GSEB Class 10 Hindi Vyakaran भाववाचक संज्ञाएँ Solutions

Official GSEB Solutions for Class 10 Hindi: भाववाचक संज्ञाएँ

Access comprehensive textbook solutions for भाववाचक संज्ञाएँ using the official curriculum guides for Class 10 Hindi. Designed to align with the 2026-27 GSEB standards, these detailed answers help students reinforce core academic concepts.

Chapter-wise Solutions for Hindi: भाववाचक संज्ञाएँ

Access the complete solution PDF for Class 10 Hindi below. Regular practice with these targeted textbook answers builds familiarity with standard question patterns and helps secure higher marks in final school evaluations.

भाववाचक संज्ञाएँ

भाववाचक संज्ञा के बारे में प्रश्न इस प्रकार होंगे:

  • दिए हुए चार विकल्पों में से सही भाववाचक संज्ञा बताना।
  • दिए हुए वाक्य के चार शब्दों में से भाववाचक संज्ञा बताना।

व्यक्ति (प्राणी), वस्तु, स्थान या भाव का नाम सूचित करनेवाले शब्द को 'संज्ञा' कहते हैं।

निम्नलिखित वाक्यों में रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए :

1. अशोक अमिता से पराजित हो गया।
2. गेहूँ और सोने के भाव बढ़ रहे हैं।
3. हमने गुजरात के गिरिवन में सिंह देखे।
4. बचपन से ही उसके दिल में बड़ी-बड़ी आशाएँ थीं।

पहले वाक्य में 'अशोक' एक राजा (पुरुष) का और 'अमिता' एक राजकुमारी (स्त्री) का नाम है। ये दोनों व्यक्ति हैं।
दूसरे वाक्य में 'गेहूं' और 'सोना' दो अलग-अलग द्रव्यों के नाम हैं।
तीसरे वाक्य में 'गुजरात' व 'गिरिवन' स्थान विशेष को सूचित करते हैं। 'सिंह' एक प्राणी का नाम है।
चौथे वाक्य में 'बचपन' एक अवस्था (दशा) का नाम है और 'आशा' शब्द से मन का भाव सूचित होता है।

ये सारे शब्द किसी-न-किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी, अवस्था या भाव के नाम हैं, इसलिए ये सब 'संज्ञा' शब्द हैं।

संज्ञाओं के प्रकार :

संज्ञाओं को पाँच वर्गों में बाँटा गया है। ये पांच वर्ग व्यक्ति, जाति, समूह, पदार्थ और भाव के आधार पर तय किए गए हैं। इस वर्गीकरण के अनुसार संज्ञा पाँच प्रकार की होती है :

1. व्यक्तिवाचक संज्ञा.
2. जातिवाचक संज्ञा.
3. समूहवाचक संज्ञा.
4. द्रव्यवाचक या पदार्थवाचक संज्ञा और
5. भाववाचक संज्ञा।

व्यक्तिवाचक संज्ञा : यह संज्ञा किसी विशेष व्यक्ति, प्राणी या स्थान का बोध कराती है। जैसे – राम (व्यक्ति), गिल्लू (प्राणी), अहमदाबाद (स्थान)। ये शब्द अपने वर्ग के किसी खास नाम को सूचित करते हैं।

जातिवाचक संज्ञा : यह संज्ञा किसी वस्तु, प्राणी या स्थान के पूरे वर्ग का बोध कराती है। जैसे- मनुष्य, स्त्री, लड़का, लड़की, गाय, नदी, पहाड़, पुस्तक, शहर, गांव आदि जातिवाचक संज्ञाएं हैं।

समूहवाचक संज्ञा : यह संज्ञा वस्तु, मनुष्य, प्राणी के समूह का बोध कराती है।
जैसे – ढेर – किसी वस्तु या प्राणी का समूह
भौड़ – मनुष्यों का समूह
द्रोड – वृक्षों का समूह
इसी प्रकार गुच्छा, सेना, गड्डी, राशि आदि शब्द समूहवाचक संज्ञाएँ हैं।

द्रव्यवाचक या पदार्थवाचक संज्ञा :

यह संज्ञा धातुओं, खाद्यवस्तुओं, पेय पदार्थों या वस्त्राभूषण के पदार्थों का बोध कराती है।
जैसे – सोना, चाँदी, लोहा, तांबा (धातु)
गेहूं, चावल, दूध, तेल, पानी (खाद्य और पेय पदार्थ)
कपास, जूट, रेशम (वस्त्र)
धोती, साड़ी, कमीज (वस्त्राभूषण)
ये शब्द द्रव्यवाचक या पदार्थवाचक संज्ञाएं हैं।

