Find trusted UP Board Solutions for Class 8 Home Craft Chapter 7 सिलाई कला below, updated for the 2026-27 term. Following standard UP Board textbook editions for Class 8 Home Craft, these professional answers for Class 8 Home Craft give students complete explanations and are downloadable as free PDFs.
Step-by-Step UP Board Solutions: Class 8 Home Craft Chapter 7 सिलाई कला
Want to build a strong core? For Class 8 students, working through UP Board textbook questions is essential. Our Class 8 Home Craft solutions use clear, step-by-step methods so you grasp the reasoning behind each answer. Practicing these Chapter 7 सिलाई कला solutions will help you score better marks in exams.
Class 8 Home Craft Chapter 7 सिलाई कला UP Board Solutions PDF
पाठ-7 सिलाई कला
अभ्यास
1. बहुविकल्पीय
प्रश्न: रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(क) वस्त्रों की सिलाई करना एक ____ है।
(ख) मशीन में तेल डालते समय ____ को ऊँचा कर लेना चाहिए।
(ग) रेशम के तंतु ____ के ककून से प्राप्त होते हैं।
Answer:
(क) वस्त्रों की सिलाई करना एक कला है।
(ख) मशीन में तेल डालते समय निडिलबार को ऊँचा कर लेना चाहिए।
(ग) रेशम के तंतु कीड़े के ककून से प्राप्त होते हैं।
In simple words: सिलाई एक कला है, मशीन में तेल डालते समय निडिलबार को ऊपर करें, और रेशम के धागे कीड़े के ककून से मिलते हैं। यह सिलाई के कुछ महत्वपूर्ण बुनियादी तथ्य हैं।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, वाक्य के अर्थ और व्याकरण पर ध्यान दें ताकि सही शब्द का चयन किया जा सके।
2. अतिलघु उत्तरीय
प्रश्न:
(क) वस्त्र कितने प्रकार के होते हैं? नाम लिखिए।
Answer: वस्त्र मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं:
1. सूती वस्त्र: ये बाजार में कई रूपों में मिलते हैं जैसे मारकीन, दुसूती, मलमल और जींस। सूती कपड़े गर्मी में पहनने के लिए बहुत आरामदायक होते हैं।
2. रेशमी वस्त्र: इसमें सिल्क, साटन और मखमल शामिल हैं। यह कपड़े चमकदार और चिकने होते हैं।
3. ऊनी वस्त्र: बनावट के अनुसार, यह दो प्रकार के होते हैं - ट्वीड़ और सर्ज। ऊनी कपड़े ठंडी जलवायु के लिए आदर्श होते हैं।
In simple words: कपड़े तीन तरह के होते हैं: सूती (जैसे कॉटन), रेशमी (जैसे सिल्क), और ऊनी (जैसे ऊन)।
🎯 Exam Tip: वस्त्रों के प्रकार और उनके मुख्य उदाहरणों को याद रखें। यह प्रश्न अक्सर छोटे उत्तर वाले सेक्शन में पूछा जाता है।
(ख) किस वस्त्र पर क्रास स्टिच की कढ़ाई सरलता से होती है?
Answer: क्रॉस स्टिच की कढ़ाई दुसूती वस्त्र पर आसानी से की जा सकती है। दुसूती कपड़े की बुनाई ऐसी होती है कि उस पर क्रॉस स्टिच के टांके साफ और व्यवस्थित दिखते हैं।
In simple words: दुसूती कपड़े पर क्रॉस स्टिच की कढ़ाई बहुत आसानी से होती है।
🎯 Exam Tip: क्रॉस स्टिच के लिए दुसूती कपड़े का चुनाव महत्वपूर्ण है क्योंकि इसकी बनावट टांकों को सही से बिठाने में मदद करती है।
(ग) ऊनी वस्त्रों का प्रयोग किस ऋतु में किया जाता है?
