Read and download accurate UP Board Solutions for Class 6 Hindi Chapter 18 संत रविदास tailored for the 2026 27 school year. Prepared according to updated UP Board textbook rules for Class 6 Hindi, these expert-written answers for Class 6 Hindi ensure clear understanding and are open for free PDF access.
Detailed Chapter 18 संत रविदास UP Board Solutions for Class 6 Hindi
For Class 6 students, solving UP Board textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 6 Hindi solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 18 संत रविदास solutions will improve your exam performance.
Class 6 Hindi Chapter 18 संत रविदास UP Board Solutions PDF
पाठ का सारांश
सन्त रविदास का जन्म काशी में हुआ था। उनके पिता का नाम रग्घू और माता का नाम घुरबिनिया था। रविदास अपने पिता की तरह जूते बनाने का काम बहुत लगन से करते थे। वे समय के पाबंद थे और उनके मधुर व्यवहार के कारण लोग उनसे खुश रहते थे। रविदास साधुओं को बिना पैसे लिए जूते दे देते थे। वे अपना खाली समय अपने गुरु रामानन्द के साथ बिताते थे। एक बार संत रविदास को एक व्यक्ति के लिए जूते बनाने थे, इसलिए वे गंगा स्नान के लिए नहीं जा पाए। उन्होंने तब कहा था, "मन चंगा तो: कठौती में गंगा"। वे अपने वचन के पक्के थे और अंदर से साफ रहने पर जोर देते थे।
रविदास के जन्म के समय समाज में बहुत से अंधविश्वास, धार्मिक दिखावे और छुआछूत जैसी बुराइयाँ थीं। उन्होंने इन्हें दूर करने की कोशिश की। उन्होंने बाहरी दिखावे और सच्ची भक्ति के बीच का अंतर बताया और अपने खुद के भजन गाए। ईश्वर से मिलने के लिए उन्होंने अपने आचरण को शुद्ध रखने और मन में भक्ति जगाने को कहा। रविदास कर्म को ही ईश्वर की भक्ति मानते थे। वे अपना खाली समय साधुओं के साथ बिताने और ईश्वर का भजन करने में लगाते थे।
रविदास के विचारों के अनुसार राम, कृष्ण, करीम, अल्लाह सब एक ही ईश्वर के नाम हैं। सभी धर्म ईश्वर की पूजा करने पर जोर देते हैं। इसलिए ईश्वर के नाम पर बहस करना बेकार है। सभी मनुष्य ईश्वर की संतान हैं और एक जैसे हैं। मनुष्य को घमंड छोड़ कर दूसरों की मदद करनी चाहिए। संत रविदास का कहना था कि इंसान अपने जन्म और पेशे से नहीं, बल्कि अपने अच्छे विचारों, समाज की भलाई के कामों और अच्छे व्यवहार जैसे गुणों से महान बनता है।
अभ्यास
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए -
Question 1. सन्त रविदास का पैतृक व्यवसाय क्या था?
Answer: संत रविदास के परिवार का मुख्य काम जूते बनाना था। वह इस काम को बहुत लगन और मेहनत से करते थे, जिससे वे अपने जीवन का गुजारा करते थे।
In simple words: संत रविदास के परिवार का काम जूते बनाना था।
🎯 Exam Tip: प्रश्न में दिए गए व्यवसाय को स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 2. सन्त रविदास के समय समाज में कौन-कौन-सी बुराइयाँ फैली थीं?
Answer: संत रविदास के समय समाज में बहुत सी गलत बातें फैली हुई थीं, जैसे लोगों का अंधविश्वास, धर्म के नाम पर दिखावा और छुआछूत। उन्होंने इन बुराइयों को दूर करने की बहुत कोशिश की।
In simple words: संत रविदास के समय समाज में अंधविश्वास, धार्मिक दिखावा और छुआछूत जैसी बुराइयाँ थीं।
🎯 Exam Tip: समाज में फैली बुराइयों को सूचीबद्ध करते समय स्पष्ट और संक्षिप्त रहें।
Question 3. रविदास ईश्वर से मिलने के लिए कौन-सा तरीका बताते हैं?
