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Detailed Chapter 02 भारत की साँस्कृतिक विरासत परंपराएँ हस्तकल GSEB Solutions for Class 10 Social Science
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Class 10 Social Science Chapter 02 भारत की साँस्कृतिक विरासत परंपराएँ हस्तकल GSEB Solutions PDF
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से लिखिए:
Question 1. प्राचीन भारत की विरासत की मिट्टी काम कला समझाइए ।
Answer: मनुष्य और मिट्टी के बीच बहुत पुराना संबंध रहा है।
• इंसान के जन्म से लेकर मृत्यु तक का सफर मिट्टी से जुड़ा हुआ है।
• जब धातुओं की खोज नहीं हुई थी, तब मनुष्य ज़्यादातर मिट्टी से बनी चीज़ों का इस्तेमाल करता था।
• मिट्टी के खिलौने, बर्तन, प्याले, घड़े, मिट्टी के चूल्हे और अनाज रखने के डिब्बे आदि बनाए जाते थे।
• उस समय घरों की दीवारें भी मिट्टी और गोबर से लेप कर सुरक्षित रखी जाती थीं।
• पानी, दूध, दही, छाछ और घी जैसे तरल पदार्थ भी मिट्टी के बर्तनों में जमा किए जाते थे।
• रसोईघर के सभी बर्तन भी मिट्टी के बने होते थे।
• लोथल, मोहनजोदड़ो और हड़प्पा सभ्यता के समय के लाल रंग के मिट्टी के प्याले, जार और प्लेट जैसे बर्तन मिले हैं।
• कुम्हार का चाक मिट्टी के काम के लिए भारत का सबसे पुराना और पहला उपकरण है।
• कच्ची और पक्की मिट्टी से बने (टेराकोटा) बर्तनों और चीज़ों के निर्माण के लिए भारत बहुत पहले से ही मशहूर है।
• दक्षिण भारत में नागार्जुन कोंडा और गुजरात के लांघणज (मेहसाणा ज़िले) में हाथ से बने मिट्टी के बर्तनों के पुराने सबूत मिले हैं।
In simple words: मानव और मिट्टी का बहुत पुराना रिश्ता है। लोग जन्म से मृत्यु तक मिट्टी से जुड़े रहते थे। धातु की खोज से पहले, वे मिट्टी के खिलौने, बर्तन और चूल्हे बनाते थे। घरों की दीवारें भी मिट्टी और गोबर से लेपी जाती थीं, और तरल पदार्थ भी मिट्टी के बर्तनों में रखे जाते थे।
Exam Tip: For questions about historical crafts, explain the significance, materials used, and common items created. Focus on the impact of the craft on daily life.
Question 2. 'चर्मकाम भारत की बहुत पुरानी कारीगरी है ।' स्पष्ट कीजिए ।
Answer: पुराने भारत में मरे हुए पशुओं की खाल का विभिन्न उपयोग होता था। जानवरों की मौत के बाद, चमड़े को तैयार करने की पारंपरिक प्रक्रिया शुरू होती थी।
• खेती में कुएं से पानी खींचने के लिए मस्क और कोस, और बड़े बर्तनों में चमड़े का इस्तेमाल किया जाता था।
• ढोल, नगाड़ा, तबला जैसे संगीत वाद्य यंत्रों के साथ-साथ लोहार की धौंकनी, कई तरह के जूते और जानवरों को बाँधने के लिए पट्टे बनते थे।
• युद्ध में इस्तेमाल होने वाली ढालों में भी चमड़े का प्रयोग किया जाता था।
• भारत के चमड़े के उद्योग में खास जगह बनाने वाली चमड़े की कढ़ाई वाली मोजड़ियां, जूते, चमड़े के पर्स, बेल्ट और घोड़ों-ऊँटों जैसे जानवरों की पीठ पर रखे जाने वाले सामान, जीन, लगाम और चाबुक की डोरियों में चमड़े का उपयोग होता था।
In simple words: भारत में चर्मकला बहुत पुरानी है। जानवरों की खाल का इस्तेमाल खेती से लेकर संगीत, युद्ध और रोजमर्रा की चीज़ों जैसे जूते, पर्स और बेल्ट बनाने में होता था। कढ़ाईदार मोजड़ियां और जानवरों के सामान भी चमड़े से बनते थे।
Exam Tip: When explaining historical crafts, describe its ancient significance, the materials and processes involved, and the specific items or applications it served.