Answer: ऊनी वस्त्रों का प्रयोग मुख्य रूप से शीत ऋतु (सर्दी के मौसम) में किया जाता है। ऊनी कपड़े शरीर को गर्म रखते हैं, जिससे वे ठंड के मौसम के लिए उपयुक्त होते हैं।
In simple words: ऊनी कपड़े सर्दियों में पहने जाते हैं क्योंकि वे गर्म होते हैं।
🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार के वस्त्रों के उपयोग और मौसम के अनुसार उनके चयन को याद रखना महत्वपूर्ण है।
3. लघु उत्तरीय
प्रश्न:
(क) घर पर सिलाई करने के किन्हीं चार लाभ लिखिए ।
Answer: घर पर सिलाई करने के कई लाभ होते हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख इस प्रकार हैं:
1. नाप के अनुसार सिलाई: इससे कपड़े शरीर की नाप के एकदम सही बनते हैं, जिससे फिटिंग अच्छी आती है।
2. मजबूत सिलाई: घर पर सिलाई करने से हम सिलाई की गुणवत्ता पर ध्यान दे सकते हैं, जिससे कपड़े मजबूत बनते हैं और लंबे समय तक चलते हैं।
3. आर्थिक लाभ: यह पैसे बचाने में मदद करता है, क्योंकि रेडीमेड कपड़े खरीदने या दर्जी से सिलवाने से सस्ता पड़ता है।
4. बचे हुए कपड़े का सदुपयोग: घर पर सिलाई करके छोटे-छोटे टुकड़ों या बचे हुए कपड़ों का इस्तेमाल बच्चों के कपड़े, तकिए के कवर या अन्य उपयोगी चीजें बनाने में किया जा सकता है।
5. धनोपार्जन का साधन: यदि व्यक्ति सिलाई में निपुण हो जाए, तो वह दूसरों के कपड़े सिलकर या सिलाई का काम करके पैसे भी कमा सकता है।
In simple words: घर पर सिलाई करने से कपड़े सही नाप के बनते हैं, मजबूत होते हैं, पैसे बचते हैं, पुराने कपड़ों का सही इस्तेमाल होता है, और यह कमाई का ज़रिया भी बन सकता है।
🎯 Exam Tip: घर पर सिलाई के लाभों को बिंदुवार स्पष्ट करें, जिससे आपके उत्तर में सटीकता और स्पष्टता रहे।
(ख) रेशनी एवं ऊनी वस्त्र कितने प्रकार के होते हैं? उनके नाम लिखिए ।
Answer: रेशमी और ऊनी वस्त्र दोनों के कई प्रकार होते हैं:
**रेशमी वस्त्र निम्न प्रकार के होते हैं:**
1. सिल्क: यह बहुत मुलायम और चिकना होता है। इससे कुर्ते, ब्लाउज और साड़ियाँ बनाई जाती हैं।
2. साटन: यह चिकना और थोड़ा खुरदुरा भी होता है। इससे गरारे, कुर्ते, लहंगे और सलवार जैसे कपड़े बनाए जाते हैं। साटन कपड़े अक्सर अपनी चमक के लिए जाने जाते हैं।
3. मखमल: इसमें छोटे-छोटे रोएँ होते हैं। यह देखने में बहुत सुंदर और छूने में महंगा लगता है। इससे कुर्ते, रजाई और तकिया के गिलाफ आदि बनाए जाते हैं।
**ऊनी वस्त्र निम्नलिखित प्रकार के होते हैं:**
1. ट्वीड़: यह मोटे और गर्म धागों से बना होता है। यह काफी गर्म होता है और खुरदरा तथा मुलायम दोनों तरह का हो सकता है। इससे कोट और ओवर कोट जैसे गर्म कपड़े बनते हैं।
2. सर्ज: यह देखने में सुंदर और छूने में कोमल होता है, और आमतौर पर काफी महंगा होता है। इससे पैंट, कोट और सूट जैसे औपचारिक कपड़े बनाए जाते हैं।
In simple words: रेशमी कपड़ों में सिल्क, साटन और मखमल होते हैं। ऊनी कपड़ों में ट्वीड़ और सर्ज होते हैं। ये सभी अलग-अलग बनावट और उपयोग वाले होते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रत्येक प्रकार के वस्त्र के नाम के साथ उसकी एक या दो मुख्य विशेषता और उससे बनने वाले कपड़ों के उदाहरण अवश्य दें।
4. दीर्घ उत्तरीय
प्रश्न:
(क) कपड़े पर ड्राफ्टिंग करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
Answer: कपड़े पर ड्राफ्टिंग करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है:
1. आकृति में अंतर: ड्राफ्ट बनाते समय व्यक्ति की शारीरिक आकृति का ध्यान रखना चाहिए, ताकि कपड़ा सही ढंग से कटे और शरीर पर अच्छी तरह फिट बैठे।
2. कपड़े के सिकुड़न: यदि कपड़ा ऐसा है जो धुलने के बाद सिकुड़ता है, तो उसे ड्राफ्टिंग से पहले दो घंटे पानी में डालकर सुखा लेना चाहिए। इससे सिकुड़न की समस्या नहीं आती।
3. व्यक्ति की रुचि का ध्यान: कुछ लोग ढीले कपड़े पहनना पसंद करते हैं, जबकि कुछ चुस्त। ड्राफ्टिंग करते समय ग्राहक की व्यक्तिगत पसंद को ध्यान में रखना चाहिए। ग्राहक की पसंद सिलाई की अंतिम सफलता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
