CBSE Class 11 History Nomadic Empires Hindi Assignment

Class 11 History Practice Assignments: CBSE Class 11 History Nomadic Empires Hindi Assignment

Explore structured practice materials through the CBSE Class 11 History Nomadic Empires Hindi Assignment. Tailored for Class 11 learners, utilizing these History assignments ensures thorough preparation and strengthens foundational knowledge before final CBSE evaluations.

Download Themes In World History Chapter 03 Nomadic Empires Assignment PDF with Solutions

Access the complete assignment PDF for Class 11 History below. Regular practice with these targeted academic tasks builds familiarity with standard question patterns and helps secure higher marks in final school evaluations.

अति लघु प्रश्न (2 अंक वाले)

Question 1. यायावर साम्राज्य से क्या अभिप्राय है?
Answer: यायावर साम्राज्य से तात्पर्य उस विशाल साम्राज्य से है जिसकी स्थापना मध्य एशिया के घुमक्कड़ (यायावर) मंगोलों द्वारा की गई थी। चंगेज खान के नेतृत्व में इन घुमक्कड़ जातियों ने पारमहादपीय साम्राज्य की स्थापना की और एक भयानक सैन्य तंत्र तथा शासन संचालन की प्रभावी पद्धतियों का सूत्रपात किया।
In simple words: घुमक्कड़ मंगोलों द्वारा स्थापित विशाल और संगठित साम्राज्य को यायावर साम्राज्य कहा जाता है।

Exam Tip: 'यायावर' शब्द का अर्थ घुमक्कड़ या खानाबदोश होता है, इसे उत्तर में स्पष्ट करें।

 

Question 2. चंगेज खान को 'समुद्री खान' की उपाधि क्यों दी गई?
Answer: 1206 ई. में कुरिलताई (मंगोल सरदारों की सभा) में चंगेज खान (ारंभिक नाम तेमुजिन) ने अपने सभी प्रमुख शत्रुओं (जैसे जमूका और नेमन लोगों) को निर्णायक रूप से पराजित कर दिया था। वह स्टेपी क्षेत्र का सबसे प्रभावशाली व्यक्ति बन गया, इसलिए उसे 'समुद्री खान' (या 'सार्वभौम शासक') की उपाधि के साथ मंगोलों का महानायक घोषित किया गया।
In simple words: स्टेपी क्षेत्र के सभी शत्रुओं को हराने और सबसे शक्तिशाली बनने के कारण तेमुजिन को चंगेज खान यानी 'समुद्री खान' की उपाधि मिली।

Exam Tip: वर्ष 1206 और कुरिलताई सभा का उल्लेख करना अनिवार्य है।

 

Question 3. विजित प्रदेशों के लोगों को यायावर शासकों से लगाव नहीं था। क्यों? कारण बताइए।
Answer: विजित प्रदेशों के लोगों को यायावर शासकों से लगाव न होने के निम्नलिखित प्रमुख कारण थे:
1. युद्धों के दौरान नगरों को पूरी तरह नष्ट कर देना।
2. उपजाऊ कृषि भूमि को भारी हानि पहुँचाना।
3. व्यापार और बाजारों का छिन्न-भिन्न होना।
4. व्यापक स्तर पर नरसंहार करना और नगरवासियों की निर्मम हत्याएँ करना।
In simple words: मंगोल आक्रमणकारियों द्वारा नगरों को उजाड़ने, नरसंहार करने और कृषि को नष्ट करने के कारण लोग उनसे नफरत करते थे।

Exam Tip: कम से कम तीन नकारात्मक प्रभाव (जैसे नरसंहार, कृषि विनाश) जरूर लिखें।

 

Question 4. गजन खान द्वारा कृषकों का पक्ष लेने के क्या कारण थे?
Answer: गजन खान के विचार से कृषकों का पक्ष लेने और उनकी रक्षा करने के निम्नलिखित कारण थे:
1. कृषकों से बैल और अनाज छीनने तथा फसलें नष्ट कर देने से भविष्य में अनाज की प्राप्ति नहीं होगी।
2. एक आज्ञाकारी कृषक वर्ग विद्रोही कृषक वर्ग की तुलना में शासन के लिए कहीं अधिक बेहतर होता है।
3. कृषकों को लगातार प्रताड़ित करने की बजाय उनकी आर्थिक सुरक्षा पर जोर देना साम्राज्य के हित में था।
In simple words: गजन खान समझता था कि किसानों को बचाने से राज्य को लगातार कर और अनाज मिलता रहेगा।

