UP Board Solutions Class 7 Hindi Chapter 2 Rajdharm

Official UP Board Solutions for Class 7 Hindi: Chapter 02 राजधर्म

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Chapter-wise Solutions for Hindi: Chapter 02 राजधर्म

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महत्त्वपूर्ण गद्यांश की व्याख्या

"बोधिसत्व से ................ व्रत है।"

संदर्भ: प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक 'मंजरी' के “राजधर्म” नामक पाठ से लिया गया है। यह जातक कथा (कहानी) से उद्धृत है।

प्रसंग: राजा ने बोधिसत्व द्वारा दिए गए कड़वे गोदे थूक दिए। बोधिसत्व ने बताया कि राजा के अधार्मिक होने से जंगल के कन्दमूल और फल नीरस हो जाते हैं।

व्याख्या: राजा ने स्वयं बोधिसत्व को विनयपूर्वक यह सच्चाई बताई कि उसने ही पहले गोदों (फलों) को मीठा किया था और बाद में उन्हें कड़वा कर दिया। पहले वह धार्मिक और न्यायपूर्ण ढंग से राज्य करता था परन्तु बाद में अन्याय करना शुरू कर दिया। बोधिसत्व ने जो राजधर्म बताया, वह सत्य सिद्ध हो गया। अतः राजा ने राजधर्म अपनाकर कड़वे फलों को मीठा करने का इरादा किया। उसने अपने इस संकल्प और व्रत का पालन करना शुरू कर दिया। उसका राज्य फिर खुशहाली से भर गया।

पाठ का सार (सारांश)

प्राचीनकाल में वाराणसी में ब्रह्मदत्त नामक धर्म और न्यायपरायण राजा राज्य करता था। उसके राज्य में बोधिसत्व (बुद्ध) एक ब्राह्मण कुल में पैदा हुए। वह हिमालय प्रदेश में तपस्या में लीन रहते थे। राजा ब्रह्मदत्त विवेकशील था। राज्य में कोई ऐसा व्यक्ति न था, जो उसके दोष बताए। एक दिन राजा घूमता हुआ हिमालय प्रदेश में बोधिसत्व के आश्रम में पहुँचा। उसने बोधिसत्व को प्रणाम किया और चुपचाप बैठ गया। बोधिसत्व द्वारा दिए गए मीठे और स्वादिष्ट गोदे खाकर, राजा ने उनके मीठे और स्वादिष्ट होने का कारण पूछा। बोधिसत्व ने बताया कि राजा के धार्मिक और न्यायप्रिय होने से सब वस्तुएँ मधुर होती हैं। इस बात की सच्चाई जानने को राजा ने अधर्म और अन्याय से राज्य करना शुरू कर दिया। कुछ समय बाद राजा फिर आश्रम में पहुँचा। इस बार जो गोदे उसने खाए, वह कड़वे थे। बोधिसत्व ने इसका कारण राजा का अधार्मिक और अन्यायी होना बताया। राजा के कुमार्ग पर चलने से प्रजा भी वैसा ही करती है। इसके प्रतिकूल धर्म का अनुसरण करने वाले राजा की प्रजा भी धर्म का मार्ग अपनाती है। राजा ने बोधिसत्व के सामने प्रत्यक्ष होकर सारी बात बता दी। उसने निश्चय किया कि वह गोदों को कभी कड़वा नहीं होने देगी। उसने धर्मपूर्वक न्याय से राज्य करना शुरु कर दिया। राज्य में फिर से सम्पन्नता आ गई।

प्रश्न-अभ्यास

कुछ करने को

 

