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1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर विस्तार से लिखिए:
Question 1. कृषि के प्रकारों पर टिप्पणी लिखिए ।
Answer: भारत में सिंचाई प्रणाली, कृषि उपज, आर्थिक बदलाव जैसी बातों के आधार पर कृषि को निम्नलिखित प्रकारों में बांटा गया है:
(1) जीवन-निर्वाह कृषि: स्वतंत्रता के बाद योजना आयोग द्वारा कई योजनाएं लागू करने के बाद भी बहुत से किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर बनी हुई है। छोटे खेत वाले किसानों की आर्थिक दशा निर्बल है। छोटे खेतों में महंगे बीज, खाद और कीटनाशकों का उपयोग करना बहुत महंगा पड़ता है। खेतों में पैदा होने वाला अनाज केवल परिवार के उपयोग के लिए ही होता है, वह परिवार के भरण-पोषण में ही खर्च हो जाता है, इसे जीवन-निर्वाह या आत्म-निर्भर कृषि कहते हैं।
(2) शुष्क खेती: जहां वर्षा कम होती है और सिंचाई की सुविधा भी कम है, वहां शुष्क खेती की जाती है। इस प्रकार की कृषि में नमी का संरक्षण बहुत महत्वपूर्ण होता है। यहां साल में केवल एक ही फसल ली जा सकती है। यहां ज्वार, बाजरा और दालें जैसी कम पानी चाहने वाली फसलें पैदा की जाती हैं।
(3) आर्द्र खेती: जहां वर्षा अधिक होती है और सिंचाई के साधन भी ज्यादा उपलब्ध हैं, ऐसे क्षेत्रों में आर्द्र कृषि की जाती है। इस प्रकार की खेती में साल में एक से अधिक फसलें ली जा सकती हैं। यहां गन्ना, धान और हरी सब्जियां पैदा की जाती हैं।
(4) स्थानान्तरित (झूम) खेती: इस प्रकार की खेती में जंगलों के पेड़ों को काटकर जमीन साफ की जाती है। दो-तीन साल के बाद जमीन की उर्वरता कम होने पर उस क्षेत्र को छोड़कर किसी दूसरे स्थान पर इसी तरह की खेती की जाती है, इसे झूम खेती भी कहते हैं। इस कृषि में सूखे अनाज और सब्जियां पैदा होती हैं।
(5) बागायती खेती: बागायती खेती एक विशेष प्रकार की खेती है। इसमें रबड़, चाय, कॉफी, कोको, नारियल के अलावा अमरूद, आम, संतरा, अंगूर, सेब, आंवला, नींबू आदि फलों की खेती की जाती है। इस प्रकार की खेती में अधिक पूंजी निवेश, कुशलता, तकनीकी ज्ञान, मशीनरी, खाद, सिंचाई, देखभाल, भंडारण और परिवहन की पर्याप्त सुविधाएं होनी चाहिए।
(6) सघन खेती: जहां सिंचाई की अधिक सुविधाएं उपलब्ध होती हैं, वहां के किसान खाद और कीटनाशक दवाओं, मशीनों का खेती में बड़े पैमाने पर उपयोग करते हैं। परिणामस्वरूप खेती का उत्पादन बढ़ जाता है। खेती के इस प्रकार को सघन खेती कहते हैं।
In simple words: खेती कई प्रकार की होती है, जो पानी, फसल और पैसे जैसी चीजों पर निर्भर करती है। इनमें जीवन-निर्वाह कृषि, शुष्क खेती, आर्द्र खेती, झूम खेती, बागायती खेती और सघन खेती शामिल हैं, जिनमें से हर एक का अपना तरीका और उपज होती है।
Exam Tip: कृषि के प्रकारों का वर्णन करते समय, प्रत्येक प्रकार की मुख्य विशेषताओं, जैसे कि सिंचाई की विधि, जलवायु, और उगाई जाने वाली फसलों पर ध्यान केंद्रित करें।
Question 2. भारत में कृषि क्षेत्र में हुए संस्थागत सुधारों की जानकारी दीजिए ।
Answer: भारत में जमीन के स्वामित्व, खेत के ऋण और कृषि उपज की बिक्री के संबंध में कई संस्थागत सुधार हुए हैं:
• सरकार ने ज़मींदारी प्रथा को समाप्त करके किसानों को शोषण से मुक्ति दिलाई।
