Get the most accurate UP Board Solutions for Class 6 Science Chapter 7 Jeevon mein anukoolan here. Updated for the 2026 27 academic session, these solutions are based on the latest UP Board textbooks for Class 6 Science. Our expert-created answers for Class 6 Science are available for free download in PDF format.
Detailed Chapter 7 Jeevon mein anukoolan UP Board Solutions for Class 6 Science
For Class 6 students, solving UP Board textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 6 Science solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 7 Jeevon mein anukoolan solutions will improve your exam performance.
Class 6 Science Chapter 7 Jeevon mein anukoolan UP Board Solutions PDF
जीवों में अनुकूलन
अभ्यास प्रश्न
Question 1. (क) मेढक रहता है -
(i) स्थल पर
(ii) जल में
(iii) जल तथा स्थल दोनों जगह
(iv) वायु में
Answer: (iii) जल तथा स्थल दोनों जगह
In simple words: मेढक पानी और ज़मीन, दोनों जगहों पर रह सकता है। यह अपनी ज़रूरतों के हिसाब से दोनों माहौल में ढल जाता है।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, उन जानवरों को पहचानना महत्वपूर्ण है जो विभिन्न वातावरणों के अनुकूल हो सकते हैं.
Question 1. (ख) मछली साँस लेती है -
(i) गिल्स द्वारा
(ii) फेफड़े द्वारा
(iii) त्वचा द्वारा
(iv) पंखों द्वारा
Answer: (i) गिल्स द्वारा
In simple words: मछलियाँ पानी में सांस लेने के लिए अपने गिल्स का इस्तेमाल करती हैं। गिल्स उन्हें पानी से ऑक्सीजन निकालने में मदद करते हैं।
🎯 Exam Tip: जलीय जीवों में श्वसन अंगों के नाम याद रखें, जैसे मछलियों में गिल्स होते हैं.
Question 1. (ग) ऊँट के कूबड़ में संचित होता है।
(i) वसा
(ii) कार्बोहाइड्रेट
(iii) प्रोटीन
(iv) खनिज लवण
Answer: (i) वसा
In simple words: ऊँट अपने कूबड़ में वसा (फैट) जमा करके रखता है। यह वसा उसे रेगिस्तान में बिना भोजन और पानी के लंबे समय तक जीवित रहने में मदद करती है।
🎯 Exam Tip: ऊँट के अनुकूलन के बारे में जानें, खासकर कूबड़ में वसा के संचय के महत्व को समझें.
Question 1. (घ) खानज लव नागफनी का पौधा है -
(i) जलीय
(ii) मरूस्थलीय
(iii) उपरिरोही
(iv) आरोही
Answer: (ii) मरूस्थलीय
In simple words: नागफनी एक ऐसा पौधा है जो रेगिस्तानी या सूखे इलाकों में उगता है। यह कम पानी में भी जीवित रह सकता है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न पौधों के आवास और उनके अनुकूलन को पहचानना सीखें.
Question 1. (ङ) जलीय वातावरण में पाये जाने वाला पौधा है -
(i) मटर
(ii) सिंघाड़ा
(iii) आलू
(iv) मक्का
Answer: (ii) सिंघाड़ा
In simple words: सिंघाड़ा एक ऐसा पौधा है जो पानी में उगता है। यह पानी वाले वातावरण में ही पनप पाता है।
🎯 Exam Tip: जलीय पौधों के उदाहरण और उनकी विशेषताओं को याद रखना चाहिए.
Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (पूर्ति करके) –
Answer:
(क) मेढक पानी में श्वसन त्वचा द्वारा करता है।
(ख) नागफनी एक मरुस्थलीय वातावरण का पौधा है।
(ग) अल्प विकसित जड़े तथा वायु मृदूतक जलीय पौधों में पाया जाता है।
(घ) आलू एक भूमिका पौधा है।
(ङ) पक्षियों की हड्डियाँ खोखली होती हैं।
In simple words: इन वाक्यों में खाली जगहों को सही शब्दों से भरना था। हमने मेढक के साँस लेने का तरीका, नागफनी का आवास, जलीय पौधों की जड़ें, आलू का प्रकार और पक्षियों की हड्डियों की बनावट बताई है।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, प्रत्येक वाक्य के संदर्भ को समझें और सही वैज्ञानिक शब्द का उपयोग करें.