Question 1. अपने आस-पास क्षेत्र में पाये जाने वाले बरगद, पीपल, पाकड़ या अन्य वृक्षों को निकट से देखिए और उन पर बैठे पक्षियों के क्रियाकलापों को अपनी अभ्यास-पुस्तिका में लिखिए।
Answer: छात्रों को अपने आस-पास के बरगद, पीपल, पाकड़ जैसे पेड़ों को ध्यान से देखना चाहिए और उन पर बैठे पक्षियों की हरकतों को अपनी कॉपी में लिखना चाहिए। यह उन्हें प्रकृति को करीब से समझने और उसके प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद करेगा।
In simple words: बच्चों को अपने आसपास के पेड़-पौधे और उन पर रहने वाले पक्षियों को देखना है और उनके बारे में अपनी कॉपी में लिखना है।

🎯 Exam Tip: जब भी आपको कोई गतिविधि करने को कहा जाए, तो उसे विस्तार से और अपनी समझ के अनुसार लिखें, जिससे आपकी अवलोकन शक्ति बढ़ेगी।

 

Question 2. बरगद के वृक्ष का चित्र बनाइए।
Answer: छात्रों को बरगद के पेड़ का एक चित्र बनाना चाहिए। यह उन्हें बरगद के पेड़ की बनावट और विशेषताओं को समझने में सहायता करेगा, जिससे उनकी अवलोकन क्षमता बढ़ेगी।
In simple words: बच्चों को बरगद के पेड़ का चित्र बनाना है।

🎯 Exam Tip: चित्र बनाते समय पेड़ के हर भाग जैसे जड़, तना, पत्तियाँ और फल को ध्यान से दर्शाएँ।

 

Question 3. इस पाठ के आधार पर आप भी दो सवाल बनाइए।
Answer: छात्रों को इस पाठ के आधार पर दो प्रश्न बनाने चाहिए। उदाहरण के लिए, वे यह पूछ सकते हैं: (1) राजा ब्रह्मदत्त अपने बारे में क्या जानना चाहता था? (2) क्या यह वास्तव में संभव है कि राजा के अन्याय करने पर राज्य में उगने वाले फल भी कड़वे हो जाएँ? इन सवालों को बनाने से छात्रों को पाठ की गहराई को समझने में मदद मिलती है।
In simple words: पाठ को पढ़कर दो सवाल बनाने हैं। जैसे: (1) राजा ब्रह्मदत्त क्या जानना चाहता था? (2) क्या राजा के बुरा काम करने से फल भी कड़वे हो जाते हैं?

🎯 Exam Tip: प्रश्न बनाते समय पाठ के मुख्य विचारों और घटनाओं पर ध्यान दें, ताकि वे सार्थक और विचारोत्तेजक हों।

 

Question 4. लिखिए-इस कहानी को पढ़ने के बाद आप क्या करेंगे? क्या नहीं करेंगे ?
Answer: इस कहानी को पढ़ने के बाद, हम अधर्म, अन्याय और गलत रास्ते को छोड़ देंगे। हम कभी किसी को परेशान नहीं करेंगे और न ही किसी को दुख पहुँचाएँगे। यह कहानी हमें सही और न्यायपूर्ण जीवन जीने तथा दूसरों के प्रति दयालु रहने की प्रेरणा देती है।
In simple words: कहानी पढ़कर हम बुरे काम छोड़ देंगे, जैसे झूठ बोलना या अन्याय करना। हम किसी को तंग नहीं करेंगे या दुख नहीं पहुँचाएँगे।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों के उत्तर में अपनी व्यक्तिगत सोच और कहानी से मिली सीख को स्पष्ट रूप से व्यक्त करें, जिससे पता चले कि आपने कहानी को कितना समझा है।

विचार और कल्पना

 

Question 1. इस पाठ में एक अच्छे राजा के आवश्यक गुण बताये गये हैं। आपके विचार में किसी राजा/श्रेष्ठ व्यक्ति/नेता में कौन-कौन से गुण होने चाहिए? उन्हें लिखिए।
Answer: छात्रों को इस प्रश्न का उत्तर अपने शिक्षक की सहायता से लिखना चाहिए। एक अच्छे राजा या नेता में ईमानदारी, न्यायप्रियता, दया, दूरदर्शिता और प्रजा के हित को प्राथमिकता देने जैसे गुण होने चाहिए, जिससे राज्य में शांति और समृद्धि बनी रहे।
In simple words: बच्चों को टीचर की मदद से लिखना है कि एक अच्छे राजा या नेता में कौन-कौन से अच्छे गुण होने चाहिए।