Question 3. संगीत रत्नाकर का परिचय दीजिए ।
Answer: संगीत विज्ञान के माहिर पंडित सारंगदेव ने इस किताब को लिखा था।
• दोलताबाद (देवगिरि) के निवासी होने के कारण, वे उत्तर और दक्षिण भारत के संगीत को अच्छे से जानते थे।
• पंडित विष्णुनारायण भातखंड ने 'संगीत रत्नाकर' को भारतीय संगीत का सबसे विश्वसनीय ग्रंथ माना है।
• संगीत के हिस्सों को समझने के लिए यह किताब बहुत ही शानदार मानी जाती है।
In simple words: संगीत रत्नाकर एक महत्वपूर्ण संगीत ग्रंथ है, जिसे पंडित सारंगदेव ने लिखा था। यह उत्तर और दक्षिण भारत के संगीत को जोड़ता है और पंडित भातखंडे इसे भारतीय संगीत का सबसे प्रमाणिक ग्रंथ मानते हैं।
Exam Tip: When introducing historical texts, mention the author, its key features, and why it is considered significant in its field.
Question 4. 'कथकली' नृत्य की जानकारी दीजिए ।
Answer: कथकली केरल राज्य का एक मशहूर नृत्य है।
• कथकली को पौराणिक महाकाव्यों, महाभारत की कहानियों और संस्कृत-मलयालम मिश्रित नाटकों के आधार पर 'कथकली' नाम मिला है।
• कथकली की पोशाकें बहुत भव्य और सुंदर होती हैं, और उनके किरदारों को पहचानने के लिए उनके चेहरों पर खास तरह का मेकअप किया जाता है।
• इस नृत्य में कलाकार सुंदर मुकुट पहनते हैं और मंच पर केवल एक तेल के दीये की रोशनी में परदे के पीछे से आकर अपने संगीत से अपनी पहचान बताते हैं, जिससे किरदारों के चेहरे के भाव और हाथों के इशारे जीवंत हो उठते हैं।
• केरल के कवि श्री वल्लथोल, कलामंडलम, कृष्णप्रसाद जैसे महान कलाकारों ने इस कला शैली को पूरी दुनिया में प्रसिद्ध किया है।
In simple words: कथकली केरल का एक प्रसिद्ध नृत्य है। इसमें पौराणिक कहानियाँ और नाटक दिखाए जाते हैं। इसकी पोशाकें भव्य होती हैं और चेहरों पर खास मेकअप होता है, जिससे किरदार जीवंत लगते हैं। कलाकार संगीत और हाव-भाव से अपनी पहचान बनाते हैं, और कई कलाकारों ने इसे दुनिया भर में लोकप्रिय बनाया है।
Exam Tip: When describing a dance form, include its origin, characteristic attire, facial expressions (mukhabhinaya), hand gestures (hastamudra), and notable exponents who contributed to its recognition.
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर मुद्दासर दीजिए:
Question 1. नृत्यकला के क्षेत्र में भारत द्वारा की गयी प्रगति बताइए ।
Answer: नृत्य शब्द संस्कृत के मूल शब्द 'नृत' से आया है।
• नृत्य संगीत की ताल और लय के साथ सुंदरता का अनुभव कराता है।
• नृत्यकला के पहले देवता भगवान शिव को नटराज कहा जाता है।
• ऐसा माना जाता है कि नटराज ने पृथ्वी के लोगों को नृत्य सिखाने के लिए स्वर्ग से यह कला पहली बार धरती पर लायी थी।
• भारतीय नृत्य के दो मुख्य प्रकार हैं: (1) लोक नृत्य और (2) शास्त्रीय नृत्य।
• भारतीय शास्त्रीय नृत्य के प्रमुख रूप हैं: (1) भरतनाट्यम् (तमिलनाडु), (2) कुचीपुड़ी (आंध्र प्रदेश), (3) कथकली (केरल), (4) कथक नृत्य (उत्तर भारत), (5) मणिपुरी (मणिपुर), और (6) ओडिसी (ओडिशा) है।
In simple words: भारत में नृत्यकला का विकास बहुत हुआ है। 'नृत' शब्द से आया यह नृत्य ताल और लय से सौंदर्य दर्शाता है। भगवान शिव नटराज को नृत्य का पहला देवता माना जाता है। भारतीय नृत्य के दो प्रकार हैं: लोक और शास्त्रीय नृत्य। शास्त्रीय नृत्यों में भरतनाट्यम्, कुचीपुड़ी, कथकली, कथक, मणिपुरी और ओडिसी शामिल हैं।
Exam Tip: To explain the progress in dance, describe its origin, divine connection, main types, and list the prominent classical dance forms along with their regions.