• 'जो जोते उसकी जमीन' कानून के माध्यम से खेत जोतने वाले को जमीन का स्वामित्व अधिकार दिया गया।
• किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से राष्ट्रीयकृत और सहकारी बैंकों द्वारा किसानों को वित्तीय सहायता दी जाती है।
• सरकार बीजों, खाद और कीटनाशक दवाओं की खरीद के लिए सब्सिडी और आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
• प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों को खेती की फसलों के लिए बीमा सुरक्षा प्रदान करती है।
• अकाल या अत्यधिक वर्षा के कारण फसल खराब होने पर सरकार किसानों को वित्तीय सहायता देती है।
• मार्केट यार्ड में कृषि उत्पादों की बिक्री में कानूनी प्रावधानों द्वारा खुली बिक्री की प्रक्रिया को व्यापक बनाया गया है।
• किसानों को कृषि उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त हो, इसके लिए सरकारी मंडियों, खरीद-बिक्री संघों, सहकारी स्तर पर गोदामों, शीतगृहों, परिवहन और संचार की सुविधाएं दी जाती हैं।
• किसानों से कृषि उपज को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए निम्न संस्थाओं की स्थापना की गई है-
(i) नेशनल को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया।
(ii) गुजरात तेलीय उत्पादन संघ
(iii) राष्ट्रीय डेयरी विकास निगम।
In simple words: भारत सरकार ने किसानों की सहायता के लिए कई बदलाव किए हैं। उन्होंने ज़मींदारी प्रथा खत्म की, किसानों को उनकी ज़मीन का मालिक बनाया, बैंकों से आसान लोन दिया, और बीज-खाद पर छूट दी। फसल बीमा और आपदा सहायता भी शुरू की गई, साथ ही उपज को सही दाम पर बेचने के लिए मंडियां और भंडारण सुविधाएं भी दी गईं।
Exam Tip: संस्थागत सुधारों का वर्णन करते समय, प्रमुख नीतियों जैसे ज़मींदारी उन्मूलन, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जोर दें।
Question 3. 'विश्व बाजार और भारत की खेती' पर टिप्पणी लिखिए ।
Answer: भारत के किसान अपनी कृषि उपज को वैश्विक बाजार में बेचकर लाभ कमा सकें, इस उद्देश्य से कृषि क्षेत्र में वैश्वीकरण की नीति लागू की गई है।
• वैश्वीकरण के कारण कृषि क्षेत्र में कुछ बदलाव आए हैं।
• कृषि क्षेत्र में उत्पादों के आयात-निर्यात की प्रक्रिया आसान हो गई है।
• गुजरात से कपास, मिर्च, तिल चीन के बाजार में उपलब्ध होने लगे हैं, और विश्व के विभिन्न फल भारत के बाजार में मिलने लगे हैं।
• वैश्वीकरण से भारत में बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा बेचे जाने वाले महंगे 'जेनेटिकली मॉडिफाइड' और 'बी.टी.' बीज आए हैं, जिससे खेती महंगी हो गई है। हालांकि, इससे कपास और मकई के उत्पादन में वृद्धि हुई है।
• आयात सरल होने के कारण देश में ही हमारी कृषि उपज को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।
• कुछ उत्पादों को वैश्विक बाजार में बेचने के लिए पेटेंट पंजीकरण आवश्यक हो गया है।
• विश्व बाजार में हमारी गुणवत्ता वाले उत्पादों को देश के नाम पर पंजीकृत करवाना आवश्यक हो गया है।
• भारत को वैश्विक बाजारों में होने वाली प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए नई तकनीक अपनाकर गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
• कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों की आर्थिक उन्नति और समृद्धि बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध कदम उठाने पड़ेंगे।
In simple words: भारत ने किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की कोशिश की है, जिससे कुछ बदलाव आए हैं। आयात-निर्यात आसान हुआ, नई चीजें बाजार में आईं, लेकिन इससे खेती महंगी भी हो गई और स्थानीय उत्पादों को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा। अब भारतीय खेती को बेहतर गुणवत्ता और नई तकनीकों पर ध्यान देना होगा।
Exam Tip: वैश्वीकरण के लाभों और चुनौतियों दोनों को स्पष्ट करें, जैसे कि बेहतर पहुंच बनाम प्रतिस्पर्धा और तकनीकी आवश्यकताएं।
Question 4. भारत की गेहूँ की फसल का सविस्तार से वर्णन करो ।
Answer: धान के बाद गेहूं भारत की दूसरी मुख्य फसल है।
• भारत की लगभग एक-तिहाई कृषि भूमि पर गेहूं की खेती की जाती है।
• गेहूं भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग के लोगों का मुख्य भोजन है।
• गेहूं समशीतोष्ण कटिबंधीय रबी की फसल है।
• गेहूं के लिए काली या उपजाऊ दोमट मिट्टी और 75 सेमी वार्षिक वर्षा आवश्यक होती है।
• गेहूं के लिए 100 सेमी वर्षा अनुकूल मानी जाती है।
• हरित क्रांति के कारण गेहूं का उत्पादन लगभग दोगुना हो गया है।
• गेहूं की खेती मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में होती है। देश का दो-तिहाई गेहूं उत्पादन इन्हीं राज्यों में होता है।
• इन राज्यों में सिंचाई की सुविधा होने के कारण प्रति हेक्टेयर उत्पादन अधिक होता है।
• पंजाब में नहरों की सुविधा से यहां गेहूं का उत्पादन प्रचुर मात्रा में होता है, इसलिए पंजाब को गेहूं का भंडार कहा जाता है।
• मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों में भी गेहूं की बुवाई होती है।
• गुजरात के भाल प्रदेश में 'भालिया गेहूं' का उत्पादन होता है। इसके अलावा मेहसाणा, राजकोट, जूनागढ़, खेड़ा आदि में भी उत्पादन होता है।
• गेहूं से रोटी, भाखरी, सेव, हलवा, लापसी, लड्डू, सूखड़ी, पाव, पूरी, केक, बिस्कुट आदि कई व्यंजन बनते हैं।
• सभी अनाजों में गेहूं में पोषक तत्व अधिक होने के कारण गेहूं को अनाज का भंडार कहा जाता है।
In simple words: गेहूं भारत की एक प्रमुख फसल है, जो देश के उत्तर-पश्चिम में बहुत खाई जाती है। यह रबी की फसल है और इसे काली दोमट मिट्टी तथा 75-100 सेमी बारिश की जरूरत होती है। हरित क्रांति ने इसका उत्पादन काफी बढ़ा दिया है, और पंजाब, हरियाणा जैसे राज्य इसके मुख्य उत्पादक हैं। गेहूं से कई तरह के पकवान बनते हैं और यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है।
Exam Tip: गेहूं की फसल का वर्णन करते समय, उसकी जलवायु संबंधी आवश्यकताएं, प्रमुख उत्पादक राज्य और उपयोगिता पर प्रकाश डालें।
Question 5. भारत की तेलीय फसलों की जानकारी दीजिए ।
Answer: भारत की मुख्य तेल वाली फसलें निम्नलिखित हैं:
(1) मूंगफली: मूंगफली की फसल के लिए काली, कसवाली, दोमट और लावा की रेतीली-मिश्रित, पानी जमा न होने वाली जमीन, 20° से 25° तापमान, और 50 से 70 सेमी वर्षा उपयुक्त है। गुजरात, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु मुख्य उत्पादक राज्य हैं। विश्व में भारत चीन के बाद दूसरा उत्पादक राज्य है। भारत में गुजरात दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। गुजरात में सबसे अधिक मूंगफली के तेल का उपयोग खाने के तेल के रूप में होता है।
