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Detailed Chapter 07 जन्मभूमि GSEB Solutions for Class 10 Hindi
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Class 10 Hindi Chapter 07 जन्मभूमि GSEB Solutions PDF
1. निम्नलिखित प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए :
Question 1. जननी जन्मभूमि .......... से महान है ।
(अ) पृथ्वी
(ब) आकाश
(क) स्वर्ग
(ड) नर्क
Answer: (क) स्वर्ग
In simple words: जननी और जन्मभूमि को स्वर्ग से भी बढ़कर बताया गया है, जो उनकी महानता को दर्शाता है।
Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में कविता या पाठ के मूल संदेश को पहचानना महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह तुलना अक्सर महानता दर्शाने के लिए की जाती है।
Question 2. 'भारत का भाल' .......... है ।
(अ) हिमाचल
(ब) विंध्याचल
(क) माउन्ट आबू
(ड) गिरनार
Answer: (अ) हिमाचल
In simple words: कविता में भारत के माथे को 'हिमाचल' कहा गया है, जो देश की शोभा और गौरव को प्रदर्शित करता है।
Exam Tip: भौगोलिक उपमाओं को याद रखें जो देश के विभिन्न हिस्सों को विशेषणों से जोड़ती हैं, जैसे हिमालय को 'भाल' या 'मुकुट' कहना।
Question 3. गीता का गान करनेवाले .......... थे ।।
(अ) वाल्मिकी
(ब) द्रोणाचार्य
(क) अर्जुन
(ड) कृष्ण
Answer: (ड) कृष्ण
In simple words: भगवद्गीता का उपदेश भगवान कृष्ण ने दिया था, जो महाभारत युद्ध के दौरान अर्जुन को सुनाया गया था।
Exam Tip: भारतीय धर्मग्रंथों और उनके रचयिताओं या प्रमुख वक्ताओं के नाम याद रखना सामान्य ज्ञान के लिए उपयोगी है।
2. निम्नलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए :
Question 1. जन-जन के हृदय में कौन-सी नदियाँ बसी हैं ?
Answer: जन-जन के हृदय में गंगा-यमुना जैसी नदियाँ बसी हैं।
In simple words: गंगा और यमुना जैसी नदियाँ सभी लोगों के मन में बसी हैं।
Exam Tip: एक वाक्य के उत्तर में प्रश्न का मुख्य भाग सीधे और संक्षिप्त रूप से बताना चाहिए।
Question 2. कृष्ण ने किस ग्रंथ की रचना की ?
Answer: कृष्ण ने 'भगवद्गीता' ग्रंथ की रचना की।
In simple words: भगवान कृष्ण ने पवित्र 'भगवद्गीता' पुस्तक लिखी।
Exam Tip: महत्वपूर्ण धार्मिक या ऐतिहासिक हस्तियों और उनके योगदान को सही ढंग से याद रखें।
Question 3. 'जन्मभूमि' में भारत की किन नारियों की बात बताई गई है ?
Answer: 'जन्मभूमि' काव्य में सावित्री और राधा जैसी महान नारियों की एवम् तपस्विनी अहल्या की बात बताई गई है।
In simple words: 'जन्मभूमि' कविता में सावित्री, राधा और तपस्विनी अहल्या जैसी बड़ी नारियों का उल्लेख किया गया है।
Exam Tip: कविता या पाठ में उल्लिखित पात्रों और उनकी विशेषताओं को ठीक से सूचीबद्ध करें।
Question 4. शांतिनिकेतन क्या है ?
Answer: शांतिनिकेतन एक तपोवन है, जहाँ ज्ञानी ऋषि-मुनि ध्यानमग्न होकर ज्ञानरूपी नभमंडल में विचरण करते हैं।
In simple words: शांतिनिकेतन एक पवित्र वन है जहाँ ज्ञानी संत शांति से रहते हैं और ज्ञान प्राप्त करते हैं।
Exam Tip: किसी विशेष स्थान या अवधारणा के विवरण को याद करते समय, उसकी मुख्य विशेषताओं को शामिल करें।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के दो-तीन वाक्यों में उत्तर लिखिए :
Question 1. हिमालय के बारे में जन्मभूमि कविता में क्या कहा है ?
Answer: पर्वतराज हिमालय हमारे देश का गौरव है। यह संसार के सब पर्वतों से बड़ा और ऊंचा है। कविता में इसे भारत का गौरवशाली भाल (कपाल) कहा गया है।
In simple words: हिमालय भारत का गौरव है। यह दुनिया का सबसे ऊँचा पर्वत है। कविता इसे भारत का शानदार मस्तक बताती है।
Exam Tip: जब किसी प्राकृतिक विशेषता के बारे में पूछा जाए, तो उसकी मुख्य विशेषताओं और पाठ में दी गई तुलनाओं को शामिल करें।
Question 2. कवि ने धरती के गुनगान कैसे गाये हैं ?
