UP Board Solutions Class 8 Environment Chapter 3 Apshisht evam uska nistaran

Step-by-Step Textbook Solutions for Class 8 Environment Chapter 03 Apshisht evam uska nistaran

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अभ्यास

 

Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
(क) अपशिष्ट किसे कहते हैं ?
(ख) ठोस, द्रव और गैसीय अपशिष्ट में अन्तर बताते हुए इसके दो-दो उदाहरण लिखिए।
(ग) गैसीय अपशिष्ट पदार्थ के स्रोत क्या हैं ?
(घ) अपशिष्ट संग्रह के दुष्प्रभावों को उदाहरण सहित समझाइए।
(ङ) सोकपिट बनाने की विधि लिखिए ।
(च) ई-कचरा से आप क्या समझते हैं ? उदाहरण सहित लिखिए ।
(छ) कारखानों से निकलने वाले जल को नदियों में बहाने से पहले क्या उपाय करने चाहिए?
(ज) प्रत्येक घर में शौचालय होना क्यों आवश्यक है ?
Answer:
(क) मनुष्य और दूसरे जीव जो काम हर दिन करते हैं, उनसे जो बेकार चीजें निकलती हैं, उन्हें अपशिष्ट पदार्थ कहते हैं। यह अनुपयोगी सामग्री पर्यावरण को दूषित कर सकती है।
(ख) अपशिष्ट पदार्थ तीन मुख्य रूपों में पाए जाते हैं: ठोस, द्रव और गैस। ठोस अपशिष्ट वे पदार्थ हैं जो ठोस अवस्था में होते हैं, जैसे फल-सब्जियों के छिलके और प्लास्टिक के टुकड़े। द्रव अपशिष्ट वे पदार्थ हैं जो तरल रूप में होते हैं, जैसे नालियों का गंदा पानी और उद्योगों से निकलने वाला विषैला जल। गैसीय अपशिष्ट वे पदार्थ हैं जो गैस या धुएं के रूप में होते हैं, जैसे गाड़ियों और कारखानों से निकलने वाला धुआँ। इन तीनों प्रकार के अपशिष्ट का सही तरीके से निपटान करना बहुत ज़रूरी है।
(ग) गैसीय अपशिष्ट पदार्थ कई जगहों से आते हैं। इनमें लकड़ी और कोयला जलाने से निकलने वाला धुआँ शामिल है। कारखाने भी बहुत सारी गैसें छोड़ते हैं। गाड़ियों और दूसरे वाहनों से भी धुआँ निकलता है। मरे हुए जीव-जंतु, अँगीठी और सिगरेट-बीड़ी जलाने से भी गैसीय अपशिष्ट बनता है। इन सभी स्रोतों से निकलने वाली गैसें हवा को प्रदूषित करती हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
(घ) अपशिष्ट को इकट्ठा करना पर्यावरण के लिए बहुत खतरनाक है। यह इंसानों की सेहत पर बुरा असर डालता है। इसका एक बड़ा उदाहरण दिसंबर 1984 की भोपाल गैस त्रासदी है। इस घटना में यूनियन कार्बाइड कीटनाशक फैक्ट्री से मेथिल आइसो साइनाइट गैस लीक हो गई थी, जिससे हजारों लोग मर गए और लाखों लोग कैंसर, साँस की समस्या, सिर दर्द और अंगों के सुन्न होने जैसी कई बीमारियों से पीड़ित हुए। इस हादसे के बाद, फैक्ट्री से निकला जहरीला कचरा आस-पास की मिट्टी और पानी में मिल गया। इस कचरे का बुरा असर आज भी वहाँ की नई पीढ़ियों में देखा जा सकता है। इसलिए, अपशिष्ट का सही निपटान बहुत ज़रूरी है ताकि ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।
(ङ) सोकपिट बनाने के लिए, सबसे पहले जमीन में लगभग 5-6 फीट गहरा और चौकोर गड्ढा खोदा जाता है। इस गड्ढे के नीचे ईंट और पत्थर के टुकड़े डाले जाते हैं, और फिर उन्हें रेत की एक परत से ढक दिया जाता है। इसके बाद, इस गड्ढे को घर की नाली से जोड़ दिया जाता है जहाँ से पानी बहता है। आखिर में, गड्ढे को ऊपर से ढक दिया जाता है। इस तरह से सोकपिट तैयार हो जाता है, जिससे पानी धीरे-धीरे जमीन में सोख लिया जाता है।
(च) ई-कचरा का मतलब उन सभी इलेक्ट्रॉनिक चीजों से है जो खराब हो जाती हैं और जिन्हें हम फेंक देते हैं। यह कचरा घरों और दफ्तरों से निकलता है। ई-कचरे में खराब कंप्यूटर, मोबाइल फोन, सीडी, बैटरी, टेलीविजन, वाशिंग मशीन, फ्रिज और एयर कंडीशनर जैसे उपकरण शामिल हैं। इन सभी में खतरनाक रसायन होते हैं, इसलिए इनका सही तरीके से निपटान करना बहुत ज़रूरी है।
(छ) कारखानों से निकलने वाले पानी को नदियों में छोड़ने से पहले साफ करना बहुत ज़रूरी है। ऐसा करने से नदियों का पानी गंदा नहीं होगा और जल प्रदूषण नहीं फैलेगा। पानी को साफ करने के लिए उसे ट्रीटमेंट प्लांट से गुजारना चाहिए, जिससे उसमें मौजूद हानिकारक रसायन हट जाएँ।
(ज) हर घर में शौचालय होना बहुत ज़रूरी है, ताकि मल-मूत्र का सही तरीके से निपटारा हो सके। इससे गंदगी नहीं फैलती और बीमारियाँ होने का खतरा कम हो जाता है। खुले में शौच करने से पर्यावरण प्रदूषित होता है और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।
In simple words: अपशिष्ट मनुष्य और जीवों के दैनिक क्रियाकलापों से निकलने वाले अनुपयोगी पदार्थ हैं। ये ठोस (छिलके), द्रव (गंदा पानी) और गैस (धुआँ) के रूप में होते हैं। गैसीय अपशिष्ट लकड़ी, कोयला, कारखाने और गाड़ियों से आता है। कचरा जमा करना पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, जिसका उदाहरण भोपाल गैस त्रासदी है। सोकपिट जमीन में गड्ढा खोदकर, उसमें ईंट, पत्थर और रेत डालकर बनाया जाता है, ताकि पानी ज़मीन में सोख जाए। ई-कचरा खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान होता है जैसे कंप्यूटर, मोबाइल और टीवी। कारखानों के पानी को नदियों में डालने से पहले साफ करना चाहिए, ताकि पानी दूषित न हो। हर घर में शौचालय होना ज़रूरी है ताकि गंदगी न फैले और बीमारियाँ न हों।

