Get the most accurate UP Board Solutions for Class 7 Geography Chapter 6 वायु की गतियां here. Updated for the 2026 27 academic session, these solutions are based on the latest UP Board textbooks for Class 7 Geography. Our expert-created answers for Class 7 Geography are available for free download in PDF format.
Detailed Chapter 6 वायु की गतियां UP Board Solutions for Class 7 Geography
For Class 7 students, solving UP Board textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 7 Geography solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 6 वायु की गतियां solutions will improve your exam performance.
Class 7 Geography Chapter 6 वायु की गतियां UP Board Solutions PDF
अभ्यास
प्रश्न 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
Question 1. (क) पवन किसे कहते हैं और ये कितने प्रकार की होती हैं ?
Answer: वायु हमेशा ज़्यादा दबाव वाले इलाकों से कम दबाव वाले इलाकों की तरफ चलती है। जब यही हवा पृथ्वी की सतह के पास क्षैतिज रूप से चलती है, तो उसे पवन या हवा कहते हैं। मुख्य रूप से पवनें दो प्रकार की होती हैं: 1. स्थायी पवनें या सनातनी पवनें और 2. अस्थायी पवनें या अनियतवाही पवनें। यह गति पृथ्वी के मौसम और जलवायु को प्रभावित करती है।
In simple words: हवा हमेशा ऊँचे दबाव से कम दबाव वाली जगह पर जाती है। जब यह हवा ज़मीन के पास सीधी चलती है, तो इसे पवन कहते हैं। पवन दो तरह की होती हैं: स्थायी और अस्थायी।
🎯 Exam Tip: To score full marks, define wind clearly and list both types with correct terminology.
Question 1. (ख) उत्तरी गोलार्द्ध में व्यापारिक पवनों की दिशा क्या होती है ?
Answer: उत्तरी गोलार्द्ध में व्यापारिक पवनों की दिशा उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम की ओर होती है। ये पवनें भूमध्य रेखा की ओर चलती हैं और प्राचीन काल में व्यापारिक जहाजों के लिए महत्वपूर्ण थीं।
In simple words: उत्तरी गोलार्द्ध में व्यापारिक पवनें उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में बहती हैं।
🎯 Exam Tip: Remember the specific direction for trade winds in the Northern Hemisphere; this is a common factual question.
Question 1. (ग) कोरियालिस बल से आप क्या समझते हैं ?
Answer: पृथ्वी की सतह पर चलने वाली हवाओं की दिशा वायुदाब के अंतर और पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूमने के कारण तय होती है। पृथ्वी पश्चिम से पूरब की ओर घूमती है, जिसके कारण हवाओं की दिशा थोड़ी बदल जाती है या मुड़ जाती है। पवनों की दिशा में परिवर्तन लाने वाले इस बल को 'कोरियालिस बल' या 'विक्षेप बल' कहा जाता है। यह बल उत्तरी गोलार्द्ध में हवाओं को दाईं ओर और दक्षिणी गोलार्द्ध में बाईं ओर मोड़ता है।
In simple words: कोरियालिस बल वह शक्ति है जो पृथ्वी के घूमने के कारण हवाओं की दिशा बदल देती है। हवाएँ सीधी न चलकर थोड़ी मुड़ जाती हैं।
🎯 Exam Tip: Clearly explain how Earth's rotation causes the Coriolis force, leading to a deflection in wind direction.
Question 1. (घ) चक्रवात आने पर कौन-कौन सी सावधानियाँ बरतनी चाहिए ?
Answer: चक्रवात आने पर हमें कुछ खास सावधानियाँ बरतनी चाहिए:
- जब भी संचार माध्यमों से चक्रवात की सूचना मिले, तो समुद्र के पास मछली पकड़ने न जाएँ।
- चेतावनी मिलने पर समुद्र तट और नदी डेल्टा क्षेत्रों से दूर सुरक्षित जगह पर चले जाएँ।
- चक्रवात के दौरान मकानों के टिनशेड उड़ सकते हैं, इसलिए दरवाज़े और खिड़कियाँ बंद करके घर के अंदर ही रहें।
- चक्रवात से टूटे हुए पुल, इमारतें, पेड़ और बिजली के खंभों व तारों को न छूएँ। साथ ही, घरों की बिजली की मुख्य लाइन काट दें।
- बाढ़ के पानी में जाने से बचें और जहरीले जीवों से सावधान रहें।
- चक्रवात की सूचना मिलते ही खाने का सामान और पीने का पानी सुरक्षित जगह पर जमा कर लें। खाने के सामान को वाटरप्रूफ बैग में रखें और सुरक्षा के लिए गर्म कपड़े भी तैयार रखें। यह तैयारी जीवन की सुरक्षा के लिए बहुत ज़रूरी है।
In simple words: चक्रवात आने पर समुद्र के पास न जाएँ। सुरक्षित जगहों पर चले जाएँ। घर के दरवाज़े-खिड़की बंद रखें। टूटी चीज़ों और बिजली के तारों से दूर रहें। बाढ़ के पानी और ज़हरीले जीवों से बचें। खाना और पानी सुरक्षित जमा कर लें।
🎯 Exam Tip: When listing precautions, ensure you cover safety measures for personal well-being, property, and essential supplies.
