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Detailed Chapter 11 भारत जल संशाधन GSEB Solutions for Class 10 Social Science
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Class 10 Social Science Chapter 11 भारत जल संशाधन GSEB Solutions PDF
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से लिखिए:
Question 1. जल संसाधन की सुरक्षा के लिए उपाय दर्शाइए ।
Answer: जल संसाधनों की सुरक्षा और प्रबंधन के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- बाग-बगीचों, वाहनों, शौचालयों और वॉश-बेसिन में पानी का कम उपयोग करना चाहिए ।
- लोगों में जागरूकता पैदा करनी चाहिए और जल-संरक्षण तथा कुशल जल प्रबंधन से जुड़े हर कार्य में उनकी भागीदारी बढ़ानी चाहिए ।
- उपयोग किए गए पानी का यदि संभव हो, तो फिर से उपयोग करना चाहिए ।
- जलाशयों को प्रदूषण से बचाना चाहिए । कुएँ, ट्यूबवेल और खेत-तालाबड़ी जैसी जलस्राव की सभी इकाइयों का उपयोग बढ़ाना चाहिए ।
- भूमिगत जल का उपयोग करने वाली इकाइयों का सही ढंग से ध्यान रखना चाहिए ।
- जल संचयन स्थलों की उचित देखरेख करनी चाहिए, उनकी खराब स्थिति में सुधार करना चाहिए, जल प्रदूषण को रोकना चाहिए और पानी के पाइपों की तुरंत मरम्मत करनी चाहिए ।
- संभव हो तो पानी का रीसाइक्लिंग करना चाहिए ।
- वर्षा के जल को जमा करना चाहिए ।
- भूमिगत जलस्तर बढ़ाना चाहिए ।
- नदी-नालों के बहते पानी को रोककर छोटे-बड़े बांध बनाने चाहिए ।
Exam Tip: जल संरक्षण के उपायों को लिखते समय व्यक्तिगत, सामुदायिक और सरकारी स्तर पर की जाने वाली गतिविधियों को शामिल करें।
Question 2. भारत में जल संकट सर्जित होने के संजोगों को समझाइए ।
Answer: जल एक प्राकृतिक संसाधन है। जनसंख्या बढ़ने, अनाज की माँग बढ़ने, नकदी फसलों को उगाने, शहरीकरण और लोगों के जीवन स्तर में बदलाव के कारण पानी की कमी लगातार बढ़ रही है।
- पानी की आपूर्ति की स्थिति और उसके स्थानीय वितरण में असमानता अधिकतर लोगों के हितों, आजीविका और आर्थिक विकास के लिए एक बड़ी चुनौती है ।
- आज पश्चिमी राजस्थान के सूखे क्षेत्रों और प्रायद्वीपीय पठार के आंतरिक भागों में पानी के संकट की गंभीर समस्या है ।
- सैकड़ों गाँवों और कुछ शहरों में पानी की खराब गुणवत्ता के कारण कई बीमारियाँ फैल रही हैं ।
- पीने के पानी की सुविधाएँ बढ़ाने के लिए कुछ प्रयास किए गए हैं, लेकिन पानी की माँग और आपूर्ति में बड़ा अंतर है ।
- आज भारत के लगभग 8% शहरों में पीने के पानी की बहुत कमी है ।
- देश के 50% गाँवों में आज भी शुद्ध पीने के पानी की कमी है ।
- भारत में सिंचाई की सुविधा में काफी वृद्धि हुई है, फिर भी 2/3 कृषि अभी भी वर्षा पर निर्भर करती है ।
- वर्तमान में कुओं और नलकूपों से अधिक पानी बाहर निकालने से भूमिगत जलस्तर नीचे चला गया है, जिसके परिणामस्वरूप भूमिगत जल संसाधन में कमी आई है ।
- पानी की घटती गुणवत्ता और बढ़ती कमी जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है ।
- कृषि के अलावा उद्योगों में पानी का असीमित उपयोग होता है; घरेलू और औद्योगिक इकाइयों का दूषित जल जल प्रदूषण का मुख्य कारण है ।
Exam Tip: जल संकट के कारणों को बताते समय जनसंख्या वृद्धि, कृषि पद्धतियों, शहरीकरण, औद्योगिक विकास और जल प्रबंधन की कमियों जैसे मुख्य बिंदुओं पर ध्यान दें।
Question 3. वृष्टि जल संचयन की जानकारी दीजिए
Answer: वर्षाजल को रोककर और इकट्ठा करके विशेष तरीकों जैसे कि कुआँ, बाँध और खेत-तालाबड़ी आदि का निर्माण इसमें शामिल है । इन माध्यमों से जल जमा होता है, जिससे भूमिगत जल-स्तर ऊपर आता है । इसके द्वारा कृषि की आवश्यकता पूरी हो सकती है ।
