Official UP Board Solutions for Class 8 Agricultural Science: Chapter 04 पशुपालन का गंगातिरी
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Chapter-wise Solutions for Agricultural Science: Chapter 04 पशुपालन का गंगातिरी
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इकाई-4 पशुपालन (क) गंगातीरी
अभ्यास
Question 1. सही उत्तर पर (✔) का चिह्न लगाइए।
Answer:
1. गरीब की गाय कहलाती है
(क) गाय
(ख) भैंस
(ग) भेड़
(घ) बकरी (✔)
Answer: (घ) बकरी
In simple words: बकरी को गरीब की गाय कहते हैं क्योंकि यह कम खर्च में दूध देती है और छोटे किसानों के लिए बहुत उपयोगी होती है।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में 'गरीब की गाय' जैसे मुहावरों के वास्तविक अर्थ को समझना महत्वपूर्ण है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बकरी के महत्व को दर्शाता है।
2. संदूषित दूध से फैलने वाली बीमारी है।
(क) एड्स (ख) कैंसर
(ग) टी0वी0 (✔)
(घ) पोलियो
Answer: (ग) टी0वी0
In simple words: खराब या दूषित दूध पीने से टीबी जैसी बीमारियाँ फैल सकती हैं। यह दूध को साफ रखना कितना ज़रूरी है, यह बताता है।
🎯 Exam Tip: भोजन और पानी से फैलने वाली बीमारियों के बारे में जानें, क्योंकि ऐसे प्रश्न अक्सर सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता से संबंधित होते हैं।
3. गाय की नस्ल नहीं है
(क) गंगातीरी
(ख) मिनोरका
(ग) नागौरी
(घ) भदावरी (✔)
Answer: (घ) भदावरी
In simple words: भदावरी भैंस की नस्ल है, गाय की नहीं। अन्य विकल्प जैसे गंगातीरी, मिनोरका और नागौरी गाय की नस्लें हैं।
🎯 Exam Tip: पशुओं की विभिन्न नस्लों और उनकी विशेषताओं को याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर गाय और भैंस की नस्लों को अलग-अलग पहचानना सीखें।
4. सिन्धी गाय है
(क) दुधारू गाय की नस्ल (✔)
(ख) दुकाजी गाय की नस्ल
(ग) भरवाही गाय की नस्ल
(घ) भैंस की नस्ल
Answer: (क) दुधारू गाय की नस्ल
In simple words: सिन्धी गाय दूध देने वाली नस्लों में से एक है। यह अपनी अच्छी दूध उत्पादन क्षमता के लिए जानी जाती है।
🎯 Exam Tip: भारत में पाई जाने वाली प्रमुख दुधारू, दुकाजी (दूध और भार दोनों के लिए) और भरवाही (भार ढोने वाली) गायों की नस्लों को समझना परीक्षा में मदद करेगा।
5. स्वच्छ दूध में होना चाहिए
(क) न्यूनतम जीवाणु (✔)
(ख) अवांछनीय गन्ध
(ग) अधिक वसा
(घ) कम पानी
Answer: (क) न्यूनतम जीवाणु
In simple words: साफ दूध में बहुत कम कीटाणु होने चाहिए ताकि वह सेहतमंद और सुरक्षित रहे। यह स्वच्छता की निशानी है।
🎯 Exam Tip: दूध की गुणवत्ता के मापदंडों को हमेशा ध्यान रखें, जिसमें जीवाणुओं की कम संख्या, अच्छी गंध और सही वसा प्रतिशत शामिल हैं।
6. सबसे मीठा दूध होता है।
(क) गाय का दूध
(ख) भैंस का दूध
(ग) बकरी का दूध
(घ) माँ का दूध (✔)
Answer: (घ) माँ का दूध
In simple words: माँ का दूध सबसे मीठा होता है क्योंकि इसमें प्राकृतिक शर्करा की मात्रा सबसे अधिक होती है, जो बच्चे के लिए ज़रूरी है। यह बच्चे के लिए सबसे पौष्टिक भी होता है।
🎯 Exam Tip: पोषण और जीव विज्ञान से संबंधित तथ्यों को याद रखें, जैसे कि विभिन्न प्रकार के दूध की मिठास या पोषक तत्व।
Question 2. निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।
Answer:
(क) पुआल और भूसा अदलहनी सूखा चारा है।
