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Detailed Chapter 10 Fasal utpadan UP Board Solutions for Class 8 Science
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Class 8 Science Chapter 10 Fasal utpadan UP Board Solutions PDF
UP Board Solutions For Class 8 Science Chapter 10 फसल उत्पादन
फसल उत्पादन
अभ्यास प्रश्न
Question 1. सहीं विकल्प का चुनाव करके लिखिये।
(क) निम्नलिखित में रबी की फसल है-
(अ) धान
(ब) मक्का
(स) मूंगफली
(द) गेहूँ
Answer: (द) गेहूँ
In simple words: रबी की फसलें वे हैं जो सर्दियों में बोई जाती हैं और वसंत में काटी जाती हैं, जैसे गेहूँ। धान, मक्का और मूंगफली खरीफ की फसलें हैं।
🎯 Exam Tip: रबी और खरीफ की फसलों के उदाहरणों को याद रखना वर्गीकरण-आधारित प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 1. सहीं विकल्प का चुनाव करके लिखिये।
(ख) निम्नलिखित में खर पतवार नाशी है-
(अ) यूरिया
(ब) कम्पोस्ट
(स) मेटाक्लोर
(द) अमोनियम फास्फेट
Answer: (स) मेटाक्लोर
In simple words: मेटाक्लोर एक खरपतवार नाशी है जिसका उपयोग अवांछित पौधों को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। यूरिया, कम्पोस्ट और अमोनियम फास्फेट उर्वरक हैं।
🎯 Exam Tip: खरपतवार नाशी, उर्वरक, और कीटनाशक जैसे कृषि रसायनों के सही उपयोग और पहचान को समझना आवश्यक है।
Question 1. सहीं विकल्प का चुनाव करके लिखिये।
(ग) यूरिया उर्वरक है-
(अ) नाइट्रोजनी
(ब) स्फुरी
(स) पोटेशिक
(द) संयुक्त
Answer: (अ) नाइट्रोजनी
In simple words: यूरिया एक नाइट्रोजनी उर्वरक है, जिसका अर्थ है कि यह पौधों को नाइट्रोजन प्रदान करता है, जो उनकी वृद्धि के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार के उर्वरकों (नाइट्रोजनी, स्फुरी, पोटेशिक) और उनके प्राथमिक पोषक तत्वों की भूमिका को जानना महत्वपूर्ण है।
Question 1. सहीं विकल्प का चुनाव करके लिखिये।
(घ) सहीवाल है-
(अ) गाय
(ब) भैंस
(स) मछली
(द) मुर्गी
Answer: (अ) गाय
In simple words: साहीवाल गाय की एक प्रसिद्ध भारतीय नस्ल है जो अपनी दुग्ध उत्पादन क्षमता के लिए जानी जाती है।
🎯 Exam Tip: पशुधन की प्रमुख नस्लों और उनकी विशेषताओं को याद रखना कृषि विज्ञान से संबंधित प्रश्नों में सहायक होता है।
Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति करो
(क) उगाये जाने वाले एक ही किस्म के पौधे फसल कहलाते हैं।
(ख) तरबूज, खरबूजा, मक्को आदि के लिए बलुई मिट्टी उपयुक्त है।
(ग) बुआई के लिए प्रयुक्त यंत्र डिबलर तथा बीज बेधक है।
(घ) सोनालिका गेहूँ की उन्नत किस्म है जो संकरण के फलस्वरूप प्राप्त हुई है।
(ङ) काटला रोहू अलवण जल में पायी जाने वाली मछली है।
In simple words: ये प्रश्न फसल उत्पादन, मिट्टी के प्रकार, कृषि उपकरण, फसल की किस्मों और मत्स्य पालन के बारे में बुनियादी ज्ञान का परीक्षण करते हैं, जो छात्रों को महत्वपूर्ण अवधारणाओं को याद रखने में मदद करते हैं।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरें प्रश्नों के लिए मुख्य शब्दावली और परिभाषाओं को कंठस्थ करना उच्च अंक प्राप्त करने की कुंजी है।
Question 3. सही जोड़े बनाइये-
Answer:
(क) डिबलर - (स) बुआई की विधि
(ख) साइलो - (अ) भण्डारन की विधि
(ग) साहीवाल - (द) गाय के सिम
(घ) सालमॉन - (ब) मछली की नस्ल
(ङ) व्हाइट लेग हॉन - (र) मुर्गी की नस्ल
(च) शार्क - (य) विटामिन ए और डी का स्रोत
In simple words: यह मिलान विभिन्न कृषि उपकरणों, भंडारण विधियों, पशुधन नस्लों और उनके संबंधित कार्यों या वर्गीकरण को जोड़ता है।
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों को सटीकता से हल करने के लिए प्रत्येक वस्तु और उसकी संबंधित श्रेणी या कार्य की स्पष्ट समझ आवश्यक है।
Question 4. (क) बलुई मिट्टी और चिकनी मिट्टी में क्या अन्तर है?
