UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 2 Apna Sthan Swayam Banaiye

Get the most accurate UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 2 अपना स्थान स्वयं बनाएं here. Updated for the 2026 27 academic session, these solutions are based on the latest UP Board textbooks for Class 6 Hindi. Our expert-created answers for Class 6 Hindi are available for free download in PDF format.

Detailed Chapter 2 अपना स्थान स्वयं बनाएं UP Board Solutions for Class 6 Hindi

For Class 6 students, solving UP Board textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 6 Hindi solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 2 अपना स्थान स्वयं बनाएं solutions will improve your exam performance.

Class 6 Hindi Chapter 2 अपना स्थान स्वयं बनाएं UP Board Solutions PDF

पाठका सर (सारांश)

एक बार एक राजा ने अपने मंत्री को एक अच्छे आदमी को ढूंढने के लिए कहा। मंत्री ने बहुत खोजबीन के बाद एक नौजवान को राजा के पास लाया, जो पहले से अच्छी नौकरी कर रहा था। मंत्री ने उसे बेहतर तरक्की का भरोसा दिया था। पर राजा को यह बात याद नहीं रही। कुछ देर बाद राजा ने कहा कि उन्हें अभी किसी की ज़रूरत नहीं है। मंत्री ने याद दिलाया कि उसने इस नौजवान को हजारों में से चुना है और उसकी अच्छी नौकरी भी छुड़वा दी है। राजा ने सोचा और कहा कि अभी कोई काम नहीं है, लेकिन अगर मंत्री कह रहे हैं तो उसे दफ्तर में चपरासी रखा जा सकता है, जिसमें पंद्रह रुपये वेतन मिलेगा। यह सुनकर मंत्री को बहुत बुरा लगा, लेकिन नौजवान खुश था।
युवक ने मंत्री का शुक्रिया अदा किया और कहा कि उसे राजा की सेवा करने का मौका मिला, वह बहुत खुश है। जब मंत्री उस नौजवान को राजा के दफ्तर छोड़ने गए, तो उन्होंने देखा कि दफ्तर में बहुत धूल और गंदगी है। राजा कभी अपने दफ्तर नहीं आते थे और न ही वहाँ काम करते थे। युवक कई दिनों तक राजा के दफ्तर की सफाई करता रहा। दफ्तर में एक कमरा था, जिसमें राजा को मिले कई कीमती तोहफे कबाड़ की तरह पड़े हुए थे। युवक ने उन कीमती तोहफों को बाजार में बेच दिया। उसे कई हजार रुपये मिले। उन पैसों से उसने दफ्तर के लिए अच्छा फर्नीचर और ज़रूरी सामान खरीदा।
कुछ ही दिनों में युवक ने अपनी मेहनत से दफ्तर को शाही दफ्तर जैसा बना दिया। बचे हुए पैसों को उसने सरकारी खजाने में जमा कर दिया। तभी कुछ शिकायत करने वालों ने राजा से कहा कि युवक पैसे लुटा रहा है। एक दिन राजा गुस्से में दफ्तर गए और उसे देखकर दंग रह गए। राजा ने युवक से पूछा कि दफ्तर की यह सजावट किसके पैसों से हुई है। युवक ने राजा को ऑफिस में कबाड़ की कहानी बताई और यह भी बताया कि बचे हुए पैसे उसने सरकारी खजाने में (UPBoardSolutions.com) जमा कर दिए हैं। राजा युवक से बहुत खुश हुए और उसे अपने राज्य का वित्त मंत्री बना दिया। उसके वित्त मंत्री बनने से दूसरे मंत्रियों को परेशानी होने लगी, क्योंकि वह न तो खुद बेईमानी करता था और न ही किसी मंत्री को बेईमानी करने देता था।
अब जो भी मंत्री राजा के पास जाता, वह उस युवक की कुछ न कुछ शिकायत करता, ताकि वह राजा की नजरों में गिर जाए। एक दिन रात को दो बजे राजा ने अपने सेनापति को बुलाकर कहा कि सभी मंत्रियों को तुरंत, वे जिस भी हालत में हों, उनके घरों से लाकर मेरे सामने पेश किया जाए। कुछ ही देर में सभी मंत्री राजा के सामने थे। वित्त मंत्री को छोड़कर सभी मंत्री शराब पिए हुए थे। सेनापति ने राजा को बताया कि वित्त मंत्री अपने घर पर रात में जागकर खजाने का हिसाब-किताब जोड़ रहे थे और बाकी मंत्री जुआ खेल रहे थे। राजा ने उस युवक से खुश होकर उसे वित्त मंत्री से अपने राज्य का प्रधानमंत्री बना दिया।

प्रश्न - अभ्यास

कुछ करने को - विद्यार्थी स्वयं करें! विचार और कल्पना

 