Answer: कवि ने भारत की धरती को सुनहरी कहा है। कवि ने कहा है कि हमारी धरती सदा प्रफुल्लित और पुलकित रहती है। इस धरती को राम, लक्ष्मण और सीता अपने पैरों की धूल से पवित्र बना गए हैं।
In simple words: कवि ने भारत की धरती को सुनहरा बताया है। उन्होंने कहा कि यह हमेशा खुश और उत्साहित रहती है। राम, लक्ष्मण और सीता ने अपनी चरण-धूलि से इस धरती को पवित्र कर दिया है।
Exam Tip: इस प्रकार के वर्णनात्मक प्रश्नों में, कवि द्वारा उपयोग किए गए विशेषणों और ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।
Question 3. शांति, सत्य, अहिंसा का प्रचार करनेवाले 'भारतीय महापुरुषों' के नाम बताइए ।
Answer: शांति, सत्य और अहिंसा का प्रचार करनेवाले भारतीय महापुरुषों के नाम हैं- गौतम बुद्ध, महावीर एवं महात्मा गांधी।
In simple words: गौतम बुद्ध, महावीर और महात्मा गांधी वे भारतीय महानुभाव हैं जिन्होंने शांति, सत्य और अहिंसा का प्रचार किया।
Exam Tip: जब नामों की सूची पूछी जाए, तो सुनिश्चित करें कि आप सभी आवश्यक नामों को ठीक से सूचीबद्ध करते हैं।
4. निम्नलिखित प्रश्नों के चार-पाँच वाक्यों में उत्तर लिखिए :
Question 1. कवि ने जन्मभूमि को स्वर्ग से महान क्यों बताया है ?
Answer: मनुष्य को अपनी जन्मभूमि से बहुत लगाव होता है। वह कहीं भी रहे, पर उसका मन अपनी जन्मभूमि में पहुँचने के लिए लालायित रहता है। अपनी जन्मभूमि की धरा, नदियाँ, पर्वत, महापुरुष, महान नारियाँ, परंपराएं, रीति-रिवाज उसे बाँधे रहते हैं। वह अपनी जन्मभूमि के लिए अपना सर्वस्व त्याग करने के लिए तैयार रहता है। इस तरह कवि ने जन्मभूमि को स्वर्ग से महान बताया है।
In simple words: लोगों को अपनी जन्मभूमि से बहुत प्रेम होता है। वे कहीं भी रहें, उनका मन हमेशा अपनी जन्मभूमि में वापस आना चाहता है। भूमि, नदियाँ, पर्वत, महान लोग, रीति-रिवाज और परंपराएँ उन्हें अपनी जन्मभूमि से जोड़े रखती हैं। वे अपनी जन्मभूमि के लिए सब कुछ न्योछावर करने को तैयार रहते हैं। इसी कारण कवि ने जन्मभूमि को स्वर्ग से भी बेहतर कहा है।
Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव के बिंदुओं को विस्तृत करना चाहिए जो जन्मभूमि के महत्व को रेखांकित करते हैं।
Question 2. 'जन्मभूमि' में भारत भूमि की क्या-क्या विशेषताएँ बताई गई है ?
