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Detailed #VALUE! UP Board Solutions for Class 8 Hindi
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व्याकरण – जिन नियमों के अन्तर्गत किसी भाषा को शुद्ध बोलना, लिखना तथा ठीक प्रकार समझना आता है, उन्हें ही व्याकरण कहते हैं।
भाषा – भाषा के द्वारा मनुष्य अपने मन के विचार प्रकट करता है तथा दूसरों के भावों को स्वयं समझता है। विचारों को प्रकट करने के विभिन्न ढंग हैं किन्तु इनसे भाषा का रूप स्थिर नहीं रहने पाता है। व्याकरण भाषा के रूप को स्थिर कर देती है।
लिपि – जिन चिह्नों द्वारा मन के विचार को चित्रित किया जाता है, उन्हें 'लिपि' कहा जाता है; जैसे-हिन्दी भाषा की लिपि देवनागरी है।
व्याकरण के भाग
1. वर्ण विभाग,
2. शब्द विभाग,
3. वाक्य विभाग ।
(1. वर्ण विभाग)
वर्ण – वर्ण उस छोटी ध्वनि को कहते हैं जिसके टुकड़े नहीं हो सकते। इन्हें अक्षर भी कहते हैं। हिन्दी भाषा में कुल 44 वर्ण (अक्षर) हैं।
वर्गों के भेद-वर्ण दो प्रकार के होते हैं- 1. स्वर, 2. व्यंजन ।
1. स्वर – जो वर्ण किसी दूसरे वर्ण की सहायता के बिना बोला जा सकता हो, उसे स्वर कहते हैं। यह 11 होते हैं। स्वर दो प्रकार के होते हैं| (1) ह्रस्व स्वर-जिन स्वरों को बोलने में बहुत कम समय लगता है, वे ह्रस्व कहलाते हैं, जैसेअ, इ, उ, ए, ओ, ऋ ।
(2) दीर्घ स्वर – इन स्वरों को बोलने में ह्रस्व स्वरों की अपेक्षा दुगुना समय लगता है, जैसेआ, ई, ऊ, ऐ, औ। मात्रा-स्वर का वह छोटा रूप जो व्यंजन से जोड़ा जाता है, मात्रा लगता है 'अ' स्वर की कोई मात्रा नहीं होती; जैसे
2. व्यंजन – जो वर्ण स्वर की सहायता से बोल जाते हैं, उन्हें व्यंजन कहते हैं। यह 33 होते हैं। हिन्दी में व्यंजनों को पाँच वर्गों में बाँटा गया है।
| क वर्ग | क, ख, ग, घ, ङ | [कण्ठय] |
|---|---|---|
| च वर्ग | च, छ, ज, झ, ञ | [तालव्य] |
| ट वर्ग | ट, ठ, ड, ढ, ण | [मूर्धन्य] |
| त वर्ग | त, थ, द, ध, न | [दन्त्य] |
| प वर्ग | प, फ, ब, भ, म | [ओष्ठ्य] |
| अन्तस्थ | य, र, ल, व, | [अन्तस्थ] |
| ऊष्म | श, ष, स, ह | [ऊष्म] |
इनके अतिरिक्त हिन्दी में निम्न वर्ण भी हैं
संयुक्ताक्षर – जब दो वर्षों के बीच में स्वर नहीं रहता, तो उन्हें संयुक्त व्यंजन' या 'संयुक्ताक्षर कहते हैं, जैसा- क् + ष् + अ = क्ष, त् + * + अ = त्र, ज् + अ + अ = ज्ञ, श् + र् + अ = श्र ।
हलंत – बिना स्वर के व्यंजन के नीचे एक तिरछी रेखा () बना दी जाती है। इसे हलंत कहते हैं, जैसे- ज्, प, ट् आदि ।
अनुस्वार (अं) – वर्ण के ऊपर एक बिन्दु (-) को अनुस्वार कहते हैं; जैसे- पंख, शंख आदि ।
विसर्ग (अ) – वर्ण के आगे दो बिन्दुओं (:) को 'विसर्ग' कहते हैं, जैसे- अतः, फलतः आदि ।
अनुनासिक (*) – वर्ण के ऊपर चन्द्रबिन्दु में बिंदु (*) को 'अनुनासिक' कहते हैं, जैसे- आँख, आँच, पाँच आदि ।
(उपसर्ग और प्रत्यय)
(उपसर्ग)
उपसर्ग की परिभाषा – उपसर्ग वे शब्दांश हैं जो शब्दों के पूर्व जुड़कर उनके अर्थ बदल देते हैं या उनमें कोई विशेषता उत्पन्न कर देते हैं; जैसे- यश = कीर्ति जब इसके पूर्व में 'अप' उपसर्ग जुड़ जाता है। तो अप+यश = अपयश = बुराई का अर्थ हो जाता है। हिन्दी के प्रमुख उपसर्गों के उदाहरण देखिए
आ – आजन्म, आगमन, आकर्षण, आदान, आकण्ठ आदि
उपे – उपवन, उपग्रह, उपनाम, उपधर्म, उपयोग, उपसर्ग आदि
परि – परिजन, परिच्छेद, परिक्रमा, परितोष, परिवार आदि
अप – अपयश, अपवाद, अपमान, अपशब्द, अपकीर्ति आदि –
अव – अवगुण, अवतार, अवनति, अवज्ञा आदि – प्रसिद्ध, प्रयोग, प्रताप, प्रबल, प्रश्वास, प्रवचन आदि
परा – पराजय, पराभव, पराधीप, परास्त आदि अनु – अनुकूल, अनुचर, अनुसार, अनुमान आदि
निर् – निराकार, निर्भय, निर्जीव, निर्दोष, निर्मल आदि
दुर - दुर्बुद्धि, दुर्गम, दुर्दशा, दुर्लभ, दुर्मति, दुराशा आदि
प्रत्यय
प्रत्यय की परिभाषा – प्रत्यय वे शब्दांश हैं, जो शब्द के अन्त में जुड़कर उसके अर्थ व अवस्था में परिवर्तन कर देते हैं; 'प्रभु' शब्द के अन्त में जब 'ता' प्रत्यय लग जाता है तो 'प्रभुता' शब्द बन जाता है। अतः प्रभुता में 'ता' प्रत्यय है। कुछ अन्य प्रत्ययों से बने उदाहरण देखिए
ता – पटुता, लघुता, पंशुता, महत्ता, दासता, प्रभुता
त्व, – चुम्बकत्व, पशुत्व, दासत्व, ईश्वरत्व, लघुत्व, महत्त्व
इमा – कालिमा, लालिमा, नीलिमा, हरीतिमा
इक – पारलौकिक, पारिवारिक, तार्किक, मौलिक, भौतिक, नैतिक
इत – पुष्पित, आनन्दित, हर्षित, प्रफुल्लित, मोहित
वान – दयावान, धनवान, बलवान, गाड़ीवान, वेगवान
मान – बुद्धिमान, श्रीमान
पन – बड़प्पन, पागलपन, बचपन, मोटापन, खोटापन
ईय – भारतीय, शासकीय, माननीय, शोचनीय
आहट - कड़वाहट, चिकनाहट, गरमाहट, घबराहट
पा – बुढापा, मोटापा, छोटापा
आवट – लिखावट, बनावट, सजावट, दिखावट
आई - लिखाई, बुनाई, पढाई, सिलाई, मलाई, बुराई
अक – लेखक, पालक, गायक, पाठक, नायक, सेवक
इका – लेखिका, पालिका, गायिका, सेविका ।
ना – रोना, खाना, पीना, बेलना, ओढ़ना, बिछौना
आ – भूखा, सूखा, रूखा, भूसा, मृगया, रूठा
(विलोम शब्द)
एक – दूसरे का विपरीत अर्थ बताने वाले शब्द विलोम या विपरीतार्थी शब्द कहलाते हैं। किसी शब्द का विलोम उसके भाव को प्रकट करता है। छात्रों के ज्ञान के लिए कुछ उपयोगी, विलोम शब्द नीचे दिए जा रहे हैं। छात्र इन्हें समझें और कण्ठस्थ करें।
| शब्द | विलोम | शब्द | विलोम | शब्द | विलोम |
|---|---|---|---|---|---|
| अस्त | उदय | सम्पदा | विपदा | स्वाधीन | पराधीन |
| स्वावलम्बी | परावलम्बी | शुष्क | आर्द्र | सरस | नीरस |
| आवश्यक | अनावश्यक | शीत | उष्ण | सुलभ | दुर्लभ |
| निर्माण | विनाश | विधवा | सधवा | अनाथ | सनाथ |
| चंचल | शान्त | कटु | मधुर | आगमन | प्रस्थान |
| निराकार | साकार | विरोध | समर्थन | अल्प | बहु |
| जय | पराजय | दुर्जन | सज्जन | आशीर्वाद | शाप |
| परदेश | स्वदेश | ज्येष्ठ | कनिष्ठ | आस्तिक | नास्तिक |
| तीव्र | मन्द | सम | विषम | उदार | कृपण |
| पाश्चात्य | पौर्वात्य | जीवित | मृत | उर्नग | ऊसर |
| दिन | रात | सृष्टि | प्रलय | कायर | साहसी |
| मूक | वाचाल | सत्संग | कुसंग | कीर्ति | अपकीर्ति |
| निन्दा | स्तुति | सन्मार्ग | कुमार्ग | जटिल | सरल |
| शोक | हर्ष | सर्वदा | यदा-कदा | सुगम | दुर्गम |
| सुमति | कुमति | हर्ष | विषाद | जाग्रत् | सुप्त |
| राजा | रंक | अगम | सुगम | संगठन | विघटन |
| निद्रा | जागरण | अनिवार्य | ऐच्छिक | वादी | प्रतिवादी |
| लोभ | त्याग | स्वार्थ | परमार्थ | श्वेत | श्याम |
| मुख्य | गौण | अकाल | सुकाल | संक्षिप्त | विस्तृत |
| उपरान्त | पूर्व | अभिशाप | वरदान | सत्कार | तिरस्कार |
(समुच्चरित शब्द-समूह)
भाषा में कुछ ऐसे शब्द भी होते हैं जिनके उच्चारण में बहुत कुछ समानता होती है किन्तु उनके अर्थ में बहुत अन्तर होता है। इस प्रकार के कुछ शब्द नीचे दिए जा रहे हैं। इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़िए
| शब्द | अर्थ | शब्द | अर्थ | शब्द | अर्थ |
|---|---|---|---|---|---|
| अनल | अग्नि | जवान | युवा | पता | ठिकाना |
| अनिल | वायु | जबान | जीभ | पत्ता | पत्र |