Question 1. ईमानदारी से कार्य करने का क्या तात्पर्य है? आपको कैसे पता चलता है कि आपके द्वारा कार्य ईमानदारी से किये गए? ईमानदारीपूर्वक कार्य करने के क्या-क्या लाभ हैं?
Answer: ईमानदारी से काम करने का मतलब है कि हमें जो भी काम मिले उसे बिना किसी लालच के पूरा करना चाहिए। जब हम ईमानदारी से काम करते हैं, तो लोग हमारी तारीफ करते हैं। ईमानदारी से काम करने के कई फायदे हैं। इससे लोगों का हम पर भरोसा बढ़ता है। हमें बड़े काम मिलने लगते हैं और हम जीवन में आगे बढ़ते हैं। समाज में मान-सम्मान भी बढ़ता है। ईमानदारी न सिर्फ हमें व्यक्तिगत रूप से फायदा पहुँचाती है, बल्कि समाज में भी अच्छे संबंध बनाने में मदद करती है।
In simple words: ईमानदारी से काम करने का मतलब है बिना लालच के काम करना। इससे लोग आप पर भरोसा करते हैं और आपको बहुत फायदे मिलते हैं।

🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्नों में ईमानदारी की परिभाषा, उसके लाभ और समाज पर उसके प्रभाव को स्पष्ट रूप से समझाएँ।

 

Question 2. राजा के सात मंत्री नशे में पाए गए। नशे के क्या-क्या दुष्परिणाम होते है? अपने विचार लिखिए।
Answer: नशा करना बहुत गलत है। इससे कोई फायदा नहीं होता, सिर्फ नुकसान ही होता है। नशा करने वाला व्यक्ति अपना काम ठीक से नहीं कर पाता। उस पर कोई भरोसा नहीं करता। वह अपने परिवार की देखभाल भी नहीं कर पाता। नशे में रहने वाले लोगों को समाज में इज्जत नहीं मिलती और उनका पैसा और सेहत दोनों खराब होते हैं। नशा सिर्फ व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और पूरे समाज को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।
In simple words: नशा करना बुरा है। यह केवल नुकसान पहुँचाता है। नशा करने वाले लोग काम नहीं कर पाते, भरोसा खो देते हैं, और उनकी सेहत व पैसा खराब हो जाता है।

🎯 Exam Tip: नशे के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों को संक्षेप में बताएँ।

कहानी से

 

Question 1. किसने किससे कहा
Answer:

किसनेकिससे
(क) मुझे अपने लिए एक आदमी की जरूरत है।राजामंत्री से
(ख) मैंने इसे हजारों में से छाँटा है और बढ़िया नौकरी से छुड़ा कर लाया हूँ।मंत्रीराजा से
(ग) मुझे अपने राजा की सेवा करने का मौका मिलेगा।युवकमंत्री से
(घ) इससे अफसरों में ढील और बेईमानी पैदा होगी।वित्त मंत्रीराजा से

🎯 Exam Tip: संवाद आधारित प्रश्नों में हमेशा वक्ता और श्रोता दोनों का सही उल्लेख करें।

 

Question 2. युवक ने कीमती सामान क्यों बेच दिया ?
Answer: युवक ने राजा के दफ्तर के लिए नया फर्नीचर और बाकी जरूरी चीजें खरीदने के लिए राजा से मिले कीमती सामान को बेच दिया। उसने यह कदम इसलिए उठाया ताकि राजा का दफ्तर एक शाही दफ्तर जैसा दिख सके, न कि कबाड़खाना।
In simple words: युवक ने राजा के दफ्तर के लिए नए फर्नीचर और सामान खरीदने के लिए कीमती चीजों को बेच दिया।

🎯 Exam Tip: उत्तर में केवल 'क्यों' का ही नहीं, बल्कि उसके पीछे के उद्देश्य को भी स्पष्ट करें।

 

Question 3. “हुजूर पैसा तो मैं भी डाल सकता था, पर यदि पैसा कम है और इसके लिए पूछताछ न हुई तो इससे अफसरों में बेईमानी और ढील पैदा होगी ।” वित्तमंत्री ने ऐसा क्यों कहा?
Answer: वित्त मंत्री बहुत ईमानदार स्वभाव के थे। उन्हें ज़रा भी बेईमानी पसंद नहीं थी। वे खुद जैसे ईमानदार थे, वैसे ही सभी कर्मचारियों से भी पूरी ईमानदारी की उम्मीद करते थे। वे चाहते थे कि राज्य के सभी लोग अपना काम पूरी सच्चाई से करें। उनकी सोच थी कि अगर छोटे स्तर पर भी पैसे की हेराफेरी पर ध्यान नहीं दिया जाएगा, तो यह बड़े भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे सकता है। इसलिए उन्होंने ऐसा कहा।
In simple words: वित्त मंत्री बहुत ईमानदार थे। वे चाहते थे कि हर कोई ईमानदारी से काम करे, इसलिए उन्होंने कहा कि पैसे की कमी पर पूछताछ न होने से बेईमानी बढ़ सकती है।