Answer: कवि ने भारतभूमि को स्वर्ग से भी महान बताया है। कवि ने हिमालय को भारतभूमि का भाल बताया है। यहाँ गंगा-यमुना जैसी पवित्र नदियाँ हैं। भारत की धरती सुनहरी और हरी-भरी है। राम-लक्ष्मण-सीता ने इसे अपने चरण-रज से पवित्र किया है। भगवान कृष्ण ने इस धरती पर 'भगवद्गीता' की रचना की थी। सावित्री, राधा तथा अहल्या जैसी महान नारियों की आभा से मानव-जाति आलोकित है। ऋषि-मुनियों ने ध्यान, तपस्या से अदभुत ज्ञान प्राप्त किए हैं। भारत जग में धातृ-भावना और 'वसुधैव कुटुंबकम्' के प्रसार की दिशा में कार्यरत है।
In simple words: कवि ने भारतभूमि को स्वर्ग से बढ़कर बताया है। हिमालय इसका मस्तक है। यहाँ गंगा-यमुना जैसी पवित्र नदियाँ बहती हैं। धरती सुनहरी और हरी-भरी है। राम, लक्ष्मण और सीता ने इसे पवित्र किया है। भगवान कृष्ण ने 'भगवद्गीता' यहीं लिखी थी। सावित्री, राधा और अहल्या जैसी महान नारियों ने मानवता को प्रकाश दिया है। ऋषि-मुनियों ने यहीं अद्भुत ज्ञान प्राप्त किया है। भारत दुनिया में दया और 'वसुधैव कुटुंबकम्' (पूरी दुनिया एक परिवार है) की भावना फैला रहा है।
Exam Tip: भारतभूमि की विविध विशेषताओं का वर्णन करते हुए, भौगोलिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहलुओं को शामिल करना सुनिश्चित करें।
Question 3. कविता के आधार पर भारतीय नारी की महानता का वर्णन कीजिए ।
Answer: भारत में अनेक महान नारियां हुई हैं। सीता, सावित्री और अहल्या की गणना महान नारियों में की जाती है। सीताजी अपने पति राम के साथ 14 वर्ष वन में रहीं। इस दौरान उन्हें तरह-तरह के कष्ट सहने पड़े पर वे अपने पतिव्रत धर्म पर सदा अडिग रहीं और उनका जीवन भारतीय नारी के लिए आदर्श बन गया। सावित्री महान पतिव्रता नारी थीं। उन्होंने यम से अपने पति का प्राण छुड़वाया था। अहल्या गौतम ऋषि की पत्नी थीं। पति के शाप के कारण वे शिला बन गई थीं। श्रीराम के चरण-स्पर्श से अहल्या का उद्धार हुआ था। सीता, सावित्री और अहल्या हमारे देश की महान नारियाँ थीं।
In simple words: भारत में बहुत सारी महान नारियाँ हुई हैं। सीता, सावित्री और अहल्या उनमें से प्रमुख हैं। सीताजी ने पति राम के साथ 14 साल वन में बिताए, कष्ट सहे पर अपने पतिव्रत पर अटल रहीं, जो भारतीय नारी के लिए एक आदर्श बन गया। सावित्री ने यम से अपने पति के प्राण वापस लिए। अहल्या, जो गौतम ऋषि की पत्नी थीं, पति के शाप से पत्थर बन गईं थीं, श्रीराम के चरण स्पर्श से उन्हें मुक्ति मिली। ये सभी भारत की महान नारियाँ हैं।
Exam Tip: भारतीय नारियों की महानता का वर्णन करते समय, प्रत्येक नारी के उदाहरण के साथ उनके विशिष्ट गुणों और कार्यों को स्पष्ट करें।
Question 4. भारत 'विश्व शांतिदूत' क्यों कहलाता है ?
Answer: भारत एक शांतिप्रिय देश है। सत्य, अहिंसा हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्श सिद्धांत थे। हमारा देश इस आदर्श का अक्षरशः पालन करता है। जब भी कभी विश्व में किसी देश में शांति भंग होती है, तो भारत सबसे पहले आगे आकर शांति स्थापित करने की दिशा में पहल करता है। भारत की शांति-सेना राष्ट्रसंघ के तत्वावधान में शांति स्थापित करने का कार्य करती है। शांति स्थापित करने में सदा अग्रणी रहने के कारण भारत को 'विश्व शांतिदूत' कहा जाता है।
In simple words: भारत एक शांति चाहने वाला देश है। महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों का यह पूरी तरह पालन करता है। जब भी दुनिया में कहीं शांति भंग होती है, भारत सबसे पहले शांति लाने की कोशिश करता है। भारतीय शांति सेना संयुक्त राष्ट्र के तहत काम करती है। शांति स्थापना में हमेशा आगे रहने के कारण, भारत को 'विश्व शांतिदूत' कहा जाता है।
Exam Tip: 'विश्व शांतिदूत' के रूप में भारत की भूमिका को समझाते हुए, उसके ऐतिहासिक सिद्धांतों (सत्य, अहिंसा) और वैश्विक प्रयासों (संयुक्त राष्ट्र में योगदान) पर जोर दें।