भाववाचक संज्ञा :

यह संज्ञा मन के भावों, प्रसंगों और अवस्थाओं (दशाओं) का – बोध कराती है।
जैसे – सुख, दुःख, उत्साह, प्रसन्नता (भाव)
विवाह, जन्म, मरण (प्रसंग)
बचपन, जवानी, बुढ़ापा, बीमारी (अवस्था-दशा)

जातिवाचक संज्ञा और भाववाचक संज्ञा में अंतर :

जातिवाचक संज्ञा व्यक्ति, प्राणी, वस्तु, स्थान की जाति सूचित करती है। जैसे- आदमी, कुत्ता, वृक्ष, बगीचा। जातिवाचक संज्ञाओं को हम देख और छू सकते हैं।

इसके विपरीत भाववाचक संज्ञा मन के भाव, जीवन की दशा, अवस्था तथा अदृश्य वस्तुओं को सूचित करती हैं। जैसे – हर्ष-उल्लास, उत्साह, उदासी (भाव); गरीबी, अमौरी, बीमारी (दशा), बचपन, जवानी, बुढ़ापा (अवस्था); हवा, आत्मा, ईश्वर आदि (अदृश्य वस्तुएं)।

भाववाचक संज्ञाओं का हम केवल अनुभव कर सकते हैं। उन्हें हम देख या छू नहीं सकते। लड़के को हम देख और छू सकते हैं, पर लड़कपन को हम देख और छू नहीं सकते।

भाववाचक संज्ञाओं का निर्माण :

जातिवाचक संज्ञा से बनी भाववाचक संज्ञाएँ :

नीचे दिए हुए वाक्यों में रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए :

'अ' : वह अब बच्चा नहीं है।
उसका बचपन बीत चुका है।

'ब' : तुम आदमी को देखते हो।
मैं आदमियत का पुजारी हूँ।

'क' : वह बड़ा पंडित है।
वह अपने पांडित्य के लिए प्रसिद्ध है।

'अ' विभाग के पहले वाक्य में 'बच्चा' जातिवाचक संज्ञा है। 'बच्चा' शब्द में 'पन' प्रत्यय लगने से दूसरे वाक्य का 'बचपन' शब्द बना है। यह भाववाचक संज्ञा है।

'ब' विभाग के पहले वाक्य में 'आदमी' जातिवाचक संज्ञा है। 'आदमी' शब्द में 'ईयत' प्रत्यय लगने से दूसरे वाक्य में 'आदमियत' भाववाचक संज्ञा बनी है।

'क' विभाग के पहले वाक्य में 'पंडित' जातिवाचक संज्ञा है। इस संज्ञा में 'त्य' प्रत्यय लगाकर दूसरे वाक्य में 'पांडित्य' भाववाचक संज्ञा बनाई गई है।

इस प्रकार जातिवाचक संज्ञाओं में अलग-अलग प्रत्यय जोड़कर उनसे भाववाचक संज्ञाएं बनाई जाती हैं। जैसे

जातिवाचक संज्ञाभाववाचक संज्ञा
लड़कालडकपन
पितापितृत्व
मनुष्यमनुष्यता
बादशाहबादशाहत
इन्सानइन्सानियत

विशेषण से बनी भाववाचक संज्ञाएं :

नीचे दिए हुए वाक्यों के रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए :

'अ' : राम अच्छा लड़का है।
राम की अच्छाई से सभी परिचित हैं।

'ब' : हिमालय सबसे ऊंचा पर्वत है।
हिमालय अपनी ऊँचाई के लिए प्रसिद्ध है।

'क' : शादीलाल बहुत सज्जन थे।
शादीलाल की सज्जनता की सब तारीफ करते थे।

'अ' विभाग के पहले वाक्य में 'अच्छा' शब्द विशेषण है। वह राम नामक लड़के की विशेषता बताता है। दूसरे वाक्य में 'अच्छा' के साथ 'आई' प्रत्यय जोड़ने पर 'अच्छाई' शब्द बना है। 'अच्छाई' भाववाचक संज्ञा है।