🎯 Exam Tip: ऐसे उद्धरण वाले प्रश्नों में चरित्र के व्यक्तित्व और उसकी सोच को अपने शब्दों में व्यक्त करना ज़रूरी है।

 

Question 4. राजा ने युवक को प्रधानमंत्री क्यों बनाया ?
Answer: राजा युवक की ईमानदारी और अपने काम के प्रति उसके समर्पण से बहुत प्रभावित हुए। युवक ने हर काम को पूरी लगन और सच्चाई से किया, जिससे राजा ने उसे प्रधानमंत्री बना दिया। यह दिखाता है कि सच्ची निष्ठा और कड़ी मेहनत हमेशा रंग लाती है और बड़े पुरस्कार दिलाती है।
In simple words: राजा ने युवक को इसलिए प्रधानमंत्री बनाया क्योंकि वह बहुत ईमानदार था और अपने काम को बहुत लगन से करता था।

🎯 Exam Tip: उत्तर में युवक के गुणों और राजा पर उनके प्रभाव को साफ-साफ लिखें।

 

Question 5. कहानी में किस बात ने आपको सबसे ज्यादा प्रभावित किया और क्यों ?
Answer: कहानी में युवक की ईमानदारी, काम के प्रति उसकी लगन और उसका उत्साह देखकर मैं सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। इन अच्छे गुणों के कारण ही वह एक साधारण चपरासी से पहले वित्त मंत्री और फिर प्रधानमंत्री बन पाया। यह कहानी हमें सिखाती है कि किसी भी पद पर रहकर पूरी निष्ठा और मेहनत से काम करने से सफलता जरूर मिलती है।
In simple words: मुझे युवक की ईमानदारी, काम के लिए लगन और उत्साह ने बहुत प्रभावित किया। इन्हीं गुणों के कारण वह एक चपरासी से प्रधानमंत्री बन सका।

🎯 Exam Tip: अपने विचार व्यक्त करते समय, कहानी के मुख्य संदेश और पात्र के गुणों पर ध्यान केंद्रित करें।

भाषा की बात

 

Question 1. निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची लिखिए - राजा, रात, सोना, दिन, खुश, निगाह
Answer: पर्यायवाची शब्द वे होते हैं जिनका मतलब एक जैसा होता है। इस प्रश्न में दिए गए शब्दों के कुछ पर्यायवाची इस प्रकार हैं: राजा का 'नरेश', रात का 'निशा', सोना का 'स्वर्ण', दिन का 'दिवश', खुश का 'प्रसन्न' और निगाह का 'दृष्टि' है। पर्यायवाची शब्द हमें अपनी भाषा को और अधिक समृद्ध और सुंदर बनाने में मदद करते हैं।
In simple words: यहाँ शब्दों के समान अर्थ वाले शब्द दिए गए हैं, जैसे राजा का मतलब नरेश, रात का मतलब निशा, और सोना का मतलब स्वर्ण होता है।

🎯 Exam Tip: पर्यायवाची लिखते समय सुनिश्चित करें कि दिए गए शब्द के कम से कम एक या दो प्रचलित पर्यायवाची ज़रूर लिखें।

 

Question 2. निम्नलिखित शब्दों के विलोम लिखिएं -
Answer:

शब्दविलोमशब्दविलोम
उन्नतिअवनतिअमीरगरीब
कृतज्ञकृतघ्नअच्छाबुरा
बेईमानईमानदार

🎯 Exam Tip: विलोम शब्द लिखते समय हमेशा विपरीत अर्थ वाले शब्द का ही प्रयोग करें।

 

Question 3. निम्नलिखित पंक्तियों में उचित विराम चिहनों का प्रयोग कीजिए -
Answer:

पंक्तिउचित विराम चिह्न
(क) पेन पेन्सिल और रबर लिखने के साधन हैंपेन, पेंसिल और रबर लिखने के साधन हैं।
(ख) क्या आपके विद्यालय में कम्प्यूटर हैक्या आपके विद्यालय में कम्प्यूटर है?
(ग) वाह कितने सुन्दर फूल खिले हैंवाह ! कितने सुंदर फूल खिले हैं।
(घ) गुरु शिष्य विद्यालय की शोभा हैंगुरु-शिष्य विद्यालय की शोभा हैं।

🎯 Exam Tip: विराम चिह्नों का सही प्रयोग वाक्य के अर्थ को स्पष्ट करता है, इसलिए हमेशा सही चिह्न लगाएँ।

 