(2) तिल: तिल उत्तर भारत में वर्षा पर आधारित खरीफ की फसल है। तिल लगभग सभी राज्यों में बोया जाता है। सभी तेलों में सबसे अधिक तेल तिल में होता है। भारत में गुजरात, पं. बंगाल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश मुख्य उत्पादक हैं। गुजरात पूरे भारत में तिल की बुवाई और उत्पादन में पहले स्थान पर है। भारत विश्व में सबसे अधिक तिल का निर्यात करने वाला देश है।
(3) सरसों: सरसों रबी की फसल है। यह उत्तर भारत की महत्वपूर्ण तेलीय फसल है। सरसों के बीज और खाद्य तेल के रूप में उपयोग किए जाते हैं। राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पं. बंगाल और मध्य प्रदेश इसके मुख्य उत्पादक हैं।
(4) नारियल: नारियल समुद्री किनारे पर गर्म और नम जलवायु तथा क्षारीय जमीन में उगने वाली बागवानी फसल है। भारत में कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, अंडमान और निकोबार में नारियल के बगीचे हैं। गुजरात के समुद्री किनारों पर नारियल की बुवाई होती है। दक्षिण भारत में नारियल के तेल का उपयोग खाद्य तेल के रूप में होता है। नारियल का पानी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।
(5) अरंडी: यह खरीफ और रबी दोनों की फसल है। अरंडी के वैश्विक उत्पादन का 64% हिस्सा भारत का है, जिससे भारत विश्व में पहले स्थान पर है। भारत के कुल उत्पादन का लगभग 80% हिस्सा गुजरात में होता है। इसके अलावा गुजरात और राजस्थान में भी इसका उत्पादन होता है। गुजरात में बनासकांठा, पाटन, साबरकांठा, राजकोट, जूनागढ़, अमरेली आदि जिलों में अरंडी का उत्पादन होता है।
(6) अन्य: वर्तमान समय में कपास, सूर्यमुखी, धान, मकई, सोयाबीन आदि के तेल का भी खाद्य तेल के रूप में उपयोग होता है।
In simple words: भारत में कई तेल वाली फसलें उगाई जाती हैं। मूंगफली, तिल, सरसों, नारियल और अरंडी प्रमुख हैं। गुजरात मूंगफली और तिल का एक बड़ा उत्पादक है, और भारत अरंडी के वैश्विक उत्पादन में अग्रणी है। इन फसलों के तेलों का उपयोग भोजन और अन्य उद्योगों में होता है।
Exam Tip: भारत की प्रमुख तेलीय फसलों की जानकारी देते समय, प्रत्येक फसल के लिए आवश्यक जलवायु, मिट्टी, प्रमुख उत्पादक राज्यों और उसके उपयोग को शामिल करें।
2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर मुद्दासर दीजिए:
Question 1. जैविक (सजीव) कृषि की ओर झुकाव क्यों बढ़ रहा है ?
Answer: जैविक कृषि का अर्थ खेती की एक ऐसी विधि है जिसमें यूरिया या बीज किसी भी प्रकार के रासायनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग नहीं करते हैं।
• फसल को पोषण के लिए गोबर की खाद, कम्पोस्ट खाद आदि का उपयोग करते हैं, और फसल संरक्षण के लिए गौमूत्र, नीम, छाछ आदि का उपयोग किया जाता है।
• जैविक खेती के उत्पाद पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनमें प्राकृतिक स्वाद, मिठास और सुगंध पाई जाती है।
• इनमें अधिक खनिज, विटामिन और जीवन शक्ति देने वाले तत्व मौजूद होते हैं।
