GSEB Class 10 Hindi Solutions Chapter 9 कुत्ते की सीख

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Detailed Chapter 09 कुत्ते की सीख GSEB Solutions for Class 10 Hindi

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Class 10 Hindi Chapter 09 कुत्ते की सीख GSEB Solutions PDF

स्वाध्याय

1. निम्नलिखित प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए।

 

Question 1. सबकी नजर बचाकर खरहा कहाँ रहता था ?
(अ) अपने बिल में
(ब) झाड़ के तने में
(क) झाड़ी में
(ड) जंगल में
Answer: (क) झाड़ी में
In simple words: खरहा सब की आँखों से छिपकर झाड़ी में रहता था।

Exam Tip: कहानी से सीधे पूछे गए प्रश्नों के उत्तर देने के लिए पात्रों के निवास स्थान और व्यवहार को याद रखें।

 

Question 2. खरहा क्यों भागा ?
(अ) शिकारी कुत्ता पीछे पड़ा था ।
(ब) खाना खत्म हो गया था उसकी तलाश में ।
(क) लोमड़ी उसके पीछे भाग रही थी।
(ड) जंगल में आग लगी थी ।
Answer: (अ) शिकारी कुत्ता पीछे पड़ा था ।
In simple words: खरहा इसलिए भागा क्योंकि उसके पीछे एक शिकारी कुत्ता पड़ गया था।

Exam Tip: बहुविकल्पीय प्रश्नों में, सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़कर सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें।

 

Question 3. कुत्ता खरहे को क्यों न पकड़ पाया ?
(अ) कत्ता खरहे के लिए भाग रहा था ।
(ब) खरहा अपनी जान बचाने के लिए भाग रहा था ।
(क) कुत्ते में खरहे को पकड़ ने की शक्ति न थी ।
(ड) खरहा बड़ा चालाक था ।
Answer: (ब) खरहा अपनी जान बचाने के लिए भाग रहा था ।
In simple words: कुत्ता खरहे को नहीं पकड़ सका क्योंकि खरहा अपनी जान बचाने के लिए पूरी ताकत से दौड़ रहा था।

Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, पात्रों की प्रेरणा को समझना महत्वपूर्ण है, जैसे कि जान बचाना या भोजन खोजना।

 

2. निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए :
Answer:

Question 1. खरहा कहाँ रहता था ?
Answer: एक वन में एक जगह पास-पास बहुत घनी झाड़ियाँ थीं, खरहा उन्हीं में छिपकर रहता था।
In simple words: खरहा एक जंगल की घनी झाड़ियों में रहता था।

Exam Tip: एक वाक्य के उत्तर में, मुख्य जानकारी को संक्षिप्त और स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 2. खरहा नींद से क्यों जाग गया ?
Answer: कुत्ते की साँस की आवाज सुनकर खरहा अपनी नींद से जाग गया।
In simple words: खरहा कुत्ते की साँस की आवाज सुनकर जगा।

Exam Tip: कारण-परिणाम वाले प्रश्नों में, कारण और उसका प्रभाव दोनों स्पष्ट होने चाहिए।

 

Question 3. कुत्ते और खरहे के बीच दौड़ कहाँ और कब तक चली ?
Answer: कुत्ते और खरहे के बीच की दौड़ वन में चार मिनट तक चलती रही।
In simple words: कुत्ते और खरहे की दौड़ जंगल में चार मिनट तक हुई।

Exam Tip: सटीक जानकारी, जैसे स्थान और समय, को सीधे प्रस्तुत करें।

 

Question 4. लोमड़ी क्या देख रही थी ?
Answer: लोमड़ी खेत में कुत्ते को खरहे का पीछा करते हुए, खरहे को घनी झाड़ी में छिपते हुए और कुत्ते को इधर-उधर सूंघकर वापस जाते हुए देख रही थी।
In simple words: लोमड़ी कुत्ते के खरहे का पीछा करने, खरहे के छिपने और कुत्ते के वापस जाने की घटना देख रही थी।

Exam Tip: जब दृश्य का वर्णन करना हो, तो महत्वपूर्ण घटनाओं को क्रमबद्ध तरीके से बताएं।

