Download GSEB Solutions for Class 10 Hindi Chapter 03 सवैये
Access comprehensive textbook solutions for Chapter 03 सवैये using the official curriculum guides for Class 10 Hindi. Designed to align with the 2026-27 GSEB standards, these detailed answers help students reinforce core academic concepts.
Access GSEB Solutions and Answers
Access the complete solution PDF for Class 10 Hindi below. Regular practice with these targeted textbook answers builds familiarity with standard question patterns and helps secure higher marks in final school evaluations.
1. निम्नलिखित प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए ।
Question 1. यमुना किनारे कदंब की डाल पर रसखान किस रूप में बसना चाहते हैं ?
(अ) पशु
(ब) भगवान
(क) पक्षी
(ड) मनुष्य
Answer: (क) पक्षी
In simple words: रसखान यमुना नदी के किनारे कदंब के वृक्ष की शाखा पर पक्षी के रूप में रहना चाहते हैं।
Exam Tip: Pay attention to the specific form (animal, human, bird, stone) in which the poet wishes to reside, as each represents a different aspect of Krishna's life.
Question 2. आठ सिद्धि और नव निधि का सुख प्राप्त होता है......
(अ) नंद की धेनु चराने में ।
(ब) यमुना किनारे स्नान करने में ।
(क) कदंब के वृक्ष पर बसने में ।
(ड) मुरली बजाने में ।
Answer: (अ) नंद की धेनु चराने में ।
In simple words: नंद बाबा की गायों को चराने से व्यक्ति को आठ सिद्धियों और नौ निधियों जैसा सुख मिलता है।
Exam Tip: Remember that for the poet, the joy of serving Krishna (like tending to his cows) is far greater than any worldly riches or supernatural powers.
Question 3. कलधौत के धाम का अर्थ होता है ......
(अ) काली यमुना नदी ।
(ब) सोने का राजमहल ।
(क) चाँदी का राजमहल
(ड) कृष्ण का राजमहल ।
Answer: (ब) सोने का राजमहल ।
In simple words: 'कलधौत के धाम' शब्द का मतलब सोने से बना हुआ महल होता है।
Exam Tip: Understand the poetic vocabulary; 'कलधौत' often refers to gold, and 'धाम' signifies a dwelling or abode.
Question 4. गोपी गले में माला पहनना चाहती है ।
(अ) सोने की
(ब) हीरों की
(क) मोतियों की
(ड) गुंजे की
Answer: (ड) गुंजे की
In simple words: गोपी अपने गले में गुंजे (लाल बीज) की माला पहनना चाहती है, जैसा श्रीकृष्ण पहनते थे।
Exam Tip: Note the details of the Gopi's desire to imitate Krishna's appearance, specifically the simple adornments like a garland of 'gunj'.
2. निम्रलिखित प्रश्नों के एक-एक वाक्य में उत्तर लिखिए :
Question 1. मनुष्य के रूप में रसखान कहाँ बसना चाहते हैं ?
Answer: मनुष्य के रूप में जन्म मिलने पर रसखान गोकुल गाँव में ग्वालों के साथ बसना चाहते हैं।
In simple words: अगर उन्हें इंसान के रूप में जन्म मिले, तो रसखान गोकुल गाँव में ग्वालों के साथ रहना चाहते हैं।
Exam Tip: When answering about the poet's desires, specify both the form of birth (human) and the location/companions (Gokul, cowherds).
Question 2. पशु के रूप में कवि कहाँ निवास करना चाहते हैं ?
Answer: पशु के रूप में कवि नंद की गायों के बीच निवास करना चाहते हैं।
In simple words: पशु बनने पर कवि नंद बाबा की गायों के साथ रहना पसंद करते हैं।
Exam Tip: Highlight the specific animals (Nand's cows) and the reason (proximity to Krishna's life) when describing the poet's wish as an animal.
Question 3. रसखान किस पर्वत का पत्थर बनना चाहते हैं ?
Answer: रसखान गोवर्धन पर्वत का पत्थर बनना चाहते हैं।
In simple words: रसखान गोवर्धन पर्वत का पत्थर बनना पसंद करते हैं।
Exam Tip: Mention the exact name of the mountain (Govardhan) as it is directly linked to a significant event in Krishna's life.
Question 4. पशुयोनि में जन्म मिलने पर कवि क्या करना चाहते हैं ?
Answer: पशुयोनि में जन्म लेना कवि के वश में नहीं हैं, परंतु कवि इतना ही चाहते हैं कि प्रतिदिन उन्हें नंद की गायों के बीच चरने का मौका मिले।
In simple words: पशु के रूप में जन्म लेना कवि के कंट्रोल में नहीं है, पर वह हर दिन नंद की गायों के साथ चरना चाहते हैं।
Exam Tip: Emphasize that while the form of birth is not controllable, the desire is to be near Krishna's cows daily, showing deep devotion.
3. निम्नलिखित प्रश्नों के दो-तीन वाक्यों में उत्तर लिखिए :
Question 1. लकुटी लेकर रसखान क्या करना चाहते हैं ? क्यों ?
Answer: लकुटी लेकर रसखान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि में कृष्ण की भाँति वन में भटकते हुए गायें चराना चाहते हैं। इससे वे अपने आपको श्रीकृष्ण के समीप होने का अहसास करना चाहते हैं।
In simple words: रसखान लाठी लेकर श्रीकृष्ण की तरह जंगल में गायें चराना चाहते हैं। वे ऐसा इसलिए करना चाहते हैं ताकि उन्हें श्रीकृष्ण के करीब होने का अनुभव मिल सके।
Exam Tip: Clearly state both what the poet wants to do (graze cows with a stick) and the underlying reason (feeling close to Krishna) for a complete answer.
