UP Board Solutions Class 9 Home Science Chapter 11 Vyaktigat sajja uchit veshbhusha

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Detailed Chapter 11 व्यक्तिगत् सज्जा उचित् वेषभूषा UP Board Solutions for Class 9 Home Science

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Class 9 Home Science Chapter 11 व्यक्तिगत् सज्जा उचित् वेषभूषा UP Board Solutions PDF

UP Board Solutions For Class 9 Home Science Chapter 11 व्यक्तिगत सज्जा : उचित वेशभूषा

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विस्तृत उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. व्यक्तिगत सज्जा से क्या तात्पर्य है? व्यक्तिगत सज्जा हेतु वस्त्रों का चयन करते समय आप किन-किन मुख्य बातों का ध्यान रखेंगी?
या
व्यक्तिगत सज्जा और वेशभूषा में वस्त्रों का क्या स्थान है? किसी व्यक्ति के लिए वस्त्रों के चयन में कौन-सी सावधानियाँ अपेक्षित हैं?

Answer: उपयुक्त वेशभूषा व्यक्तिगत सज्जा का मूल आधार है। सुन्दर एवं उपयुक्त वस्त्रों से मनुष्य का बाहरी व्यक्तित्व आकर्षक हो जाता है, आत्मविश्वास में वृद्धि होती है एवं इससे मनुष्य को मानसिक प्रसन्नता होती है। उपयुक्त वस्त्र आयु, लिंग, व्यवसाय, अवसर एवं ऋतुओं के अनुकूल होते हैं। ये मनुष्य को शारीरिक सुख एवं आराम प्रदान करने के साथ-साथ उसके रहन-सहन के स्तर के भी परिचायक होते हैं। अतः संक्षेप में हम कह सकते हैं कि व्यक्तिगत सज्जा व्यक्ति-विशेष के मानसिक, आर्थिक, सामाजिक, अवसर के अनुकूल एवं रहन-सहन के अपेक्षित स्तर को बनाए रखने व प्रदर्शित करने की प्रभावशाली विधि है।
व्यक्तिगत सज्जा का अर्थ उपर्युक्त सामान्य परिचय के आधार पर व्यक्तिगत सज्जा का अर्थ स्पष्ट किया जा सकता है। वास्तव में, व्यक्ति के बाहरी व्यक्तित्व को निखारने एवं आकर्षक बनाने के लिए व्यक्ति द्वारा अपनाए जाने वाले समस्त उपायों एवं साधनों को ही सम्मिलित रूप से व्यक्तिगत सज्जा कहा जाता है। व्यक्तिगत सज्जा के माध्यम से व्यक्ति अपने शरीर अर्थात् व्यक्तित्व के प्रकट रूप को अधिक-से-अधिक आकर्षक, निखरा हुआ तथा प्रभावशाली बनाने का प्रयास करते हैं। व्यक्तिगत सज्जा का मुख्यतम साधन वेशभूषा है। उत्तम वेशभूषा द्वारा व्यक्तिगत सज्जा में विशेष योगदान प्राप्त होता है। वेशभूषा के अतिरिक्त व्यक्ति द्वारा किया जाने वाला श्रृंगार, बाल सँवारने का ढंग, बातचीत करने का ढंग, उठने-बैठने का ढंग तथा व्यक्ति के हाव-भाव व्यक्तिगत सज्जा के महत्त्वपूर्ण कारक हैं। इन सभी कारकों के प्रति जागरूक व्यक्ति निश्चित रूप से उत्तम व्यक्तिगत सज्जा को प्रदर्शित कर सकता है तथा समाज में आकर्षण का केन्द्र बन सकता है।
वस्त्रों का चयन करते समय ध्यान रखने योग्य बातें वस्त्र केवल तन ढकने का ही कार्य नहीं करते वरन् व्यक्ति-विशेष के बाहरी व्यक्तित्व को आकर्षक एवं प्रभावशाली बनाने में भी महत्त्वपूर्ण योगदान देते हैं। अतः उपयुक्त वस्त्रों का चयन करते समय उनकी निम्नवर्णित विशेषताओं को दृष्टिगत रखना चाहिए
(1) आकर्षक एवं आरामदायक वस्त्र-वस्त्रों का चयन करते समय देखें कि
(क) वस्त्र सही फिटिंग अथवा शारीरिक माप वाले एवं सुन्दर होने चाहिए,
(ख) वस्त्र न तो बहुत पुराने और न ही आधुनिकतम चलन के हों,
(ग) रंगों का चयन अवसर, व्यवसाय एवं आयु के अनुरूप हो,
(घ) चयन का आधार किसी की नकल के अनुसार न होकर अपने कद-काठी व रुचि के अनुसार होना चाहिए।
उपर्युक्त नियमों के अनुरूप चयनित वस्त्र देखने में अच्छे लगते हैं, आरामदायक होते हैं एवं व्यक्ति-विशेष की सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि करते हैं।
(2) ऋतुओं के अनुकूल वस्त्र: विभिन्न ऋतुओं में प्रायः उनके अनुकूल ही वस्त्र पहनने चाहिए; जैसे कि ग्रीष्म ऋतु में सूती एवं शरद ऋतु में ऊनी वस्त्र ही आरामदायक रहते हैं। सूती वस्त्र शरीर से निकलने वाले पसीने को सोखकर ठण्डेपन का आभास कराते हैं, जबकि ऊनी वस्त्र शीत ऋतु में शारीरिक ऊष्मा को अन्दर ही रोककर शरीर को गर्म रखते हैं।
(3) अवसरानुकूल वस्त्रः घर में सामान्यतः सूती वस्त्र पहनने में हर प्रकार की सुविधा रहती है, परन्तु विशिष्ट अवसरों (विवाह, जन्मदिन व अन्य महत्त्वपूर्ण उत्सव आदि) पर मूल्यवान् व सुन्दर वस्त्र पहनना सामाजिक प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए आवश्यक है; जैसे कि विवाह अथवा जन्मदिन के अवसर पर जरीदार बनारसी साड़ियाँ, रेशमी व कृत्रिम तन्तुओं से निर्मित सुन्दर व आधुनिक फैशन के वस्त्र पहनने से एकत्रित जनसमूह के मध्य सम्मान एवं प्रशंसा प्राप्त होती है।
(4) मजबूत व टिकाऊ वस्त्रः प्रायः पक्के रंगों के मजबूत व टिकाऊ वस्त्र खरीदने राहिए। उदाहरण के लिए टेरीकॉट, नायलॉन, टेरीलीन आदि वस्त्र सूती व रेशमी वस्त्रों से अधिक मजबूत व टिकाऊ होते हैं। अतः इनका यथासम्भव अधिक उपयोग आर्थिक दृष्टि से लाभदायक रहता है।
(5) सरलता से धुलने वाले वस्त्रः सामान्यतः कृत्रिम तन्तुओं से निर्मित वस्त्रों को धोना सरल होता है, क्योंकि ये न तो सिकुड़ते हैं और न ही सूखने में अधिक समय लेते हैं। मोटे सूती वस्त्रों को धोने में अधिक श्रम की आवश्यकता होती है तथा इन पर लगे दाग व धब्बे भी सहज ही दूर नहीं होते । मूल्यवान ऊनी, रेशमी व जरीदार वस्त्रों की धुलाई कठिन व महँगी होने के कारण इन्हें सावधानीपूर्वक विशिष्ट अवसरों पर ही उपयोग में लाना चाहिए।
(6) सिकुड़न व सिलवट मुक्त वस्त्रः वस्त्र खरीदते समय यह अवश्य ध्यान रखें कि धुलाई का उस पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। एक उपयोगी वस्त्र न तो धोने पर सिकुड़ना चाहिए और न ही उसमें अनावश्यक सिलवटें पड़नी चाहिए। उदाहरणार्थ टेरीकॉट, टेरीलीन, रेयॉन इत्यादि वस्त्र । इन वस्त्रों पर इस्तरी (प्रेस) करने के श्रम की भी पर्याप्त बचत होती है।
(7) आर्थिक क्षमता के अनुरूप वस्त्रः वस्त्र खरीदते समय पारिवारिक बजट का विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि ऐसा न करने पर प्रायः मानसिक क्लेश उत्पन्न होता है तथा पारिवारिक अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होती है। अतः सामान्यतः अपनी आर्थिक क्षमता के अनुरूप वस्त्रों को खरीदना ही विवेकपूर्ण रहता है।
In simple words: Personal grooming, especially appropriate clothing, enhances outward personality, boosts self-confidence, and brings mental satisfaction. Clothes should suit age, gender, occupation, occasion, and season, reflecting one's economic and social status effectively.