| अंस' | कन्धा | वहन | ले जाना | बेल | लता |
| अंश | भाग | बहन | भगिनी | बैल | एक पशु |
| अपेक्षा | इच्छा | वदन | मुख | बेर | एक फल |
| उपेक्षा | अनादर | बदन | शरीर | बैर | शत्रुता |
| अशक्त | शक्तिहीन | अनिष्ट | बुराई | आदि | आरम्भ |
| आसक्त | मोहित | अनिष्ठ | निष्ठाहीन | आधि | पीड़ा |
| अपमान | निरादर | अरथी | टिकठी | कुक्कुट | मुर्गा |
| उपमान | जिससे तुलना की जाए | अर्थी | चाहने वाला | कुक्कुर | कुत्ता |
| कड़ी | कठोर, सख्त | ग्रह | पृथ्वी, बुध, शुक्र, आदि ग्रह | क्रीड़ा | खेल |
| कढ़ी | निकली, सब्जी | गृह | घर | कीड़ा | कीट |
(समानार्थक शब्दों में अन्तर)
Question 1. बुख – किसी वस्तु के अभाव में मन में पीड़ा । शोक-किसी की मृत्यु आदि पर दुःख ।
Answer: 'बुख' उस मानसिक पीड़ा को कहते हैं जो किसी चीज़ के न मिलने या अभाव के कारण मन में होती है। यह एक हल्की उदासी या चिंता जैसी होती है। 'शोक' का अर्थ है किसी अपने की मृत्यु या किसी बड़ी हानि पर होने वाला गहरा दुख। यह बुख से कहीं ज़्यादा तीव्र और स्थायी होता है, जो अक्सर किसी बड़े नुकसान पर महसूस होता है।
In simple words: बुख किसी चीज़ के न होने से मन में होने वाला दुख है, जबकि शोक किसी की मृत्यु या बड़ी हानि से होने वाला गहरा दुख है।
🎯 Exam Tip: समानार्थक शब्दों में अन्तर बताते समय, प्रत्येक शब्द की भावनात्मक तीव्रता और प्रयोग के विशिष्ट संदर्भ को स्पष्ट करें।
Question 2. अमूल्य – जिसका कोई मूल्य न हो । दुर्मूल्य – उचित मूल्य से अधिक मूल्य । बहुमूल्य – मूल्यवान
Answer: 'अमूल्य' वह चीज़ है जिसका मूल्य इतना अधिक हो कि उसे आँका न जा सके, यानी वह अनमोल हो। 'दुर्मूल्य' का मतलब है जिसका मूल्य बहुत ज़्यादा हो, यानी वह अपनी उचित कीमत से कहीं ज़्यादा महँगा हो। 'बहुमूल्य' उस चीज़ को कहते हैं जो बहुत मूल्यवान हो, जिसकी कीमत अधिक हो लेकिन उसे आँका जा सकता हो। अमूल्य चीज़ों का कोई मोल नहीं होता जबकि बहुमूल्य चीज़ों का मोल होता है, पर बहुत अधिक।
In simple words: अमूल्य का मतलब है जिसका कोई मोल न हो, दुर्मूल्य का मतलब है बहुत महँगा, और बहुमूल्य का मतलब है बहुत कीमती।
🎯 Exam Tip: इन शब्दों के अन्तर को स्पष्ट करते हुए, उनके मूल्य निर्धारण की संभावना के आधार पर भेद करें।
Question 3. अस्त्र-फेंककर प्रहार करने वाला हथियार । शस्त्र - हाथ में लेकर प्रहार करने वाला हथियार।
Answer: 'अस्त्र' ऐसा हथियार होता है जिसे फेंककर वार किया जाता है, जैसे तीर, भाला या मिसाइल। ये दूर से शत्रु पर हमला करने के काम आते हैं। 'शस्त्र' वह हथियार है जिसे हाथ में पकड़कर चलाया जाता है, जैसे तलवार, चाकू या बंदूक। ये पास से लड़ाई करने के लिए होते हैं। अस्त्र और शस्त्र दोनों ही युद्ध के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उनके प्रयोग का तरीका अलग है।
In simple words: अस्त्र वह हथियार है जिसे फेंकते हैं, और शस्त्र वह हथियार है जिसे हाथ में पकड़कर लड़ते हैं।
🎯 Exam Tip: अस्त्र और शस्त्र का अन्तर उनके उपयोग के तरीके (फेंककर या हाथ में पकड़कर) से याद रखें।
Question 4. आयु – सम्पूर्ण जीवन। अवस्था – जन्म से वर्षों की गणना ।
Answer: 'आयु' का अर्थ है किसी व्यक्ति का पूरा जीवनकाल, यानी जन्म से लेकर मृत्यु तक का समय। यह कुल जीवन की अवधि को दर्शाता है। 'अवस्था' का मतलब है जन्म से लेकर अब तक के वर्षों की संख्या, यानी किसी व्यक्ति की वर्तमान उम्र। अवस्था जीवन के किसी खास पड़ाव को दिखाती है, जबकि आयु पूरे जीवन को।
In simple words: आयु पूरा जीवन है, जबकि अवस्था केवल उम्र या कितने साल हुए हैं।
🎯 Exam Tip: आयु को जीवन की कुल अवधि और अवस्था को उम्र के रूप में याद रखें।
Question 5. मित्र – सुख-दुख में साथ रहने वाला। सखा – समाने आयु का मनुष्य व मित्र ।
Answer: 'मित्र' वह व्यक्ति होता है जो हमारे सुख और दुख दोनों में हमारे साथ खड़ा रहता है, एक सच्चा साथी। 'सखा' शब्द अक्सर ऐसे मित्र के लिए उपयोग होता है जो समान आयु का हो और जिसके साथ गहरी दोस्ती हो। सभी सखा मित्र होते हैं, लेकिन सभी मित्र सखा नहीं हो सकते। सखा शब्द में आयु और घनिष्ठता का भाव अधिक होता है।
In simple words: मित्र सुख-दुख का साथी होता है, जबकि सखा समान उम्र का बहुत करीबी दोस्त होता है।
🎯 Exam Tip: मित्र और सखा का अन्तर उनकी आयु और रिश्ते की घनिष्ठता के आधार पर समझाएं।
Question 6. सन्देह – किसी भी निश्चय पर नहीं पहुँचना । भ्रम – असत्य बात में सत्य का आभास होना।
Answer: 'सन्देह' का मतलब है जब हम किसी बात पर निश्चित निर्णय नहीं ले पाते, यानी मन में दुविधा या शंका हो। 'भ्रम' तब होता है जब हम किसी गलत बात को सच मान लेते हैं, या किसी चीज़ को कुछ और समझ लेते हैं। सन्देह में अनिश्चितता होती है, जबकि भ्रम में गलतफहमी या मिथ्याज्ञान होता है। भ्रम हमें वास्तविकता से दूर ले जाता है, जबकि सन्देह हमें सच जानने के लिए प्रेरित करता है।
In simple words: सन्देह तब होता है जब हम तय नहीं कर पाते, और भ्रम तब होता है जब हम गलत बात को सच मान लेते हैं।
🎯 Exam Tip: सन्देह में अनिश्चितता और भ्रम में गलतफहमी या मिथ्याज्ञान का अन्तर स्पष्ट करें।
Question 7. आचार – साधारण बर्ताव । व्यवहार – विशेष बर्ताव ।
Answer: 'आचार' का अर्थ है किसी व्यक्ति का सामान्य या नैतिक बर्ताव और रहन-सहन का तरीका। यह समाज के नियमों के अनुसार होता है। 'व्यवहार' का मतलब है किसी खास परिस्थिति या व्यक्ति के साथ किया गया विशेष बर्ताव। आचार एक व्यापक अवधारणा है, जबकि व्यवहार अधिक विशिष्ट और परिस्थितियों के अनुरूप होता है। एक अच्छा आचार व्यक्ति के अच्छे व्यवहार को दिखाता है।
In simple words: आचार सामान्य बर्ताव है, जबकि व्यवहार किसी खास मौके पर किया गया बर्ताव है।
🎯 Exam Tip: आचार को सामान्य नैतिक आचरण और व्यवहार को विशिष्ट परिस्थितियों में प्रतिक्रिया के रूप में समझाएं।
Question 8. सहानुभूति - सुख-दुख में पूर्ण रूप से सहयोग देने की भावना । संवेदना – दुख से दुखी होकर दूसरे को धैर्य देने की भावना ।
Answer: 'सहानुभूति' का अर्थ है किसी के सुख या दुख में पूरी तरह से सहयोग करने और उसकी भावना को समझने की भावना। इसमें व्यक्ति दूसरों के प्रति समर्थन और सहयोग दिखाता है। 'संवेदना' का मतलब है किसी के दुख को देखकर खुद दुखी होना और उसे धैर्य और सांत्वना देना। इसमें दूसरों के दर्द को महसूस करना शामिल है। सहानुभूति में सक्रिय सहयोग अधिक होता है, जबकि संवेदना में भावनात्मक जुड़ाव और ढाढस बंधाना।
In simple words: सहानुभूति दूसरों के सुख-दुख में मदद करना है, जबकि संवेदना दूसरों के दुख को महसूस करके उन्हें दिलासा देना है।
🎯 Exam Tip: सहानुभूति में सक्रिय सहयोग और संवेदना में भावनात्मक जुड़ाव के अन्तर को स्पष्ट करें।
(अनेकार्थक शब्द)
अनेकार्थक शब्द – वे शब्द जिनके एक से अधिक अर्थ होते हैं, वे अनेकार्थक शब्द कहलाते हैं। कुछ उदाहरण देखिए
1. अंक (गिनती) - पाँच से दस तक के अंक लिखो।
2. अंक (गोद) - मज़ा के अंक में बैठा शिशु प्रसन्न है।
3. अंक (भाग्य)- जाने मेरे अंक में क्या लिखा है?
