Official UP Board Solutions for Class 6 Environmental Studies: Chapter 05 जल संचयन एवं पुनर्भरण
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Chapter-wise Solutions for Environmental Studies: Chapter 05 जल संचयन एवं पुनर्भरण
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जल संचयन एवं पुनर्भरण
अभ्यास
Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) वर्षा जल पुनर्भरण के लाभ बताइए ?
Answer: वर्षा जल के पुनर्भरण से कई फायदे होते हैं, जैसे आवश्यकता के अनुसार पानी मिल जाता है, जमीन के अंदर पानी की मात्रा बढ़ जाती है. इससे शहरों में पानी की समस्या कम होती है, जल स्तर नीचे नहीं गिरता, मिट्टी का कटाव भी कम होता है और खेती की फसलें हरी-भरी रहती हैं. इस प्रक्रिया से भू-जल स्तर में सुधार होता है, जो भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.
In simple words: वर्षा जल को धरती में वापस भेजने से हमें ज़रूरत के हिसाब से पानी मिलता है. इससे जमीन में पानी बढ़ जाता है और शहरों की पानी की दिक्कत दूर होती है.
🎯 Exam Tip: वर्षा जल पुनर्भरण के सभी लाभों को स्पष्ट और संक्षेप में बताएं, जैसे जल स्तर में वृद्धि और कृषि को लाभ।
Question 1. (ख) भू-जल का स्तर नीचे क्यों गिरता जा रहा है ?
Answer: भू-जल का स्तर नीचे गिरने का मुख्य कारण वर्षा की कमी और पानी की बहुत अधिक माँग है. लोग ज़्यादा पानी का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ज़मीन में पानी उतना वापस नहीं जा पाता, जिससे भू-जल का स्तर लगातार गिर रहा है. यह स्थिति पानी की कमी को और भी गंभीर बना देती है.
In simple words: कम बारिश होने और पानी का ज़्यादा इस्तेमाल होने से जमीन के नीचे का पानी घटता जा रहा है.
🎯 Exam Tip: भू-जल स्तर गिरने के दो मुख्य कारणों - वर्षा की कमी और अत्यधिक माँग - को हमेशा याद रखें और बताएं।
Question 1. (ग) भू-जल में वृद्धि कैसे की जा सकती है ?
Answer: भू-जल में वृद्धि वर्षा जल संचयन और पुनर्भरण के ज़रिए की जा सकती है. जब बारिश का पानी इकट्ठा करके ज़मीन में डाला जाता है, तो भू-जल का स्तर धीरे-धीरे ऊपर उठने लगता है. यह पानी को बचाकर भविष्य के लिए तैयार रखने का एक प्राकृतिक तरीका है.
In simple words: बारिश का पानी इकट्ठा करके और उसे ज़मीन में फिर से डालकर हम जमीन के नीचे के पानी को बढ़ा सकते हैं.
🎯 Exam Tip: भू-जल वृद्धि के लिए 'वर्षा जल संचयन' और 'पुनर्भरण' दोनों शब्दों का उपयोग करें, क्योंकि ये प्रमुख विधियाँ हैं।
Question 1. (घ) जनसंख्या वृद्धि का भू-जल पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
Answer: जनसंख्या बढ़ने से भू-जल पर बुरा असर पड़ता है. जैसे-जैसे लोग बढ़ते हैं, उनकी पानी की ज़रूरतें भी बढ़ती जाती हैं, जिससे भू-जल की माँग बढ़ जाती है. इस बढ़ी हुई माँग के कारण भू-जल का स्तर और नीचे गिरता जाता है, क्योंकि पानी का उपयोग ज़्यादा होता है. इस समस्या को दूर करने के लिए पानी के सही इस्तेमाल और पुनर्भरण के तरीकों को अपनाना ज़रूरी है.
In simple words: ज़्यादा लोग होने से पानी की ज़रूरत बढ़ जाती है, जिससे जमीन का पानी और कम होता जाता है.
🎯 Exam Tip: जनसंख्या वृद्धि को सीधे भू-जल की बढ़ती माँग और उसके स्तर में गिरावट से जोड़कर समझाएं।
Question 1. (ङ) वर्षा जल संचयन का अभिप्राय बताइए?
Answer: वर्षा जल संचयन का मतलब है बारिश के पानी को इकट्ठा करना. इस पानी को कुओं, तालाबों और गड्ढों में फिर से भरकर पानी की कमी को दूर किया जाता है. यह एक तरीका है जिससे हम बारिश के पानी को बेकार बहने से रोककर उसका इस्तेमाल कर सकते हैं. ऐसा करने से सूखे के समय पानी की समस्या कम होती है.
In simple words: वर्षा जल संचयन का मतलब है बारिश के पानी को इकट्ठा करके कुओं और तालाबों में फिर से भरना ताकि पानी की कमी न हो.
🎯 Exam Tip: वर्षा जल संचयन की परिभाषा में 'पानी को एकत्र करना' और 'पुनर्भरण' दोनों बिंदुओं को शामिल करें।
Question 1. (च) जल का आपके जीवन में क्या महत्त्व है ?