🎯 Exam Tip: Focus on listing specific clothing characteristics and selection factors (e.g., seasonal, occasion-based, durability, economic) for comprehensive marks.

 

Question 2. वस्त्रों के चयन के मुख्य आधार कौन-कौन से हैं? समझाइए ।
या
शारीरिक विशेषताओं, आयु एवं लिंग के अनुसार वस्त्रों का चयन आप किस प्रकार करेंगी?

Answer: मनुष्य के दैनिक जीवन के लिए उपयुक्त वस्त्रों का अत्यधिक महत्त्व है। उपयुक्त वस्त्रों को चयन कोई सरल कार्य नहीं है। इसके लिए व्यक्ति विशेष की आर्थिक, सामाजिक, मानसिक, आयु वर्ग एवं व्यवसाय सम्बन्धी परिस्थितियों का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। उपर्युक्त सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए उचित वस्त्रों के चयन के निम्नलिखित आधार माने जा सकते हैं
1. शारीरिक विशेषताएँ,
2. लिंग एवं आयु,
3. व्यवसाय एवं पद,
4. मौसम एवं भौगोलिक परिस्थिति ।
(1) शारीरिक विशेषताएँ: वस्त्रों का चयन करते समय शारीरिक विशेषताओं को ध्यान में रखना अत्यधिक आवश्यक है। उदाहरणस्वरूप-औसत कद वाले व्यक्तियों पर प्रायः सभी प्रकार के वस्त्र अच्छे लगते हैं। लम्बे कद की स्त्रियों को साड़ी और ब्लाउज के विभिन्न रंग, बड़े डिजाइन व हल्के रंगों का प्रयोग करना चाहिए। नाड़े कद की स्त्रियों को लम्बी दिखाई पड़ने के लिए एक ही रंग की साड़ी व ब्लाउज, जो कि ऊपर से नीचे की ओर धारियों वाले, छोटे डिजाइन के व हल्के रंग के हों, पहनने चाहिए। विभिन्न कद एवं आकार वाले व्यक्तियों को अपनी लम्बाई व चौड़ाई के अनुसार वस्त्रों का चयन करना चाहिए।
(2) लिंग एवं आयुः विभिन्न व्यक्तियों के लिए वेशभूषा के चयन हेतु अलग-अलग नियम होते हैं, जिन्हें निम्नांकित विवरण से समझा जा सकता है
(i) पुरुषों के लिए: सही शारीरिक माप वाले कपड़े पहनने से बाहरी व्यक्तित्व आकर्षक दिखाई पड़ता है। वस्त्र चाहे संख्या में कम हों परन्तु उनकी अच्छी सिलाई आवश्यक है। पुरुषों को अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार उपयुक्त वस्त्र खरीदने चाहिए। महँगे होने के कारण सूट का कपड़ा सदैव टिकाऊ, आकर्षक व गहरे रंग का लेना चाहिए जिससे इसे बार-बार ड्राइक्लीन न कराना पड़े। नवयुवक पर प्रायः चमकीले अथवा गहरे रंग के वस्त्र आकर्षक लगते हैं, जबकि अधेड़ावस्था में हल्के व सौम्य रंग के वस्त्र ही ठीक रहते हैं।
(ii) स्त्रियों के लिए: महिलाओं के लिए प्रायः साड़ी व ब्लाउज ही अधिक महत्त्वपूर्ण वस्त्र होते हैं। दैनिक उपयोग के लिए सूती साड़ियाँ सर्वोत्तम रहती हैं। विशेष अवसरों के लिए जरीदार बनारसी साड़ियाँ, काँचीवरम की साड़ियाँ तथा गुजराती बंधेज की साड़ियाँ उपयोग में लाई जाती हैं। सामान्य अवसरों के लिए हैण्डलूम की साड़ियाँ, आरगेण्डी व चिकन की साड़ियाँ तथा कृत्रिम तन्तुओं से निर्मित साड़ियाँ अधिक उपयुक्त रहती हैं। साड़ियों के साथ अधिकतर अनुरूप (मैचिंग) रंग के ब्लाउज उपयुक्त रहते हैं। इसके लिए 2x2 रूबिया, पॉपलीन व रेशमी वस्त्रों का चयन उचित रहता है। मूल्यवान साड़ियों के साथ प्रायः ब्लाउज के लिए अतिरिक्त कपड़ा साड़ी के साथ ही जुड़ा मिलता है। कम आयु की महिलाओं के लिए प्रायः चटकीले रंग उपयुक्त रहते हैं, जो कि सहज ही हैण्डलूम व कृत्रिम तन्तुओं से निर्मित साड़ियों में उपलब्ध हो जाते हैं।
(iii) बच्चों के लिए: बच्चे अधिक खेलते-कूदते हैं; अतः उनके वस्त्र मजबूत कपड़े के होने चाहिए। बाल्यावस्था में शारीरिक वृद्धि होने के कारण बच्चों के कपड़े थोड़े ढीले व संख्या में कम होने चाहिए। वस्त्रों की सिलाई कराते समय सींवनों में अतिरिक्त कपड़ा छोड़ने से इन्हें आवश्यकतानुसार ढीला किया जा सकता है। बच्चों के वस्त्रों के बटन मजबूती से लगे होने चाहिए । विशेष अवसरों के लिए बच्चों को महँगे वस्त्र दिलाए जा सकते हैं।