 

Question 5. रोटी कमाने के विषय में शास्त्रों में क्या बताया है ? इस काव्य के आधार पर बताइए ?
Answer: रोटी कमाने के बारे में शास्त्रों में यह बताया गया है कि हमें अपनी जान बचाकर रोटी कमानी चाहिए, यानी भोजन के लिए अपनी जान को खतरे में नहीं डालना चाहिए।
In simple words: शास्त्रों के अनुसार, हमें अपनी जान को सुरक्षित रखकर ही भोजन कमाना चाहिए; जान जोखिम में नहीं डालनी चाहिए।

Exam Tip: किसी काव्य के आधार पर पूछे गए प्रश्नों में, काव्य के मुख्य संदेश को स्पष्ट रूप से लिखें।

 

3. निम्नलिखित प्रश्नों के दो-तीन वाक्यों में उत्तर लिखिए ।

 

Question 1. खरहा कहाँ और कैसे रहता था ?
Answer: जंगल के अंदर एक बहुत घनी झाड़ी थी। खरहा उसी झाड़ी में रहता था। वह इस बात का ध्यान रखता था कि उस पर किसी की नजर न पड़े और वह सुरक्षित रहे।
In simple words: खरहा जंगल की घनी झाड़ी में रहता था और सावधान रहता था ताकि कोई उसे देख न सके।

Exam Tip: उत्तर में स्थान और उसके साथ जुड़ी सावधानियों को स्पष्ट करें।

 

Question 2. खरहा झाड़ी से क्यों भागा ?
Answer: एक दिन जंगल में एक शिकारी कुत्ता आ गया। वह जंगल की झाड़ियों में सूंघ-सूंघकर अपना शिकार खोज रहा था। शिकार की खोज करते हुए वह उसी झाड़ी के पास पहुँच गया, जहाँ खरहा छिपा था। कुत्ते की साँस की आवाज सुनकर जब खरहे की आँखें खुलीं तो वह अपनी जान बचाने के लिए भागा।
In simple words: शिकारी कुत्ता झाड़ी के पास पहुँच गया, और खरहा कुत्ते की साँस सुनकर अपनी जान बचाने के लिए भागा।

Exam Tip: घटना के क्रम और उसके पीछे के कारण को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें।

 

Question 3. कुत्ता निराश क्यों हो गया ?
Answer: कुत्ता चार मिनट तक खरहे का पीछा करता रहा। आखिर में, एक घनी कंटीली झाड़ी देखकर खरहा कूदकर उसमें घुस गया। कुत्ते के लिए कंटीली झाड़ी में अंदर जाना संभव नहीं था। इस वजह से वह निराश हो गया।
In simple words: कुत्ता खरहे का पीछा करता रहा, लेकिन खरहा एक कंटीली झाड़ी में घुस गया जहाँ कुत्ता जा नहीं सका, इसलिए वह निराश हो गया।

Exam Tip: निराशा का कारण बताने के लिए कुत्ते की सीमा और खरहे की चालाकी को समझाएं।

 

Question 4. इस घटना को देखनेवाली लोमड़ी ने कुत्ते से क्या कहा ?
Answer: कुत्ता चार मिनट तक खुले खेत में खरहे का पीछा करता रहा, परंतु वह उसे पकड़ नहीं सका। तभी सामने एक कंटीली झाड़ी देखकर खरहा उसमें कूद गया। इस घटना को देखने वाली लोमड़ी ने कुत्ते से कहा, "तुम इतने मोटे-ताजे हो, फिर भी थक जाते हो और जंगल के छोटे जीवों को भी नहीं पकड़ पाते।”
In simple words: लोमड़ी ने देखा कि कुत्ता खरहे को नहीं पकड़ पाया, तो उसने कहा कि कुत्ता इतना मोटा होकर भी छोटे जीवों को नहीं पकड़ पाता।

Exam Tip: जब कोई संवाद शामिल हो, तो बोलने वाले पात्र के शब्दों को उद्धरण चिह्नों में लिखें।

 

