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Detailed Chapter 3 धरती के रूप बदलने वाले कारक UP Board Solutions for Class 7 Geography
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Class 7 Geography Chapter 3 धरती के रूप बदलने वाले कारक UP Board Solutions PDF
प्रश्न 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
प्रश्न 1. (क) स्थलमण्डलीय प्लेट किसे कहते हैं?
Answer: स्थलमंडल कई कठोर टुकड़ों में बंटा हुआ है। इन्हीं टुकड़ों को स्थलमंडलीय प्लेट कहते हैं। ये प्लेटें पृथ्वी की ऊपरी परत बनाती हैं और धीरे-धीरे हिलती रहती हैं।
In simple words: पृथ्वी की ऊपरी ज़मीन कई बड़े, सख्त टुकड़ों में बंटी है। इन टुकड़ों को ही स्थलमंडलीय प्लेट कहते हैं।
🎯 Exam Tip: स्थलमण्डलीय प्लेट की परिभाषा में 'दृढ़ खंड' या 'कठोर टुकड़ों' का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह इनकी बनावट को दर्शाता है।
प्रश्न 1. (ख) पृथ्वी के आन्तरिक बल से आप क्या समझते हैं?
Answer: वे बल जो पृथ्वी के अंदर से पैदा होते हैं, आंतरिक बल कहलाते हैं। ये बल ज़मीन की सतह पर कई बड़े बदलाव लाते हैं, जैसे पहाड़ और घाटियों का बनना।
In simple words: पृथ्वी के अंदर से आने वाले बलों को आंतरिक बल कहते हैं।
🎯 Exam Tip: आंतरिक बलों को 'अंतर्जात बल' भी कहा जाता है और ये पृथ्वी की भूगर्भीय प्रक्रियाओं के लिए जिम्मेदार होते हैं।
प्रश्न 1. (ग) मोड़दार पर्वत का निर्माण कैसे होता है?
Answer: जब पृथ्वी के अंदर के बल एक-दूसरे की ओर टकराते हैं, तो ज़मीन पर दबाव पड़ता है। इस दबाव के कारण ज़मीन की परतें मुड़ जाती हैं और इन मुड़ी हुई परतों से मोड़दार (वलित) पर्वत बनते हैं। हिमालय पर्वत इसका एक अच्छा उदाहरण है।
In simple words: जब अंदरूनी बल एक-दूसरे की तरफ़ धकेलते हैं, तो ज़मीन मुड़कर पहाड़ बन जाती है, जिन्हें मोड़दार पर्वत कहते हैं।
🎯 Exam Tip: मोड़दार पर्वतों के निर्माण में 'दबाव' और 'वलन' (मोड़ पड़ने) की प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से समझाना चाहिए।
प्रश्न 1. (घ) ज्वालामुखी कितने प्रकार के होते हैं? इनके लक्षणों को भी स्पष्ट करें।
Answer: ज्वालामुखी मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं -
(i) जाग्रत् ज्वालामुखी: यह हमेशा सक्रिय रहता है और इससे लगातार लावा, गैसें और राख निकलती रहती है। इसके उदाहरण सिसली द्वीप का एटना और स्ट्रोम्बोली ज्वालामुखी हैं।
(ii) सुषुप्त ज्वालामुखी: यह ज्वालामुखी काफी समय तक शांत रहता है, लेकिन अचानक से फिर से सक्रिय हो जाता है और लावा, राख आदि उगलने लगता है। जापान का फ्यूजीयामा और इटली का विसूवियस इसके उदाहरण हैं।
(iii) शांत ज्वालामुखी: इस ज्वालामुखी में पहले कभी विस्फोट हुआ था, लेकिन अब यह पूरी तरह से निष्क्रिय है। इसका मुख (क्रेटर) ज्वालामुखी पदार्थों या पानी से भर जाने के कारण बंद हो गया है। म्यांमार का पोपा और संयुक्त राज्य अमेरिका की क्रेटर झील इसके अच्छे उदाहरण हैं।
In simple words: ज्वालामुखी तीन तरह के होते हैं: जाग्रत् (जो हमेशा सक्रिय रहते हैं), सुषुप्त (जो लंबे समय तक शांत रहकर फिर से सक्रिय हो सकते हैं) और शांत (जो अब कभी नहीं फटेंगे और जिनका मुख बंद हो चुका है)।
🎯 Exam Tip: तीनों प्रकार के ज्वालामुखियों के नाम और उनके मुख्य लक्षण (सक्रियता का स्तर) को याद रखें, साथ ही प्रत्येक का एक-दो उदाहरण भी दें।