(iv) शिशुओं के लिए: शिशुओं की त्वचा कोमल होती है; अतः इनके वस्त्र मुलायम कपड़ों (रेशमी, सूती व ऊनी आदि) के बनवाने चाहिए। शिशुओं को प्रायः हल्के गुलाबी, नीले, नारंगी आदि रंगों के झबले, रोम्पर, फ्रॉक, टी-शर्ट व लैंगिंग्स पहनाए जाते हैं।
(3) व्यवसाय एवं पदः व्यवसाय एवं पद का सीधा सम्बन्ध मनुष्य की आर्थिक क्षमता एवं सामाजिक स्थिति में होता है। छोटे व्यवसाई अथवा छोटी नौकरी करने वाले व्यक्ति आय कम होने के कारण वस्त्रों पर अधिक व्यय नहीं कर सकते। इनके लिए प्रायः सूती व टेरीकॉट के वस्त्र ही अधिक उपयुक्त रहते हैं। अधिक आय वर्ग के व्यक्ति अधिक मूल्य के रेडीमेड अथवा अन्य प्रकार के अनेक वस्त्र प्रयोग कर सकते हैं। कुछ विशिष्ट व्यवसायों एवं सेवाओं में वस्त्रों की निर्धारित सीमाएँ होती हैं; जैसे कि सेवा के समय में चिकित्सक, सेना व पुलिस कर्मचारी व वकील इत्यादि एक निश्चित पोशाक पहनने के लिए बाध्य होते हैं। व्यापारियों एवं दुकानदारों को कुर्ता-धोती अथवा कुर्ता-पाजामा पहनने में सुविधा रहती है। उच्च अधिकारियों, अध्यापक एवं अध्यापिकाओं को सौम्य रंग एवं फैशन के वस्त्र पहनने उपयुक्त रहते
(4) मौसम एवं भौगोलिक परिस्थितिः वस्त्रों के चयन के लिए मौसम व स्थान-विशेष की भौगोलिक परिस्थितियों का एक अलग ही महत्त्व है। ग्रीष्म ऋतु में हल्के रंग के सूती वस्त्र तथा शीत ऋतु में विभिन्न प्रकार के गहरे रंग के ऊनी वस्त्र अधिक उपयुक्त रहते हैं। इसी प्रकार ठण्डे प्रदेशों में शीत ऋतु के वस्त्र तथा गर्म प्रदेशों में ग्रीष्म ऋतु के वस्त्र उपयोग करना आवश्यक होता है।
In simple words: Key factors for choosing clothes include physical characteristics, age, gender, occupation, and local climate. Matching clothes to these aspects ensures comfort, appropriateness, and enhances social standing.

🎯 Exam Tip: When explaining the bases for clothing selection, ensure you elaborate on each point (physical attributes, age/gender, occupation, and season/geography) with relevant examples to demonstrate a thorough understanding.

लघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. स्पष्ट कीजिए कि उचित वेशभूषा से व्यक्तित्व में निखार आता है।
Answer: प्रत्येक व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारने में उसकी वेशभूषा का विशेष योगदान एवं महत्त्व होता है। यदि व्यक्ति अपनी आयु, व्यवसाय, अवसर, ऋतु एवं लिंग के अनुसार वेशभूषा धारण करता है। तो उस व्यक्ति का व्यक्तित्व सामान्य रूप से आकर्षक एवं प्रभावशाली प्रतीत होता है। जो व्यक्ति उचित वेशभूषा धारण करता है, उसके प्रति अन्य व्यक्तियों का व्यवहार भी सौम्य होता है। यह एक मनोवैज्ञानिक तथ्य है कि उचित वेशभूषा धारण करने वाले व्यक्ति में एक प्रकार का अतिरिक्त आत्म-विश्वास भी जाग्रत होता है, इससे भी व्यक्ति के व्यक्तित्व में क्रमशः निखार आता है। इस प्रकार स्पष्ट है कि व्यक्ति-व्यक्तित्व को निखारने वाले कारकों में उचित वेशभूषा का महत्त्वपूर्ण स्थान है।
In simple words: Appropriate attire, chosen considering age, profession, occasion, and season, enhances one's personality, boosts self-confidence, and influences how others perceive them positively.

🎯 Exam Tip: Emphasize the psychological impact of appropriate dressing, linking it to self-confidence and social perception, to score well.

