GSEB Class 10 Hindi Kshitij Solutions Chapter 10 नेताजी का चश्मा

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Detailed Chapter 10 नेताजी का चश्मा GSEB Solutions for Class 10 Hindi

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Class 10 Hindi Chapter 10 नेताजी का चश्मा GSEB Solutions PDF

प्रश्न-अभ्यास

 

Question 1. सेनानी न होते हुए भी चश्मेवाले को लोग केप्टन क्यों कहते थे ?
Answer: चश्मेवाला एक सच्चा देशभक्त व्यक्ति था। वह न तो कोई सैनिक था, न नेताजी का साथी था, और न ही आज़ाद हिन्द फ़ौज का सिपाही। फिर भी लोग उसकी देशभक्ति की भावना को देखकर उसे केप्टन नाम से संबोधित करते थे। केप्टन को नेताजी की मूर्ति बिना चश्मेवाली देखकर बहुत दुख होता था। वह बार-बार अलग-अलग तरह के चश्मे पहनाकर उनके प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करता था। उसकी देशभक्ति की भावना को देखकर ही लोग उसे केप्टन कहकर पुकारते थे।
In simple words: चश्मेवाला नेताजी को चश्मा पहनाकर अपनी देश भक्ति दिखाता था, इसलिए लोग उसे कैप्टन कहते थे, भले ही वह सेनानी न था।

Exam Tip: Describe the character's actions and motivations to explain why he earned the nickname, focusing on his patriotism despite not being a soldier.

 

Question 2. हालदार साहब ने पहले चौराहे पर गाड़ी रोकने के लिए मना किया था बाद में तुरंत रोकने को कहा
(क) हालदार साहब पहले मायूस क्यों हो गए थे ?
Answer: हालदार साहब ने सोचा होगा कि अब नेताजी की मूर्ति पर चश्मा नहीं लगा होगा। मूर्ति पर चश्मा पहनानेवाला केप्टन अब मर चुका था। इस वजह से हालदार साहब निराश हो गए थे।
In simple words: कैप्टन के मरने के बाद हालदार साहब को लगा कि अब नेताजी की मूर्ति पर चश्मा नहीं होगा, इसलिए वह दुखी हो गए थे।

Exam Tip: When explaining a character's emotion, always link it directly to the event or thought that triggered it, such as Captain's death and the anticipated absence of glasses.

 

Question 2.
(ख) मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा क्या उम्मीद जगाता है ?
Answer: मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा लगा देखकर यह उम्मीद मिलती है कि हमारी आनेवाली पीढ़ी में भी देशप्रेम की भावना अभी भी जीवित है। हालदार के अनुसार सरकंडे का चश्मा बच्चे बनाते हैं। यह हो सकता है कि किसी बच्चे ने सरकंडे का चश्मा बनाकर मूर्ति पर पहना दिया हो, यह इस बात की उम्मीद देता है कि हमारे देश के बच्चों में भी देशभक्ति की भावना बहुत गहराई से भरी है।
In simple words: सरकंडे का चश्मा यह उम्मीद देता है कि बच्चों में भी देश प्रेम की भावना आज भी मौजूद है।

Exam Tip: Focus on the symbolism of the 'sarkande ka chashma' - representing genuine, innocent patriotism, especially from the younger generation.

 

Question 2.
(ग) हालदार साहब इतनी-सी बात पर भावुक क्यों हो उठे ?
Answer: हालदार साहब ने मूर्ति पर जब सरकंडे का चश्मा देखा तो वह भावुक हो गए। इतनी-सी बात ने यह साबित कर दिया था कि इस कस्बे में अब भी केप्टन जैसे देशभक्त मौजूद हैं जो अपने कर्तव्यों को अच्छे से समझते हैं। इसलिए हालदार साहब भावुक हो गए थे।
In simple words: सरकंडे का चश्मा देखकर हालदार साहब भावुक हो गए क्योंकि यह दिखाता था कि देश प्रेम की भावना अभी भी जिंदा है।

Exam Tip: Connect the emotional reaction directly to the significance of the simple act (sarkande ka chashma) as a symbol of enduring patriotism, even from children.

 

Question 3. आशय स्पष्ट कीजिए – 'बार-बार सोचते, क्या होगा उस कौम का जो अपने देश की खातिर घर-गृहस्थी-जवानी-जिंदगी सब कुछ होम देनेवालों पर हंसती है और अपने लिए बिकने के मौके ढूँढ़ती हैं।'
Answer: हालदार साहब लोगों में कम होती देशभक्ति की भावना से दुखी थे। केप्टन की मौत पर लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ा। यही हाल हमारे पूरे देश का है। देश के जवान अपनी पूरी जिंदगी देश को समर्पित कर देते हैं, अपना घर-बार, अपनी गृहस्थी, यहाँ तक कि जिंदगी भी समर्पित कर देते हैं, किन्तु लोगों को ऐसे देशभक्त सैनिकों की कोई परवाह नहीं होती, उल्टे वे उनका मजाक उड़ाते हैं। जैसे केप्टन का मजाक पानवाले ने उड़ाया था। लोग अपने देश के बारे में बिल्कुल नहीं सोचते। लालच में आकर स्वयं को भी बेचने को तैयार हो जाते हैं। देश में ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है जो अपने स्वार्थ के लिए जीते हैं और देशभक्त वीरों को भूल जाते हैं।
In simple words: हालदार साहब चिंता करते थे कि उस समुदाय का क्या होगा जो देश के लिए सब कुछ न्योछावर करने वालों का मजाक उड़ाता है और अपने फायदे के लिए गलत काम करता है।

Exam Tip: In questions requiring explanation of meaning, first clearly state the central theme (like declining patriotism) and then elaborate with examples from the story.

 

Question 4. पानवाले का एक रेखाचित्र प्रस्तुत कीजिए।
Answer: पानवाला व्यक्ति बहुत खुशमिज़ाज था और वह व्यंग्यात्मक भाषा में बातचीत करता था। कस्बे के चौराहे पर उसकी पान की दुकान थी। वह हमेशा पान चबाता रहता था। दिखने में वह काला और मोटा था। उसकी तोंद बड़ी थी। उसके दांत पान खाने के कारण लाल-काले थे। वह बहुत बातें करने वाला भी था। केप्टन के विषय में पूछने पर वह उसका उपहास करता नजर आता था। वह भावुक भी था क्योंकि जब केप्टन की मौत हो जाती है और हालदार साहब उसके बारे में पूछते हैं तो वह उदास हो जाता है और उसकी आँखों में आंसू भी आ जाते हैं।
In simple words: पानवाला एक मोटा, खुशमिजाज और बातूनी व्यक्ति था, जो हमेशा पान खाता था। वह व्यंग्य करता था लेकिन भावुक भी था, खासकर कैप्टन की मृत्यु पर।

Exam Tip: When describing a character, include both physical appearance and personality traits, backed by examples from their actions or dialogues in the story.

 

Question 5. 'वो लंगड़ा क्या जाएगा फौज में। पागल है पागल।' केप्टन के प्रति पानवाले की इस टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया लिखिए।
Answer: यह टिप्पणी पानवाले ने केप्टन के लिए कही थी। केप्टन एक बूढ़ा, कमजोर-सा लंगड़ा व्यक्ति था जिसमें देशभक्ति की भावना पूरी तरह भरी हुई थी। वह शरीर से तो देश की सेवा नहीं कर सकता था क्योंकि वह लंगड़ा था। किन्तु नेताजी की आँखों पर चश्मे का न होना उसे दुख देता था। इसलिए वह अपने बेचे जानेवाले चश्मे में से एक मूर्ति को पहना देता था। यह छोटा-सा काम भी देशप्रेम की भावना को दिखाता है। पानवाले का यह वाक्य उचित नहीं था। केप्टन ने एक तरफ मूर्ति के अधूरेपन को छिपाया तो दूसरी ओर कस्बे की कमी की ओर भी ध्यान दिलाया। इस तरह केप्टन का यह काम सच्चे देशभक्त के काम से कम नहीं था।
In simple words: पानवाले की यह टिप्पणी गलत थी क्योंकि कैप्टन भले ही शारीरिक रूप से कमजोर था, पर उसका देश प्रेम सच्चा था, जो नेताजी को चश्मा पहनाकर प्रकट होता था।

Exam Tip: In critical response questions, state your opinion clearly and then justify it with evidence from the text, explaining why the character's perspective might be flawed.

 

रचना और अभिव्यक्ति

 

Question 6. निम्नलिखित वाक्य पात्रों की कौन-सी विशेओर संकेत करते हैं?
(क) हालदार साहब हमेशा चौराहे पर रूकते और नेताजी को निहारते ।
Answer: हालदार साहब नेताजी का सम्मान करते थे। इसलिए वे चौराहे पर रुकते थे और उन्हें देखते थे। वे स्वयं एक देशभक्त व्यक्ति थे।
In simple words: यह दिखाता है कि हालदार साहब एक देशभक्त थे और नेताजी का बहुत सम्मान करते थे।

Exam Tip: For character analysis, directly link the action to the character trait and provide a concise explanation.

 

Question 6.
(ख) पानवाला उदास हो गया। उसने पीछे मुड़कर मुंह का पान नीचे थूका और सिर झुकाकर अपनी धोती के सिरे से आखें पोंछता हुआ बोला – साहब केप्टन मर गया।
Answer: पानवाला केप्टन के देश-प्रेम को पहले पागलपन मानता था, फिर भी वह कैप्टन की मौत से उदास हो जाता है। इससे पानवाले की भावुकता का पता चलता है।
In simple words: यह दिखाता है कि पानवाला भले ही कैप्टन का मजाक उड़ाता था, पर वह उसकी मृत्यु पर भावुक हो गया था।

Exam Tip: Highlight the contrast between initial behavior and later emotional reaction to reveal the complexity of the character's feelings.

 

Question 6.
(ग) केप्टन बार-बार मर्ति पर चश्मा लगा देता था।
Answer: इससे केप्टन की देशभक्ति की भावना का पता चलता है।
In simple words: यह कैप्टन की गहरी देशभक्ति को दिखाता है।

Exam Tip: Explain how a specific action reveals a core character trait or motivation.

 

Question 7. जब तक हालदार ने केप्टन को साक्षात् देखा नहीं था तब तक उनके मानस पटल पर उसका कौन-सा चित्र रहा होगा, अपनी कल्पना से लिखिए।
Answer: जब तक हालदार साहब ने केप्टन को असल में देखा नहीं था, तब तक उनके दिमाग में यह तस्वीर रही होगी कि केप्टन सेना का रिटायर्ड जवान होगा। या फिर नेताजी की आज़ाद हिन्द फ़ौज में केप्टन रहा होगा, तभी नेताजी के प्रति उसके मन में इतनी श्रद्धा और भक्ति थी।
In simple words: हालदार साहब ने कैप्टन को एक रिटायर्ड फौजी या आज़ाद हिन्द फौज का सिपाही समझा होगा, जो नेताजी का सम्मान करता है।

Exam Tip: When asked to imagine, draw upon the character's existing perceptions and beliefs about patriotism and military figures to form a plausible image.