Exam Tip: गजन खान की दूरदर्शिता और आर्थिक नीति पर आधारित यह मुख्य बिंदु है।

 

Question 5. स्टेपी वासियों के इतिहास के विषय में हमें किन स्रोतों से जानकारी प्राप्त होती है?
Answer: स्टेपी वासियों और मंगोलों के इतिहास की जानकारी निम्नलिखित प्रमुख स्रोतों से मिलती है:
1. ब,कालीन इतिवृत्त (Chronicles)
2. यात्रा वृत्तांत (Travelogues)
3. नगरीय साहित्यकारों के दस्तावेज
4. चीनी, मंगोली, फारसी और अरबी भाषा में उपलब्ध कुछ निर्णायक ऐतिहासिक स्रोत।
In simple words: यात्रा वृत्तांतों, इतिवृत्तों और फारसी-चीनी दस्तावेजों से मंगोल इतिहास की जानकारी मिलती है।

Exam Link: स्रोतों के नाम (इतिवृत्त, यात्रा वृत्तांत) बहुविकल्पीय प्रश्नों में भी पूछे जाते हैं।

 

Question 6. मंगोलों के लिए व्यापार क्यों महत्वपूर्ण था?
Answer: मंगोलों के लिए व्यापार महत्वपूर्ण होने के निम्नलिखित कारण थे:
1. स्टेपी प्रदेश में संसाधनों की भारी कमी थी।
2. चारण क्षेत्र में सीमित अवधि में कृषि करना असंभव था।
3. मंगोलों को अपनी दैनिक आवश्यकताओं (जैसे कृषि उत्पाद और लोहे के उपकरण) के लिए पड़ोसी देश चीन पर निर्भर रहना पड़ता था, जहाँ वे शिकार किए गए पशु, घोड़े और फर के बदले ये वस्तुएँ प्राप्त करते थे।
In simple words: स्टेपी क्षेत्र में उपजाऊ भूमि और संसाधनों की कमी के कारण मंगोलों को चीन से व्यापार करना पड़ता था।

Exam Tip: वस्तु-विनิมय (Barter system) और चीन के साथ व्यापार का संबंध स्पष्ट करें।

 

Question 7. चीनी शासकों ने 'महान दीवार' का निर्माण क्यों करवाया था?
Answer: यायावर कबीले और स्टेपी के घुमक्कड़ बार-बार चीन की सीमा पर आक्रमण करते थे और वहाँ के समृद्ध नगरों को लूट लेते थे। इस प्रकार के निरंतर विदेशी आक्रमणों और लूटपाट से चीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चीनी शासकों ने प्रसिद्ध 'महान दीवार' (Great Wall of China) का निर्माण करवाया था।
In simple words: यायावर कबीलों के बार-बार होने वाले हमलों से बचने के लिए चीन के राजाओं ने महान दीवार बनवाई थी।

Exam Tip: यायावर आक्रमणों से सुरक्षा ही इसका मुख्य उद्देश्य था।

 

लघु प्रश्न (5 अंक वाले)

Question 8. मंगोलों के इतिहास पर विश्वास न करने के क्या कारण हैं?
Answer: मंगोलों के इतिहास पर पूरी तरह विश्वास न करने या उसके अध्ययन में कठिनाई आने के निम्नलिखित कारण हैं:
1. मंगोलों का अपना कोई लिखित एवं स्व-रचित इतिहास प्रारंभिक काल में उपलब्ध नहीं था।
2. हमारे पास जो भी जानकारी उपलब्ध है, वह मुख्य रूप से बाहरी इतिवृत्तों, यात्रा वृत्तांतों और नगरीय साहित्यकारों के दस्तावेजों पर आधारित है।
3. इन लेखकों द्वारा मंगोलों के जीवन का वर्णन अक्सर पक्षपातपूर्ण रहा है।
4. अनेक लेखक मंगोल आश्रयदाताओं पर निर्भर थे, इसलिए उनका वर्णन या तो अत्यधिक भयभीत था या सहानुभूतिपूर्ण।
5. नगरीय लेखकों ने मंगोलों को केवल खूंखार लुटेरा और नरसंहार करने वाला करार दिया, जिससे उनके समाज का वास्तविक स्वरूप छिप गया।
In simple words: मंगोलों ने खुद इतिहास नहीं लिखा; जो इतिहास उपलब्ध है वह उनके शत्रुओं या डरे हुए नगरीय लेखकों द्वारा लिखा गया है।

