचे और कलात्मक स्तंभ हैं।
  • स्तंभों और स्तंभ-पंक्तियों पर देवी-देवताओं, मनुष्यों, पशुओं, योद्धाओं, नर्तकियों और कई अन्य कलात्मक और सुंदर मूर्तियों को बनाया गया था।
  • विजयनगर साम्राज्य में हम्पीनगर में कृष्णदेव राय के समय में विठ्ठलराय मंदिर और हजारा मंदिर का निर्माण हुआ था।
  • इसके अलावा, यहाँ विरुपाक्ष मंदिर, श्रीकृष्ण मंदिर और अच्युतराय के प्रसिद्ध मंदिर भी हैं।

In simple words: हम्पी, कर्नाटक में स्थित विजयनगर साम्राज्य की राजधानी थी। यहाँ के राजा कला प्रेमी थे और उन्होंने बड़े पत्थरों से सुंदर मंदिर और मूर्तियों का निर्माण करवाया था, जैसे विठ्ठलराय और हजारा मंदिर।

Exam Tip: हम्पीनगर की स्थापत्यकला का वर्णन करते समय, इसके शासकों, निर्माण शैली और प्रमुख मंदिरों का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. खजूराहो मंदिरों का परिचय दीजिए ।
Answer: खजूराहो मंदिर मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित हैं।

  • खजूराहो बुंदेलखंड के चंदेल राजपूतों की राजधानी थी।
  • उनके समय में (ईसवी 905 से 1050 तक) यहाँ 80 मंदिरों का निर्माण हुआ था, जिनमें अभी केवल 25 मंदिर ही बचे हैं।
  • इनमें से ज़्यादातर मंदिर शैव (शिव) मंदिर हैं, लेकिन कुछ वैष्णव (विष्णु) और जैन मंदिर भी हैं।
  • इन सभी मंदिरों की बनावट और उनकी शिल्प कला लगभग एक जैसी है।
  • इनमें चौसठ योगिनी का मंदिर मुख्य है। इस मंदिर का तोरण (प्रवेश द्वार) अपनी अलंकारिक शैली के लिए प्रसिद्ध है।
  • शुरुआती सभी मंदिर ग्रेनाइट पत्थरों से बनाए गए थे।
  • इन मंदिरों का निर्माण नागर शैली में हुआ था।
  • देश-विदेश के पर्यटक खजूराहो के मंदिरों की शिल्प कला, मूर्तिकला और वास्तुकला को बहुत पसंद करते हैं।

In simple words: खजूराहो मंदिर मध्य प्रदेश में हैं और चंदेल राजपूतों ने बनवाए थे। यहाँ पहले 80 मंदिर थे, अब 25 बचे हैं। ये नागर शैली के मंदिर अपनी सुंदर मूर्तियों और कला के लिए प्रसिद्ध हैं।

Exam Tip: खजूराहो मंदिरों के बारे में लिखते समय, उनके स्थान, निर्माणकर्ता, मंदिरों की संख्या, शैली और उनकी प्रसिद्ध कलात्मक विशेषताओं को हाइलाइट करें।

 

Question 3. कोणार्क के सूर्यमंदिर पर टिप्पणी लिखो ।
Answer: कोणार्क का सूर्यमंदिर उड़ीसा के पुरी जिले में बंगाल की खाड़ी के पास स्थित है।

  • इस मंदिर का निर्माण तेरहवीं सदी में गंगवंश के राजा नरसिंह वर्मन प्रथम ने करवाया था।
  • यह मंदिर सात घोड़ों द्वारा खींचे जाने वाले सूर्य के रथ के आकार में बना है।
  • इसके 12 बड़े पहिए हैं। मंदिर के आधार को सुंदरता प्रदान करने वाले ये पहिए साल के 12 महीनों को दिखाते हैं।
  • प्रत्येक चक्र में आठ आरे (स्पोक) हैं, जो दिन के आठ प्रहरों को बताते हैं।
  • इस मंदिर के रूपांकन और विषय विविधता इसे अद्वितीय बनाते हैं।
  • इस मंदिर का निर्माण काले पत्थरों से होने के कारण इसे काला पैगोड़ा भी भी कहते हैं।
  • द्विप, सांसारिक और सजावट – इन तीनों प्रकार की शिल्पकला में 13वीं सदी की उड़ीसा की संस्कृति और सभ्यता का प्रतिबिंब साफ दिखता है।