 

Question 8. कस्बों, शहरों, महानगरों के चौराहों पर किसी न किसी क्षेत्र के प्रसिद्ध व्यक्ति की मूर्ति लगाने का प्रचलन-सा हो गया है
(क) इस तरह की मूर्ति लगाने के क्या उद्देश्य हो सकते हैं?
Answer: इस तरह की मूर्ति लगाने के उद्देश्य निम्नलिखित हो सकते हैं:
1. लोग मूर्ति से प्रेरित होकर उसके जैसे महान कार्य करने का संकल्प लें।
2. देश की जनता को उस मूर्ति वाले व्यक्ति के कार्यों के विषय में जानकारी मिल सके।
3. जिस महापुरुष की मूर्ति है, समाज में और परिवार में उसके महत्वपूर्ण कार्यों के विषय में चर्चा करें ताकि घर के लोग भी उस महापुरुष की मूर्ति के महत्व को समझ पाएं।
In simple words: मूर्तियाँ इसलिए लगाई जाती हैं ताकि लोग उन महापुरुषों से प्रेरणा ले सकें, उनके कामों को जान सकें और उनके महत्व को समझ सकें।

Exam Tip: For questions about objectives, provide a clear, numbered list of distinct reasons, each explaining a different benefit or purpose.

 

Question 8.
(ख) आप अपने इलाके के चौराहे पर किस व्यक्ति की मूर्ति स्थापित करना चाहेंगे और क्यों ?
Answer: हम अपने इलाके के चौराहे पर सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति लगाना चाहेंगे। वे भारत के स्वतंत्रता सेनानी थे। आजादी के बाद वे भारत के पहले गृहमंत्री और उप-प्रधानमंत्री बने थे। वे सच्चे देश प्रेमी थे। बारडोली सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे पटेल को सत्याग्रह की सफलता के बाद वहाँ की महिलाओं ने उन्हें सरदार की उपाधि दी थी। वे सच्चे अर्थ में भारत के सरदार थे। आजादी के बाद बिखरी रियासतों के एकीकरण में सरदार की महत्वपूर्ण भूमिका थी। हमें ऐसे नेतृत्व करनेवाले नेता की आज जरूरत है। इसलिए हम सरदारजी की मूर्ति अपने इलाके के चौराहे पर लगाना चाहते हैं।
In simple words: मैं सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति लगाना चाहूँगा क्योंकि वे एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने भारत को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

Exam Tip: When choosing a figure, clearly state your choice and then provide specific, historically accurate reasons that highlight their contributions and relevance.

 

Question 8.
(ग) उस मूर्ति के प्रति आपके एवं दूसरे लोगों के क्या उत्तरदायित्व होने चाहिए?
Answer: हमने जिसकी मूर्ति अपने चौराहे पर लगाई है, लोगों को उनके कार्यों के विषय में अवगत कराएंगे। मूर्ति के रखरखाव पर पूरा ध्यान देंगे। लोग - उस मूर्ति के रूप में स्थापित महापुरुष को राष्ट्रीय गौरव के रूप में जानें, उनका सम्मान करें। किसी भी स्थिति में मूर्ति को नुकसान न पहुंचाएं तथा उनका हमेशा सम्मान करें। इन सबका ध्यान रखना और उनके द्वारा किए गए कार्यों का अनुसरण करना हमारा उत्तरदायित्व होगा।
In simple words: हमारा कर्तव्य है कि हम मूर्ति की देखभाल करें, महापुरुषों का सम्मान करें, उन्हें नुकसान न पहुंचाएं और उनके अच्छे कार्यों का अनुसरण करें।

Exam Tip: For questions about responsibilities, outline practical actions (maintenance, respect) and also the moral obligations (honor, emulation) that contribute to civic duty.

 

Question 9. हम सभी अपने दैनिक कार्यों में किसी न किसी रूप में देशप्रेम प्रकट करते हैं, जैसे सार्वजनिक सम्पत्ति को नुकसान न पहुंचाना, पर्यावरण संरक्षण आदि । अपने जीवन जगत से जुड़े ऐसे और कार्यों का उल्लेख कीजिए और उस पर अमल भी कीजिए।
Answer: सीमा पर तैनात फौजी लोग ही देशप्रेमी हैं, यह जरूरी नहीं। भारत देश में रहनेवाले नागरिक अपने देश के भीतर या देश के बाहर रहकर अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए देश के प्रति अपनी निष्ठा, अपनी ईमानदारी प्रकट कर देश प्रेम का परिचय दे सकते हैं। देश को स्वच्छ रखना, गंदगी न फैलाना, साम्प्रदायिक सद्भावना बनाए रखना, नियमों, कर्तव्यों का पालन करना, सार्वजनिक सम्पत्ति का नुकसान न करना, देश की एकता व अखण्डता बनाए रखना ये सभी देशप्रेम का परिचायक है।
In simple words: रोज़मर्रा के जीवन में देश प्रेम दिखाना सिर्फ सीमा पर लड़ने से नहीं होता। अपने देश को साफ रखना, शांति बनाए रखना, नियमों का पालन करना और सार्वजनिक संपत्ति का ध्यान रखना भी देश प्रेम है।

Exam Tip: When asked for examples, move beyond obvious acts of patriotism and include everyday civic responsibilities that reflect love for one's country.

 

Question 10. निम्नलिखित पंक्तियों में स्थानीय बोली का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है, आप इन पंक्तियों को मानक हिन्दी में लिखिए। कोई गिराक आ गया समझो। उसको चौड़े चौखट चाहिए, तो केप्टन किदर से लाएगा? तो दिया । उदर दूसरा बिठा दिया।
Answer: मानो कोई ग्राहक आ गया। उसको चौड़ा फ्रेम चाहिए तो केप्टन कहाँ से लाएगा? तो उसे मूर्तिवाला फ्रेम दे दिया और मूर्ति पर दूसरा फ्रेम लगा दिया।
In simple words: स्थानीय बोली वाली पंक्तियों को मानक हिंदी में बदलने पर, 'गिराक' 'ग्राहक' बना, 'किदर' 'कहाँ' बना, और 'उदर' 'वहाँ' बना, जिससे वाक्य अधिक औपचारिक और स्पष्ट हो गए।

Exam Tip: When converting local dialect to standard Hindi, identify the specific words that differ and provide their standard equivalents to demonstrate the transformation accurately.

 

Question 11. “भई खूब । क्या आइडिया है।” इस वाक्य को ध्यान में रखते हुए बताई कि एक भाषा में दूसरी भाषा के शब्दों के आने से क्या लाभ होते हैं?
Answer: एक भाषा में जब दूसरी भाषा के शब्द सही जगह पर आते हैं तो भाषा में सहज लचीलापन आ जाता है। भाषा में कठिनता नहीं रहती। व्यक्ति जो कुछ कहना चाहता है वह साफ हो जाता है। इससे भावों को समझने में सरलता रहती है। दूसरे शब्द भाषा में इस प्रकार घुल-मिल जाते हैं मानो वे उसी भाषा के शब्द हों। प्रस्तुत वाक्य में आइडिया अंग्रेजी शब्द है। हिन्दी भाषा में इस शब्द के प्रयोग करने पर कहीं ऐसा नहीं लगता कि यह अंग्रेजी भाषा का शब्द है।
In simple words: दूसरी भाषा के शब्दों को शामिल करने से भाषा आसान और लचीली बनती है, जिससे बातें साफ समझ आती हैं और भाषा स्वाभाविक लगती है।

Exam Tip: Focus on the benefits of linguistic borrowing: ease of expression, clarity, and natural flow, using the example provided in the question.

 

भाषा-अध्ययन

 

Question 12. निम्नलिखित वाक्यों से निपात छोटिए और उनसे नए वाक्य बनाइए :
(क) नगरपालिका थी तो कुछ-न-कुछ करती भी रहती थी। निपात – 'तो' 'भी'।
Answer: वाक्य: माँ तो घर आ रही है।
In simple words: निपात वे शब्द होते हैं जो वाक्य में किसी शब्द पर जोर देने का काम करते हैं, जैसे 'तो' और 'भी'।

Exam Tip: When identifying 'nipat', provide the identified words and then construct a new sentence using those 'nipat' to demonstrate understanding.

 

Question 12.
(ख) किसी स्थानीय कलाकार को ही अवसर देने का निर्णय किया गया होगा। निपात : 'ही'। वाक्य : दिल्ली तो मैं ही जाऊंगी। और कोई नहीं।
Answer:
In simple words: 'ही' एक निपात है जो वाक्य में जोर देने के लिए इस्तेमाल होता है, जैसे 'मैं ही जाऊंगी' में।

Exam Tip: Clearly state the 'nipat' and provide an example sentence that highlights its reinforcing function.

 

Question 12.
(ग) यानी चश्मा तो था लेकिन संगमरमर का नहीं था। निपात : 'तो' वाक्य : राहुल तो गया था लेकिन उसका भाई घर पर था।
Answer:
In simple words: 'तो' एक निपात है जो वाक्य में किसी बात को पुष्टि करने या उस पर ध्यान देने के लिए प्रयोग किया जाता है।

Exam Tip: Identify the 'nipat' and create a new sentence to illustrate its use, showing how it emphasizes or clarifies a statement.

 

Question 12.
(घ) हालदार साहब अब भी नहीं समझ पाए। निपात : "भी" वाक्य : सोनिया मेम अब भी उसी विद्यालय में पढ़ाती हैं।
Answer:
In simple words: 'भी' एक निपात है जो वाक्य में किसी बात को शामिल करने या उस पर जोर देने के लिए उपयोग होता है, जैसे 'अब भी' में।

Exam Tip: Clearly identify the 'nipat' and construct an example sentence that demonstrates its function of adding emphasis or inclusion.

 

Question 12.
(ङ) दो साल तक हालदार साहब अपने काम के सिलसिले में उस कस्बे से गुजरते रहे। निपात : 'तक' वाक्य : कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक है और रहेगा।
Answer:
In simple words: 'तक' एक निपात है जो किसी अवधि या सीमा को बताने के लिए प्रयोग होता है, जैसे 'दो साल तक' में।

Exam Tip: Identify the 'nipat' and provide an example sentence that illustrates its function of indicating extent or duration.

