UP Board Solutions Class 6 History Chapter 1 Kaise pata karein kab kya hua tha (Itihas janne ke srot)

Step-by-Step Textbook Solutions for Class 6 History Chapter 01 Kaise pata karein kab kya hua tha (इतिहास जानने के स्रोत)

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Question 1. इस सिक्के को देखकर आप और क्या पता कर सकते हैं? बताइए ।
Answer: यह सिक्का गुप्त शासक कुमारगुप्त प्रथम का है। इस सिक्के पर उन्हें घोड़े पर सवार दिखाया गया है। इससे पता चलता है कि वे एक बहुत अच्छे घुड़सवार थे। सिक्के हमें यह भी बताते हैं कि उस समय के शासक कौन थे, वे क्या पसंद करते थे, और उस समय की कला कैसी थी। प्रत्येक सिक्का उस समय की संस्कृति और आर्थिक स्थिति का एक छोटा सा टुकड़ा होता है, जो इतिहास को समझने में हमारी मदद करता है। इस तरह, मुद्राएँ इतिहास को जानने और लिखने में बहुत मदद करती हैं।
In simple words: सिक्के पर राजा कुमारगुप्त प्रथम घोड़े पर हैं, मतलब वे अच्छे घुड़सवार थे। सिक्के हमें राजा और उस समय के बारे में बहुत कुछ सिखाते हैं।

🎯 Exam Tip: इतिहास के स्रोतों के बारे में लिखते समय, हमेशा स्पष्ट रूप से बताएँ कि प्रत्येक स्रोत से हमें कौन सी विशेष जानकारी मिलती है।

अभ्यास

 

Question 1. उत्तर लिखिए -

(क) प्राचीन काल के मानव किस-किस पर अपने अभिलेख लिखते थे और क्यों?
Answer: पुराने समय के लोग अपने लेख ताड़पत्रों (ताड़ के पत्तों), भोजपत्रों (भोज वृक्ष की छाल), और तांबे के पत्थरों पर लिखते थे। कभी-कभी वे बड़ी चट्टानों, खंभों, पत्थर की दीवारों, या छोटे-छोटे मिट्टी और पत्थर के टुकड़ों पर भी अपने लेख लिखा करते थे। वे ऐसा इसलिए करते थे क्योंकि उस समय कागज बनाने का तरीका पता नहीं था। ये अभिलेख हमें उन लोगों की भाषा और उनके जीवन के बारे में जानने में मदद करते हैं।
In simple words: पुराने समय के लोग पत्तों, छाल और पत्थरों पर लिखते थे। क्योंकि तब कागज नहीं बना था।

🎯 Exam Tip: अभिलेखों के लिए उपयोग की जाने वाली विभिन्न सामग्रियों के नाम याद रखें और साथ ही उनके उपयोग का कारण भी स्पष्ट करें।

(ख) पाठ में आपने सम्राट अशोक के किस अभिलेख के बारे में जाना ?
Answer: हमने इस पाठ में सम्राट अशोक के लुम्बिनी अभिलेख के बारे में पढ़ा है। यह अभिलेख सम्मिनदेई अभिलेख का ही एक हिस्सा है। इसमें सम्राट अशोक ने यह बताया था कि लुंबिनी में फसल के उत्पादन का आठवाँ हिस्सा कर के रूप में लिया जाएगा। यह अभिलेख अशोक के शासनकाल की आर्थिक नीतियों को दर्शाता है।
In simple words: पाठ में हमने अशोक के लुम्बिनी अभिलेख के बारे में जाना। इसमें अशोक ने कहा था कि लुंबिनी से फसल का आठवाँ हिस्सा टैक्स के रूप में लिया जाएगा।

🎯 Exam Tip: प्रमुख शासकों से जुड़े महत्वपूर्ण अभिलेखों को उनके स्थानों और मुख्य संदेशों के साथ याद रखना चाहिए।