In simple words: कोणार्क का सूर्यमंदिर उड़ीसा में है, जिसे राजा नरसिंह वर्मन प्रथम ने बनवाया था। यह सात घोड़ों के रथ जैसा दिखता है, जिसमें 12 पहिए हैं जो महीने दिखाते हैं। इसे काले पत्थरों से बनाया गया है और इसे काला पैगोड़ा भी कहते हैं।

Exam Tip: कोणार्क सूर्यमंदिर पर टिप्पणी करते समय, इसके निर्माता, विशेष रथ-आकार, पहियों का महत्व और 'काला पैगोड़ा' नाम के कारण को स्पष्ट करें।

 

Question 4. वृहदेश्वर मंदिर का परिचय दीजिए ।
Answer: वृहदेश्वर मंदिर तमिलनाडु के तंजौर (तंजावुर) में स्थित है।

  • इस मंदिर का निर्माण ईसवी 1003 से ईसवी 1010 के बीच हुआ था।
  • यह मंदिर महादेव शिव का है, इसलिए इसे वृहदेश्वर कहते हैं।
  • यह मंदिर चोल वंश के राजा राजाराजे ने बनवाया था, इसलिए इसे राजेश्वर मंदिर भी कहते हैं।
  • यह मंदिर 500 फीट लंबा और 250 फीट चौड़े चबूतरे पर बना है।
  • इस मंदिर का शिखर जमीन से लगभग 200 फीट ऊँचा है। उस समय वृहदेश्वर मंदिर ने ऊँचे शिखर वाले मंदिरों में एक विशेष स्थान प्राप्त किया था।
  • भव्य शिखर, विशाल कद में उसकी संतुलित बनावट और कलात्मक सुंदरता के कारण यह मंदिर भारतीय स्थापत्य कला का एक बेमिसाल नमूना है।
  • द्रविड़ शैली में बना यह मंदिर दक्षिण भारत के भव्य मंदिरों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

In simple words: वृहदेश्वर मंदिर तमिलनाडु के तंजौर में है, जिसे चोल राजा राजाराजे ने शिव के लिए बनवाया था। यह मंदिर अपनी विशालता और द्रविड़ शैली की वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, और इसका शिखर लगभग 200 फीट ऊँचा है।

Exam Tip: वृहदेश्वर मंदिर का परिचय देते समय, इसके निर्माता, देवता, निर्माण शैली और इसकी विशालता व कलात्मक महत्व का उल्लेख करें।

 

Question 5. फतेहपुर सीकरी पर टिप्पणी लिखिए ।
Answer: फतेहपुर सीकरी उत्तर प्रदेश में आगरा से 26 मील दूर स्थित है।

  • अकबर ने सूफी संत सलीम चिश्ती की याद में इस शहर को बसाया था और इसे अपनी राजधानी बनाया था।
  • सीकरी में इमारतों का निर्माण कार्य ईसवी 1569 में शुरू हुआ और ईसवी 1572 तक यहाँ कई इमारतें बनवाई गईं।
  • इन इमारतों में बीरबल का महल, बीबी मरियम का सुनहरा महल, तुर्की सुल्तान का महल, जामा मस्जिद और बुलंद दरवाजा मुख्य हैं।
  • बुलंद दरवाजा 41 मीटर चौड़ा और 50 मीटर ऊँचा है।
  • फतेहपुर सीकरी की अन्य इमारतों में जोधाबाई का महल, पंचमहल, शेख सलीम चिश्ती का मकबरा, दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास और ज्योतिष महल प्रमुख हैं।