 

Question 13. निम्नलिखित वाक्यों को कर्मवाच्य में बदलिए :
(क) वह अपनी छोटी-सी दुकान में उपलब्ध गिने-चुने फ्रेमों में से एक नेताजी की मूर्ति पर फिट कर देता है।
(ख) पानवाला नया पान खा रहा था ।
(ग) पानवाले ने साफ बता दिया था।
(घ) ड्राइवर ने जोर से ब्रेक मारा ।
(ङ) नेताजी ने देश के लिए अपना सबकुछ त्याग दिया।
(च) हालदार साहब ने चश्मेवाले की देशभक्ति का सम्मान किया।
Answer:
(क) उसके द्वारा अपनी छोटी-सी दुकान में उपलब्ध गिने-चुने फ्रेमों में से एक नेताजी की मूर्ति पर फिट कर दिया जाता है।
(ख) पानवाले से नया पान खाया जा रहा था।
(ग) पानवाले द्वारा साफ बता दिया गया था।
(घ) ड्राईवर द्वारा जोर से ब्रेक मारा गया था।
(ङ) नेताजी द्वारा देश के लिए अपना सब कुछ त्याग दिया गया।
(च) हालदार साहब द्वारा चश्मेवाले की देशभक्ति का सम्मान किया गया।
In simple words: कर्मवाच्य में बदलने के लिए, हमें वाक्य के कर्ता के बाद 'से' या 'के द्वारा' का प्रयोग करना होता है और क्रिया को कर्म के अनुसार बदलना होता है।

Exam Tip: To convert to passive voice (कर्मवाच्य), identify the object, make it the subject, and use the appropriate form of the verb with 'द्वारा' or 'से' preceding the original subject.

 

Question 14. नीचे लिखे वाक्यों को भाववाच्य में बदलिए -
(क) माँ बैठ नहीं सकती
(ख) मैं देख नहीं सकती।
(ग) चलो, अब सोते हैं।
(घ) माँ से रोया भी नहीं जाता।
Answer:
(क) माँ से बैठा नहीं जाता।
(ख) मुझसे देखा नहीं जाता।
(ग) चलो, अब सोया जाय।
(घ) माँ से रोया भी नहीं जाता।
In simple words: भाववाच्य में बदलने के लिए, क्रिया का जोर भाव पर होता है, और इसमें कर्ता की अक्षमता या अनिच्छा दिखाई जाती है, जैसे 'से बैठा नहीं जाता' में।

Exam Tip: For 'bhavvachya' conversion, ensure the verb is impersonal, often expresses inability, and the subject is followed by 'से'.

 

Hindi Digest Std 10 GSEB नेताजी का चश्मा Important Questions and Answers

 

पाठेतर सक्रियता

 

Question 1. लेखक का अनुमान है कि नेताजी की मूर्ति बनाने का काम मजबूरी में ही स्थानीय कलाकार को दिया गया –
(क) मूर्ति बनाने का काम मिलने पर
(ख) हम अपने इलाके के शिल्पकार, संगीतकार, चित्रकार एवं दूसरे कलाकारों के काम को कैसे महत्त्व और प्रोत्साहन दे सकते हैं, लिखें।
Answer:
(क) मूर्ति बनाने का काम मिलने पर कलाकार सोच रहा होगा कि वह इस काम को बड़ी मेहनत और लगन से करेगा। मूर्ति बनाते समय वह यह ध्यान रखेगा कि मूर्ति बिल्कुल सुभाषचंद्र बोस जैसी ही बननी चाहिए। इस मूर्ति के निर्माण के बाद उसकी यश और प्रतिष्ठा बढ़ेगी। कुछ ऐसा भाव मूर्तिकार के मन में रहा होगा।
(ख) हम अपने इलाके के शिल्पकार, संगीतकार, चित्रकार एवं दूसरे कलाकारों को विद्यालय के किसी समारोह में या राष्ट्रीय त्यौहारों के अवसर पर समाज के किसी कार्यक्रम में बुलाकर सम्मानित करेंगे। उनका विस्तृत परिचय देंगे ताकि सभी लोग उनके कार्यों से अवगत हों। ऐसे विशिष्ट लोगों को पुरस्कार या सम्मान देकर उनके कार्यों को पुरस्कृत करेंगे। इससे इनका मनोबल बढ़ेगा और ये और भी आगे बढ़ सकेंगे।
In simple words: कलाकार को मूर्ति का काम मिलने पर वह बहुत मेहनत से इसे बनाने और अपनी प्रतिष्ठा बढ़ाने के बारे में सोचेगा। हम ऐसे कलाकारों को कार्यक्रमों में बुलाकर सम्मानित करके और उनका परिचय देकर प्रोत्साहित कर सकते हैं ताकि उनका काम सबको पता चले।

Exam Tip: Address both parts of the question. For part (a), describe the artist's mindset. For part (b), provide concrete examples of how to support local artists, focusing on recognition and encouragement.

 

Question 2. आपके विद्यालय में शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण छात्र हैं। उनके लिए विद्यालय परिसर और कक्षा-कक्ष में किस तरह के प्रावधान किए जाएं, प्रशासन को इस संदर्भ में पत्र द्वारा सुझाव दीजिए।
Answer:
शिक्षा निर्देशक,
नया सचिवालय, गांधीनगर
10 जुलाई, 2018
विषय: शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण छात्रों के लिए उचित व्यवस्था हेतु प्रार्थना पत्र ।
महोदय,
निवेदन है कि हमारे विद्यालय में शारीरिक रूप से अपंग छात्र पढ़ते हैं। उनकी इच्छा शक्ति प्रबल है किन्तु शारीरिक रूप से कमजोर होने के कारण उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर यदि उनके अनुकूल कुछ सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएं तो नि:संदेह उनकी कठिनाइयों में कमी आ सकती है। विद्यालय का कक्ष नीचे लाया जाय, कक्षा में कुछ छात्रों को बेंच पर बैठने में असुविधा होती है, उनके लिए गद्दे आदि का इंतजाम किया जाए। तो इन शारीरिक रूप से कमजोर छात्रों की कठिनाइयों का काम किया जा सकेगा।
आशा है कि आप उचित कार्यवाही करेंगे।
धन्यवाद,
भवदीय,
अनुष्का शर्मा,
कक्षा : 10-B
सरस्वती विद्यामंदिर, अहमदाबाद-382450
In simple words: शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण छात्रों के लिए स्कूल में रैंप, विशेष शौचालय और नीचे की कक्षाओं में बैठने की व्यवस्था जैसे सुधार करने के लिए एक पत्र लिखा गया है ताकि उनकी शिक्षा आसान हो सके।

Exam Tip: When writing a formal letter, include all standard components (sender, receiver, date, subject, salutation, body, closing) and clearly state actionable suggestions for improvement.

 

Question 3. केप्टन फेरी लगाता था । फेरीवाले हमारे दिन-प्रति-दिन की बहुत-सी जरूरतों को आसान बना देते हैं । फेरीवालों के योगदान व समस्याओं पर एक सम्पादकीय लेख तैयार कीजिए। सम्पादकीय लेख :
Answer: फेरीवालों का समाज में कोई स्थान नहीं है। फेरीवाले का कोई एक जगह स्थायी न होने पर वे लोग इधर-से-उधर भटकते रहते हैं। इस कारण लोग इन पर विश्वास भी नहीं करते। पैसे की कमी के कारण इनके पास अपनी कोई निश्चित जगह नहीं है। वे साइकिल या लारी लेकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते रहते हैं। फेरीवालों को लोग संदिग्ध नजरों से देखते हैं। समाज में इन्हें सम्माननीय स्थान नहीं मिलता।
In simple words: फेरीवाले समाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, हमारी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करते हैं, लेकिन उन्हें अक्सर कम सम्मान मिलता है और उन्हें अपनी जगह के लिए संघर्ष करना पड़ता है।

Exam Tip: In an editorial, present both the positive contributions (योगदान) and the challenges (समस्याएँ) faced by the group, offering a balanced perspective.

 

Question 4. अपने घर के आस-पास देखिए और पता लगाइए कि नगरपालिका ने क्या-क्या काम करवायें हैं? हमारी भूमिका उसमें क्या हो सकती है?
Answer: हमारे घर के आसपास नगरपालिका ने जो काम करवाए हैं उनकी सूची निम्नानुसार है
2. स्ट्रीट लाइट लगवाई है।
3. स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करवाई है।
4. नजदीक में ही पार्क बनवाया है ताकि बच्चे खेल सकें।
5. जगह-जगह कूड़ेदान की व्यवस्था करवाई है।
6. बड़े-बुजुर्गों के बैठने के लिए पक्की सीटें लगवाई हैं।
7. प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्था करवाई है।
हमारी भूमिका : हमारा यह कर्तव्य है कि नगरपालिका जो काम करती है उसमें हम किसी प्रकार का हस्तक्षेप न करें। जितना हो सके उतना नगरपालिका द्वारा किए जा रहे कार्यों में अपना योगदान दें तथा अन्य लोगों को भी अपना सहयोग देने के लिए प्रेरित करें।
In simple words: नगरपालिका ने स्ट्रीट लाइट, साफ पानी, पार्क और कूड़ेदान जैसी कई सुविधाएं प्रदान की हैं। हमारा काम है कि हम उनके कार्यों में सहयोग दें और दूसरों को भी प्रेरित करें।

Exam Tip: List specific, observable actions of the municipality, and then clearly outline how citizens can responsibly contribute to and support these efforts without interference.

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में लिखिए :

 

Question 1. लेखक के अनुसार कस्बे का वर्णन कीजिए।
Answer: कस्बा बहुत बड़ा नहीं था। जिसे पक्का मकान कहा जा सके वैसे कुछ ही मकान थे और जिसे बाजार कहा जा सके वैसा एक ही बाजार वहाँ था। इस कस्बे में लड़कों और लड़कियों के लिए एक-एक स्कूल था। सीमेंट का एक कारखाना, दो ओपन एयर सिनेमाघर और एक नगरपालिका भी थी।
In simple words: लेखक के अनुसार, कस्बा छोटा था, जिसमें कुछ पक्के घर, एक बाजार, लड़के-लड़कियों के स्कूल, एक सीमेंट कारखाना और दो सिनेमाघर थे।

Exam Tip: Keep the description concise and directly based on the text, highlighting key features mentioned by the author.

 

Question 2. नगरपालिका क्या कार्य करती थी?
Answer: इस कस्बे के लिए नगरपालिका कुछ-न-कुछ काम करती रहती थी। कभी कोई पक्की सड़क बनवाती थी तो कभी पेशाबघर बनवा दिया, कभी कबूतरों के लिए छतरी लगवा दी तो कभी कवि सम्मेलन करवा दिया। कभी बाजार के चौराहे पर सुभाषबाबू की प्रतिमा लगवा दी।
In simple words: नगरपालिका सड़क बनाना, पेशाबघर बनवाना, कबूतरों के लिए छतरी लगाना और सुभाष बाबू की मूर्ति लगवाना जैसे विभिन्न कार्य करती रहती थी।

Exam Tip: List a variety of the municipality's activities to show its diverse roles in the community.