Question 2. गुजरात के गरबा और गरबी की जानकारी दीजिए ।
Answer: गरबा शब्द 'गर्भ-दीप' से उत्पन्न हुआ है। एक घड़े को सजाकर, उसमें एक दीपक रखकर, उसे सिर पर उठाकर घेरे में घूमकर नृत्य करना गरबा कहलाता है।
• पूरे गुजरात राज्य में गरबा नवरात्रि के आसो सुद एकम से आसो सुद नवमी तक खेला जाता है।
• आद्यशक्ति माँ जगदंबा की पूजा और भक्ति में, इस पवित्र त्योहार गवरी गुजबी पर, माताजी के गरबे गाए जाते हैं।
• आमतौर पर, चौक या मैदान के बीच में माताजी का मंदिर होता है, और उसके चारों ओर बड़े घेरे में तालियों और ढोल की थाप पर गरबे खेले जाते हैं।
• आमतौर पर गरबा में गाने वाले, गरबा खेलने वाले और ढोल के संगीत के साथ, दो ताली, तीन ताली और चुटकी बजाते हुए, हाथों को घुमाते हुए गरबा गाया जाता है।
• गुजरात में गरबा के बाद गाई जाने वाली गरबी का संबंध भगवान कृष्ण की भक्ति से है।
• गुजराती कवि दयाराम ने राधा के प्रेम भाव से श्रीकृष्ण प्रेम की रंगीन गरबियों की रचना करके गुजराती महिलाओं के कंठों को गूंज दिया।
In simple words: गरबा 'गर्भ-दीप' से आया है, जहाँ घड़े में दीपक रखकर सिर पर उठाकर गोल घूमकर नृत्य किया जाता है। यह नवरात्रि में माँ जगदंबा की पूजा के लिए खेला जाता है। लोग तालियों, ढोल और संगीत के साथ दो या तीन तालियां बजाते हुए हाथों को घुमाकर गरबा करते हैं। गरबी भगवान कृष्ण की भक्ति से जुड़ी है, और कवि दयाराम ने कृष्ण प्रेम की गरबियों की रचना की है।
Exam Tip: When describing a traditional dance, explain its meaning, how it's performed (props, movements), its cultural or religious significance, and any related literary contributions.
Question 3. भारत के और गुजरात के हीरा-मोती काम और मीनाकारी काम की जानकारी दीजिए ।
Answer: भारत का समुद्री तट लंबा होने के कारण, बहुत पुराने समय से ही हीरे और मोती का व्यापार होता रहा है।
• भारतीय कारीगरों द्वारा बनाए गए हीरे-मोती के गहनों की प्राचीन समय से ही बहुत मांग रहती आई है।
• विश्व प्रसिद्ध कोहिनूर और ग्रेट मुगल हीरे भी भारत में पाए गए थे।
• भारत के लोग गहनों के बहुत शौकीन हैं, इसलिए आभूषणों के अलावा धनी वर्ग, राजा-महाराजा और अमीर लोग कई प्रकार के हीरे-मोती के गहने इस्तेमाल करते थे।
• गहनों में हीरा, मोती, माणिक, पन्ना, पुखराज, नीलम आदि कीमती पत्थरों का उपयोग किया जाता था।
• गुजरात में मोती के काम का खास इस्तेमाल होता था।
• मोती से सुंदर तोरण, हार, कलश, थालियां, खिड़कियां, चौकी, शादी के नारियल, इढानी, पंखे और बैलों के सजावटी मोड़ियां, सींग के झालर आदि चीजें बनाई जाती थीं।
• पूरी दुनिया में सोना-चाँदी, मीनाकारी और कला-कारीगरी में भारत का स्थान बहुत आगे है।
• मीनाकारी में लाल, हरा और आसमानी रंगों के पत्थरों का प्रयोग किया जाता था।
• इस तरह की मीनाकारी में निपुण कारीगर जयपुर, लखनऊ, दिल्ली, वाराणसी और हैदराबाद में खास तौर पर पाए जाते हैं।