Question 2. श्रीकृष्ण को रिझाने के लिए गोपी क्या-क्या करना चाहती है ?
Answer: श्रीकृष्ण को रिझाने के लिए गोपियाँ श्रीकृष्ण के तरह-तरह के स्वांग करना चाहती हैं। वे श्रीकृष्ण की तरह अपने सिर पर मोरपंख धारण करना चाहती हैं, गुंजों की माला गले में पहनना चाहती है तथा पीतांबर ओढ़कर और हाथ में लाठी लेकर गायों के पीछे ग्वालों के साथ-साथ वन में भटकना चाहती हैं।
In simple words: गोपियाँ श्रीकृष्ण को खुश करने के लिए उनके जैसे बहुत से रूप धारण करना चाहती हैं। वे अपने सिर पर मोरपंख लगाना, गुंजों की माला पहनना, पीले कपड़े पहनना और हाथों में लाठी लेकर ग्वालों के साथ गायों के पीछे जंगल में घूमना चाहती हैं।
Exam Tip: List all the specific actions and items mentioned by the Gopis that mirror Krishna's appearance and activities to show their devotion.
Question 3. गोपी कृष्ण की मुरली को अपने अधरों पर क्यों नहीं रखना चाहती ?
Answer: गोपियों का श्रीकृष्ण से निश्छल प्रेम है। वे नहीं चाहती कि श्रीकृष्ण की मुरली को वे अपने अधरों पर रखकर जूठी करें। वे इस चेष्टा को अपने प्रिय के साथ विश्वासघात मानती हैं।
In simple words: गोपियाँ श्रीकृष्ण से बहुत पवित्र प्रेम करती हैं। वे उनकी मुरली को अपने होंठों पर रखकर जूठा नहीं करना चाहतीं। वे इसे अपने प्यारे श्रीकृष्ण के साथ धोखा मानती हैं।
Exam Tip: Focus on the Gopi's deep reverence and pure love for Krishna, which makes them avoid any action that might disrespect him, even indirectly.
4. निम्नलिखित प्रश्नों के चार-पाँच वाक्यों में उत्तर लिखिए :
Question 1. रसखान श्रीकृष्ण का सामीप्य किन रूपों में किस प्रकार चाहते हैं ?
Answer: कवि रसखान श्रीकृष्ण और उनकी लीला-स्थली से अभिभूत हैं। वे हर उस चीज से सामीप्य चाहते हैं, जिनका संबंध श्रीकृष्ण से रहा है। वे अगले जन्म में गोकुल गाँव में जन्म लेकर वहाँ के ग्वालों के बीच उसी तरह रहना चाहते हैं। जैसे कृष्ण रहते थे। श्रीकृष्ण बचपन में नंद की गाएं चराने जाया करते थे। वे पशु के रूप में जन्म लेकर नंद की गायों के बीच चरना चाहते हैं। यमुना के किनारे कदंब के पेड़ों पर चढ़कर बचपन में श्रीकृष्ण ग्वाल-बालों के साथ खेला करते थे। पक्षी के रूप में जन्म लेकर रसखान इन्हीं कदंब के वृक्षों पर रैन बसेरा करना चाहते हैं। इतना ही नहीं, यदि अगले जन्म में वे पत्थर बनें, तो उसी पहाड़ का पत्थर बनने की कामना करते हैं, जिसे श्रीकृष्ण ने अपने हाथों से उठा लिया था, यानी जिसका उन्होंने स्पर्श किया था।
In simple words: कवि रसखान श्रीकृष्ण और उनकी खेलने की जगहों से बहुत मोहित हैं। वह उन सभी चीजों के करीब रहना चाहते हैं जिनका श्रीकृष्ण से संबंध है। वह अगले जन्म में गोकुल गाँव में ग्वालों के साथ रहना चाहते हैं, जैसे श्रीकृष्ण रहते थे। यदि वे जानवर बनें, तो नंद की गायों के बीच चरना चाहते हैं। यमुना किनारे कदंब के पेड़ों पर पक्षी बनकर रहना चाहते हैं, जहाँ श्रीकृष्ण खेला करते थे। यदि वे पत्थर बनें, तो उस गोवर्धन पर्वत का पत्थर बनना चाहते हैं जिसे श्रीकृष्ण ने अपने हाथों से उठाया था।
Exam Tip: Provide a comprehensive answer, covering all the different forms (human, animal, bird, stone) in which the poet expresses his desire to be close to Krishna and his pastimes.
Question 2. कवि श्रीकृष्ण से संबंधित किन वस्तुओं की अभिलाषा करता है । इनके लिए वह किन वस्तुओं को छोड़ने के लिए तैयार है ?