 

Question 3. नेताजी की मूर्ति कैसी थी?
Answer: मूर्ति संगमरमर की बनी थी। टोपी की नोक से कोट के दूसरे बटन तक कोई दो फुट ऊँची मूर्ति थी। मूर्ति सुंदर और मासूम तथा कमसिन लग रही थी। मूर्ति को फौजी वर्दी के कपड़ों में देखकर 'तुम मुझे खून दो' का नारा याद आने लगता था।
In simple words: नेताजी की मूर्ति संगमरमर की बनी थी, लगभग दो फुट ऊंची, सुंदर और युवा दिखती थी, और फौजी वर्दी में थी।

Exam Tip: Describe the statue using the visual details provided in the text, including material, height, and overall impression.

 

Question 5. मूर्ति को देखकर हालदार साहब किस निष्कर्ष पर पहुंचे ?
Answer: मूर्ति को देखकर हालदार साहब इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि कुल मिलाकर कस्बे के नागरिकों का यह प्रयास सराहनीय ही कहा जाना चाहिए। महत्व मूर्ति के रूप, रंग या कद का नहीं है, देशभक्ति की भावना का है।
In simple words: हालदार साहब ने यह निष्कर्ष निकाला कि मूर्ति लगाना नागरिकों का सराहनीय प्रयास था और देशभक्ति की भावना ही महत्वपूर्ण थी, न कि मूर्ति का रूप।

Exam Tip: Clearly state the main conclusion drawn by the character and emphasize the core value that the character prioritized.

 

Question 6. हालदार साहब की क्या आदत पड़ गई थी ?
Answer: हालदार साहब जब भी कस्बे के पास से गुजरते थे तो कस्बे के चौराहे पर रुकना, पानवाले की दुकान से पान लेकर खाना और मूर्ति को ध्यान से देखना उनकी आदत बन गई थी।
In simple words: हालदार साहब की आदत थी कि वह कस्बे के चौराहे पर रुककर पान खाते और नेताजी की मूर्ति को ध्यान से देखते थे।

Exam Tip: Describe the routine actions that became a habit for the character, focusing on consistency and specific details.

 

Question 7. केप्टन क्या कार्य करता था?
Answer: केप्टन चश्मा बेचने का व्यवसाय करता था। उसके पास चश्मा बेचने के लिए कोई स्थायी दुकान या जगह नहीं थी। इसलिए वह घूम-घूमकर चश्मा बेचा करता था।
In simple words: कैप्टन चश्मा बेचता था और उसकी कोई स्थायी दुकान नहीं थी, इसलिए वह घूम-घूमकर चश्मे बेचा करता था।

Exam Tip: State the character's primary occupation and any relevant details about how they performed it.

 

Question 8. नेताजी की मूर्ति पर किस प्रकार के चश्मे लगे होते थे ?
Answer: नेताजी की मूर्ति पर तरह-तरह के चश्मे लगे होते थे। कभी गोल, कभी चौकोर, कभी लाल, कभी काला, कभी धूप का चश्मा तो कभी बड़े काँचोवाला गोगो चश्मा । इस तरह केप्टन उन्हें तरह-तरह के चश्मे पहनाया करता था।
In simple words: नेताजी की मूर्ति पर कई तरह के चश्मे लगाए जाते थे, जैसे गोल, चौकोर, रंगीन और धूप वाले चश्मे।

Exam Tip: Provide a diverse list of the types of glasses mentioned, highlighting the variety that was seen on the statue.

 

Question 9. नेताजी की आखों पर चश्मा क्यों नहीं था?
Answer: नेताजी की आँखों पर तरह-तरह के चश्मे पहनानेवाला केप्टन मर चुका था इसलिए उनकी आँखों पर किसी प्रकार का कोई चश्मा नहीं था।
In simple words: नेताजी की आँखों पर चश्मा इसलिए नहीं था क्योंकि उसे पहनाने वाला कैप्टन मर चुका था।

Exam Tip: Directly state the reason for the absence of the glasses, linking it to the specific character responsible for them.

 

Question 10. हालदार साहब क्यों चीख उठे ?
Answer: केप्टन के मरने के बाद नेताजी की मूर्ति पर चश्मा नहीं था। हालदार साहब ने सोचा कि वे इस बार मूर्ति की तरफ नहीं देखेंगे किन्तु आदतन उनकी नजर मूर्ति पर पड़ी। उन्होंने नेताजी की आखों पर सरकंडे का बना चश्मा लगा हुआ देखा । इस कारण वे चीख उठे और जीप रोकने को कहा।
In simple words: हालदार साहब इसलिए चीख उठे क्योंकि कैप्टन की मृत्यु के बाद भी उन्होंने नेताजी की मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा लगा देखा, जिससे उन्हें खुशी हुई।

Exam Tip: Explain the emotional trigger for the character's exclamation, emphasizing the unexpected sight and its significance.

 

दीर्घउत्तरीय प्रश्नोत्तर :

 

Question 1. हालदार साहब केप्टन के प्रति सहानुभूति क्यों रखते थे?
Answer: जब हालदार साहब को पता चला कि नेताजी का चश्मा केप्टन बदलता है तो उन्होंने कल्पना की कि केप्टन शायद कोई फौजी व्यक्ति होगा। किन्तु जब हालदार ने केप्टन को देखा तो हैरान रह गए। वह एक कमजोर-सा लंगड़ा व्यक्ति था और आजीविका के लिए फेरी लगाता था। एक हाथ में संदूकची और दूसरे हाथ में चश्मे से टंगे बांस को लेकर फेरी लगाता था। उसके पास कोई स्थायी दुकान भी नहीं थी। यह देखकर हालदार साहब को केप्टन के प्रति सहानुभूति हो गई । वे उसका सम्मान करने लगे। उसकी देशभक्ति पर वे बहुत खुश हुए जो नेताजी की मूर्ति पर तरह-तरह के चश्मे बदलकर अपनी देशभक्ति का परिचय दे रहा था।
In simple words: हालदार साहब को कैप्टन के प्रति सहानुभूति हुई क्योंकि उन्होंने देखा कि एक कमजोर और गरीब फेरीवाला, जिसके पास दुकान भी नहीं थी, नेताजी के प्रति अपनी गहरी देशभक्ति चश्मा बदलकर दिखाता था।

Exam Tip: Detail the initial perception, the reality observed, and how this contrast led to empathy and respect for the character's actions and patriotism.

 

Question 2. जिस व्यक्ति ने नेताजी की मूर्ति की आँखों पर सरकंडे का चश्मा लगाया होगा, उसे आप किस तरह का व्यक्ति मानते और क्यों ? अथवा नेताजी की मूर्ति की आंखों पर सरकंडे का चश्मा लगानेवाले व्यक्ति के विषय में अपने विचार प्रकट कीजिए।
Answer: जिस किसी व्यक्ति ने नेताजी की मूर्ति की आँखों पर सरकंडे का चश्मा लगाया होगा वह निश्चित तौर पर एक सच्चा देशभक्त रहा होगा। उसमें देशभक्ति की भावना प्रबल रूप से मौजूद रही होगी तभी वह नेताजी की आँखों पर चश्मा न देख पाया होगा। इसलिए उसने सरकंडे का चश्मा बनाकर नेताजी की मूर्ति पर पहना दिया होगा । वह व्यक्ति अपने उत्तरदायित्वों के प्रति सजग होगा। वह देश के स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति इज्जत व सम्मान की भावना रखता होगा। उस व्यक्ति ने जब नेताजी की मूर्ति को बिना चश्मे के देखा होगा तो उसे वह मूर्ति अधूरी लगी होगी। संभवतः वह आर्थिक रूप से भी कमजोर होगा। तभी वह मूर्ति को असली चश्मा नहीं पहना पाया होगा। सरकंडे से चश्मा बनाकर उसने मूर्ति को पहनाया होगा और इस प्रकार उसने अपनी देशभक्ति प्रकट की होगी।
In simple words: सरकंडे का चश्मा लगाने वाला व्यक्ति सच्चा देशभक्त और जिम्मेदार रहा होगा, जो आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद नेताजी के अधूरेपन को दूर कर अपना सम्मान व्यक्त करना चाहता था।

Exam Tip: Analyze the character's motivations and traits, explaining why this specific act (sarkande ka chashma) demonstrates patriotism, responsibility, and perhaps resourcefulness despite limited means.

 

Question 3. हालदार साहब के चरित्र का चित्रण अपने शब्दों में कीजिए।
Answer: हालदार साहब के चरित्र की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं
1. हालदार साहब सच्चे देशभक्त हैं। वे देशभक्त नागरिकों का सम्मान करना जानते हैं। केप्टन द्वारा नेताजी की मूर्ति को तरह-तरह के चश्मे पहनाए जाने का वे सम्मान करते हैं।
2. वे एक सहृदय व्यक्ति हैं । केप्टन को देखने के बाद उनका हृदय सहानुभूति से भर उठता है।
3. हालदार साहब दिल से बड़े भावुक व्यक्ति हैं। नेताजी की मूर्ति पर जब वे सरकंडे से बना चश्मा देखते हैं तो वे भावुक हो उठते हैं। जीप खड़ी करवाकर वे मूर्ति के सामने सावधान की स्थिति में खड़े हो जाते हैं।
4. कोई भी व्यक्ति यदि देशभक्त लोगों का मजाक उड़ाता है तो उन्हें बहुत खराब लगता है। पानवाला जब केप्टन का मजाक उड़ाता है तो उन्हें बिल्कुल अच्छा नहीं लगता। इस प्रकार हालदार साहब एक सकारात्मक सोचवाले सच्चे देशभक्त व्यक्ति हैं।
In simple words: हालदार साहब एक सच्चे, सहृदय और भावुक देशभक्त व्यक्ति थे, जो नागरिकों और स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करते थे और देशभक्तों का मजाक उड़ाना पसंद नहीं करते थे।

Exam Tip: Present a multi-faceted character sketch using bullet points, with each point highlighting a distinct trait supported by specific examples or actions from the story.

 

Question 4. 'नेताजी का चश्मा' पाठ द्वारा लेखक क्या संदेश देना चाहते हैं ?
Answer: 'नेताजी का चश्मा' पाठ में प्रत्यक्ष रूप से नहीं तो अप्रत्यक्ष रूप से देशभक्ति की भावना को अपने हृदय में उजागर रखने का संदेश देता है। आजकल लोगों में देशभक्ति की भावना कम होती जा रही है। लोग पन्द्रह अगस्त और छब्बीस जनवरी पर ही अपनी इस भावना को प्रकट करते हैं। यहाँ लेखक ने केप्टन द्वारा नेताजी को तरह-तरह के चश्मे पहनाता हुआ बताकर उसके द्वारा देशभक्ति की भावना प्रकट की है। साथ-साथ जिस व्यक्ति ने सरकंडे की कलम पहनाया था वह भी एक आम नागरिक का परिचायक है। यह जरूरी नहीं कि देशभक्ति प्रदर्शित करने के लिए किसी बड़े अवसर की तलाश हो, छोटे-छोटे अवसर पर भी हम अपनी देशभक्ति की भावना को प्रदर्शित कर सकते हैं। हालदार साहब के चरित्र द्वारा लेखक देशभक्त लोगों का सम्मान करवा कर उसकी महत्ता साबित करते हैं। सरकंडे का चश्मा लगाने के काम में हमें अपने देश के प्रति देशप्रेम तथा देशभक्ति की भावना को मजबूत बनाने का संदेश मिलता है।
In simple words: यह पाठ हमें संदेश देता है कि देशभक्ति सिर्फ बड़े अवसरों पर नहीं, बल्कि रोज़मर्रा के छोटे-छोटे कामों में भी दिखाई जा सकती है, और हमें देशभक्तों का सम्मान करना चाहिए।

Exam Tip: Summarize the core message of the story, explaining how it is conveyed through the characters' actions and the symbolism, emphasizing the importance of everyday patriotism.