Question 5. कुत्ते ने लोमड़ी को क्या उत्तर दिया ?
Answer: लोमड़ी ने कुत्ते से कहा कि वह इतना मोटा-ताजा होने के बाद भी थक जाता है और छोटे-छोटे जीव-जंतुओं को भी नहीं पकड़ पाता। यह सुनकर कुत्ते ने जवाब दिया, "यह बात सही नहीं है। दरअसल, मैं अपने खाने के लिए दौड़ रहा था, पर खरहा अपनी जान बचाने के लिए अपनी पूरी शक्ति लगाकर भाग रहा था। इसी कारण मैं उसे पकड़ नहीं पाया।"
In simple words: कुत्ते ने लोमड़ी को समझाया कि वह भोजन के लिए दौड़ रहा था, जबकि खरहा जान बचाने के लिए दौड़ रहा था, इसलिए खरहे को पकड़ना मुश्किल था।

Exam Tip: किसी पात्र के जवाब में, उसकी प्रेरणा और दृष्टिकोण को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें।

 

4. निम्नलिखित प्रश्नों के चार-पाँच वाक्यों में उत्तर लिखिए :

 

Question 1. 'कुत्ते की सीख' काव्य से क्या बोध मिलता है ?
Answer: इस काव्य में एक शिकारी कुत्ता एक खरहे का पीछा करता है, और खरहा अपनी जान बचाने के लिए भागता हुआ एक कंटीली झाड़ी में छिपकर अपनी जान बचाता है। इस कविता से यह सीख मिलती है कि चाहे जीव छोटा हो या बड़ा, कमजोर हो या शक्तिशाली, जब उसकी जान खतरे में आती है, तो उसमें अद्‍भुत शक्ति आ जाती है। व्यक्ति को मुश्किल समय में अपनी सारी शक्ति लगाकर अपनी जान सुरक्षित करनी चाहिए।
In simple words: यह कविता सिखाती है कि जब जान पर खतरा आता है, तो हर जीव अपनी पूरी शक्ति लगाकर खुद को बचाता है, चाहे वह कितना भी छोटा या कमजोर क्यों न हो।

Exam Tip: काव्य के मुख्य संदेश या नैतिक शिक्षा को स्पष्ट और विस्तृत रूप से समझाएं।

 

Question 2. "कुत्ते की सीख' को कहानी के रूप में लिखें ।
Answer: एक जंगल में एक घनी झाड़ी थी जिसमें एक खरगोश छिपा रहता था। वह नरम घास खाता था और किसी को देखकर झाड़ी में छिप जाता था। एक दिन एक शिकारी कुत्ता जंगल में आया और शिकार की खोज में झाड़ी-झाड़ी सूंघने लगा। वह सूंघते हुए उस झाड़ी के पास पहुँच गया जहाँ खरगोश रहता था। आहट मिलते ही खरगोश भाग गया। कुत्ता चार मिनट तक खुले खेत में उसका पीछा करता रहा, पर उसे पकड़ नहीं सका। तभी सामने एक कंटीली झाड़ी आई और खरगोश कूदकर उसमें छिप गया। कुत्ता इधर-उधर सूंघकर निराश होकर वापस जाने लगा। एक लोमड़ी यह सारी घटना देख रही थी। उसने कुत्ते से कहा, “मामा, तुम हार गए। तुम इतने मोटे हो, पर जंगल के छोटे जीवों को भी नहीं पकड़ पाते।” कुत्ते ने लोमड़ी से कहा, “अरे पगली, तुम यह रहस्य नहीं समझ सकती। मेरे और खरहे के दौड़ने में अंतर है। मैं अपने भोजन के लिए दौड़ रहा था, जबकि खरहा अपनी जान बचाने के लिए भाग रहा था। कहा गया है कि कोई भी काम जान बचाकर करो, पर संकट आने पर अपनी पूरी ताकत से अपनी जान बचाने की कोशिश करो।”
In simple words: एक शिकारी कुत्ता खरगोश का पीछा करता है, लेकिन खरगोश अपनी जान बचाने के लिए एक कंटीली झाड़ी में छिप जाता है। लोमड़ी कुत्ते को ताना मारती है, जिस पर कुत्ता समझाता है कि वह भोजन के लिए दौड़ रहा था, जबकि खरगोश जान बचाने के लिए दौड़ रहा था, और जान बचाने की दौड़ में अधिक शक्ति लगती है।