प्रश्न 1. (ङ) ज्वालामुखी से मनुष्य को होने वाले लाभ व हानि बताइए ।
Answer: ज्वालामुखी से मनुष्य को कई प्रकार के लाभ और हानि होते हैं:
ज्वालामुखी से हानि:
1. ज्वालामुखी विस्फोट से निकलने वाले लावे के नीचे पेड़-पौधे और जीव-जन्तु दबकर नष्ट हो जाते हैं।
2. इसके कारण पास के क्षेत्रों में अक्सर भूकंप आ जाते हैं, जिससे जान-माल का नुकसान होता है।
3. लावा का बहाव सैकड़ों किलोमीटर तक के खेत, मकान और अन्य चीजों को जलाकर बर्बाद कर देता है।
4. समुद्र में ज्वालामुखी फटने से पानी बहुत गर्म होकर उबलने लगता है, जिसे 'बड़वानल' कहते हैं। इससे समुद्र में रहने वाले जीव मर जाते हैं।
5. ज्वालामुखी के उद्गार से कई जहरीली गैसें निकलती हैं, जो वायुमंडल को प्रदूषित करती हैं और सांस लेने में कठिनाई पैदा कर सकती हैं।
ज्वालामुखी से लाभ:
1. ज्वालामुखी से निकले लावे से बनी काली मिट्टी बहुत उपजाऊ होती है, जिसमें गन्ना और कपास जैसी फसलें अच्छी पैदा होती हैं।
2. विस्फोट के दौरान धरती के अंदर से कई बहुमूल्य खनिज पदार्थ (जैसे सोना, चांदी) सतह पर आ जाते हैं।
3. ज्वालामुखी वाले क्षेत्रों में गर्म पानी के प्राकृतिक झरने होते हैं, जिनके पानी में गंधक घुला होता है। यह पानी त्वचा संबंधी रोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है।
4. अधिक तापमान वाली भाप को इकट्ठा करके भूतापीय बिजली बनाई जा सकती है, जो ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
5. ज्वालामुखी के मुहाने पर बनने वाली क्रेटर झीलें सुंदर पर्यटक स्थल बन जाती हैं, जो पर्यटन को बढ़ावा देती हैं, और इन झीलों का पानी सिंचाई के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
In simple words: ज्वालामुखी से नुकसान भी होते हैं और फायदे भी। नुकसान में पेड़-पौधों और घरों का जलना, भूकंप आना और हवा का प्रदूषित होना शामिल है। फायदों में उपजाऊ मिट्टी मिलना, खनिज मिलना, गर्म पानी के झरने और बिजली बनाना शामिल हैं।
🎯 Exam Tip: लाभ और हानि दोनों बिंदुओं को अलग-अलग शीर्षकों के तहत सूचीबद्ध करें और प्रत्येक बिंदु को संक्षिप्त और स्पष्ट रखें। एक संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है कि दोनों पहलुओं को कवर किया जाए।
प्रश्न 1. (च) भूकम्प उदगम केन्द्र और भूकम्प अधिकेन्द्र में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Answer: पृथ्वी के अंदर वह जगह जहाँ से भूकंप शुरू होता है और कंपन पैदा होता है, उसे भूकंप उद्गम केंद्र (या फोकस) कहते हैं। यह वह बिंदु है जहाँ से ऊर्जा तरंगें चारों दिशाओं में फैलना शुरू करती हैं। इस उद्गम केंद्र के ठीक ऊपर, ज़मीन की सतह पर जो बिंदु होता है, उसे अधिकेंद्र कहते हैं। अधिकेंद्र वह जगह होती है जहाँ भूकंप का सबसे ज़्यादा असर महसूस होता है।
In simple words: भूकंप उद्गम केंद्र ज़मीन के अंदर वह जगह है जहाँ से भूकंप शुरू होता है, जबकि अधिकेंद्र ज़मीन की सतह पर वह बिंदु है जो उद्गम केंद्र के ठीक ऊपर होता है।
🎯 Exam Tip: 'उद्गम केंद्र' को पृथ्वी के अंदर और 'अधिकेंद्र' को पृथ्वी की सतह पर दर्शाना महत्वपूर्ण है, साथ ही यह भी बताएं कि अधिकेंद्र पर प्रभाव सबसे अधिक होता है।
प्रश्न 1. (छ) भूकम्प आने के समय अपनाई जा सकने वाली कोई दो सावधानियाँ लिखिए।
Answer: भूकंप आने के समय निम्नलिखित सावधानियाँ अपनाई जा सकती हैं:
1. भूकंप आने पर हमें तुरंत घर, स्कूल या किसी भी इमारत से बाहर निकलकर किसी खुली जगह पर चले जाना चाहिए। इमारतों या भारी वस्तुओं से दूर खड़े रहें।