• वर्तमान में जैविक कृषि उत्पादों की बहुत मांग है, इसलिए इसका मूल्य (कीमत) भी अच्छा मिलता है।
• इसी कारण जैविक कृषि की ओर झुकाव बढ़ रहा है।
In simple words: जैविक खेती में रासायनिक खाद और कीटनाशक का उपयोग नहीं होता, जिससे फसलें ज्यादा पोषक और स्वादिष्ट होती हैं। आजकल ऐसे उत्पादों की मांग बढ़ रही है, और उनका अच्छा दाम भी मिलता है, इसलिए लोग जैविक खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
Exam Tip: जैविक कृषि की बढ़ती लोकप्रियता के कारणों में उसके पर्यावरणीय लाभ, स्वास्थ्य लाभ और बाजार में बढ़ती मांग को शामिल करें।
Question 2. अंतर स्पष्ट कीजिए : खरीफ की फसल – रबि की फसल
Answer:
**खरीफ की फसल**
• वर्षा-ऋतु में ली जाने वाली फसल को खरीफ की फसल कहते हैं।
• इस फसल का समय जून-जुलाई से अक्टूबर-नवंबर तक होता है।
• धान, मकई, ज्वार, बाजरा, तिल, मूंगफली, मोठ-मूंग आदि खरीफ की फसलें हैं।
**रबी की फसल**
• शीत ऋतु में ली जाने वाली फसल को रबी की फसल कहते हैं।
• इस फसल का समय अक्टूबर-नवंबर से मार्च-अप्रैल तक होता है।
• गेहूं, चना, जौ, सरसों, राई, अलसी आदि रबी की फसलें हैं।
In simple words: खरीफ की फसलें गर्मी में बारिश के मौसम में उगाई जाती हैं, जैसे धान और मक्का। रबी की फसलें सर्दियों में बोई जाती हैं, जैसे गेहूं और चना।
Exam Tip: खरीफ और रबी की फसलों के बीच अंतर स्पष्ट करते समय, बुवाई के मौसम, कटाई के समय और प्रमुख उदाहरणों पर ध्यान केंद्रित करें।
Question 3. भारतीय अर्थतंत्र में कृषि का योगदान समझाओ ।
Answer: भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि का योगदान इस प्रकार है:
• कृषि से भारत की लगभग आधी आबादी को रोजगार मिलता है।
• भारत के कुल घरेलू उत्पाद (GDP) में कृषि का 17% हिस्सा है।
• भारतीय मुख्य कृषि उत्पादों के निर्यात से विदेशी मुद्रा की कमाई होती है।
• कृषि उत्पादों के उत्पादन में भारत का विश्व में दूसरा स्थान है।
• सूती कपड़ा, चीनी, कागज, तिल आदि उद्योगों तथा खाद्य सामग्री से जुड़े उद्योगों के लिए कच्चा माल खेती से प्राप्त होता है।
• कृषि भारत के लोगों की भोजन संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति करती है।
• कृषि के साथ-साथ पशुपालन से अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है।
In simple words: भारत में कृषि का अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान है। यह आधी आबादी को रोजगार देती है, GDP का 17% हिस्सा बनाती है, विदेशी मुद्रा कमाती है, उद्योगों को कच्चा माल देती है, लोगों का पेट भरती है, और पशुपालन से भी आय बढ़ती है।
Exam Tip: भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि के योगदान का उल्लेख करते समय, रोजगार, जीडीपी हिस्सेदारी, निर्यात आय, और औद्योगिक कच्चे माल की आपूर्ति जैसे प्रमुख बिंदुओं को शामिल करें।
Question 4. 'धान : भारत की सबसे महत्त्वपूर्ण फसल है ।' समझाइए ।
Answer: धान भारत की सबसे महत्वपूर्ण फसल है। देश की लगभग आधी आबादी भोजन में चावल का उपयोग करती है।
• विश्व में धान उत्पादन में भारत चीन के बाद दूसरे स्थान पर है।
• भारत के कुल बुवाई क्षेत्र के चौथे हिस्से पर धान बोया जाता है।