Answer: पानी का हमारे जीवन में बहुत महत्व है. हमें पीने के लिए, खेती में सिंचाई के लिए, साफ़-सफ़ाई के लिए और उद्योगों में भी पानी की ज़रूरत होती है. पानी जीवन का आधार है और इसके बिना पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं है. इसलिए पानी बचाना और उसका सही इस्तेमाल करना हमारी ज़िम्मेदारी है.
In simple words: पानी हमारे लिए बहुत ज़रूरी है. हम इसे पीने, खेती करने, साफ़-सफ़ाई और कारखानों में इस्तेमाल करते हैं.
🎯 Exam Tip: जल के महत्व को बताते समय पीने, सिंचाई, साफ़-सफ़ाई और औद्योगिक उपयोग जैसे प्रमुख बिन्दुओं को ज़रूर शामिल करें।
Question 1. (छ) वर्षा जल का संचयन एवं पुनर्भरण क्यों आवश्यक है ?
Answer: वर्षा जल का संचयन और पुनर्भरण इसलिए ज़रूरी है ताकि हमें भू-जल और ज़मीन पर मौजूद पानी, दोनों तरह के जल स्रोतों से सभी कामों के लिए पानी मिल सके. यह भविष्य के लिए पानी सुरक्षित रखने का एक महत्वपूर्ण तरीका है. इसके ज़रिए पानी की उपलब्धता बनी रहती है, खासकर उन इलाकों में जहाँ पानी की कमी होती है.
In simple words: वर्षा जल को इकट्ठा करना ज़रूरी है ताकि हमें जमीन के नीचे और ऊपर दोनों जगह से पानी मिल सके.
🎯 Exam Tip: वर्षा जल संचयन और पुनर्भरण की आवश्यकता को 'भू-जल आपूर्ति' और 'सतही जल की उपलब्धता' से जोड़कर स्पष्ट करें।
Question 1. (ज) अपने घर की छत के वर्षा जल का संचयन कैसे करेंगे ?
Answer: अपने घर की छत के वर्षा जल को इकट्ठा करने के लिए, घर से थोड़ी दूर पर 2 से 3 मीटर गहरा गड्ढा खोदना चाहिए. इस गड्ढे को ईंट, कंकड़ और बजरी से भर दिया जाता है. फिर इसके ऊपर मोटी रेत की एक परत डाली जाती है. छत पर गिरने वाला साफ बारिश का पानी इस गड्ढे में इकट्ठा हो जाता है, जिससे वह ज़मीन में चला जाता है. यह तरीका घर के पानी को रिचार्ज करने में मदद करता है.
In simple words: छत के पानी को इकट्ठा करने के लिए, घर के पास एक गहरा गड्ढा खोदते हैं, उसे ईंट, कंकड़, बजरी और रेत से भर देते हैं. बारिश का साफ पानी इसी गड्ढे में जमा होता है.
🎯 Exam Tip: छत के वर्षा जल संचयन की विधि को स्टेप-बाय-स्टेप समझाएं, जिसमें गड्ढा खोदना, सामग्री भरना और पानी इकट्ठा करना शामिल हो।
Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
Answer:
(क) समुद्र का जल खारा होने के कारण पीने योग्य नहीं होता है।
(ख) भू-जल एवं भू-सतही जल प्रकृति द्वारा कम मात्रा में प्राप्त है।
(ग) तालाब, पोखर आदि जल संचयन के प्राचीन साधन रहे हैं।
(घ) भू-जल में वृद्धि जल संचयन करके कर सकते हैं।
(ङ) शहरों में पक्के मकानों के कारण वर्षा जल भूमि के अन्दर कम प्रवेश होता है।
(च) उन्नत किस्म के धान एवं गेहूं की फसल उगाने के लिए अधिक सिंचाई की आवश्यकता होती है।
(छ) भारत की जलनीति वर्ष 1987 में बनाई गई थी।
(ज) राष्ट्रीय जलनीति में जल को दुर्लभ एवं बहुमूल्य राष्ट्रीय संसाधन के रूप में माना गया है।
In simple words: इन वाक्यों में खाली जगहों को सही शब्द से भरा गया है. ये शब्द वाक्य के अर्थ को पूरा करते हैं, जैसे समुद्र का पानी खारा होता है और पीने लायक नहीं होता.
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, वाक्य के संदर्भ को ध्यान में रखें और सुनिश्चित करें कि भरा गया शब्द वाक्य को तार्किक रूप से पूरा करता हो।
Question 3. सही जोड़े बनाएँ-
Answer:
(अ) पन-बिजली - जल
(ब) पुनर्भरण - भूजल भंडार
(स) गोदावरी - नदी
(द) जलभृत - वर्षा जल
In simple words: यह सूची सही जोड़ों को दिखाती है. जैसे पन-बिजली पानी से बनती है, पुनर्भरण से ज़मीन का पानी बढ़ता है, गोदावरी एक नदी का नाम है और जलभृत वर्षा के पानी से जुड़ा है.
🎯 Exam Tip: जोड़ों का मिलान करते समय प्रत्येक पद के अर्थ और उसके संबंधित अवधारणा पर ध्यान दें।
प्रोजेक्ट वर्क- विद्यार्थी स्वयं करें ।
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Environmental Studies Class 6 Curriculum Solutions: Chapter 05 जल संचयन एवं पुनर्भरण
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