Answer:
बलुई मिट्टी-जिस मिट्टी में बालू की मात्रा अधिक होती है, उसे बलुई मिट्टी कहते हैं।
चिकनी मिटूटी- जिस मिट्टी में बालू की मात्रा कम तथा मिट्टी के कण छोटे होते हैं, वह चिकनी मिट्टी कहलाती है।
In simple words: बलुई मिट्टी में रेत के बड़े कण अधिक होते हैं, जिससे पानी जल्दी निकल जाता है, जबकि चिकनी मिट्टी में महीन कण होते हैं जो पानी को बेहतर तरीके से रोक कर रखते हैं।
🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार की मिट्टियों की संरचना और उनके गुणों में अंतर को समझना पौधों की वृद्धि पर उनके प्रभाव के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 4. (ख) जून से अक्टूबर माह में कौन-कौन सी फसलें बोयी जाती है?
Answer: खरीफ फसल
In simple words: जून से अक्टूबर के महीनों में, मानसून के मौसम के साथ, खरीफ फसलें जैसे धान, मक्का और सोयाबीन बोई जाती हैं।
🎯 Exam Tip: भारत में फसल के मौसमों (खरीफ, रबी, जायद) और उनमें उगाई जाने वाली प्रमुख फसलों को जानना महत्वपूर्ण है।
Question 4. (ग) बुआई के लिए बीजवेधक का क्या महत्त्व है?
Answer: बीच बेधक का प्रयोग बीज की गहराई में बोये जाने के लिए होता है। इसके द्वारा बीज समान दूरी पर तथा निश्चित गहराई तक बोये जा सकते हैं। जिसकी वजह से पक्षियों द्वारा बीज की क्षति की सम्भावना नहीं होती है।
In simple words: बीज वेधक बीज को सही गहराई और उचित दूरी पर बोने में मदद करता है, जिससे अंकुरण बेहतर होता है और पक्षियों द्वारा बीज खाने से होने वाला नुकसान कम होता है।
🎯 Exam Tip: आधुनिक कृषि उपकरणों जैसे बीज वेधक के लाभों को समझना दक्षता और उपज सुधार पर केंद्रित प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 4. (घ) फसल चक्रण से क्या समझते हैं?
Answer: फसल की अच्छी पैदावार के लिए भूमि में सभी पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा अति आवश्यक है। खेत में जब एक ही फसल वर्ष दर वर्ष लगायी जाती है तो भूमि की पोषकता प्रभावित होती है। इसके लिए एक फसल के बाद दूसरी विकल्पी फसल लगाने की प्रथा है जैसे- गेहूं की फसल के बाद दलहन की फसल लगायी जाती है, जिससे भूमि की उर्वरता बनी रहती है। इसे फसल चक्रण कहते हैं।
In simple words: फसल चक्रण का अर्थ है मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और पोषक तत्वों की कमी को रोकने के लिए एक ही खेत में अलग-अलग फसलों को बारी-बारी से उगाना।
🎯 Exam Tip: मृदा स्वास्थ्य और दीर्घकालिक कृषि उत्पादकता बनाए रखने में फसल चक्रण के महत्व को स्पष्ट रूप से समझाना चाहिए।
Question 4. (ङ) हरित क्रान्ति पर प्रकाश डालिए? ।
Answer: कृषि में सुधार लाने के उद्देश्य के लिए प्रयास 1960 से शुरू किये गये हैं। इसे हरित क्रान्ति कहते हैं। हरित क्रान्ति के तहत कृषि तथा रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से फसल उत्पादन में पर्याप्त वृद्धि हुई है।
In simple words: हरित क्रांति 1960 के दशक में शुरू हुआ एक कार्यक्रम था जिसने उन्नत कृषि तकनीकों और रासायनिक उर्वरकों के उपयोग के माध्यम से भारत में खाद्य उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की।