Answer: संत रविदास कहते थे कि भगवान से मिलने के लिए अपने व्यवहार को शुद्ध रखना और मन में सच्ची भक्ति रखनी चाहिए। वे मानते थे कि अंदर की पवित्रता ही ईश्वर तक पहुंचने का सही मार्ग है।
In simple words: संत रविदास के अनुसार, ईश्वर से मिलने के लिए हमें अपना आचरण साफ रखना चाहिए और मन में भगवान के लिए प्रेम रखना चाहिए।
🎯 Exam Tip: ईश्वर भक्ति और आचरण की पवित्रता जैसे मुख्य बिन्दुओं पर जोर दें।
Question 4. मनुष्य को महान बनाने में कौन-से गुण सहायक हैं?
Answer: मनुष्य को महान बनाने के लिए अच्छे विचार, समाज की भलाई के काम और अच्छा व्यवहार बहुत जरूरी होते हैं। ये गुण इंसान को उसके जन्म या जाति से ऊपर उठाते हैं।
In simple words: मनुष्य को महान बनाने में उसके अच्छे विचार, समाज के लिए काम और अच्छा स्वभाव मदद करते हैं।
🎯 Exam Tip: महानता के लिए आवश्यक गुणों को स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध करें।
Question 5. संत रविदास के मुख्य विचार क्या थे?
Answer: संत रविदास के मुख्य विचार निम्नलिखित थे:
रविदास के विचार -
- राम, कृष्ण, करीम, राघव, हरि, अल्लाह, ये सब एक ही ईश्वर के अलग-अलग नाम हैं।
- सभी धर्मों में ईश्वर की सच्ची पूजा करने पर जोर दिया गया है।
- वेद, पुराण, कुरान और अन्य धर्मग्रंथ एक ही परमेश्वर की महिमा बताते हैं।
- ईश्वर के नाम पर किए जाने वाले वाद-विवाद बेकार और बेमानी हैं।
- सभी मनुष्य ईश्वर की ही संतान हैं, इसलिए ऊँच-नीच का भेदभाव खत्म करना चाहिए।
- घमंड के बजाय दूसरों की मदद करने की भावना रखनी चाहिए।
- अपना काम चाहे जैसा भी हो, उसे ईश्वर की पूजा के बराबर मानना चाहिए।
In simple words: संत रविदास मानते थे कि सभी भगवान एक हैं, धर्मों में सच्ची भक्ति होनी चाहिए, और इंसान को हमेशा दूसरों की मदद करनी चाहिए। वे भेदभाव के खिलाफ थे और अपने काम को भगवान की सेवा मानते थे।
🎯 Exam Tip: संत रविदास के मुख्य विचारों को बिन्दुवार और स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें।
योग्यतां विस्तार
आपके घर पर क्या कार्य (व्यवसाय) होता है? आपको यह कार्य कैसा लगता है? और क्यों?
नोट – विद्यार्थी स्वयं करे ।
Free study material for Hindi
Step-by-Step Textbook Answers: Class 6 Hindi Chapter 18 संत रविदास
Exercise Answers & Explanations: Class 6 Hindi
Review complete, accurate UP Board Solutions for Chapter 18 संत रविदास curated specifically for students. Spanning all end-of-chapter exercises in your Class 6 Hindi textbook, these guides reflect the most recent updates issued under the official UP Board syllabus.
Concept-Driven Answers for Better Clarity
Our educators provide granular, step-by-step explanations for every intricate question within the Class 6 Hindi text. By explaining the reasoning behind each solution, we help Class 6 scholars balance theoretical depth with practical problem-solving. Engaging with these UP Board Questions and Answers builds lasting conceptual clarity.
Effective Self-Study and Homework Assistance
Frequent review of our Hindi content builds strong analytical capabilities and response efficiency. Perfect for structured self-study, these Class 6 problem sets should be supplemented with our official Revision Notes and Sample Papers for Chapter 18 संत रविदास to achieve peak performance in school evaluations.
FAQs
The complete and updated UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 18 संत रविदास is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 6 Hindi are as per latest UP Board curriculum.
Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 18 संत रविदास as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 18 संत रविदास will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 6 Hindi. You can access UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 18 संत रविदास in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 6 Hindi Chapter 18 संत रविदास in printable PDF format for offline study on any device.