कुछ उपयोगी शब्दों अनेकार्थक रूप नीचे दिए जा रहे हैं। छात्र अपने वाक्यों में स्वयं प्रयोग करें।
1. अक्ष - धुर्र, पहिया, साँप, गरुड़, जन्मान्ध
2. अगस्त्य - एव ऋषि का नाम, एक नक्षत्र का नाम
3. अज - जिसका जन्म न हो, ब्रह्मा, विष्णु, शिव
4. अंबर - आकाश, कपड़ा
5. अलि - भौंरा, मदिरा, कोयल, सखी, बिच्छू
6. गुरु - शिक्षक, भारी, बड़ा
7. द्विज - ब्राह्मण, पक्षी, दाँत, नख, केश
8. पद - ओहदा, पैर, छन्द
9. वार - दिन, आक्रमण, द्वार
10. घन - बादल, घना, हथौड़ा, समूह, गणित का घन
11. दण्ड - डण्डा, सजा, 24 मिनट का समय
12. उत्तर - जवाब, उत्तर दिशा, राजा विराट के पुत्र का नाम
13. कनक - सोना, धतूरा, गेहूँ, नागकेसर
14. कर - हाथ, किरण, टैक्स, सूद
15. कल - चैन, सुन्दर, आने वाला या बीता हुआ दिन
16. कर्ण - कान, कुन्ती का पुत्र, समकोण त्रिभुज के सामने की भुजा
17. काल - समय, मृत्यु, यमराज, अवसर
18. कुल - वंश, सब, केवल, समुदाय या वर्ग
19. चपला - बिजली, लक्ष्मी, चंचल स्त्री
20. नग - पहाड़, नगीना
21. ज्येष्ठ - ज्येष्ठ मास, पति का बड़ा भाई
22. पतंग - सूर्य, पक्षी, कीट, उड़ाने की पतंग
23 फल - लाभ, नतीजा, संतान, चाकू का काटने वाला भाग, खाने का फल
24. मधु - शहद, भाग्य, श्रेष्ठ कानून, रीति
25. क्षेत्र - शरीर, खेत, तीर्थ
(शब्द-समूह के लिए एक शब्द)
प्रायः भाषा में अनेक शब्दों के स्थान पर एक शब्द का प्रयोग कर देने से भाषा का सौन्दर्य बढ़ जाता है; जैसे- मांस खाने वाला शब्द-समूह के लिए मांसाहारी' शब्द अच्छा लगेगा। इसी प्रकार कुछ। अन्य उदाहरण आगे दिए जा रहे हैं। इनका प्रयोग
Question 1. बड़ा भाई
Answer: अग्रज
In simple words: बड़े भाई को 'अग्रज' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: शब्द-समूह के लिए एक शब्द लिखते समय, दिए गए पूरे वाक्य का सही अर्थ समझकर सबसे उपयुक्त और संक्षिप्त शब्द का चयन करें।
Question 2. जिसे जीता न जा सके
Answer: अजेय
In simple words: जिसे कोई हरा न सके, वह 'अजेय' होता है।
🎯 Exam Tip: किसी भी वाक्यांश के लिए एक शब्द चुनते समय, ध्यान रखें कि वह शब्द वाक्यांश के सभी पहलुओं को दर्शाता हो।
Question 3. जिस बच्चे के माँ-बाप न हों
Answer: अनाथ
In simple words: जिस बच्चे के माता-पिता न हों, उसे 'अनाथ' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: ऐसे शब्दों का चयन करें जो वाक्यांश के मुख्य अर्थ को सीधे और स्पष्ट रूप से व्यक्त करते हों।
Question 4. जो कभी बूढ़ा न हो
Answer: अजर
In simple words: जो हमेशा जवान रहे और बूढ़ा न हो, उसे 'अजर' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'अजर' और 'अमर' जैसे शब्दों के बीच के सूक्ष्म अन्तर को समझें ताकि सही शब्द का प्रयोग हो सके।
Question 5. भगवान को मानने वाला
Answer: आस्तिक
In simple words: जो भगवान पर विश्वास करता है, वह 'आस्तिक' कहलाता है।
🎯 Exam Tip: 'आस्तिक' और 'नास्तिक' के अर्थ को स्पष्ट रूप से याद रखें।
Question 6. कानों को अच्छा लगने वाला
Answer: कर्णप्रिय
In simple words: जो बात या ध्वनि कानों को अच्छी लगे, वह 'कर्णप्रिय' होती है।
🎯 Exam Tip: विशेषण शब्दों का प्रयोग करते समय, वे वाक्यांश के गुण को पूरी तरह व्यक्त करने चाहिए।
Question 7. परीक्षा देने वाला
Answer: परीक्षार्थी
In simple words: जो व्यक्ति परीक्षा देता है, उसे 'परीक्षार्थी' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'परीक्षार्थी' और 'परीक्षक' जैसे मिलते-जुलते शब्दों के बीच के अन्तर को समझें।
Question 8. परीक्षा लेने वाला
Answer: परीक्षक
In simple words: जो व्यक्ति परीक्षा लेता है, उसे 'परीक्षक' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: शब्दों को याद रखने के लिए उनके मूल शब्द (जैसे, परीक्षा) से जुड़े अन्य शब्दों को भी समझें।
Question 9. विद्यार्थी की सहायतार्थ धन
Answer: छात्रवृत्ति
In simple words: विद्यार्थियों की पढ़ाई में मदद के लिए दिए गए धन को 'छात्रवृत्ति' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'छात्रवृत्ति' शब्द का सही अर्थ है छात्रों को आर्थिक सहायता, इसे किसी अन्य इनाम से न मिलाएं।
Question 10. जल में रहने वाले जीव
Answer: जलचर
In simple words: पानी में रहने वाले जीवों को 'जलचर' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'जलचर', 'थलचर', 'नभचर' जैसे शब्दों को उनके संबंधित पर्यावरण से जोड़कर याद रखें।
Question 11. तपस्या करने योग्य वन
Answer: तपोवन
In simple words: जिस वन में तपस्या की जाती है, उसे 'तपोवन' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'तपोवन' शब्द का अर्थ है शांत और पवित्र स्थान जो ध्यान और तपस्या के लिए उपयुक्त हो।
Question 12. तीनों लोक
Answer: त्रिभुवन
In simple words: स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल - इन तीनों लोकों को मिलाकर 'त्रिभुवन' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'त्रि' उपसर्ग वाले शब्दों में तीन के अर्थ का समावेश होता है, जैसे 'त्रिभुवन'।
Question 13. पृथ्वी पर रहने वाले जीव
Answer: थलचर
In simple words: ज़मीन पर रहने वाले जीवों को 'थलचर' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'थल' का अर्थ ज़मीन होता है, इसलिए थलचर का अर्थ ज़मीन पर चलने वाले जीव होते हैं।
Question 14. रखने के लिए दी गई वस्तु
Answer: धरोहर
In simple words: किसी की अमानत के तौर पर रखी गई चीज़ को 'धरोहर' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'धरोहर' उस चीज़ को कहते हैं जिसे सुरक्षित रखने के लिए किसी और को सौंपा जाता है।
Question 15. जिसमें मांस न मिला हो
Answer: निरामिष
In simple words: जिस भोजन में मांस नहीं होता, वह 'निरामिष' कहलाता है।
🎯 Exam Tip: 'निरामिष' और 'सामिष' (मांस वाला) शब्दों के अन्तर को स्पष्ट रखें।
Question 16. जिस पुरुष की स्त्री मर गई हो
Answer: विधुर
In simple words: जिस आदमी की पत्नी मर चुकी हो, उसे 'विधुर' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'विधुर' और 'विधवा' (जिस स्त्री का पति मर गया हो) शब्दों के बीच का अन्तर याद रखें।
Question 17. प्रत्येक सप्ताह होने वाला
Answer: साप्ताहिक
In simple words: हर हफ्ते होने वाली चीज़ को 'साप्ताहिक' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: किसी भी समयावधि (जैसे दिन, मास, वर्ष) के लिए लगने वाले प्रत्यय को समझें।
Question 18. शरण में आया हुआ
Answer: शरणागत
In simple words: जो व्यक्ति शरण मांगने आता है, उसे 'शरणागत' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'शरणागत' शब्द में 'शरण' और 'आगत' (आया हुआ) शब्दों का मेल है, जिससे अर्थ आसानी से समझा जा सकता है।
Question 19. सौ वर्ष का समय
Answer: शताब्दी
In simple words: सौ साल के समय को 'शताब्दी' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'शताब्दी' का अर्थ 100 वर्ष होता है, इसे 'दशक' (10 वर्ष) से भ्रमित न करें।
Question 20. परोपकार करने वाला
Answer: परोपकारी
In simple words: दूसरों का भला करने वाले व्यक्ति को 'परोपकारी' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'परोपकारी' शब्द में 'पर' (दूसरों का) और 'उपकार' (भला) का मेल है।
Question 21. प्रार्थना करने वाला
Answer: प्रार्थी
In simple words: जो व्यक्ति प्रार्थना करता है, उसे 'प्रार्थी' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'प्रार्थी' शब्द का उपयोग विशेष रूप से किसी आवेदन या निवेदन करने वाले व्यक्ति के लिए होता है।
Question 22. भविष्य में होने वाली बात
Answer: भावी
In simple words: भविष्य में होने वाली किसी चीज़ को 'भावी' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'भावी' शब्द अक्सर किसी आने वाली पदवी या घटना के लिए प्रयोग होता है, जैसे 'भावी प्रधानमंत्री'।
Question 23. ईश्वर को न मानने वाला
Answer: नास्तिक