 

Question 2. अवसर के अनुकूल व्यक्तिगत वेशभूषा कैसी होनी चाहिए? कम-से-कम पाँच बिन्दुओं का उल्लेख कीजिए।
Answer: प्रत्येक व्यक्ति को अपने दैनिक एवं सामाजिक जीवन में विभिन्न अंवसरों एवं परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। यदि उसको सामान्य जीवन घरेलू परिस्थितियों में व्यतीत होता है, तो उसे कभी-कभी यात्रा पर भी जाना होता है और अनेक बार विवाह, जन्म-दिन आदि अनेक महत्त्वपूर्ण सामाजिक उत्सवों में भी भाग लेना पड़ता है। प्रत्येक अवसर के लिए अनुकूल व्यक्तिगत वेशभूषा को चयन व्यक्तिगत सज्जा के नियमानुसार करने से उसके आत्मविश्वास एवं सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है। आइए इस सम्बन्ध में कुछ उपयोगी नियमों का अवलोकन करें
(1) मौसम सम्बन्धी नियमः मौसम के अनुसार सूती व रेशमी (ग्रीष्म ऋतु) अथवा ऊनी (शीत ऋतु) वस्त्र उपयोग में लाने चाहिए।
(2) मजबूती व टिकाऊपन सम्बन्धी नियमः सामान्य घरेलू जीवन में मजबूत व टिकाऊ वस्त्र पहनना लाभदायक रहता है। रसोई-गृह में सूती वस्त्रों व शेष समय में हैण्डलूम व कृत्रिम तन्तुओं से निर्मित वस्त्रों का उपयोग सर्वोत्तम रहता है।
(3) आरामदायक व उपयुक्त फिटिंग सम्बन्धी नियम: सदैव ऐसे वस्त्रों का चयन करना चाहिए जो कि शारीरिक आराम में बाधा न डालें । सही शारीरिक माप अथवा फिटिंग वाले वस्त्र पहनने से बाहरी व्यक्तित्व के आकर्षण में वृद्धि होती है।
(4) रंगों के संयोग का नियमः रंग प्रायः परस्पर या तो समन्वित होते हैं अथवा विरोधाभासी । लाल एवं गुलाबी, गहरा व हल्का नीला, सफेद व काला इत्यादि रंगों के अद्भुत संयोग के उदाहरण हैं। इनका विवेकपूर्ण उपयोग सदैव लाभदायक रहता है।
(5) विशिष्ट अवसर सम्बन्धी नियमः विवाह, जन्मोत्सव आदि उत्सवों में व्यक्तिगत वेशभूषा का चुनाव इस प्रकार करना चाहिए कि शरीर के असुन्दर भाग ढके रहें तथा सुन्दर अंगों का आवश्यक प्रदर्शन हो सके। इन अवसरों पर मूल्यवान वस्त्रों, जैसे जरीदार व रेशमी साड़ियों का उपयोग प्रतिष्ठा एवं सौन्दर्य में वृद्धि करता है।
In simple words: Occasion-appropriate attire considers factors like season, durability, comfort, color coordination, and specific event requirements. Selecting suitable clothes enhances confidence and social standing.

🎯 Exam Tip: List at least five distinct rules for occasion-based dressing, providing a brief explanation for each, to ensure full marks.

 

Question 3. व्यक्तिगत सज्जा हेतु वस्त्रों के विवेकपूर्ण चयन से आप क्या समझती हैं?
Answer: व्यक्तिगत सज्जा के सारे नियमों का पालन करने पर भी यदि कोई व्यक्ति वस्त्रों को क्रय करते समय अपने विवेक का प्रयोग नहीं करता है, तो सब कुछ व्यर्थ हो सकता है। वस्त्रों के सुन्दर एवं उपयुक्त चुनाव के साथ निम्नलिखित सिद्धान्तों का पालन अवश्य किया जाना चाहिए
(1) बजट के अनुसार खरीदारी: आप अपने बजट के अनुसार ही वस्त्रों का चयन करें। फिजूलखर्ची आप व आपके परिवार में असन्तोष उत्पन्न कर सकती है।
(2) सोच-समझकर खरीदारी: वस्त्रों की उद्देश्यहीन खरीदारी न करें। अवसरों एवं आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखकर की गई खरीदारी सदैव सुख एवं सन्तोष प्रदान करती है।
(3) मूल्य देखकर खरीदारी: अधिक मूल्य के वस्त्र केवल आवश्यकता पड़ने पर ही खरीदें। सदैव अच्छी जगह से वस्त्र खरीदें। यदि वस्त्र सिलवाने हों, तो सोच-समझकर आवश्यक कपड़ा ही खरीदें। इससे कपड़ा व्यर्थ नहीं होगा और धन की बचत होगी ।
(4) वस्त्रों की उचित देखभाल: आपके पास वस्त्रं कर्म हों अथवा अधिक, उनकी उचित देखभाल करना अति आवश्यक है। इससे वस्त्रों को लम्बे समय तक प्रयोग में लाया जा सकता है।
In simple words: Wise selection of clothing for personal grooming involves considering budget, making purposeful purchases, assessing value for money, and ensuring proper garment care for longevity.

🎯 Exam Tip: When discussing judicious clothing selection, highlight practical aspects like budgeting, needs-based buying, and maintenance, as these are crucial evaluation points.

 

Question 4. बाजार से वस्त्रों को खरीदते समय आप किन-किन बातों का विशेष ध्यान रखेंगी?
Answer: उपयुक्त वस्त्रों के चयन के अनेक नियम हैं, जिनमें कुछ इतने आवश्यक हैं जिनकी अवहेलना नहीं की जानी चाहिए। वस्त्रों के लिए कपड़ा खरीदते समय निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना आवश्यक है
1. बाजार जाने से पूर्व ही यह निश्चित कर लेना आवश्यक है कि कपड़ा दैनिक उपयोग के लिए खरीदना है अथवा किसी विशिष्ट अवसर के लिए।
2. कपड़ा मजबूत व टिकाऊ होना चाहिए।
3. कपड़े का रंग पक्का होना चाहिए।
4. कपड़ा सिकुड़न मुक्त है अथवा नहीं, इसकी जाँच कर लेनी चाहिए।
5. सूती कपड़ों पर सनफोराइज्ड व कलैण्डर्ड की मोहर व ऊनी कपड़ों पर वूलमार्क व आई० एस० आई० मार्क अवश्य देख लेना चाहिए ।
6. कई अच्छी दुकानों पर जाकर कपड़े के सही मूल्य का अनुमान लगाकर ही उसे खरीदना चाहिए।
In simple words: When buying clothes, essential considerations include the purpose (daily or special occasion), durability, color fastness, shrinkage resistance, quality certifications, and price comparison from reputable stores.