वृष्टि-जल संचयन के मुख्य उद्देश्य:
- भूमिगत जल को इकट्ठा करने की क्षमता बढ़ाना और भूगर्भ जल-स्तरों को बढ़ाना ।
- जल प्रदूषण को कम करना ।
- भूमिगत जल की गुणवत्ता में सुधार करना ।
- स्थलीय मार्गों पर जल जमा होने से रोकना ।
- भू-स्तर पर बहते पानी की मात्रा कम करना ।
- गर्मी और लंबे सूखे समय में पानी की घरेलू जरूरतें पूरी करना ।
- पानी की बढ़ती माँग को पूरा करना ।
- बड़े शहरों में बहुमंजिला घरों के बीच वर्षा के पानी को जमा करने के लिए भूमिगत टंकियों या वर्षाजल को जमीन में जाने देने की व्यवस्था करना ।
Exam Tip: वृष्टि जल संचयन के बारे में बताते समय, इसके तरीकों और मुख्य उद्देश्यों को स्पष्ट रूप से समझाएं।
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर मुद्दासर दीजिए:
Question 1. बहुउद्देशीय योजनाओं का महत्त्व बताइए ।
Answer: भारत में कई छोटी-बड़ी नदियाँ बहती हैं और देश का जल प्रवाह बहुत समृद्ध है ।
- भारत का भूभाग ऐसा है कि कई नदियाँ मिलकर अपना जल समुद्र में मिलाती हैं ।
- इस जल का लक्ष्य कई उद्देश्यों की पूर्ति करता है, इसलिए विभिन्न नदियों पर बहुउद्देशीय योजनाएँ बनाई गई हैं ।
- बहुउद्देशीय योजना का मतलब नदी-घाटियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को हल करना है ।
- इसमें बाढ़ पर नियंत्रण, जमीन के कटाव को रोकना, सिंचाई और पीने के पानी की आपूर्ति, उद्योगों को पानी देना, मानव बस्तियों को पानी देना, बिजली का उत्पादन, आंतरिक जल परिवहन, मनोरंजन, वन्य जीवन संरक्षण और मछली पालन शामिल है ।
Exam Tip: बहुउद्देशीय योजनाओं के महत्व को समझाते समय, उनके विभिन्न लाभों जैसे सिंचाई, बिजली उत्पादन और बाढ़ नियंत्रण का उल्लेख करें।
Question 2. सिंचाईक्षेत्र के वितरण के विषय में लिखिए ।
Answer: भारत के हर राज्य में जल का असमान वितरण देखने को मिलता है ।
- आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों और गोदावरी-कृष्णा नदी के मुहाने वाले क्षेत्रों, ओडिशा के डेल्टा (महानदी) क्षेत्र, तमिलनाडु में कावेरी के मुहाने वाले क्षेत्रों, पंजाब, हरियाणा तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश आदि देश के सघन सिंचाई क्षेत्र हैं ।
- स्वतंत्रता के बाद भारत में कुल सिंचित क्षेत्र लगभग चार गुना बढ़ गया है, और बुवाई योग्य क्षेत्र के लगभग 38% भाग में सिंचाई होती है ।
- भारत के राज्यों में सिंचाई क्षेत्रों के वितरण में अधिक असमानता है । मिजोरम में बुवाई योग्य क्षेत्र के केवल 7.3% क्षेत्र में सिंचाई होती है, जबकि पंजाब में सिंचाई क्षेत्र का अनुपात 90.8% है ।
- कुल सिंचित क्षेत्र के अनुपात में बुवाई योग्य क्षेत्र के संदर्भ में काफी असमानता पाई जाती है ।
- पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, जम्मू और कश्मीर, तमिलनाडु और मणिपुर में बुवाई क्षेत्र के 40% से अधिक भाग पर सिंचाई होती है ।
Exam Tip: सिंचाई क्षेत्र के वितरण को लिखते समय भौगोलिक असमानताओं और स्वतंत्रता के बाद हुए विकास पर ध्यान दें।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षिप्त में दीजिए:
Question 3. भूमिगत जल के उपयोग लिखिए ।
Answer: पृष्ठीय जल के जमीन में सोखने की प्रक्रिया से भूमिगत जल मिलता है ।
- भूमिगत जल का मुख्य उपयोग सिंचाई में होता है ।
- इसके अलावा घरेलू उपयोग, उद्योगों आदि में भी भूमिगत जल का उपयोग होता है ।
- भारत में उत्तरी मैदानी विस्तार में 42% भूमिगत जल उपलब्ध है ।
Exam Tip: भूमिगत जल के उपयोगों को संक्षेप में बताते समय सिंचाई, घरेलू और औद्योगिक जरूरतों का उल्लेख करें।
Question 2. जल संचयन जल-व्यवस्थापन के लिए कौन से मुद्दे ध्यान में रखने चाहिए ?