(ग) इतिहास लेखन में सिक्के एवं अभिलेख किस प्रकार सहायक होते हैं ? लिखिए।
Answer: सिक्के और अभिलेख इतिहास को लिखने में बहुत खास होते हैं। सिक्कों से हमें उस समय के राजा का नाम, उनका समय, सिक्के की बनावट से कला और उसमें लगी धातु से उस समय की आर्थिक स्थिति (पैसों की हालत) के बारे में पता चलता है। अभिलेखों से राजा का नाम, उनके नियम, शासन का समय, लिखने का तरीका, भाषा, उनके राज्य का फैलाव और उस समय के लोगों की संस्कृति के बारे में जानकारी मिलती है। ये दोनों स्रोत मिलकर हमें अतीत की एक पूरी तस्वीर बनाने में मदद करते हैं।
In simple words: सिक्के हमें राजा, कला और आर्थिक स्थिति बताते हैं। अभिलेख राजा के नियम, भाषा, राज्य और संस्कृति की जानकारी देते हैं।

🎯 Exam Tip: सिक्कों और अभिलेखों से मिलने वाली विभिन्न प्रकार की जानकारियों को अलग-अलग बिंदुओं में प्रस्तुत करें ताकि उत्तर स्पष्ट हो।

(घ) मेगस्थनीज की पुस्तक का नाम क्या था?
Answer: मेगस्थनीज ने एक किताब लिखी थी, जिसका नाम 'इण्डिका' था। यह पुस्तक प्राचीन भारत के समाज और प्रशासन पर बहुत महत्वपूर्ण जानकारी देती है।
In simple words: मेगस्थनीज की किताब का नाम इण्डिका था।

🎯 Exam Tip: प्राचीन यात्रियों और लेखकों की महत्वपूर्ण पुस्तकों के नाम और उनके विषयों को याद रखना सहायक होता है।

(ङ) इतिहास जानने के पुरातात्विक व साहित्यिक साधनों (स्रोतों) का वर्णन कीजिए ।
Answer: इतिहास जानने के लिए हमें पुरातात्विक (पुरानी चीजें) और साहित्यिक (लिखी हुई किताबें) दोनों तरह के स्रोतों से मदद मिलती है। इन स्रोतों की मदद से इतिहासकार और पुरातत्ववेत्ता पुराने समय की बातों को जोड़ते हैं। इतिहासकार इन स्रोतों से उस समय की खेती-बाड़ी, पशुपालन, काम करने वालों, शिल्प, व्यापार, नाप-तौल और पैसों के लेन-देन और कर (टैक्स) के आधार पर लोगों की आर्थिक स्थिति का पता लगाते हैं। वे घर-परिवार, महिलाओं की हालत, पढ़ाई-लिखाई, रहन-सहन, खाने-पीने, कपड़े, मनोरंजन और त्योहारों से सामाजिक स्थिति बताते हैं। साथ ही, शासकों, प्रजा, प्रशासन, सुरक्षा और सेना के बारे में जानकारी से राजनीतिक स्थिति का पता चलता है। इसी तरह, कला, व्यवहार, ज्ञान, धार्मिक विश्वास, देवी-देवताओं और पूजा-पाठ से धार्मिक और सांस्कृतिक स्थिति का पता लगाते हैं। ये सभी स्रोत मिलकर एक बड़ी पहेली के टुकड़ों की तरह होते हैं, जिनसे हम अतीत की पूरी कहानी को समझ पाते हैं।
In simple words: इतिहास जानने के लिए हमें पुरानी चीजों (पुरातात्विक) और किताबों (साहित्यिक) से मदद मिलती है। ये हमें खेती, व्यापार, समाज, राजा और धर्म के बारे में बताते हैं।

🎯 Exam Tip: पुरातात्विक और साहित्यिक स्रोतों के उदाहरणों के साथ उनकी भूमिका को स्पष्ट करें, और बताएँ कि वे किस प्रकार की जानकारी देते हैं।

 

Question 2. अन्तर स्पष्ट कीजिए -
Answer: इतिहास को समझने के लिए समय को तीन मुख्य भागों में बाँटा गया है, जिनमें अंतर समझना महत्वपूर्ण है:
(क) **प्राक् ऐतिहासिक काल:** यह वह समय है जब हमारे पास कोई भी लिखी हुई जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस समय के बारे में जानने के लिए हमें केवल जमीन की खुदाई में मिली पुरानी चीजों, जैसे औजारों और बर्तनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
(ख) **आद्य ऐतिहासिक काल:** यह वह समय है जब लिखी हुई सामग्री तो मिली है, लेकिन उसे अभी तक पढ़ा नहीं जा सका है। हड़प्पा सभ्यता इस काल का एक प्रमुख उदाहरण है, जहाँ की लिखावट को समझना अभी बाकी है।
(ग) **ऐतिहासिक काल:** यह वह समय है जब हमारे पास लिखी हुई सामग्री मौजूद है और उसे सफलतापूर्वक पढ़ा भी जा सकता है। इससे हमें उस काल की घटनाओं, समाजों और संस्कृतियों के बारे में विस्तृत जानकारी मिलती है।
इन कालों को बांटना हमें मानव सभ्यता के विकास के अलग-अलग चरणों को समझने में मदद करता है।
In simple words: प्राक् ऐतिहासिक काल में कोई लिखावट नहीं मिली। आद्य ऐतिहासिक काल में लिखावट मिली पर पढ़ नहीं पाए। ऐतिहासिक काल में लिखावट मिली और उसे पढ़ भी लिया गया।