In simple words: फतेहपुर सीकरी आगरा के पास अकबर द्वारा सूफी संत सलीम चिश्ती की याद में बनवाया गया था। यहाँ बीरबल महल, बुलंद दरवाजा और जामा मस्जिद जैसी कई महत्वपूर्ण इमारतें हैं, जो मुगल वास्तुकला का उदाहरण हैं।

Exam Tip: फतेहपुर सीकरी के बारे में लिखते समय, इसके संस्थापक, निर्माण का उद्देश्य, प्रमुख इमारतें और उनकी विशिष्टताओं का वर्णन करें।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षिप्त में दीजिए:

 

Question 1. इलोरा के कैलास मंदिर का संक्षिप्त में परिचय दीजिए ।
Answer: इलोरा की गुफा संख्या 16 में कैलास मंदिर स्थित है, जिसे एक ही पत्थर को तराशकर बनाया गया है।

  • यह मंदिर 50 मीटर लंबा, 33 मीटर चौड़ा और 30 मीटर ऊँचा है।
  • दरवाजे, झरोखे और सुंदर स्तंभों की श्रेणियों से सुशोभित इस मंदिर की सुंदरता अवर्णनीय है।
  • दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में बनी यह इमारत ईसवी 600 से ईसवी 1000 के काल की है और प्राचीन भारतीय सभ्यता को जीवित रखती है।

In simple words: इलोरा का कैलास मंदिर गुफा नंबर 16 में है, जो एक ही पत्थर को काटकर बनाया गया है। यह 50 मीटर लंबा और 30 मीटर ऊँचा है। यह अपनी सुंदर नक्काशी और प्राचीन भारतीय सभ्यता को दिखाता है।

Exam Tip: कैलास मंदिर के बारे में बताते समय, इसके निर्माण की अनूठी विधि (एक ही पत्थर से), माप और इसकी कलात्मक सुंदरता को शामिल करें।

 

Question 2. एलिफेन्टा की गुफाओं की संक्षिप्त में जानकारी दीजिए ।
Answer: एलिफेन्टा की गुफाएँ महाराष्ट्र के मुंबई से 12 कि.मी. दूर अरब सागर में स्थित हैं।

  • एलिफेन्टा की गुफाओं की कुल संख्या 7 है।
  • यहाँ सबसे पहले पुर्तगाली आए थे। यहाँ के पत्थरों का आकार हाथी जैसा होने के कारण उन्होंने इसका नाम एलिफेन्टा रखा था।
  • यहाँ गुफाओं में कई शिल्प कृतियाँ बनाई गई हैं। जिनमें त्रिमूर्ति (तीन रूपों वाली मूर्ति) की शिल्पकला दुनिया की सर्वोच्च मूर्तियों में गिनी जाती है। यह गुफा संख्या 1 में स्थित है।
  • ईसवी 1987 में यूनेस्को द्वारा इसे विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया है।
  • स्थानीय मछुआरे इसे धारापुरी कहते हैं।

In simple words: एलिफेन्टा की गुफाएँ मुंबई के पास अरब सागर में हैं। यहाँ 7 गुफाएँ हैं, जिन्हें पुर्तगालियों ने हाथियों जैसी मूर्तियों के कारण एलिफेन्टा नाम दिया। गुफा नंबर 1 में त्रिमूर्ति की अद्भुत मूर्ति है, और यह 1987 में यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत घोषित की गई थी।

Exam Tip: एलिफेन्टा की गुफाओं पर लिखते समय, उनके स्थान, संख्या, नामकरण का कारण और त्रिमूर्ति की मूर्ति के महत्व को उजागर करें।

 

Question 3. कुतुबमीनार पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए ।
Answer: कुतुबमीनार दिल्ली में स्थित सल्तनतकालीन स्थापत्य कला का एक उत्कृष्ट नमूना है।