Answer: लोक-जागृति करके तथा जल-संरक्षण और कुशल प्रबंधन से जुड़ी हर एक कार्य में लोगों की भागीदारी बढ़ानी चाहिए ।
- बाग-बगीचा, परिवहन, शौचालय तथा वॉश-बेसिन में आवश्यक पानी का किफायती उपयोग करना चाहिए ।
- उपयोग में लिए गए पानी का अगर संभव हो तो फिर से हर एक इकाई जैसे कि कुएँ, ट्यूबवेल, खेत के उपयोग को बढ़ाना चाहिए ।
- भूमिगत जल के उपयोग के समय आवश्यक इकाइयों पर ध्यान रखना चाहिए ।
- जलाशयों को प्रदूषण से बचाना चाहिए । एक बार प्रदूषण होने के बाद वही जलाशय कई वर्षों तक अनुपयोगी हो जाता है ।
- जल-संचयन स्थलों की खराब स्थिति और जल प्रदूषण को रोकने के लिए पानी की पाइप की तत्काल मरम्मत कर देनी चाहिए ।
Exam Tip: जल संचयन और प्रबंधन के मुद्दों पर चर्चा करते समय, सामुदायिक जागरूकता, कुशल उपयोग और प्रदूषण नियंत्रण जैसे पहलुओं को शामिल करें।
4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर दीजिए:
Question 1. पृष्ठीय जल का मुख्य स्रोत कौन-सा है ?
(A) वृष्टि
(B) तालाब
(C) नदियाँ
(D) झीलें
Answer: (C) नदियाँ
In simple words: नदियों को पृष्ठीय जल का मुख्य स्रोत माना जाता है, क्योंकि वे बारिश और ग्लेशियरों से पानी इकट्ठा करके एक बड़े क्षेत्र में फैलाती हैं।
Exam Tip: पृष्ठीय जल के स्रोतों को पहचानते समय, नदियों को सबसे महत्वपूर्ण मानें क्योंकि वे सबसे अधिक जल संग्रह और वितरण करती हैं।
Question 2. निम्नलिखित बहुउद्देशीय योजनाओं को उनके लाभान्वित राज्यों के साथ जोड़ा उचित क्रम में पसंद कीजिए ।
1. भाखड़ा-नॉगल
2. कोसी
3. नागार्जुन सागर
4. नर्मदा
(a) बिहार
(b) पंजाब
(c) गुजरात
(d) आंध्र प्रदेश
(A) (1 – b), (2 – a), (3 – c), (4 – d)
(B) (1 – b), (2 – a), (3 – d), (4 – c)
(C) (1 – d), (2 – c), (3 – b), (4 – a)
(D) (1 – с), (2 – d), (3 – a), (4-b)
Answer: (B) (1 – b), (2 – a), (3 – d), (4 – c)
In simple words: सही जोड़ी यह है कि भाखड़ा-नांगल पंजाब से जुड़ा है, कोसी बिहार से, नागार्जुन सागर आंध्र प्रदेश से, और नर्मदा गुजरात से जुड़ी हुई है।
Exam Tip: बहुउद्देशीय परियोजनाओं और उनसे लाभान्वित होने वाले राज्यों की जोड़ियों को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह एक सामान्य प्रश्न है।
Question 3. निम्नलिखित में से कौन-सा विधान सही नहीं है ?
(A) भारत में नेहरों की अपेक्षा कुएँ और ट्युबवेल द्वारा होनेवाली सिंचाई की मात्रा बढ़ी है ।
(B) हिमालय से निकलनेवाली नदियाँ मौसमी नदियाँ कहलाती है ।
(C) जमीन की सपाटी पर से शोषित (रिस)कर भूमि के नीचे जमा होनेवाले जल को भूमिगत जल कहते हैं ।
(D) पंजाब और हरियाणा सिंचाई क्षेत्र में अग्रसर राज्य है ।
Answer: (B) हिमालय से निकलनेवाली नदियाँ मौसमी नदियाँ कहलाती है ।
In simple words: गलत कथन यह है कि हिमालय से निकलने वाली नदियाँ मौसमी कहलाती हैं; वास्तव में, वे बारहमासी होती हैं क्योंकि वे ग्लेशियरों से पानी प्राप्त करती हैं।
Exam Tip: हिमालयी नदियाँ बारहमासी होती हैं, मौसमी नहीं। इस अंतर को समझना महत्वपूर्ण है।
Question 4. कक्षा में 'खेत तलावड़ी' विषय पर विद्यार्थियों की चर्चा दरमियान प्रस्तुत हुआ कौन-सा विधान सही है ?
(A) जय पीने योग्य पानी की प्राप्ति का महत्त्वपूर्ण संसाधन है ।
(B) यश अधिक वृक्ष बोनेवाले आंदोलन का महत्त्वपूर्ण संसाधन है ।
(C) युग यह जमीन का धोवान रोकने की आधुनिक पद्धति है ।
(D) दक्ष यह वृष्टि संचयन की एक पद्धति है ।
Answer: (D) दक्ष यह वृष्टि संचयन की एक पद्धति है ।
In simple words: 'खेत तलावड़ी' के संदर्भ में सही कथन यह है कि दक्ष ने इसे वर्षा जल संचयन की एक विधि के रूप में वर्णित किया है।
Exam Tip: 'खेत तलावड़ी' का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल संचयन है, इसलिए किसी भी विकल्प को चुनते समय इस बात को ध्यान में रखें।
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