UP Board Solutions Class 8 Hindi Chapter 2 Bhartiya Sanskriti Ke Agradoot

NCERT Solutions for Class 8 Hindi: Chapter 02 भारतीय संस्कृति के अग्रदूत

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पाठ को सारांश

महर्षि अगस्त्य

इनको जन्म काशी में हुआ। ये काशी के विश्वनाथ मन्दिर में पूजा-पाठ करते थे। इन्होंने विंध्याचल पार कर सुदूर दक्षिण भारत में शैव मत का प्रचार किया। स्थानीय लोगों को शिष्य बनाकर विंध्याचल के घने जंगल कटवाए और यहाँ नगरों और आश्रमों की स्थापना की। यहाँ के लोगों को कला-कौशल सिखाया। पाण्डय देश के राजा इन्हें देवता की तरह पूजते थे । भारतीय संस्कृति और शैव धर्म के प्रचार के लिए ये भारत से बाहर कम्बोडिया, जावा, सुमात्रा, बोर्नियो आदि द्वीपों तक गए। कहा जाता है कि ये समुद्र पी गए थे। कम्बोडिया के एक शिलालेख के अनुसार इनमें अलौकिक शक्ति थी। ये कम्बोडिया में भुदेश्वर नामक शिवलिंग की पूजा-अर्चना बहुत समय तक करते रहे। यहीं पर इनका स्वर्गवास हुआ। भारत के बाहर सुदूर देशों तक जाकर भारतीय संस्कृति और शैव धर्म का प्रचार करने वाले महर्षि अगस्त्य प्रथम व्यक्ति थे।

महर्षि पतञ्जलि

महर्षि पतञ्जलि पाटलिपुत्र के राजा पुष्यमित्र शुंग के समकालीन थे। इनके दो कार्य प्रसिद्ध हैं- प्रथम तो व्याकरण की पुस्तक 'महाभाष्य' के लिए तथा दूसरे पाणिनि के 'अष्टध्यायी' की टीका लिखने के लिए। महाभाष्य व्याकरण ग्रन्थ है, इसमें साहित्य, धर्म, भूगोल, समाज तथा रहन-सहन के तथ्य भी मिलते हैं। पतञ्जलि के बाद यह पुस्तक लुप्त हो गई थी। इसे कश्मीर के राजा जयादित्य ने खोज करके पुनः लिखवाया। पतञ्जलि ने संस्कृत भाषा को वैज्ञानिक स्वरूप प्रदान किया। प्राचीन काल में किसी भी देश में व्याकरण का ऐसा विद्वान नहीं हुआ ।

ऋषि याज्ञवल्क्य

इस नाम के दो विद्वान हुए हैं-पहले राजा जनक के समय में और दूसरे युधिष्ठिर काल में। यहाँ दूसरे याज्ञवल्क्य का विवरण है। इन्होंने 'याज्ञवल्क्य-स्मृति' नामक धर्मशास्त्र की रचना की जिसे याज्ञवल्क्य-संहिता भी कहा जाता है। स्मृति प्राचीन काल में ऐसे धर्मशास्त्र को कहा जाता था जिसमें आचार-व्यवहार, नियम-कानून आदि की व्यवस्था दी जाती थी। याज्ञवल्क्य-स्मृति के एक हजार बारह श्लोक तीन अध्यायों में विभक्त हैं। इस ग्रन्थ पर अनेक टीकाएँ की गई हैं, जिनमें मिताक्षरा और दायभाग प्रसिद्ध हैं। हिन्दू कानून के लिए यह पुस्तक प्रामाणिक मानी जाती है। याज्ञवल्क्य ने शास्त्रार्थ में अनेक पण्डितों को हराया था। उन्होंने भारतीय संस्कृति को अमर बनाने की चेष्टा की।

अभ्यास-प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए

 

