UP Board Solutions Class 8 Environment Chapter 9 Paryavaraniya pradushan karan evam prabhav

NCERT Solutions for Class 8 Environment: Chapter 09 पर्यावरण प्रदुषण करण एवम् प्रभाव

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Practice Class 8 Environment Solutions: Chapter 09 पर्यावरण प्रदुषण करण एवम् प्रभाव

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अभ्यास ।

 

Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए ।|
(क) जल प्रदूषित कैसे होता है ?
(ख) वायु को प्रदूषित करने वाली गैसों का नाम लिखिए ?
(ग) ध्वनि प्रदूषण से आप क्या समझते हैं ? इसके प्रमुख कारणों को लिखिए।
(घ) मृदा प्रदूषण के नियंत्रण हेतु क्या करना चाहिए ? |
Answer:
(क) जल प्रदूषित होने के कई कारण हैं:
1. उद्योग और घरों से निकलने वाला गंदा पानी नदियों, झीलों और तालाबों में मिलने से जल को गंदा करता है।
2. इंसानों की रोजमर्रा की गतिविधियाँ, जैसे नदियों में कपड़े धोना, पशुओं को नहलाना, और सीवेज का गंदा पानी छोड़ना भी पानी को प्रदूषित करता है।
3. खेती में इस्तेमाल होने वाली रासायनिक खादें और कीटनाशक बारिश के पानी के साथ बहकर नदियों और तालाबों में पहुँच जाते हैं, जिससे पानी प्रदूषित होता है। पानी का प्रदूषण कई जलजीवों के लिए हानिकारक हो सकता है।
(ख) वायु को प्रदूषित करने वाली मुख्य गैसें ये हैं: कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, हाइड्रोकार्बन, क्लोरीन, अमोनिया और मीथेन। ये सभी गैसें हवा में मिलकर उसे दूषित करती हैं।
(ग) जब ध्वनि हमारे कानों और दिमाग पर बुरा असर डालने लगती है, तो उसे शोर कहते हैं, और यही ध्वनि प्रदूषण है। ध्वनि प्रदूषण के मुख्य कारण इस प्रकार हैं:
1. गाड़ियों और वाहनों की तेज आवाज़ से ध्वनि प्रदूषण होता है।
2. टी.वी., रेडियो, और डीजे को बहुत तेज़ आवाज़ में बजाना भी ध्वनि प्रदूषण का एक बड़ा कारण है।
3. पटाखों की तेज़ आवाज़ भी ध्वनि प्रदूषण पैदा करती है।
4. कारखानों में इस्तेमाल होने वाली मशीनें, सायरन और जनरेटर जैसी चीजें भी बहुत शोर करती हैं, जिससे ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है।
5. प्रकृति में होने वाली कुछ घटनाएँ, जैसे बिजली का कड़कना, तेज़ तूफानी हवाएँ और ज्वालामुखी का फटना भी ध्वनि प्रदूषण का कारण बन सकती हैं, लेकिन ये घटनाएँ अक्सर कम समय के लिए होती हैं।
(घ) मिट्टी के प्रदूषण को रोकने के लिए ये उपाय किए जा सकते हैं:
1. फसलों पर रासायनिक खाद और कीटनाशकों का इस्तेमाल कम से कम करना चाहिए।
2. जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि यह मिट्टी के लिए बेहतर होता है।
3. गाँवों और शहरों से निकलने वाले कूड़े-कचरे और गंदगी का सही तरीके से निपटारा करना चाहिए।
4. पेड़ों को कटने से रोकना चाहिए और ज़्यादा से ज़्यादा पेड़ लगाने चाहिए। पेड़ मिट्टी के कटाव को रोकने में मदद करते हैं।
In simple words: जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और मृदा प्रदूषण हमारे पर्यावरण की बड़ी समस्याएँ हैं। इन्हें रोकने के लिए हमें उद्योगों से निकलने वाले कचरे को नियंत्रित करना, गाड़ियों के धुएँ को कम करना, अनावश्यक शोर से बचना और जैविक खेती को अपनाना होगा।

🎯 Exam Tip: जब भी आप किसी प्रदूषण के कारण और उसके नियंत्रण के उपाय लिखें, तो सबसे पहले उसकी परिभाषा बताएँ। फिर कारणों को बुलेट पॉइंट में लिखें और नियंत्रण के उपायों को भी अलग से बुलेट पॉइंट में स्पष्ट करें।

 