5. निम्नलिखित पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए :
Question 1. जिसका गौरव भाल हिमालय।'
Answer: मनुष्य के शरीर में उसका भाल यानी कपाल सबसे महत्वपूर्ण अंग माना जाता है। हिमालय संसार में सबसे बड़ा और सबसे ऊँचा पहाड़ है। इसे भारत का सिर कहा जाता है। इस तरह हिमालय भारत का गौरव है।
In simple words: मानव शरीर में माथा (कपाल) बहुत ज़रूरी अंग होता है। हिमालय दुनिया का सबसे विशाल और ऊँचा पर्वत है। इसे भारत का सिर कहा जाता है, जिससे हिमालय हमारे देश का गौरव बन जाता है।
Exam Tip: भाव स्पष्ट करते समय, पहले शाब्दिक अर्थ बताएं, फिर उसका प्रतीकात्मक या गहरा अर्थ समझाएं जैसा कि कविता में बताया गया है।
Question 2. जड़ता बनी चेतना सरसी।'
Answer: गौतम ऋषि की पत्नी तपस्विनी अहल्या पति के शाप के कारण शिला के रूप में परिवर्तित हो गई थी। एक जीती-जागती नारी चेतन से जड़ बन गई। वर्षों बाद राम के चरण-स्पर्श से वह पुनः चेतनावस्था में आई थी।
In simple words: गौतम ऋषि की पत्नी अहल्या अपने पति के शाप के कारण पत्थर में बदल गई थीं। वह एक जीवित, चेतन स्त्री से जड़ हो गई थीं। कई सालों बाद, भगवान राम के चरणों के स्पर्श से वह फिर से जीवित हो गईं।
Exam Tip: पौराणिक संदर्भों को स्पष्ट रूप से बताएं और पंक्ति के अर्थ को समझाने के लिए कहानी का संक्षेप में उल्लेख करें।
Question 3. वह वसुधैव बना कुटुंबकम्।'
Answer: आज चारों ओर युद्ध का माहौल है। पर भारत मानवजाति को युद्ध से छुटकारा दिलाने के लिए मंत्रोच्चार (सुझाव) के द्वारा विश्व में शांति का प्रचार करने में लगा है। वह पृथ्वी पर रहनेवाले सभी लोगों को परिवार की तरह मिल-जुलकर रहने की सीख दे रहा है।
In simple words: आज दुनिया में युद्ध का माहौल है। लेकिन भारत शांति का प्रचार कर रहा है, मानवता को युद्ध से मुक्ति दिलाना चाहता है। यह पृथ्वी पर सभी लोगों को एक परिवार के रूप में मिलकर रहने की शिक्षा दे रहा है।
Exam Tip: इस पंक्ति के भाव को स्पष्ट करते हुए, भारत की शांतिपूर्ण नीति और विश्व बंधुत्व के संदेश पर जोर दें।
6. निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द दीजिए :
Question 1.
1. जननी
2. ज्योति
3. शिला
4. विचरण
5. गौरव
6. पुनीत
Answer:
1. जननी – माता
2. ज्योति – प्रकाश
3. शिला – पत्थर
4. विचरण – घूमना
5. गौरव – बड़प्पन
6. पुनीत – पवित्र
In simple words: जननी का मतलब माता, ज्योति का प्रकाश, शिला का पत्थर, विचरण का घूमना, गौरव का बड़प्पन, और पुनीत का पवित्र होता है।
Exam Tip: समानार्थी शब्द देते समय, सुनिश्चित करें कि दिया गया शब्द मूल शब्द के अर्थ से बिल्कुल मेल खाता हो।
सही वाक्यांश चुनकर निम्नलिखित विधान पूर्ण कीजिए:
Question 1. कवि हमारी जन्मभूमि भारत का गुणगान करते हुए कहते हैं कि ...
(अ) हमारी जन्मभूमि भारतमाता माता से भी अधिक श्रेष्ठ है।
(ब) हमारी जन्मभूमि भारतमाता विश्व से भी अधिक श्रेष्ठ है।
(क) हमारी जन्मभूमि भारतमाता स्वर्ग से भी अधिक श्रेष्ठ है।
Answer: (क) हमारी जन्मभूमि भारतमाता स्वर्ग से भी अधिक श्रेष्ठ है।
In simple words: कवि कहते हैं कि हमारी जन्मभूमि भारत माता स्वर्ग से भी श्रेष्ठ है।
Exam Tip: ऐसे वाक्यों को पूरा करने के लिए, कविता के केंद्रीय भाव या मुख्य संदेश को समझना महत्वपूर्ण है।
Question 2. हमारे देश में सावित्री और राधा जैसी महान नारियाँ हुई थीं ...
(अ) जिनकी आभा सुनहरी है।
(ब) जिनकी आभा से मानव-जाति आलोकित है।
(क) जिनका बहुत प्रभाव है।
Answer: (ब) जिनकी आभा से मानव-जाति आलोकित है।
In simple words: सावित्री और राधा जैसी महान नारियों का तेज ऐसा था कि उसने पूरी मानव जाति को रोशन किया।
Exam Tip: वाक्यांश को पूरा करते समय, सबसे उपयुक्त और सटीक विकल्प चुनें जो मूल पाठ के अर्थ को दर्शाता हो।
Question 3. कवि का कहना है कि आज समस्त विश्व के लोगों का जीवन ....