Question 1. (ङ) चक्रवात और प्रतिचक्रवात में क्या अन्तर है ?
Answer: चक्रवात और प्रतिचक्रवात वायुमंडल की दो अलग-अलग घटनाएँ हैं।
- चक्रवात: ये तब बनते हैं जब वायुमंडल में हवा के बड़े भंवर उठते हैं, जिससे भयंकर तूफान आते हैं। इनका आकार 80 किमी से 300 किमी तक हो सकता है। चक्रवातों में हवाएँ बाहर से केंद्र की ओर चलती हैं, जहाँ कम वायुदाब होता है। चक्रवात विनाशकारी होते हैं।
- प्रतिचक्रवात: इनमें हवा की दिशा चक्रवात के ठीक उलट होती है। प्रतिचक्रवात के केंद्र में उच्च वायुदाब होता है और हवाएँ केंद्र से बाहर की ओर चलती हैं, जहाँ वायुदाब धीरे-धीरे कम होता जाता है। इसमें हवा की गति धीमी होती है और मौसम आमतौर पर शांत और साफ रहता है। प्रतिचक्रवात का आना अक्सर चक्रवात के खत्म होने का संकेत देता है। दोनों ही वायुमंडलीय दबाव और हवा की गति से जुड़े हुए हैं।
In simple words: चक्रवात में हवा अंदर की ओर घूमती है, केंद्र में कम दबाव होता है और तेज़ तूफान आते हैं। प्रतिचक्रवात में हवा बाहर की ओर घूमती है, केंद्र में ज़्यादा दबाव होता है और मौसम शांत रहता है।
🎯 Exam Tip: Focus on the key differences: pressure at the center, wind direction (inward/outward), and associated weather conditions for both cyclones and anticyclones.
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए -
Question 2. (क) पवन, उच्च वायुदाब से निम्न वायुदाब की ओर चलती है।
Answer: पवन हमेशा अधिक वायुदाब वाले क्षेत्रों से कम वायुदाब वाले क्षेत्रों की ओर बहती है। हवा का यह बहाव वायुदाब में अंतर के कारण होता है।
In simple words: हवा ज़्यादा दबाव वाली जगह से कम दबाव वाली जगह की ओर चलती है।
🎯 Exam Tip: Remember the fundamental principle of wind movement: from high pressure to low pressure, always.
Question 2. (ख) पछुआ पवन, स्थाई पवनों का प्रकार है।
Answer: पछुआ पवनें स्थायी पवनों का एक प्रकार हैं। ये पवनें साल भर एक ही दिशा में बहती हैं और मौसम को प्रभावित करती हैं।
In simple words: पछुआ पवनें स्थायी हवाएँ होती हैं।
🎯 Exam Tip: Classify winds correctly as permanent (जैसे पछुआ पवनें), periodic, or local to avoid confusion.
Question 2. (ग) भारत में उष्ण कटिबन्धीय चक्रवात आते हैं।
Answer: भारत में उष्णकटिबंधीय चक्रवात आते हैं। ये चक्रवात अक्सर मानसून के समय में आते हैं और तटीय क्षेत्रों में भारी वर्षा तथा तूफान लाते हैं।
In simple words: भारत में गर्मी वाले इलाकों के चक्रवात आते हैं।
🎯 Exam Tip: Be specific about the type of cyclones that affect India – 'tropical cyclones' are the key term here.
Question 2. (घ) चिनूक पवन अमेरिका देश से संबंधित है।
Answer: चिनूक पवन अमेरिका देश से जुड़ी हुई है। ये गर्म और शुष्क हवाएँ होती हैं जो रॉकी पहाड़ों से नीचे की ओर बहती हैं, जिससे बर्फ तेज़ी से पिघलती है और तापमान बढ़ता है।
In simple words: चिनूक पवन अमेरिका में पाई जाती है।
🎯 Exam Tip: When mentioning local winds, always link them to their specific geographic region, like Chinook to America.