  • इसका निर्माण 12वीं सदी में गुलाम वंश के संस्थापक कुतुबुद्दीन ऐबक ने शुरू किया था, जिसके निधन के बाद उसके दामाद इल्तुतमिश ने इसे साल 1210 में पूरा करवाया था।
  • यह मीनार 72.5 मीटर ऊँची है।
  • इसका भूतल पर घेरा 13.75 मीटर है, जो ऊँचाई बढ़ने पर 2.75 मीटर कम हो जाता है।
  • कुतुबमीनार लाल पत्थर और संगमरमर से बनी है।
  • भारत की पत्थरों से बनी यह अभी तक की सबसे ऊँची मीनार है।

In simple words: कुतुबमीनार दिल्ली में है, जिसे कुतुबुद्दीन ऐबक ने शुरू किया और इल्तुतमिश ने पूरा किया था। यह 72.5 मीटर ऊँची है और लाल पत्थर व संगमरमर से बनी भारत की सबसे ऊँची मीनार है।

Exam Tip: कुतुबमीनार पर टिप्पणी करते समय, इसके निर्माता, निर्माण वर्ष, ऊँचाई और यह किस सामग्री से बनी है, इन मुख्य तथ्यों को बताएं।

 

Question 4. गोवा के देवालयों की जानकारी दीजिए ।
Answer: भारत में पुर्तगालियों के साथ ईसाई धर्म के गुरु भी आए थे।

  • गोवा पुर्तगालियों की राजधानी थी।
  • यहाँ बेसिलिका ऑफ गुड जीसस चर्च पुराने गोवा में स्थित है।
  • यहाँ संत फ्रांसिस जेवियर्स का पार्थिव शरीर संभालकर रखा गया है। इतने सालों के बाद भी उनका पार्थिव शरीर बिगड़ा नहीं है।
  • इसके अलावा गोवा में कई चर्च हैं। गोवा अपने सुंदर समुद्री किनारे के कारण भी प्रसिद्ध है।

In simple words: गोवा में पुर्तगालियों के आने से ईसाई धर्म का प्रभाव बढ़ा। यहाँ बेसिलिका ऑफ गुड जीसस चर्च जैसे कई चर्च हैं, जहाँ संत फ्रांसिस जेवियर्स का शरीर सुरक्षित रखा है। गोवा अपने सुंदर समुद्र तटों के लिए भी जाना जाता है।

Exam Tip: गोवा के देवालयों पर जानकारी देते समय, पुर्तगाली प्रभाव, प्रमुख चर्च और संत फ्रांसिस जेवियर्स के महत्व का उल्लेख करें।

 

Question 5. अहमदाबाद में साँस्कृतिक विरासत के स्थलों की जानकारी दीजिए ।
Answer: अहमदाबाद की पहचान एक ऐतिहासिक शहर के रूप में की जाती है।

  • अहमदाबाद में भद्र किला, जामा मस्जिद, रानी सिपरी की मस्जिद, सरखेज का रोजा, कांकरिया तालाब, झूलते मीनार, सीदी सैयद की जाली, हठीसिंह का मंदिर, रानी रूपमती की मस्जिद आदि देखने लायक स्थापत्य हैं।
  • सारंगपुर दरवाजे के बाहर राजपुर-गोमतीपुर में स्थित झूलते मीनार के कंपन का रहस्य अभी तक समझा नहीं गया है।
  • अत्यधिक बारीक और सुंदर वनस्पति-आधारित ज्यामितीय रचना के कारण सीदी सैयद की जाली प्रसिद्ध है।

In simple words: अहमदाबाद एक ऐतिहासिक शहर है जिसमें भद्र किला, जामा मस्जिद, कांकरिया तालाब और सीदी सैयद की जाली जैसी कई महत्वपूर्ण इमारतें हैं। यहाँ के झूलते मीनार का रहस्य आज भी अनसुलझा है।

Exam Tip: अहमदाबाद के सांस्कृतिक स्थलों पर लिखते समय, प्रमुख ऐतिहासिक इमारतों और उनकी विशिष्ट विशेषताओं (जैसे झूलते मीनार का रहस्य या सीदी सैयद की जाली की कला) को बताएं।