Question 3. सही कथन के आगे सही (√) तथा गलत कथन के आगे गलत (X) का चिहून लगाएँ-(चिहून लगाकर) –
Answer:
(क) मरुस्थलीय पौधे कोमल तथा कमजोर तने वाले होते हैं। (X)
(ख) पक्षियों की हड्डी खोखली तथा वायु से भरी होती है। (√)
(ग) मरुभिद पौधों में जड़ें, अल्प विकसित होती हैं। (X)
(घ) शरीर पर घने तथा लम्बे बाल और त्वचा के नीचे वसा की मोटी परत ठण्डे प्रदेशों में रहने वाले जन्तुओं में वातावरण से अनुकूलन करने में सहायक होता है। (√)
In simple words: यहाँ हमें यह पहचानना था कि कौन सा वाक्य सही है और कौन सा गलत। हमने मरुस्थलीय पौधों के तने, पक्षियों की हड्डियों और ठंडे प्रदेशों के जानवरों की विशेषताओं को सही या गलत बताया है।
🎯 Exam Tip: प्रत्येक कथन को ध्यान से पढ़ें और अनुकूलन के सिद्धांतों को याद करके सही या गलत का निर्धारण करें.
Question 4. स्तम्भ 'क' का. स्तम्भ 'ख' से मिलान कीजिए (मिलान करके) –
Answer:
| स्तम्भ 'क' | स्तम्भ 'ख' |
|---|---|
| (क) वायुकोष | (स) पक्षी |
| (ख) शल्क | (अ) मछली |
| (ग) मेढक | (ब) पाद जाल |
| (घ) उपचर्म | (य) जलकुम्भी |
| (ङ) चिड़िया | (द) पंख |
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, प्रत्येक जोड़ी को ध्यान से देखें और उनके बीच के संबंध को समझें, जैसे कि कार्य या विशेषता का संबंध.
Question 5. अनुकूलन किसे कहते हैं। मरूस्थलीय जीव में अनुकूलन को संक्षेप में स्पष्ट कीजिए ।
Answer:
1. अनुकूलन का मतलब है जीवों के शरीर में होने वाले बदलाव, जैसे कि उनके रूप, आकार या रहने के तरीके में। ये बदलाव उन्हें किसी खास जगह पर ज़िंदा रहने और ठीक से काम करने में मदद करते हैं। उदाहरण के लिए, रेगिस्तानी पौधे पानी को बचाए रखने के लिए अनुकूलित होते हैं।
2. रेगिस्तानी जीव, जैसे ऊँट, सूखे और गर्मी में रहने के लिए खास तरह से ढले होते हैं। उन्हें पानी की कमी, बहुत तेज़ धूप और गर्म रेत पर चलने जैसी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऊँट अपने शरीर में पानी जमा कर सकता है और उसके पैर चौड़े और गद्देदार होते हैं ताकि वह रेत पर आसानी से चल सके।
In simple words: अनुकूलन जीवों का अपने माहौल के हिसाब से बदलना है ताकि वे वहाँ जी सकें। रेगिस्तान के जीव कम पानी, तेज़ गर्मी और रेत पर चलने के लिए खास तरह से ढले होते हैं।
🎯 Exam Tip: अनुकूलन की परिभाषा और किसी एक वातावरण (जैसे मरुस्थल) में जीवों के अनुकूलन के उदाहरण याद रखें.
Question 6. जलीय जीवों में अनुकूलन की विशेषताओं को संक्षेप में लिखिए ।
Answer: जलीय जानवरों के शरीर पर पानी से बचाने वाले शल्क होते हैं। इनमें सांस लेने के लिए खास अंग होते हैं, जैसे मछलियों में गिल्स (क्लोम) होते हैं। उनका शरीर नाव जैसा और चपटे पंखों वाला होता है, जिससे उन्हें पानी में तैरने में आसानी होती है। इनकी गर्दन छोटी या न के बराबर होती है, और आँखों पर एक खास पर्दा (निमेषक पटल) होता है जो पानी के अंदर देखने में मदद करता है। ये सभी चीज़ें उन्हें पानी में तैरने, भोजन ढूंढने और सांस लेने में सहायता करती हैं।
In simple words: पानी के जानवरों का शरीर तैरने और पानी में सांस लेने के लिए बना होता है। उनके शल्क होते हैं, गिल्स होते हैं, शरीर चिकना होता है और पंख होते हैं ताकि वे पानी में आसानी से रह सकें।
🎯 Exam Tip: जलीय अनुकूलन की मुख्य विशेषताओं को याद रखें, जैसे जलरोधी शल्क, गिल्स और धारा रेखित शरीर.