Exam Tip: कहानी को अपने शब्दों में लिखते समय, सभी मुख्य घटनाओं और संवादों को शामिल करें।

 

Question 3. निम्नलिखित पंक्तियों का भावार्थ स्पष्ट कीजिए :
कहते हैं सब शास्त्र कमाओ, रोटी जान बचाकर, पर संकट में प्राण बचाओ, सारी शक्ति लगाकर ।
Answer: शास्त्रों में यह कहा गया है कि जीवन बहुत महत्वपूर्ण है। अपनी आजीविका के लिए हमें वही काम करना चाहिए, जिसमें हमारी जान को कोई खतरा न हो। लेकिन, जब जान पर कोई संकट आ जाए, तो अपनी जान की सुरक्षा के लिए अपनी पूरी शक्ति लगा देनी चाहिए। ऐसे समय में शरीर में एक विशेष शक्ति आ जाती है।
In simple words: सभी धर्मग्रंथ कहते हैं कि जीवन यापन के लिए काम करते समय अपनी जान को खतरे में न डालें। लेकिन, जब जान पर आफत आए, तो अपनी पूरी शक्ति लगाकर जान बचानी चाहिए, क्योंकि ऐसे समय में विशेष शक्ति आ जाती है।

Exam Tip: भावार्थ स्पष्ट करते समय, पंक्तियों का गहरा अर्थ बताएं और उसे सरल शब्दों में समझाएं।

 

6. निम्नलिखित के पर्यायवाची शब्द दीजिए :

 

Question 1.
1. खरहा
2. झुरमुट
3. शिकारी
4. कंटीली
5. बीहड़
6. देह
7. दीवानी
8. शक्ति
Answer:
1. खरहा – खरगोश
2. झुरमुट – झाड़ी
3. शिकारी – आखेटक
4. कंटीली – कांटेदार
5. बीहड़ – भयावह
6. देह – शरीर
7. दीवानी – पगली
8. शक्ति – जोर
In simple words: ये शब्द और उनके मिलते-जुलते अर्थ वाले शब्द दिए गए हैं।

Exam Tip: पर्यायवाची शब्दों में, हर शब्द के लिए कम से कम एक समानार्थी शब्द दें जो संदर्भ में फिट बैठता हो।

 

7. निम्नलिखित के विरोधी शब्द दीजिए :

 

Question 1.
1. दूर ×
2. आखिर ×
3. पीछे ×
4. निराश ×
5. मोटी ×
6. कमाना ×
Answer:
1. दूर × निकट
2. आखिर × पहले
3. पीछे × आगे
4. निराश × आशावान
5. मोटी × पतली
6. कमाना × खरचना
In simple words: ये शब्द और उनके विपरीत अर्थ वाले शब्द दिए गए हैं।

Exam Tip: विरोधी शब्द लिखते समय, दिए गए शब्द का ठीक उल्टा अर्थ देने वाला शब्द चुनें।

 

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में लिखिए :

 

Question 1. रोटी कमाने के विषय में शास्त्रों में क्या बताया है? - 'कुत्ते की सीख' काव्य के आधार पर बताइए।
Answer: शास्त्रों ने कहा है कि अपनी जान बचाकर ही रोटी कमानी चाहिए। रोटी के लिए जान को खतरे में नहीं डालना चाहिए। इस कथाकाव्य में भी कुत्ता और खरगोश के माध्यम से यही सीख दी गई है।
In simple words: शास्त्रों के अनुसार, हमें अपनी जान को सुरक्षित रखकर ही भोजन कमाना चाहिए; जान जोखिम में नहीं डालनी चाहिए। यह कहानी भी यही सीख देती है।

Exam Tip: काव्य के संदेश को स्पष्ट करने के लिए, मुख्य शिक्षा को सरल और संक्षिप्त रूप में बताएं।