प्रश्न 3. कारण बताइए
Question 3. (क) मानसूनी पवनें छः-छः माह पर अपनी दिशा क्यों परिवर्तित करती हैं?
Answer: मानसूनी हवाएँ हर छह महीने में अपनी दिशा बदलती हैं। ऐसा ज़मीन और समुद्र के तापमान में अंतर के कारण होता है। गर्मी के मौसम में, समुद्र में ज़्यादा वायुदाब होने से हवाएँ समुद्र से ज़मीन की ओर आती हैं, जिससे भारत में खूब बारिश होती है। वहीं, सर्दी के मौसम में, अगले छह महीनों के लिए, हवाएँ ज़मीन से समुद्र की ओर चलती हैं, जिसके कारण इस दौरान कोई बारिश नहीं होती। यह मौसमी बदलाव फसलों और जीवन पर गहरा असर डालता है।
In simple words: मानसूनी पवनें हर छह महीने में दिशा बदलती हैं क्योंकि ज़मीन और समुद्र का तापमान बदलता है। गर्मी में समुद्र से ज़मीन की ओर आती हैं और सर्दी में ज़मीन से समुद्र की ओर जाती हैं।
🎯 Exam Tip: The key reason for monsoon wind direction change is the differential heating and cooling of land and sea, leading to pressure differences.
Question 3. (ख) चक्रवात विनाशकारी क्यों होते हैं?
Answer: चक्रवात विनाशकारी होते हैं क्योंकि ये कम वायुदाब वाले ऐसे क्षेत्र होते हैं जिनके चारों ओर उच्च वायुदाब होता है। इस वजह से, तेज़ हवाएँ बाहरी ज़्यादा दबाव वाले इलाकों से अंदर के कम दबाव वाले इलाके की ओर बहुत तेज़ी से चलती हैं। ये हवाएँ अक्सर 30 किमी से 64 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती हैं। इन तेज़ हवाओं के साथ भारी बारिश और बिजली कड़कने से जान-माल का भारी नुकसान होता है। इसलिए, चक्रवात बहुत खतरनाक होते हैं।
In simple words: चक्रवात विनाशकारी होते हैं क्योंकि इनमें तेज़ हवाएँ चलती हैं और भारी बारिश होती है, जिससे बहुत नुकसान होता है।
🎯 Exam Tip: Explain that the combination of high-speed winds, heavy rainfall, and associated storm surges makes cyclones highly destructive.
प्रश्न 4. अन्तर स्पष्ट कीजिए -
Question 4. (क) सागरीय तथा स्थलीय समीर
Answer: सागरीय समीर और स्थलीय समीर दिन और रात में होने वाले तापमान के अंतर के कारण बनते हैं।
- सागरीय समीर (जल समीर): ये पवनें दिन के समय समुद्र से ज़मीन की ओर चलती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दिन में ज़मीन पानी की तुलना में तेज़ी से गर्म हो जाती है। जब ज़मीन गर्म होती है, तो उसके ऊपर की हवा हल्की होकर ऊपर उठ जाती है, जिससे ज़मीन पर कम वायुदाब बन जाता है। समुद्र का पानी धीरे-धीरे गर्म होता है, इसलिए वहाँ वायुदाब ज़्यादा होता है। इसी वजह से, समुद्र से ठंडी हवा ज़मीन की ओर बहने लगती है। यह तटीय इलाकों में तापमान को नियंत्रित करने में मदद करती है।
- स्थलीय समीर: ये पवनें रात के समय ज़मीन से समुद्र की ओर चलती हैं। रात में, ज़मीन पानी की तुलना में तेज़ी से ठंडी हो जाती है, जिससे ज़मीन पर ज़्यादा वायुदाब बन जाता है। समुद्र का पानी धीरे-धीरे ठंडा होता है, इसलिए वह ज़मीन की तुलना में ज़्यादा गर्म रहता है और उसके ऊपर कम वायुदाब होता है। परिणामस्वरूप, ज़मीन से ठंडी हवा समुद्र की ओर बहने लगती है।
In simple words: सागरीय समीर दिन में समुद्र से ज़मीन की ओर आती है। स्थलीय समीर रात में ज़मीन से समुद्र की ओर जाती है। यह ज़मीन और पानी के अलग-अलग गर्म-ठंडे होने के कारण होता है।
🎯 Exam Tip: To differentiate, clearly state the time of day, direction of wind, and the reason (differential heating/cooling of land and water) for each type of breeze.