Exam Tip: स्रोत कीपक्षपातपूर्ण प्रकृति (Urban writers vs. Nomads) की आलोचनात्मक व्याख्या करें।

 

Question 9. मंगोलों की सामाजिक स्थिति का उल्लेख कीजिए।
Answer: मंगोलों की सामाजिक स्थिति की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित थीं:
1. मंगोल विभिन्न जातियों और समुदायों का एक निकाय थे जिनमें तातार, खिर्तु, मंचू और तुर्की कबीले शामिल थे।
2. वे मुख्य रूप से पशुपालक और शिकारी-संग्राहक थे जो घोड़ों, भेड़ों और ऊँटों को पालते थे।
3. पशुपालक मध्य एशिया के घास के मैदानों में रहते थे जहाँ छोटे-छोटे शिकार उपलब्ध थे।
4. शिकारी-संग्राहक साइबेरियाई वनों में रहते थे और पशुपालकों की तुलना में अपेक्षाकृत गरीब होते थे।
5. वे अपनी सुरक्षा और आक्रमण के लिए परिवारों तथा कुलों के परिसंघ (Confederacy) बना लेते थे और पशुधन के लिए अक्सरस आपस में लड़ते थे।
In simple words: मंगोल खानाबदोश पशुपालक और शिकारी थे जो कबीलों में रहते थे और घोड़ों-भेड़ों को पालते थे।

Exam Tip: पशुपालक और शिकारी-संग्राहक समूहों के बीच का अंतर स्पष्ट करें।

 

Question 10. मंगोलों के सैनिक प्रबंधन का वर्णन कीजिए।
Answer: चंगेज खान के अधीन मंगोलों का सैनिक प्रबंधन अत्यधिक अनुशासित और उन्नत था:
1. प्रत्येक स्वस्थ, वयस्क मंगोल नागरिक अनिवार्य रूप से हथियारबंद सैनिक होता था।
2. चंगेज खान की सेना में विभिन्न जातियों के सदस्य संगठित थे, जिसमें तुर्की मूल के लोग और केरजाइट भी शामिल थे।
3. सेना का संगठन स्टेपी क्षेत्र की पुरानी दशमलव प्रणाली (Decimal system) के आधार पर किया गया था।
4. जनजातीय समूहों को विभाजित करके नई सैन्य इकाइयों (जैसे 10, 100, 1000 और 10,000 सैनिकों की टुकड़ियाँ) में विभक्त किया गया।
5. सबसे बड़ी इकाई 'तुमेन' लगभग 10,000 सैनिकों की होती थी।
In simple words: मंगोल सेना दशमलव प्रणाली पर आधारित थी, जिसमें हर वयस्क व्यक्ति सैनिक होता था और सबसे बड़ी टुकड़ी 10,000 सैनिकों की होती थी।

Exam Tip: दशमलव प्रणाली (Decimal system) और 10,000 सैनिकों की इकाई (तुमेन) का उल्लेख अवश्य करें।

 

Question 11. चंगेज खान और मंगोलों का विश्व इतिहास में क्या स्थान है? मूल्यांकन कीजिए।
Answer: विश्व इतिहास में चंगेज खान और मंगोलों का स्थान दोहरे रूप में देखा जाता है:
1. नकारात्मक रूप: उन्हें एक क्रूर विजेता, नगरों को ध्वस्त करने वाला और लाखों लोगों की मृत्यु के लिए उत्तरदायी माना जाता है, जिससे उनकी छवि एक विध्वंसक के रूप में बनती है।
2. सकारात्मक रूप: मंगोलों ने एक विशाल पारमहादपीय साम्राज्य की स्थापना की, कबीलाई लड़ाइयों को समाप्त किया, चीन के शोषण से मुक्ति दिलाई, तथा व्यापार मार्गों और बाजारों को पुनर्जीवित किया।
3. उनका शासन बहु-जातीय, बहु-भाषी और बहु-धार्मिक था। चंगेज खान को एक महान राष्ट्रनायक और संगठक के रूप में भी याद किया जाता है।
In simple words: इतिहास में चंगेज खान को एक तरफ क्रूर विध्वंसक तो दूसरी तरफ दुनिया को जोड़ने वाले महान साम्राज्य निर्माता के रूप में देखा जाता है।