🎯 Exam Tip: तीनों कालों के बीच मुख्य अंतर को स्पष्ट रूप से लिखें, विशेष रूप से लिखित साक्ष्य की उपलब्धता और उसे पढ़ने की क्षमता के आधार पर।

 

Question 3. निम्नलिखित से आप क्या समझते हैं?
Answer:
(अ) **पुरातत्ववेत्ता:** पुरातत्ववेत्ता वे लोग होते हैं जो जमीन की खुदाई बहुत ध्यान से करवाते हैं और मिली हुई पुरानी चीजों को समझते हैं। वे इन छोटी-छोटी चीजों जैसे बर्तन, औजार या पुरानी इमारतों के अवशेषों से अतीत की जानकारी निकालते हैं। इन चीजों से हमें पुराने समय के बारे में पता चलता है।
(ब) **इतिहासकार:** इतिहासकार वे लोग होते हैं जो अतीत की घटनाओं, सबूतों और मिली हुई जानकारियों के आधार पर बीते हुए समय की कहानी बताते हैं। वे खेती-बाड़ी, पशुपालन, व्यापार, नाप-तौल और पैसों के लेन-देन जैसी बातों से उस समय की आर्थिक हालत समझाते हैं। वे समाज में जाति-पाति, परिवार, महिलाओं की स्थिति, शिक्षा, खान-पान, कपड़े, मनोरंजन और त्योहारों से सामाजिक स्थिति का वर्णन करते हैं। साथ ही, राजनैतिक (राजाओं के नियम), धार्मिक और सांस्कृतिक स्थितियों का भी वर्णन करते हैं।
ये दोनों ही विशेषज्ञ मिलकर हमें यह समझने में मदद करते हैं कि हमारा अतीत कैसा था और हमने वहाँ से क्या सीखा।
In simple words: पुरातत्ववेत्ता जमीन खोदकर पुरानी चीजें खोजते हैं और उनसे इतिहास समझते हैं। इतिहासकार मिले हुए तथ्यों से पुराने समय की आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक कहानी बताते हैं।

🎯 Exam Tip: इन दोनों शब्दों की परिभाषा देते समय, उनके कार्यक्षेत्र और वे किस प्रकार की जानकारी पर ध्यान केंद्रित करते हैं, इसे स्पष्ट करें।

 

Question 4. सही कथन पर सही (√) का निशान एवं गलत कथन पर गलत (X) का निशान लगाइए
Answer:
(क) प्राक् (पूर्व) इतिहास जानने के लिए हमारे पास लिखित सामग्री है। (X)
(ख) प्राचीन काल के मानव कागज पर लिखते थे । (X)
(ग) सिक्कों एवं अभिलेखों से भी ऐतिहासिक जानकारी मिलती है। (√)
(घ) राजतरंगिणी कौटिल्य (चाणक्य) की रचना है। (X)
(ङ) वेद धार्मिक साहित्य है। (√)
(च) फाह्यान मौर्य काल में भारत आया था। (X)
In simple words: यह सवाल आपको कुछ बातों के सही या गलत होने के बारे में बताना सिखाता है। सही बात पर सही का निशान लगाएँ और गलत बात पर गलत का।

🎯 Exam Tip: हर कथन को ध्यान से पढ़ें और सुनिश्चित करें कि आप उस विषय के बारे में सही जानकारी रखते हैं, ताकि गलतियों से बच सकें।

 

