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Detailed Chapter 3 Apshisht Evam Uska Nistaran UP Board Solutions for Class 7 Environmental Studies
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अपशिष्ट एवं उसका निस्तारण
अभ्यास
Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
(क) अपशिष्ट किसे कहते हैं?
Answer: मनुष्य और अन्य सभी जीव अपने रोज़मर्रा के कामों के दौरान जिन बेकार या अनुपयोगी चीज़ों को बाहर निकालते हैं, उन्हीं को अपशिष्ट पदार्थ कहते हैं। ये पदार्थ किसी काम के नहीं होते और इन्हें फेंक दिया जाता है। इन पदार्थों का सही प्रबंधन न होने पर पर्यावरण को नुकसान पहुँच सकता है।
In simple words: मनुष्य और जीव जो बेकार की चीज़ें फेंक देते हैं, वे ही अपशिष्ट कहलाती हैं।
🎯 Exam Tip: अपशिष्ट की परिभाषा देते समय 'अनुपयोगी' और 'निकलने वाले पदार्थ' जैसे मुख्य शब्दों का प्रयोग अवश्य करें।
Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
(ख) ठोस, द्रव और गैसीय अपशिष्ट में अन्तर बताते हुए इसके दो-दो उदाहरण लिखिए।
Answer: अपशिष्ट पदार्थ तीन मुख्य अवस्थाओं में पाए जाते हैं, जिनके बीच निम्नलिखित अंतर हैं:
1. **ठोस अपशिष्ट:** वे बेकार पदार्थ जो ठोस रूप में होते हैं।
उदाहरण: फलों और सब्जियों के छिलके, प्लास्टिक के टुकड़े।
2. **द्रव अपशिष्ट:** वे बेकार पदार्थ जो तरल या पानी के रूप में होते हैं।
उदाहरण: नालियों का गंदा पानी, उद्योगों से निकलने वाला ज़हरीला पानी।
3. **गैसीय अपशिष्ट:** वे बेकार पदार्थ जो गैस या धुएँ के रूप में होते हैं।
उदाहरण: वाहनों से निकलने वाला धुआँ, कारखानों की चिमनियों से निकलने वाला धुआँ।
इन सभी अपशिष्टों का सही निपटान पर्यावरण के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
In simple words: अपशिष्ट ठोस (छिलके), द्रव (गंदा पानी) और गैस (धुआँ) के रूप में होते हैं। हर प्रकार के दो-दो उदाहरण याद रखें।
🎯 Exam Tip: प्रत्येक प्रकार के अपशिष्ट का नाम और उसके दो स्पष्ट उदाहरण याद रखें, ताकि आप अंतर आसानी से समझा सकें।
Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
(ग) गैसीय अपशिष्ट पदार्थ के स्रोत क्या हैं?
Answer: गैसीय अपशिष्ट पदार्थ कई जगहों से निकलते हैं। इनके मुख्य स्रोत हैं: लकड़ी और कोयला जैसे ईंधनों को जलाने से निकलने वाला धुआँ, कारखानों से निकलने वाली गैसें, वाहनों (जैसे कार और बस) से निकलने वाला धुआँ। इसके अलावा, मरे हुए जीव-जंतुओं के सड़ने से, अँगीठी जलाने से, और सिगरेट-बीड़ी पीने से भी हवा में गैसीय अपशिष्ट मिल जाते हैं। ये सभी स्रोत हवा को प्रदूषित करते हैं।
In simple words: गैसीय अपशिष्ट लकड़ी, कोयला, कारखाने, गाड़ियाँ, मरे हुए जानवर और सिगरेट जैसी चीज़ों से निकलता है।
🎯 Exam Tip: गैसीय अपशिष्ट के स्रोतों को याद करने के लिए 'घरेलू' (अँगीठी, सिगरेट), 'औद्योगिक' (कारखाने) और 'परिवहन' (वाहन) जैसी श्रेणियों में बांट कर सोचें।
Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
(घ) अपशिष्ट संग्रह के दुष्प्रभावों को उदाहरण सहित समझाइए।