(अ) अत्यंत सुखमय है।
(ब) अत्यंत प्रकाशमय और पुलकित है।
(क) युद्ध की विभीषिका से त्रस्त और जर्जर हो चुका है।
Answer: (क) युद्ध की विभीषिका से त्रस्त और जर्जर हो चुका है।
In simple words: कवि कहते हैं कि इस समय पूरी दुनिया के लोग युद्ध के भयानक प्रभावों से परेशान और कमजोर हो चुके हैं।
Exam Tip: इस तरह के प्रश्न में, वर्तमान वैश्विक स्थिति के बारे में कवि की भावना को समझना आवश्यक है।
सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
Question 1.
1. गंगा-यमुना नदियों का जल .......... से ग्रथित है। (पवित्रता, ज्योति)
2. जन-जन के हृदय में ...........बसी है। (जन्मभूमि, तपोभूमि)
3. तापस सुकुमारी .......... बनीं। (शिला, अहल्या)
4. युद्ध से जनजीवन .......... बन गया है। (जर्जर, बर्बर)
5. जननी, जन्मभूमि .......... से भी महान है। (स्वर्ग, आकाश)
6. भारतवर्ष का भाल .......... है। (कश्मीर, हिमालय)
Answer:
1. ज्योति
2. जन्मभूमि
3. शिला
4. जर्जर
5. स्वर्ग
6. हिमालय
In simple words: गंगा-यमुना का जल ज्योति से जुड़ा है। जन्मभूमि सभी के हृदय में बसी है। तपस्विनी अहल्या शिला बन गईं। युद्ध ने जीवन को जर्जर बना दिया है। जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से बढ़कर हैं। भारत का मस्तक हिमालय है।
Exam Tip: रिक्त स्थानों की पूर्ति करते समय, पाठ के संदर्भ को ध्यान में रखते हुए सबसे उपयुक्त शब्द चुनें।
निम्नलिखित प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
Question 1. जन-जन के हृदय में कौन-सी नदियां बसी हैं?
A. नर्मदा तथा साबरमती
B. कृष्णा तथा कावेरी
C. गंगा तथा यमुना
D. झेलम तथा ब्रह्मपुत्रा
Answer: (C) गंगा तथा यमुना
In simple words: लोगों के मन में गंगा और यमुना नदियाँ बसी हुई हैं।
Exam Tip: कविता या पाठ में उल्लिखित विशेष नदियों के नाम को याद रखना महत्वपूर्ण है जो लोगों की भावनाओं से जुड़ी हैं।
Question 2. कृष्ण ने किस ग्रंथ की रचना की है?
A. महाभारत
B. भगवद्गीता
C. रामायण
D. स्कंदपुराण
Answer: (B) भगवद्गीता
In simple words: भगवान कृष्ण ने पवित्र 'भगवद्गीता' ग्रंथ की रचना की है।
Exam Tip: धार्मिक ग्रंथों और उनके प्रमुख प्रतिपादकों के नाम को ठीक से पहचानना महत्वपूर्ण है।
Question 3. 'जन्मभूमि' काव्य में भारत की किन नारियों की बात बताई गई है?
A. कल्पना तथा सुनीता की
B. सावित्री, गार्गी की
C. सीता, राधा, अहल्या की
D. जीजाबाई, पुतलीबाई की
Answer: (C) सीता, राधा, अहल्या की
In simple words: 'जन्मभूमि' कविता में सीता, राधा और अहल्या जैसी महान नारियों का उल्लेख किया गया है।
Exam Tip: कविता में उल्लिखित विशिष्ट पात्रों के नाम को याद रखें, खासकर जब वे किसी विशेष विषय (जैसे भारतीय नारी की महानता) से संबंधित हों।
Question 4. शांतिनिकेतन क्या है?
A. शांति न पाने की जगह
B. शांति का कोई अवकाश न हो, ऐसी जगह
C. शांतियुक्त या शांतिदायक गृह
D. जहाँ शांति नहीं मिल सकती है
Answer: (C) शांतियुक्त या शांतिदायक गृह
In simple words: शांतिनिकेतन एक शांतिपूर्ण या शांति देने वाला घर है।
Exam Tip: 'शांतिनिकेतन' जैसे नाम के अर्थ को सीधे समझना चाहिए ताकि सही विकल्प चुना जा सके।
Question 5. 'जन्मभूमि' काव्य के रचयिता............. है।
A. रामधारी सिंह
B. बालकृष्ण शर्मा
C. सुमित्रानंदन पंत
D. रांगेय राघव
Answer: (C) सुमित्रानंदन पंत
In simple words: 'जन्मभूमि' कविता के लेखक सुमित्रानंदन पंत हैं।
Exam Tip: किसी भी कविता या पाठ के लेखक का नाम याद रखना एक महत्वपूर्ण तथ्य है।
व्याकरण
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :
Question 1.