Question 5. आप सारनाथ स्तूप देखने जा रहे हैं। स्तूप के बारे में आप क्या-क्या जानना चाहेंगे? अपनी जानकारी के लिए कुछ प्रश्न बनाइए ।
Answer: यह प्रश्न रचनात्मक है और इसका उत्तर छात्रों को स्वयं देना चाहिए। हालांकि, सारनाथ स्तूप के विषय में जानने योग्य कुछ संभावित प्रश्न यहाँ दिए गए हैं:
(क) इसका निर्माण कब हुआ?
(ख) इसका निर्माण किसने करवाया?
(ग) इसके निर्माण के पीछे उद्देश्य क्या था?
(घ) इसका डिजाइन बनानेवाला वास्तुकार कौन था?
(ङ) इसके निर्माण में कितना धन व्यय हुआ?
ऐसे प्रश्नों को बनाने से आप किसी भी ऐतिहासिक स्थल या विषय के बारे में गहरी समझ विकसित कर सकते हैं।
In simple words: जब आप सारनाथ स्तूप देखने जाएँ, तो उसके बारे में जानने के लिए अपने मन में सवाल बनाएँ। जैसे, यह कब बना, किसने बनवाया, और क्यों बनवाया।

🎯 Exam Tip: जब भी कोई प्रश्न आपको अपनी कल्पना या जानकारी के आधार पर सवाल बनाने को कहे, तो हमेशा स्पष्ट और सीधे सवाल पूछें जो जानकारी निकालने में मदद करें।

प्रोजेक्ट वर्क -

 

Question 6. वर्तमान में प्रचलित सिक्कों के चित्र बनाइए, और उनकी विशेषताएँ भी लिखिए ।
Answer:
**चित्र बनाना:** विद्यार्थी अपने आप वर्तमान में चल रहे सिक्कों का चित्र बनाएँ।
**विशेषताएँ:**
* आजकल अधिकतर सिक्के सस्ती धातुओं से बनते हैं और उनका मूल्य सरकार तय करती है।
* इसका मतलब है कि सिक्के का मूल्य सरकार के आदेश से निर्धारित होता है, न कि उसमें लगी धातु की कीमत से।
* अंतरराष्ट्रीय व्यापार में, ये सिक्के देश की मुद्रा के रूप में मुक्त बाजार द्वारा तय किए जाते हैं।
* सिक्कों को इस तरह बनाया जाता है कि उनका सरकारी मूल्य, उसमें लगी धातु के मूल्य से कम हो।
* आज के सिक्के ठोस धातु के बने होते हैं और गोल आकार के होते हैं, उनका कोई विशेष रूप नहीं होता है।
सिक्कों का डिज़ाइन और उनमें इस्तेमाल की गई धातु समय के साथ बदलती रहती है, जो आर्थिक परिवर्तनों को दर्शाती है।
In simple words: आज के सिक्के सस्ती धातुओं से बनते हैं, सरकार उनका मूल्य तय करती है, और वे आमतौर पर गोल व ठोस होते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रोजेक्ट वर्क में, चित्र बनाने के साथ-साथ उसकी विशेषताओं को भी विस्तार से बताना महत्वपूर्ण है, ताकि आपका काम पूरा और जानकारीपूर्ण लगे।

 

Question 7. अपने शहर/क्षेत्र/गाँव के विषय में अपने बड़ों/स्थानीय संग्रहालयों एवं कार्यालय से निम्नलिखित जानकारी प्राप्त कीजिए - नोट – विद्यार्थी स्वयं करें।
Answer: यह एक गतिविधि है जिसे छात्रों को स्वयं अपने क्षेत्र के बारे में जानकारी जुटाकर पूरा करना है। इसके लिए उन्हें अपने बड़ों, स्थानीय संग्रहालयों या कार्यालयों से संपर्क करना होगा। ऐसी परियोजनाएँ आपको अपने समुदाय और उसके इतिहास से जुड़ने का एक शानदार अवसर देती हैं।
In simple words: छात्रों को अपने शहर या गाँव के बारे में जानकारी खुद से इकट्ठा करनी है, बड़ों या स्थानीय जगहों से पूछकर।

🎯 Exam Tip: ऐसी गतिविधियों में हमेशा अपने स्रोतों का उल्लेख करें और जो जानकारी आपने जुटाई है, उसे व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करें।

History Class 6 Curriculum Solutions: Chapter 01 Kaise pata karein kab kya hua tha (इतिहास जानने के स्रोत)

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