Question 2. सही शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(कूड़ेदान, पीलिया, वायु, पेड़-पौधे)
(क) प्रदूषित जल पीने से ______ रोग हो जाती है।
(ख) दमा, खसरा आदि बीमारियाँ ______ प्रदूषण का परिणाम हैं।
(ग) ध्वनि प्रदूषण को ______ भी कम करते हैं।
(घ) ठोस अपशिष्ट पदार्थों को ______ में फेंकना चाहिए।
Answer:
(क) प्रदूषित जल पीने से पीलिया रोग हो जाती है।
(ख) दमा, खसरा आदि बीमारियाँ वायु प्रदूषण का परिणाम हैं।
(ग) ध्वनि प्रदूषण को पेड़-पौधे भी कम करते हैं।
(घ) ठोस अपशिष्ट पदार्थों को कूड़ेदान में फेंकना चाहिए। पेड़ों के पत्तों में ध्वनि तरंगों को अवशोषित करने की क्षमता होती है।
In simple words: गंदा पानी पीने से पीलिया होता है, दमा और खसरा हवा के प्रदूषण से होते हैं। पेड़-पौधे शोर को कम करते हैं, और हमें कचरा हमेशा कूड़ेदान में डालना चाहिए।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान की पूर्ति करते समय, दिए गए विकल्पों को ध्यान से पढ़ें और वाक्य के अर्थ के अनुसार सबसे सही शब्द चुनें। यह सुनिश्चित करेगा कि आपका उत्तर सटीक है।

 

Question 3. सही कथन के सामने (✔) और गलत के सामने (X) का चिह्न लगाइए
(क) जल प्रदूषण से पागलपन रोग होता है।
(ख) वाहनों के धुएँ से जल प्रदूषित होता है।।
(ग) मानव व अन्य जीवधारियों के भोजन तथा आवास पर मृदा प्रदूषण का दुष्प्रभाव पड़ता है।
(घ) घरों से निकलने वाले गंदे जल का उचित निस्तारण करना चाहिए।
Answer:
(क) जल प्रदूषण से पागलपन रोग होता है। (X)
(ख) वाहनों के धुएँ से जल प्रदूषित होता है।। (X)
(ग) मानव व अन्य जीवधारियों के भोजन तथा आवास पर मृदा प्रदूषण का दुष्प्रभाव पड़ता है। (✔)
(घ) घरों से निकलने वाले गंदे जल का उचित निस्तारण करना चाहिए। (✔) जल प्रदूषण से मुख्य रूप से पेट और पाचन संबंधी रोग होते हैं, जबकि पागलपन का संबंध मानसिक स्वास्थ्य से है।
In simple words: जल प्रदूषण से पागलपन नहीं होता और वाहनों का धुआँ हवा को गंदा करता है, पानी को नहीं। मिट्टी का प्रदूषण इंसानों और जानवरों पर बुरा असर डालता है, और घर के गंदे पानी को सही ढंग से ठिकाने लगाना चाहिए।

🎯 Exam Tip: सत्य/असत्य प्रश्नों में, प्रत्येक कथन को ध्यान से पढ़ें और अपने ज्ञान के आधार पर तय करें कि वह सही है या गलत। कई बार कथनों में बारीक अंतर होता है जो उत्तर बदल देता है।

 

Question 4. मिलान कीजिए-

(क)(ख)
कीटनाशकवायु प्रदूषण
दमाजल प्रदूषण
हैजाध्वनि प्रदूषण
चिड़चिड़ापनमृदा प्रदूषण

Answer:
(क)(ख)
कीटनाशकमृदा प्रदूषण
दमावायु प्रदूषण
हैजाजल प्रदूषण
चिड़चिड़ापनध्वनि प्रदूषण
कीटनाशक मिट्टी को प्रदूषित करते हैं, दमा वायु प्रदूषण से होता है, हैजा गंदे पानी के कारण होता है, और चिड़चिड़ापन अक्सर अत्यधिक शोर या ध्वनि प्रदूषण का एक परिणाम होता है। इन सभी प्रदूषकों का हमारे स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
In simple words: कीटनाशक से मिट्टी गंदी होती है। हवा गंदी होने पर दमा हो सकता है। गंदा पानी पीने से हैजा होता है। बहुत ज़्यादा शोर से हमें चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है।

🎯 Exam Tip: मिलान करते समय, पहले उन जोड़ियों को पहचानें जिनके बारे में आप निश्चित हैं। फिर, शेष विकल्पों को हटाने की प्रक्रिया से मिलान करें। सही मिलान के लिए प्रत्येक प्रदूषण के मुख्य प्रभावों को याद रखना महत्वपूर्ण है।

UP Board Solutions for Class 8 Environment Chapter 09 पर्यावरण प्रदुषण करण एवम् प्रभाव

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