🎯 Exam Tip: एक आदर्श नेता के गुणों का वर्णन करते समय उन गुणों पर जोर दें जो समाज में सामंजस्य और विकास लाते हैं।

 

Question 2. जब राजा ने अन्याय और अधर्म के साथ राज्य किया होगा, तब उसकी प्रजा को क्या-क्या कष्ट भोगने पड़े होंगे ?
Answer: जब राजा अन्याय और अधर्म से शासन करता है, तो प्रजा को बहुत कष्ट उठाने पड़ते हैं। चारों ओर अशांति और अराजकता फैल जाती है। लूट-पाट, चोरी, डकैती और हत्याएँ बढ़ जाती हैं, जिससे लोग बहुत दुखी और परेशान हो जाते हैं। एक न्यायप्रिय शासक ही अपनी प्रजा को सुखी और सुरक्षित रख सकता है।
In simple words: जब राजा बुरा काम करता है, तो लोगों को बहुत परेशानी होती है। हर जगह झगड़े, चोरी और डकैती बढ़ जाती है, और लोग शांति से नहीं रह पाते।

🎯 Exam Tip: अन्यायपूर्ण शासन के प्रभावों का वर्णन करते समय सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करें, जैसे सुरक्षा का अभाव और गरीबी।

 

Question 3. बोधिसत्व जंगल के पके गोदे खाते थे जो शक्कर के समान मीठे थे। आप अपने द्वारा खाए हुए उन फलों के नाम लिखिए जो एक बीज वाले हों, अनेक बीज वाले हों।
Answer: बोधिसत्व जंगल में शक्कर जैसे मीठे पके गोदे खाते थे। हमें उन फलों के नाम लिखने हैं जिन्हें हम खाते हैं और जिनमें एक बीज, अनेक बीज, या कोई बीज नहीं होता, या जिनके छिलके कड़े होते हैं। फलों में बीज की संख्या अलग-अलग होती है, जो उनके प्रकार और विकास पर निर्भर करती है।
(क) एक बीज वाले फल: आम, लीची, आड़ू, जामुन
(ख) अनेक बीज वाले फल: सेब, तरबूज, खरबूजा, संतरा
(ग) बिना बीज वाले फल: केला, अंगूर
(घ) कड़े छिलके वाले फल: अखरोट, नारियल, बेल
In simple words: बोधिसत्व जंगल में बहुत मीठे फल खाते थे। हमें उन फलों के नाम बताने हैं जो हम खाते हैं, और जिनमें एक बीज, कई बीज, या कोई बीज नहीं होता, या जिनका छिलका कड़ा होता है।
(क) एक बीज वाले फल: आम, लीची, आड़ू, जामुन
(ख) कई बीज वाले फल: सेब, तरबूज, खरबूजा, संतरा
(ग) बिना बीज वाले फल: केला, अंगूर
(घ) कड़े छिलके वाले फल: अखरोट, नारियल, बेल

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, आपको दिए गए मापदंडों (जैसे बीज की संख्या) के अनुसार सही फलों के नाम याद करके लिखने होंगे।

कहानी से

 

Question 1. ब्रह्मदत्त नामक राजा क्यों प्रसिद्ध था?
Answer: राजा ब्रह्मदत्त अपनी धार्मिकता और न्यायपूर्ण शासन के लिए पूरे राज्य में प्रसिद्ध था। वह हमेशा धर्म और न्याय के मार्ग पर चलता था, जिससे उसकी प्रजा बहुत सुखी रहती थी और सभी उसकी प्रशंसा करते थे।
In simple words: राजा ब्रह्मदत्त इसलिए प्रसिद्ध था क्योंकि वह धर्म के रास्ते पर चलता था और सभी के साथ न्याय करता था।

