Here are reliable UP Board Solutions for Class 6 Science Chapter 14 प्रकाश matching the 2026 27 academic session standards. Built around recent UP Board textbook frameworks for Class 6 Science, these expert answers help students learn quickly and are ready for free PDF download.
UP Board Textbook Solutions for Class 6 Science Chapter 14 प्रकाश
Check out these UP Board textbook questions for Class 6 to strengthen your basic knowledge. Our Class 6 Science solutions offer structured, step-by-step answers that clarify every concept. Practicing these Chapter 14 प्रकाश solutions guarantees better results in school tests.
Download Solutions: Chapter 14 प्रकाश (Class 6 Science UP Board)
प्रकाश
अभ्यास प्रश्न
Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों में सही विकल्प छाँटिए –
(क) वे पदार्थ जिनसे प्रकाश आंशिक रूप से निर्गत होता है, कहलाते हैं-
(i) प्रदीप्त
(ii) पारदर्शक
(iii) अपारदर्शक
(iv) पारभासी (√)
Answer: (iv) पारभासी
In simple words: वे वस्तुएँ जिनसे होकर प्रकाश थोड़ा-थोड़ा आर-पार निकल पाता है, उन्हें पारभासी कहते हैं।
🎯 Exam Tip: पारभासी वस्तुओं को याद रखने के लिए उनके उदाहरण जैसे घिसा हुआ काँच या तेल लगा कागज ध्यान में रखें.
(ख) किस प्रकाश स्रोत से उपछाया नहीं बनती
(i) बिन्दु प्रकाश स्रोत (√)
(ii) सूर्य
(iii) सभी प्रकाश स्रोत
(iv) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Answer: (i) बिन्दु प्रकाश स्रोत
In simple words: जब प्रकाश का स्रोत बहुत छोटा होता है, तो केवल एक गहरी छाया (प्रच्छाया) बनती है, कोई उपछाया नहीं बनती है।
🎯 Exam Tip: उपछाया तब बनती है जब प्रकाश स्रोत बड़ा हो, इसलिए बिन्दु प्रकाश स्रोत से उपछाया नहीं बनती है.
(ग) जब पृथ्वी की उपछाया से होकर चन्द्रमा गुरता है तब होता है-
(i) पूर्ण चन्द्र ग्रहण
(ii) सूर्य ग्रहण
(iii) खण्ड चन्द्र ग्रहण (√)
(iv) खण्ड सूर्य ग्रहण
Answer: (iii) खण्ड चन्द्र ग्रहण
In simple words: जब चंद्रमा पृथ्वी की हल्की छाया (उपछाया) से गुजरता है, तो हमें खंड चंद्र ग्रहण दिखाई देता है, जिसमें चंद्रमा का कुछ हिस्सा ही ढका हुआ दिखता है.
🎯 Exam Tip: चंद्र ग्रहण के प्रकार पृथ्वी की छाया के किस हिस्से से चंद्रमा गुजरता है, उस पर निर्भर करते हैं.
Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
Answer:
(क) सूर्य और तारे प्राकृतिक प्रकाश स्रोत है, जबकि जलती हुयी मोमबत्ती और विद्युत बल्व मानव निर्मित स्रोत है।
(ख) दीप्त वस्तुएँ स्वयं प्रकाश उत्पन्न करती है जबकि अदीप्त वस्तुएँ स्वयं प्रकाश उत्पन्न नहीं करती हैं।
(ग) सूर्य ग्रहण दिखायी देता है जब चन्द्रमा सूर्य और पृथ्वी के मध्य आ जाता है।
(घ) चन्द्र ग्रहण की घटना पूर्णिमा के दिन होती है।
(ङ) निर्वात में प्रकाश की चाल 3 लाख किमी/सेकेण्ड होती है।
In simple words: इन रिक्त स्थानों में सही शब्द भरकर वाक्यों को पूरा किया गया है. यह शब्द प्रकाश के स्रोत, वस्तुओं के प्रकार और खगोलीय घटनाओं से जुड़े हैं.
🎯 Exam Tip: प्रकाश से जुड़े मूल नियमों, जैसे प्राकृतिक और मानव निर्मित प्रकाश स्रोत, दीप्त और अदीप्त वस्तुएँ, और ग्रहण की घटनाओं को याद रखना महत्वपूर्ण है.