Answer: कवि रसखान की श्रीकृष्ण के प्रति अनन्य श्रद्धा है। वे हर हालत में श्रीकृष्ण के समीप रहना चाहते हैं। इसके लिए वे उन वस्तुओं की अभिलाषा करते हैं, जिनका संबंध श्रीकृष्ण से रहा है। श्रीकृष्ण लाठी और कमली लेकर वन में गाएं चराने जाया करते थे। इस लाठी और कमली पर वे आकाश, पाताल और मृत्यु लोक- तीनों लोकों – के राज्य को भी तुच्छ मानते हैं और उसे खुशी-खुशी छोड़ने को तैयार हैं। नंद की गायों को चराने के सुख को वे आठों सिद्धियों एवं नौवाँ निधियों से भी बढ़कर मानते हैं। इसे पाने के लिए वे इन्हें सहर्ष छोड़ने को तैयार हैं। व्रज के जिन बनों, बगीचों और सरोवरों का संबंध श्रीकृष्ण से रहा है, उन्हें देखने की उनके मन में बड़ी अभिलाषा है। इतना ही नहीं, वे व्रज की कंटीली झाड़ियों को भी सोने से बने करोड़ों महलों को भी न्यौछावर करने के लिए तैयार हैं।
In simple words: कवि रसखान को श्रीकृष्ण पर बहुत भरोसा है। वह हर हाल में श्रीकृष्ण के करीब रहना चाहते हैं। इसके लिए वे उन चीजों को चाहते हैं जिनका संबंध श्रीकृष्ण से है। श्रीकृष्ण लाठी और कंबल लेकर जंगल में गायें चराने जाते थे। इस लाठी और कंबल के लिए वह तीनों लोकों का राज्य भी त्यागने को तैयार हैं। उन्हें नंद की गायों को चराने का सुख आठ सिद्धियों और नौ निधियों से भी ज्यादा प्यारा लगता है। इसे पाने के लिए वे सब कुछ छोड़ने को तैयार हैं। ब्रज के उन जंगलों, बगीचों और तालाबों को देखने की उनकी बहुत इच्छा है जिनका संबंध श्रीकृष्ण से रहा है। वह ब्रज की कांटेदार झाड़ियों के लिए करोड़ों सोने के महलों को भी कुर्बान करने को तैयार हैं।
Exam Tip: Detail the specific items associated with Krishna that the poet desires (stick, blanket, cows, land of Braj) and contrast them with the great sacrifices he is willing to make (three realms, eight siddhis, nine nidhis, golden palaces).
Question 3. कृष्ण की मुरली का ब्रज की स्त्रियों पर क्या प्रभाव पड़ा ?
Answer: व्रज की स्त्रियाँ कृष्ण की मुरली की धुन की दीवानी थीं। श्रीकृष्ण ने अपनी मुरली की मनमोहक तान से ब्रज की समस्त स्त्रियों को रिझा लिया था। अपनी मुरली की धुन से जैसे उन्होंने व्रज की स्त्रियों पर कुछ ऐसा जादू-टोना-सा कर दिया था कि वे उनके हृदय में घर कर गए थे। हालत ऐसी हो गई थी कि किसी को किसी की परवाह नहीं थी। ब्रज के सारे स्त्री-पुरुष कृष्ण की मुरली की धुन पर मुग्ध हो गए थे।
In simple words: ब्रज की औरतें श्रीकृष्ण की बांसुरी की धुन पर बहुत मोहित थीं। श्रीकृष्ण ने अपनी बांसुरी की सुंदर आवाज से ब्रज की सभी औरतों को अपनी ओर खींच लिया था। उनकी बांसुरी की धुन ने उन पर ऐसा जादू कर दिया था कि वह उनके दिलों में बस गए। स्थिति ऐसी हो गई थी कि किसी को किसी की चिंता नहीं थी। ब्रज के सभी स्त्री-पुरुष श्रीकृष्ण की बांसुरी की धुन पर मंत्रमुग्ध हो गए थे।
Exam Tip: Explain the captivating effect of Krishna's flute music on the women of Braj, describing how it enchanted them and made them forget everything else.
Question 4. कृष्ण के प्रति अपनी भक्ति प्रदर्शित करने के लिए रसखान क्या-क्या न्यौछावर करना चाहते हैं ?
Answer: कवि रसखान के मन में श्रीकृष्ण के प्रति अपार श्रद्धा है। वे अपने आराध्य देव के प्रति समर्पित है। श्रीकृष्ण का लकुटी और कमली लेकर गायों को चराने के लिए वन में जानेवाला रूप उनके मन में समाया हुआ है। उस रूप का दर्शन करने के लिए वे तीनों लोकों के राज्य को न्यौछावर करने को तत्पर हैं। नंद की जिन गायों को उनके आराध्य देव श्रीकृष्ण ने चराया था, वे उन गायों को चराकर अद्भुत सुख प्राप्त करना चाहते हैं। इस सुख के सामने वे आठों सिद्धियों और नौवों निधियों को भी तुच्छ मानते हैं। नंद की गायों को चराने के सुख के सामने वे इन सिद्धियों और निधियों को न्योछावर करने को तैयार हैं। वे ब्रज के लता, कुंज एवं पेड़-पौधों का दर्शन करने के लिए बेचैन हैं। इतना ही नहीं, वे ब्रज की कंटीली झाड़ियों को भी सोने से बने महलों से मूल्यवान मानते हैं और उनके सामने वे सोने के करोड़ो महलों को न्योछावर करते हैं।
In simple words: कवि रसखान के मन में श्रीकृष्ण के लिए बहुत आस्था है। वह अपने भगवान को पूरी तरह समर्पित हैं। श्रीकृष्ण का लाठी और कंबल लेकर जंगल में गायें चराने का रूप उनके मन में बस गया है। उस रूप को देखने के लिए वह तीनों लोकों का राज्य भी कुर्बान करने को तैयार हैं। नंद बाबा की जिन गायों को श्रीकृष्ण ने चराया था, कवि उन्हें चराकर अद्भुत सुख पाना चाहते हैं। इस सुख के आगे वह आठ सिद्धियों और नौ निधियों को भी छोटा मानते हैं। वह नंद की गायों को चराने के सुख के लिए इन सिद्धियों और निधियों को छोड़ने को तैयार हैं। वह ब्रज के बेलों, झाड़ियों और पेड़ों को देखने के लिए उत्सुक हैं। इतना ही नहीं, वह ब्रज की कांटेदार झाड़ियों को भी सोने के महलों से ज्यादा कीमती मानते हैं और उनके लिए करोड़ों सोने के महलों को भी त्याग देते हैं।
Exam Tip: Summarize the various offerings and sacrifices that Rasakhan is willing to make, emphasizing his deep devotion and the value he places on even the smallest things associated with Krishna over worldly possessions and powers.
