UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 18 Sant Ravidas

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पाठ का सारांश

सन्त रविदास का जन्म काशी में हुआ था। उनके पिता का नाम रग्घू और माता का नाम घुरबिनिया था। रविदास अपने पिता की तरह जूते बनाने का काम बहुत लगन से करते थे। वे समय के पाबंद थे और उनके मधुर व्यवहार के कारण लोग उनसे खुश रहते थे। रविदास साधुओं को बिना पैसे लिए जूते दे देते थे। वे अपना खाली समय अपने गुरु रामानन्द के साथ बिताते थे। एक बार संत रविदास को एक व्यक्ति के लिए जूते बनाने थे, इसलिए वे गंगा स्नान के लिए नहीं जा पाए। उन्होंने तब कहा था, "मन चंगा तो: कठौती में गंगा"। वे अपने वचन के पक्के थे और अंदर से साफ रहने पर जोर देते थे।

रविदास के जन्म के समय समाज में बहुत से अंधविश्वास, धार्मिक दिखावे और छुआछूत जैसी बुराइयाँ थीं। उन्होंने इन्हें दूर करने की कोशिश की। उन्होंने बाहरी दिखावे और सच्ची भक्ति के बीच का अंतर बताया और अपने खुद के भजन गाए। ईश्वर से मिलने के लिए उन्होंने अपने आचरण को शुद्ध रखने और मन में भक्ति जगाने को कहा। रविदास कर्म को ही ईश्वर की भक्ति मानते थे। वे अपना खाली समय साधुओं के साथ बिताने और ईश्वर का भजन करने में लगाते थे।

रविदास के विचारों के अनुसार राम, कृष्ण, करीम, अल्लाह सब एक ही ईश्वर के नाम हैं। सभी धर्म ईश्वर की पूजा करने पर जोर देते हैं। इसलिए ईश्वर के नाम पर बहस करना बेकार है। सभी मनुष्य ईश्वर की संतान हैं और एक जैसे हैं। मनुष्य को घमंड छोड़ कर दूसरों की मदद करनी चाहिए। संत रविदास का कहना था कि इंसान अपने जन्म और पेशे से नहीं, बल्कि अपने अच्छे विचारों, समाज की भलाई के कामों और अच्छे व्यवहार जैसे गुणों से महान बनता है।

अभ्यास

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए -

 

Question 1. सन्त रविदास का पैतृक व्यवसाय क्या था?
Answer: संत रविदास के परिवार का मुख्य काम जूते बनाना था। वह इस काम को बहुत लगन और मेहनत से करते थे, जिससे वे अपने जीवन का गुजारा करते थे।
In simple words: संत रविदास के परिवार का काम जूते बनाना था।

🎯 Exam Tip: प्रश्न में दिए गए व्यवसाय को स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 2. सन्त रविदास के समय समाज में कौन-कौन-सी बुराइयाँ फैली थीं?
Answer: संत रविदास के समय समाज में बहुत सी गलत बातें फैली हुई थीं, जैसे लोगों का अंधविश्वास, धर्म के नाम पर दिखावा और छुआछूत। उन्होंने इन बुराइयों को दूर करने की बहुत कोशिश की।
In simple words: संत रविदास के समय समाज में अंधविश्वास, धार्मिक दिखावा और छुआछूत जैसी बुराइयाँ थीं।

🎯 Exam Tip: समाज में फैली बुराइयों को सूचीबद्ध करते समय स्पष्ट और संक्षिप्त रहें।

 

Question 3. रविदास ईश्वर से मिलने के लिए कौन-सा तरीका बताते हैं?
Answer: संत रविदास कहते थे कि भगवान से मिलने के लिए अपने व्यवहार को शुद्ध रखना और मन में सच्ची भक्ति रखनी चाहिए। वे मानते थे कि अंदर की पवित्रता ही ईश्वर तक पहुंचने का सही मार्ग है।
In simple words: संत रविदास के अनुसार, ईश्वर से मिलने के लिए हमें अपना आचरण साफ रखना चाहिए और मन में भगवान के लिए प्रेम रखना चाहिए।

🎯 Exam Tip: ईश्वर भक्ति और आचरण की पवित्रता जैसे मुख्य बिन्दुओं पर जोर दें।

 

Question 4. मनुष्य को महान बनाने में कौन-से गुण सहायक हैं?
Answer: मनुष्य को महान बनाने के लिए अच्छे विचार, समाज की भलाई के काम और अच्छा व्यवहार बहुत जरूरी होते हैं। ये गुण इंसान को उसके जन्म या जाति से ऊपर उठाते हैं।
In simple words: मनुष्य को महान बनाने में उसके अच्छे विचार, समाज के लिए काम और अच्छा स्वभाव मदद करते हैं।

🎯 Exam Tip: महानता के लिए आवश्यक गुणों को स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध करें।

 

Question 5. संत रविदास के मुख्य विचार क्या थे?
Answer: संत रविदास के मुख्य विचार निम्नलिखित थे:
रविदास के विचार -

  • राम, कृष्ण, करीम, राघव, हरि, अल्लाह, ये सब एक ही ईश्वर के अलग-अलग नाम हैं।
  • सभी धर्मों में ईश्वर की सच्ची पूजा करने पर जोर दिया गया है।
  • वेद, पुराण, कुरान और अन्य धर्मग्रंथ एक ही परमेश्वर की महिमा बताते हैं।
  • ईश्वर के नाम पर किए जाने वाले वाद-विवाद बेकार और बेमानी हैं।
  • सभी मनुष्य ईश्वर की ही संतान हैं, इसलिए ऊँच-नीच का भेदभाव खत्म करना चाहिए।
  • घमंड के बजाय दूसरों की मदद करने की भावना रखनी चाहिए।
  • अपना काम चाहे जैसा भी हो, उसे ईश्वर की पूजा के बराबर मानना चाहिए।
उन्होंने हमेशा एकता और समानता का संदेश दिया।
In simple words: संत रविदास मानते थे कि सभी भगवान एक हैं, धर्मों में सच्ची भक्ति होनी चाहिए, और इंसान को हमेशा दूसरों की मदद करनी चाहिए। वे भेदभाव के खिलाफ थे और अपने काम को भगवान की सेवा मानते थे।

🎯 Exam Tip: संत रविदास के मुख्य विचारों को बिन्दुवार और स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें।

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