Question 3. निम्नलिखित में स्तम्भ 1 के कथनों का मिलान स्तम्भ 2 के कथनों से कीजिए। (मिलान करके)-
Answer:
| स्तम्भ 'क' | स्तम्भ 'ख' |
|---|---|
| (क) चन्द्रमा | (ब) अदीप्त |
| (ख) सूर्य | (द) दीप्त |
| (ग) ईंट | (अ) अपारदर्शक |
| (घ) ट्रेसिंग पेपर | (य) पारभासी |
| (ङ) साफ काँच | (स) पारदर्शक |
In simple words: कॉलम 'क' की वस्तुओं को कॉलम 'ख' में उनके सही प्रकार या विशेषता से मिलाया गया है. चंद्रमा अदीप्त है, सूर्य दीप्त है, ईंट अपारदर्शक है, ट्रेसिंग पेपर पारभासी है, और साफ काँच पारदर्शक है.
🎯 Exam Tip: वस्तुओं को उनके प्रकाश गुणों के आधार पर दीप्त, अदीप्त, पारदर्शक, पारभासी और अपारदर्शक में वर्गीकृत करना समझें.
Question 4. प्रकाश स्रोत किसे कहते हैं? दो प्राकृतिक तथा दो मानव निर्मित प्रकाश स्रोतों के नाम लिखिए तथा उनकी विशेषतायें बताइये ।
Answer: वे साधन जिनसे हमें प्रकाश की ऊर्जा मिलती है, उन्हें प्रकाश स्रोत कहते हैं. प्रकाश स्रोत दो प्रकार के होते हैं:
1. **प्राकृतिक प्रकाश स्रोत:** ये वे स्रोत हैं जो प्रकृति में पाए जाते हैं और स्वयं प्रकाश उत्पन्न करते हैं.
उदाहरण: सूर्य, तारे.
**विशेषता:** सूर्य और तारे अपने प्रकाश से चमकते हैं. सूर्य पृथ्वी के सबसे निकट का तारा है, इसलिए यह सबसे चमकदार दिखता है.
2. **मानव निर्मित प्रकाश स्रोत (कृत्रिम प्रकाश स्रोत):** ये वे स्रोत हैं जिन्हें मनुष्य अपनी आवश्यकताओं के लिए बनाता है.
उदाहरण: जलती हुई मोमबत्ती, विद्युत बल्ब.
**विशेषता:** ये स्रोत मानव द्वारा बनाए जाते हैं और इनमें ऊर्जा को प्रकाश ऊर्जा में बदला जाता है. ये हमें रात में या अंधेरी जगहों पर रोशनी प्रदान करते हैं.
In simple words: प्रकाश स्रोत वे होते हैं जिनसे हमें रोशनी मिलती है. कुछ स्रोत कुदरती होते हैं जैसे सूरज और तारे, जो खुद चमकते हैं. कुछ इंसान बनाते हैं जैसे मोमबत्ती और बल्ब, जो हमें रोशनी देते हैं.
🎯 Exam Tip: प्रकाश स्रोतों को प्राकृतिक और मानव निर्मित श्रेणियों में बांटते समय, याद रखें कि प्राकृतिक स्रोत स्वयं प्रकाश पैदा करते हैं, जबकि मानव निर्मित स्रोतों को इसके लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है.
Question 5. अपने आस-पास दिखायी पड़ने वाली वस्तुओं में से दीप्त तथा अदीप्त वस्तुओं को छाँटकर लिखिए।
Answer:
**दीप्त वस्तुएँ:** मोमबत्ती, सूर्य, तारे, लैम्प, बल्ब, ट्यूब लाइट, सी.एफ.एल., एल.ई.डी. आदि. ये सभी वस्तुएँ खुद प्रकाश पैदा करती हैं. उदाहरण के लिए, सूर्य एक प्राकृतिक दीप्त स्रोत है जो विशाल मात्रा में ऊर्जा उत्सर्जित करता है.
**अदीप्त वस्तुएँ:** मेज, कुर्सी, चारपायी, पुस्तक, दर्पण, चन्द्रमा आदि. ये वस्तुएँ खुद प्रकाश पैदा नहीं करतीं, बल्कि प्रकाश के पड़ने पर दिखाई देती हैं.
In simple words: जो चीजें खुद रोशनी देती हैं वे दीप्त हैं (जैसे सूरज, बल्ब). जो चीजें खुद रोशनी नहीं देतीं और दूसरों की रोशनी से दिखती हैं वे अदीप्त हैं (जैसे कुर्सी, किताब, चाँद).