In simple words: जो भगवान पर विश्वास नहीं करता, उसे 'नास्तिक' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'नास्तिक' और 'आस्तिक' के बीच का विपरीत सम्बन्ध याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 24. विश्वास करने योग्य
Answer: विश्वसनीय
In simple words: जिस पर भरोसा किया जा सके, वह 'विश्वसनीय' होता है।
🎯 Exam Tip: 'विश्वास' से 'विश्वसनीय' बनता है, जो किसी व्यक्ति या जानकारी की विश्वसनीयता को दर्शाता है।
Question 25. जिसके मन में श्रद्धा हो
Answer: श्रद्धालु
In simple words: जिसके मन में आस्था या सम्मान हो, उसे 'श्रद्धालु' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'श्रद्धा' (आस्था) से 'श्रद्धालु' (आस्था रखने वाला) शब्द बनता है।
Question 26. हृदय पर प्रभाव डालने वाला
Answer: हृदयस्पर्शी
In simple words: जो बात दिल को छू जाए, वह 'हृदयस्पर्शी' होती है।
🎯 Exam Tip: 'हृदयस्पर्शी' शब्द किसी गहरी भावना या मार्मिक अनुभव को व्यक्त करने के लिए प्रयोग होता है।
Question 27. जिसमें लज्जा न हो
Answer: निर्लज्ज
In simple words: जिसे शर्म न आती हो, उसे 'निर्लज्ज' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'निर्' उपसर्ग का अर्थ 'रहित' होता है, जैसे 'निर्लज्ज' (लज्जा रहित)।
Question 28. साफ-साफ कहने वाला
Answer: स्पष्टवादी
In simple words: जो अपनी बात साफ-साफ कहता है, वह 'स्पष्टवादी' होता है।
🎯 Exam Tip: 'स्पष्ट' और 'वादी' (कहने वाला) शब्दों के मेल से 'स्पष्टवादी' बनता है।
Question 29. सब कुछ जानने वाला
Answer: सर्वज्ञ
In simple words: जो सब कुछ जानता हो, उसे 'सर्वज्ञ' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'सर्व' (सब) और 'ज्ञ' (जानने वाला) के मेल से 'सर्वज्ञ' बनता है।
Question 30. सारे संसार में फैला हुआ
Answer: सर्वव्यापक
In simple words: जो पूरे संसार में फैला हुआ हो, उसे 'सर्वव्यापक' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'सर्वव्यापक' शब्द का उपयोग अक्सर ईश्वर या किसी ऐसी चीज़ के लिए होता है जो हर जगह मौजूद हो।
Question 31. मनमाना काम करने वाला
Answer: स्वेच्छाचारी
In simple words: जो अपनी मर्जी से काम करता है, उसे 'स्वेच्छाचारी' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'स्व' (अपनी) और 'इच्छा' (मर्जी) से 'स्वेच्छाचारी' बनता है।
Question 32. छह माह में पड़ने वाला
Answer: षट्मासिक
In simple words: हर छह महीने पर होने वाली चीज़ को 'षट्मासिक' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'षट्' का अर्थ छह होता है, जैसे 'षट्मासिक' (छह महीने)।
Question 33. भला चाहने वाला
Answer: शुभचिन्तक
In simple words: जो व्यक्ति दूसरों का भला चाहता है, उसे 'शुभचिन्तक' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'शुभ' (भला) और 'चिन्तक' (चाहने वाला) के मेल से 'शुभचिन्तक' बनता है।
पर्यायवाची शब्द
समान अर्थ वाले शब्द एक-दूसरे के पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं। नीचे कुछ उदाहरण दिए जा रहे । है। छात्र इन्हें भली प्रकार कण्ठस्थ करें
1. अग्नि - पावक, अनल, आग, वह्नि, कृशानु, जातवेद आदि।
2. अनार - दाड़िम, रक्तबीज, मधुबीज, दामोदर आदि।
3. अनोखा - अनुपम, अपूर्व, अद्भुत्, अद्वितीय, अनूठा, विचित्र आदि।
4. अमृत - सुधा, पीयूष, अमिय आदि।
5. अश्व - बाजि, हय, सैन्धव, तुरंग, रविपुत्र, घोटक आदि।
6. असत्य - झूठ, अनृत, मिथ्या, मृषा आदि।
7. असुर - दानव, दैत्य, निशाचर, राक्षस, तमोचर, दनुज आदि।
8. आकाश - नभ, अम्बर, गगन, शून्य, अन्तरिक्ष, दिव आदि।
9. आभूषण - अलंकार, जेवर, गहना, मण्डन, आभरण आदि।
10. आनन्द - मोद, प्रमोद, हर्ष, उल्लास, आह्लाद, प्रसन्नता, सुख आदि।
11. आम - आम्र, रसाल, सौरभ, कामांग, पिकबन्धु, सहकार आदि।
12. इच्छा - अभिलाषा, चाह, लालसा, कामना, आकाँक्षा आदि।
13. इन्द्र - देवराज, सुरेश, सुरपति, पुरन्दर, देवेन्द्र आदि।
14. इन्द्राणी - शची, इन्द्रवधू, ऐन्द्री, महेन्द्री, शतावरी आदि।
15. ईश्वर - ईश, अलख, अगोचर, ब्रह्मा, परमात्मा, प्रभु आदि।
16. अंग - शरीर, कलेवर, देह, काया, गात्र आदि।
17. कमल - सरोज, जलज, पंकज, राजीव, अम्बुज, कंज, पद्म आदि।
18. कंजूस - कृपण, सूम, कीणाश आदि।
19. कल्पवृक्ष - कल्पद्रुम, मन्दार, पारिजात, सुरतरु आदि।
20. कृष्ण - केशव, मुरारि, मुकुन्द, गोविन्द, विश्वम्भर, घनश्याम आदि।
21. कान - कर्ण, श्रोत, श्रुतिपटल आदि।
22. कामदेव - मदन, कन्दर्प, अनंग, मन्मथ, अदेह, अतनु, काम, रति नति आदि।
23. कुबेर - धनेश, धनपति, किन्नरेष, धनर्द, धनाधिप आदि।
24. किरण - रश्मि, अंशु, किरन, मयूख, मरीचि आदि।
25. क्रोध - गुस्सा, कोप, रोष, अमर्श, आदि।
26. कोयल - कोकिला, पिक, शम्ब, असनि, परभूत आदि।
27. गणेश - लम्बोदर, विनायक, गौरीसुत, गजानन, एकदन्त आदि।
28. गंगा - देवनदी, सुरसरी, भागीरथी, मन्दाकिनी आदि।
29. गणेश - लम्बोदर, विनायक, गौरीसुत, गजानन, एकदन्त आदि।
30. चन्द्रमा - हिमांशु, राकापति, सुधाकर, राकेश, शशि आदि।
31. जग - जगत्, संसार, विश्व, लोक, भव आदि।
32. जल - तोय, अम्बु, वारि, नीर, सलिल, उदक, पानी आदि।
33. तोता - शुक, कीर, सुआ, सुग्गा, रक्ततुंड आदि।
34. देवता - सुर, अमर, देव, विबुधा, आदित्य, वसु, निर्जर आदि।
35. दुर्गा - चामुंडा, कालिका, चण्डी, शिवा, उमा, अजा आदि।
(शब्दों के तत्सम रूप)
तत्सम शब्द का अर्थ – तत्सम शब्द का अर्थ संस्कृत भाषा से लिए गए शब्दों के शुद्ध स्वरूप से है। आगे कुछ तत्सम शब्द एवं उनके तद्भव रूप दिए जा रहे हैं। छात्र इन शब्दों को ध्यानपूर्वक पढ़ें
| तत्सम | तद्भव | तत्सम | तद्भव | तत्सम | तद्भव |
|---|---|---|---|---|---|
| धूम्र | धुँआ | गात्र | गात | अद्य | आज |
| क्षेत्र | खेत | अगम्य | अगम | ओष्ठ | ओठ |
| घृणा | घिन | व्याघ्र | बाघ | कर्ण | कान |
| क्षुद्र | छोटा | चक्रवाक | चकवा | उलूखन | ओखली |
| स्तन | थन | ज्योति | जोत | कच्छप | कछुआ |
| नक्षत्र | नखत | दाह | डाह | पुच्छ | पूँछ |
| वाष्प | भाप | घोटक | घोड़ा | पाषाण | पाहन |
| रुष्ठ | रूठा | युक्ति | जुगति | कुक्कुर | कुत्ता |
| शब्द | सबद | प्रहर | पहर | गृद्ध | गिद्ध |
| तीक्ष्ण | तीख | भ्रम | भरम | चौर | चोर |
| अश्रु | आँस | साक्षी | साखी | उपर्युक्त | उपरोक्त |
| कटु | कड़ | कपाट | किवाड़ | प्रस्वेदन | पसीना |
| कुक्षि | कोख | क्षार | खार | गर्दभ | गधा |
| गोस्वामी | गुसाईं | चञ्चु | चोंच | स्तुति | अस्तुति |
| शर्करा | शक्कर | अमृत | अमिय | श्रृंगार | सिंगार |
| पीड़ा | पीर | आम्रचूर्ण | अमचूर | मूषक | मूसा |
| अक्षि | आँख | ताम्र | ताँबा | स्कन्ध | कन्धा |
| कोकिल | कोयल | धैर्य | धीरज | छत्र | छाता |
| कूप | कुआँ | पर्यक | पलंग | द्यूत | जुआ |
| गोमय | गोबर | वृश्चिक | बिच्छू | स्थल | थल |
| श्राप | शाप | स्नेह | नेह | शैय्या | सेज |
| कंटक | काँटा | आश्रय | आसरा | दंश | डंक |
| गुहा | गुफा | अलक्ष्य | अलख | कुम्भकार | कुम्हार |
| एकत्र | इकट्ठा | चणक | चना | कुष्ट | कोढ़ |
| कर्पूर | कपूर | याचक | जाचक | कृश | कृस |
| कार्तिक | कातिक | तिलक | टीका | ग्रंथि | गाँठ |
| दक्ष | दच्छ | प्रस्तर | पत्थर |
(मुहावरे और उनका प्रयोग)
भाषा को अधिक सजीव, सुन्दर तथा प्रभावपूर्ण बनाने के लिए उसमें मुहावरों को प्रयोग किया जाता है। इसके अर्थ को ठीक-ठीक समझे बिना वाक्य के अर्थ का उचित ज्ञान नहीं हो पाता है। नीचे कुछ मुहावरों के अर्थ तथा उन्हें वाक्यों में प्रयोग करके दिखाया जा रहा है। छात्र इन्हें भली प्रकार पढ़े और समझें
Question 1. अगर मगर करना – (टाल मटोल करना) आपस में सन्धि कर लेने के बाद अगर-मगर करना धोखा देना है।
Answer: 'अगर मगर करना' मुहावरे का अर्थ है टाल मटोल करना या बहाने बनाना। उदाहरण के लिए, जब कोई व्यक्ति आपस में समझौता कर लेता है और फिर भी बहाने बनाता है, तो यह धोखा देने जैसा होता है। इस मुहावरे से पता चलता है कि वादे से मुकर जाना अच्छा नहीं है।
In simple words: 'अगर मगर करना' का मतलब है बहाने बनाना या बात को टालना। यह दर्शाता है कि कोई व्यक्ति अपनी बात से मुकर रहा है।