🎯 Exam Tip: Ensure to list at least five practical checkpoints for purchasing clothing, particularly mentioning quality marks like Sanforized or Woolmark, for a thorough answer.

 

Question 5. स्कूल जाने वाले बालक-बालिकाओं की वेशभूषा का विवरण प्रस्तुत कीजिए।
Answer: सामान्य रूप से सभी स्कूलों द्वारा छात्र-छात्राओं की वेशभूषा निर्धारित तथा निश्चित होती है इसलिए स्कूल जाने वाले बालक-बालिकाओं को स्कूल द्वारा निर्धारित यूनिफॉर्म ही धारण करनी चाहिए। यूनिफॉर्म धारण करने से स्कूल के सभी छात्र-छात्राओं में एकरूपता बनी रहती है तथा किसी प्रकार के भेदभाव या ऊँच-नीच के अन्तर के विकसित होने की आशंका नहीं रहती। स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं की वेशभूषा को तैयार करवाते समय ध्यान रखना चाहिए कि उनकी वेशभूषा चुस्त तथा अच्छी फिटिंग वाली ही होनी चाहिए। सामान्य रूप से ऐसा कपड़ा चुनना चाहिए जिसमें शीघ्र सिलवटें तथा शिकन न पड़े। स्कूल जाने वाले बच्चों की यूनिफॉर्म के लिए पक्के रंग वाला कपड़ा ही लेना चाहिए तथा उसकी धुलाई भी सरल होनी चाहिए। कपड़ों के अतिरिक्त बच्चों की वेशभूषा में जूतों, मोजों, बेल्ट तथा बैज आदि भी ठीक दशा में होने चाहिए।
In simple words: School attire for children should be a well-fitting, wrinkle-resistant uniform of fast colors, easy to wash, and accompanied by proper shoes, socks, belts, and badges, promoting equality among students.

🎯 Exam Tip: Highlight the importance of uniforms for discipline and equality, and discuss practical aspects like fit, fabric, and easy maintenance for school-going children's attire.

 

Question 6. तीज-त्योहार के अवसर पर पहनी जाने वाली वेशभूषा का वर्णन कीजिए।
Answer: तीज-त्योहार के अवसर अपने आप में कुछ विशिष्ट अवसर होते हैं। इन विशिष्ट अवसरों पर वेशभूषा धारण करने में भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। इन अवसरों की प्रकृति तथा उत्साह के वातावरण को ध्यान में रखते हुए रंग-बिरंगे आकर्षक तथा भड़कीले वस्त्र भी पहने जा सकते हैं। व्यक्ति अपनी रुचि के अनुसार आधुनिक अथवा पारम्परिक किसी भी प्रकार के वस्त्र पहन सकता है। अनेक महिलाएँ इन अवसरों पर लहँगा-चुनरी, गरारा अथवा भारी साड़ियाँ पहना करती हैं। कुछ किशोरावस्था की लड़कियाँ इन अवसरों पर जीन्स अथवा स्कर्ट आदि पहनना अधिक पसन्द करती हैं। जहाँ तक बनाव श्रृंगार का प्रश्न है, इन अवसरों पर पर्याप्त छूट होती है। अपनी रुचि एवं आयु के अनुसार पर्याप्त श्रृंगार किया जा सकता है। सुविधा के अनुसार आभूषण भी पहने जा सकते हैं। यदि इस अवसर पर मेले में अथवा भीड़-भाड़ वाले स्थान पर जाना हो, तो सुरक्षा के पहलू को अवश्य ही ध्यान में रखना चाहिए।
In simple words: Festive attire allows for colorful, attractive, and even flashy clothing, chosen according to personal preference, age, and comfort, with freedom for elaborate makeup and jewelry, while also considering safety in crowded places.

🎯 Exam Tip: Emphasize the freedom for vibrant, traditional or modern attire, and elaborate grooming during festivals, but also include the crucial aspect of safety, especially concerning jewelry.

 

Question 7. खेल के समय धारण की जाने वाली वेशभूषा का विवरण दीजिए।
Answer: खेल के समय व्यक्ति को विभिन्न प्रकार की शारीरिक क्रियाएँ करनी पड़ती हैं तथा सभी क्रियाएँ प्रायः तीव्र गति से करनी पड़ती हैं। इस स्थिति में शरीर से अधिक पसीना निकलता है। अतः इन तथ्यों को ध्यान में रखकर ही खेल के समय की वेशभूषा का निर्धारण करना चाहिए तथा उसका निर्माण ऐसे कपड़े से किया जाना चाहिए जिसमें अवशोषकता का गुण विद्यमान हो ताकि खेल के समय वो शरीर से निकलने वाले पसीने को सोख सके । इसके अतिरिक्त खेल के समय धारण की जाने वाली वेशभूषा ऐसे कपड़े की होनी चाहिए जिससे धोना सरल हो। खेल के समय जूतों तथा मोजों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। हल्के तथा आरामदायक जूते पहनना ही अच्छा रहती है।
In simple words: Sports attire should be absorbent, easy to wash, and allow for free movement during physical activities, keeping sweat and comfort in mind. Light and comfortable shoes are also essential.

🎯 Exam Tip: Focus on the functional aspects of sports attire: sweat absorption, ease of washing, and freedom of movement, along with appropriate footwear.

 

Question 8. रात्रि-भोज के अवसर पर पहनी जाने वाली वेशभूषा का वर्णन कीजिए।
Answer: रात्रि-भोज के अवसर सामान्य रूप से हर्ष, उल्लास एवं प्रसन्नता के अवसर होते हैं। रात्रि-भोज के अवसर पर अधिक औपचारिकता नहीं होती तथा प्रत्येक व्यक्ति अपनी रुचि के अनुसार आकर्षक एवं सुन्दर वेशभूषा पहन सकता है। इस अवसर पर यदि चाहें तो सीमित रूप से भड़कीली तथा आत्म-प्रदर्शन में सहायक वेशभूषा भी पहनी जा सकती है। महिलाएँ यदि चाहें तो रात्रि-भोज के अवसर पर चमकीले, भड़कीले तथा जरी-गोटे वाले बहुमूल्य वस्त्र भी पहन सकती हैं। आधुनिक फैशन के अनुसार इन अवसरों पर साटन तथा वेलवेट के वस्त्र पहनने का भी प्रचलन है। रात्रि-भोज के अवसर पर वेशभूषा के साथ-साथ अपनी रुचि के अनुसार कम या अधिक श्रृंगार भी किया जा सकता है। बालों को सजाने के लिए ताजे फूलों का गजरा भी लगाया जा सकता है। यदि चाहें तो परफ्यूम भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इस अवसर पर एक निश्चित सीमा के अन्तर्गत रहते हुए शारीरिक सौष्ठव का प्रदर्शन भी किया जा सकता है। रात्रि-भोज के अवसर पर यदि चाहें तो गहने भी पहने जो सकते हैं, परन्तु सुरक्षा का समुचित ध्यान रखना चाहिए ।
In simple words: Dinner party attire allows for attractive, elegant, and even slightly flashy clothing, chosen according to personal taste, with ample scope for makeup, hairstyles, perfumes, and jewelry, keeping safety in mind.