4. कागज के ड्राफ्ट द्वारा वस्त्रों पर ड्राफ्टिंग करना: पहले कागज पर ड्राफ्ट तैयार करना फायदेमंद होता है। ऐसा करने से कपड़े पर सीधे काटने से पहले किसी भी गलती को सुधारा जा सकता है, और बाद में कपड़े को ज़रूरत के अनुसार ढीला या फिट करने में आसानी होती है।
In simple words: कपड़े पर ड्राफ्टिंग करते समय, व्यक्ति की नाप और पसंद का ध्यान रखें। सिकुड़ने वाले कपड़ों को पहले धोकर सुखा लें, और पहले कागज पर ड्राफ्ट बना लें ताकि गलतियां न हों।
🎯 Exam Tip: ड्राफ्टिंग से पहले तैयारी और नियोजन, जैसे कि कपड़े का पूर्व-संशोधन और कागज पर ड्राफ्ट बनाना, सिलाई में होने वाली गलतियों को कम करने में मदद करता है।
(ख) सिलाई मशीन की देखभाल आप कैसे करेंगे? विस्तार से लिखिए।
Answer: सिलाई मशीन की ठीक से देखभाल करने के लिए नीचे दी गई बातों पर ध्यान देना चाहिए:
1. मशीन को धूल व मिट्टी से बचाएँ: सिलाई मशीन को हमेशा ढककर रखना चाहिए ताकि उस पर धूल और मिट्टी न जमे। धूल जमने से मशीन के पुर्जे खराब हो सकते हैं।
2. साल में एक बार मशीन को साफ करें: कम से कम साल में एक बार मशीन को खोलकर उसके पुर्जों को मिट्टी के तेल या खास मशीन क्लीनर से साफ करना चाहिए। इससे मशीन की चिकनाई बनी रहती है।
3. समय-समय पर मशीन में तेल दें: मशीन के सभी चलने वाले पुर्जों में नियमित रूप से मशीन का तेल डालते रहना चाहिए। इससे पुर्जे चिकने रहते हैं और घिसते नहीं हैं, जिससे मशीन लंबे समय तक चलती है।
4. तेल देते समय नीडिल बार को ऊपर करें: मशीन में तेल डालते समय नीडिल बार (सुई वाला हिस्सा) को हमेशा ऊपर कर लेना चाहिए। यह सुनिश्चित करता है कि तेल सही जगह तक पहुंचे और सुई वाले हिस्से में कोई रुकावट न आए।
In simple words: सिलाई मशीन को धूल से बचाना चाहिए, साल में एक बार अच्छे से साफ करना चाहिए, नियमित रूप से तेल देना चाहिए, और तेल डालते समय सुई वाले बार को ऊपर रखना चाहिए।
🎯 Exam Tip: सिलाई मशीन की नियमित देखभाल से उसकी कार्यक्षमता बनी रहती है और उसकी उम्र लंबी होती है। यह एक महत्वपूर्ण व्यावहारिक कौशल है।
प्रोजेक्ट कार्य :
नोट : विद्यार्थी स्वयं करें ।
Free study material for Home Craft
Home Craft Class 8 Curriculum Solutions: Chapter 7 सिलाई कला
Chapter-wise Textbook Answers for Class 8
Explore expert-verified UP Board Solutions for Chapter 7 सिलाई कला right here on our portal. Designed by experienced educators, these answers address every exercise question found within your Class 8 Home Craft textbook, fully updated to match the latest academic standards and active UP Board syllabus guidelines.
Mastering Theoretical & Practical Questions
Our faculty has formulated detailed, step-by-step explanations for challenging problems across the Class 8 Home Craft chapter. Beyond giving direct outcomes, we break down the underlying theories to foster genuine topic comprehension. Ideal for Class 8 learners tackling both theoretical and numerical questions, reviewing these UP Board Questions and Answers significantly strengthens fundamental concepts.
Maximizing Study Efficiency with Solved Guides
Using our Home Craft solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 8 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 7 सिलाई कला to get a complete preparation experience.
FAQs
The complete and updated UP Board Solutions Class 8 Home Craft Chapter 7 सिलाई कला is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 8 Home Craft are as per latest UP Board curriculum.
Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 8 Home Craft Chapter 7 सिलाई कला as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Home Craft concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 8 Home Craft Chapter 7 सिलाई कला will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 8 Home Craft. You can access UP Board Solutions Class 8 Home Craft Chapter 7 सिलाई कला in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 8 Home Craft Chapter 7 सिलाई कला in printable PDF format for offline study on any device.