Answer: अपशिष्टों को इकट्ठा करना पर्यावरण और इंसानों की सेहत के लिए बहुत हानिकारक होता है। यह कई तरह के बुरे प्रभाव डालता है। इसका एक दुखद उदाहरण दिसंबर 1984 में हुई भोपाल गैस त्रासदी है। इस त्रासदी में, यूनियन कार्बाइड नामक फैक्ट्री से मेथिल आइसोसाइनेट नामक एक जहरीली गैस लीक हो गई थी। इस गैस के रिसाव के कारण हजारों लोग मारे गए और लाखों लोग कैंसर, सांस की समस्या, सिरदर्द, और शरीर के अंगों में सुन्नपन जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित हो गए। इस घटना के बाद, फैक्ट्री से निकला जहरीला कचरा आसपास की मिट्टी और पानी को भी प्रदूषित कर गया। इस अपशिष्ट का बुरा प्रभाव आज भी वहाँ की आने वाली पीढ़ियों पर देखा जा सकता है। यह दिखाता है कि औद्योगिक कचरे का प्रबंधन कितना ज़रूरी है।
In simple words: कचरा इकट्ठा करना पर्यावरण और सेहत के लिए बुरा है। भोपाल गैस त्रासदी इसका एक बड़ा उदाहरण है, जहाँ जहरीली गैस फैलने से लोग बीमार हुए और मरे।
🎯 Exam Tip: अपशिष्ट संग्रह के दुष्प्रभावों को समझाते समय भोपाल गैस त्रासदी जैसे वास्तविक जीवन के उदाहरण का उल्लेख करने से आपका उत्तर अधिक प्रभावी होगा।
Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
(ङ) सोकपिट बनाने की विधि लिखिए।
Answer: सोकपिट बनाने के लिए, सबसे पहले जमीन में 5-6 फीट गहरा एक चौकोर गड्ढा खोदा जाता है। इस गड्ढे के बिल्कुल नीचे ईंटों और पत्थरों के छोटे-छोटे टुकड़े डाले जाते हैं। इसके बाद, इन टुकड़ों को बालू (रेत) की एक मोटी परत से अच्छी तरह ढक दिया जाता है। फिर, इस सोकपिट को उस नाली से जोड़ा जाता है जहाँ से घर का गंदा पानी बहता है, ताकि पानी सीधे इसमें जाए। अंत में, सोकपिट को ऊपर से मजबूत ढक्कन से ढक दिया जाता है। इस तरह एक सोकपिट तैयार हो जाता है, जो पानी को धीरे-धीरे जमीन में सोखने में मदद करता है।
In simple words: सोकपिट बनाने के लिए, 5-6 फीट गहरा गड्ढा खोदते हैं। उसके नीचे ईंट-पत्थर और रेत डालते हैं, फिर उसे नाली से जोड़कर ऊपर से ढक देते हैं।
🎯 Exam Tip: सोकपिट बनाने की विधि के चरणों को क्रमबद्ध तरीके से लिखें, जैसे: गड्ढा खोदना, सामग्री डालना, नाली से जोड़ना और अंत में ढकना।
Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
(च) ई-कचरा से आप क्या समझते हैं? उदाहरण सहित लिखिए।
Answer: ई-कचरा का मतलब है इलेक्ट्रॉनिक कचरा। यह वह सारा खराब या पुराना इलेक्ट्रॉनिक सामान है जो हमारे घरों और दफ्तरों से निकलता है और अब इस्तेमाल के लायक नहीं रहता। इसमें खराब कंप्यूटर, पुराने मोबाइल फोन, सीडी, खराब बैटरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे टीवी, वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, और एयर कंडीशनर जैसी चीजें शामिल हैं। इन चीज़ों का सही तरीके से निपटान न होने पर पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो सकता है क्योंकि इनमें अक्सर हानिकारक रसायन होते हैं।
In simple words: ई-कचरा खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान होता है, जैसे पुराने कंप्यूटर, मोबाइल, टीवी और वॉशिंग मशीन।
🎯 Exam Tip: ई-कचरे की परिभाषा देते समय 'इलेक्ट्रॉनिक' और 'खराब या अनुपयोगी' जैसे मुख्य शब्दों का प्रयोग करें, और कम से कम तीन उदाहरण अवश्य दें।
Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
(छ) कारखानों से निकलने वाले जल को नदियों में बहाने से पहले क्या उपाय करने चाहिए?