 

Question 2. कुत्ते ने लोमड़ी को भेद की कौन-सी बात बताई?
Answer: कुत्ते ने लोमड़ी को रहस्य की बात बताई कि वह अपने भोजन के लिए खरहे के पीछे दौड़ रहा था, लेकिन खरहा अपनी जान बचाने के लिए भाग रहा था। इसलिए खरहा अपनी जान पर खेलकर कंटीली झाड़ी में कूद गया और उसने अपनी जान बचा ली। लेकिन कुत्ता अपनी जान खतरे में डालकर कंटीली झाड़ी में नहीं घुस सकता था।
In simple words: कुत्ते ने बताया कि वह भोजन के लिए दौड़ रहा था, जबकि खरहा जान बचाने के लिए दौड़ रहा था, जिससे खरहे को पकड़ना मुश्किल हो गया।

Exam Tip: पात्रों के बीच के संवाद में, मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट रूप से उजागर करें।

 

सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए !

 

Question 1.
1. खरहा ........... झुरमुट में रहता था। (गहरे, घने)
2. कुत्ते और खरहे की दौड़ ........... मिनट तक जारी रही। (चार, पाँच)
3. कुत्ते की ..... सुनकर खरहा सोते से जागा। (आवाज, सांस)
4. कुत्ते और खरहे की दौड़ ........... में जारी रही। (जंगल, खेत)
5. लोमड़ी ने ........... कहकर कुत्ते को संबोधित किया। (चाचा, मामा)
6. सब ........... जान बचाकर रोटी कमाने को सीख देते हैं। (शास्त्र, शस्त्र)
7. संकट में प्राण बचाने के लिए सारी..............लगा देनी चाहिए। (शक्ति, संपत्ति)
Answer:
1. खरहा **घने** झुरमुट में रहता था।
2. कुत्ते और खरहे की दौड़ **चार** मिनट तक जारी रही।
3. कुत्ते की **साँस** सुनकर खरहा सोते से जागा।
4. कुत्ते और खरहे की दौड़ **खेत** में जारी रही।
5. लोमड़ी ने **मामा** कहकर कुत्ते को संबोधित किया।
6. सब **शास्त्र** जान बचाकर रोटी कमाने को सीख देते हैं।
7. संकट में प्राण बचाने के लिए सारी **शक्ति** लगा देनी चाहिए।
In simple words: सही शब्द चुनकर रिक्त स्थान भरे गए हैं, जिससे वाक्य पूरे और अर्थपूर्ण बनते हैं।

Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, वाक्य के संदर्भ और विकल्पों को ध्यान से देखें।

 

व्याकरण

 

निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :

 

Question 1.
1. उमर
2. सांस
3. नाहक
4. लेकिन
Answer:
1. उमर – आयु
2. सांस – श्वास
3. नाहक – व्यर्थ
4. लेकिन – परंतु
In simple words: दिए गए शब्दों के समानार्थी शब्द यहाँ प्रस्तुत किए गए हैं।

Exam Tip: पर्यायवाची शब्दों को याद करते समय, प्रत्येक शब्द के विभिन्न अर्थों पर भी विचार करें।

 

निम्नलिखित शब्दों के विरोधी शब्द लिखिए :

 

Question 1.
1. एक ×
2. भीतर ×
3. समझ ×
Answer:
1. एक × अनेक
2. भीतर × बाहर
3. समझ × नासमझी
In simple words: यहाँ शब्दों और उनके विपरीत अर्थ वाले शब्द दिए गए हैं।

Exam Tip: विरोधी शब्द चुनते समय, शब्द के मूल अर्थ के ठीक विपरीत अर्थ को पहचानें।

 

निम्नलिखित संधि को छोड़िए :

 

Question 1.
1. निराशा
2. पुरुषार्थ
3. सूर्यास्त
Answer:
1. निराशा = निः + आशा
2. पुरुषार्थ = पुरुष + अर्थ
3. सूर्यास्त = सूर्य + अस्त
In simple words: यहाँ दिए गए शब्दों को उनके मूल भागों में तोड़कर संधि विच्छेद दिखाया गया है।