🎯 Exam Tip: मुहावरे का प्रयोग करते समय, उसका अर्थ और वाक्य में सही उपयोग दोनों लिखें ताकि आपका जवाब पूरा हो।
Question 2. प्रलय ढाना – (बहुत हानि करना) उपद्रवियों को दुकानों पर प्रलय ढाते देखकर मेरा तो हृदय काँप उठा।
Answer: 'प्रलय ढाना' मुहावरे का अर्थ है बहुत ज़्यादा नुकसान पहुँचाना या भारी तबाही मचाना। जैसे, उपद्रवियों द्वारा दुकानों पर हमला करके भारी नुकसान पहुँचाने से देखने वालों का दिल दहल गया। यह मुहावरा किसी बड़े विनाश या क्षति को व्यक्त करने के लिए प्रयोग होता है।
In simple words: 'प्रलय ढाना' का मतलब है बहुत बड़ा नुकसान करना या तबाही मचाना।
🎯 Exam Tip: 'प्रलय' शब्द का अर्थ है विनाश, इसलिए मुहावरे का अर्थ तबाही मचाने से जुड़ा होता है।
Question 3. हिलोरें मारना – (उत्साहित होना) नेहरू जी के हृदय में देश-प्रेम की भावनाएँ सदा हिलोरें मारती थीं।
Answer: 'हिलोरें मारना' मुहावरे का अर्थ है मन में किसी भावना का बहुत तेज़ी से उठना या उत्साहित होना, जैसे समुद्र में लहरें उठती हैं। उदाहरण के लिए, पंडित नेहरू के मन में हमेशा देश-प्रेम की भावनाएँ जोर मारती रहती थीं। यह मुहावरा किसी प्रबल भावना के उमड़ने को दर्शाता है।
In simple words: 'हिलोरें मारना' का मतलब है मन में किसी भावना का तेज़ी से उमड़ना या उत्साहित होना।
🎯 Exam Tip: मुहावरे में 'हिलोरें' शब्द का प्रयोग भावनाओं की तीव्र लहरों को दर्शाने के लिए किया गया है।
Question 4. अन्धे की लाठी – (गरीबी या बुढापे का सहारा) किसी को सुपुत्र ही अन्धे की लाठी बन सकता है।
Answer: 'अन्धे की लाठी' मुहावरे का अर्थ है किसी असहाय व्यक्ति का एकमात्र सहारा। जैसे, एक अच्छा बेटा ही अपने बूढ़े या गरीब माता-पिता का एकमात्र सहारा बन सकता है। यह मुहावरा यह दिखाता है कि मुश्किल समय में किसी एक व्यक्ति या वस्तु पर पूरी तरह से निर्भर होना।
In simple words: 'अन्धे की लाठी' का मतलब है किसी मजबूर व्यक्ति का अकेला सहारा।
🎯 Exam Tip: मुहावरे का प्रयोग करते समय, उस स्थिति का वर्णन करें जहाँ केवल एक ही विकल्प या सहारा बचा हो।
Question 5. अरमान निकालना – (इच्छा पूर्ण करना) वीर सैनिक तो युद्धस्थल पर ही अपने अरमान निकाल सकता है।
Answer: 'अरमान निकालना' मुहावरे का अर्थ है अपनी किसी पुरानी या दबी हुई इच्छा को पूरा करना या बदला लेना। जैसे, एक वीर सैनिक युद्ध के मैदान में अपने दुश्मनों को हराकर ही अपने अरमान पूरे करता है। यह मुहावरा किसी महत्वपूर्ण आकांक्षा की पूर्ति को दर्शाता है।
In simple words: 'अरमान निकालना' का मतलब है अपनी किसी बड़ी इच्छा को पूरा करना।
🎯 Exam Tip: 'अरमान' शब्द का अर्थ है इच्छाएँ, इसलिए मुहावरे का अर्थ इच्छाओं की पूर्ति से जुड़ा है।
Question 6. आँखें खुल जाना – (होश में आना) परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने पर ही राम की आँखें खुलीं।।
Answer: 'आँखें खुल जाना' मुहावरे का अर्थ है सच्चाई का पता चलना या होश में आना, जब व्यक्ति किसी भ्रम या गलतफहमी से बाहर आता है। उदाहरण के लिए, राम को परीक्षा में फेल होने के बाद ही अपनी गलतियों का एहसास हुआ। यह मुहावरा किसी महत्वपूर्ण सीख या जागरूकता को व्यक्त करता है।
In simple words: 'आँखें खुल जाना' का मतलब है सच समझ में आना या गलती का एहसास होना।
🎯 Exam Tip: मुहावरे का प्रयोग करते समय, किसी ऐसी घटना का जिक्र करें जिसने व्यक्ति को वास्तविकता से परिचित कराया हो।
Question 7. आँख लगी रहना - (आशा बनी रहना) श्रीकृष्ण के लौट आने की प्रतीक्षा में गोपियों की आँखें सदा लगी रहती थीं।
Answer: 'आँख लगी रहना' मुहावरे का अर्थ है किसी का बेसब्री से इंतज़ार करना या किसी चीज़ के लिए लगातार उम्मीद लगाए रखना। जैसे, गोपियाँ श्री कृष्ण के वापस आने की उम्मीद में हमेशा उनका इंतज़ार करती रहती थीं। यह मुहावरा किसी चीज़ की तीव्र इच्छा और प्रतीक्षा को दर्शाता है।
In simple words: 'आँख लगी रहना' का मतलब है किसी का इंतज़ार करना या उम्मीद लगाए रखना।
🎯 Exam Tip: 'आँख लगना' (सो जाना) और 'आँख लगी रहना' (प्रतीक्षा करना) के अन्तर को स्पष्ट करें।
Question 8. ईंट का जवाब पत्थर से देना – (दुष्ट के साथ दुष्टता का व्यवहार करना) जब शत्रुओं ने . सहसा ही भारत के दो गाँवों पर अपना अधिकार जमा लिया तो भारतीय वीरों ने भी उसके चार गाँव छीन कर ईंट का जवाब पत्थर से दिया।
Answer: 'ईंट का जवाब पत्थर से देना' मुहावरे का अर्थ है किसी की दुष्टता का जवाब उससे भी अधिक कठोरता या शक्ति से देना, यानी जैसे को तैसा देना। उदाहरण के लिए, जब दुश्मनों ने भारत के दो गाँवों पर कब्जा कर लिया, तो भारतीय सेना ने पलटवार करके उनके चार गाँव छीन लिए। यह मुहावरा किसी हमले या चुनौती का करारा जवाब देने को दर्शाता है।
In simple words: 'ईंट का जवाब पत्थर से देना' का मतलब है किसी की बुराई का कड़ा जवाब देना।
🎯 Exam Tip: इस मुहावरे का प्रयोग अक्सर बदला लेने या किसी को उसकी ही भाषा में जवाब देने के संदर्भ में होता है।
Question 9. चादर तानकर सोना – (निश्चित होना) भाई चादर तानकर सोने का समय नहीं रहा, काम करने से ही जीवन सफल हो सकता है।
Answer: 'चादर तानकर सोना' मुहावरे का अर्थ है निश्चित होकर आराम करना या बेफिक्र रहना। आजकल के समय में यह आरामदायक स्थिति नहीं है, क्योंकि जीवन में सफलता पाने के लिए मेहनत करना बहुत ज़रूरी है। यह मुहावरा हमें बताता है कि बिना मेहनत के कुछ नहीं मिलता, इसलिए हमें हमेशा सक्रिय रहना चाहिए।
In simple words: 'चादर तानकर सोना' का मतलब है पूरी तरह निश्चिंत होकर आराम करना या बेफिक्र रहना।
🎯 Exam Tip: मुहावरे का अर्थ स्पष्ट करें और उसे ऐसे वाक्य में प्रयोग करें जिससे उसका भाव पूरी तरह समझ में आ जाए।
Question 10. पर्दा डालना – (बुराइयों को छिपा देना) धूर्त व्यक्ति अपनी वास्तविकता पर पर्दा डालकर अपना भला चाहता है।
Answer: 'पर्दा डालना' मुहावरे का अर्थ है किसी चीज़ को छिपाना, खासकर बुराइयों या गलतियों को। उदाहरण के लिए, चालाक लोग अपनी असलियत या बुराइयों को छिपाकर अपना फायदा देखते हैं। यह मुहावरा किसी तथ्य को छुपाने या उस पर लीपापोती करने को दर्शाता है।
In simple words: 'पर्दा डालना' का मतलब है किसी चीज़ को छिपाना, खासकर गलतियों को।
🎯 Exam Tip: 'पर्दा' शब्द का अर्थ छिपाना होता है, इसलिए मुहावरे का अर्थ भी छिपाने से जुड़ा है।
Question 11. पाँव उखड़ जाना – (हार कर भाग जाना) भारतीय सैनिकों के आगे पाकिस्तानियों के पाँव उखड़ गए।
Answer: 'पाँव उखड़ जाना' मुहावरे का अर्थ है हारकर मैदान से भाग जाना या हिम्मत हार जाना। उदाहरण के लिए, भारतीय सेना के सामने पाकिस्तानी सैनिकों को हार मानकर भागना पड़ा। यह मुहावरा किसी लड़ाई या प्रतियोगिता में पराजित होकर पीछे हटने को दर्शाता है।
In simple words: 'पाँव उखड़ जाना' का मतलब है हारकर भाग जाना या हिम्मत टूट जाना।
🎯 Exam Tip: मुहावरे में 'पाँव उखड़ना' हार के कारण संतुलन खोने की स्थिति को दर्शाता है।
Question 12. फूटी कौड़ी – (बिल्कुल धन न होना) आज तो मेरे पास फूटी कौड़ी भी नहीं है।
Answer: 'फूटी कौड़ी' मुहावरे का अर्थ है बिल्कुल भी पैसा न होना, यानी बेहद गरीब होना। उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति कह सकता है कि उसके पास आज एक फूटी कौड़ी भी नहीं है, जिसका अर्थ है कि वह पूरी तरह से कंगाल है। यह मुहावरा अत्यधिक निर्धनता को दर्शाता है।
In simple words: 'फूटी कौड़ी' का मतलब है बिल्कुल भी पैसा न होना।
🎯 Exam Tip: 'कौड़ी' पुराने समय की मुद्रा थी, इसलिए 'फूटी कौड़ी' का मतलब सबसे कम मूल्य का धन भी न होना है।
Question 13. बाले बाँका होना – (कष्ट होना) यदि अरविन्द का बाल बाँका भी हुआ तो तुम्हारी खैर नहीं।
Answer: 'बाल बाँका होना' मुहावरे का अर्थ है ज़रा भी नुकसान या कष्ट न होना। इसे अक्सर नकारात्मक वाक्य में प्रयोग किया जाता है, जैसे 'यदि किसी का बाल भी बाँका हुआ तो...'। इसका मतलब है कि अगर किसी व्यक्ति को ज़रा सी भी हानि हुई, तो अंजाम बुरा होगा। यह मुहावरा किसी की सुरक्षा या अखंडता को दर्शाता है।