🎯 Exam Tip: हरित क्रांति की परिभाषा, इसके उद्देश्यों और भारतीय कृषि पर इसके प्रभावों को संक्षेप में प्रस्तुत करने में सक्षम होना महत्वपूर्ण है।
Question 4. (च) गाय और भैंस की दो-दो उन्नत किस्मों के नाम लिखिये।।
Answer:
गाय- साहीवाल, गिर
भैंस- मुर्रा, जाफराबादी
In simple words: गाय और भैंस की उन्नत किस्में अधिक दूध उत्पादन और बेहतर अनुकूलन क्षमता के लिए जानी जाती हैं, जैसे गायों में साहीवाल और गिर, और भैंसों में मुर्रा और जाफराबादी।
🎯 Exam Tip: डेयरी पशुओं की प्रमुख नस्लों और उनकी मुख्य विशेषताओं को याद रखना कृषि और पशुपालन से संबंधित प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 4. (छ) ऊष्मायन काल किसे कहते हैं।
Answer: मुर्गी अण्डे पर बैठकर उसे 21 दिन तक सेती है। इस अवधि को ऊष्णायन काल कहते हैं। इससे अण्डे को नमी एवं ऊष्णता मिलती है। यह अण्डे में भ्रूण के विकास एवं अण्डों के स्फुटन में सहायक है।
In simple words: ऊष्मायन काल वह अवधि है जिसके दौरान एक मुर्गी अंडे को सेती है, जिससे भ्रूण को विकसित होने के लिए आवश्यक गर्मी और नमी मिलती है।
🎯 Exam Tip: ऊष्मायन काल की अवधि और भ्रूण के विकास में इसकी भूमिका को स्पष्ट रूप से परिभाषित करना चाहिए।
Question 4. (ज) अण्डों की गुणवत्ता की जाँच कैसे करेंगे ।
Answer: गर्म पानी से भरे पात्र में कुछ अण्डे डाल दीजिए। ध्यान से देखिए क्या यह तैरते रहते हैं । या पानी में डूब जाते हैं। जो अण्डे पानी में डूब जाते हैं, वह अच्छी गुणवत्ता वाले हैं तथा जो तैरते रहते हैं, वे खराब अण्डे हैं।
In simple words: अंडे की गुणवत्ता की जांच पानी में डालकर की जा सकती है; ताजे और अच्छे अंडे डूब जाते हैं जबकि खराब या पुराने अंडे पानी में तैरते हैं।
🎯 Exam Tip: अंडे की गुणवत्ता जांच की सरल विधि को याद रखना खाद्य सुरक्षा और चयन से संबंधित प्रश्नों में उपयोगी है।
Question 4. (झ) एक कुक्कुट फार्म में पक्षियों को दिये जाने वाले आहार का वर्णन कीजिए ।
Answer: कुक्कुट आहार में दले हुये दाने, हरी खाद्य सामग्री होती है। गेहूँ, मक्का, बाजरा जैसे अनाजों को पीसकर इसमें कंकड़ बालू का चूरा या चूना पत्थर का चूरा मिलाते हैं। कंकड़, चूना पत्थर कैल्सियम कार्बोनेट का स्रोत होने के कारण अण्डे का कवंच बनाने में सहायक होता है। मुर्गी को जल की पर्याप्त मात्रा दी जाती है। जल की मात्रा कम होने पर अण्डे देने की क्षमता में कमी आती है।
In simple words: कुक्कुट फार्म में पक्षियों को दलिया, हरी पत्तियां, और पिसे हुए अनाज के साथ-साथ कैल्शियम कार्बोनेट के लिए चूना पत्थर का चूरा और पर्याप्त पानी दिया जाता है।
🎯 Exam Tip: कुक्कुट आहार के घटकों और प्रत्येक घटक की भूमिका (जैसे कैल्शियम का महत्व) को स्पष्ट रूप से समझाना चाहिए।
Question 5. नाइट्रोजन चक्र को चित्र की सहायता से समझाइये ।