1. भाल -
2. हिम –
3. नारी -
4. नभ –
5. जग -
6. धूलि –
Answer:
1. भाल – मस्तक
2. हिम – बर्फ
3. नारी – स्त्री
4. नभ – गगन
5. जग – संसार
6. धूलि – धूल
In simple words: 'भाल' का मतलब मस्तक, 'हिम' का बर्फ, 'नारी' का स्त्री, 'नभ' का गगन, 'जग' का संसार, और 'धूलि' का धूल होता है।
Exam Tip: व्याकरण के प्रश्नों में, शब्दों के सही पर्यायवाची को याद रखना और सटीक रूप से लिखना आवश्यक है।
निम्नलिखित संधि को छोडिए :
Question 1.
1. तपोवन
2. मंत्रोच्चारण
3. वसुधैव
Answer:
1. तपोवन = तपः + वन
2. मंत्रोच्चारण = मंत्र + उच्चारण
3. वसुधैव = वसुधा + एव
In simple words: 'तपोवन' का संधि विच्छेद 'तपः + वन', 'मंत्रोच्चारण' का 'मंत्र + उच्चारण', और 'वसुधैव' का 'वसुधा + एव' होता है।
Exam Tip: संधि विच्छेद करते समय, मूल शब्दों और उनके अर्थों को पहचानना और सही संधि नियम का पालन करना महत्वपूर्ण है।
निम्नलिखित शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखिए :
Question 1.
1. वह स्थान (या देश) जहाँ किसी का जन्म हुआ हो
2. बर्फ से ढका पर्वत
3. भारत में सबसे पवित्र मानी जानेवाली नदी
4. शाप के कारण अहल्या को मिला रूप
5. जन्म देनेवाली
6. देवताओं का लोक
7. सत्यवान की पत्नी
8. तप करने के लिए वन
Answer:
1. जन्मभूमि
2. हिमाचल
3. गंगा
4. शिला
5. जननी
6. स्वर्ग
7. सावित्री
8. तपोवन
In simple words: जहाँ जन्म हुआ, वह जन्मभूमि; बर्फ से ढका पर्वत हिमाचल; भारत की पवित्र नदी गंगा; शाप से अहल्या का रूप शिला; जन्म देनेवाली जननी; देवताओं का लोक स्वर्ग; सत्यवान की पत्नी सावित्री; और तप के लिए वन तपोवन कहलाता है।
Exam Tip: वाक्यांश के लिए एक शब्द लिखते समय, वाक्यांश के मुख्य अर्थ को सटीक रूप से दर्शाने वाला सबसे उपयुक्त शब्द चुनें।
निम्नलिखित शब्दों की विशेषण संज्ञा लिखिए :
Question 1.
1. स्वर्ग
2. जर्जर
3. शान
4. विचरण
5. धूल
6. प्रकृति
Answer:
1. स्वर्गीय
2. जर्जरित
3. शानदार
4. विचरित
5. धूमिल
6. प्राकृतिक
In simple words: स्वर्ग से स्वर्गीय, जर्जर से जर्जरित, शान से शानदार, विचरण से विचरित, धूल से धूमिल, और प्रकृति से प्राकृतिक विशेषण संज्ञाएँ बनती हैं।
Exam Tip: विशेषण संज्ञा बनाते समय, मूल शब्द के अर्थ और व्याकरणिक रूप को बनाए रखना सुनिश्चित करें।
निम्नलिखित समास को पहचानिए :
Question 1.