'ब' विभाग के पहले वाक्य में "ऊंचा' शब्द हिमालय पर्वत की विशेषता बताता है। इसलिए वह विशेषण है। दूसरे वाक्य में 'ऊंचा' शब्द में 'आई' प्रत्यय लगाकर 'ऊंचाई' शब्द बना है। "ऊंचाई' भाववाचक संज्ञा है।

'क' विभाग के पहले वाक्य में 'सज्जन' शब्द शादीलाल नामक व्यक्ति की विशेषता बताता है। इस विशेषण शब्द में 'ता' प्रत्यय लगाने से 'सज्जनता' भाववाचक संज्ञा बनी है।

इस प्रकार विशेषण शब्दों में विभिन्न प्रत्यय जोड़कर उनसे भाववाचक संज्ञाएं बनाई जाती हैं।

कुछ अन्य उदाहरण भी देखिए :

विशेषणभाववाचक संज्ञा
अकेलाअकेलापन
खुशखुशी
खूबसूरतखूबसूरती
मौजूदमौजूदगी
असलअसलियत
तैयारतैयारी

क्रिया से बनी भाववाचक संज्ञाएं:

नीचे दिए हुए वाक्यों के रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए :

'अ' : वह अच्छा कमाता है।
उसकी अच्छी कमाई है।

'ब' : पता नहीं, यहाँ से कब छूटेंगे?
पता नहीं, यहाँ से कब छुटकारा मिलेगा?

'क' : इतना चिल्लाते क्यों हो?
इतनी चिल्लाहट क्यों मचाते हो?

'अ' विभाग के पहले वाक्य में 'कमाता' क्रिया शब्द है। यह 'कमाना' धातु से बना है। दूसरे वाक्य में इसी धातु से 'कमाई' शब्द बना है। यह भाववाचक संज्ञा है। 'कमाना' धातु का अन्त्य वर्ण 'ना' हटाकर उसमें 'आई' प्रत्यय जोड़ने से 'कमाई' भाववाचक संज्ञा बनी है।

'ब' विभाग के पहले वाक्य में 'छूटेंगे' क्रिया शब्द है। यह 'छूटना' धातु से बना है। 'छूटना' धातु का अन्त्य वर्ण 'ना' हटाकर उसमें 'कारा' प्रत्यय जोड़कर 'छुटकारा' भाववाचक संज्ञा बनी है।

'क' विभाग के पहले वाक्य में 'चिल्लाते' क्रिया शब्द है। यह "चिल्लाना' धातु से बना है। 'चिल्लाना' धातु का अन्त्य वर्ण 'ना' हटाकर उसमें 'आहट' प्रत्यय जोड़कर 'चिल्लाहट' शब्द बनाया गया है। 'चिल्लाहट' भाववाचक संज्ञा है।

इस प्रकार जातिवाचक संज्ञा, विशेषण और क्रिया (धातु) में प्रत्यय लगाने से भाववाचक संज्ञा बनती है।

भाववाचक संज्ञा बनानेवाले मुख्य प्रत्यय और उनके उदाहरण नीचे दिए गए हैं:

प्रत्ययमूल शब्दभाववाचक संज्ञा
तासज्जनसज्जनता
सुंदरसुंदरता
मधुरमधुरता
कायरकायरता
कठोरकठोरता
चंचलचंचलता
समानसमानता
त्वपितापितृत्व
मातामातृत्व
पुरुषपुरुषत्व
सतीसतीत्व
स्वामीस्वामित्व
नेतानेतृत्व
बन्धुबन्धुत्व
बचनाबचत
खपनाखपत
रंगनारंगत
पनबच्चाबचपन
लड़कालड़कपन
अकेलाअकेलापन
मुक्तमुक्ति
प्रसिद्धप्रसिद्धि
भक्तभक्ति
उन्नतउन्नति
नौकरनौकरी
गुलामगुलामी
खुशखुशी
आईअच्छाअच्छाई
ऊँचाऊँचाई
पीसनापिसाई
लड़नालड़ाई
सीनासिलाई
खोदनाखुदाई
आहटघबरानाघबराहट
चिल्लानाचिल्लाहट
मुस्करानामुस्कराहट
जगमगानाजगमगाहट
झुंझलानाझुंझलाहट
गड़गड़ानागड़गड़ाहट
आवटसजानासजावट
बनानाबनावट
लिखनालिखावट
थकनाथकावट
दिखनादिखावट
मिलानामिलावट
आवचुननाचुनाव
सुझानासुझाव
बहनाबहाव
आवाबुलानाबुलावा
दिखानादिखावा
पछतानापछतावा
भुलानाभुलावा
छुड़ानाछुड़ावा
छलनाछलावा
आनथकनाथकान
उठनाउठान
ढलनाढलान
गीमौजूदमौजूदगी
सादासादगी
ताजाताजगी
खफाखफगी
बन्दाबन्दगी
आयतबहुतबहालयत
उचितऔचित्य
सुंदरसौन्दर्य
वत्सलवात्सल्य
इयतखैरखैरियत
इन्सानइन्सानियत
असलअसलियत
अन्त्य 'ना' का 'न' करकेउलझनाउलझन
देनादेन
चलनाचलन
सिकुड़नासिकुड़न
धड़कनाधड़कन
जलनाजलन
अन्त्य 'ना' का लोप करकेपुकारनापुकार
जीतनाजीत
डरनाडर
लूटनालूट
पहुँचनापहुँच
चमकनाचमक
पाबूढ़ाबुढ़ापा
बहिनबहिनापा
मोटामोटापा
वकीलवकालत
शरीफशराफत
खिलाफखिलाफत