5. उचित जोड़े बनाइए:
Question 1.
| 'अ' | 'ब' |
|---|---|
| मनुष्य | नंद की गाय |
| पशु | यमुना के किनारे कदंब की डाल |
| पक्षी | गोवर्धन पर्वत |
| पत्थर | गोकुल गाँव |
Answer:
| 'अ' | 'ब' |
|---|---|
| मनुष्य | गोकुल गाँव |
| पशु | नंद की गाय |
| पक्षी | यमुना के किनारे कदंब की डाल |
| पत्थर | गोवर्धन पर्वत |
In simple words: सही जोड़े बनाने के लिए, 'अ' कॉलम की हर चीज को 'ब' कॉलम की उससे जुड़ी चीज से मिलाएं।
Exam Tip: Remember the specific desires of Rasakhan for each birth form to correctly match them with their desired locations or companions.
Hindi Digest Std 10 GSEB सवैये Important Questions and Answers
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर चार-पांच वाक्यों में लिखिए :
Question 1. रसखान ने श्रीकृष्ण के प्रति गोपियों के प्रेम को किस प्रकार प्रकट किया है?
Answer: गोपियों श्रीकृष्ण से इतना प्रेम करती हैं कि वे उनकी हर वस्तु धारण करने के लिए लालायित हैं। वे श्रीकृष्ण की तरह अपने सिर पर मोरपंख धारण करेंगी। अपने गले में वे गुंजों की माला पहनेंगी। पीले रंग का वस्त्र ओढ़कर और हाथ में लाठी लेकर वे श्रीकृष्ण के ग्वाल-वेश को धारण करेंगी। इतना ही नहीं, वे गायों और ग्वालों के साथ-साथ वन में भी भटकेंगी। श्रीकृष्ण के सारे रूप धारण करना उन्हें स्वीकार है, पर उनकी मुरली को वे कभी अपने होंठों पर नहीं रखेंगी। अपने होंठों पर श्रीकृष्ण की मुरली को रखकर उसे जूठा करके वे अपने आराध्य कृष्ण का अनादर नहीं करना चाहतीं। इस प्रकार रसखान ने श्रीकृष्ण के प्रति गोपियों के प्रेम को बड़े सुंदर ढंग से प्रकट किया है।
In simple words: गोपियाँ श्रीकृष्ण से बहुत प्यार करती हैं, इसलिए वे उनकी हर चीज धारण करना चाहती हैं। वे उनके जैसे मोरपंख सिर पर, गुंजे की माला गले में, पीले कपड़े और हाथ में लाठी लेकर गायें चराने जंगल में भी घूमेंगी। उन्हें श्रीकृष्ण के सभी रूप पसंद हैं, पर वे उनकी बांसुरी को अपने होंठों पर नहीं रखेंगी क्योंकि वे अपने आराध्य को झूठा करके उनका अनादर नहीं करना चाहतीं।
Exam Tip: Highlight the contrast between the Gopis' willingness to adopt all of Krishna's appearances and their refusal to touch his flute, explaining the deep respect behind this specific exception.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में लिखिए :
Question 1. किस पर्वत का पत्थर होना रसखान चाहते हैं? क्यों?
Answer: रसखान अगले जन्म में श्रीकृष्ण की जन्मभूमि में जन्म लेना चाहते हैं। भले ही वह पत्थर के रूप में ही क्यों न हो। वे उस पर्वत का पत्थर होना चाहते हैं, जिसे श्रीकृष्ण ने अपने हाथों पर उठा लिया था। इसका कारण यह है कि वे उस पहाड़ का पत्थर बनकर अपने आपको धन्य मानेंगे, क्योंकि उस पर्वत को श्रीकृष्ण ने स्पर्श किया था।
In simple words: रसखान अगले जन्म में श्रीकृष्ण की जन्मभूमि में जन्म लेना चाहते हैं, चाहे वह पत्थर ही क्यों न हो। वह गोवर्धन पर्वत का पत्थर बनना चाहते हैं, जिसे श्रीकृष्ण ने अपने हाथों पर उठाया था। वह इसे भाग्यशाली मानते हैं क्योंकि श्रीकृष्ण ने उस पर्वत को छुआ था।
Exam Tip: State the specific mountain (Govardhan) and the direct reason (Krishna's touch) for the poet's desire to become a stone there.
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-एक वाक्य में लिखिए।
Question 1. आठ सिद्धि और नव निधि का सुख कहाँ प्राप्त होगा?
Answer: आठ सिद्धि और नव निधि का सुख नंद की धेनु चराने में प्राप्त होगा।
In simple words: नंद बाबा की गायों को चराने में आठ सिद्धियों और नौ निधियों का सुख मिलता है।
Exam Tip: For this direct question, simply state the specific activity (tending Nand's cows) that grants the mentioned happiness.
Question 2. कवि रसखान श्रीकृष्ण की लाठी और कंबली पाने के लिए क्या त्यागने को तैयार है?