🎯 Exam Tip: दीप्त और अदीप्त वस्तुओं में अंतर उनके स्वयं के प्रकाश उत्पन्न करने की क्षमता पर आधारित होता है. दीप्त वस्तुएँ चमकती हैं, अदीप्त वस्तुएँ प्रकाश को परावर्तित करती हैं.
Question 6. पारदर्शी, पारभाषी तथा अपारदर्शी वस्तुओं की परिभाषा लिखिए। अपने आस-पास दिखायी पड़ने वाली वस्तुओं में से पारदर्शी, पारभाषी एवं अपारदर्शी वस्तुओं के नाम लिखिए।
Answer:
**पारदर्शी (Transparent) वस्तुएँ:** ऐसी वस्तुएँ जिनसे होकर प्रकाश पूरी तरह से आर-पार निकल जाता है, उन्हें पारदर्शी वस्तुएँ कहते हैं. हम इनके आर-पार स्पष्ट रूप से देख सकते हैं.
उदाहरण: स्वच्छ काँच, स्वच्छ जल, ग्लिसरीन आदि.
**पारभासी (Translucent) वस्तुएँ:** ऐसी वस्तुएँ जिनसे होकर प्रकाश का केवल थोड़ा-सा भाग बाहर निकल पाता है, उन्हें पारभासी वस्तुएँ कहते हैं. इनके आर-पार चीजें धुंधली दिखाई देती हैं.
उदाहरण: घिसा हुआ काँच, ट्रेसिंग पेपर, तेल लगा हुआ कागज आदि.
**अपारदर्शी (Opaque) वस्तुएँ:** ऐसी वस्तुएँ जिनसे होकर प्रकाश बिलकुल भी नहीं निकल पाता है, उन्हें अपारदर्शी वस्तुएँ कहते हैं. हम इनके आर-पार कुछ भी नहीं देख सकते हैं.
उदाहरण: दफ्ती का टुकड़ा, लकड़ी का टुकड़ा, धातु की चादर, दर्पण आदि. एक धातु की चादर, जैसे कि एल्यूमीनियम फ़ॉइल, अपारदर्शी होती है और प्रकाश को बिल्कुल भी गुजरने नहीं देती है.
In simple words: पारदर्शी वस्तुएँ वो होती हैं जिनके आर-पार साफ दिखता है (जैसे साफ पानी). पारभासी वो होती हैं जिनके आर-पार धुंधला दिखता है (जैसे तेल लगा कागज). अपारदर्शी वो होती हैं जिनके आर-पार कुछ नहीं दिखता (जैसे लकड़ी).
🎯 Exam Tip: इन तीनों प्रकार की वस्तुओं को समझने के लिए, हमेशा उनके दैनिक जीवन के उदाहरणों को याद रखें और कल्पना करें कि प्रकाश उनसे कैसे गुजरता है.
Question 7. किसी प्रयोग द्वारा सिद्ध कीजिए कि प्रकाश किरणें सरल रेखा में गति करती हैं।
Answer: हम एक आसान प्रयोग से यह दिखा सकते हैं कि प्रकाश सीधी रेखा में चलता है.
**आवश्यक सामग्री:** समान आकार के तीन आयताकार दफ्ती के टुकड़े और एक जलती हुई मोमबत्ती.
**प्रयोग विधि:**
* सबसे पहले, दफ्ती के तीनों टुकड़ों को एक-दूसरे के ऊपर रखकर उनके बीच एक ही जगह पर छेद बना लें.
* एक मेज पर जलती हुई मोमबत्ती रखें.
* दफ्ती के तीनों टुकड़ों को गीली मिट्टी की मदद से सीधा खड़ा करें. उन्हें ऐसे रखें कि तीनों छेदों से होती हुई एक सीधी रेखा बने.
* अब मोमबत्ती को पहले टुकड़े के सामने इस तरह रखें कि मोमबत्ती की लौ छेद के ठीक सामने आ जाए.
* अंतिम दफ्ती के टुकड़े के सामने आँख लगाकर मोमबत्ती की लौ को देखें. आप देखेंगे कि आपको लौ दिखाई देगी, क्योंकि प्रकाश छेदों से होता हुआ सीधे आपकी आँख तक पहुँच रहा है.
