Find trusted UP Board Solutions for Class 7 History Chapter 3 सल्तनत का विस्तार खिलजी वंश 1290 ई. 1320 ई below, updated for the 2026 27 term. Following standard UP Board textbook editions for Class 7 History, these professional answers for Class 7 History give students complete explanations and are downloadable as free PDFs.
UP Board Textbook Solutions for Class 7 History Chapter 3 सल्तनत का विस्तार खिलजी वंश 1290 ई. 1320 ई
Use these UP Board textbook questions for Class 7 to establish a solid grasp of History. Our Class 7 History solutions deliver detailed, step-by-step guidance for every problem. Working with these Chapter 3 सल्तनत का विस्तार खिलजी वंश 1290 ई. 1320 ई solutions makes learning simple and improves exam readiness.
Download Solutions: Chapter 3 सल्तनत का विस्तार खिलजी वंश 1290 ई. 1320 ई (Class 7 History UP Board)
सल्तनत का विस्तार - खिलजी वंश (1290 ई०-1320 ई०)
अभ्यास
Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) जलालुद्दीन खिलजी के बाद दिल्ली का सुल्तान कौन बना?
Answer: जलालुद्दीन खिलजी के बाद दिल्ली का सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी बना। अलाउद्दीन खिलजी, जलालुद्दीन का भतीजा और दामाद था, जिसने शक्ति प्राप्त करने के लिए अपने चाचा की हत्या कर दी थी।
In simple words: जलालुद्दीन खिलजी के बाद अलाउद्दीन खिलजी दिल्ली का सुल्तान बना।
🎯 Exam Tip: सुल्तानों के उत्तराधिकार क्रम को याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर जब शासक बदलने का तरीका महत्वपूर्ण हो।
Question 1.
(ख) अलाउद्दीन ने भारत के किन-किन राज्यों को जीता?
Answer: अलाउद्दीन खिलजी ने उत्तरी भारत के साथ-साथ दक्षिणी भारत के कई राज्यों को जीता। उसने दक्षिणी भारत के महत्वपूर्ण राज्यों जैसे देवगिरी, तेलंगाना (वारंगल) और होयसल पर विजय प्राप्त की। यह उसकी सैन्य शक्ति और रणनीतिक कौशल को दर्शाता है।
In simple words: अलाउद्दीन ने उत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्य जीते, जिनमें देवगिरी, तेलंगाना और होयसल शामिल थे।
🎯 Exam Tip: अलाउद्दीन खिलजी की विजयों को भौगोलिक क्षेत्रों के अनुसार याद रखें, जैसे उत्तरी भारत और दक्षिणी भारत के प्रमुख राज्य।
Question 1.
(ग) सेना को शक्तिशाली बनाने के लिए अलाउद्दीन खिलजी ने क्या उपाय किया?
Answer: अलाउद्दीन खिलजी की बड़ी सफलताओं का मुख्य कारण उसकी विशाल और अच्छी तरह से संगठित सेना थी। उसने अपनी सेना को मजबूत बनाने के लिए कई सुधार किए:
1. उसने सैनिकों का चयन उनकी घुड़सवारी और शस्त्र चलाने की क्षमताओं के आधार पर किया।
2. सैनिकों का पूरा विवरण रखा जाता था और उन्हें नकद वेतन देने की प्रणाली अपनाई गई, जिससे पारदर्शिता बढ़ी।
3. सेना के घोड़ों की पहचान के लिए दागने की व्यवस्था शुरू की गई, ताकि घोड़ों की अदला-बदली या नकली घोड़ों को रोका जा सके।
4. अपने बड़े साम्राज्य की सुरक्षा के लिए नए किलों का निर्माण करवाया, पुराने किलों की मरम्मत करवाई और उनमें रसद की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की।
In simple words: अलाउद्दीन ने सेना को मजबूत बनाने के लिए सैनिकों को योग्यता पर चुना, उन्हें नकद वेतन दिया, घोड़ों को दागने की प्रथा शुरू की और किलों की सुरक्षा व रसद का ध्यान रखा।
🎯 Exam Tip: अलाउद्दीन के सैन्य सुधारों को बिंदुवार याद रखें, क्योंकि यह उसकी प्रशासनिक नीतियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था।
Question 1.
(घ) अलाउद्दीन खिलजी ने वस्तुओं के मूल्य क्यों निश्चित कर दिये?