Answer: कवि रसखान श्रीकृष्ण की लाठी और कंबली को पाने के लिए आकाश, पाताल और मृत्यु ये तीनों लोकों का राज्य त्यागने को तैयार है।
In simple words: रसखान श्रीकृष्ण की लाठी और कंबल पाने के लिए तीनों लोकों का राज्य भी छोड़ने को तैयार हैं।
Exam Tip: Mention the specific items desired (stick and blanket) and the immense sacrifice (kingdom of three worlds) to show the depth of devotion.
सही वाक्यांश चुनकर निम्नलिखित विधान पूर्ण कीजिए :
Question 1. पशु योनि में जन्म मिलने पर कवि ......
(अ) नंदजी की गाय बनना चाहते हैं।
(ब) नंदजी की गायों के बीच रहकर चरना चाहते हैं।
(क) गोकुल में चरना चाहते हैं।
Answer: (ब) नंदजी की गायों के बीच रहकर चरना चाहते हैं।
In simple words: यदि कवि को पशु का जन्म मिले, तो वह नंद बाबा की गायों के साथ रहना और चरना चाहते हैं।
Exam Tip: Distinguish between simply wanting to be a cow and wanting to be among Nand's specific cows, which highlights the desire for proximity to Krishna.
Question 2. गोपी कृष्ण की मुरली धारण नहीं करेगी, क्योंकि
(अ) गोपी निश्छल प्रेम का विश्वासघात करना नहीं चाहती।
(ब) गोपी को कृष्ण से नफरत हो गई है ।
(क) गोपी को मुरली बजानी आती नहीं है।
Answer: (अ) गोपी निश्छल प्रेम का विश्वासघात करना नहीं चाहती।
In simple words: गोपी श्रीकृष्ण की मुरली इसलिए धारण नहीं करेगी क्योंकि वह अपने सच्चे प्रेम के साथ कोई बेईमानी नहीं करना चाहती।
Exam Tip: Understand that the Gopi's refusal is not due to inability or hatred, but out of pure respect and a desire not to disrespect Krishna's personal belongings.
Question 3. लकुटी लेकर रसखान
(अ) गायें भगाना चाहते है।
(ब) चलना चाहते हैं।
(क) कृष्ण की भाँति वन में भटकते हुए गायें चराना चाहते हैं।
Answer: (क) कृष्ण की भाँति वन में भटकते हुए गायें चराना चाहते हैं।
In simple words: रसखान लाठी लेकर श्रीकृष्ण की तरह जंगल में गायें चराना चाहते हैं।
Exam Tip: The key phrase here is "कृष्ण की भाँति" (like Krishna), which indicates his desire to emulate Krishna's actions.
Question 4. नंद की गायों को वन में ले जाकर चलाने का सौभाग्य मिलने पर रसखान ......
(अ) आकाश, पाताल, मृत्यु तीनों लोकों का राज्य त्याग
(ब) आठों सिद्धियों और नौवों निधियों से प्राप्त सुख को भूला देंगे।
(क) गायें चराना चाहते हैं।
Answer: (ब) आठों सिद्धियों और नौवों निधियों से प्राप्त सुख को भूला देंगे।
In simple words: अगर रसखान को नंद की गायों को जंगल में चराने का अवसर मिले, तो वह आठों सिद्धियों और नौ निधियों से मिलने वाले सुख को भूल जाएंगे।
Exam Tip: This question highlights the poet's immense devotion, showing that the simple act of serving Krishna is more valuable than any supernatural powers or wealth.
सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
Question 1. 1. यमुना किनारे कदंब की डाल पर रसखान ......... के रूप में बसना चाहते हैं। (मृग, पक्षी)
2. गोपी गले में की माला पहनना चाहती है। (गुंजों, मोतियों)
3. कृष्ण ने पर्वत को छत्र की तरह धारण किया था। (गोवर्धन, हिमालय)
4. कालिंदी नदी का दूसरा नाम............ भी है। (गोदावरी, यमुना)
5. नंद का छोरा बजाकर सबको रिझा गया है। (वेणु, शहनाई)
6. रसखान पर्वत का पत्थर बनना चाहता है। (गोवर्धन, हिमालय)
7. गोपी श्रीकृष्ण की तरह अपने सिर पर ............ धारण करना चाहती है। (ताज, मोरपंख)
8. लेकर रसखान वन में भटकते हुए गायें चराना चाहते हैं। (लकुटी / लाठी, चरवाहा)
9. व्रज की स्त्रियाँ की धुन को दीवानी हैं। (मुरली, गीत)
10. नंदजी की गायों के बीच रसखान के रूप में निवास करना चाहते हैं। (चरवाहे, पशु)
Answer:
1. पक्षी
2. गुंजों
3. गोवर्धन
4. यमुना
5. वेणु
6. गोवर्धन
7. मोरपंख
8. लकुटी / लाठी
9. मुरली
10. पशु
In simple words: दिए गए विकल्पों में से सही शब्द चुनकर खाली जगह भरें ताकि वाक्य पूरे हो जाएं।
Exam Tip: Carefully read each sentence and choose the option that best fits the context of the poem and Rasakhan's devotion to Krishna.
निम्नलिखित प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनकर उत्तर लिखिए :
Question 1. सिद्धियों कितनी है?
A. पाँच
B. सात
C. छ:
D. आठ
Answer: D. आठ
In simple words: सिद्धियां संख्या में आठ होती हैं।
Exam Tip: Recall the traditional number of 'siddhis' (supernatural powers) mentioned in yogic philosophy.