(ख) वरण प्रजनन की आधार शिला है।
(ग) केंचुए को प्रकृति का हलवाहा कहते हैं।
(घ) मुँहपका खुरपका बीमारी एक विषाणु से फैलती है।
(ङ) जोंक एक बाह्य परजीवी जन्तु है।
(च) दूध में मिठास दुग्ध शर्करा के कारण होती है।
(छ) अमृत महल भारवाही गाय की नस्ल है।
(ज) दूध एक सम्पूर्ण आहार है।
In simple words: इन वाक्यों में खाली जगहों को सही शब्दों से भरना था। ये शब्द पशुपालन, कृषि और जीव विज्ञान से जुड़ी बुनियादी जानकारियों को बताते हैं।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थानों की पूर्ति के लिए विषय से संबंधित शब्दावली और सामान्य ज्ञान को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 3. निम्नलिखित कथनों पर (✔) तथा गलत पर (x) का निशान लगाइए।
Answer:
(क) गाय के दूध का पीला रंग कैरोटीन के कारण होता है। (✔)
(ख) वरण का तात्पर्य अनिच्छित पशुओं को अलग करना है। (X)
(ग) भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक से 1 वर्ष में एक ही गाय के 10-12 बच्चे प्राप्त किए जा सकते हैं। (X)
(घ) मक्का दलहनी चारा है। (X)
(ङ) पूर्ण हस्त दोहन दूध दोहन की सर्वोत्तम विधि है। (✔)
(च) पशु के थूथन व मुँह का नम होना उसके बीमार रहने का लक्षण है। (X)
(छ) देश में कुल दुग्ध उत्पादन का 55% हिस्सा गाय से प्राप्त होता है। (X)
In simple words: सही कथन को (✔) से और गलत कथन को (X) से दिखाया गया है। यह पशुपालन और संबंधित विज्ञान के कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों की जाँच करता है।
🎯 Exam Tip: सत्य/असत्य प्रश्नों में हर कथन को ध्यान से पढ़ें और उसमें मौजूद मुख्य जानकारी को समझकर ही जवाब दें।
Question 4. दूध क्यों फटता है?
Answer: जब दूध में जीवाणु (बैक्टीरिया) चले जाते हैं, तो वे तेज़ी से बढ़ने लगते हैं। ये जीवाणु दूध में अम्लता बढ़ा देते हैं, जिससे दूध खराब होकर फट जाता है। दूध इन जीवाणुओं के बढ़ने के लिए एक अच्छा माध्यम होता है। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो दूध के खराब होने का संकेत देती है।
In simple words: दूध में कीटाणु आ जाने पर वे उसे खट्टा कर देते हैं, जिससे दूध फट जाता है।
🎯 Exam Tip: दूध फटने के पीछे का वैज्ञानिक कारण, यानी जीवाणुओं द्वारा लैक्टिक एसिड का उत्पादन, स्पष्ट रूप से बताना चाहिए।
Question 5. यदि आपकी भैंस प्रतिदिन 10 लीटर दूध देती है तो उसे आप जीवन-निर्वाह एवं दुग्ध उत्पादन हेतु कुल कितना दाना प्रतिदिन खिलाएँगे?
Answer: यदि भैंस प्रतिदिन 10 लीटर दूध देती है, तो उसे जीवन-निर्वाह के लिए लगभग 2 किलोग्राम दाना चाहिए। दूध उत्पादन के लिए प्रति 2.5 लीटर दूध पर 1 किलोग्राम दाना दिया जाता है, इसलिए 10 लीटर दूध के लिए 4 किलोग्राम दाना (10/2.5 = 4) देना होगा। इस प्रकार, कुल मिलाकर प्रतिदिन 6 किलोग्राम दाना खिलाना चाहिए (2 किग्रा + 4 किग्रा)। यह भैंस की सेहत और दूध उत्पादन दोनों के लिए ज़रूरी है।
In simple words: भैंस को जीने के लिए 2 किलो दाना चाहिए और 10 लीटर दूध देने के लिए 4 किलो दाना और चाहिए, तो कुल 6 किलो दाना देना होगा।
🎯 Exam Tip: पशुओं के आहार की गणना करते समय जीवन-निर्वाह (Maintenance) और उत्पादन (Production) दोनों की ज़रूरतों को अलग-अलग जोड़कर कुल मात्रा बताएँ।
Question 6. आपकी गाय अफरा रोग से ग्रसित है तो आप क्या करेंगे?