In simple words: 'बाल बाँका होना' का मतलब है ज़रा भी नुकसान न होना।
🎯 Exam Tip: इस मुहावरे का प्रयोग अक्सर किसी को चेतावनी देने या किसी की सुरक्षा का आश्वासन देने के लिए होता है।
Question 14. मिट्टी के मोल – (बहुत सस्ता) आज तो आप दो किलो अंगूर ले आए हो, क्या कहीं मिट्टी के मोल मिल गए थे।
Answer: 'मिट्टी के मोल' मुहावरे का अर्थ है बहुत ही सस्ता होना, यानी लगभग मुफ्त जैसा। उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति बहुत सारे अंगूर ले आता है, तो दूसरा व्यक्ति मज़ाक में पूछ सकता है कि क्या उसे वे मिट्टी के मोल मिल गए थे। यह मुहावरा किसी चीज़ के बहुत कम दाम होने को दर्शाता है।
In simple words: 'मिट्टी के मोल' का मतलब है बहुत सस्ता होना।
🎯 Exam Tip: 'मिट्टी' शब्द का प्रयोग कम मूल्य को दर्शाने के लिए किया गया है, जैसे 'मिट्टी में मिला देना' (नष्ट कर देना)।
Question 15. रंग जमाना – (प्रभाव डालना) नेता जी ने अपने भाषण से सभा पर ऐसा रंग जमाया कि सब वाह-वाह करने लगे।
Answer: 'रंग जमाना' मुहावरे का अर्थ है किसी पर गहरा प्रभाव डालना या अपनी धाक जमाना। उदाहरण के लिए, जब नेता जी ने ऐसा शानदार भाषण दिया कि सब लोग उनकी तारीफ करने लगे। यह मुहावरा किसी की कला, व्यक्तित्व या बात से लोगों को प्रभावित करने को दर्शाता है।
In simple words: 'रंग जमाना' का मतलब है किसी पर गहरा असर डालना या सबको प्रभावित करना।
🎯 Exam Tip: 'रंग' शब्द का प्रयोग यहाँ प्रभाव या माहौल बनाने के संदर्भ में किया गया है।
Question 16. सिर मुड़ाते ही ओले पड़े - (प्रारम्भ में ही काम बिगड़ना) नेता जी ने अभी प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली ही थी कि पूरे प्रदेश में भूकंप के कारण भयंकर तबाही मच गई। इसी को कहते हैं- सिर मुड़ाते ही ओले पड़ना ।
Answer: 'सिर मुड़ाते ही ओले पड़ना' मुहावरे का अर्थ है किसी काम की शुरुआत करते ही उसमें बाधा आ जाना या नुकसान हो जाना। उदाहरण के लिए, जैसे ही नेता जी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, वैसे ही राज्य में भूकंप आ गया और भारी तबाही हुई। यह मुहावरा किसी नए काम की शुरुआत में ही अप्रत्याशित कठिनाईयों के आने को दर्शाता है।
In simple words: 'सिर मुड़ाते ही ओले पड़ना' का मतलब है कोई काम शुरू करते ही मुश्किलों का आ जाना।
🎯 Exam Tip: इस मुहावरे का प्रयोग उन स्थितियों में करें जहाँ किसी नई शुरुआत के साथ ही दुर्भाग्य या समस्या आ जाए।
Question 17. चोर की दाढ़ी में तिनका – (अपराधी का स्वयं ही सशंकित होना) अध्यापक ने कक्षा में कहा कि जिसने भी चोरी की होगी उसके हाथ धूल में गन्दे हो जाएँगे। यह सुनकर रमेश जल्दी-जल्दी । अपने हाथ साफ करने लगा। अध्यापक ने उसे देखकर कहा कि देखो, चोर की दाढ़ी में तिनका ।
Answer: 'चोर की दाढ़ी में तिनका' मुहावरे का अर्थ है अपराधी व्यक्ति का खुद ही डर जाना या अपनी पहचान ज़ाहिर कर देना। उदाहरण के लिए, जब शिक्षक ने कहा कि जिसने चोरी की होगी उसके हाथ गंदे होंगे, तो रमेश तुरंत अपने हाथ साफ करने लगा। इस पर शिक्षक ने कहा कि 'देखो, चोर की दाढ़ी में तिनका'। यह मुहावरा दर्शाता है कि दोषी व्यक्ति अपनी गलती छिपाने की कोशिश में खुद ही उसे उजागर कर देता है।
In simple words: 'चोर की दाढ़ी में तिनका' का मतलब है अपराधी का खुद ही डर जाना और अपनी गलती बता देना।
🎯 Exam Tip: इस मुहावरे का प्रयोग उस समय करें जब कोई व्यक्ति अपनी गलती छिपाने की कोशिश में कुछ ऐसा कर दे जिससे उसकी गलती पकड़ में आ जाए।
(लोकोक्तियाँ (कहावतें))
लोकोक्ति का अर्थ है, संसार में प्रचलित उक्ति । ये लोक प्रचलित वाक्यांश होते हैं। लोगों के अनुभव से पूर्ण लोकोक्तियों का प्रयोग व्यापक अर्थ में किया जाता है। अपने कथन को प्रभावशाली बनाने के लिए इनका स्वतन्त्र वाक्य के रूप में प्रयोग करना चाहिए। नीचे कुछ कहावतों का अर्थ तथा उनका वाक्य में प्रयोग दिया जा रहा है, इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़िए ।
Question 1. अधजल गगरी छलकत जाए – (ओछा व्यक्ति ही डींगे मारता है) भाई, 6000 रुपये की नौकरी में क्यों इतराते हो? सुना नहीं 'अधजल गगरी छलकत जाए' व ती बात होगी।
Answer: 'अधजल गगरी छलकत जाए' कहावत का अर्थ है कि कम ज्ञान या धन वाला व्यक्ति ज़्यादा दिखावा करता है और अपनी थोड़ी सी उपलब्धि पर बहुत घमंड करता है। एक व्यक्ति जो थोड़ी सी सफलता पर बहुत घमंड करता है, वह इस कहावत का सटीक उदाहरण है। इस कहावत का प्रयोग लोगों को यह सिखाने के लिए किया जाता है कि उन्हें अपनी क्षमताओं को बढ़ाना चाहिए और विनम्र रहना चाहिए।
In simple words: 'अधजल गगरी छलकत जाए' का मतलब है कि अधूरा ज्ञान या कम धन वाला व्यक्ति ज़्यादा दिखावा करता है।
🎯 Exam Tip: लोकोक्ति का अर्थ समझाने के साथ-साथ उसे एक ऐसे वाक्य में प्रयोग करें जो उसके अर्थ को पूरी तरह से स्पष्ट करता हो।
Question 2. चार दिन की चाँदनी फिर अँधेरी रात – (सुख के बाद दुःख आना) राम! धन का घमण्ड मत करो, चार दिन की चाँदनी फिर अँधेरी रात ।'
Answer: 'चार दिन की चाँदनी फिर अँधेरी रात' कहावत का अर्थ है कि सुख और ऐशो-आराम हमेशा नहीं रहते, उनके बाद दुख का समय भी आता है। यह कहावत बताती है कि किसी भी खुशी या समृद्धि पर ज़्यादा घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि वह अस्थायी होती है। यह जीवन की अनिश्चितता को दर्शाता है और हमें विनम्र रहने की सीख देता है।
In simple words: 'चार दिन की चाँदनी फिर अँधेरी रात' का मतलब है सुख का समय थोड़ी देर का होता है, उसके बाद दुख आता है।
🎯 Exam Tip: इस लोकोक्ति का प्रयोग उन स्थितियों में करें जहाँ किसी व्यक्ति को अस्थायी सुख पर घमंड करने से रोका जाए।
Question 3. मान न मान मैं तेरा मेहमान – (बिना सम्बन्ध के सम्बन्ध दिखाना) मैं तो आपको जानता भी नहीं हूँ और आप मुझे भाई कहते हैं। ठीक है, मान न मान मैं तेरा मेहमान ।
Answer: 'मान न मान मैं तेरा मेहमान' कहावत का अर्थ है जब कोई व्यक्ति बिना किसी वास्तविक संबंध के या बिना बुलाए ही ज़बरदस्ती संबंध बनाता है या किसी के घर में घुस जाता है। उदाहरण के लिए, जब कोई व्यक्ति दूसरे को बिना जाने ही उसे भाई कहने लगे। यह लोकोक्ति अनचाहे हस्तक्षेप या बेबुनियाद दावे को दर्शाती है।
In simple words: 'मान न मान मैं तेरा मेहमान' का मतलब है बिना बुलाए या बिना संबंध के किसी पर हक जताना।
🎯 Exam Tip: इस लोकोक्ति का उपयोग तब करें जब कोई व्यक्ति ज़बरदस्ती किसी रिश्ते या स्थिति में शामिल होना चाहे।
Question 4. ऊँची दुकान फीका पकवान – बाह्य दिखावा कुछ और वास्तविकता कुछ और।
Answer: 'ऊँची दुकान फीका पकवान' कहावत का अर्थ है कि किसी चीज़ का बाहर से दिखावा तो बहुत आकर्षक हो, लेकिन उसकी असलियत या गुणवत्ता अच्छी न हो। यह लोकोक्ति दिखावे और वास्तविकता के बीच के अन्तर को बताती है। यह हमें सिखाती है कि हमें चीज़ों की बाहरी चमक-दमक पर नहीं जाना चाहिए, बल्कि उनकी गुणवत्ता देखनी चाहिए।
In simple words: 'ऊँची दुकान फीका पकवान' का मतलब है कि बाहर से अच्छा दिखना, लेकिन असल में खराब होना।
🎯 Exam Tip: इस कहावत का प्रयोग उन परिस्थितियों में करें जहाँ लोग केवल दिखावे पर ध्यान देते हैं और गुणवत्ता को अनदेखा करते हैं।
Question 5. एक पंथ दो काज – दोहरा लाभ होना ।
Answer: 'एक पंथ दो काज' कहावत का अर्थ है कि एक ही काम करते हुए दो अलग-अलग लाभ प्राप्त करना। यह लोकोक्ति दक्षता और बुद्धिमत्ता को दर्शाती है, जहाँ व्यक्ति एक प्रयास से दो लक्ष्यों को पूरा कर लेता है। यह हमें सिखाती है कि हमें अपने कार्यों को इस तरह से योजनाबद्ध करना चाहिए जिससे हमें अधिकतम लाभ मिल सके।
In simple words: 'एक पंथ दो काज' का मतलब है एक काम करने से दो फायदे होना।
🎯 Exam Tip: इस कहावत का प्रयोग तब करें जब एक ही कार्य से दो उद्देश्यों की पूर्ति हो रही हो।