Question 2. रसखान पर्वत का पत्थर बनना चाहते हैं।
A. गिरनार
B हिमालय
C. गोवर्धन
D. शैजुजय
Answer: C. गोवर्धन
In simple words: रसखान गोवर्धन पर्वत का पत्थर बनना चाहते हैं।
Exam Tip: Always remember the specific mountain associated with Krishna's Leela, which is Govardhan.
Question 3. यमुना के किनारे ..... का वृक्ष है।
A. कदंब
B. नौम
C. पीपल
D. बरगद
Answer: A. कदंब
In simple words: यमुना नदी के किनारे कदंब का पेड़ है।
Exam Tip: The Kadamb tree is a significant symbol in Krishna's stories, often found by the Yamuna river.
Question 4. गोपी श्रीकृष्ण को.......प्रेम करती है।
A. अनहद
B. निश्चल
C. अपार
D. अविश्वसनीय
Answer: B. निश्चल
In simple words: गोपी श्रीकृष्ण से निश्छल प्रेम करती है, जिसका मतलब है सच्चा और छल-कपट रहित प्यार।
Exam Tip: Understand the nuance of the word 'Nishchal' which denotes pure, selfless, and unwavering love, free from deceit.
Question 5. इद का अर्थ............ भी हैं।
A. पुष्पक
B. पुरंदर
C. पुष्प
D. पर्याप्त
Answer: B. पुरंदर
In simple words: 'इद' का अर्थ 'पुरंदर' भी होता है, जो इंद्र का एक नाम है।
Exam Tip: Be familiar with synonyms and alternative meanings of words used in classical texts, especially names of deities.
Question 6. को रिझाने के लिए गोपी तरह-तरह के स्वांग करना चाहती हैं।
A. श्रीकृष्ण
B. माता यशोदा
C. राधा
D. भक्त
Answer: A. श्रीकृष्ण
In simple words: गोपी श्रीकृष्ण को खुश करने के लिए अलग-अलग तरह के रूप धारण करना चाहती हैं।
Exam Tip: The core theme of the 'Savaiye' is the devotion of the Gopis towards Lord Krishna, so he is the primary subject of their actions.
Question 7. नंद की धेनु चराने में........... सिद्धि तथा....... निधि का सुख प्राप्त होता है।
A. आठ, नव
B. तीन, पांच
C. चार, नौ
D. दो, पाँच
Answer: A. आठ, नव
In simple words: नंद बाबा की गायों को चराने से आठ सिद्धियों और नौ निधियों का सुख मिलता है।
Exam Tip: Remember the specific numbers associated with 'siddhis' (8) and 'nidhis' (9) in the context of spiritual and material blessings.
व्याकरण
निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :
Question 1. 1. नित्य –
2. पशु -
3. गिरि –
4. लकुटी –
5. पाहन –
6. आँख –
7. खग –
8. पुरंदर –
9. अधर –
10. धेनु –
Answer:
1. नित्य – प्रतिदिन
2. पशु – प्राणी
3. गिरि – पर्वत
4. लकुटी – लाठी
5. पाहन – पत्थर
6. आँख – नेत्र
7. खग – पक्षी
8. पुरंदर – इन्द्र
9. अधर – होंठ
10. धेनु – गाय
In simple words: दिए गए शब्दों के समान अर्थ वाले दूसरे शब्द लिखें।
Exam Tip: Build a strong vocabulary of synonyms for common words found in Hindi poetry and literature.
निम्नलिखित शब्दों के विरोधी शब्द लिखिए :
Question 1. 1. गाँव x
2. सुख ×
3. ऊपर ×
4. नित ×
Answer:
1. गाँव x शहर
2. सुख × दुःख
3. ऊपर × नीचे
4. नित × अनित्य
In simple words: दिए गए शब्दों के उल्टे अर्थ वाले शब्द लिखें।
Exam Tip: Practice antonyms by finding words with opposite meanings, which helps in understanding word relationships.
निम्नलिखित शब्दसमूह के लिए एक शब्द लिखिए :
Question 1. 1. यमुना नदी का किनारा
2. गायरूपी धन
3. मुरली धारण करनेवाला
4. मोर के पंख
Answer:
1. कालिंदी-कूल
2. गोधन
3. मुरलीधर
4. मोर-पखा
In simple words: इन वाक्यांशों के लिए एक शब्द में उत्तर दें।
Exam Tip: Learn how to condense a phrase into a single, appropriate word, especially terms commonly used in cultural or religious contexts.
निम्नलिखित शब्दों की भाववाचक संज्ञा लिखिए :
Question 1. 1. पशु -
2. नित्य -
3. सिद्ध -
4. पहनना -
5. समान -
Answer:
1. पशु – पशुता
2. नित्य – नित्यता
3. सिद्ध – सिद्धि
4. पहनना – पहनावा
5. समान - समानता
In simple words: दिए गए शब्दों की भाववाचक संज्ञा (जो भावना या अवस्था दर्शाए) लिखें।
Exam Tip: Understand the concept of abstract nouns (भाववाचक संज्ञा) and how to form them from other types of words.
निम्नलिखित शब्दों की कर्तवाचक संज्ञा लिखिए :
Question 1. 1. निवास -
2. चराना -
3. गाना -
4. बजाना -
5. बाग -
Answer:
1. निवास – निवासी
2. चराना – चरवाहा
3. गाना – गायक
4. बजाना – बजवैया
5. बाग - बागबान
In simple words: दिए गए शब्दों से कार्य करने वाले व्यक्ति या कर्ता का नाम बताने वाली संज्ञा लिखें।
Exam Tip: Learn how to form agent nouns (कर्तवाचक संज्ञा) that identify the doer of an action.