Exam Tip: मूल्यांकन में नकारात्मक (संहार) और सकारात्मक (व्यापार, सुरक्षा) दोनों पहलुओं का संतुलित उत्तर दें।

 

दीर्घ प्रश्न (10 अंक वाले)

Question 12. चंगेज खान की सैन्य उपलब्धियों का वर्णन कीजिए। उसकी सफलता के क्या कारण थे?
Answer: चंगेज खान की सैन्य उपलब्धियाँ अत्यंत विस्मित करने वाली थीं। उसने स्टेपी क्षेत्र की पारंपरिक युद्ध शैली को पूरी तरह सुधार कर एक आधुनिक और प्रभावी रणनीति में बदल दिया। उसकी सैन्य सफलता के प्रमुख कारण निम्नलिखित थे:
1. कुशल घुड़सवारी और तीरंदाजी: मंगोल सैनिक घोड़े पर सवार होकर सटीक तीरंदाजी करने में अद्वितीय थे, जिससे सेना की गति बहुत तेज हो गई थी।
2. कठोर अनुशासन: चंगेज खान ने मंगोलों को एक सशक्त और अनुशासित सैन्य शक्ति के रूप में पुनर्गठित किया।
3. भौगोलिक ज्ञान: स्टेपी और आसपास के भूभागों तथा मौसम की गहरी जानकारी के कारण वे अत्यंत प्रभावी थे।
4. शीतकालीन आक्रमण: घोर शीत ऋतु में आक्रमण करने के लिए वे बर्फ से जमी हुई नदियों को राजमार्गों की तरह प्रयोग करते थे।
5. उन्नत तकनीक: अभियानों के दौरान घेराबंदी यंत्र (Siege engines), नेफ्था बमबारी (Naptha bombardment) और हल्के चल-उपस्करों (Portable equipment) का सफल प्रयोग किया गया।
6. द्रुत गति की हरकारा पद्धति (Yam): दूर-दराज के क्षेत्रों से संपर्क रखने के लिए तेज संदेशवाहक प्रणाली स्थापित की गई।
In simple words: घुड़सवारी, तीरंदाजी, कठोर अनुशासन, अत्याधुनिक घेराबंदी यंत्र और तीव्र संदेश प्रणाली चंगेज खान की सैन्य सफलता के मुख्य आधार थे।

Exam Tip: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न में सैन्य तकनीक (घेराबंदी यंत्र, हरकारा पद्धति) के बिंदुओं को विस्तार से लिखें।

 

Question 13. 'यास' क्या था? इसके अर्थ में परिवर्तन आने के क्या कारण थे? यास के महत्व की विवेचना कीजिए।
Answer: 'यास' का प्रारंभिक स्वरूप 'यसाक' (Yasak) था, जिसे चंगेज खान ने 1206 ई. में कुरिलताई की सभा में लागू किया था। इसका शाब्दिक अर्थ था विधि, आज्ञाप्ति और आदेश। इसमें प्रशासनिक विनियम शामिल थे जैसे आखेट (शिकार), सैन्य और डाक प्रणाली का संगठन।
अर्थ में परिवर्तन के कारण:
1. 13वीं शताब्दी के मध्य तक मंगोलों द्वारा एक विस्तृत एकीकृत साम्राज्य का गठन हो चुका था।
2. जटिल शहरी समाजों पर शासन करते समय मंगोल संख्या में बहुत अल्प थे, इसलिए उन्होंने अपनी पहचान और विशिष्टता की रक्षा के लिए 'यास' को विधि संहिता के रूप में अपनाया।
3. इसे चंगेज खान के पूर्वजों की विधि संहिता कहकर प्रजा पर लागू करवाया गया ताकि मंगोलों में एकता बनी रहे और विजित समाजों पर नियंत्रण रखा जा सके।
यास का महत्व:
यह चंगेज खान की कल्पना शक्ति से प्रेरित था और विश्वव्यापी मंगोल राज्य की संरचना तथा विभिन्न जातियों के लोगों को एकजुट रखने में अत्यंत सहायक सिद्ध हुआ।
In simple words: 'यास' चंगेज खान द्वारा बनाया गया कानूनों का संग्रह था, जिसका उपयोग मंगोलों ने विशाल साम्राज्य पर नियंत्रण रखने और अपनी पहचान बचाने के लिए किया।