Answer: अलाउद्दीन खिलजी ने दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम तय कर दिए। उसने ऐसा इसलिए किया ताकि निश्चित वेतन पाने वाले सैनिक भी अपना जीवन आसानी से चला सकें। इससे बाजार में स्थिरता आई और लोगों को राहत मिली।
In simple words: अलाउद्दीन ने चीजों के दाम तय किए ताकि सैनिकों को कम वेतन में भी अपना खर्च चलाने में मदद मिल सके।
🎯 Exam Tip: अलाउद्दीन की बाजार नियंत्रण नीति के मुख्य उद्देश्य को समझें, जो उसकी सेना और आम जनता दोनों के लिए महत्वपूर्ण थी।
Question 1.
(ङ) अमीरों तथा सरदारों को अलाउद्दीन खिलजी ने कैसे नियन्त्रित किया?
Answer: अलाउद्दीन का मानना था कि अमीरों और सरदारों का दावतों और उत्सवों में मिलना उनके बीच नजदीकी बढ़ाता है, जिससे सुल्तान के खिलाफ षडयंत्र और विद्रोह हो सकते हैं। विद्रोहों को रोकने के लिए, अलाउद्दीन खिलजी ने दरबार के अमीरों और सरदारों पर कठोर प्रतिबंध लगाए। उनके क्षेत्रों पर राज्य ने अधिकार कर लिया। अमीरों की दावतों, मदिरापान और सभाओं पर भी नियंत्रण लागू किया गया। सुल्तान की अनुमति के बिना अमीर सामाजिक समारोह नहीं कर सकते थे। गुप्तचर हमेशा उन पर नजर रखते थे। इन प्रतिबंधों से अमीर और सरदार भयभीत रहते थे, जिससे सुल्तान के खिलाफ कोई भी सिर उठाने की हिम्मत नहीं कर पाता था। इस तरह अलाउद्दीन ने अमीरों पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया।
In simple words: अलाउद्दीन ने अमीरों और सरदारों को नियंत्रित करने के लिए उनके मिलने-जुलने, दावतों और शराब पीने पर रोक लगा दी, उनके इलाकों पर कब्जा कर लिया और गुप्तचरों से उन पर नजर रखवाई।
🎯 Exam Tip: अलाउद्दीन की कठोर नीतियों को याद रखें, जो उसने अमीरों को नियंत्रित करने और अपनी सत्ता को मजबूत करने के लिए अपनाई थीं।
Question 2. सही कथन के सामने सही (✔) का निशान और गलत कथन के सामने गलत (X) का निशान लगाइए
(क) खिलजी वंश का संस्थापक अलाउद्दीन खिलजी था। (X)
Answer: (X) खिलजी वंश का संस्थापक जलालुद्दीन खिलजी था, न कि अलाउद्दीन खिलजी। अलाउद्दीन तो जलालुद्दीन के बाद शासक बना था।
In simple words: खिलजी वंश को जलालुद्दीन खिलजी ने शुरू किया था, अलाउद्दीन खिलजी ने नहीं।
🎯 Exam Tip: राजवंशों के संस्थापक और उनके सबसे प्रसिद्ध शासकों के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझें।
Question 2.
(ख) मलिक काफूर अलाउद्दीन का सेनापति था। (✔)
Answer: (✔) मलिक काफूर अलाउद्दीन खिलजी का बहुत ही विश्वसनीय और प्रमुख सेनापति था, जिसने दक्षिण भारत के कई सैन्य अभियानों का नेतृत्व किया।
In simple words: मलिक काफूर अलाउद्दीन का खास सेनापति था।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण ऐतिहासिक हस्तियों और उनके शासकों के साथ उनके संबंधों को याद रखना जरूरी है।
Question 2.
(ग) खराज (लगान) निश्चित करने के लिए भूमि को 'गज' से नापा जाता था। (✔)
Answer: (✔) खराज, जो एक प्रकार का भूमि कर था, को निर्धारित करने के लिए अलाउद्दीन खिलजी के समय में भूमि को 'गज' नामक मानक इकाई से मापा जाता था। यह उसकी भू-राजस्व नीति का हिस्सा था।
In simple words: लगान तय करने के लिए जमीन को 'गज' से नापा जाता था।
🎯 Exam Tip: उस समय की माप इकाइयों और भू-राजस्व प्रणालियों को जानें, क्योंकि वे प्रशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा थीं।
Question 2.
