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Class 8 History and Civics Chapter 3 भारत में कंपनी राज्य का विस्तार Textbook Solutions with Answers
भारत में कंपनी राज्य का विस्तार
अभ्यास
Question 1. बहुविकल्पीय प्रश्न
(1) विलय नीति का सम्बन्ध है-
(क) नाना साहब से
(ख) डलहौजी से
(ग) टीपू सुल्तान से
(घ) हैदर अली से
Answer: (ख) डलहौजी से
विलय नीति का संबंध लॉर्ड डलहौजी से था। यह एक महत्वपूर्ण नीति थी जिससे अंग्रेजों ने भारतीय राज्यों को अपने नियंत्रण में लिया।
In simple words: यह नीति लॉर्ड डलहौजी ने बनाई थी।
🎯 Exam Tip: जब ऐतिहासिक शख्सियतों को विशिष्ट नीतियों से जोड़ते हैं, तो उनके नाम और संबंधित कार्यों को याद रखना महत्वपूर्ण है।
(2) पानीपत के तृतीय युद्ध में मराठा संघ को पराजित किया-
(क) अहमदशाह अब्दाली ने
(ख) नादिरशाह ने
(ग) शाहशुजा ने
(घ) जमाल खाँ ने
Answer: (क) अहमदशाह अब्दाली ने
पानीपत के तीसरे युद्ध में मराठा संघ को अहमदशाह अब्दाली ने हराया था। यह युद्ध भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण मोड़ था।
In simple words: मराठा युद्ध में अहमदशाह अब्दाली ने मराठों को हराया था।
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक घटनाओं के बारे में MCQ प्रश्नों के लिए, घटना को मुख्य व्यक्ति या समूह से सही ढंग से जोड़ने पर ध्यान दें।
Question 2. अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
(1) प्रथम आंग्ल मैसूर युद्ध किसके बीच हुआ?
Answer: पहला आंग्ल-मैसूर युद्ध हैदरअली और अंग्रेजों के बीच लड़ा गया था। यह युद्ध मैसूर राज्य और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच संघर्ष का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।
In simple words: यह युद्ध हैदरअली और अंग्रेजों के बीच हुआ था।
🎯 Exam Tip: प्रमुख ऐतिहासिक संघर्षों में शामिल मुख्य पक्षों को हमेशा याद रखें।
(2) टीपू सुल्तान ने श्री रंग पट्ट्टम की संधि किस सन् में की?
Answer: टीपू सुल्तान ने श्रीरंगपट्टनम की संधि 1792 ईस्वी में की थी। इस संधि से तीसरा आंग्ल-मैसूर युद्ध समाप्त हुआ था और टीपू सुल्तान को अंग्रेजों की शर्तें माननी पड़ी थीं।
In simple words: टीपू सुल्तान ने 1792 में श्रीरंगपट्टनम की संधि पर हस्ताक्षर किए।
🎯 Exam Tip: जब तिथियाँ पूछी जाती हैं, तो सटीकता महत्वपूर्ण है। महत्वपूर्ण संधियों और घटनाओं के लिए सटीक वर्ष याद करें।
Question 3. लघु उत्तरीय प्रश्न
(1) प्रथम मराठा युद्ध के बारे में लिखिए?
Answer: अंग्रेजों और मराठों के बीच पहला मराठा युद्ध 1775 से 1782 ईस्वी तक, यानी सात सालों तक चला। नाना फड़नवीस की अच्छी अगुवाई और मराठों की ताकत के कारण अंग्रेजों को ज्यादा कामयाबी नहीं मिली। आखिर में, 1782 ईस्वी में सालबाई नामक जगह पर दोनों पक्षों के बीच एक समझौता हो गया। इस संधि से दोनों पक्षों के बीच शांति स्थापित हुई।
In simple words: पहला मराठा युद्ध अंग्रेजों और मराठों के बीच 1775 से 1782 तक हुआ। नाना फड़नवीस के कारण अंग्रेज सफल नहीं हुए, और 1782 में सालबाई की संधि हुई।
🎯 Exam Tip: युद्धों का वर्णन करते समय, हमेशा शामिल पक्षों, प्रमुख हस्तियों, अवधि, महत्वपूर्ण घटनाओं और अंतिम परिणाम या संधि का उल्लेख करें।
(2) सहायक संधि क्या थी?
Answer: सहायक संधि एक ऐसी व्यवस्था थी जिसके तहत भारतीय राजाओं पर अंग्रेजों का संरक्षण स्वीकार करने का दबाव डाला गया। इसके बदले में, अंग्रेजी राज्य उन राजाओं की अंदरूनी और बाहरी खतरों से रक्षा करने की जिम्मेदारी लेता था। यह नीति अंग्रेजों को भारतीय राज्यों पर अपना नियंत्रण बढ़ाने में बहुत सहायक हुई।
In simple words: सहायक संधि से भारतीय राजा अंग्रेजों की रक्षा में आ गए। अंग्रेज उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेते थे।
🎯 Exam Tip: नीति को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें, उसके प्राथमिक कार्य की व्याख्या करें और शामिल पक्षों के लिए उसके महत्वपूर्ण परिणामों का उल्लेख करें।
Question 4. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
(1) डलहौजी की राज्य हड़पने की नीति क्या थी? इस नीति के क्या उद्देश्य थे?
Answer: लॉर्ड हार्डिंग के बाद, 1848 ईस्वी में लॉर्ड डलहौजी भारत के गवर्नर-जनरल बने। उनका मुख्य लक्ष्य ब्रिटिश साम्राज्य को बढ़ाना था। डलहौजी चाहते थे कि ज्यादा से ज्यादा भारतीय राज्य ब्रिटिश साम्राज्य में मिल जाएँ। उनकी इस नीति की खास बात यह थी कि अगर किसी राजा की कोई संतान नहीं होती थी, तो उसका राज्य कंपनी के अधीन आ जाता था। हालाँकि, गोद लेने की अनुमति मिलती थी, लेकिन इसके लिए कंपनी सरकार की पहले से मंजूरी लेना जरूरी था। कंपनी यह मंजूरी देने के लिए बाध्य नहीं थी। इस तरह अंग्रेजों को कई राज्यों को अपने कब्जे में लेने का बहाना मिल गया। इसी नीति को 'राज्य हड़पने की नीति' कहा गया। यह अंग्रेजों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हुई और पूरे भारत में ब्रिटिश साम्राज्य फैलाने में मदद की।
लॉर्ड डलहौजी की राज्य हड़पने की नीति के मुख्य उद्देश्य ये थे:
- ब्रिटिश साम्राज्य को और बड़ा करना था।
- व्यापार में अपनी मनमर्जी चलाना और कच्चा माल सस्ते दामों पर खरीदना था।
- अपना तैयार सामान भारत के बाजारों में महंगे दामों पर बेचना था।
- भारत के लोगों में फूट डालकर उन्हें आपस में लड़ाना और अपनी बड़ी इच्छाओं को पूरा करना था।
In simple words: डलहौजी की नीति थी कि अगर किसी राजा की कोई संतान न हो, तो उसका राज्य अंग्रेजों का हो जाएगा। इस नीति का मकसद ब्रिटिश साम्राज्य को बढ़ाना, सस्ता माल खरीदना, महंगा सामान बेचना और भारतीयों में फूट डालना था।
🎯 Exam Tip: जब किसी ऐतिहासिक नीति की व्याख्या कर रहे हों, तो उसकी मुख्य कार्यप्रणाली, प्राथमिक उद्देश्य और उसके महत्वपूर्ण परिणामों या उप-उद्देश्यों का स्पष्ट रूप से वर्णन करें।
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