• धान उष्णकटिबंधीय की फसल है। जिसके लिए नमीयुक्त जलवायु, नदियों की कांप मिट्टी, 20° से तापमान और 100 सेमी से अधिक वर्षा उपयुक्त रहती है।
• भारत में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, उड़ीसा मुख्य उत्पादक राज्य हैं।
• पं. बंगाल, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, बिहार, उड़ीसा और तमिलनाडु राज्यों में साल में दो बार फसल ली जाती है।
• धान के लिए अधिक पानी की आवश्यकता होने के बावजूद, फुहारा पद्धति से सिंचाई करके कम पानी से भी धान की फसल ली जाती है।
• गुजरात में सूरत, तापी, पंचमहल, अहमदाबाद, खेड़ा, आणंद, वलसाड आदि जिलों में धान की बुवाई होती है।
In simple words: धान भारत की मुख्य फसल है, जिसका उपयोग लगभग आधी आबादी करती है। भारत विश्व में दूसरा सबसे बड़ा धान उत्पादक है। यह गर्म और नम जलवायु में अच्छी उगती है, और पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु जैसे राज्य इसके प्रमुख उत्पादक हैं, जहां साल में दो बार फसल ली जाती है।
Exam Tip: धान के महत्व को समझाते हुए, उसके वैश्विक और राष्ट्रीय उत्पादन में स्थान, भौगोलिक आवश्यकताएं और प्रमुख उत्पादक राज्यों का उल्लेख करें।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षिप्त में दीजिए:
Question 1. मकई का उपयोग बताइए ।
Answer: मकई पहाड़ी लोगों का मुख्य भोजन है। मकई में मुख्य रूप से स्टार्च, तेल, प्रोटीन, बायोफ्यूल जैसे घटक पाए जाते हैं, जिससे इसका औद्योगिक उत्पादन में उपयोग बढ़ रहा है।
In simple words: मकई पहाड़ी लोगों का मुख्य भोजन है। इसमें स्टार्च, तेल, प्रोटीन और बायोफ्यूल जैसे तत्व होते हैं, इसलिए उद्योगों में भी इसका उपयोग बढ़ रहा है।
Exam Tip: मकई के उपयोगों का वर्णन करते समय, उसके खाद्य महत्व और औद्योगिक अनुप्रयोगों दोनों पर ध्यान दें।
Question 2. कॉफी की फसल की अनुकूलताएँ बताइए ।
Answer: कॉफी की फसल को पहाड़ी ढलानों पर ऐसे बड़े पेड़ों की छाया में बोया जाता है जहां सीधी धूप न पड़े।
• कॉफी के लिए 150 से 200 सेमी वर्षा, 15° से 28° से तापमान और पहाड़ी ढलानों वाली जमीन उपयुक्त रहती है।
• भारत में कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु में कॉफी की खेती होती है।
In simple words: कॉफी को सीधी धूप से बचाने के लिए बड़े पेड़ों की छाया में, पहाड़ी ढलानों पर बोया जाता है। इसे 150-200 सेमी बारिश और 15-28 डिग्री सेल्सियस तापमान की जरूरत होती है। भारत में कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में इसकी खेती प्रमुख है।
Exam Tip: कॉफी की खेती की अनुकूलता का उल्लेख करते समय, ढलानों, छाया, वर्षा और तापमान जैसी विशिष्ट पर्यावरणीय आवश्यकताओं को हाइलाइट करें।
Question 3. भाल प्रदेश में किस प्रकार की खेती होती है ? और कौन-सी फसल ली जाती है ?
Answer: भाल प्रदेश में रबी की खेती अधिक होती है। यहां पर उत्तम किस्म का 'भालिया गेहूं' उत्पन्न होता है।
In simple words: भाल प्रदेश में मुख्य रूप से रबी की खेती होती है, और वहां 'भालिया गेहूं' नामक अच्छी किस्म का गेहूं पैदा किया जाता है।
Exam Tip: भाल प्रदेश की कृषि विशेषताओं का वर्णन करते समय, प्रमुख फसल (भालिया गेहूं) और खेती के मौसम (रबी) पर जोर दें।
Question 4. हरियाली क्रांति किसे कहते है?