1. जन्मभूमि
2. मंत्रोच्चारण
3. गंगा-यमुना
4. ज्योतिग्रथित
5. राम-लक्ष्मण
6. पदधूलि
7. तपोवन
8. ध्यानावस्थित
9. युद्ध-जर्जर
Answer:
1. तत्पुरुष
2. तत्पुरुष
3. द्वन्द्व
4. तत्पुरुष
5. द्वन्द्व
6. तत्पुरुष
7. तत्पुरुष
8. तत्पुरुष
9. तत्पुरुष
In simple words: जन्मभूमि, मंत्रोच्चारण, ज्योतिग्रथित, पदधूलि, तपोवन, ध्यानावस्थित और युद्ध-जर्जर तत्पुरुष समास के उदाहरण हैं। गंगा-यमुना और राम-लक्ष्मण द्वन्द्व समास के उदाहरण हैं।
Exam Tip: समास पहचानते समय, शब्दों के बीच के संबंध और उनके विग्रह पर ध्यान दें ताकि सही समास प्रकार निर्धारित किया जा सके।
जन्मभूमि Summary in Hindi
विषय-प्रवेश :
प्रस्तुत कविता में कवि ने हमारी जन्मभूमि भारत की महत्ता का वर्णन किया है। कवि ने देश के गौरव पर्वतराज हिमालय; गंगा-यमुना जैसी पवित्र नदियों; राम, लक्ष्मण, श्रीकृष्ण जैसे महापुरुषों तथा सीता, सावित्री एवं अहल्या जैसी महान नारियों व ध्यान, जान, मंत्र तथा 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना का महत्त्व दर्शाते हुए जन्मभूमि को स्वर्ग से अधिक श्रेष्ठ बताया है।
कविता का सार :
- हमारी जन्मभूमि गंगा-यमुना जैसी पवित्र नदियों के जल से गूंथी हुई है। इसका मस्तक हिमालय है। हमारे देश की धरती सदा प्रफुल्लित रहती है।
- हमारी जन्मभूमि राम, लक्ष्मण और सीता माता के चरणों की धूल से पवित्र है। भगवान श्रीकृष्ण ने 'भगवद्गीता' का उपदेश यहीं दिया था।
- हमारी जन्मभूमि सीता, सावित्री, राधा और अहल्या जैसी महान नारियों की धरती है।
- हमारी जन्मभूमि उन ज्ञानी ऋषि-मुनियों का देश है, जो ध्यानावस्थित होकर शांतिनिकेतन तपोवन में तपस्या करते हैं और ज्ञान रूपी नभमंडल में विचरण करते हैं।
- समूचे विश्व पर युद्ध की छाया मंडरा रही है। इस स्थिति में हमारा देश अपने मंत्रोच्चार से विश्व को शांति और 'वसुधैव कुटुंबकम्' का संदेश देगा।
कविता का सरल अर्थ :
जननी जन्मभूमि .......... हृदय में बसी।
कवि हमारी जन्मभूमि भारत का गुणगान करते हुए कहते हैं कि हमारी जन्मभूमि भारतमाता स्वर्ग से भी अधिक श्रेष्ठ है। हमारी मातृभूमि का मस्तक हिमालय है, जो देश का गौरव बढ़ा रहा है। हमारे देश की सुनहरी धरती सदा प्रफुल्लित और पुलकित रहती है। हमारी मातृभूमि गंगा-यमुना जैसी पवित्र नदियों के निर्मल जल से गूंथी हुई है। ये नदियाँ हमारे देश के प्रत्येक व्यक्ति के हृदय में बसी हुई हैं।
जिसे राम-लक्ष्मण ...... प्राणों में वंशी।
कवि कहते हैं कि हमारी मातृभूमि भारत वह भूमि है, जो मर्यादा पुरुषोत्तम राम, उनके भ्राता लक्ष्मण और सीता माता के चरणों की धूल से पवित्र है। इस भूमि पर भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बंसी की धुन से जन-जन के हृदय पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है और उन्होंने 'भगवदगीता' जैसे अमर काव्य की रचना कर लोगों को ज्ञान का उपदेश दिया है।
सावित्री, राधा ......... चेतना सरसी।
हमारे देश में सावित्री और राधा जैसी महान नारियाँ हुई थीं, जिनकी आभा से मानव-जाति आलोकित है। सुकुमारी नारी तपस्विनी अहल्या शापवश शिला बन गई और एक जीतीजागती नारी चेतन से जड़ अर्थात् निष्प्राण हो गई।
शांतिनिकेतन.............. किरणें बरसीं।
हमारी जन्मभूमि की महिमा निराली है। यहाँ शांतिनिकेतन जैसा तपोवन है, जहाँ ज्ञानी ऋषि-मुनि ध्यानमग्न होकर जान रूपी नभमंडल में विचरण करते (गोता लगाते) हैं। हमारा देश सत्य के प्रकाश से आलोकित है अर्थात् यहाँ सत्य का बोलबाला है।
आज युद्ध........... गरीयसी।
कवि कहते हैं कि आज समस्त विश्व के लोगों का जीवन युद्ध की विभीषिका से त्रस्त और जर्जर हो चुका है। हमारा देश मानव-जाति को युद्ध से छुटकारा दिलाने के लिए आज फिर मंत्रोच्चार कर समूचे विश्व में शांति का प्रचार करेगा। वह पृथ्वी पर रहनेवाले सभी लोगों को एक साथ मिल-जुलकर रहनेवाले एक विश्व-परिवार की भावना का प्रचारक बन गया है। उसके मुख पर नई चमक है। कवि कहते हैं कि हमारी प्रिय जन्मभूमि भारतमाता स्वर्ग से भी अधिक श्रेष्ठ है।
ગુજરાતી ભાવાર્થ :
કવિ આપણી જન્મભૂમિ ભારતનાં ગુણગાન ગાતાં કહે છે કે આપણી જન્મભૂમિ ભારતમાતા સ્વર્ગથી પણ વધારે શ્રેષ્ઠ છે. આપણી માતૃભૂમિનું મસ્તક હિમાલય છે, જે દેશનું ગૌરવ વધારી રહ્યો છે. આપણા દેશની સોનેરી ધરતી હંમેશાં પ્રફુલ્લિત અને પુલકિત રહે છે. આપણી માતૃભૂમિ ગંગા-યમુના જેવી પવિત્ર નદીઓના નિર્મળ જળથી ગૂંથાયેલી છે, આ નદીઓ આપણા દેશની પ્રત્યેક વ્યક્તિના હૃદયમાં વસેલી છે.