In simple words: भारत में प्राचीन काल से ही हीरे और मोती का व्यापार होता रहा है क्योंकि इसका समुद्री तट लंबा है। भारतीय कारीगरों द्वारा बनाए गए गहनों की बहुत मांग थी। कोहिनूर जैसे प्रसिद्ध हीरे यहीं मिले थे। लोग आभूषणों के शौकीन थे, जिनमें हीरे, मोती, माणिक और नीलम जैसे रत्न लगते थे। गुजरात में मोती से तोरण और हार जैसे सजावटी सामान बनते थे। मीनाकारी में भारत दुनिया में आगे है, जिसमें लाल, हरे, आसमानी रंगों का प्रयोग होता है, और इसके कुशल कारीगर जयपुर, लखनऊ जैसे शहरों में मिलते हैं।
Exam Tip: When detailing jewel work and enamelling, highlight India's historical trade, famous jewels, types of stones used, crafted items, and the prominent centers for these crafts.
Question 4. गुजरात में आदिवासियों के नृत्यों की जानकारी दीजिए ।
Answer: गुजरात के आदिवासी लोग होली और अन्य त्योहारों, विवाहों, देवी-देवताओं को प्रसन्न करने और मेलों में नृत्य करते हैं।
• ज़्यादातर शादी के नृत्य गोल घूमकर किए जाते हैं, जिसमें ढोल, पारंपरिक मंजीरा, थापी, तूर, पावरी और तंबूरा जैसे स्थानीय वाद्य यंत्रों के साथ गायन का भी इस्तेमाल होता है।
• इन नृत्यों में 'चालो' नाम का एक मशहूर नृत्य है, जिसमें मोर, गिलहरी और चिड़िया जैसे पक्षियों की नकल की जाती है।
• डांग क्षेत्र में 'माली की चाली' और 'ठाकर्या चालो' जैसे नृत्य देखने को मिलते हैं।
• वहीं भील और कोली जातियों में, श्रम कम करने वाले टिप्पणी नृत्य में मोटी लकड़ी के डंडों को ज़मीन पर मारकर समूह में तालबद्ध नृत्य किया जाता है।
In simple words: गुजरात के आदिवासी होली, विवाह और मेलों में देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए नृत्य करते हैं। उनके विवाह नृत्यों में ढोल और पारंपरिक वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल होता है। 'चालो' नृत्य में पक्षियों की नकल की जाती है। डांग में 'माली की चाली' और 'ठाकर्या चालो' जैसे नृत्य होते हैं, जबकि भील और कोली जातियों में टिप्पणी नृत्य में लकड़ी के डंडों से ज़मीन पर मारकर समूह में नृत्य करते हैं।
Exam Tip: When describing tribal dances, mention the occasions they are performed, the instruments and movements involved, and any unique styles or themes like animal mimicry or specific regional forms.
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षिप्त में दीजिए:
Question 1. 'संगीत रत्नाकर' और 'संगीत पारिजात' ग्रन्थों की रचना करनेवाले पंडितों के नाम लिखिए ।
Answer:
1. संगीत रत्नाकर नामक ग्रंथ को पंडित सारंगदेव ने रचा था।
2. संगीत पारिजात नामक ग्रंथ को पंडित अहोबल ने रचा था।
In simple words: संगीत रत्नाकर पंडित सारंगदेव ने और संगीत पारिजात पंडित अहोबल ने लिखी थी।
Exam Tip: For questions asking about authors of specific texts, clearly state the name of the text and its author in a numbered list.
Question 2. कताई कला में कौन-सी प्रक्रिया की जाती है ?