 

अर्थग्रहण संबंधी प्रश्न

 

Question 1. मुख्य चौराहे पर किसकी प्रतिमा थी ? वह किससे बनी थी?
Answer: मुख्य चौराहे पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा थी और उसे संगमरमर से बनाया गया था।
In simple words: मुख्य चौराहे पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस की मूर्ति थी, जो संगमरमर से बनी थी।

Exam Tip: Provide a direct and precise answer based on the comprehension passage, identifying both the subject of the statue and its material.

 

Question 2. कस्बे के लिए नगरपालिका क्या कार्य करती थी?
Answer: नगरपालिका कस्बे के लिए कुछ-न-कुछ काम करती रहती थी। कभी सड़क बनवा देती थी, कभी पेशाबघर बनवाती थी तो कभी कबूतरों की छतरी बनवा दी तो कभी कवि सम्मेलन करवा दिया। इसी क्रम में नगरपालिका ने कस्बे के चौराहे पर सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा लगवा दी थी।
In simple words: नगरपालिका कस्बे में सड़क बनवाने, पेशाबघर बनाने, कबूतरों की छतरी लगाने और कवि सम्मेलन आयोजित करने जैसे कई विकास कार्य करती थी, जिसमें सुभाषचंद्र बोस की मूर्ति लगवाना भी शामिल था।

Exam Tip: List the various activities undertaken by the municipality as mentioned in the passage, showing its involvement in public welfare and civic beautification.

 

Question 3. 'पक्की' तथा 'उत्साही' शब्द का विलोम शब्द लिखिए।
Answer: 'पक्की' - कच्ची
'उत्साही' - निरुत्साही
In simple words: 'पक्की' का उल्टा 'कच्ची' और 'उत्साही' का उल्टा 'निरुत्साही' होता है।

Exam Tip: Provide the antonyms clearly and accurately for each word given.

 

Question 1. नेताजी की मूर्ति कैसी थी?
Answer: नेताजी की मूर्ति सुन्दर, मासूम और कमसिन थी। टोपी की नोक से कोट के दूसरे बटन तक कोई दो फुट ऊंची थी। मूर्ति को फौजी वर्दी पहनाया गया था।
In simple words: नेताजी की मूर्ति संगमरमर की बनी थी, सुंदर, युवा दिखती थी, और फौजी वर्दी में थी।

Exam Tip: Describe the statue's physical attributes as provided in the passage, including its material, height, and overall appearance.

 

Question 2. मूर्ति को देखते ही क्या याद आने लगता था ?
Answer: मूर्ति को देखते ही 'दिल्ली चलो' और 'तुम मुझे खून दो...' के नारे आदि याद आने लगते थे।
In simple words: मूर्ति को देखते ही देशभक्ति के नारे जैसे 'दिल्ली चलो' और 'तुम मुझे खून दो...' याद आने लगते थे।

Exam Tip: State the specific patriotic slogans or sentiments that the statue evoked, as mentioned in the passage.

 

Question 3. नेताजी को कैसा चश्मा पहना दिया गया था ?
Answer: नेताजी की आँखों पर चश्मा न होने के कारण उनकी आँखों पर एक सामान्य और सचमुच के चश्मे का चौड़ा काला फ्रेम पहना दिया गया था।
In simple words: नेताजी की आँखों पर एक सामान्य, चौड़ा, काला फ्रेम वाला असली चश्मा पहनाया गया था क्योंकि मूर्ति पर कोई चश्मा नहीं था।

Exam Tip: Specify the type and characteristics of the glasses placed on the statue, as described in the passage.

 

Question 4. 'सराहनीय' और 'लक्षित' शब्द में से प्रत्यय अलग कीजिए।
Answer: सराहनीय में “ईय” प्रत्यय है और लक्षित में 'इत' प्रत्यय लगा है।
In simple words: 'सराहनीय' में 'ईय' प्रत्यय है और 'लक्षित' में 'इत' प्रत्यय है।

Exam Tip: Clearly identify the suffix (प्रत्यय) for each word provided.

 

Question 1. कस्बे से दूसरी बार गुजरते हुए हालदार साहब ने मूर्ति में क्या अंतर पाया ?
Answer: कस्बे से दूसरी बार गुजरते हुए हालदार साहब ने मूर्ति में कुछ अंतर पाया। उन्होंने देखा कि चश्मा दूसरा है। पहले मोटे फ्रेमवाला चौकोर चश्मा था, अब तार के फ्रेमवाला गोल चश्मा है।
In simple words: दूसरी बार गुजरते हुए हालदार साहब ने देखा कि मूर्ति पर लगा चश्मा बदल गया था - पहले चौकोर मोटा फ्रेम था, अब गोल तार का फ्रेम था।

Exam Tip: Describe the specific change observed in the statue's glasses, noting both the previous and current styles mentioned in the passage.

 

Question 2. हालदार साहब की क्या आदत बन गई थी ?
Answer: हालदार साहब जब भी कस्बे से गुजरते थे तो कस्बे के चौराहे पर रुकते थे, पानवाले की दुकान से पान खाते थे और मूर्ति को ध्यान से देखते थे। कस्बे से गुजरते समय हालदार साहब की ये आदत बन गई थी।
In simple words: हालदार साहब की आदत थी कि वह कस्बे के चौराहे पर रुककर पान खाते और नेताजी की मूर्ति को ध्यान से देखते थे।

Exam Tip: Explain the character's regular routine and specific actions that had become habitual during his visits to the town.

 

Question 3. केप्टन किस बात के लिए नेताजी से क्षमा मांगता था ?
Answer: केप्टन नेताजी के प्रति प्रेम और सम्मान की भावना रखता था, इसलिए वह मूर्ति पर चश्मा लगा देता था. लेकिन जब कोई ग्राहक वही चश्मा पसंद करता था, तो चश्मा उतारते समय केप्टन नेताजी से क्षमा मांगता था और उसे उतारकर अपने ग्राहक को बेच देता था.
In simple words: Captain loved and respected Netaji. He put a spectacle on the statue. But if a customer liked that specific spectacle, he would remove it from the statue, apologize to Netaji, and sell it to the customer.

Exam Tip: Explain Captain's dual actions – showing respect for Netaji by placing spectacles and his pragmatic decision to sell them when a customer desires, highlighting the underlying feeling of apology for altering the statue.

पानवाले के लिए यह एक मज़ेदार बात थी, लेकिन हालदार साहब के लिए यह चकित और द्रवित करने वाली थी। यानी वह ठीक ही सोच रहे थे। मूर्ति के नीचे लिखा था 'मूर्तिकार मास्तर मोतीलाल' वाकई कस्बे का अध्यापक था। बेचारे ने महीने भर में मूर्ति बनाकर पटक देने का वादा कर दिया होगा। बना भी ली होगी, लेकिन पत्थर में पारदर्शी चश्मा कैसे बनाया जाए - कांचवाला - यह तय नहीं कर पाया होगा। या कोशिश की होगी और असफल रहा होगा या बनाते-बनाते 'कुछ और बारीकी' के चक्कर में चश्मा टूट गया होगा। या पत्थर का चश्मा अलग से बनाकर फिट किया होगा और वह निकल गया होगा। उफ़...! हालदार साहब को यह सब कुछ बड़ा विचित्र और कौतुकभरा लग रहा था। इन्हीं ख्यालों में खोए-खोए पान के पैसे चुकाकर, चश्मेवाले की देश-भक्ति के समक्ष नतमस्तक होते हुए वह जीप की तरफ चले, फिर रुके, पीछे मुड़े और पानवाले के पास जाकर पूछा, क्या कैप्टन चश्मेवाला नेताजी का साथी है? या आज़ाद हिंद फ़ौज का भूतपूर्व सिपाही?

 

Question 1. मूर्ति किसने बनाई थी ? मूर्ति पर ओरिजिनल चश्मा क्यों नहीं था ?
Answer: मूर्ति को कस्बे के एक अध्यापक मास्टर मोतीलाल ने बनाया था। पानवाले के मुताबिक मूर्ति पर ओरिजिनल चश्मा नहीं था क्योंकि मूर्तिकार उसे बनाना भूल गया था.
In simple words: A school teacher named Master Motilal made the statue. According to the paan-seller, the original glasses were missing because the sculptor forgot to make them.

Exam Tip: Mention both the sculptor's name and the reason for the missing original glasses, as stated by the paan-seller.

 

Question 2. हालदार साहब के अनुसार मूर्ति पर ओरिजिनल चश्मा न होने का क्या कारण था ?
Answer: हालदार साहब के अनुसार मूर्तिकार के सामने यह समस्या रही होगी कि पारदर्शी चश्मा कैसे बनाया जाए – कांचवाला वह यह तय नहीं कर पाया होगा। या उसने कोशिश भी की होगी तो असफल रहा होगा। या बनाते समय बारीकी के चक्कर में वह टूट गया होगा। या पत्थर का चश्मा अलग से बनाकर फिट किया होगा और वह निकल गया होगा.
In simple words: Haladar Sahab thought the sculptor might have found it hard to make transparent glasses from stone, or the glass might have broken during the detailed work, or a separate stone glass might have fallen off.

Exam Tip: List the various possibilities that Haladar Sahab considered for the missing original glasses, emphasizing the challenges of sculpting transparent material.

 

Question 3. 'देश-भक्ति' समस्त पद का विग्रह करके समास का भेद बताइए।
Answer: देश के लिए भक्ति और समास भेद है तत्पुरुष समास.
In simple words: 'Desh-bhakti' means devotion for the country, and it's an example of a Tatpurush compound word.

Exam Tip: Correctly identify the meaning of the compound word and the type of समास (Tatpurush) it represents, which often involves a clear relationship between two nouns.