વિમાપી માતૃભૂમિ મારતની તે મૂમિ છે, જે મર્યાદા પુરુષોત્તમ રામ, તેમના ભાઈ લક્ષ્મણ અને સીતામાતાનાં ચરણોની ધૂળથી પવિત્ર થઈ છે. આ ભૂમિ પર ભગવાન શ્રીકૃષ્ણ પોતાની મોરલીની ધૂનથી પ્રત્યેક મનુષ્યના હૃદય પર પોતાની અમીટ છાપ છોડી છે અને તેમણે ભગવદ્ગીતા જેવા અમર કાવ્યની રચના કરી લોકોને શાનનો ઉપદેશ આપ્યો છે.
માતા શમાં સાવિત્રીવને | હેવી મહાન નારીમા થઈ છે, જેમણે પોતાના પ્રકાશથી માનવજાતિને ઉજ્વળ કરી છે.
સુકુમારી તપસ્વિની નારી અહલ્યા શાપવશ શિલા બની ગઈ અને એક જીવતીજાગતી નારી ચેતનમાંથી જડ અથાત્ નિમ્રાલ થઈ ગઈ.
આપ સન્મમૂમિનો મહિમા નિરાળો છ. મા શાંતિનિકેતન જેવું તપોવન છે, જ્યાં જ્ઞાની ઋષિમુનિઓ ધ્યાનમગ્ન થઈ જ્ઞાનરૂપી નભોમંડળમાં વિચરણ કરે છે. આપણો દેશ સત્યના પ્રકાશથી ખાલોકિત છે અર્થાત્ અહીં સત્યનો ખૂબ મહિમા છે.
વિમા સમસ્ત વિશ્વાસાનુ વન યુદ્ધની ભયંકરતાથી ત્રસ્ત અને જીર્ણ થઈ ગયું છે. આપણો દેશ માનવજાતિને યુદ્ધથી મુક્તિ અપાવવા માટે આજે ફરીથી મંત્રોચ્ચાર કરીને સમસ્ત વિશ્વમાં શાંતિનો પ્રચાર કરશે. તે પૃથ્વી પર રહેનારા સૌ લોકોની એકસાથે હળીમળીને એક વિશ્વ-પરિવારની ભાવનાનો પ્રચારક બની ગયો છે. એના મુખ પર નૂતન ચમક છે. કવિ કહે છે કે આપણી પ્રિય જન્મભૂમિ સ્વર્ગથી પણ વધારે શ્રેષ્ઠ છે!
शब्दार्थ :
- जननी – माता।
- जन्मभूमि – वह स्थान (या देश) जहाँ किसी का जन्म हुआ हो।
- स्वर्गादपि – स्वर्ग से भी।
- चिर – बहुत।
- गरीयसी – श्रेष्ठ।
- गौरव – महत्व, बड़प्पन।
- भाल – मस्तक।
- धरा – पृथ्वी।
- श्यामल – सांवला, कुछ-कुछ काला।
- ज्योतिग्रथित – ज्योति से गूंथा हुआ।
- बसी – बहुत प्रिय होने के कारण ध्यान में बनी रहना।
- पदधूलि – पैरों की धूल।
- पुनीता – पवित्र।
- गीता – भगवद्गीता।
- अमर – जिसका कभी अंत या क्षय न हो।
- बंशी – मुरली।
- आभा - प्रकाश।
- शिला – पत्थर।
- तापस – तपस्या करनेवाली, तपस्विनी।
- सुकुमारी – कोमल अंगोवाली।
- जड़ता – प्राण न होने का भाव।
- चेतना – प्राणयुक्त।
- तपोवन – तपस्या करने का वन।
- ध्यानावस्थित – ध्यान में लगा हुआ, ध्यान में मग्न।
- मुनिगण – मुनियों का समूह।
- चिद – चैतन्य, ज्ञान।
- युद्ध-जर्जर – युद्ध से कमजोर।
- मंत्रोच्चारण – मंत्रों का उच्चारण करना।
- वसुधैव – पृथ्वी की तरह।
- कुटुंबकम् – परिवार।
- ज्योति – प्रकाश।
- नवल – नवीन, नई।
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