Question 6. कागज की कोठरी – बदनामी का काम ।
Answer: 'कागज की कोठरी' कहावत का अर्थ है ऐसा काम करना जिससे बदनामी मिलने का खतरा हो, क्योंकि बदनामी बहुत आसानी से फैल जाती है। यह लोकोक्ति बताती है कि कुछ काम ऐसे होते हैं जिनमें थोड़ी सी भी गलती या विवाद व्यक्ति को बदनाम कर सकता है, जैसे कागज की कोठरी आग पकड़ लेती है। यह हमें सावधानी बरतने की सीख देती है।
In simple words: 'कागज की कोठरी' का मतलब है ऐसा काम जिससे बदनामी मिलने का डर हो।
🎯 Exam Tip: इस कहावत का प्रयोग उन स्थितियों में करें जहाँ किसी भी गलत कदम से प्रतिष्ठा को नुकसान हो सकता है।
Question 7. तिलों में तेल नहीं – लाभ की आशा नहीं।
Answer: 'तिलों में तेल नहीं' कहावत का अर्थ है कि जिस चीज़ से कोई लाभ मिलने की उम्मीद न हो। यह लोकोक्ति बताती है कि यदि किसी स्रोत में कुछ बचा ही नहीं है, तो उससे कुछ निकालने की कोशिश करना व्यर्थ है। यह हमें यथार्थवादी होने और ऐसी चीज़ों में समय बर्बाद न करने की सलाह देती है जिनसे कोई फायदा न हो।
In simple words: 'तिलों में तेल नहीं' का मतलब है किसी चीज़ से कोई फायदा न होने की उम्मीद।
🎯 Exam Tip: इस कहावत का प्रयोग तब करें जब किसी स्थिति से कोई सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना न हो।
Question 8. नया नौ दिन पुराना सौ दिन – तड़क-भड़क थोड़े ही दिन रहती है। पुरानी वस्तु का अधिक उपयोगी होना ।
Answer: 'नया नौ दिन पुराना सौ दिन' कहावत का अर्थ है कि नई चीज़ों की चमक या आकर्षण थोड़े समय के लिए ही होता है, जबकि पुरानी और भरोसेमंद चीज़ें लंबे समय तक उपयोगी और मूल्यवान बनी रहती हैं। यह लोकोक्ति हमें यह सिखाती है कि केवल नयापन महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि गुणवत्ता और विश्वसनीयता का महत्व ज़्यादा है। पुरानी चीज़ें अक्सर अपनी उपयोगिता और स्थायित्व के कारण अधिक पसंद की जाती हैं।
In simple words: 'नया नौ दिन पुराना सौ दिन' का मतलब है नई चीज़ें कम समय के लिए, जबकि पुरानी चीज़ें ज़्यादा समय तक अच्छी रहती हैं।
🎯 Exam Tip: इस कहावत का प्रयोग उन स्थितियों में करें जहाँ किसी नई लेकिन अस्थायी चीज़ की तुलना किसी पुरानी लेकिन स्थायी चीज़ से की जाए।
Question 9. भैंस के आगे बीन बजाना – मूर्ख के सम्मुख अपनी कला का प्रदर्शन करना।
Answer: 'भैंस के आगे बीन बजाना' कहावत का अर्थ है कि किसी मूर्ख या अज्ञानी व्यक्ति के सामने कोई ज्ञानवर्धक या कलात्मक प्रदर्शन करना, जिसका उस पर कोई असर न हो। यह लोकोक्ति बताती है कि कुछ लोगों को अच्छी बातें या कला समझ नहीं आती, इसलिए उन पर समय और ऊर्जा खर्च करना व्यर्थ है। यह हमें यह सिखाती है कि हमें अपनी ऊर्जा सही जगह लगानी चाहिए।
In simple words: 'भैंस के आगे बीन बजाना' का मतलब है मूर्ख व्यक्ति को अच्छी बात समझाना जो उसे समझ न आए।
🎯 Exam Tip: इस कहावत का प्रयोग तब करें जब कोई व्यक्ति किसी ऐसे को समझाने का प्रयास कर रहा हो जो समझने को तैयार न हो।
Question 10. सोने की चिड़िया – धनवान ।
Answer: 'सोने की चिड़िया' कहावत का अर्थ है बहुत ही धनवान या समृद्ध व्यक्ति, देश या चीज़। भारत को प्राचीन काल में 'सोने की चिड़िया' कहा जाता था क्योंकि यह बहुत समृद्ध था। यह लोकोक्ति किसी चीज़ की अत्यधिक मूल्यवानता और धन-सम्पदा को दर्शाती है। यह मुहावरा किसी की समृद्धि और सम्पन्नता को व्यक्त करने के लिए प्रयोग होता है।
In simple words: 'सोने की चिड़िया' का मतलब है बहुत धनवान या समृद्ध होना।
🎯 Exam Tip: यह लोकोक्ति किसी चीज़ या स्थान की अत्यधिक आर्थिक समृद्धि को दर्शाती है।
Question 11. अन्धे के आगे रोना अपना दीदा खोना – सहानुभूति न रखने वाले के सामने अपना दुखड़ा रोना व्यर्थ है।
Answer: 'अन्धे के आगे रोना अपना दीदा खोना' कहावत का अर्थ है कि किसी ऐसे व्यक्ति से अपनी परेशानी बताना जो सहानुभूति नहीं रखता या आपकी मदद नहीं कर सकता, पूरी तरह से व्यर्थ है। यह लोकोक्ति बताती है कि अपनी समस्याओं को सही व्यक्ति के सामने रखना चाहिए। यह हमें सिखाती है कि हमें अपनी ऊर्जा और भावनाओं को उन लोगों पर बर्बाद नहीं करना चाहिए जो हमारी परवाह नहीं करते।
In simple words: 'अन्धे के आगे रोना अपना दीदा खोना' का मतलब है ऐसे व्यक्ति से दुख कहना जो समझ न सके।
🎯 Exam Tip: इस कहावत का प्रयोग उन स्थितियों में करें जहाँ किसी असंवेदनशील व्यक्ति से मदद मांगना व्यर्थ हो।
Question 12. आगे नाथ न पीछे पगहा – किसी प्रकार का डर न होना।
Answer: 'आगे नाथ न पीछे पगहा' कहावत का अर्थ है कि किसी व्यक्ति का कोई रिश्तेदार, परिवार या बन्धन न होना, जिससे उसे किसी चीज़ का कोई डर या चिंता न हो। यह लोकोक्ति बताती है कि ऐसा व्यक्ति बिल्कुल स्वतंत्र और बेफिक्र होता है, क्योंकि उसे किसी के प्रति कोई जवाबदेही नहीं होती। यह मुहावरा पूर्ण स्वतंत्रता और उत्तरदायित्व के अभाव को दर्शाता है।
In simple words: 'आगे नाथ न पीछे पगहा' का मतलब है किसी का कोई बन्धन न होना और पूरी तरह आज़ाद होना।
🎯 Exam Tip: इस कहावत का प्रयोग तब करें जब कोई व्यक्ति किसी भी रिश्ते या बन्धन से मुक्त हो।
Question 13. उलटा चोर कोतवाल को डाँटे – दोषी ही अच्छे व्यक्ति को दोषी बताए ।
Answer: 'उलटा चोर कोतवाल को डाँटे' कहावत का अर्थ है कि अपराधी व्यक्ति खुद अपनी गलती मानने की बजाय निर्दोष व्यक्ति पर ही आरोप लगा दे। यह लोकोक्ति अन्याय और विडम्बना को दर्शाती है, जहाँ गलत व्यक्ति ही सही व्यक्ति को दोषी ठहराने की कोशिश करता है। यह हमें सिखाती है कि सच हमेशा सामने आ जाता है, भले ही दोषी कितना भी बचने की कोशिश करे।
In simple words: 'उलटा चोर कोतवाल को डाँटे' का मतलब है कि जिसने गलती की हो, वही दूसरे को गलत ठहराए।
🎯 Exam Tip: इस लोकोक्ति का प्रयोग तब करें जब कोई दोषी व्यक्ति अपनी गलती छिपाने के लिए दूसरे पर झूठा आरोप लगाए।
Question 14. भागते भूत की लँगोटी भली – पूर्ण लाभ न मिलने पर आंशिक लाभ पर ही सन्तोष करना।
Answer: 'भागते भूत की लँगोटी भली' कहावत का अर्थ है कि जब पूरा लाभ मिलना संभव न हो, तो जो थोड़ा-बहुत मिल जाए उसी से संतुष्ट हो जाना चाहिए। यह लोकोक्ति बताती है कि मुश्किल परिस्थितियों में, जहाँ सब कुछ खोने का डर हो, वहाँ कुछ भी बचा लेना बेहतर होता है। यह हमें सिखाती है कि हमें व्यावहारिक रहना चाहिए और बड़े नुकसान से बचने के लिए छोटे फायदे को स्वीकार करना चाहिए।
In simple words: 'भागते भूत की लँगोटी भली' का मतलब है कि अगर पूरा फायदा न मिले, तो जो थोड़ा मिले उसी में खुश हो जाना।
🎯 Exam Tip: इस लोकोक्ति का प्रयोग तब करें जब कोई व्यक्ति किसी बड़े नुकसान से बचने के लिए छोटे लाभ को स्वीकार कर लेता है।
Question 15. मन चंगा तो कठौती में गंगा - मन शुद्ध होने पर तीर्थयात्रा की आवश्यकता नहीं होती ।
Answer: 'मन चंगा तो कठौती में गंगा' कहावत का अर्थ है कि यदि मन शुद्ध और पवित्र है, तो व्यक्ति को तीर्थयात्रा करने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उसके लिए हर जगह पवित्रता है। यह लोकोक्ति आंतरिक शुद्धता और सद्भाव के महत्व को बताती है। यह हमें सिखाती है कि सच्ची भक्ति बाहरी दिखावे में नहीं, बल्कि मन की पवित्रता में होती है।
In simple words: 'मन चंगा तो कठौती में गंगा' का मतलब है अगर मन साफ हो, तो कहीं बाहर तीर्थ पर जाने की ज़रूरत नहीं।
🎯 Exam Tip: इस लोकोक्ति का प्रयोग धार्मिक संदर्भ में या नैतिक मूल्यों को समझाने के लिए करें।
(शब्दों के अर्थ व वाक्य प्रयोग)
Question 1. उत्तरोत्तर – (क्रमपूर्वक) विषम परिस्थितियों में भी पर्वतारोही उत्तरोत्तर चढ़ते ही चले गए।
Answer: 'उत्तरोत्तर' का अर्थ है लगातार या क्रम से आगे बढ़ना। इसका प्रयोग तब किया जाता है जब कोई कार्य धीरे-धीरे और लगातार प्रगति करता रहता है। जैसे, पर्वतारोही मुश्किल हालात में भी लगातार ऊपर चढ़ते रहे। यह शब्द लगातार सुधार या प्रगति को दर्शाता है।
In simple words: 'उत्तरोत्तर' का मतलब है लगातार एक के बाद एक आगे बढ़ना या प्रगति करना।