 

Question 6. प्राचीन समय के पट्टदकल नगर की जानकारी दीजिए ।
Answer: पट्टदकल कर्नाटक राज्य में बादामी से 16 किमी दूर स्थित है।

  • पट्टदकल चालुक्य वंश की राजधानी थी।
  • सातवीं-आठवीं सदी में निर्मित यहाँ के मंदिर नागर और द्रविड़ शैली के हैं।
  • पट्टदकल का सबसे बड़ा मंदिर विरुपाक्ष मंदिर है।

In simple words: पट्टदकल कर्नाटक में चालुक्य वंश की राजधानी थी। यहाँ सातवीं-आठवीं सदी में बने मंदिर नागर और द्रविड़ शैली में हैं, और विरुपाक्ष मंदिर सबसे बड़ा है।

Exam Tip: पट्टदकल के बारे में जानकारी देते समय, उसके ऐतिहासिक महत्व, निर्माण शैली और प्रमुख मंदिरों का उल्लेख करें।

4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर दीजिए:

 

Question 1. अजंता की गुफाएँ निम्न में से किस राज्य में है ?
(A) मध्य प्रदेश
(B) महाराष्ट्र
(C) उड़ीशा
(D) गुजरात
Answer: (B) महाराष्ट्र
In simple words: अजंता की गुफाएँ भारत के महाराष्ट्र राज्य में स्थित हैं।

Exam Tip: प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों के स्थान को याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर MCQs के लिए।

 

Question 2. निम्न में से कौन-सा विधान सत्य नहीं है ?
(A) इलोरा की गुफाओं में कैलाश मंदिर आया हुआ है ।
(B) इलोरा में कुल 34 गुफाएँ आयी हुई है ।
(C) राष्ट्रकूट राजाओं के समय हिन्दू धर्म की गुफाओं का निर्माण हुआ ।
(D) इलोरा की गुफाओं को चार भागों में बाँटा गया है ।
Answer: (D) इलोरा की गुफाओं को चार भागों में बाँटा गया है ।
In simple words: इलोरा की गुफाओं को चार भागों में बाँटा गया है, यह कथन गलत है। बाकी सभी कथन सही हैं।

Exam Tip: 'कौन-सा सत्य नहीं है' वाले प्रश्नों में, प्रत्येक विकल्प को ध्यान से पढ़ें और गलत जानकारी वाले विकल्प को चुनें।

 

Question 3. जोड़ों की जोड़ी सही क्रम में पसंद कीजिए:
1. कोणार्क का सूर्यमंदिर
2. विरूपाक्ष का मंदिर पट्टदकल
3. वृहदेश्वर मंदिर
4. खजुराहों के मंदिर
(A) मध्य प्रदेश
(B) तमिलनाडु
(C) कर्णाटक
(D) उड़ीसा
(A) 1 – D, 2 – C, 3 – B, 4 – A
(B) 1 – C, 2 – D, 3 – A, 4 – B
(C) 1 – C, 2 – D, 3 – B, 4 – A
(D) 1 – C, 2 – B, 3 – D, 4 – A
Answer: (A) 1 – D, 2 – C, 3 – B, 4 – A
In simple words: सही मिलान यह है: कोणार्क सूर्यमंदिर उड़ीसा में, विरुपाक्ष मंदिर कर्नाटक में, वृहदेश्वर मंदिर तमिलनाडु में और खजुराहो मंदिर मध्य प्रदेश में है।

Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों के लिए, पहले उन जोड़ियों को पक्का करें जिनके उत्तर आप निश्चित रूप से जानते हैं, फिर बाकी विकल्पों को एलिमिनेट करें।

 

Question 4. ताजमहल : शाहजहाँ, हुमायूँ का मकबरा : .....
(A) जहाँगीर
(B) हुमायूँ
(C) हमीदा बेगम
(D) शाहजहाँ
Answer: (C) हमीदा बेगम
In simple words: जिस प्रकार ताजमहल शाहजहाँ से संबंधित है, उसी प्रकार हुमायूँ का मकबरा हमीदा बेगम से संबंधित है, क्योंकि उन्होंने ही इसका निर्माण करवाया था।