🎯 Exam Tip: When describing dinner party attire, highlight the balance between elegance, personal expression through styling and accessories, and the practical consideration of safety for valuables.

 

Question 9. यात्रा के समय धारण की जाने वाली वेशभूषा का उल्लेख कीजिए।
Answer: प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कभी-न-कभी छोटी अथवा लम्बी यात्री पर जाना ही । पड़ता है। कुछ व्यक्तियों को तो नियमित रूप से ही यात्रा पर जाना पड़ता है। यात्रा के समय भी व्यक्ति को अपनी वेशभूषा का चुनाव सूझ-बूझपूर्वक करना चाहिए। यात्रा के समय धारण की जाने वाली वेशभूषा का अनिवार्य गुण उसका सुविधादायक होना है। यात्रा के समय वही वेशभूषा धारण की जानी चाहिए, जो लम्बे समय तक सीट पर बैठने अथवा लेटने में सुविधाजनक हो। इस अवसर पर ऐसे वस्त्र धारण करना उत्तम माना जाता है जो शीघ्र ही क्रश न होते हों अर्थात् शीघ्र ही सिलवटें पड़ने वाले वस्त्र यात्रा के समय धारण नहीं करने चाहिए। सामान्य रूप से यात्रा के समय किसी प्रकार का विशेष बनाव-श्रृंगार नहीं किया जाना चाहिए। जहाँ तक कीमती आभूषणों का प्रश्न है, यात्रा के समय इन्हें बिल्कुल भी धारण नहीं किया जाना चाहिए अन्यथा किसी अनहोनी के घटित होने की निरन्तर आशंका बनी रहती है।
In simple words: Travel attire must prioritize comfort, be wrinkle-resistant for long journeys, and be simple, avoiding elaborate makeup or valuable jewelry to ensure convenience and safety.

🎯 Exam Tip: Focus on the practical aspects of travel attire: comfort, wrinkle-resistance, and security (avoiding expensive jewelry) to ensure a smooth and safe journey.

 

Question 10. कामकाजी महिलाओं के लिए कार्य के समय पहनी जाने वाली वेशभूषा का वर्णन कीजिए ।
Answer: कामकाजी महिलाओं को अपने कार्य के समय वेशभूषा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस अवसर पर प्रत्येक स्थिति में वेशभूषा की सौम्यता का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। कार्यस्थल की औपचारिकता को अवश्य ध्यान में रखना चाहिए तथा किसी भी स्थिति में महिलाओं को अधिक चटकदार तथा दिखावटी वेशभूषा नहीं पहननी चाहिए। इस समय अधिक श्रृंगार भी नहीं करना चाहिए, केवल हल्का-सा अति आवश्यक श्रृंगार ही करना चाहिए। बिन्दी, हल्की लिपस्टिक तथा माँग भरना (यदि विवाहित हों तो) ही पर्याप्त होता है। कार्य-स्थल पर खनखनाहट वाले गहने भी नहीं पहनने चाहिए। इससे कार्य-स्थल के वातावरण में व्यवधान उत्पन्न होता है तथा अशोभनीय प्रतीत होता है। सामान्य रूप से कोई तेज सुगन्ध वाला परफ्यूम या तेल भी नहीं लगाना चाहिए। संक्षेप में कहा जा सकता है कि महिलाओं द्वारा कार्य-स्थल पर पहनी जाने वाली वेशभूषा में अनावश्यक आकर्षण तथा भड़कीलेपन का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए, बल्कि उसके माध्यम से सौम्यता, गरिमा तथा सादगी का ही प्रदर्शन होना चाहिए।
In simple words: Professional attire for working women should be subtle, simple, and formal, avoiding flashy clothes, heavy makeup, noisy jewelry, or strong perfumes, to maintain a dignified and focused work environment.

🎯 Exam Tip: Highlight the importance of modesty, professionalism, and minimizing distractions (e.g., noisy jewelry, strong perfumes) in workplace attire for women.

 

Question 11. शोक के अवसर पर धारण की जाने वाली वेशभूषा का विवरण दीजिए।
Answer: शोक के अवसर पर उल्लास एवं उमंग का नितान्त अभाव होता है। इस अवसर पर परस्पर संवेदना तथा सहानुभूति प्रकट की जाती है। शोक के अवसर पर जहाँ तक हो सके बिल्कुल सादी वेशभूषा ही धारण की जानी चाहिए। हमारे समाज में पारम्परिक रूप से इस अवसर पर सफेद अथवा हल्के रंगों की वेशभूषा ही धारण की जाती है। कुछ समाजों में शोक के अवसर पर काले रंग की वेशभूषा धारण की जाती है। शोक के अवसर पर सादी वेशभूषा धारण करने के साथ ही साथ किसी प्रकार का बनाव-श्रृंगार भी नहीं किया जाता। संक्षेप में कहा जा सकता है कि शोक के अवसर पर व्यक्ति की वेशभूषा से सादगी का प्रदर्शन होना चाहिए, न कि दिखावे तथा आकर्षण का ।
In simple words: Attire for occasions of mourning should be extremely simple and sober, typically in white, light, or black colors, without any elaborate makeup or ornamentation, reflecting respect and solemnity.

🎯 Exam Tip: Emphasize the simplicity and somber colors (white, light, or black) and the complete absence of adornment in attire for mourning occasions.