 

6. पानवाला नया पान खा रहा था। पान पकड़े अपने हाथ को मुंह से डेढ़ इंच दूर रोककर उसने हालदार साहब को ध्यान से देखा, फिर अपनी लाल-काली बत्तीसी दिखाई और मुस्कुराकर बोला-नहीं साब ! वो लंगड़ा क्या जाएगा फ़ौज में। पागल है पागल ! वो देखो, वो आ रहा है। आप उसी से बात कर लो। फ़ोटो-वोटो छपवा दो उसका कहीं। हालदार साहब को पानवाले द्वारा एक देशभक्त का इस तरह मज़ाक उड़ाया जाना अच्छा नहीं लगा। मुड़कर देखा तो अवाक रह गए। एक बेहद बूढ़ा मरियल-सा लंगड़ा आदमी सिर पर गांधी टोपी और आंखों पर काला चश्मा लगाए एक हाथ में एक छोटी-सी संदूकची और दूसरे हाथ में एक बांस पर टंगे बहुत-से चश्मे लिए अभी-अभी एक गली से निकला था। और अब एक बंद दुकान के सहारे अपना बांस टिका रहा था। तो इस बेचारे की दुकान भी, नहीं ! फेरी लगाता है ! हालदार साहब चक्कर में पड़ गए। पूछना चाहते थे, इसे कैप्टन क्यों कहते हैं? क्या यही इसका वास्तविक नाम है? लेकिन पानवाले ने साफ़ बता दिया था कि अब वह इस बारे में और बात करने को तैयार नहीं। ड्राइवर भी बेचैन हो रहा था। काम भी था।

 

Question 1. हालदार साहब को क्या अच्छा नहीं लगा?
Answer: पानवाले ने केप्टन की देशभक्ति का मज़ाक उड़ाया था। हालदार साहब को यह अच्छा नहीं लगा.
In simple words: Haladar Sahab did not like it when the paan-seller made fun of Captain's patriotism.

Exam Tip: Focus on identifying the specific action by the paan-seller that displeased Haladar Sahab, highlighting his respect for patriotic sentiments.

 

Question 2. कैप्टन का वर्णन कीजिए।
Answer: कैप्टन एक बेहद मरियल-सा लंगड़ा आदमी था। सिर पर गांधी टोपी और आँखों पर काला चश्मा लगाए एक हाथ में एक छोटी-सी संदूकची और दूसरे हाथ में एक बांस पर टंगे, बहुत से चश्मे लिए हुए थे.
In simple words: Captain was a very thin, limping old man. He wore a Gandhi cap and black glasses. He carried a small box in one hand and many glasses hanging from a bamboo stick in the other.

Exam Tip: Provide a complete physical description of Captain, including his build, clothing, and the items he carried, as presented in the story.

 

Question 3. कैप्टन क्या कार्य करता था ?
Answer: कैप्टन चश्मा बेचता था। उसकी कोई स्थाई दुकान नहीं थी। वह फेरी लगाकर चश्मा बेचा करता था.
In simple words: Captain sold spectacles. He did not have a permanent shop and would sell them by moving around.

Exam Tip: Clearly state Captain's profession and explain his method of selling spectacles, emphasizing his mobile business model.

 

Question 4. 'हालदार साहब चक्कर में पड़ गए।' वाक्य भेद बताइए।
Answer: सरल वाक्य है.
In simple words: This is a simple sentence.

Exam Tip: Identify the sentence type based on its grammatical structure; a simple sentence contains one independent clause.

 

7. फिर एक बार ऐसा हुआ कि मूर्ति के चेहरे पर कोई भी, कैसा भी चश्मा नहीं था। उस दिन पान की दुकान भी बंद थी। चौराहे की अधिकांश दुकानें बंद थी। अगली बार भी मूर्ति की आँखों पर चश्मा नहीं था। हालदार साहब ने पान खाया और धीरे से पानवाले से पूछा - क्यों भई, क्या बात है? आज तुम्हारे नेताजी की आँखों पर चश्मा नहीं है? पानवाला उदास हो गया। उसने पीछे मुड़कर मुंह का पान नीचे थूका और सिर झुकाकर अपनी धोती के सिरे से आँखें पोंछता हुआ बोला - साहब ! कैप्टन मर गया। और कुछ नहीं पूछ पाए हालदार साहब। कुछ पल चुपचाप खड़े रहे, फिर पान के पैसे चुकाकर जीप में आ बैठे और रवाना हो गए। बार-बार सोचते, क्या होगा उस कौम का जो अपने देश की खातिर घर-गृहस्थी-जवानी-जिंदगी सब कुछ होम देनेवालों पर भी हंसती है और अपने लिए बिकने के मौके ढूंढ़ती है। दुःखी हो गए.

 

Question 1. नेताजी की आंखों पर चश्मा क्यों नहीं था?
Answer: नेताजी की आँखों पर चश्मा इसलिए नहीं था क्योंकि कैप्टन, जो उनकी आँखों पर चश्मा पहनाता था, उसकी मृत्यु हो गई थी.
In simple words: Netaji's statue had no glasses because Captain, the person who used to put them on, had passed away.

Exam Tip: The crucial point here is the demise of Captain, who regularly adorned the statue with spectacles, leading to their absence.

 

Question 2. कैप्टन की मृत्यु की खबर सुनकर हालदार साहब क्या सोचने लगे ?
Answer: कैप्टन की मृत्यु की खबर सुनकर हालदार साहब यह सोचने लगे कि क्या होगा उस कौम का जो अपने देश की खातिर घर-गृहस्थी-जवानी-जिंदगी सब-कुछ होम कर देनेवालों पर भी हंसती है और अपने लिए बिकने के मौके ढूंढ़ती है.
In simple words: Hearing about Captain's death, Haladar Sahab worried about a nation that mocks patriots who sacrifice everything for their country and seeks opportunities for self-gain.

Exam Tip: Capture Haladar Sahab's deep reflection on the nation's indifference towards selfless individuals and its tendency to prioritize personal gain over national pride.

 

Question 3. आंख का पर्यायवाची शब्द लिखिए।
Answer: आंख का पर्यायवाची शब्द है 'नयन, लोचन, नेत्र, दृग.'
In simple words: Other words for 'eye' are 'nayan,' 'lochan,' 'netra,' and 'drig.'

Exam Tip: Provide at least two common synonyms for 'eye' to demonstrate a good vocabulary range.

 

8. पंद्रह दिन बाद फिर उसी कस्बे से गुजरे। कस्बे में घुसने से पहले ही ख्याल आया कि कस्बे की हृदयस्थली में सुभाष की प्रतिमा अवश्य ही प्रतिष्ठापित होगी, लेकिन सुभाष की आंखों पर चश्मा नहीं होगा।... क्योंकि मास्टर बनाना भूल गया।... और कैप्टन मर गया। सोचा, आज वहाँ रुकेंगे नहीं, पान भी नहीं खाएंगे, मूर्ति की तरफ देखेंगे भी नहीं, सीधे निकल जाएंगे। ड्राइवर से कह दिया, चौराहे पर रुकना नहीं, आज बहुत काम है, पान आगे कहीं खा लेंगे। लेकिन आदत से मजबूर आंखें चौराहा आते ही मूर्ति की तरफ़ उठ गईं। कुछ ऐसा देखा कि चीखे, रोको ! जीप स्पीड में थी, ड्राइवर ने ज़ोर से ब्रेक मारे। रास्ता चलते लोग देखने लगे। जीप रुकते-न-रुकते हालदार साहब जीप से कूदकर तेज़-तेज़ कदमों से मूर्ति की तरफ लपके और उसके ठीक सामने जाकर अटेंशन में खड़े हो गए। मूर्ति की आँखों पर सरकंडे से बना छोटा-सा चश्मा रखा हुआ था, जैसा बच्चे बना लेते हैं। हालदार साहब भावुक हैं। इतनी-सी बात पर उनकी आंखें भर आई।

 

Question 1. पन्द्रह दिन बाद कस्बे के चौराहे से पुनः गुजरते समय हालदार साहब ने क्या सोचा ?
Answer: हालदार साहब ने सोचा कि आज वे वहाँ नहीं रुकेंगे, पान भी नहीं खाएंगे, मूर्ति की तरफ देखेंगे भी नहीं, सीधे निकल जाएंगे.
In simple words: Haladar Sahab decided not to stop at the square, eat paan, or look at the statue, and would just drive straight through.

Exam Tip: Identify Haladar Sahab's initial resolve to avoid the square and the statue, explaining his reason related to the absence of the spectacles.

 

Question 2. हालदार साहब क्यों चीख पड़े ?
Answer: हालदार साहब कस्बे का चौराहा आते ही आदतन मूर्ति की तरफ देखने लगे और इस बार उन्होंने मूर्ति पर सरकंडे से बना हुआ छोटा-सा चश्मा रखा था। इस कारण वे चीख उठे.
In simple words: When Haladar Sahab reached the square, he looked at the statue out of habit and saw a small spectacle made of reed on it, which made him shout out.

Exam Tip: The key point is the unexpected sight of a reed-made spectacle on the statue, which deeply moved Haladar Sahab and made him shout.

 

Question 3. "चौराहा" शब्द का सामासिक विग्रह करते हुए उसका प्रकार बताइए।
Answer: चौराहा शब्द का सामासिक विग्रह है - चार रास्तों का समाहार और समास का प्रकार है द्विगु.
In simple words: The word 'Chauraha' means a gathering of four paths, and it is a 'Dvigu' compound word.

Exam Tip: Correctly break down the compound word 'Chauraha' into its components and specify that it's a Dvigu समास, which indicates a number-based compound.

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दिए गए विकल्पों में से चुनकर सही उत्तर लिखिए :

 

Question 1. कस्बे के मुख्य चौराहे पर किसकी प्रतिमा लगी थी ?
(क) नेताजी सुभाषचंद्र बोस
(ख) महात्मा गांधी
(ग) पंडित जवाहर लाल नहेरू
(घ) सरदार वल्लभभाई पटेल
Answer: (क) नेताजी सुभाषचंद्र बोस
In simple words: The main square of the town had a statue of Netaji Subhash Chandra Bose.

Exam Tip: Recall the central figure of the story and the statue's identity to select the correct option.

 

Question 2. मूर्ति कितने फूट ऊँची थी?
(क) नेताजी की मूर्ति 1 फूट ऊंची थी।
(ख) नेताजी की मूर्ति 2 फूट ऊंची थी।
(ग) नेताजी की मूर्ति 3 फूट ऊँची थी।
(घ) नेताजी की मूर्ति 4 फूट ऊँची थी।
Answer: (ख) नेताजी की मूर्ति 2 फूट ऊँची थी।
In simple words: The statue of Netaji was two feet tall.

Exam Tip: Remember the specific detail about the statue's height mentioned in the description.

 

Question 3. दूसरी बार जब हालदार साहब गुजरे तो मूर्ति पर कैसा चश्मा था?
(क) मोटे फ्रेमवाला चौकोर चश्मा
(ख) मोटे फ्रेमवाला गोल चश्मा
(ग) छोटे फ्रेमवाला काला चश्मा
(घ) तार के फ्रेमवाला गोल चश्मा
Answer: (घ) तार के फ्रेमवाला गोल चश्मा
In simple words: The second time Haladar Sahab saw the statue, it had a round spectacle with a wire frame.

Exam Tip: Note the change in the spectacle's style on the second visit to accurately identify the type of glasses. The first was thick-framed and square.