Answer: कारखानों से निकलने वाले पानी को नदियों में बहाने से पहले उसका उचित उपचार करना बहुत ज़रूरी है। इस उपचार प्रक्रिया में पानी में मौजूद सभी हानिकारक रसायनों, गंदगी और प्रदूषकों को हटाया जाता है। जब पानी पूरी तरह से साफ हो जाए, तभी उसे नदियों में बहाना चाहिए। ऐसा करने से नदियों का पानी दूषित होने से बच जाता है, जिससे जलीय जीवों को कोई नुकसान नहीं होता और पानी का पर्यावरण संतुलन बना रहता है।
In simple words: फैक्ट्रियों से निकलने वाले पानी को नदियों में बहाने से पहले साफ करना चाहिए, ताकि नदियाँ गंदी न हों।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न का उत्तर देते समय 'उचित उपचार' और 'नदियों को दूषित होने से बचाना' जैसे वाक्यांशों पर जोर दें।
Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
(ज) प्रत्येक घर में शौचालय होना क्यों आवश्यक है?
Answer: हर घर में शौचालय होना बहुत ज़रूरी है ताकि मल-मूत्र का सही तरीके से निपटान किया जा सके। इससे खुले में शौच करने की आदत खत्म होती है, जिससे गंदगी नहीं फैलती और वातावरण स्वच्छ रहता है। शौचालय होने से बीमारियों (जैसे हैजा, टाइफाइड) के फैलने का खतरा बहुत कम हो जाता है, क्योंकि गंदगी की वजह से बीमारियाँ फैलती हैं। इसलिए, शौचालय स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
In simple words: हर घर में शौचालय होना चाहिए ताकि गंदगी न फैले और बीमारियाँ कम हों।
🎯 Exam Tip: शौचालय की आवश्यकता बताते समय 'स्वच्छता', 'बीमारियों से बचाव' और 'गंदगी से मुक्ति' जैसे मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करें।
Question 2. सही कथन के सामने (√) और गलत के सामने (X) का चिह्न लगाइए
(क) उद्योगों से विभिन्न प्रकार के अपशिष्ट पदार्थ निकलते हैं। (✔)
Answer: यह कथन सही है। उद्योग धंधों और फैक्ट्रियों से कई अलग-अलग तरह के अपशिष्ट पदार्थ निकलते हैं, जैसे ठोस कचरा (धातु के टुकड़े), रासायनिक द्रव (फैक्ट्री का गंदा पानी), और गैसीय उत्सर्जन (धुआँ और हानिकारक गैसें)। इन सभी अपशिष्टों का सही प्रबंधन बहुत महत्वपूर्ण है।
In simple words: हाँ, फैक्ट्रियों से कई तरह का कचरा निकलता है।
🎯 Exam Tip: इस तरह के सत्य/असत्य प्रश्नों में, यदि कथन सही है, तो आप अपने उत्तर में एक अतिरिक्त तथ्य जोड़कर इसे और पुष्ट कर सकते हैं।
Question 2. सही कथन के सामने (√) और गलत के सामने (X) का चिह्न लगाइए
(ख) अपशिष्ट पदार्थों से हमारा पर्यावरण दूषित होता है। (✔)
Answer: यह कथन सही है। अपशिष्ट पदार्थ, चाहे वे किसी भी रूप में हों (ठोस, द्रव या गैस), अगर उनका सही तरीके से निपटान न किया जाए तो वे हमारे पर्यावरण को प्रदूषित करते हैं। इससे हवा, पानी और मिट्टी खराब होती है, जिससे इंसानों और जानवरों दोनों के स्वास्थ्य को खतरा होता है।
In simple words: हाँ, कचरे से हमारा पर्यावरण गंदा होता है।
🎯 Exam Tip: यह एक सामान्य ज्ञान का प्रश्न है; 'प्रदूषण' शब्द का प्रयोग करके उत्तर को स्पष्ट करें।