Answer: यदि गाय अफरा रोग से ग्रसित है, तो उसका उपचार इस प्रकार करेंगे:
(i) एक-दो दिन तक उसे बरसीम और हरा चारा खाने को नहीं देंगे।
(ii) एक लीटर तीसी के तेल में 50 ग्राम हर्र और 100 ग्राम काला नमक मिलाकर दो खुराकें बनाएँगे, और हर छह घंटे के अंतर पर एक खुराक पिलाएँगे।
(iii) बीमार गाय को तुरंत किसी पशु चिकित्सक को दिखाना चाहिए ताकि सही उपचार मिल सके। सही समय पर उपचार पशु के जीवन के लिए महत्वपूर्ण होता है।
In simple words: अगर गाय को अफरा रोग हो जाए तो उसे हरा चारा न दें, तीसी के तेल, हर्र और नमक का मिश्रण पिलाएँ, और तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।
🎯 Exam Tip: किसी भी पशु रोग के उपचार के लिए हमेशा घरेलू उपायों के साथ-साथ पशु चिकित्सक की सलाह को प्राथमिकता दें।
Question 7. यदि बछड़े के गोबर में गोलकृमि (पेट का केंचुआ) है तो इससे बचने हेतु क्या उपाय करेंगे?
Answer: यदि बछड़े के गोबर में पेट के केंचुए (गोलकृमि) हैं, तो इससे बचने के लिए कुछ उपाय करने होंगे। बछड़े को पहली बार कृमिहर दवा 25 दिन की उम्र में दी जाती है। पिपराजीन, नीलवार्म फोर्ट, बेनामिन्थ, निलजान और टोलजान जैसी दवाएं पेट के कीड़े मारने के लिए प्रमुख हैं। इन दवाओं को हमेशा पशु चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही देना चाहिए, क्योंकि सही मात्रा और समय बहुत ज़रूरी है। यह पेट के परजीवियों से बचाव में मदद करता है।
In simple words: बछड़े के पेट में कीड़े होने पर उसे 25 दिन की उम्र में कीड़े मारने की दवा दें, लेकिन हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही दें।
🎯 Exam Tip: बछड़े के स्वास्थ्य के लिए कृमिहर दवाओं के सही समय और मात्रा का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि यह उसके विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 8. किन्हीं दो नस्ल की गायों के चित्र बनाइए और उनमें अन्तर बताइए ।
Answer: गायों की दो प्रमुख नस्लें और उनके अंतर इस प्रकार हैं:
1. **सिन्धी गाय:**
सिन्धी गाय का शरीर आमतौर पर मोटा होता है। इनके सींग लाल रंग के और लटकते हुए कान होते हैं। इनके थन बड़े और पूँछ काली होती है। यह गाय प्रति ब्याँत औसतन 1605 किलोग्राम दूध देती है। सिन्धी गाय मुख्य रूप से दूध उत्पादन के लिए पाली जाती है।
2. **हरियाणवी गाय:**
हरियाणवी गाय का शरीर लंबा और मजबूत होता है। इसके सींग छोटे, रंग सफेद और कान चौकन्ने होते हैं। यह गाय प्रति ब्याँत औसतन 1136 किलोग्राम दूध देती है। हरियाणवी नस्ल दूध उत्पादन के साथ-साथ अच्छे बैलों के लिए भी प्रसिद्ध है, जो कृषि कार्यों में उपयोगी होते हैं। यह एक दुकाजी नस्ल मानी जाती है।
In simple words: सिन्धी गाय मोटी और लाल सींग वाली होती है जो ज़्यादा दूध देती है। हरियाणवी गाय लंबी, सफेद और मज़बूत होती है जो दूध के साथ-साथ खेत के काम के लिए भी अच्छी है।
🎯 Exam Tip: नस्लों के बीच अंतर बताते समय उनकी शारीरिक विशेषताओं, दूध उत्पादन क्षमता और उपयोगिता पर ध्यान केंद्रित करें।
Question 9. स्तम्भ 'क' का स्तम्भ 'ख' में दिए गए तथ्यों से सही-सही मिलान कीजिए।
Answer:
| स्तम्भ 'क' | स्तम्भ 'ख' |
|---|---|
| मुंहपका – खुरपका | विषाणु |
| अफरा | पेट में गैस हो जाना |
| पेचिश (खूनी दस्त) | सड़ा-गला दूषित चारा व पानी |