 

Question 4. नेताजी का चश्मा हरबार कौन बदलता था?
(क) हालदार साहब
(ख) पानवाला
(ग) नगरपालिका का अधिकारी
(घ) केप्टन चश्मावाला
Answer: (घ) केप्टन चश्मावाला
In simple words: Captain, the spectacle seller, used to change Netaji's glasses every time.

Exam Tip: Identify the character consistently responsible for changing the statue's spectacles, which is a key plot point.

 

Question 5. पानवाला क्यों उदास था ?
(क) हालदार साहब के चले जाने पर
(ख) मूर्ति पर चश्मा न होने पर
(ग) केप्टन की मृत्यु होने पर
(घ) पान की दुकान न चलने पर
Answer: (ग) केप्टन की मृत्यु होने पर
In simple words: The paan-seller was sad because Captain had died.

Exam Tip: Recognize the emotional impact of Captain's death on the paan-seller, leading to his sadness.

 

Question 6. मूर्ति पर चश्मा न होने का क्या कारण था ?
(क) मूर्तिकार बनाना भूल गया था।
(ख) चश्मा टूट गया था।
(ग) कोई चश्मा चुरा ले गया था।
(घ) चश्मा खो गया था।
Answer: (क) मूर्तिकार बनाना भूल गया था।
In simple words: The reason there were no glasses on the statue was that the sculptor had forgotten to make them.

Exam Tip: Recall the specific detail from the story explaining why the statue originally lacked spectacles.

 

सविग्रह समास भेद बताइए

 

Question 1. चौराहा – चार राहों का समूह द्विगु समास
Answer:

  • शासनावधि - शासन की अवधि- तत्पुरुष
  • देशभक्ति - देश के प्रति भक्त- तत्पुरुष
  • दोपहर - दो पहरों का समूह- द्विगु समास

In simple words: 'Shasanavadhi' means the period of governance, 'Deshbhakti' means devotion to the country, and 'Dopahar' means a group of two periods.

Exam Tip: For compound words, provide both the breakdown (विग्रह) and the correct type of समास, such as Tatpurush for relational compounds and Dvigu for numerical ones.

 

संधि विच्छेद कीजिए :

 

Question.
Answer:

  • शासनावधि = शासन + अवधि
  • दर्दमनीय = दुः + दमनीय

In simple words: 'Shasanavadhi' can be split into 'shasan' (rule) and 'avadhi' (period), and 'Dardamniya' splits into 'duh' and 'damniya'.

Exam Tip: Accurately separate the compound words into their root components, paying attention to the rules of Sandhi, especially for words involving prefixes or changes in sound.

 

विशेषण शब्द बनाइए:
Answer:

  • बारीकी - बारीक
  • द्रव - द्रवित
  • देशभक्ति - देशभक्त
  • प्रशासन - प्रशासनिक
  • स्थान - स्थानीय
  • सराहना - सराहनीय
  • फ़ौज - फौजी
  • मूर्त - मूर्तिवाला
  • भावना - भावुक

In simple words: These are examples of creating adjective forms from given words. For example, 'bariki' (fineness) becomes 'barik' (fine), 'drav' (liquid) becomes 'dravit' (liquefied), and 'bhavna' (emotion) becomes 'bhavuk' (emotional).

Exam Tip: Practice forming adjectives from various nouns or verbs by adding appropriate suffixes, ensuring the derived word accurately describes a quality or characteristic.

 

विलोम शब्द लिखिए :
Answer:

  • मजेदार × बेमज़ा
  • मुख्य × गौण
  • असुविधा × सुविधा
  • बुरा × भला
  • उपलब्ध × अनुपलब्ध
  • मरियल × मुश्तंड
  • वास्तविक × अवास्तविक
  • उदास × प्रसन्न
  • पारदर्शी × अपारदर्शी
  • सराहनीय × निंदनीय

In simple words: This list shows words and their opposites, like 'fun' and 'boring,' 'main' and 'secondary,' or 'sad' and 'happy.'

Exam Tip: When providing antonyms, ensure that each pair represents a clear opposition in meaning and is grammatically consistent.

 

दो-दो समानार्थी शब्द लिखिए :
Answer:

  • आंख - चक्षु, नेत्र, अक्षि
  • देशभक्त - देशप्रेमी, राष्ट्रप्रेमी
  • राष्ट्रप्रेम - देशप्रेम, देशभक्ति
  • मूर्ति - प्रतिमा
  • फ़ौज - सेना, सैन्य
  • प्रसन्न - खुश, प्रफुल्ल

In simple words: Here are two similar words for each given word, like 'eye' has 'chakshu' and 'netra,' and 'happy' has 'khush' and 'praful'.

Exam Tip: When giving synonyms, aim for variety in your choices, providing words that are commonly used and accurately convey the same meaning.

 

भाववाचक संज्ञा बनाइए:
Answer:

  • भावुक - भावुकता
  • वास्तविक - वास्तविकता
  • प्रमुख - प्रमुखता
  • बुरा - बुराई
  • उदास - उदासी
  • बारीक - बारीकी

In simple words: This shows how to make abstract nouns from adjectives, like 'emotional' becomes 'emotionality,' 'real' becomes 'reality,' and 'sad' becomes 'sadness.'

Exam Tip: Understand how to transform adjectives or verbs into abstract nouns by using appropriate suffixes, which often denote a state, quality, or concept.

 

नेताजी का चश्मा Summary in Hindi

 

लेखक-परिचय :
Answer: स्वयं प्रकाश का जन्म सन् 1947 में मध्यप्रदेश के इंदौर में हुआ था। मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद, उन्होंने एक औद्योगिक प्रतिष्ठान में नौकरी की। उनका बचपन और नौकरी का अधिकतर समय राजस्थान में बीता। वृत्ति से निवृत्त होने के बाद अब वे भोपाल में रहते हैं। स्वयं प्रकाश जी वसुधा पत्रिका के संपादन से जुड़े हैं और हिंदी कहानी के महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षर हैं। अब तक उनके 13 कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं, जिनमें 'सूरज कब निकलेगा', 'आएंगे अच्छे दिन भी', 'आदमी जात का आदमी', 'आसमाँ कैसे-कैसे', 'अगली किताब', 'अगले जनम', 'छोटू उस्ताद', 'जलते जहाज पर ईंधन', 'ज्योति रथ के सारथी' इनकी महत्त्वपूर्ण साहित्यिक कृतियाँ हैं। साहित्य की कई विधाओं में इन्होंने अपनी लेखनी चलाई है। इसलिए वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी लेखक हैं। स्वयं प्रकाश को राजस्थान साहित्य अकादमी पुरस्कार, विशिष्ट साहित्यकार सम्मान, वनमाली स्मृति पुरस्कार, सुभद्राकुमारी चौहान पुरस्कार, - पहल सम्मान व बाल साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित कई अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। प्रस्तुत पाठ 'नेताजी का चश्मा' के द्वारा वह यह कहना चाहते हैं कि देशभक्ति की भावना को किसी भी रूप में व्यक्त कर सकते हैं। जैसे इस कहानी के नायक हालदार साहब अपनी देशभक्ति की भावना को नेताजी की मूर्ति को देखते हुए प्रकट करते हैं। कैप्टन चश्मेवाला भी नेताजी की आँखों को बिना चश्मे के बर्दाश्त नहीं कर पाता। वह उन्हें तरह-तरह के चश्मे पहनाकर अपनी देशभक्ति की भावना को प्रकट करता है। देश पर मर मिटना ही देशभक्ति की भावना दर्शाता है ऐसा नहीं। मनुष्य को देश के लिए छोटे-छोटे कार्यों में सहयोग देकर देश की प्रगति में योगदान दें तो यह भी एक प्रकार की देशभक्ति ही कही जाएगी.
In simple words: Swyam Prakash, born in 1947 in Indore, worked as a mechanical engineer after his studies. He spent most of his life in Rajasthan and now lives in Bhopal, editing 'Vasudha' magazine. He is a prominent Hindi storyteller with 13 story collections. He received many awards. Through 'Netaji Ka Chashma,' he wants to show that patriotism can be expressed in many ways, even through small acts like those of Haladar Sahab and Captain.

Exam Tip: When writing a author's introduction, include key details like birth year, profession, literary works, awards, and the central message of the current text.

 

पाठ का सार :

 

कस्बे का परिचय :
Answer: हालदार साहब जिस कस्बे से गुजरते थे, वह बहुत बड़ा नहीं था। उसमें कुछ पक्के मकान थे, एक बाज़ार था। लड़के व लड़कियों के लिए एक-एक स्कूल था। सीमेंट का एक छोटा कारखाना था। वहाँ दो ओपन एयर सिनेमाघर और एक नगरपालिका थी जो इस कस्बे के लिए कुछ न कुछ कार्य करती रहती थी। इस नगर पालिका में मुख्य बाजार के एक चौराहे पर नेताजी की प्रतिमा लगवा दी थी। मूर्ति को देखकर ऐसा लगता था कि किसी स्थानीय कलाकार से जल्दी-जल्दी में बनवाकर चौराहे पर लगा दी गई हो.
In simple words: The town Haladar Sahab passed through was small, with a few houses, a market, separate schools for boys and girls, a small cement factory, two open-air cinemas, and a municipality. The municipality installed Netaji's statue in the main square, which seemed to have been made quickly by a local artist.

Exam Tip: Provide a concise description of the town, covering its key features, amenities, and the origin of the statue in the main square.

 

हालदार साहब की नजर मूर्ति पर :
Answer: हालदार साहब हर पंद्रहवें दिन कंपनी के काम के सिलसिले में उस कस्बे से गुजरते थे। जब वे पहली बार वहाँ से गुजरे तो उनकी नजर मूर्ति पर पड़ी। संगमरमर की बनी नेताजी की मूर्ति टोपी की नोक से लेकर कोट के दूसरे बटन तक कोई दो फीट ऊँची है। नेताजी की मूर्ति सुंदर थी, लेकिन उनकी आँखों पर चश्मा नहीं था। मूर्ति पर एक सामान्य काला चश्मा पहना दिया गया था। इस मूर्ति को हालदार साहब ने देखा तो उनके चेहरे पर कौतुकभरी मुस्कान फैल गई। मूर्ति पत्थर की और चश्मा असली। यो जब भी वे उस चौराहे से गुजरते तो मूर्ति पर नजर डालना न भूलते थे.
In simple words: Haladar Sahab visited the town every fifteen days for work. He first noticed Netaji's beautiful two-foot marble statue, which lacked real glasses but had an ordinary black one. This intrigued him, and he always looked at the statue on his visits.

Exam Tip: Detail Haladar Sahab's routine, his first impression of the statue, its characteristics, and how the missing spectacles and their replacement piqued his interest.