* अब, बीच वाले दफ्ती के टुकड़े को थोड़ा-सा हिलाएँ. जब आप दोबारा अंतिम दफ्ती से देखेंगे, तो आपको मोमबत्ती की लौ दिखाई नहीं देगी.
**निष्कर्ष:** ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बीच वाली दफ्ती को हिलाने से तीनों छेदों की सीधी रेखा टूट जाती है, और मोमबत्ती से आने वाला प्रकाश बीच वाले टुकड़े से आगे नहीं जा पाता. इससे यह साबित होता है कि प्रकाश हमेशा सीधी रेखा में चलता है.
In simple words: तीन कार्डबोर्ड में छेद करके उन्हें एक लाइन में रखें और एक जलती मोमबत्ती देखें. जब छेद सीधी लाइन में होंगे तो लौ दिखेगी, लेकिन अगर बीच वाले कार्डबोर्ड को हिला दिया जाए तो लौ नहीं दिखेगी. इससे पता चलता है कि रोशनी सीधी लाइन में चलती है.
🎯 Exam Tip: यह प्रयोग प्रकाश के सरल रेखीय गमन के सिद्धांत को बहुत सरल तरीके से समझाता है. इस प्रयोग के चरणों और निष्कर्ष को स्पष्ट रूप से याद रखें.
Question 8. छाया, प्रच्छाया तथा उपछाया से क्या समझते हैं? प्रयोग द्वारा इनमें अंतर स्पष्ट कीजिए।
Answer: जब किसी विस्तारित प्रकाश स्रोत (बड़े आकार के स्रोत) से किसी अपारदर्शी वस्तु की छाया बनती है, तो वह छाया एक समान गहरी नहीं होती. इस छाया में दो भाग होते हैं:
**प्रच्छाया (Umbra):** छाया का केंद्रीय भाग जो सबसे अधिक गहरा काला होता है, उसे प्रच्छाया कहते हैं. यहाँ प्रकाश की किरणें बिल्कुल नहीं पहुँच पातीं.
**उपछाया (Penumbra):** प्रच्छाया के चारों ओर का हल्का काला भाग उपछाया कहलाता है. इस क्षेत्र में कुछ प्रकाश पहुँच पाता है, जिससे यह प्रच्छाया जितना गहरा नहीं होता.
**प्रयोग द्वारा अंतर स्पष्ट करना:**
**आवश्यक सामग्री:** एक टॉर्च, काला कागज, और एक छोटी गेंद.
**प्रयोग विधि:**
1. **छाया बनाना:** सबसे पहले, काले कागज में एक छोटा छेद करें और उसे टॉर्च के शीशे पर चिपका दें. अब टॉर्च को जलाकर कमरे की दीवार पर चमकाएँ. आपको दीवार पर एक गोलाकार प्रकाशित आकृति दिखेगी. अब जलती हुई टॉर्च के सामने कुछ दूरी पर गेंद रखें. दीवार पर उस प्रकाशित आकृति की जगह एक अंधेरी गोलाकार आकृति दिखेगी - यही गेंद की **छाया** है.
2. **प्रच्छाया और उपछाया बनाना:** अब टॉर्च के शीशे से काले कागज को हटा दें और टॉर्च को फिर से जलाएँ. गेंद को पहले जितनी दूरी पर ही रखें. अब आप दीवार पर एक गहरी काली गोलाकार आकृति देखेंगे, जिसके चारों ओर धुंधले प्रकाश का एक चौड़ा छल्ला दिखेगा.
**निष्कर्ष:** यह गहरी काली गोलाकार आकृति **प्रच्छाया (Umbra)** है, और उसके चारों ओर का धुंधला छल्ला **उपछाया (Penumbra)** है. यह दर्शाता है कि जब प्रकाश स्रोत बिन्दुवत नहीं होता, बल्कि विस्तारित होता है, तो प्रच्छाया और उपछाया दोनों बनती हैं. प्रच्छाया वह क्षेत्र है जहाँ प्रकाश बिल्कुल नहीं पहुँचता, और उपछाया वह क्षेत्र है जहाँ प्रकाश आंशिक रूप से पहुँचता है.
In simple words: छाया तब बनती है जब कोई चीज रोशनी को रोकती है. अगर रोशनी का स्रोत बड़ा हो, तो छाया के दो हिस्से होते हैं: बीच का गहरा काला हिस्सा प्रच्छाया कहलाता है और उसके चारों ओर का हल्का काला हिस्सा उपछाया कहलाता है.