Exam Tip: संधि विच्छेद करते समय, शब्दों के मूल रूप और संधि के नियमों को ध्यान में रखें।

 

निम्नलिखित शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखिए :

 

Question 1.
1. शाखा का सिरा
2. केटीले पौधों का समूह
3. दौड़ने की प्रतियोगिता
4. जोतने-बोने की जगह
5. विवेचनात्मक ज्ञान विषयक ग्रंथ
6. पाँच उंगलियों सहित हथेली का अगला भाग
7. उछलकर कूदना
Answer:
1. फुनगी
2. झाड़ी
3. दौड़
4. खेत
5. शास्त्र
6. पंजा
7. छलांग
In simple words: अनेक शब्दों के स्थान पर एक ही उपयुक्त शब्द का प्रयोग किया गया है।

Exam Tip: एक शब्द में उत्तर देते समय, दिए गए शब्दसमूह के सार को व्यक्त करने वाला सबसे सटीक शब्द चुनें।

 

निम्नलिखित शब्दों की भाववाचक संज्ञा लिखिए :

 

Question 1.
1. बचाना
2. दूर –
3. छिपना
4. शिकारी –
5. खैर
6. निराश
7. थकना
8. चुनना –
Answer:
1. बचाना – बचाव
2. दूर – दूरी
3. छिपना – छिपाव
4. शिकारी – शिकार
5. खैर – खैरियत
6. निराश – निराशा
7. थकना – थकावट
8. चुनना – चुनाव
In simple words: यहाँ क्रियाओं और विशेषणों की भाववाचक संज्ञाएं दी गई हैं, जो गुणों या स्थितियों को दर्शाती हैं।

Exam Tip: भाववाचक संज्ञा बनाते समय, शब्द के मूल अर्थ को बनाए रखते हुए अमूर्त रूप को पहचानें।

 

निम्नलिखित शब्दों की कर्तृवाचक संज्ञा लिखिए :

 

Question 1.
1. घास –
2. देखना –
3. शिकार
4. कमाना
5. बचाना
6. खाना
7. शास्त्र
Answer:
1. घास – घसियारा
2. देखना – दृष्टा
3. शिकार – शिकारी
4. कमाना – कमाऊ
5. बचाना – बचवैया
6. खाना-खवैया
7. शास्त्र – शास्त्रकार
In simple words: यहाँ क्रियाओं के कर्ता को दर्शाने वाले शब्द दिए गए हैं, यानी काम करने वाले को।

Exam Tip: कर्तृवाचक संज्ञा बनाते समय, क्रिया के आधार पर कार्य करने वाले व्यक्ति या वस्तु को दर्शाने वाला शब्द बनाएं।

 

निम्नलिखित समास को पहचानिए :

 

Question 1.
1. जीव-जंतु
2. निराश
Answer:
1. जीव-जंतु – कर्मधारय
2. निराश – बहुव्रीहि
In simple words: यहाँ दिए गए शब्दों में समास के प्रकारों की पहचान की गई है।

Exam Tip: समास पहचानते समय, शब्दों के अर्थ और उनके संयोजन के प्रकार पर ध्यान दें।

 

कुत्ते की सीख Summary in Hindi

 

विषय-प्रवेश :

प्रसिद्ध कवि रामधारी सिंह 'दिनकर' ने यह बाल-कविता बहुत सरल शब्दों में लिखी है। इस काव्य-कथा में यह बताया गया है कि अपनी रोटी (आजीविका) कमाने के लिए अपनी जान को कभी खतरे में नहीं डालना चाहिए। पर जान का संकट आने पर हर व्यक्ति को अपनी जान बचाने के लिए अपनी पूरी शक्ति लगा देनी चाहिए।

 

कविता का सार :