(घ) अमीर खुसरो जलालुद्दीन फिरोज के दरबार का प्रमुख विद्वान था। (X)
Answer: (X) अमीर खुसरो जलालुद्दीन फिरोज खिलजी के दरबार में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे, लेकिन वह मुख्य रूप से अलाउद्दीन खिलजी के दरबार से जुड़े थे और उनके सबसे प्रसिद्ध विद्वानों में से एक थे।
In simple words: अमीर खुसरो अलाउद्दीन खिलजी के दरबार के मुख्य विद्वान थे, जलालुद्दीन के नहीं।
🎯 Exam Tip: प्रमुख कवियों और विद्वानों का उनके संरक्षक शासकों के साथ सही संबंध याद रखना सांस्कृतिक इतिहास के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
(क) जलालुद्दीन खिलजी ______ 1290 ई० में दिल्ली का सुल्तान बना।
Answer: जलालुद्दीन खिलजी 1290 ई० में दिल्ली का सुल्तान बना। इसने खिलजी वंश की स्थापना की।
In simple words: जलालुद्दीन खिलजी 1290 में दिल्ली का राजा बना।
🎯 Exam Tip: प्रमुख शासकों के शासनकाल की शुरुआत की तारीखें याद रखना इतिहास को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 3.
(ख) मलिक काफूर ने दक्षिण के तीन राज्यों ______ पर विजय प्राप्त की।
Answer: मलिक काफूर ने दक्षिण के तीन राज्यों देवगिरी, तेलंगाना (वारंगल) और होयसल पर विजय प्राप्त की। मलिक काफूर ने इन विजयों से अलाउद्दीन खिलजी के साम्राज्य को बहुत बढ़ाया।
In simple words: मलिक काफूर ने दक्षिण के देवगिरी, तेलंगाना और होयसल राज्यों को जीता।
🎯 Exam Tip: दक्षिण भारत के प्रमुख राज्यों के नाम और उन पर विजय प्राप्त करने वाले सेनापति को याद रखें।
Question 3.
(ग) अलाई दरवाजा का निर्माण ______ अलाउद्दीन खिलजी ने दिल्ली में करवाया।
Answer: अलाई दरवाजा का निर्माण अलाउद्दीन खिलजी ने दिल्ली में करवाया। यह कुतुब मीनार परिसर में स्थित एक सुंदर प्रवेश द्वार है।
In simple words: अलाई दरवाजा अलाउद्दीन खिलजी ने बनवाया।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण ऐतिहासिक इमारतों और उनके निर्माणकर्ताओं के नाम याद रखें।
Question 3.
(घ) अलाउद्दीन खिलजी ने सन् ______ ई० से ______ ई० तक शासन किया।
Answer: अलाउद्दीन खिलजी ने सन् 1296 ई० से 1316 ई० तक शासन किया। उसका शासनकाल दिल्ली सल्तनत के लिए एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली दौर था।
In simple words: अलाउद्दीन खिलजी ने 1296 ईस्वी से 1316 ईस्वी तक राज किया।
🎯 Exam Tip: प्रमुख शासकों के शासनकाल की अवधि को याद रखना उनके योगदान को समझने में मदद करता है।
प्रोजेक्ट कार्य - नोट - विद्यार्थी स्वयं करें।
Free study material for History
Step-by-Step Textbook Answers: Class 7 History Chapter 3 सल्तनत का विस्तार खिलजी वंश 1290 ई. 1320 ई
Comprehensive Textbook Solutions for Chapter 3 सल्तनत का विस्तार खिलजी वंश 1290 ई. 1320 ई
Find reliable UP Board Solutions for Chapter 3 सल्तनत का विस्तार खिलजी वंश 1290 ई. 1320 ई designed to simplify your homework and study sessions. Every question from the Class 7 History textbook is thoroughly answered in accordance with current academic term requirements and the active UP Board syllabus.
Understanding Core Concepts in Class 7 History
Our educators provide granular, step-by-step explanations for every intricate question within the Class 7 History text. By explaining the reasoning behind each solution, we help Class 7 scholars balance theoretical depth with practical problem-solving. Engaging with these UP Board Questions and Answers builds lasting conceptual clarity.
Enhancing Logical Thinking and Speed
Integrating our History solution guides into your routine enhances cognitive pacing and accuracy. These resources act as an effective roadmap for Class 7 homework tasks, which can be augmented further using our curated Revision Notes and Sample Papers for Chapter 3 सल्तनत का विस्तार खिलजी वंश 1290 ई. 1320 ई to ensure comprehensive exam coverage.
FAQs
The complete and updated UP Board Solutions Class 7 History Chapter 3 सल्तनत का विस्तार खिलजी वंश 1290 ई. 1320 ई is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 7 History are as per latest UP Board curriculum.
Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 7 History Chapter 3 सल्तनत का विस्तार खिलजी वंश 1290 ई. 1320 ई as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the History concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 7 History Chapter 3 सल्तनत का विस्तार खिलजी वंश 1290 ई. 1320 ई will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 7 History. You can access UP Board Solutions Class 7 History Chapter 3 सल्तनत का विस्तार खिलजी वंश 1290 ई. 1320 ई in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 7 History Chapter 3 सल्तनत का विस्तार खिलजी वंश 1290 ई. 1320 ई in printable PDF format for offline study on any device.