2. यदि आप सड़क पर चल रहे हों, तो तुरंत रुक जाएं और फ्लाईओवर, बिजली के तारों, विज्ञापन बोर्डों या पेड़ों से दूर किसी सुरक्षित जगह पर खड़े हो जाएं ताकि गिरने वाली चीज़ों से बचा जा सके।
In simple words: भूकंप आने पर तुरंत खुली जगह पर जाएं और इमारतों, बिजली के खंभों, या पेड़ों से दूर रहें ताकि कुछ गिरे नहीं।
🎯 Exam Tip: आपातकालीन स्थितियों के लिए हमेशा कुछ बुनियादी सुरक्षा नियमों को याद रखें, जैसे खुले स्थान पर जाना और खतरनाक वस्तुओं से दूर रहना।
प्रश्न 2. निम्नलिखित के सही जोड़े बनाइए -
Answer:
| कॉलम 'अ' | कॉलम 'ब' |
|---|---|
| एटना | इटली |
| कोटोपैक्सी | सबसे ऊँचा ज्वालामुखी |
| नर्मदा नदी | भ्रंश घाटी |
| हिमालय | वलित पर्वत |
In simple words: हमें दिए गए शब्दों को उनके सही उत्तरों से मिलाना था, जैसे एटना एक ज्वालामुखी है जो इटली में है।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़ें और प्रत्येक को सही उत्तर से मिलान करने का प्रयास करें, खासकर उन विकल्पों को जिनकी जानकारी आपको निश्चित रूप से है।
प्रश्न 3. (क) ज्वालामुखी के छिद्र को विवरे कहते हैं।
Answer: ज्वालामुखी के ऊपर वाले छेद को विवरे या क्रेटर कहा जाता है। यह वह जगह है जहाँ से लावा और गैसें बाहर निकलती हैं।
In simple words: ज्वालामुखी का ऊपर वाला छेद विवरे कहलाता है।
🎯 Exam Tip: 'क्रेटर' और 'विवरे' दोनों शब्दों को याद रखें, क्योंकि ये ज्वालामुखी के मुख के लिए उपयोग किए जाते हैं।
प्रश्न 3. (ख) अधिकतर भूकम्प प्रशान्त महासागर के दोनों तट पर आते हैं।
Answer: ज़्यादातर भूकंप प्रशांत महासागर के दोनों किनारों पर आते हैं। इस क्षेत्र को 'रिंग ऑफ फायर' भी कहते हैं, जहाँ भूकंप और ज्वालामुखी की घटनाएँ ज़्यादा होती हैं।
In simple words: ज़्यादातर भूकंप प्रशांत महासागर के किनारों पर आते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रशांत महासागर का 'रिंग ऑफ फायर' क्षेत्र भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियों के लिए एक प्रमुख स्थान है।
प्रश्न 3. (ग) स्थलमण्डलीय प्लेटें दुर्बलतामण्डल पर तैर रही हैं।
Answer: स्थलमंडलीय प्लेटें पृथ्वी के अंदर मौजूद दुर्बलतामण्डल (एस्थेनोस्फीयर) पर तैरती रहती हैं। यह दुर्बलतामण्डल थोड़ा पिघली हुई चट्टानों से बना है, जिससे प्लेटें आसानी से खिसक पाती हैं।
In simple words: स्थलमंडलीय प्लेटें दुर्बलतामण्डल पर तैरती हैं।
🎯 Exam Tip: 'दुर्बलतामण्डल' का अर्थ 'कमज़ोर परत' होता है, जो प्लेटों की गति के लिए आवश्यक है।
प्रश्न 3. (घ) मैग्मा जब धरातल पर फैलता है तो उसे लावा कहते हैं।
Answer: जब पृथ्वी के अंदर का पिघला हुआ मैग्मा ज़मीन की सतह पर आकर फैलता है, तो उसे लावा कहते हैं। लावा ठंडा होकर कठोर चट्टानों में बदल जाता है।
In simple words: जब मैग्मा ज़मीन पर फैलता है, तो उसे लावा कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'मैग्मा' पृथ्वी के अंदर होता है, जबकि 'लावा' सतह पर आने के बाद कहलाता है - यह अंतर याद रखना महत्वपूर्ण है।
भौगोलिक कुशलताएँ -
नोटः विद्यार्थी स्वयं करें।
परियोजना कार्य -
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UP Board Solutions Class 7 Geography Chapter 3 धरती के रूप बदलने वाले कारक
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