Answer: नाइट्रोजन सभी खाद्य पदार्थों का एक आवश्यक अवयव है। हालाँकि यह वायु में प्रचुर मात्रा (लगभग 79%) में उपस्थित है फिर भी पौधे इसे सीधे वायुमण्डल से ग्रहण नहीं कर सकते हैं। वायुमण्डल की नाइट्रोजन को घुलनशील नाइट्रेट्स में बदलने की क्रिया नाइट्रोजन स्थिरीकरण कहलाती है। पौधे नाइट्रोजन को नाइट्रेट्स के रूप में निम्नलिखित विधियों द्वारा प्राप्त कर सकते हैं।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र वायुमंडलीय नाइट्रोजन, तड़ित (बिजली कड़कने से) और नाइट्रोजन स्थिरीकरण जीवाणु, कृत्रिम उर्वरक द्वारा मिट्टी में नाइट्रेट्स में रूपांतरण को दर्शाता है। फिर पौधे प्रोटीन के रूप में इसे मिट्टी से अवशोषित करते हैं। मृत पौधों और जानवरों के अपघटन से अमोनिया और नाइट्रोजन यौगिक बनते हैं, जो अंततः नाइट्रिफाइंग जीवाणु और विनाइट्रीकरण जीवाणु द्वारा वायुमंडल में वापस छोड़ दिए जाते हैं, जिससे नाइट्रोजन चक्र पूरा होता है।
In simple words: नाइट्रोजन चक्र वह प्रक्रिया है जिसमें वायुमंडलीय नाइट्रोजन पौधों द्वारा उपयोग के लिए मिट्टी में परिवर्तित होती है, फिर खाद्य श्रृंखला में जाती है, और अंततः विघटन और विनाइट्रीकरण के माध्यम से वायुमंडल में लौट आती है।
🎯 Exam Tip: नाइट्रोजन चक्र के प्रमुख चरणों - स्थिरीकरण, नाइट्रीकरण, आत्मसात और विनाइट्रीकरण - को समझना और उनके महत्व को स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है।
Question 6. फसल की कटाई के लिए प्रयोग करने वाले हसियाँ का चित्र बनाइए ।
Answer:
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस खंड में फसल काटने के लिए इस्तेमाल होने वाली दो प्रकार की हँसियों के चित्र दिए गए हैं। पहला चित्र एक साधारण हँसिया (Plain Sickle) दर्शाता है, जिसमें एक चिकना, घुमावदार ब्लेड होता है। दूसरा चित्र एक दाँतेदार हँसिया (Serrated Sickle) प्रस्तुत करता है, जिसके ब्लेड पर दाँते बने होते हैं, जो कटाई को अधिक प्रभावी बनाते हैं।
In simple words: हँसिया एक हाथ का औजार है जिसका उपयोग अनाज की फसलों और घास को काटने के लिए किया जाता है, जिसमें दो मुख्य प्रकार होते हैं: चिकने ब्लेड वाला साधारण हँसिया और दाँतेदार ब्लेड वाला दाँतेदार हँसिया।
🎯 Exam Tip: कृषि उपकरणों के नाम और उनके कार्यों को याद रखना तथा उनके प्रकारों को पहचानना व्यावहारिक ज्ञान के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 7. फसलों का भण्डारण किस प्रकार किया जाता है।
Answer: उपरोक्त पद्धतियों द्वारा फसल उत्पादन के पश्चातू उपज का भण्डारण एक महत्वपूर्ण चरण है। चूहे, कीड़े तथा अन्य छोटे जीवों से उपज को बहुत नुकसान होता है। इसके लिए बड़े पैमाने पर अन्न के भण्डारण के लिए उन्नत भण्डारों धातु के बर्तनों तथा साइलों का उपयोग किया जाता है। भण्डारण में ताप का भी ध्यान रखा जाता हैं जिन खाद्यान्नों में पानी की मात्रा कम होती है जैसे- अनाज, दालें इत्यादि को कमरे के ताप पर सुरक्षित रखा जाता है। फल सब्जियों में पानी की मात्रा अधिक होने के कारण इन्हें कम ताप 0°C से -1°C पर संरक्षित किया जाता है।
In simple words: फसलों का भंडारण चूहों और कीड़ों से बचाने के लिए उन्नत तरीकों जैसे धातु के बर्तनों और साइलों का उपयोग करके किया जाता है, जहाँ अनाज को कमरे के तापमान पर और फल-सब्जियों को कम तापमान पर नमी नियंत्रित करके रखा जाता है।
🎯 Exam Tip: फसल भंडारण के महत्व, कीटों से बचाव के तरीकों और विभिन्न प्रकार की उपज के लिए इष्टतम भंडारण स्थितियों को जानना महत्वपूर्ण है।
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