In simple words: यह मिलान रोग के नाम को उसके कारण या लक्षण से जोड़ता है। जैसे मुंहपका-खुरपका एक वायरस से होता है, अफरा में पेट फूलता है और खराब खाने से पेचिश होती है।
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, प्रत्येक बीमारी के कारण या लक्षण को स्पष्ट रूप से पहचानकर ही सही जोड़ी बनाएँ।
Question 10. पशुधन विकास के मूलभूत तत्व लिखिए ।
Answer: पशुधन विकास के मूलभूत तत्व निम्नलिखित हैं:
1. प्रजनन (सही नस्लों का चुनाव और उनकी संख्या बढ़ाना)
2. पोषण (पशुओं को संतुलित और पौष्टिक आहार देना)
3. पशु-प्रबन्धन (पशुओं की अच्छी देखभाल और रहने की जगह का सही प्रबंधन)
4. पशुओं की सामान्य बीमारियां (बीमारियों की रोकथाम और समय पर उपचार)
ये सभी तत्व पशुओं की सेहत और उनकी उत्पादकता को बढ़ाने के लिए बहुत ज़रूरी हैं।
In simple words: पशुओं को अच्छे से पालने के लिए हमें उनकी सही नस्लें चुननी होंगी, अच्छा खाना देना होगा, उनकी देखभाल करनी होगी और उन्हें बीमारियों से बचाना होगा।
🎯 Exam Tip: पशुधन विकास के मूलभूत तत्वों को एक सूची के रूप में प्रस्तुत करें और प्रत्येक बिंदु के संक्षिप्त महत्व को बताएं।
Question 11. आहार किसे कहते हैं? आहार कितने प्रकार का होता है, उत्पादन आहार के बारे में लिखिए?
Answer: पशुओं को 24 घंटे में जो दाना और पानी दिया जाता है, उसकी कुल मात्रा को पशु आहार या राशन कहते हैं। आहार मुख्यतः दो प्रकार का होता है: जीवन-निर्वाह आहार और उत्पादन आहार। आहार के मुख्य घटक चारा और दाना होते हैं।
**आहार के प्रकार:**
**1. चारा:** यह दो प्रकार का होता है: हरा चारा और सूखा चारा।
* **हरा चारा:** इसमें मक्का, ज्वार, बाजरा, जई, बरसीम, लोबिया, मूंग, उड़द और सोयाबीन जैसी फसलें शामिल हैं।
* **सूखा चारा:** इसमें भूसा और पुआल जैसी चीजें आती हैं।
**2. दाना:** इसमें मूंगफली, सरसों, तिल, गेहूँ, मक्का और जई जैसे अनाज और खली शामिल होते हैं।
**उत्पादन आहार:** यह वह आहार है जो पशु को जीवन-निर्वाह आहार के अलावा दिया जाता है, ताकि वह दूध या मांस जैसी चीजें बना सके। उदाहरण के लिए, एक ऐसी भैंस जो दूध नहीं देती, उसे 100 किलोग्राम भार पर 2 किलोग्राम दाना दिया जाता है। वहीं, दूध देने वाली भैंसों को प्रति 2.5 किलोग्राम दूध उत्पादन पर 1 किलोग्राम अतिरिक्त दाना देना ज़रूरी होता है। उत्पादन आहार पशु की उत्पादकता को सीधे प्रभावित करता है।
In simple words: पशुओं को दिन भर में जो भी खाने-पीने को दिया जाता है, उसे आहार कहते हैं। यह दो तरह का होता है - जीने के लिए और दूध या मांस बनाने के लिए। दूध या मांस बनाने के लिए जो खाना देते हैं, उसे उत्पादन आहार कहते हैं।
🎯 Exam Tip: आहार की परिभाषा, उसके घटकों और जीवन-निर्वाह तथा उत्पादन आहार के बीच के अंतर को उदाहरणों के साथ स्पष्ट करें।
Question 12. स्वच्छ दूध किसे कहते हैं? दूध में संदूषण के स्रोतों का उल्लेख कीजिए।
Answer: स्वच्छ दूध वह दूध होता है जिसमें धूल और गंदगी न हो, कीटाणु कम से कम हों, कोई खराब गंध न हो, और जिसे ज़्यादा समय तक सुरक्षित रखा जा सके। ऐसा दूध हमेशा स्वस्थ पशु से और साफ-सुथरे माहौल में ही मिलता है। स्वच्छ दूध स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है।
**दूध में संदूषण (गंदगी) के स्रोत:**
**(A) आन्तरिक कारण:**
1. थनैला रोग से ग्रसित थन (गाभिन या बीमार थन)