🎯 Exam Tip: दिए गए शब्द का अर्थ स्पष्ट करें और उसे ऐसे वाक्य में प्रयोग करें जिससे उसका अर्थ और प्रयोग दोनों ही साफ हो जाएं।
Question 2. आशातीत – (आशा से भी परे) गत चुनावों में काँग्रेस दल को आशातीत सफलता मिली थी ।
Answer: 'आशातीत' का अर्थ है उम्मीद से कहीं ज़्यादा या आशा से भी परे। यह शब्द तब प्रयोग किया जाता है जब किसी चीज़ का परिणाम उम्मीद से बढ़कर अच्छा होता है। जैसे, पिछले चुनावों में काँग्रेस पार्टी को जितनी उम्मीद थी, उससे कहीं ज़्यादा सफलता मिली। यह शब्द अप्रत्याशित रूप से बड़े और सकारात्मक परिणामों को दर्शाता है।
In simple words: 'आशातीत' का मतलब है जितनी उम्मीद की थी, उससे कहीं ज़्यादा मिलना।
🎯 Exam Tip: 'आशातीत' शब्द का प्रयोग तब करें जब परिणाम उम्मीद से बढ़कर सकारात्मक हों।
Question 3. उपलब्धि – (प्राप्ति) कविवर बिहारी को राजा जयसिंह से अपार धन की उपलब्धि हुई ।
Answer: 'उपलब्धि' का अर्थ है किसी चीज़ को प्राप्त करना या हासिल करना। यह शब्द किसी प्रयास के बाद मिलने वाले सफल परिणाम को दर्शाता है। जैसे, कवि बिहारी को राजा जयसिंह से बहुत ज़्यादा धन प्राप्त हुआ। यह शब्द किसी विशेष लक्ष्य की प्राप्ति या सफलता को व्यक्त करता है।
In simple words: 'उपलब्धि' का मतलब है कोई चीज़ हासिल करना या मिलना।
🎯 Exam Tip: 'उपलब्धि' शब्द का प्रयोग किसी महत्वपूर्ण प्राप्ति या सफलता के लिए होता है।
Question 4. रंग जमाना – (प्रभाव जमाना) त्यागी जी के भाषण से सभा में ऐसा रंग जमा कि उनके विरोधी भी देखते रह गए।
Answer: 'रंग जमाना' का अर्थ है किसी पर अपनी छाप छोड़ना या गहरा प्रभाव डालना। यह शब्द तब प्रयोग होता है जब कोई व्यक्ति अपनी कला, बातों या व्यक्तित्व से दूसरों को बहुत ज़्यादा प्रभावित करता है। जैसे, त्यागी जी के भाषण ने सभा में ऐसा जादू किया कि उनके विरोधी भी उनकी प्रशंसा करने पर मजबूर हो गए।
In simple words: 'रंग जमाना' का मतलब है किसी पर अपना गहरा असर डालना।
🎯 Exam Tip: 'रंग जमाना' किसी की क्षमता या करिश्मे से पैदा हुए प्रभाव को दर्शाता है।
Question 5. अग्रसर – (आगे बढ़ना) विज्ञान के कारण आज हम उन्नति की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
Answer: 'अग्रसर' का अर्थ है आगे बढ़ना या प्रगति की दिशा में जाना। यह शब्द तब प्रयोग होता है जब कोई व्यक्ति, समाज या देश किसी लक्ष्य की ओर लगातार बढ़ रहा हो। जैसे, विज्ञान की तरक्की के कारण आज हमारा समाज लगातार विकास की ओर बढ़ रहा है। यह शब्द प्रगति और भविष्योन्मुखी चाल को दर्शाता है।
In simple words: 'अग्रसर' का मतलब है आगे की ओर बढ़ना या तरक्की करना।
🎯 Exam Tip: 'अग्रसर' शब्द का प्रयोग अक्सर सकारात्मक प्रगति और विकास के संदर्भ में होता है।
Question 6. तटस्थ – (पक्ष-विपथ से दूर) भारत की तटस्थ रहने की नीति की प्रशंसा सब ओर हो रही है।
Answer: 'तटस्थ' का अर्थ है किसी भी पक्ष का समर्थन न करना और निष्पक्ष रहना। यह शब्द तब प्रयोग होता है जब कोई व्यक्ति या देश किसी विवाद में किसी भी ओर झुकाव नहीं दिखाता। जैसे, भारत की किसी भी गुट में शामिल न होने की नीति की सभी जगह प्रशंसा हो रही है। यह शब्द निष्पक्षता और संतुलन बनाए रखने को दर्शाता है।
In simple words: 'तटस्थ' का मतलब है किसी का पक्ष न लेना, हमेशा निष्पक्ष रहना।
🎯 Exam Tip: 'तटस्थ' शब्द का प्रयोग शांति और न्याय बनाए रखने के लिए किसी भी पक्ष में शामिल न होने के संदर्भ में होता है।
Question 7. संक्रामक – (छूत सम्बन्धी) हैजा एक संक्रामक रोग है।
Answer: 'संक्रामक' का अर्थ है वह चीज़ जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सके, खासकर रोग। यह शब्द तब प्रयोग होता है जब कोई बीमारी या वायरस आसानी से एक से दूसरे में फैल जाता है। जैसे, हैजा एक ऐसा रोग है जो छूने या दूषित भोजन-पानी से फैल सकता है। यह शब्द किसी चीज़ के तेजी से फैलने की क्षमता को दर्शाता है।
In simple words: 'संक्रामक' का मतलब है ऐसी बीमारी जो एक से दूसरे को लग सके।
🎯 Exam Tip: 'संक्रामक' रोगों में फैलने की क्षमता होती है, इसलिए सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
Question 8. अस्त्र – (फेंककर चलाया जाने वाला हथियार) बाण, ब आदि प्राचीन अस्त्र हैं।
Answer: 'अस्त्र' का अर्थ है वह हथियार जिसे फेंककर दूर से शत्रु पर वार किया जाता है। यह शब्द प्राचीन युद्धों में प्रयोग होने वाले हथियारों को दर्शाता है। जैसे, तीर और भाला पुराने समय के प्रमुख अस्त्र थे। अस्त्रों का मुख्य उद्देश्य दूर से दुश्मन को नुकसान पहुँचाना होता है।
In simple words: 'अस्त्र' वह हथियार है जिसे फेंककर वार करते हैं, जैसे तीर।
🎯 Exam Tip: अस्त्र और शस्त्र का अन्तर उनके उपयोग के तरीके (फेंककर या हाथ में पकड़कर) से याद रखें।
Question 9. शस्त्र – (हाथ में थामकर चलाया जाने वाला हथियार) तलवार, छुरी और खड्ग शस्त्र हैं।
Answer: 'शस्त्र' का अर्थ है वह हथियार जिसे हाथ में पकड़कर चलाया जाता है, यानी निकट से युद्ध करने के लिए। यह शब्द उन हथियारों को दर्शाता है जो सीधे संपर्क में आने पर प्रयोग होते हैं। जैसे, तलवार, छुरी और खड्ग प्रमुख शस्त्र हैं। शस्त्रों का उपयोग सीधे मुकाबले में किया जाता है।
In simple words: 'शस्त्र' वह हथियार है जिसे हाथ में पकड़कर लड़ते हैं, जैसे तलवार।
🎯 Exam Tip: अस्त्र और शस्त्र का अन्तर उनके उपयोग के तरीके (फेंककर या हाथ में पकड़कर) से याद रखें।
Question 10. अध्ययन – (सामान्य पढ़ाई) मैंने विज्ञान का अध्ययन कभी नहीं किया है।
Answer: 'अध्ययन' का अर्थ है किसी विषय को पढ़ना या सीखना। यह शब्द सामान्य पढ़ाई और ज्ञान प्राप्त करने की प्रक्रिया को दर्शाता है। जैसे, किसी व्यक्ति ने कभी विज्ञान विषय की पढ़ाई नहीं की हो। यह शब्द शिक्षा प्राप्त करने के एक बुनियादी तरीके को व्यक्त करता है।
In simple words: 'अध्ययन' का मतलब है किसी विषय को पढ़ना या सीखना।
🎯 Exam Tip: 'अध्ययन' सामान्य पढ़ाई को दर्शाता है, जबकि 'अनुशीलन' गहरे अध्ययन को।
Question 11. अनुशीलन – (गहरा अध्ययन) मैं आजकल निबन्ध साहित्य का अनुशीलन कर रहा हूँ।
Answer: 'अनुशीलन' का अर्थ है किसी विषय का गहराई से और ध्यानपूर्वक अध्ययन करना। यह शब्द सामान्य पढ़ाई से ज़्यादा गहन और विश्लेषणात्मक अध्ययन को दर्शाता है। जैसे, कोई व्यक्ति आजकल निबंध साहित्य का गहराई से अध्ययन कर रहा हो। यह शब्द किसी विषय में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए किए गए प्रयास को दर्शाता है।
In simple words: 'अनुशीलन' का मतलब है किसी चीज़ को बहुत ध्यान से और गहराई से पढ़ना।
🎯 Exam Tip: 'अनुशीलन' शब्द का प्रयोग तब करें जब पढ़ाई केवल सतही न होकर गहन और विस्तृत हो।
Question 12. अन्याय – (नियम विरुद्ध कार्य) अन्याये सब दिन नहीं चल सकता।
Answer: 'अन्याय' का अर्थ है नियमों के विरुद्ध या अनुचित कार्य करना। यह शब्द किसी ऐसे काम को दर्शाता है जो नैतिक रूप से गलत हो या दूसरों के साथ गलत व्यवहार हो। जैसे, अन्याय पर आधारित कोई भी चीज़ ज़्यादा समय तक टिक नहीं सकती। यह शब्द गलत व्यवहार और अनुचित कृत्यों को व्यक्त करता है।
In simple words: 'अन्याय' का मतलब है कोई गलत या अनुचित काम करना।
🎯 Exam Tip: 'अन्याय' शब्द हमेशा नकारात्मक संदर्भ में प्रयोग होता है, जिसका अर्थ है अनुचित कार्य।
Question 13. अधर्म – (धर्म विरुद्ध कार्य) निर्बल को सताना अधर्म है।
Answer: 'अधर्म' का अर्थ है धर्म के विरुद्ध या नैतिक मूल्यों के खिलाफ किया गया कार्य। यह शब्द किसी ऐसे काम को दर्शाता है जो सही और उचित न हो, बल्कि गलत और पापपूर्ण हो। जैसे, कमजोर व्यक्तियों को परेशान करना एक बहुत बड़ा अधर्म है। यह शब्द नैतिकता और धार्मिकता के विपरीत व्यवहार को व्यक्त करता है।
In simple words: 'अधर्म' का मतलब है ऐसा काम जो धर्म और नैतिकता के खिलाफ हो।
🎯 Exam Tip: 'अधर्म' शब्द का प्रयोग नैतिक रूप से गलत या पापपूर्ण कृत्यों के लिए होता है।
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