 

मूर्ति पर हालदार साहब के विचार :
Answer: मूर्ति को देखकर हालदार साहब के विचार कुछ इस तरह से थे कि वे सोच रहे थे कि लोगों का प्रयास सराहनीय है। मूर्ति के आकार का महत्त्व नहीं, महत्त्व लोगों की भावना का है। आज देशभक्ति तो मज़ाक की चीज बनती जा रही है। दूसरे दिन मूर्ति का बदला हुआ रूप देख हालदार साहब का कौतुक बढ़ा। कहने लगे "क्या आइडिया है। मूर्ति कपड़े नहीं बदल सकती, लेकिन चश्मा तो बदल ही सकती हैं।" हालदार साहब जब भी कस्बे से गुजरते तो मूर्ति पर एक नजर डाल लेते थे। बार-बार चश्मा बदले जाने का कारण जानने के लिए उन्होंने पानवाले से इस विषय में बात की.
In simple words: Haladar Sahab admired the community's effort in placing the statue. He believed that the sentiment behind the statue was more important than its size. He observed that patriotism was becoming a joke. The changing spectacles on the statue surprised him, and he often thought, "What an idea! The statue can't change clothes, but it can change glasses." He would always look at the statue and later asked the paan-seller about the changing glasses.

Exam Tip: Summarize Haladar Sahab's thoughts on the statue and patriotism, his observation about the changing spectacles, and his decision to inquire about it from the paan-seller.

 

कैप्टन का देश-प्रेम :
Answer: हालदार साहब ने चश्मा बदलने के विषय में पानवाले से बात की तो उसने बताया कि यह काम कैप्टन चश्मावाला करता है। वह मूर्ति का चश्मा बदल देता है। कोई मूर्ति पर लगे हुए चश्मे की मांग करता है और वैसा चश्मा कैप्टन के पास न हो तो वह मूर्ति पर लगे चश्मे को निकालकर ग्राहक को देता है और मूर्ति पर दूसरा चश्मा लगा देता है। हालदार साहब को इसमें कैप्टन का देशप्रेम नजर आता है। संभवत: बिना चश्मे के नेताजी की मूर्ति कैप्टन को अच्छा नहीं लगता होगा। एक बात अभी भी हालदार साहब को समझ में नहीं आई कि मूर्ति का ओरिजिनल चश्मा कहाँ गया। पूछने पर पानवाले ने मुस्कुराते हुए बताया कि मास्टर बनाना ही भूल गया.
In simple words: Haladar Sahab learned from the paan-seller that Captain, the spectacle seller, changed the statue's glasses. If a customer wanted the one on the statue and Captain didn't have a similar one, he would remove it, give it to the customer, and replace it with another. Haladar Sahab saw Captain's patriotism in this. He also wondered why the original glasses were missing, to which the paan-seller humorously replied that the sculptor forgot to make them.

Exam Tip: Describe Captain's routine with the spectacles, how it reflected his patriotism, and Haladar Sahab's lingering question about the original glasses.

 

मूर्तिकार मास्टर मोतीलाल :
Answer: नेताजी की मूर्ति बनाने का काम मास्टर मोतीलाल को सौंपा गया था। वे कस्बे के अध्यापक थे। महीने भर में मूर्ति बनाने का वादा निभाया, लेकिन पत्थर में कांचवाला पारदर्शी चश्मा कैसे बनाया जाय - यह वे नहीं कर पाए या कोशिश करने पर असफल रहे होंगे या बनाते समय टूट गया होगा या पत्थर का चश्मा बनाकर अलग से फिट किया होगा और बाद में वह निकल गया होगा। ये सभी बातें हालदार साहब को विचित्र व आश्चर्यजनक लगीं.
In simple words: Master Motilal, a local teacher, was tasked with sculpting Netaji's statue within a month. He completed it, but faced difficulty in making transparent glasses from stone. Haladar Sahab found it strange that the sculptor either failed, broke the glasses during sculpting, or a separate stone pair fell off.

Exam Tip: Detail the sculptor's identity, his commitment to the work, and the challenges he faced in creating transparent glasses for the stone statue, leading to the absence of original spectacles.

 

कैप्टन का मजाक उड़ाना :
Answer: हालदार साहब ने कैप्टन के बारे में फिर पूछा कि क्या कैप्टन चश्मावाला नेताजी का साथी है या आज़ाद हिंद फ़ौज का भूतपूर्व सिपाही? पानवाले ने हंसते हुए बताया कि वह लंगड़ा फ़ौज में क्या जाएगा, वह तो पागल है। वह आ रहा है, उसी से बातें कर लें और कहीं उसका फ़ोटो छपवा दें। हालदार साहब को कैप्टन का मज़ाक उड़ाना अच्छा नहीं लगा। वे कैप्टन को देखकर अवाक रह गए। बेहद बूढ़ा, मरियल-सा, लंगड़ा, सिर पर गांधी टोपी, आँखों में काला चश्मा, हाथ में एक छोटी संदूकची, दूसरे हाथ में बांस पर टगे चश्मे का फ्रेम लिए कैप्टन फेरी लगा रहा था। हालदार साहब सोच में पड़ गए कि क्या कैप्टन ही उसका वास्तविक नाम है? पानवाला अधिक बातें करने को तैयार न था। कैप्टन साहब वहाँ से चले गए.
In simple words: Haladar Sahab asked if Captain was Netaji's comrade or a former soldier. The paan-seller laughed, calling Captain a limping madman unfit for the army, suggesting Haladar Sahab talk to him and print his photo. Haladar Sahab disliked the mockery and was stunned to see Captain: an old, frail, limping man with a Gandhi cap, black glasses, a small box, and spectacles on a bamboo stick. He wondered if Captain was his real name. The paan-seller then stopped talking, and Haladar Sahab left.

Exam Tip: Describe the paan-seller's disrespectful remarks about Captain, Haladar Sahab's reaction to it, and his detailed observation of Captain's appearance and profession.

 

कैप्टन की मृत्यु :
Answer: दो साल तक हालदार साहब काम के सिलसिले में वहाँ से होकर गुजरते थे। मूर्ति पर तरह-तरह के चश्मे बदलते रहे। एक दिन जब उन्होंने मूर्ति पर चश्मा नहीं देखा तो पानवाले से पूछा 'आज नेताजी की आँखों पर चश्मा नहीं है। क्या बात है?' पानवाले ने रोते हुए बताया कि 'साहब ! कैप्टन मर गया।' साहब चले गए.
In simple words: For two years, Haladar Sahab regularly passed through the town, observing the changing spectacles on the statue. One day, noticing no spectacles, he asked the paan-seller, who, with tears, informed him that Captain had died. Haladar Sahab then left.

Exam Tip: Clearly state the duration of Haladar Sahab's observation, the reason for his query about the missing spectacles, and the paan-seller's emotional response about Captain's demise.

 

हालदार साहब की आंखों में आंसू :
Answer: कैप्टन के मरने की खबर सुनकर हालदार साहब को बड़ा दुःख हुआ। वे सोच रहे थे कि देश की खातिर सब कुछ होम कर देनेवालों पर लोग हंसते हैं। वे दुःखी हो रहे थे। उन्होंने निश्चय किया कि वे अब जब भी यहां से गुजरेंगे, मूर्ति की ओर नहीं देखेंगे.
In simple words: Haladar Sahab was very sad to hear about Captain's death. He thought about how people mock those who sacrifice everything for their country. Saddened, he decided not to look at the statue whenever he passed by the town.

Exam Tip: Focus on Haladar Sahab's emotional response to Captain's death and his subsequent decision to avoid looking at the statue, reflecting his disillusionment.

 

बच्चों द्वारा सरकंडे का चश्मा लगाना :
Answer: पंद्रह दिन बाद हालदार साहब फिर उसी कस्बे से गुजरे। कस्बे में घुसने से पहले उन्होंने निश्चय किया कि वे मूर्ति की तरफ देखेंगे नहीं। सुभाष जी की प्रतिमा तो अवश्य होगी, पर उनकी आंखों पर चश्मा नहीं होगा। उन्होंने सोचा आज वे रुकेंगे नहीं, पान भी नहीं खाएंगे, मूर्ति की तरफ देखेंगे भी नहीं, सीधे निकल जाएंगे। लेकिन आदत से मजबूर हालदार साहब की निगाहें मूर्ति पर पड़ ही गई। अचानक वे चौंक उठे और गाड़ी रोकने के लिए कहा। वे मूर्ति के पास तेज कदमों से गए और सामने जाकर सावधान होकर खड़े गए। मूर्ति की आंखों पर सरकंडे से बना छोटा-सा चश्मा रखा हुआ था, जैसा बच्चे बना लेते हैं। इतनी सी बात पर भावुक हालदार साहब की आंखें भर आई.
In simple words: Fifteen days later, Haladar Sahab passed through the town again, determined not to look at the statue. However, out of habit, his eyes fell upon it. He was shocked to see a small reed spectacle, like one made by children, on the statue's eyes. This sight deeply moved him, bringing tears to his eyes, and he stopped his jeep to pay his respects.

Exam Tip: Emphasize Haladar Sahab's initial resolve to avoid the statue, the habitual glance, the surprising discovery of the reed-made spectacle, and his emotional reaction, highlighting the innocent patriotism it represented.

 

शब्दार्थ-टिप्पण:
Answer:

  • प्रतिमा - मूर्ति
  • लागत - खर्चा
  • उपलब्ध बजट - खर्च के लिए प्राप्त धन
  • ऊहापोह - क्या करें क्या न करें की स्थिति
  • कसर - कमी
  • पटक देना - जैसे-तैसे बनाना
  • कमसिन - सुंदर, नाजुक
  • कौतुक भरी - आश्चर्ययुक्त
  • निष्कर्ष - सार, दुर्दमनीय जिसको दबाया न जा सके
  • ठसा हुआ - भरा हुआ
  • गिराक - खरीददार, द्रवित पिघला हुआ
  • पारदर्शी - जिसके आर - पार देखा जा सके
  • मरियल - बेहद कमजोर
  • प्रफुल्ल - खुश

In simple words: This section provides meanings for difficult words, like 'pratima' for statue, 'lagat' for expense, 'kasaar' for deficiency, and 'pardarshi' for transparent.

Exam Tip: Clearly define each term, providing concise and accurate meanings to aid comprehension of the text.

 

मुहावरे:
Answer:

  • अवाक् रह जाना - आश्चर्यचकित होना

In simple words: 'Awak rah jana' means to be astonished or surprised.

Exam Tip: Provide the meaning of the idiom in simple terms, explaining its usage and significance within the context of the story.

 

वाक्य-प्रयोगः
Answer:

  • इतने नन्हें बालक के मुंह से ऐसी बातें सुनकर सभी लोग अवाक् रह गये।
  • सीमा पर रक्षा करते हुए भारतीय सैनिक अपना पूरा जीवन होम कर देता है।

In simple words: These sentences show how to use specific phrases. The first means everyone was shocked by what the young boy said. The second means an Indian soldier sacrifices his whole life defending the border.

Exam Tip: When providing sentence examples for phrases, ensure they clearly illustrate the meaning and usage of the phrase in context.

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