2. शुरुआती दूध (पशु के दूध निकालने की शुरुआत में)
**(B) बाह्य कारण:**
1. गाय का थन (यदि वह साफ न हो)
2. गाय के शरीर की त्वचा (यदि उस पर धूल या गंदगी हो)
3. दूध दुहने वाला (व्यक्ति के हाथ साफ न हों)
4. दूध का बर्तन (बर्तन साफ न हो)
5. पशु वाड़ा (पशुओं के रहने की जगह साफ न हो)
6. दूध दुहने का तरीका (अगर सही तरीका न अपनाया जाए)
7. आहार व पानी (यदि पशु को दिया जाने वाला चारा और पानी साफ न हो)
In simple words: साफ दूध वह है जिसमें धूल, गंदगी या कीटाणु न हों और जिसकी गंध अच्छी हो। यह दूध पशु के अंदर से (जैसे बीमार थन) या बाहर से (जैसे गंदे हाथ या बर्तन) गंदा हो सकता है।
🎯 Exam Tip: स्वच्छ दूध की परिभाषा को स्पष्ट करते हुए, संदूषण के आंतरिक और बाह्य स्रोतों को सूचीबद्ध करना आवश्यक है।
Question 13. बीमार पशु के लक्षण लिखिए तथा किसी एक बीमारी का वर्णन कीजिए।
Answer: बीमार पशु के कुछ सामान्य लक्षण निम्नलिखित हैं:
1. बीमार पशु के थूथन (नाक का अगला हिस्सा) और मुँह सूखे रहते हैं, जबकि स्वस्थ पशु का थूथन और मुँह नम होते हैं।
2. पशु धीरे-धीरे चारा खाना बंद कर देता है, और उसके कान ढीले होकर लटक जाते हैं।
3. पशु का गोबर ज़्यादा कड़ा या बहुत पतला (दस्त) हो जाता है।
**खुरपका-मुँहपका बीमारी का वर्णन:**
यह एक विषाणु (वायरस) से फैलने वाली गंभीर बीमारी है, जिसमें पशु के मुँह और खुर (पैर) पक जाते हैं। इस बीमारी में पशु लँगड़ाकर चलता है और उसका दूध उत्पादन भी काफी कम हो जाता है। यह बीमारी बहुत तेज़ी से फैलती है।
**उपचार:**
* पशुओं को समय पर टीका लगवाना चाहिए।
* बीमार पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखना चाहिए ताकि संक्रमण न फैले।
* पशु को नर्म और आसानी से पचने वाला आहार देना चाहिए।
* मुँह और खुर के छालों को लाल दवा (पोटेशियम परमैंगनेट) या तूतिया (कॉपर सल्फेट) के घोल और फिनायल से दिन में 2-3 बार धोना चाहिए। यह घावों को ठीक करने में मदद करता है।
In simple words: बीमार पशु का मुँह-नाक सूखा होता है, वह खाना छोड़ देता है और उसके कान लटक जाते हैं। खुरपका-मुँहपका एक वायरस से फैलने वाली बीमारी है जिसमें मुँह और खुर में छाले हो जाते हैं। इसके इलाज के लिए टीका लगवाएँ, बीमार पशु को अलग रखें और घावों को साफ करें।
🎯 Exam Tip: बीमारी के लक्षणों को सामान्य रूप से बताएं और फिर किसी एक बीमारी का पूरा विवरण (कारण, लक्षण और उपचार) स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें।
Question 14. निम्नलिखित वर्ग पहेली में गाय की 10 नस्लों के नाम लिखे हैं। उनके नाम छाँटिए ।
Answer: वर्ग पहेली में गाय की 10 नस्लें इस प्रकार हैं:
1. जर्सी
2. खेरीगढ़
3. सिन्धी
4. हरियाणा
5. गंगातीरी
6. नागौरी
7. फ्रीजियने
8. केनवरिया
9. थारपारकर
10. पंवार
In simple words: गाय की कई अलग-अलग नस्लें होती हैं, जैसे जर्सी और सिन्धी, जो दूध देने और खेती के काम आती हैं।
🎯 Exam Tip: गाय की विभिन्न नस्लों के नाम याद रखें, क्योंकि यह पशुपालन से संबंधित सामान्य ज्ञान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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Agricultural Science Class 8 Curriculum Solutions: Chapter 04 पशुपालन का गंगातिरी
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