Answer: कपास की पूनी से धागे खींचकर, उन्हें मोड़कर और एक-दूसरे से जोड़कर लंबे धागे बनाने की प्रक्रिया को कताई कला कहते हैं। महात्मा गांधी ने बुनाई कला को घरेलू उद्योग के रूप में महत्वपूर्ण बनाया, और इसे स्वतंत्रता आंदोलन में स्वदेशी तथा आत्मनिर्भरता से जोड़ा।
In simple words: कताई कला वह प्रक्रिया है जहाँ कपास की पूनी से धागे खींचे जाते हैं, उन्हें मोड़कर और जोड़कर लंबे धागे बनाए जाते हैं। महात्मा गांधी ने इसे गृह उद्योग के रूप में बढ़ावा दिया और स्वतंत्रता आंदोलन में स्वदेशी तथा आत्मनिर्भरता से जोड़ा था।
Exam Tip: When explaining a craft, define its core process, the raw materials used, and any historical or social significance it holds.
Question 3. लोथल के कारीगर धातु से क्या-क्या बनाना जानते थे ?
Answer: लोथल के शिल्पकार धातुओं से दाँतेदार औज़ार, आरी, सुई, शारडिया और घुमावदार करवत जैसे ताँबे तथा कांसे के उपकरण बनाना जानते थे।
• इन उपकरणों के अलावा, वे बर्तन, मूर्तियाँ और अन्य पात्र भी बनाते थे।
• युद्ध के लिए धातु के हथियार भी बनाते थे, और गहने भी तैयार करते थे।
• ताँबा, पीतल और काँसा जैसी धातुओं का उपयोग बर्तन और मूर्तियों के लिए होता था, जबकि लोहे का प्रयोग हथियार बनाने में किया जाता था।
In simple words: लोथल के कारीगर ताँबे और कांसे से दाँतरा, आरी, सुई और करवत जैसे औजार बनाते थे। वे बर्तन, मूर्तियाँ और अन्य पात्र भी बनाते थे। युद्ध के लिए धातु के शस्त्र और गहने भी बनाए जाते थे। ताँबा, पीतल, काँसा बर्तनों और मूर्तियों के लिए, और लोहा हथियारों के लिए इस्तेमाल होता था।
Exam Tip: When asked about a historical settlement's craftsmanship, specify the materials used (e.g., metals), the range of tools and items produced, and their purpose (e.g., daily use, warfare, ornamentation).
Question 4. हड़प्पा के लोग मिट्टी के बर्तनों पर कौन-कौन सी भात बनाते थे ?
Answer: हड़प्पा के लोग मिट्टी के बर्तनों पर फूलों के पौधों और ज्यामितीय डिज़ाइन बनाते थे। मध्यप्रदेश में हाथी, गैंडा और हिरण जैसे जानवरों के चित्र विशेष रूप से देखने लायक हैं।
In simple words: हड़प्पा के लोग मिट्टी के बर्तनों पर फूलों और ज्यामितीय पैटर्न बनाते थे। मध्यप्रदेश में हाथी, गैंडा, हिरण जैसे जानवरों के चित्र भी उल्लेखनीय थे।
Exam Tip: For questions about ancient pottery designs, describe the types of patterns (e.g., floral, geometric) and any specific animal motifs that were common.
Question 5. भवाई की संक्षिप्त में जानकारी दीजिए ।
Answer: विद्वान लोग भवाई को एक भावपूर्ण नाटक मानते हैं।
• भवाई नाटक असाइत ठाकर द्वारा शुरू की गई गुजरात की लगभग 700 साल पुरानी एक खास कला है।
• इस कला को सोलंकी काल में कम खर्च में लोगों को शिक्षा और मनोरंजन देने के लिए बढ़ावा मिला था।
• ज़्यादातर यह बिना परदे वाले नाटकों, सरल प्रस्तुति, मुग़ल वाद्य संगीत और विशेष वेशभूषा के साथ भवाई की विशेषता रही है।
• भवाई की कहानियों में सामाजिक बुराइयों का विरोध भी दिखाया जाता है।
In simple words: भवाई एक भावपूर्ण नाटक है, जिसे असाइत ठाकर ने गुजरात में लगभग 700 साल पहले शुरू किया था। सोलंकी काल में इसे लोकशिक्षा और मनोरंजन के लिए बढ़ावा मिला। इसकी खास बात है कि यह बिना परदे के, सरल शैली में, मुग़ल संगीत और विशेष वेशभूषा के साथ होता है, और इसमें सामाजिक बुराइयों का विरोध भी दिखाया जाता है।
Exam Tip: When asked for information about a traditional art form, explain its origin, founder, key characteristics (e.g., costuming, music, staging), and its social or educational role.