Answer: बीजों की सुधरी हुई किस्मों, रासायनिक खाद के उपयोग में वृद्धि, देश के किसानों के अथक प्रयासों, बिजली के वितरण की बेहतर व्यवस्था, सिंचाई की सुविधाओं में सुधार आदि कारणों से कृषि क्षेत्र में उत्पादन में हुई असाधारण वृद्धि को हरित क्रांति कहते हैं। हरित क्रांति का मुख्य उद्देश्य कृषि उपज में वृद्धि करना था। किसानों को अधिक रासायनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया और कृषि उपजों में वृद्धि प्राप्त करने में सफलता मिली।
In simple words: हरित क्रांति का मतलब है कृषि उत्पादन में बहुत बड़ी वृद्धि, जो बेहतर बीजों, रासायनिक खाद, सिंचाई और किसानों की कड़ी मेहनत के कारण हुई। इसका मुख्य लक्ष्य अधिक अन्न उगाना था।
Exam Tip: हरित क्रांति की परिभाषा में, उन्नत बीज, रासायनिक खाद और सिंचाई के कारण हुए उत्पादन में वृद्धि के प्रमुख कारकों को शामिल करें।
Question 5. कृषि संशोधन क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करनेवाली संस्था का नाम लिखिए ।
Answer: कृषि अनुसंधान के लिए ICAR (इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च) और DARE (डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च एंड एजुकेशन) जैसी राष्ट्रीय संस्थाएं कार्यरत हैं।
In simple words: भारत में कृषि अनुसंधान के लिए ICAR और DARE जैसी राष्ट्रीय संस्थाएं काम करती हैं।
Exam Tip: कृषि अनुसंधान से संबंधित राष्ट्रीय संस्थानों के नाम याद रखना महत्वपूर्ण है, जैसे कि ICAR और DARE।
4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सही विकल्प चुनकर दीजिए:
Question 1. निम्न में से किस कृषि में प्रति हेक्टेयर उत्पादन कम होता है ?
(a) बागायती कृषि
(b) झूम कृषि
(c) सघन कृषि
(d) आर्द्र कृषि
Answer: (b) झूम कृषि
In simple words: झूम कृषि में प्रति हेक्टेयर उपज कम होती है क्योंकि यह स्थानांतरण पर आधारित है और इसमें मिट्टी की उर्वरता का ध्यान नहीं रखा जाता।
Exam Tip: झूम कृषि को उसकी कम उत्पादकता और पर्यावरणीय प्रभाव के कारण एक पारंपरिक और कम कुशल कृषि पद्धति के रूप में जानें।
Question 2. निम्न में से किस कृषि में रासायनिक खाद और जंतुनाशकों का उपयोग नहीं होता है ? ।
(a) सजीव कृषि
(b) मिश्र कृषि
(c) बागायती कृषि
(d) टिकाऊ कृषि
Answer: (a) सजीव कृषि
In simple words: जैविक कृषि (सजीव कृषि) में रासायनिक खाद और कीटनाशकों का इस्तेमाल नहीं किया जाता, बल्कि प्राकृतिक तरीकों का उपयोग किया जाता है।
Exam Tip: जैविक कृषि की परिभाषा पर ध्यान दें, जो रासायनिक इनपुट के बिना खेती पर आधारित है।
Question 3. मूंगफली का उपयोग किस राज्य में सबसे अधिक होता है ?
(a) केरल
(b) तमिलनाडु
(c) मध्य प्रदेश
(d) गुजरात
Answer: (d) गुजरात
In simple words: गुजरात राज्य में मूंगफली का उत्पादन और उपयोग सबसे अधिक होता है।
Exam Tip: प्रमुख फसलों के साथ उनके सबसे बड़े उत्पादक राज्यों को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 4. चोकलेट किससे बनती है ?
(a) तिल
(b) कोको
(c) रबड़
(d) चाय
Answer: (b) कोको
In simple words: चॉकलेट बनाने के लिए कोको का उपयोग किया जाता है।
Exam Tip: विभिन्न खाद्य पदार्थों और उनके मूल घटकों के बीच संबंध जानें।
Question 5. निम्न में से किस मसाला फसल के उत्पादन में गुजरात का प्रथम स्थान है ?
(a) ईसबगोल
(b) मेथी
(c) सरसों
(d) धनिया
Answer: (a) ईसबगोल
In simple words: गुजरात ईसबगोल नामक मसाला फसल के उत्पादन में पहले स्थान पर है।
Exam Tip: प्रमुख मसालों और उनके सबसे बड़े उत्पादक राज्यों पर विशेष ध्यान दें, खासकर जब गुजरात से संबंधित प्रश्न हो।
Question 6. निम्न में से कौन-सी दलहन रबि की फसल है ?
(a) उड़द
(b) मूंग
(c) चना
(d) मौठ
Answer: (c) चना
In simple words: चना एक दलहन है जिसे रबी की फसल के रूप में सर्दियों के मौसम में उगाया जाता है।
Exam Tip: दलहनी फसलों को खरीफ और रबी के मौसम के अनुसार वर्गीकृत करना सीखें।
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