🎯 Exam Tip: छाया, प्रच्छाया और उपछाया के बीच का अंतर प्रकाश स्रोत के आकार पर निर्भर करता है. बिन्दु प्रकाश स्रोत से केवल प्रच्छाया बनती है, जबकि विस्तारित स्रोत से दोनों बनते हैं.
Question 9. सूर्य ग्रहण कब और चन्द्रग्रहण कब और कैसे लगता है? चित्र खींचकर समझाइये ।
Answer: पृथ्वी और चंद्रमा सूर्य के चारों ओर घूमते रहते हैं. इस दौरान, कभी-कभी वे एक ऐसी स्थिति में आ जाते हैं जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी तीनों एक सीधी रेखा में आ जाते हैं. इससे ग्रहण की घटनाएँ होती हैं.
**सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse):**
**कब लगता है:** सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या के दिन होता है.
**कैसे लगता है:** जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, तो चंद्रमा सूर्य से आने वाली प्रकाश की किरणों को पृथ्वी तक पहुँचने से रोक देता है. इस कारण चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है और हमें सूर्य दिखाई नहीं देता. इसी घटना को सूर्य ग्रहण कहते हैं. चंद्रमा की यह छाया पृथ्वी पर पड़ती है, जिससे कुछ इलाकों में दिन में भी अंधेरा छा जाता है.
**चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse):**
**कब लगता है:** चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा के दिन होता है.
**कैसे लगता है:** जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, तो पृथ्वी सूर्य से आने वाली प्रकाश की किरणों को चंद्रमा तक पहुँचने से रोक देती है. इस कारण चंद्रमा पर सूर्य का प्रकाश नहीं पहुँच पाता और हमें चंद्रमा दिखाई नहीं देता. इसी घटना को चंद्र ग्रहण कहते हैं. पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, जिससे चंद्रमा धीरे-धीरे अंधेरा हो जाता है या लाल रंग का दिखने लगता है.
*चित्र 14.6 सूर्य ग्रहण को दर्शाता है, जिसमें चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच में होता है.*
In simple words: सूर्य ग्रहण तब होता है जब चाँद, सूरज और धरती के बीच में आ जाता है (अमावस्या को). चंद्र ग्रहण तब होता है जब धरती, सूरज और चाँद के बीच में आ जाती है (पूर्णिमा को). इन घटनाओं में एक खगोलीय पिंड दूसरे के प्रकाश को रोक देता है.
🎯 Exam Tip: सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण की घटनाओं को समझने के लिए, हमेशा तीनों खगोलीय पिंडों (सूर्य, चंद्रमा, पृथ्वी) की सही स्थिति और उनके कारण होने वाले प्रभावों को याद रखें. साथ ही, याद रखें कि सूर्य ग्रहण अमावस्या को और चंद्र ग्रहण पूर्णिमा को होता है.
Free study material for Science
UP Board Solutions for Class 6 Science Chapter 14 प्रकाश
UP Board Solutions Class 6 Science Chapter 14 प्रकाश
Review complete, accurate UP Board Solutions for Chapter 14 प्रकाश curated specifically for students. Spanning all end-of-chapter exercises in your Class 6 Science textbook, these guides reflect the most recent updates issued under the official UP Board syllabus.
Concept-Driven Answers for Better Clarity
Our faculty has formulated detailed, step-by-step explanations for challenging problems across the Class 6 Science chapter. Beyond giving direct outcomes, we break down the underlying theories to foster genuine topic comprehension. Ideal for Class 6 learners tackling both theoretical and numerical questions, reviewing these UP Board Questions and Answers significantly strengthens fundamental concepts.
Maximizing Study Efficiency with Solved Guides
Integrating our Science solution guides into your routine enhances cognitive pacing and accuracy. These resources act as an effective roadmap for Class 6 homework tasks, which can be augmented further using our curated Revision Notes and Sample Papers for Chapter 14 प्रकाश to ensure comprehensive exam coverage.
FAQs
The complete and updated UP Board Solutions Class 6 Science Chapter 14 प्रकाश is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 6 Science are as per latest UP Board curriculum.
Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 6 Science Chapter 14 प्रकाश as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 6 Science Chapter 14 प्रकाश will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 6 Science. You can access UP Board Solutions Class 6 Science Chapter 14 प्रकाश in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 6 Science Chapter 14 प्रकाश in printable PDF format for offline study on any device.