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. व्यक्तिगत सज्जा क्या है?
Answer: व्यक्तिगत सज्जा से तात्पर्य उस महत्त्वपूर्ण कारक से है जो व्यक्ति के बाहरी व्यक्तित्व को निखारने में उल्लेखनीय भूमिका निभाता है। इस कारक के अन्तर्गत सामान्य रूप से उचित वेशभूषा, श्रृंगार के ढंग, बालों को सँवारने के ढंग, बातचीत करने के ढंग, उठने-बैठने के ढंग तथा व्यक्ति के हाव-भावों को सम्मिलित किया जाता है।
In simple words: Personal grooming refers to the art of enhancing one's outward appearance and behavior, encompassing appropriate dressing, makeup, hairstyling, mannerisms, and overall presentation.

🎯 Exam Tip: Define personal grooming comprehensively, including both physical appearance (attire, makeup) and behavioral aspects (manners, posture).

 

Question 2. व्यक्तिगत सज्जा क्यों आवश्यक है?
Answer: व्यक्तिगत सज्जा मनुष्य की रुचि एवं रहन-सहन के स्तर की परिचायक होती है। उपयुक्त सज्जा मनुष्य को आत्मविश्वास, सामाजिक प्रतिष्ठा एवं मानसिक प्रसन्नता प्रदान करती है तथा उसके बाहरी व्यक्तित्व को आकर्षक एवं प्रभावशाली बनाती है।
In simple words: Personal grooming is vital as it reflects one's taste and lifestyle, boosting self-confidence, social standing, and mental well-being while making one's external personality attractive and impactful.

🎯 Exam Tip: List the key benefits of personal grooming, such as boosting confidence, enhancing social image, and promoting mental satisfaction.

 

Question 3. व्यक्तिगत सज्जा का मूल आधार क्या है?
Answer: उपयुक्त वेशभूषा व्यक्तिगत सज्जा का मूल आधार है।
In simple words: The fundamental basis of personal grooming is appropriate attire, as it forms the first impression of an individual's external personality.

🎯 Exam Tip: State directly that appropriate clothing is the core of personal grooming.

 

Question 4. वेशभूषा के लिए कपड़े का चुनाव करते समय ध्यान रखने योग्य मुख्य गुण क्या हैं?
Answer: वेशभूषा के लिए कपड़ा
1. आकर्षक एवं आरामदायक होना चाहिए,
2. मजबूत एवं टिकाऊ होना चाहिए,
3. सरलता से धुलने वाला होना चाहिए तथा
4. आर्थिक बजट के अनुरूप होना चाहिए।
In simple words: Key qualities for selecting clothing fabric include being attractive, comfortable, durable, easy to wash, and within one's financial budget.

🎯 Exam Tip: List at least three essential qualities of fabric for clothing selection, focusing on comfort, durability, and ease of care.

 

Question 5. ग्रीष्म ऋतु में कौन-से वस्त्र उपयुक्त रहते हैं?
Answer: ग्रीष्म ऋतु में सूती वस्त्र अधिक उपयुक्त रहते हैं।
In simple words: Cotton clothes are most suitable for the summer season due to their breathability and ability to absorb sweat, providing comfort.

🎯 Exam Tip: Directly state "cotton clothes" as the answer and briefly mention why they are suitable for summer.

 

Question 6. ग्रीष्म ऋतु के वस्त्रों में कौन-कौन सी मुख्य विशेषताएँ होनी चाहिए?
Answer: ग्रीष्म ऋतु के वस्त्र पसीना सोखने वाले, महीन, सफेद अथवा हल्के रंगों के होने चाहिए।
In simple words: Summer clothes should primarily be sweat-absorbent, thin, and of white or light colors to offer maximum comfort and coolness.

🎯 Exam Tip: List key characteristics of summer wear, focusing on material properties (absorbent, thin) and color choices (light hues).

 

Question 7. रसोई गृह में नायलॉन व टेरीलीन के वस्त्र पहनने से क्या हानि हो सकती है?
Answer: ये वस्त्र आग शीघ्र पकड़ते हैं; अतः इन्हें भोजन बनाते समय नहीं पहनना चाहिए।
In simple words: Wearing nylon and terylene clothes in the kitchen is dangerous because they catch fire quickly, posing a significant burn risk while cooking.

🎯 Exam Tip: Clearly state the fire hazard associated with synthetic fabrics like nylon and terylene in the kitchen.

 

Question 8. छोटे बच्चों के वस्त्र किस प्रकार के होने चाहिए?
Answer: बच्चों के लिए सदैव चमकीले एवं भड़कीले वस्त्र लेने चाहिए। इसके साथ-साथ इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि बच्चों के वस्त्रों का कपड़ा नर्म तथा मुलायम होना चाहिए।
In simple words: Children's clothes should be bright, colorful, soft, and gentle on their delicate skin to ensure comfort and appeal.

🎯 Exam Tip: Focus on both the aesthetic (bright, vibrant) and functional (soft, gentle) aspects of clothing for young children.

 

Question 9. वृद्ध व्यक्तियों को किस रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए ?
Answer: वृद्ध व्यक्तियों को सफेद या हल्के रंगों के वस्त्र ही धारण करने चाहिए।
In simple words: Elderly individuals should wear white or light-colored clothes, as these colors are generally considered more dignified and soothing.

🎯 Exam Tip: State the appropriate color choices for elderly individuals' clothing (white or light colors).

 

Question 10. प्रिंक पूफ का क्या अर्थ है?
Answer: कुछ रासायनिक पदार्थों का प्रयोग कर कपड़ा सिकुड़ने से मुक्त बनाया जाता है, इसी को प्रिंक पूफ कहते हैं।
In simple words: "Shrink-proof" refers to a fabric treatment using chemical substances to prevent clothes from shrinking after washing, maintaining their original size.

🎯 Exam Tip: Define "shrink-proof" by explaining the process of treating fabric to prevent shrinkage.

 

Question 11. मौसम के अनुसार वस्त्र पहनना क्यों आवश्यक है?
Answer: मौसम के अनुसार वस्त्र पहनना इसलिए आवश्यक है जिससे कि मौसम के प्रभाव से बचा जा सके ।
In simple words: Wearing season-appropriate clothing is crucial to protect the body from extreme weather conditions, ensuring comfort and health.