Exam Tip: यास के मूल अर्थ (विधि/आदेश) से लेकर साम्राज्य विस्तार के बाद इसके प्रतीक बनने की पूरी विकास यात्रा समझाइए।

 

अनुच्छेद पर आधारित प्रश्न - मंगोलों द्वारा किए गए विनाश का आकलन

Question 1. उपर्युक्त वृत्तांत से क्या निष्कर्ष निकलता है?
Answer: उपर्युक्त वृत्तांत से यह निष्कर्ष निकलता है कि चंगेज खान और मंगोलों के अभियानों के दौरान जिन नगरों ने उनका प्रभुत्व स्वीकार नहीं किया, वहाँ बड़े पैमाने पर भीषण नरसंहार किया गया और लाखों लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया।
In simple words: मंगोलों का विरोध करने वाले नगरों और वहाँ के नागरिकों का बड़े पैमाने पर संहार किया गया।

Exam Tip: गद्यांश के तथ्यों (निशापुर, हिरार, बगदाद के नरसंहार) के आधार पर उत्तर दें।

 

Question 2. भारत के इतिहास में ऐसे आक्रमणकारी का नाम बताइए।
Answer: भारत के इतिहास में तैमूरलंग या चंगेज खान के वंशजों (जैसे मंगोल आक्रमणकारी) अथवा नादिर शाह जैसे आक्रमणकारियों का उल्लेख किया जा सकता है जो इसी प्रकार के भारी विनाश के लिए जाने जाते हैं।
In simple words: तैमूरलंग या चंगेज खान जैसे आक्रमणकारी भारत के इतिहास में भी भारी विनाश के लिए जाने जाते हैं।

Exam Tip: भारत के इतिहास से तुलनात्मक रूप से तैमूर या मंगोल आक्रांताओं का नाम लिखा जा सकता है।

 

Question 3. मध्यकालीन इतिवृत्तकारों ने मृतकों की संख्या का अनुमान कैसे लगाया?
Answer: मध्यकालीन फारसी इतिवृत्तकार जुवैनी ने मृतकों की संख्या का अनुमान इस प्रकार लगाया कि उसने मार्च के महीने में 13,00,000 लोगों के वध का आकलन यह मानकर किया कि लगातार तेरह दिनों तक प्रतिदिन 1,00,000 शव गिने जाते थे।
In simple words: इतिहासकारों ने प्रतिदिन गिने जाने वाले शवों (जैसे 1,00,000 प्रतिदिन) के आधार पर कुल मृतकों की संख्या का अनुमान लगाया।

Exam Tip: जुवैनी के विवरण और प्रतिदिन 1 लाख शवों की गिनती का उल्लेख करें।

 

Question 4. वर्तमान मंगोलिया में चंगेज खान का क्या स्थान है?
Answer: वर्तमान मंगोलिया में चंगेज खान को एक महान राष्ट्रनायक, देश के एकीकरणकर्ता और आराध्य व्यक्ति के रूप में सर्वोच्च सम्मान प्राप्त है। आज मंगोलिया एक स्वतंत्र राष्ट्र है और वहाँ चंगेज खान को मंगोल पहचान के सबसे बड़े प्रतीक के रूप में माना जाता है।
In simple words: आज मंगोलिया में चंगेज खान को देश का निर्माता और सबसे बड़ा राष्ट्रीय नायक माना जाता है।

Exam Tip: आधुनिक मंगोलियाई राष्ट्रवाद में चंगेज खान की केंद्रीय भूमिका को स्पष्ट करें।

 

बुखारा पर कब्जा

Question 1. चंगेज खान ने बुखारा पर कब विजय प्राप्त की?
Answer: चंगेज खान ने 1220 ईस्वी में बुखारा पर विजय प्राप्त की थी।
In simple words: चंगेज खान ने बुखारा को 1220 ई. में जीता था।