Question 1. महर्षि अगस्त्य ने दक्षिण भारत में कौन से सामाजिक कार्य किए?
Answer: महर्षि अगस्त्य ने विंध्याचल का जंगल कटवाया। यहाँ नगरों और आश्रमों की स्थापना की। लोगों को कला-कौशल सिखाया। आयुर्वेद का प्रचार किया। हिन्दू धर्म, कला, संस्कृति और भाषा का ज्ञान दिया।
In simple words: महर्षि अगस्त्य ने दक्षिण भारत में विंध्याचल के जंगल साफ कर नगर व आश्रम स्थापित किए, लोगों को कला-कौशल सिखाया, और हिन्दू धर्म, आयुर्वेद, संस्कृति तथा भाषा का ज्ञान फैलाया।

🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में महर्षि अगस्त्य के प्रमुख सामाजिक और सांस्कृतिक योगदानों को सूचीबद्ध करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. महाभाष्य की रचना किसने और कहाँ की थी?
Answer: महाभाष्य की रचना महर्षि पतञ्जलि ने काशी में की थी।
In simple words: 'महाभाष्य' नामक व्याकरण ग्रन्थ की रचना महर्षि पतंजलि ने काशी शहर में की थी।

🎯 Exam Tip: इस प्रश्न का उत्तर देते समय लेखक (महर्षि पतंजलि) और स्थान (काशी) दोनों का उल्लेख अवश्य करें।

 

Question 3. महर्षि पतंजलि के लुप्त महाभाष्य की खोज किसने करायी ?
Answer: कश्मीर के राजा जयादित्य ने लुप्त महाभाष्य की खोज कराई।
In simple words: महर्षि पतंजलि के खोए हुए 'महाभाष्य' को कश्मीर के राजा जयादित्य ने ढूँढ़वाया और पुनर्जीवित करवाया।

🎯 Exam Tip: महाभाष्य के पुनरुद्धार से जुड़े शासक का नाम (राजा जयादित्य) याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 4. ऋषि याज्ञवल्क्य ने किस ग्रन्थ की रचना की थी?
Answer: ऋषि याज्ञवल्क्य ने याज्ञवल्क्य-स्मृति की रचना की थी।
In simple words: ऋषि याज्ञवल्क्य ने 'याज्ञवल्क्य-स्मृति' नामक धर्मशास्त्र की रचना की, जो भारतीय कानून के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रन्थ है।

🎯 Exam Tip: ऋषि याज्ञवल्क्य के साथ 'याज्ञवल्क्य-स्मृति' ग्रन्थ का नाम सीधे संबंधित करके याद रखें।

 

Question 5. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए- (पूर्ति करके)
Answer:
• पाण्डय देश के राजा अगस्त्य को देवता की तरह पूजते थे ।
• कम्बोडिया में अगस्त्य ने भुदेश्वर नामक शिवलिंग की बहुत काल तक पूजा की थी।
• महर्षि पतंजलि पाटलिपुत्र के राजा पुष्यमित्र शुंग के समकालीन थे ।
• न्होंने पाणिनि के अष्टाध्यायी की टीका भी लिखी।।
In simple words: ये वाक्य विभिन्न ऐतिहासिक और सांस्कृतिक हस्तियों जैसे अगस्त्य और पतंजलि से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्यों को पूरा करते हैं, जैसे उनकी पूजा, कार्यस्थल और समकालीन राजा।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, दी गई जानकारी को पाठ के सारांश से सत्यापित करें ताकि नाम, स्थान और कार्यों का सही मिलान हो सके।

 

Question 6. पता कीजिए-
Answer: नोट – विद्यार्थी अपने शिक्षक/शिक्षिका की सहायता से स्वयं पता करें।
In simple words: यह प्रश्न छात्रों को अपने शिक्षकों की मदद से जानकारी खोजने और स्वयं सीखने के लिए प्रोत्साहित करता है।

🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में, यह दिखाना महत्वपूर्ण है कि आप जानकारी प्राप्त करने के लिए उपलब्ध संसाधनों (जैसे शिक्षक) का उपयोग करने में सक्षम हैं।

Hindi Class 8 Curriculum Solutions: Chapter 02 भारतीय संस्कृति के अग्रदूत

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