जंगल की घनी झाड़ियों में एक खरगोश रहता था। घास की नरम पत्तियां खाकर वह झाड़ियों में छिप जाता था। एक दिन उस जंगल में एक शिकारी कुत्ता आया। वह झाड़ी को सूंघता हुआ खरगोश के पास पहुंच गया। लेकिन सामने मौत को खड़ा देखकर खरगोश अपना पूरा जोर लगाकर भागा। वह कांटेदार घनी झाड़ी में छिप गया। कुत्ता निराश होकर लौट गया। कुत्ता अपने भोजन के लिए दौड़ रहा था, जबकि खरगोश अपनी जान बचाने के लिए भाग रहा था। जान संकट में पड़ने पर हर व्यक्ति को अपनी पूरी ताकत लगा देनी चाहिए।

 

कविता का सरल अर्थ

  • एक वन में एक स्थान पर पास-पास घनी झाड़ियाँ थीं। इसके अंदर एक खरगोश छिपा रहता था ताकि वह किसी की नजर में न आए।
  • वह फुदक-फुदककर घास की कोमल पत्तियाँ चुन-चुनकर खाता था। लोगों को दूर से देखकर वह झाड़ियों में छिप जाता था।
  • एक दिन उस वन में एक शिकारी कुत्ता आ गया। वह जंगल के छोटे-मोटे जानवरों को खाने के लिए वहाँ की एक-एक झाड़ी को सूंघकर छानने लगा।
  • कुत्ता आखिर उस झाड़ी के पास भी पहुँच गया, जिसमें यह खरगोश रहता था। लेकिन अच्छी बात यह हुई कि बेचारे खरगोश की जान अभी लंबी थी।
  • कुत्ते की साँस का स्वर सुनकर खरगोश नींद से जाग गया। उसने देखा कि सामने उसका काल (मौत) कुत्ता खड़ा है। वह झटपट तेजी से भाग गया।
  • कुत्ते ने भी अपने पंजे फैलाकर खरगोश का पीछा किया। पर खरगोश को पकड़ न पाने के कारण वह उसके पीछे-पीछे पूरा जोर लगाकर दौड़ने लगा।
  • खरगोश के भागने और कुत्ते की उसे पकड़ने की कोशिश करने की यह दौड़ चार मिनट तक चलती रही। इतने में सामने एक कांटेदार घनी झाड़ी आ गई।
  • तब तक खरगोश ने एक लंबी छलांग लगाई और वह उस घनी कंटीली झाड़ी में छिप गया। कुत्ते ने इधर-उधर सूंघा और अंत में निराश हो गया और लौट पड़ा।
  • एक लोमड़ी किनारे खड़ी होकर यह दृश्य देख रही थी। उसने कुत्ते से कहा, "कुत्ते मामा! तुम खरगोश से हार गए!"
  • उसने कहा, "तुम इतने मोटे-ताजे हो, फिर भी दौड़ते हुए थक जाते हो। तुम जंगल के इन छोटे-छोटे जीव-जंतुओं को भी नहीं पकड़ पाते।”
  • कुत्ता यह सुनकर हँस पड़ा। उसने लोमड़ी से कहा, “अरी, पगली! तुम व्यर्थ की बातें कहती हो। तुम रहस्य की बात नहीं समझ सकती।”
  • कुत्ते ने कहा, "अरे, मैं अपने भोजन के लिए खरगोश के पीछे दौड़ रहा था, जबकि खरगोश अपनी जान बचाने के लिए भाग रहा था।"
  • सभी शास्त्रों का कहना है कि अपनी जान बचाकर ही रोटी कमानी चाहिए, यानी अपने जीवन-निर्वाह के लिए अपनी जान को खतरे में नहीं डालना चाहिए। पर जब जान पर बन आए, तो अपनी पूरी शक्ति लगाकर अपनी जान बचानी चाहिए।

 

ગુજરાતી ભાવાર્થ :