Exam Tip: ऐसे सादृश्य प्रश्नों में, दिए गए पहले संबंध को समझें (निर्माता-निर्मित) और फिर उसी संबंध को दूसरे सेट पर लागू करें।

 

Question 5. फतेहपुर सिकरी नगर की स्थापना किसने की थी ?
(A) हुमायूँ
(B) शाहजहाँ
(C) बाबर
(D) अकबर
Answer: (D) अकबर
In simple words: फतेहपुर सीकरी शहर की स्थापना मुगल बादशाह अकबर ने की थी।

Exam Tip: शहरों और इमारतों के संस्थापकों या निर्माताओं के नाम याद रखना ऐतिहासिक प्रश्नों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

 

Question 6. भारत के इन ऐतिहासिक स्थलों को उत्तर से दक्षिण क्रम में जोड़ा गया सही क्रम कौन-सा है ?
(A) ताजमहल, खजुराहो मंदिर, वृहदेश्वर मंदिर, इलोरा की गुफाएँ
(B) इलोरा की गुफाएँ, ताजमहल, खजुराहो मंदिर, वृहदेश्वर मंदिर
(C) ताजमहल, वृहदेश्वर मंदिर, खजुराहो मंदिर, इलोरा की गुफाएँ
(D) ताजमहल, खजुराहो मंदिर, इलोरा की गुफाएँ, वृहदेश्वर मंदिर
Answer: (D) ताजमहल, खजुराहो मंदिर, इलोरा की गुफाएँ, वृहदेश्वर मंदिर
In simple words: उत्तर से दक्षिण की ओर सही क्रम में ताजमहल (उत्तर प्रदेश), फिर खजुराहो मंदिर (मध्य प्रदेश), उसके बाद इलोरा की गुफाएँ (महाराष्ट्र) और अंत में वृहदेश्वर मंदिर (तमिलनाडु) आते हैं।

Exam Tip: भारत के मानचित्र पर ऐतिहासिक स्थलों के भौगोलिक स्थान को समझना ऐसे क्रमबद्ध प्रश्नों को हल करने में मदद करता है।

 

Question 7. निम्नलिखित जोड़े में से सही जोड़ों का क्रम पसंद कीजिए ।
1. उपरकोट
2. सीदी सैयद की जाली
3. राणी की वाव
4. धोलावीरा
(A) अहमदाबाद
(B) पाटण
(C) खदीरभेट
(D) जूनागढ़
(A) 1 – D, 2 – C, 3 – B, 4 – A
(B) 1 – D, 2 – A, 3 – B, 4 – C
(C) 1 – C, 2 – D, 3 – B, 4 – A
(D) 1 – C, 2 – B, 3 – D, 4 – A
Answer: (B) 1 – D, 2 – A, 3 – B, 4 – C
In simple words: सही मिलान यह है: उपरकोट जूनागढ़ में, सीदी सैयद की जाली अहमदाबाद में, राणी की वाव पाटण में और धोलावीरा खदीरभेट में है।

Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों के लिए, प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों और उनके संबंधित शहरों या स्थानों को याद रखने का प्रयास करें।

 

Question 8. निम्न में से कौन-सा वाव का प्रकार नहीं है ?
(A) नंदा
(B) भद्रा
(C) तदा
(D) विजया
Answer: (C) तदा
In simple words: 'तदा' वाव (स्टेपवेल) का एक प्रकार नहीं है। नंदा, भद्रा और विजया वाव के ज्ञात प्रकार हैं।

Exam Tip: विभिन्न स्थापत्य रूपों के वर्गीकरण और उनके विशिष्ट नामों को जानना महत्वपूर्ण है।

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Free GSEB Textbook Explanations: Class 10 Social Science Chapter 06 भारत की साँस्कृतिक विरासत के स्थल

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