Exam Tip: वर्ष 1220 ईस्वी को सटीक रूप से याद रखें।

 

Question 2. जुवैनी कौन था?
Answer: जुवैनी तेरहवीं शताब्दी के ईरान के मंगोल शासकों के दरबार का एक प्रसिद्ध फारसी इतिवृत्तकार (इतिहासकार) था, जिसने मंगोलों की विजय और अभियानों का विस्तृत विवरण लिखा है।
In simple words: जुवैनी एक फारसी इतिहासकार था जिसने मंगोलों के इतिहास का वर्णन किया है।

Exam Tip: फारसी इतिवृत्तकार के रूप में जुवैनी की पहचान लिखें।

 

Question 3. चंगेज खान के बुखारा पर आक्रमण करने के क्या कारण थे?
Answer: बुखारा या ख्वारिज्म साम्राज्य द्वारा मंगोल व्यापारियों या दूतों की हत्या किया जाना तथा मंगोल आधिपत्य को स्वीकार करने से मना करना बुखारा पर आक्रमण करने के प्रमुख कारण थे।
In simple words: मंगोल सत्ता को न मानने और विरोध करने के कारण बुखारा पर आक्रमण किया गया।

Exam Tip: राजनीतिक विरोध और आधिपत्य स्वीकार न करना मुख्य कारण था।

 

Question 4. इस गद्यांश के आधार पर मंगोलों की युद्ध पद्धति क्या थी?
Answer: इस गद्यांश के आधार पर मंगोलों की युद्ध पद्धति यह थी कि वे विरोधी नगरों पर आक्रमण करके उनकी रक्षा दीवारों को ध्वस्त कर देते थे, नगरों को जला देते थे, लोगों का वध करते थे, सब कुछ लूट लेते थे और अंततः नगर को पूरी तरह तबाह कर देते थे।
In simple words: मंगोल आक्रमण करके नगरों को जला देते थे, दीवारें गिरा देते थे और भारी लूटपाट करते थे।

Exam Tip: विध्वंस, नरसंहार और नगरों को जलाने की नीति का वर्णन करें।

 

यासं (अतिरिक्त अनुच्छेद आधारित प्रश्न)

Question 1. चंगेज खान ने कब तथा किन मुसलमानों को उत्सव मैदान में एकत्रित कर उनकी भर्त्सना की?
Answer: चंगेज खान ने 1220 ईस्वी में बुखारा पर विजय प्राप्त करने के तुरंत बाद वहाँ के अमीर मुसलमान निवासियों को 'उत्सव मैदान' में एकत्रित किया और उनके पापों के लिए उनकी कड़ी भर्त्सना की।
In simple words: 1220 ई. में बुखारा जीतने के बाद चंगेज खान ने अमीर मुसलमानों को मैदान में बुलाकर खरी-खोटी सुनाई।

Exam Tip: घटना का वर्ष (1220 ई.) और स्थान (उत्सव मैदान) स्पष्ट करें।

 

Question 2. चंगेज खान ने मुसलमानों को पापी क्यों कहा?
Answer: चंगेज खान ने यह कहकर उन्हें पापी ठहराया कि उन्होंने बहुत से पाप किए हैं और यदि उन्होंने पाप न किए होते, तो ईश्वर उन्हें दंड देने के लिए चंगेज खान को उनके पास न भेजता।
In simple words: चंगेज खान खुद को ईश्वर का दंड मानता था और उसने अमीरों को उनके पापों की सजा दी।

Exam Tip: चंगेज खान के इस कथन "मैं ईश्वर का दंड हूँ" का संदर्भ दें।

 

Question 3. हफीज-ए-तानीश ने अब्दुल्ला खान के बारे में क्या टिप्पणी की?
Answer: हफीज-ए-तानीश ने अपनी टिप्पणी में लिखा कि जब अब्दुल्ला खान (चंगेज खान के वंशज) बुखारा के उसी उत्सव मैदान में छुट्टी की नमाज अदा करने गया, तो यह चंगेज खान के 'यास' (नियमों) के अनुसार था।
In simple words: इतिहासकार ने लिखा कि अब्दुल्ला खान का उत्सव मैदान में नमाज पढ़ना चंगेज खान के यास के नियमों के अनुकूल था।