  • એક જંગલમાં એક જગ્યાએ પાસ-પાસે ગીચ ઝાડી હતી. એમાં એક સસલું છુપાઈને રહેતું હતું, જેથી કોઈની નજરે ચઢે નહિ.
  • તે કૂદકા ભરીને ઘાસનાં કોમળ પાંદડાં ચૂંટી-ઘૂંટીને ખાતું હતું. લોકોને દૂરથી જોઈને તે ઝાડીઓમાં છુપાઈ જતું હતું.
  • એક દિવસ તે જંગલમાં એક શિકારી કૂતરો આવી પહોંચ્યો. તે જંગલનાં નાનાં-મોટાં જાનવરોને ખાઈ જવા માટે ત્યાંની એક-એક ઝાડીને સુંઘીને શોધવા લાગ્યો.
  • અંતે કૂતરો તે ઝાડીની પાસે પણ પહોંચ્યો, જેમાં સસલું રહેતું હતું. પરંતુ એટલું સારું થયું કે બિચારા સસલાનું આયુષ્ય હજી લાંબું હતું.
  • કૂતરાના શ્વાસનો અવાજ સાંભળીને સસલું ઊંઘમાંથી જાગી ગયું. તેણે જોયું કે સામે તેનો કાળ કૂતરો ઊભો છે. તે ઝટપટ ભાગી નીકળ્યું.
  • કૂતરાએ પણ પોતાના પંજા ફેલાવીને સસલાનો પીછો કર્યો. પરંતુ સસલાને પકડી ન શકવાથી તે તેની પાછળ પૂરેપૂરું જોર લગાવીને દોડવા લાગ્યો.
  • સસલાની ભાગવાની અને કૂતરાની તેને પકડવાની કોશિશની આ દોડ ચાર મિનિટ સુધી ચાલુ રહી. એટલામાં સામે એક કાંટાળી ગીચ ઝાડી આવી ગઈ.
  • એટલી વારમાં સસલાએ એક લાંબી છલાંગ લગાવી અને તે ગીચ કાંટાળી ઝાડીમાં છુપાઈ ગયું. કૂતરો આમ-તેમ સુંઘીને અંતે નિરાશ થઈ ગયો અને પાછો ફર્યો.
  • એક શિયાળ કિનારે ઊભું રહીને આ દૃશ્ય જોઈ રહ્યું હતું. એણે કૂતરાને કહ્યું, “કૂતરામામા, તમે સસલાથી હારી ગયા."
  • તેણે કહ્યું, “તમે આટલા હૃષ્ટ-પુષ્ટ છો છતાં પણ દોડતાં દોડતાં થાકી જાઓ છો. તમે જંગલનાં આ નાનાં જીવ-જંતુઓને પણ પકડી શકતા નથી.”
  • કૂતરો આ સાંભળીને હસી પડ્યો. તેણે શિયાળને કહ્યું, “અરે ગાંડી ! તું નકામી આવી વાતો કરે છે. તું રહસ્યની વાત સમજી શકતી નથી.”
  • કૂતરાએ કહ્યું, “અરે, હું મારા ભોજન માટે સસલાની પાછળ દોડી રહ્યો હતો, પરંતુ સસલું પોતાનો જીવ બચાવવા ભાગી રહ્યું હતું."
  • બધાં શાસ્ત્રો કહે છે કે પોતાનો જીવ બચાવીને જ રોટી મેળવવી જોઈએ. અર્થાત્ પોતાના જીવન-નિર્વાહ માટે પોતાનો જીવ
  • જોખમમાં ન મૂકવો જોઈએ. જ્યારે જીવનું જોખમ આવી પડે ત્યારે પોતાની પૂરેપૂરી શક્તિ એકત્ર કરીને પોતાનો જીવ બચાવવો જોઈએ.

 

कुत्ते की सीख शब्दार्थः

  • झुरमुट – पास-पास उगी झाड़ियाँ।
  • खरहा – खरगोश।
  • फुदकना – एक जगह से दूसरी जगह उछलते हुए चलना।
  • फुनगी – घास की ऊपरवाली नर्म-नर्म पत्तियाँ।
  • झाड़ी – छोटे पौधे।
  • खैर – कुशल ।
  • काल – (यहाँ अर्थ) मृत्यु।
  • झपटना – आक्रमण करने के लिए तेजी से आगे बढ़ना।
  • बीहड़ – ऊबड़-खाबड़।
  • जीव-जंतु – (यहाँ अर्थ) छोटे जानवर।
  • नाहक – अनायास।
  • बकना – व्यर्थ बातें करना।
  • रोटी – भोजन ।

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