Question 4. (ख) पछुआ पवनें और मानसूनी पवनें
Answer: पछुआ पवनें और मानसूनी पवनें दोनों ही वायुमंडलीय हवाएँ हैं, लेकिन इनकी प्रकृति और व्यवहार में अंतर है।
- पछुआ पवनें: ये पवनें उपोष्ण उच्च वायुदाब वाले क्षेत्रों से उप-ध्रुवीय निम्न वायुदाब वाले क्षेत्रों के बीच दोनों गोलार्द्धों में चलती हैं। ये पवनें स्थायी होती हैं, यानी साल भर एक ही दिशा में बहती रहती हैं। उत्तरी गोलार्द्ध में इनकी दिशा दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व होती है, जबकि दक्षिणी गोलार्द्ध में ये उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर चलती हैं। ये विश्व के मौसम को बड़े पैमाने पर प्रभावित करती हैं।
- मानसूनी पवनें: ये वे पवनें हैं जो किसी खास ऋतु में चलती हैं। ये पवनें अस्थायी होती हैं और हर छह महीने में अपनी दिशा बदलती हैं। गर्मियों में ये समुद्र से ज़मीन की ओर चलती हैं (जैसे भारत में), और सर्दियों में ज़मीन से समुद्र की ओर चलती हैं। मानसूनी पवनें मुख्य रूप से एशियाई उपमहाद्वीप में भारी वर्षा लाने के लिए जानी जाती हैं।
In simple words: पछुआ पवनें हमेशा एक ही दिशा में चलने वाली हवाएँ हैं। मानसूनी पवनें मौसम के हिसाब से अपनी दिशा बदलती रहती हैं, जैसे गर्मी में समुद्र से ज़मीन और सर्दी में ज़मीन से समुद्र की ओर।
🎯 Exam Tip: Distinguish between these two wind types by focusing on their seasonality (permanent vs. seasonal), direction stability, and the pressure belts they originate from.
बताइए मैं कौन?
Question. (क) गरमी के महीनों में सागर से स्थल की ओर बहती हूँ -
Answer: **सागरीय पवनें**। ये पवनें तटीय क्षेत्रों में दिन के तापमान को ठंडा रखती हैं।
In simple words: मैं वह हवा हूँ जो गर्मी में समुद्र से ज़मीन की तरफ चलती हूँ।
🎯 Exam Tip: For 'Who am I?' questions, identify the key characteristic given and match it with the correct geographical term.
Question. (ख) स्थल से सागर की ओर बहती हूँ -
Answer: **स्थलीय पवनें**। ये पवनें रात के समय बनती हैं जब ज़मीन पानी से जल्दी ठंडी हो जाती है।
In simple words: मैं वह हवा हूँ जो ज़मीन से समुद्र की तरफ चलती हूँ।
🎯 Exam Tip: Note the time of day and direction of movement to correctly identify land breezes.
Question. (ग) चक्करदार हवा हूँ। बाहर से भीतर की ओर घूमती हूँ -
Answer: **चक्रवात**। ये अक्सर कम वायुदाब वाले क्षेत्रों में बनते हैं और अपने साथ तेज़ हवाएँ और भारी बारिश लाते हैं।
In simple words: मैं एक गोल घूमने वाली हवा हूँ जो बाहर से अंदर की ओर चलती हूँ।
🎯 Exam Tip: Focus on the defining characteristics like circular motion and inward wind flow to identify cyclones.
भौगोलिक कुशलताएँ
नोटः विद्यार्थी स्वयं करें।
परियोजना कार्य
नोट: विद्यार्थी स्वयं करें।
Free study material for Geography
UP Board Solutions Class 7 Geography Chapter 6 वायु की गतियां
Students can now access the UP Board Solutions for Chapter 6 वायु की गतियां prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 7 Geography textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest UP Board syllabus.
Detailed Explanations for Chapter 6 वायु की गतियां
Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 7 Geography chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 7 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these UP Board Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.
Benefits of using Geography Class 7 Solved Papers
Using our Geography solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 7 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 6 वायु की गतियां to get a complete preparation experience.
FAQs
The complete and updated UP Board Solutions Class 7 Geography Chapter 6 वायु की गतियां is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 7 Geography are as per latest UP Board curriculum.
Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 7 Geography Chapter 6 वायु की गतियां as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Geography concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 7 Geography Chapter 6 वायु की गतियां will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 7 Geography. You can access UP Board Solutions Class 7 Geography Chapter 6 वायु की गतियां in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 7 Geography Chapter 6 वायु की गतियां in printable PDF format for offline study on any device.