🎯 Exam Tip: किसी भी प्रश्न का उत्तर देते समय, सभी उप-भागों को स्पष्ट और संक्षिप्त तरीके से संबोधित करना महत्वपूर्ण है, साथ ही जहाँ आवश्यक हो, उदाहरण भी दें।

 

Question 2. सही कथन के सामने (✔) और गलत के सामने (X) का चिह्न लगाइए
(क) उद्योगों से विभिन्न प्रकार के अपशिष्ट पदार्थ निकलते हैं।
(ख) अपशिष्ट पदार्थों से हमारा पर्यावरण दूषित होता है।
(ग) अपशिष्ट पदार्थ ठोस, द्रव और गैस के रूप में होते हैं।
(घ) घरेलू कूड़े-कचरे का निस्तारण आज प्रदूषण की समस्या नहीं है।
(ङ) प्लास्टिक एवं पॉलीथीन आसानी से सड़ती है।
Answer:
(क) उद्योगों से विभिन्न प्रकार के अपशिष्ट पदार्थ निकलते हैं। (✔)
(ख) अपशिष्ट पदार्थों से हमारा पर्यावरण दूषित होता है। (✔)
(ग) अपशिष्ट पदार्थ ठोस, द्रव और गैस के रूप में होते हैं। (✔)
(घ) घरेलू कूड़े-कचरे का निस्तारण आज प्रदूषण की समस्या नहीं है। (X)
(ङ) प्लास्टिक एवं पॉलीथीन आसानी से सड़ती है। (X)
In simple words: उद्योगों से कई तरह के अपशिष्ट निकलते हैं, अपशिष्ट से पर्यावरण गंदा होता है, और यह ठोस, द्रव या गैस तीनों रूप में होता है। लेकिन घरेलू कचरे का निपटान एक बड़ी समस्या है, और प्लास्टिक आसानी से नहीं सड़ता। सही और गलत की पहचान करके हम पर्यावरण को बचाने में अपना योगदान दे सकते हैं।

🎯 Exam Tip: इन प्रश्नों को हल करते समय, प्रत्येक कथन को ध्यान से पढ़ें और सोचें कि क्या वह पर्यावरण और अपशिष्ट प्रबंधन के बारे में सही जानकारी देता है।

 

Question 3. सही मिलान कीजिए
(क)
बायोगैस
कम्पोस्ट खाद
गैसीय अपशिष्ट
जल निकास तंत्र में बाधा
अपशिष्टों से पुनः उपयोगी सामान बनाना
(ख)
धुआँ
जैविक अपशिष्ट
फलों, सब्जियों के छिलके, सूखी पत्तियाँ
पुनःचक्रण
पॉलीथीन
Answer:
बायोगैस - जैविक अपशिष्ट
कम्पोस्ट खाद - फलों, सब्जियों के छिलके, सूखी पत्तियाँ
गैसीय अपशिष्ट - धुआँ
जल निकास तंत्र में बाधा - पॉलीथीन
अपशिष्टों से पुनः उपयोगी सामान बनाना - पुनःचक्रण
In simple words: हमें बायोगैस को जैविक कचरे से, कम्पोस्ट खाद को फलों के छिलकों और सूखी पत्तियों से, गैसीय अपशिष्ट को धुएं से, पानी के रास्ते में रुकावट को पॉलीथीन से, और कचरे को दोबारा इस्तेमाल करने को पुनःचक्रण (रीसाइक्लिंग) से जोड़ना चाहिए। कचरे का सही प्रबंधन हमें स्वच्छ वातावरण और ऊर्जा सुरक्षा दोनों प्रदान करता है।

🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, पहले उन जोड़ों को पहचानें जिनके बारे में आप निश्चित हैं, और फिर शेष विकल्पों को खत्म करने की प्रक्रिया का उपयोग करें।

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