Question 7. उभयचर जीवों में अनुकूलन को संक्षेप में उदाहरण सहित बताइए।
Answer: उभयचर जीव, जैसे मेढक, पानी और ज़मीन दोनों जगह रहने के लिए बने होते हैं। उनके पिछले पैरों में जालीदार पंजे होते हैं, जो उन्हें पानी में तैरने में मदद करते हैं। ज़मीन पर, उनकी लंबी मांसपेशियाँ उन्हें कूदने में सहायता करती हैं। मेढक पानी में अपनी त्वचा से सांस लेता है और ज़मीन पर फेफड़ों से सांस लेता है। यह दोहरी क्षमता उन्हें दोनों वातावरणों में सफल बनाती है।
In simple words: मेढक जैसे उभयचर पानी में तैरने के लिए जालीदार पैरों का और ज़मीन पर कूदने के लिए मजबूत मांसपेशियों का इस्तेमाल करते हैं। वे पानी में त्वचा से और ज़मीन पर फेफड़ों से सांस लेते हैं।
🎯 Exam Tip: उभयचरों की दोहरी जीवनशैली और उनके श्वसन के दोहरे तरीकों पर ध्यान केंद्रित करें.
Question 8. वायुवीय जन्तुओं में अनुकूलन का संक्षेप में वर्णन कीजिए ।
Answer:
1. पक्षियों का शरीर हवा में उड़ने के लिए खास तरह से बना होता है। उनका शरीर नाव के आकार का और चिकना होता है ताकि हवा आसानी से कट जाए। उनके आगे के पैर पंखों में बदल जाते हैं, जो उन्हें उड़ने में मदद करते हैं। पक्षियों की हड्डियाँ अंदर से खोखली और हवा से भरी होती हैं, जिससे उनका शरीर हल्का हो जाता है। उनके फेफड़ों से जुड़े वायुकोष भी उड़ते समय शरीर को हल्का रखने में सहायक होते हैं। तोता, कबूतर और गौरैया इसके अच्छे उदाहरण हैं।
2. कीटों का शरीर भी उड़ने के लिए हल्का और छोटा होता है। जब वे उड़ते हैं, तो वे अपने दो जोड़ी पंख फैलाते हैं। उनके शरीर में छोटे-छोटे छेद (श्वासरन्ध्र) होते हैं जिनसे हवा अंदर-बाहर आती-जाती है। यह भी उनके शरीर को हल्का बनाए रखने में मदद करता है। तितली, मधुमक्खी और घरेलू मक्खी कीटों के उदाहरण हैं। उड़ना एक ऊर्जा-गहन प्रक्रिया है, इसलिए हल्का शरीर एक महत्वपूर्ण अनुकूलन है।
In simple words: हवा में उड़ने वाले जीवों, जैसे पक्षियों और कीटों, का शरीर हल्का और उड़ने के लिए खास तरह से बना होता है। पक्षियों के पंख और खोखली हड्डियाँ होती हैं, जबकि कीटों के भी पंख और हल्के शरीर होते हैं।
🎯 Exam Tip: वायुवीय अनुकूलन में पक्षियों और कीटों दोनों के अनुकूलन की मुख्य विशेषताओं को याद रखें, जैसे हल्का शरीर और पंखों की संरचना.
Question 9. मंदार किस वातावरण में उगने वाला पौधा है?
Answer: मदार स्थलीय वातावरण में उगने वाला पौधा है। यह पौधा आमतौर पर सूखे और रेतीले इलाकों में पाया जाता है, जहाँ पानी की उपलब्धता कम होती है।
In simple words: मदार का पौधा ज़मीन पर उगता है, खासकर सूखे इलाकों में।
🎯 Exam Tip: पौधों के नाम और उनके प्राकृतिक आवास को याद रखें.
Question 10. किन्हीं दो उभयचर जन्तुओं के नाम लिखिए।
Answer: दो उभयचर जन्तुओं के नाम मेढक और सैलामैंडर हैं। ये दोनों जीव पानी और ज़मीन दोनों पर रह सकते हैं।
In simple words: मेढक और सैलामैंडर दो ऐसे जानवर हैं जो पानी और ज़मीन दोनों पर रहते हैं।
🎯 Exam Tip: उभयचरों के उदाहरणों को याद रखना महत्वपूर्ण है.
Question 11. जलीय अनुकूलन में पंख की भूमिका बताइये ।
Answer: जलीय जीवों में पंख उन्हें पानी में आसानी से तैरने में मदद करते हैं। पंखों के आकार और गति से वे पानी में आगे बढ़ते हैं और संतुलन बनाए रखते हैं।
In simple words: पानी में रहने वाले जीवों के पंख उन्हें तैरने में मदद करते हैं।
🎯 Exam Tip: जलीय जीवों के अंगों और उनके कार्यों को समझें, खासकर पंखों की भूमिका को.