निम्नलिखित समास को पहचानिए :
Question 1. 1. मुरलीधर
2. मोर-पखा
3. रसखान
4. कालिंदीकूल
5. पीतांबर
Answer:
1. तत्पुरुष
2. तत्पुरुष
3. तत्पुरुष
4. तत्पुरुष
5. कर्मधारय
In simple words: दिए गए शब्दों में किस प्रकार का समास है, यह पहचानें।
Exam Tip: Review the different types of Hindi compound words (समास) and their rules for identification.
सवैये Summary in Hindi
विषय-प्रवेश
कवि रसखान के हृदय में श्रीकृष्ण के प्रति अद्भुत आकर्षण और अपार श्रद्धा-भावना है। यहाँ रसखान के चार सर्वये दिए गए हैं, जिनमें यह भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
रसखान कृष्ण की लीलाभूमि और कृष्ण से जुड़ी हर छोटी-बड़ी वस्तु के समीप रहने की कामना करते हैं। श्रीकृष्ण के संपर्क में रहने के लिए वे अपना सर्वस्व त्यागने के लिए तत्पर हैं। वे व्रज में श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं के जादू से अभिभूत है और कृष्ण के प्रति गोपियों के निश्छल एवं पवित्र प्रेम का भाव-भरा वर्णन करते हैं।
कविता का सार :
व्रज में जन्म की कामना : कवि रसखान को व्रज की प्रत्येक वस्तु महान और लुभावनी लगती है। यह भूमि कवि के हृदय में समा चुकी है। किसी भी रूप में क्यों न हो वे हर स्थिति में अपने अगले जन्म में व्रज में ही जन्म लेना चाहते हैं।
समर्पण की भावना : कवि रसखान श्रीकृष्ण के प्रति अपने अद्भुत प्रेम का प्रदर्शन करते हैं। वे ब्रजभूमि के प्रति अत्यधिक आकर्षित हैं और उसकी एक झलक पाने के लिए अपना सारा सुख, सारा वैभव तथा तीनों लोकों की सत्ता त्यागने को तत्पर हैं। वे श्रीकृष्ण के निकट रहने की इच्छा व्यक्त करते हैं।
जन-जन के दिल में : नंदजी का छोरा (बेटा) अपने मनमोहक हाव-भाव से व्रज-वासियों पर लगता है जैसे कोई जादू-टोना कर गया है। उन लोगों के दिलों में वह समा-सा गया है। सारा व्रज उसका दीवाना हो गया है।
पवित्र प्रेम की झलक : व्रज की गोपियाँ श्रीकृष्ण की तरह ही अपने समस्त क्रियाकलाप करने को तत्पर हैं। वे हर तरह का स्वांग करने को तैयार हैं, पर जिस मुरली को श्रीकृष्ण ने अपने होंठों पर रखकर उसकी मधुर तान से सबका मन मोह लिया था, उस मुरली को वे अपने होंठों पर रखने के लिए तैयार नहीं हैं।
कविता का सरल अर्थ :
मानुष हौं तो वही ........ कदंब की डारन।।
कवि रसखान ब्रजभूमि से अभिभूत हैं। वे अगले जन्म में श्रीकृष्ण की जन्मभूमि में जन्म लेने की कामना करते हैं। वे कहते हैं कि यदि उन्हें मनुष्य योनि में जन्म लेने का सौभाग्य मिले, तो वे गोकुल में ही जन्म लें और वहां गांव के ग्वालों के साथ मिलकर निवास करें। वे कहते हैं कि यदि वे पशु योनि में जन्म लें, तो इसमें उनका कोई वश ही नहीं है। तब वे केवल इतना ही चाहेंगे कि प्रति दिन उन्हें नंद की गायों के बीच चरने का मौका मिले। यदि वे पत्थर बनें, तो उसी (गोवर्धन) पहाड़ के पत्थर हों, जिसे श्रीकृष्ण ने इंद्र के कोप के कारण अपने हाथ से छत्र की तरह उठा लिया था। वे कहते हैं कि यदि उन्हें पक्षी बनने का मौका मिले, तो वे गोकुल में अन्य पक्षियों के साथ मिलकर यमुना के किनारे स्थित कदंब वृक्ष के पेड़ों की डालियों पर बसेरा करें।
या लकुटी अरु ........ कुंजन ऊपर वारौं।।
कवि रसखान कहते हैं कि यदि मुझे (श्रीकृष्ण की) वह लाठी और कमली (कंबल) पाने का अवसर मिले, जिन्हें लेकर श्रीकृष्ण गायें चराने जाया करते थे, तो उनके लिए मैं आकाश, पाताल और मृत्यु लोक – तीनों लोकों – का राज्य भी त्याग दूं। वे कहते हैं कि यदि मुझे नंद की गायों को बन में ले जाकर चराने का सौभाग्य मिले, तो उसके बदले में मैं अमूल्य आठों सिद्धियों और नौवों निधियों से प्राप्त होनेवाले सुख को भी भुला दूं। वे कहते हैं कि यदि मुझे कभी अपनी आंखों से ब्रज के वन, वहाँ के बाग-बगीचों और सरोवरों को देखने का
Gujarati Summary:
કવિ રસખાન વ્રજભૂમિ માટે વ્યાકુળ છે. તેઓ બીજા જન્મમાં શ્રીકૃષ્ણની જન્મભૂમિમાં જન્મ લેવાની કામના કરે છે, તેઓ કહે છે કે જો મને મનુયોનિમાં જન્મ પ્રાપ્ત કરવાનું સૌભાગ્ય મળે, તો હું ગોકુળમાં જ જન્મ લઉં અને ત્યાં ગામના ગોવાળિયાઓ સાથે મળી નિવાસ કરું. તેઓ કહે છે કે જો મને પશુયોનિમાં જન્મ મળે, તો એ બાબતમાં અધિકાર નથી. તેઓ ફક્ત એટલું જ ઇચ્છે છે કે પ્રતિદિન તેમને નંદરાજાની ગાયોની વચ્ચે ચરવાનો અવસર મળે. જો તેઓ પથ્થર બને, તો એ જ ગોવર્ધન પર્વતનો પથ્થર બને, જેને શ્રી કષ ઇન્દ્રના કોપને કારણે પોતાના હાથમાં છત્રની જેમ ઉપાડી લીધો હતો. તેઓ કહે છે કે જો તેમને પક્ષી બનવાની તક મળે, તો તેઓ ગોકુળમાં અન્ય પક્ષીઓની સાથે મળીને યમુનાના કિનારે આવેલા કંદબનાં વૃક્ષોની ડાળીઓ પર નિવાસ કરે.