🎯 Exam Tip: राजा ब्रह्मदत्त के प्रसिद्ध होने के मुख्य कारण 'धर्मप्रियता' और 'न्यायपरायण शासन' जैसे कीवर्ड्स को उत्तर में अवश्य शामिल करें।

 

Question 2. राजा ब्रह्मदत्त वेश बदलकर क्यों घूमता था?
Answer: राजा ब्रह्मदत्त वेश बदलकर इसलिए घूमता था ताकि वह यह जान सके कि उसके राज्य में कोई ऐसा व्यक्ति है या नहीं जो उसकी कमियों को बताने की हिम्मत रखता हो। यह उसकी प्रजा के प्रति उसकी सच्ची चिंता को दर्शाता है और उसे एक बेहतर शासक बनने में मदद करता है।
In simple words: राजा ब्रह्मदत्त कपड़े बदलकर इसलिए घूमता था ताकि उसे पता चले कि कोई उसकी गलतियाँ बताता है या नहीं।

🎯 Exam Tip: इस प्रश्न के उत्तर में राजा के वेश बदलने के पीछे का उद्देश्य स्पष्ट रूप से बताएं- 'अपनी कमियाँ जानने की इच्छा'।

 

Question 3. बोधिसत्व ने राजा को गोदों के मीठे और स्वादिष्ट होने का क्या कारण बताया?
Answer: बोधिसत्व ने राजा को बताया कि गोदों के मीठे और स्वादिष्ट होने का कारण राजा का धार्मिक और न्यायपूर्ण होना था। जब राजा धर्म और न्याय के रास्ते पर चलता है, तो प्रकृति भी साथ देती है और राज्य की हर वस्तु में सकारात्मक ऊर्जा भर जाती है।
In simple words: बोधिसत्व ने कहा कि गोदे मीठे इसलिए थे क्योंकि राजा धर्म और न्याय के साथ राज्य करता था।

🎯 Exam Tip: इस उत्तर में 'राजा का धार्मिक और न्यायपरायण होना' ही मुख्य कारण है, जिसे स्पष्ट रूप से उजागर करें।

 

Question 4. राजा ने अधर्म और अन्याय से राज्य करना क्यों शुरु किया?
Answer: राजा ने तपस्वी बोधिसत्व की बातों की सच्चाई परखने के लिए अधर्म और अन्याय से राज्य करना शुरू किया। वह जानना चाहता था कि क्या राजा के व्यवहार का वास्तव में प्रकृति और राज्य पर प्रभाव पड़ता है, और क्या बोधिसत्व की बातें सच हैं।
In simple words: राजा ने बोधिसत्व की बातों को आज़माने के लिए बुरे और अन्यायपूर्ण तरीके से राज करना शुरू किया।

🎯 Exam Tip: 'बोधिसत्व के कथन की परीक्षा लेने' की बात को उत्तर में मुख्य बिंदु के रूप में लिखें।

 

Question 5. 'राजा के धर्म विमुख होने पर सारा राज्य दुख को प्राप्त होता है' कथन का आशय बताइए।
Answer: इस कथन का अर्थ है कि जब राजा धर्म के रास्ते से हट जाता है, तो पूरा राज्य दुख और कठिनाइयों में पड़ जाता है। इसका मतलब है कि जैसा राजा होता है, वैसी ही उसकी प्रजा भी बन जाती है। बुरे नेताओं के कारण देश में अशांति, अराजकता और दुख फैल जाता है, जिससे समाज में व्यवस्था बिगड़ जाती है।
In simple words: इसका मतलब है कि अगर राजा गलत काम करता है, तो पूरे राज्य में दुख फैल जाता है। जैसा राजा होता है, वैसी ही प्रजा भी बनती है। बुरे नेता देश में परेशानी लाते हैं।

🎯 Exam Tip: इस कथन का आशय बताते हुए 'यथा राजा तथा प्रजा' के सिद्धांत को स्पष्ट करें और उसके दुष्परिणामों का उल्लेख करें।