🎯 Exam Tip: Emphasize protection from weather effects as the primary reason for seasonal clothing choices.

 

Question 12. वर्षा ऋतु में कौन-से वस्त्रों से अधिक आराम मिलता है?
Answer: वर्षा ऋतु में सूती व महीन वस्त्रों से अधिक आराम मिलता है।
In simple words: Light and thin cotton clothes offer the most comfort during the rainy season because they dry quickly and are breathable.

🎯 Exam Tip: Identify light and thin cotton clothes as the most comfortable for the rainy season.

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

प्रश्न: प्रत्येक प्रश्न के चार वैकल्पिक उत्तर दिए गए हैं। इनमें से सही विकल्प चुनकर लिखिए

 

Question 1. व्यक्तिगत सज्जा के लिए आवश्यक है
(क) उचित वेशभूषा,
(ख) श्रृंगार एवं उचित केश विन्यास,
(ग) बात करने तथा उठने-बैठने का उचित ढंग,
(घ) उपर्युक्त सभी ।
Answer: (घ) उपर्युक्त सभी
In simple words: Personal grooming involves all aspects of presenting oneself well, including clothes, makeup, hair, and mannerisms.

🎯 Exam Tip: Remember that personal grooming is a holistic concept encompassing both appearance and behavior.

 

Question 2. वस्त्रों का चुनाव करते समय ध्यान में रखना चाहिए
(क) कपड़े का गुण,
(ख) कपड़े की सुन्दरता तथा आकर्षण,
(ग) कपड़े का मूल्य,
(घ) ये सभी ।
Answer: (घ) इन सभी
In simple words: When choosing clothes, it's important to consider their quality, how attractive they look, and their price.

🎯 Exam Tip: A balanced approach considering quality, aesthetics, and cost is key for wise clothing selection.

 

Question 3. खेल के समय वस्त्र धारण करने चाहिए ।
(क) मोटे तथा मजबूत,
(ख) कृत्रिम तन्तुओं से बने,
(ग) पसीना सोखने की क्षमता वाले,
(घ) पुराने तथा घटिया ।
Answer: (ग) पसीना सोखने की क्षमता वाले
In simple words: For sports, choose clothes that can absorb sweat effectively to stay comfortable.

🎯 Exam Tip: Prioritize functional aspects like sweat absorption for athletic wear.

 

Question 4. घरेलू जीवन में उपयोग के लिए सर्वोत्तम वस्त्र हैं
(क) सूती,
(ख) रेशमी,
(ग) जरीदार,
(घ) आधुनिक फैशन के ।
Answer: (क) सूती
In simple words: Cotton clothes are generally considered the best choice for everyday wear at home.

🎯 Exam Tip: Recognize cotton as ideal for daily home use due to its comfort and practicality.

 

Question 5. सफेद अथवा हल्के रंगों के वस्त्र पहनने चाहिए
(क) शीत ऋतु में,
(ख) ग्रीष्म ऋतु में,
(ग) वर्षा ऋतु में,
(घ) इन सभी में।
Answer: (ख) ग्रीष्म ऋतु में
In simple words: Light or white clothes are best for summer to reflect heat and stay cool.

🎯 Exam Tip: Link light colors and white to summer for their cooling properties.

 

Question 6. व्यक्तिगत सज्जा से वृद्धि होती है
(क) सामाजिक प्रतिष्ठा में,
(ख) व्यक्तित्व के आकर्षण में,
(ग) मानसिक सन्तोष में,
(घ) इन सभी में ।
Answer: (घ) ये सभी में
In simple words: Personal grooming contributes to a good social image, attractiveness, and mental peace.

🎯 Exam Tip: Understand that personal grooming impacts social perception, physical appeal, and psychological well-being.

 

Question 7. काले रंग के व्यक्ति को वस्त्र पहनने चाहिए
(क) सफेद रंग के,
(ख) हल्के रंग के,
(ग) गहरे रंग के,
(घ) किसी भी रंग के।
Answer: (ख) हल्के रंग के
In simple words: People with darker complexions often look good in light-colored clothing.

🎯 Exam Tip: Consider lighter shades for individuals with dark complexions to create a pleasant contrast.

 

Question 8. लम्बे कद की महिलाओं को साड़ी व ब्लाउज पहनने चाहिए
(क) समान रंग के,
(ख) भिन्न रंग के
(ग) सफेद रंग के,
(घ) काले रंग के ।
Answer: (ख) भिन्न रंग के
In simple words: For tall women, wearing saris and blouses of contrasting or different colors can enhance their appearance.

🎯 Exam Tip: Suggest using different or contrasting colors for tall women's sari-blouse combinations to create visual interest.

 

Question 9. शिशु के वस्त्र बने होने चाहिए
(क) सूती तन्तु से,
(ख) टेरीलीन के तन्तु से,
(ग) नायलॉन के तन्तु से,
(घ) किसी भी तन्तु से ।
Answer: (क) सूती तन्तु से
In simple words: Clothes for babies should always be made from soft cotton fabric.

🎯 Exam Tip: Emphasize soft cotton as the ideal fabric for infants' clothing for comfort and safety.

 

Question 10. स्कूल जाने वाले बालक-बालिकाओं को धारण करनी चाहिए
(क) रंग-बिरंगी वेशभूषा,
(ख) मजबूत वेशभूषा,
(ग) सस्ती वेशभूषा,
(घ) स्कूल द्वारा निर्धारित वेशभूषा ।
Answer: (घ) स्कूल द्वारा निर्धारित वेशभूषा
In simple words: School children should wear uniforms that are prescribed by their school.

🎯 Exam Tip: The primary rule for school attire is adhering to the school's prescribed uniform.

 

Question 11. पसीना सोखने की क्षमता वाले वस्त्र हैं
(क) ऊनी वस्त्र,
(ख) टेरीलीन के वस्त्र,
(ग) रेशमी वस्त्र,
(घ) सूती वस्त्र।
Answer: (घ) सूती वस्त्र
In simple words: Cotton clothes are best for soaking up sweat, making them ideal for hot weather.

🎯 Exam Tip: Remember cotton's superior sweat-absorbing property among common fabrics.

UP Board Solutions Class 9 Home Science Chapter 11 व्यक्तिगत् सज्जा उचित् वेषभूषा

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