Exam Tip: इतिहासकार हफीज-ए-तानीश और अब्दुल्ला खान की नमाज का प्रसंग लिखें।

 

Question 4. यास से क्या अभिप्राय है? इसका प्रचलन अब और किसने किया?
Answer: 'यास' से तात्पर्य चंगेज खान द्वारा बनाई गई उस विधि संहिता से है जिसमें प्रशासनिक, सैन्य और सामाजिक नियम तय किए गए थे। इसका बाद के तुर्की-मंगोल शासकों तथा उनके वंशजों द्वारा भी अपने शासन में पालन और प्रचलन किया गया।
In simple words: यास चंगेज खान की कानूनी संहिता थी जिसे बाद के शासकों ने भी अपनाया।

Exam Tip: यास के अर्थ और उसके उत्तरवर्ती उपयोग को संक्षेप में स्पष्ट करें।

 

मानचित्र कार्य (Map Work)

Question 1. दिए गए मानचित्र में मंगोल साम्राज्य के पाँच स्थानों (1 से 5) को पहचानकर उनके नाम लिखिए।
Answer: मंगोल साम्राज्य के मानचित्र में दर्शाए जाने वाले प्रमुख स्थान निम्नलिखित हैं:
1. Karakorum (काराकोरम)
2. Bukhara (बुखारा)
3. Samarkand (समरकंद)
4. Baghdad (बगदाद)
5. Nishapur (निशापुर)
In simple words: मानचित्र में दिए गए अंक काराकोरम, बुखारा, समरकंद, बगदाद और निशापुर जैसे ऐतिहासिक नगरों को दर्शाते हैं।

Exam Tip: मानचित्र आधारित प्रश्नों में मध्य एशिया के प्रमुख शहरों की स्थिति का अभ्यास अवश्य करें।

 

Download Practice Assignments: Class 11 History Themes In World History Chapter 03 Nomadic Empires

Chapter Practice Questions for Class 11 History

Explore reliable practice questions for Themes In World History Chapter 03 Nomadic Empires tailored for Class 11 learners. Use these structured worksheets to evaluate preparedness and strengthen core problem-solving skills.

Maximize Exam Scores with Chapter Practice Sets

  • Exam Alignment: Questions strictly follow contemporary CBSE sample papers and grading schemes.
  • Comprehensive Coverage: Features objective drills, case studies, and structured descriptive problems for Themes In World History Chapter 03 Nomadic Empires.
  • Pacing & Precision: Regular problem-solving builds critical calculation speed and test-taking accuracy.

Effective Strategy for Class 11 History Assignments

  1. Concept Foundation: Review the NCERT book for Class 11 History thoroughly before diving into assignment tasks.
  2. Self-Evaluation: Solve exercises independently before inspecting professional answer guides.
  3. Progress Monitoring: Note down complex formulas or concepts, clearing them up using available online practice aids.

FAQs

Where can I download the latest CBSE Class 11 History Themes In World History Chapter 03 Nomadic Empires assignments?

You can download free PDF assignments for Class 11 History Themes In World History Chapter 03 Nomadic Empires from StudiesToday.com. These practice sheets have been updated for the 2026-27 session covering all concepts from latest NCERT textbook.

Do these History Themes In World History Chapter 03 Nomadic Empires assignments include solved questions?

Yes, our teachers have given solutions for all questions in the Class 11 History Themes In World History Chapter 03 Nomadic Empires assignments. This will help you to understand step-by-step methodology to get full marks in school tests and exams.

Are the assignments for Class 11 History Themes In World History Chapter 03 Nomadic Empires based on the 2026 exam pattern?

Yes. These assignments are designed as per the latest CBSE syllabus for 2026. We have included huge variety of question formats such as MCQs, Case-study based questions and important diagram-based problems found in Themes In World History Chapter 03 Nomadic Empires.

How can practicing Themes In World History Chapter 03 Nomadic Empires assignments help in History preparation?

Practicing topicw wise assignments will help Class 11 students understand every sub-topic of Themes In World History Chapter 03 Nomadic Empires. Daily practice will improve speed, accuracy and answering competency-based questions.

Can I download History Themes In World History Chapter 03 Nomadic Empires assignments for free on mobile?

Yes, all printable assignments for Class 11 History Themes In World History Chapter 03 Nomadic Empires are available for free download in mobile-friendly PDF format.