Question 2. सही कथन के सामने (√) और गलत के सामने (X) का चिह्न लगाइए
(ग) अपशिष्ट पदार्थ ठोस, द्रव और गैस के रूप में होते हैं। (√)
Answer: यह कथन सही है। अपशिष्ट पदार्थ तीन मुख्य भौतिक अवस्थाओं में पाए जाते हैं: ठोस (जैसे प्लास्टिक, कागज), द्रव (जैसे सीवेज, रासायनिक घोल) और गैसीय (जैसे कारखानों से निकलने वाला धुआँ, जहरीली गैसें)। ये सभी पर्यावरण को अलग-अलग तरीकों से प्रभावित करते हैं।
In simple words: हाँ, कचरा ठोस, पानी जैसा (द्रव) और गैस (धुआँ) तीनों रूपों में होता है।
🎯 Exam Tip: अपशिष्ट की भौतिक अवस्थाओं को याद रखें और प्रत्येक अवस्था का एक-एक उदाहरण भी ध्यान में रखें।
Question 2. सही कथन के सामने (√) और गलत के सामने (X) का चिह्न लगाइए
(घ) घरेलू कूड़े-कचरे का निस्तारण आज प्रदूषण की समस्या नहीं है। (X)
Answer: यह कथन गलत है। घरेलू कूड़े-कचरे का सही तरीके से निपटान आज भी एक बहुत बड़ी चुनौती और प्रदूषण की एक गंभीर समस्या है। यदि इसे सही से प्रबंधित न किया जाए, तो यह मिट्टी, पानी और हवा में प्रदूषण फैलाता है, जिससे बीमारियाँ और पर्यावरण को नुकसान होता है।
In simple words: नहीं, घर के कचरे को निपटाना आज भी एक बड़ी समस्या है और इससे प्रदूषण होता है।
🎯 Exam Tip: इस कथन को गलत सिद्ध करने के लिए 'प्रदूषण' और 'बीमारियों' जैसे नकारात्मक प्रभावों का उल्लेख करें।
Question 2. सही कथन के सामने (√) और गलत के सामने (X) का चिह्न लगाइए
(ङ) प्लास्टिक एवं पॉलीथीन आसानी से सड़ती है। (X)
Answer: यह कथन गलत है। प्लास्टिक और पॉलीथीन ऐसे पदार्थ हैं जो जैविक रूप से आसानी से नहीं सड़ते या घुलते। उन्हें सड़ने में सैकड़ों साल लग जाते हैं। इसी कारण वे पर्यावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं, मिट्टी और जल को प्रदूषित करते हैं, और जानवरों के लिए भी हानिकारक होते हैं।
In simple words: नहीं, प्लास्टिक और पॉलीथीन आसानी से नहीं सड़ते; उन्हें गलने में बहुत लंबा समय लगता है।
🎯 Exam Tip: प्लास्टिक और पॉलीथीन के 'न सड़ने वाले' या 'गैर-बायोडिग्रेडेबल' गुण पर ध्यान दें, यह इस प्रश्न का मुख्य बिंदु है।
Question 3. सही मिलान कीजिए
Answer: सही मिलान इस प्रकार है:
| क | ख |
|---|---|
| बायोगैस | जैविक अपशिष्ट |
| कम्पोस्ट खाद | फलों, सब्जियों के छिलके, सूखी पत्तियाँ |
| गैसीय अपशिष्ट | धुआँ |
| जल निकास तंत्र में बाधा | पॉलीथीन |
| अपशिष्टों से पुनः उपयोगी सामान बनाना | पुनः चक्रण |
In simple words: हर शब्द को उसके सही जवाब से मिलाना था। बायोगैस जैविक कचरे से बनती है, खाद छिलकों से, धुआँ गैसीय कचरा है, पॉलीथीन नाली रोकती है, और कचरे से नई चीज़ बनाना रीसाइक्लिंग है।
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, पहले उन जोड़ियों को मिलाएं जिनके बारे में आप पूरी तरह से सुनिश्चित हैं, और फिर बची हुई जोड़ियों को ध्यान से मिलाएँ।
प्रोजेक्ट वर्क- विद्यार्थी स्वयं करें।
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