भाषा की बात

 

Question 1. नीचे लिखे मिश्रित वाक्यों से मुख्य और अधीन वाक्य अलग-अलग लिखिए (वाक्य लिखकर)
Answer: नीचे दिए गए मिश्रित वाक्यों में से मुख्य और अधीन वाक्यों को अलग-अलग पहचानें और लिखें:
(क) वाक्य: वह ऐसे व्यक्ति को ढूँढता था जो उसके दोषों को बता सके।
मुख्य वाक्य: वह ऐसे व्यक्ति को ढूँढता था।
अधीन वाक्य: जो उसके दोषों को बता सके।
(ख) वाक्य: अधर्म और अन्याय से राज करूँगा और देगा कि बोधिसत्त्व की बात में कितनी सच्चाई है?
मुख्य वाक्य: अधर्म और अन्याय से राज करूँगा और देगा।
अधीन वाक्य: कि बोधिसत्त्व की बात में कितनी सच्चाई है?
मिश्रित वाक्यों में एक मुख्य वाक्य होता है, जिस पर एक या अधिक अधीन वाक्य निर्भर करते हैं, जिससे वाक्य का अर्थ पूरा होता है।
In simple words: नीचे लिखे वाक्यों में से मुख्य वाक्य और जो वाक्य उस पर निर्भर करता है (अधीन वाक्य) को अलग-अलग लिखें:
(क) वाक्य: वह ऐसे व्यक्ति को ढूँढता था जो उसके दोषों को बता सके।
मुख्य वाक्य: वह ऐसे व्यक्ति को ढूँढता था।
छोटा वाक्य (अधीन): जो उसके दोषों को बता सके।
(ख) वाक्य: अधर्म और अन्याय से राज करूँगा और देगा कि बोधिसत्त्व की बात में कितनी सच्चाई है?
मुख्य वाक्य: अधर्म और अन्याय से राज करूँगा और देगा।
छोटा वाक्य (अधीन): कि बोधिसत्त्व की बात में कितनी सच्चाई है?

🎯 Exam Tip: मिश्रित वाक्य में मुख्य वाक्य स्वतंत्र होता है जबकि अधीन वाक्य अपना अर्थ स्पष्ट करने के लिए मुख्य वाक्य पर निर्भर करता है। 'जो', 'कि' जैसे शब्दों से अधीन वाक्य शुरू होते हैं।

 

Question 2. तुलना की दृष्टि से ................ का अर्थ 'सबसे श्रेष्ठ' है। इसी प्रकार नीचे दिये गये शब्दों के तीनों रूप लिखिए (रूप लिखकर )
Answer: तुलना की दृष्टि से 'उत्तमावस्था' का अर्थ 'सबसे श्रेष्ठ' होता है। नीचे दिए गए शब्दों के तीनों रूपों (मूलावस्था, उत्तरावस्था, और उत्तमावस्था) को लिखना है। यह तुलनात्मक व्याकरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो शब्दों के भिन्न-भिन्न स्तरों को दर्शाता है।

शब्दमूलावस्थाउत्तरावस्थाउत्तमावस्था
गुरुगुरुगुरुतरगुरुतम
अधिकअधिकअधिकतरअधिकतम
उच्चउच्चउच्चतरउच्चतम
न्यूनन्यूनन्यूनतरन्यूनतम
सरलसरलसरलतरसरलतम
In simple words: तुलना करते समय, जो सबसे अच्छा होता है, उसे 'उत्तमावस्था' कहते हैं। नीचे दिए गए शब्दों के तीनों रूप लिखने हैं: सामान्य रूप, ज़्यादा अच्छा रूप, और सबसे अच्छा रूप।