Notes
Eight Siddhis: The eight Siddhis obtained through Yoga are as follows:
- अणिमा
- लधिमा
- प्राप्ति
- प्राकाम्य
- महिमा
- ईशित्व
- वशित्व
Nine Nidhi: (Nine treasures of Kubera)
- पद्य
- महापद्म
- शंख
- मकर
- कच्छप
- मुकुंद
- कुंद
- नील
- खर्व
Glossary:
- मानुष - मनुष्य ।
- मिलि - मिलकर।
- पसु - पशु-जानवर।
- बस - वश।
- चरौं - चरू ।
- धेनु - गाय।
- मैझारन - बीच में, झुंड में।
- पाहन-पत्थर।
- हाँ - होऊ, बनू।
- धयों - उठा लिया था, धारण किया था।
- कर छत्र - हाथों से छत्र की तरह।
- पुरंदर - इंद्र।
- बसेरो - वह स्थान जहाँ पक्षी रात बिताते हैं।
- कालिंदी-कूल - यमुना के किनारे।
- डारन - डालियों पर।
- लकुटी - छोटी लाठी।
- अरु - और ।
- कामरिया - कमली (छोटा कंबल)।
- राज - राज्य।
- तिहूँ पुर - तीनों लोक (आकाश, मृत्यु, पाताल)।
- तजि डारों - छोड़ दूं।
- आठहुँ - आठों।
- चराय - चराकर।
- बिसारौं - भुला दूं।
- कबौं - कब, कभी।
- ब्रज - व्रज।
- तड़ाग - तालाब, सरोवर।
- निहारी - देखें।
- कोटिकहू - करोड़ों।
- कलधौत के धाम - सोने के राजमहल।
- करील - शुष्क प्रदेशों में उगनेवाला केटीला पौधा, जिसमें पत्ते नहीं होते।
- कुंजन - झाड़ियों।
- वारौं - निछावर कर दूं।
- जा - जिस ।
- तै - से।
- छोहरो - लड़का।
- या - इस।
- गयो है - गया है।
- ताननि - तान।
- खेनु - बीन, मुरली।
- रिझाइ - मोहित करना।
- ताही - उसी ।
- घरी - घड़ी, समय।
- सो कै - सा करके।
- हिये - हृदय।
- समाइ गयो - प्रवेश कर गया है।
- कोउ न - कोई।
- काहू की - किसी की।
- कानि - परवाह, लिहाज।
- सिगरो - समस्त।
- बिकाइ गयो - बिक गए।
- मोर-पखा - मोर का पंख।
- राखिहौं - रखूंगी।
- गुंज - धुंघची (एक प्रकार की बेल के लाल रंग के बीज)। माल-माला।
- गरे - गले।
- पहिरोगी - पहनूंगी।
- भावतो - पसंद आएगा।
- वोहि - वही।
- मेरो - मेरे।
- स्वांग भरौंगी - रूप धरूंगी, नकल करूंगी।
- पै - पर, लेकिन।
- अधरान - होंठों पर।
- धरी - रखी हुई।
- अधरा - होंठों पर।
- धराँगी - रमूंगी।
Free study material for Hindi
GSEB Solutions for Class 10 Hindi Chapter 03 सवैये
Accessing Chapter 03 सवैये Solutions
Access structured GSEB textbook solutions for Chapter 03 सवैये. Designed in alignment with the latest academic curriculum for Class 10 Hindi, these answers cover all end-of-chapter exercises to support daily learning and homework completion.
Concept-Driven Answers for Class 10 Hindi
Clear, methodical explanations accompany every challenging problem within the Class 10 Hindi text. Engaging with these detailed answers lays a solid foundation for advanced learning and improves foundational clarity for upcoming assessments.
Maximizing Study Efficiency
These resources act as an effective roadmap for daily homework tasks and independent study. Supplement your review of Chapter 03 सवैये with official sample papers and interactive practice tests available on our platform free of charge.
FAQs
The complete and updated GSEB Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सवैये is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 10 Hindi are as per latest GSEB curriculum.
Yes, our experts have revised the GSEB Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सवैये as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using GSEB language because GSEB marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our GSEB Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सवैये will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 10 Hindi. You can access GSEB Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सवैये in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire GSEB Class 10 Hindi Solutions Chapter 3 सवैये in printable PDF format for offline study on any device.