Question 4. जिन शब्दों के एक से अधिक अर्थ होते हैं उन्हें अनेकार्थी शब्द कहते हैं। जैसे- हार-गले में पहने जाने वाली माला। हार-पराजय । दिये गये अनेकार्थी शब्दों के अर्थ लिखकर उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए - कर, मन, सोना, पत्र
Answer: अनेकार्थी शब्द वे होते हैं जिनके एक से ज्यादा अर्थ होते हैं। यहाँ 'कर', 'मन', 'सोना', और 'पत्र' शब्दों के अलग-अलग अर्थ और उनके उदाहरण दिए गए हैं:

  • कर:
  • (टैक्स) - वह अपना आयकर समय से जमा करता है।
  • (हाथी की सूँड़) - हाथी का कर लंबा होता है।
  • मन:
  • (हृदय) - वह मन का बुरा नहीं है।
  • (तौल की एक इकाई) - उसने मुझे एक मन गेंहूँ दिया है।
  • सोना:
  • (नींद लेना-एक क्रिया) - राहुल को सोने में बहुत आनंद आता है।
  • (एक धातु) - सोने के जेवर महिलाओं को बहुत पसंद होते हैं।
  • पत्र:
  • (पत्ता) - पतझड़ के बाद बसंत में सभी पेड़ों पर नये पत्र लगते हैं।
  • (चिठ्ठी) - मुझे तुम्हारा पत्र मिला ।
अनेकार्थी शब्द भाषा को और भी रोचक और बहुउपयोगी बनाते हैं, जिससे एक ही शब्द से कई बातें कही जा सकती हैं।
In simple words: जिन शब्दों के कई अर्थ हों, वे अनेकार्थी शब्द कहलाते हैं। जैसे 'कर' का मतलब टैक्स और हाथी की सूँड़ दोनों हो सकता है।

🎯 Exam Tip: अनेकार्थी शब्दों का प्रयोग करते समय वाक्य के संदर्भ को ध्यान में रखें ताकि सही अर्थ स्पष्ट हो सके।

 

Question 5. संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं। निम्नलिखित पंक्तियों में आये हुए विशेषणों को रेखांकित कीजिए ।
Answer: संज्ञा या सर्वनाम की खासियत बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं। नीचे दी गई पंक्तियों में आए विशेषण शब्द इस प्रकार हैं:
(क) बढ़िया नौकरी से छुड़ाकर लाया हूँ। (विशेषण: बढ़िया)
(ख) दफ्तर सचमुच शाही दफ्तर हो गया है। (विशेषण: शाही)
(ग) उन्होंने तेज आवाज में पूछा । (विशेषण: तेज)
(घ) उसने राजा को रद्दी लिफ़ाफ़ों की कहानी सुनाई। (विशेषण: रद्दी)
(ङ) सभी मंत्री महल के एक बड़े से कमरे में आ गये । (विशेषण: सभी, बड़े)
(च) सभी मंत्री बहुत लज्जित हुए । (विशेषण: सभी, लज्जित)
विशेषण शब्दों का प्रयोग वाक्यों को अधिक स्पष्ट और आकर्षक बनाता है।
In simple words: विशेषण वे शब्द हैं जो किसी चीज या व्यक्ति की खूबी बताते हैं। इन वाक्यों में 'बढ़िया', 'शाही', 'तेज', 'रद्दी', 'बड़े' और 'लज्जित' शब्द विशेषण हैं।

🎯 Exam Tip: विशेषणों की पहचान करने के लिए 'कैसा', 'कितना' या 'कौन सा' जैसे प्रश्न पूछें।

UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 2 अपना स्थान स्वयं बनाएं

Students can now access the UP Board Solutions for Chapter 2 अपना स्थान स्वयं बनाएं prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 6 Hindi textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest UP Board syllabus.

Detailed Explanations for Chapter 2 अपना स्थान स्वयं बनाएं

Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 6 Hindi chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 6 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these UP Board Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.

Benefits of using Hindi Class 6 Solved Papers

Using our Hindi solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 6 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 2 अपना स्थान स्वयं बनाएं to get a complete preparation experience.

FAQs

Where can I find the latest UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 2 अपना स्थान स्वयं बनाएं for the 2026 27 session?

The complete and updated UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 2 अपना स्थान स्वयं बनाएं is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 6 Hindi are as per latest UP Board curriculum.

Are the Hindi UP Board solutions for Class 6 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 2 अपना स्थान स्वयं बनाएं as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 6 UP Board solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 2 अपना स्थान स्वयं बनाएं will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 2 अपना स्थान स्वयं बनाएं in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 6 Hindi. You can access UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 2 अपना स्थान स्वयं बनाएं in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Hindi UP Board solutions for Class 6 as a PDF?

Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 2 अपना स्थान स्वयं बनाएं in printable PDF format for offline study on any device.