🎯 Exam Tip: तुलनात्मक विशेषणों के ये तीनों रूप, विशेषणों की मात्रा और तीव्रता को दर्शाते हैं। इन्हें सही ढंग से याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. नीचे कुछ शब्द और उनके विलोम शब्द दिये गये हैं। उन्हें ध्यानपूर्वक पढ़कर शब्द और उनके विलोम शब्दों के जोड़े बनाकर लिखिए (जोड़े बनाकर)
Answer: नीचे कुछ शब्द और उनके विलोम शब्द दिए गए हैं। इन्हें ध्यान से पढ़कर शब्दों को उनके सही विलोम शब्दों के साथ जोड़कर लिखना है। विलोम शब्द विपरीत अर्थ वाले शब्द होते हैं जो भाषा को और अधिक समृद्ध बनाते हैं।
शब्द - विलोम
अधार्मिक - धार्मिक
रहित - सहित
सरस - नीरस
विषाद - हर्ष
सुगम - दुर्गम
गुण - अवगुण
स्थूल - सूक्ष्म
In simple words: नीचे कुछ शब्द और उनके उल्टे अर्थ वाले शब्द दिए हैं। उन्हें ध्यान से पढ़कर सही जोड़े बनाने हैं।

🎯 Exam Tip: विलोम शब्द याद करते समय, उनके मूल अर्थ को समझना महत्वपूर्ण है, जिससे आप आसानी से सही जोड़े बना सकें।

 

Question 4. शब्द अन्त्याक्षरी को आगे बढ़ाइए- प्रबन्ध-धनवान-नदी ..
Answer: शब्द अन्त्याक्षरी एक खेल है जिसमें पिछले शब्द के आखिरी अक्षर से नया शब्द बनाना होता है। इसे आगे बढ़ाने पर यह क्रम बनता है: प्रबन्ध - धनवान - नदी - दीवाली - लीची - चीनी - नीला - लाल - लड़की - कील। यह खेल शब्दावली और याददाश्त को बढ़ाने में मदद करता है और मनोरंजन भी प्रदान करता है।
In simple words: शब्द अन्त्याक्षरी को आगे बढ़ाना है। आखिरी अक्षर से नया शब्द बनाना है। इसका पूरा क्रम है: प्रबन्ध - धनवान - नदी - दीवाली - लीची - चीनी - नीला - लाल - लड़की - कील।

🎯 Exam Tip: अन्त्याक्षरी खेलते समय, हमेशा ऐसे शब्दों का चुनाव करें जो आसानी से याद आ सकें और खेल को जारी रखने में मदद करें।

यह भी करें

एक बार की बात है। भारत के एक प्रसिद्ध संत जापान की यात्रा पर गए थे। एक दिन वे ट्रेन से जापान के भीतर उन भागों में घूम रहे थे। उस दिन वे फलाहार पर थे। फल खरीदने के लिए वे एक स्टेशन पर उतरे। लेकिन उन्हें कहीं कोई फलवाला नहीं दिखाई दिया। फलवाले को ढूंढते-ढूंढते जब वे थक गए तो अपने-आप में बड़बड़ाए कि कैसा देश है यह? यहाँ फल भी नहीं मिलता। उनकी बात वहाँ बैठा एक युवक सुन रहा था। वह झट से उठा और दौड़कर कहीं गया। 15-20 मिनट बाद वह अपने हाथ में फलों की टोकरी लेकर लौटा और संत को आदरपूर्वक दे दिया। संत ने कृतज्ञता व्यक्त की और फलों की कीमत देने की बात की। युवक ने विनम्रतापूर्वक फलों की कीमत लेने से इनकार दिया और बड़ी ही मधुर वाणी में उसने संत से कहा- महामना ! यदि आप मुझे कुछ देना ही चाहते हैं तो कृपया यह वचन दीजिए कि आप अपने देश में जाकर ये नहीं कहेंगे कि जापान में फल नहीं मिलता। इससे मेरे देश की बदनामी होगी। वे महान भारतीय संत उस युवक का अपने देश के प्रति प्रेम देखकर आश्चर्यचकित और आत्मविभोर हो गए।

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