Question 12. अपने आस-पास भ्रमण करके जलीय, स्थलीय व वायवीय पक्षियों एवं पौधों के नाम लिखिए।
Answer:
| जलीय | स्थलीय | वायवीय | |
|---|---|---|---|
| पक्षी/जन्तु | मछली, मेढक | बिल्ली, कुत्ता, सियार | तितली, कबूतर, चिड़िया |
| पौधे | सिंघाड़ा, कुमुदिनी, हाइड्रिला | नागफनी, नीम, आम, अमरूद |
In simple words: हमने अपने आसपास के माहौल में पाए जाने वाले पानी वाले, ज़मीन वाले और हवा में उड़ने वाले जानवरों और पौधों के कुछ नाम दिए हैं।
🎯 Exam Tip: विभिन्न आवासों के जीवों और पौधों के उदाहरणों को याद रखें, क्योंकि यह अनुकूलन को समझने में मदद करता है.
Question 13. मरुस्थलीय अनुकूलन के लिए ऊँट में किस प्रकार की विशेषताएँ पायी जाती हैं?
Answer: ऊँट में रेगिस्तान में रहने के लिए कई खास खूबियाँ होती हैं। इनमें पानी जमा करने की अच्छी क्षमता होती है, जिससे वे लंबे समय तक बिना पानी पिए रह सकते हैं। इनकी त्वचा खुरदरी होती है और पैर लंबे होते हैं, ताकि वे गर्म रेत से दूर रहें। साथ ही, उनके तलवे गद्देदार होते हैं, जिससे उन्हें रेत पर आसानी से चलने में मदद मिलती है। ये सभी गुण ऊँट को रेगिस्तानी जीवन के लिए पूरी तरह अनुकूल बनाते हैं।
In simple words: ऊँट पानी जमा कर सकता है, उसकी त्वचा खुरदरी और पैर लंबे होते हैं, और उसके तलवे गद्देदार होते हैं। ये सब उसे रेगिस्तान में रहने में मदद करते हैं।
🎯 Exam Tip: ऊँट के शरीर की विभिन्न विशेषताओं और वे रेगिस्तान में कैसे जीवित रहने में मदद करती हैं, इसे विस्तार से समझें.
Question 14. पक्षियों में उड़ने के लिए अनुकूलन किन विशेषताओं के कारण होता है।
Answer: पक्षियों में उड़ने के लिए कई खास अनुकूलन होते हैं। उनके आगे के पैर पंखों में बदल जाते हैं, जो उन्हें हवा में ऊपर उठाने और आगे बढ़ने में मदद करते हैं। उनकी हड्डियाँ अंदर से खोखली होती हैं और उनमें हवा भरी होती है, जिससे उनका शरीर बहुत हल्का हो जाता है। फेफड़ों से जुड़े वायुकोष भी उनके शरीर को हल्का और मज़बूत बनाए रखते हैं, जो उड़ने के लिए बहुत ज़रूरी है। यह संरचनात्मक अनुकूलन उन्हें प्रभावी ढंग से उड़ान भरने में सक्षम बनाता है।
In simple words: पक्षियों के पंख उनके आगे के पैरों से बने होते हैं। उनकी हड्डियाँ खोखली और हल्की होती हैं, और उनके शरीर में हवा के थैले होते हैं, जो उन्हें उड़ने में मदद करते हैं।
🎯 Exam Tip: पक्षियों के उड़ान के लिए महत्वपूर्ण शारीरिक अनुकूलन, जैसे पंखों का विकास और हड्डियों की संरचना, को अच्छी तरह समझें.
Free study material for Science
UP Board Solutions Class 6 Science Chapter 7 Jeevon mein anukoolan
Students can now access the UP Board Solutions for Chapter 7 Jeevon mein anukoolan prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 6 Science textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest UP Board syllabus.
Detailed Explanations for Chapter 7 Jeevon mein anukoolan
Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 6 Science chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 6 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these UP Board Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.
Benefits of using Science Class 6 Solved Papers
Using our Science solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 6 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 7 Jeevon mein anukoolan to get a complete preparation experience.
FAQs
The complete and updated UP Board Solutions Class 6 Science Chapter 7 Jeevon mein anukoolan is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 6 Science are as per latest UP Board curriculum.
Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 6 Science Chapter 7 Jeevon mein anukoolan as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 6 Science Chapter 7 Jeevon mein anukoolan will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 6 Science. You can access UP Board Solutions Class 6 Science Chapter 7 Jeevon mein anukoolan in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 6 Science Chapter 7 Jeevon mein anukoolan in printable PDF format for offline study on any device.