अन्य भाववाचक संज्ञाएँ

  • बढ़ना – बढ़ती
  • ज्यादा – ज्यादती
  • लाल – लालिमा
  • मीठा – मिठास
  • बेचना – बिक्री
  • चलना – चाल
  • शिशु – शैशव
  • घेरना – घेराव
  • पीना – प्यास
  • भारत – भारतीयता

महत्वपूर्ण भाववाचक संज्ञाएँ

  1. महिमा
  2. मनुष्यता
  3. प्रीति
  4. व्यथा
  5. आस्था
  6. देवत्व
  7. पीड़ा
  8. पौरुष
  9. चुनौती
  10. 10. द्रोह 11. चिकनाई 12. मंत्रित्व 13. मूर्खता 14. क्रोध 15. वास्तविकता 16. नास्तिकता 17. संस्कृति 18. अध्ययन 19. बारीकी 20. जरूरत 21. करामात 22. शीघ्रता 23. सुझाव 24. लघुता 25. अधिक 26. हड़बड़ी 27. प्रतीक्षा 28. मस्ती 29. एकाकीपन 30. उल्लास 31. धृष्टता 32. परायापन

Free study material for Hindi

Free GSEB Textbook Explanations: Class 10 Hindi भाववाचक संज्ञाएँ

Official GSEB Solutions for भाववाचक संज्ञाएँ

Review comprehensive exercise answers for Class 10 Hindi भाववाचक संज्ञाएँ. Fully updated to match current GSEB syllabus guidelines, these textbook solutions help students verify their work and maintain accurate study notes.

Step-by-Step Explanations for भाववाचक संज्ञाएँ

Each solution includes detailed reasoning to foster genuine comprehension of भाववाचक संज्ञाएँ concepts. Reviewing these step-by-step breakdowns allows learners to master both analytical and descriptive questions expected in school evaluations.

Next Steps in Your Hindi Revision

Consistent practice with these solution guides cultivates faster problem-solving habits and clearer logical structuring. For a complete preparation experience, pair these textbook answers with our dedicated revision notes and sample papers for Class 10 Hindi.

FAQs

Where can I find the latest GSEB Class 10 Hindi Vyakaran भाववाचक संज्ञाएँ Solutions for the 2026-27 session?

The complete and updated GSEB Class 10 Hindi Vyakaran भाववाचक संज्ञाएँ Solutions is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 10 Hindi are as per latest GSEB curriculum.

Are the Hindi GSEB solutions for Class 10 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the GSEB Class 10 Hindi Vyakaran भाववाचक संज्ञाएँ Solutions as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 10 GSEB solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using GSEB language because GSEB marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our GSEB Class 10 Hindi Vyakaran भाववाचक संज्ञाएँ Solutions will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer GSEB Class 10 Hindi Vyakaran भाववाचक संज्ञाएँ Solutions in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 10 Hindi. You can access GSEB Class 10 Hindi Vyakaran भाववाचक संज्ञाएँ Solutions in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Hindi GSEB solutions for Class 10 as a PDF?

Yes, you can download the entire GSEB Class 10 Hindi Vyakaran भाववाचक संज्ञाएँ Solutions in printable PDF format for offline study on any device.