4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर दीजिए:
Question 1. निम्न में से कौन-सी कृति कालिदास की है ?
(a) ऊरूभंग
(b) कर्णभार
(c) मेघदूतम्
(d) दूतवाक्यम्
Answer: (c) मेघदूतम्
In simple words: कालिदास ने 'मेघदूतम्' नामक काव्य रचना की थी, जो उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में से एक है।
Exam Tip: For questions identifying literary works by authors, recall famous epics and plays associated with key figures like Kalidasa.
Question 2. वैजयंतीमाला और हेमामालिनी किस नृत्यशैली के साथ संलग्न है ?
(a) मणिपुरी नृत्यशैली
(b) कुचीपुड़ी नृत्यशैली
(c) कथकली नृत्यशैली
(d) भरतनाट्यम् नृत्यशैली
Answer: (d) भरतनाट्यम् नृत्यशैली
In simple words: वैजयंतीमाला और हेमामालिनी दोनों भरतनाट्यम नृत्य शैली से जुड़ी हुई प्रसिद्ध नृत्यांगनाएँ हैं।
Exam Tip: When asked about artists and their associated art forms, identify the classical dance style or genre that the given personalities are known for.
Question 3. भारत का कौन-सा वेद संगीतकला से जुड़ा माना जाता है ?
(a) ऋग्वेद
(b) सामवेद
(c) यजुर्वेद
(d) अथर्ववेद
Answer: (b) सामवेद
In simple words: सामवेद को भारतीय संगीत कला का मुख्य आधार माना जाता है, क्योंकि इसमें अधिकतर मंत्र गाए जाते थे।
Exam Tip: Recall the Vedas and their primary focus; the Samaveda is famously linked with melodies and chanting, hence its connection to music.
Question 4. भारत में संगीत के क्षेत्र में 'तुती-ए-हिन्द' के रूप में कौन प्रसिद्ध है ?
(a) तानसेन
(b) तुलसीदास
(c) कबीर
(d) अमीर खुसरो
Answer: (d) अमीर खुसरो
In simple words: अमीर खुसरो को 'तुती-ए-हिन्द' (भारत का तोता) कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने संगीत और कविता के क्षेत्र में अद्भुत योगदान दिया था।
Exam Tip: Identify prominent historical figures in Indian music and literature, remembering their titles and contributions.
Question 5. 'चालो' नृत्य अर्थात् कौन-सा नृत्य ?
(a) आदिवासी नृत्य
(b) भरवाडों का नृत्य
(c) कोलियों का नृत्य
(d) पढ़ारों का नृत्य
Answer: (a) आदिवासी नृत्य
In simple words: 'चालो' नृत्य गुजरात के आदिवासी समुदायों द्वारा किया जाने वाला एक पारंपरिक नृत्य है, जिसमें पशु-पक्षियों की नकल की जाती है।
Exam Tip: When asked about specific regional dances, relate them to their associated communities or geographical areas.
Question 6. धमाल नृत्य करनेवाले सीदी मूलतः कहाँ के निवासी है ?
(a) राजस्थान
(b) अंदमान
(c) अफ्रीका
(d) थाईलैंड
Answer: (c) अफ्रीका
In simple words: धमाल नृत्य करने वाले सीदी लोग मूल रूप से अफ्रीका के निवासी थे, जो भारत में आकर बस गए।
Exam Tip: Connect unique cultural performances with their historical origins and the communities that practice them.
Question 7. विश्व योग दिवस किस तारीख को मनाया जाता है ?
(a) 21 जून
(b) 1 मई
(c) 21 अप्रैल
(d) 5 सितंबर
Answer: (a) 21 जून
In simple words: विश्व योग दिवस हर साल 21 जून को मनाया जाता है, जो योग के महत्व को बढ़ावा देने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय दिन है।
Exam Tip: Remember important international days and their associated dates, especially those related to health and well-being like Yoga Day.
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