UP Board Solutions Class 6 Environment Chapter 3 Apshisht evam uska nistaran

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Class 6 Environmental Studies Chapter 3 Apshisht evam uska nistaran UP Board Solutions PDF

अपशिष्ट एवं उसका निस्तारण

अभ्यास

 

Question 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) अपशिष्ट किसे कहते हैं ?
Answer: अपशिष्ट वे बेकार पदार्थ होते हैं जो इंसान और दूसरे जीव-जंतु अपने रोज़मर्रा के कामों से निकालते हैं। ये पदार्थ किसी काम के नहीं होते। जैसे, खाना बनाने या कोई चीज़ इस्तेमाल करने के बाद जो बच जाता है, वह अपशिष्ट कहलाता है और इसे सही तरीके से ठिकाने लगाना ज़रूरी है।
In simple words: जो चीज़ें हम इस्तेमाल के बाद फेंक देते हैं और वे बेकार हो जाती हैं, उन्हें अपशिष्ट कहते हैं।

🎯 Exam Tip: अपशिष्ट की परिभाषा देते समय, ध्यान रखें कि इसमें मनुष्य और अन्य जीवों के दैनिक क्रिया-कलापों से निकलने वाले अनुपयोगी पदार्थ शामिल होते हैं।

 

Question 1.
(ख) ठोस, द्रव और गैसीय अपशिष्ट में अन्तर बताते हुए इसके दो-दो उदाहरण लिखिए।
Answer:
अपशिष्ट तीन तरह के होते हैं: ठोस, द्रव और गैसीय। * **ठोस अपशिष्ट:** वे बेकार पदार्थ जो सख्त या ठोस होते हैं। * उदाहरण: फलों और सब्जियों के छिलके, प्लास्टिक के टुकड़े। * **द्रव अपशिष्ट:** वे बेकार पदार्थ जो तरल होते हैं, जैसे पानी। * उदाहरण: नालियों का गंदा पानी, कारखानों से निकला ज़हरीला पानी। यह पानी पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुँचाता है। * **गैसीय अपशिष्ट:** वे बेकार पदार्थ जो गैस या धुएँ के रूप में होते हैं। * उदाहरण: गाड़ियों से निकलने वाला धुआँ, फैक्ट्रियों की चिमनियों से निकलने वाला धुआँ।
In simple words: अपशिष्ट ठोस (जैसे छिलके), द्रव (जैसे गंदा पानी) और गैस (जैसे धुआँ) के रूप में होते हैं।

🎯 Exam Tip: अपशिष्ट के प्रकार बताते समय, प्रत्येक प्रकार (ठोस, द्रव, गैस) को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें और उसके कम से कम दो अलग-अलग उदाहरण दें।

 

Question 1.
(ग) गैसीय अपशिष्ट पदार्थ के स्रोत क्या हैं ?
Answer: गैसीय अपशिष्ट कई जगहों से आते हैं। इनके मुख्य स्रोत हैं: * लकड़ी और कोयले का जलना। * कारखाने (फैक्ट्रियों से)। * गाड़ियाँ और दूसरे वाहन। * जब जीव-जंतु मर जाते हैं और सड़ते हैं, तब भी गैसें निकलती हैं। * अँगीठी, सिगरेट और बीड़ी जैसी चीज़ों से भी धुआँ निकलता है, जो गैसीय अपशिष्ट है और हवा को प्रदूषित करता है।
In simple words: गैसीय अपशिष्ट लकड़ी जलाने, फैक्ट्रियों, गाड़ियों और सिगरेट जैसी चीज़ों से निकलता है।

🎯 Exam Tip: गैसीय अपशिष्ट के स्रोतों में उन सभी चीज़ों को शामिल करें जो धुआँ या गैस छोड़ती हैं, जैसे ईंधन का जलना और औद्योगिक प्रक्रियाएँ।

 

Question 1.
(घ) अपशिष्ट संग्रह के दुष्प्रभावों को उदाहरण सहित समझाइए ।
Answer: अपशिष्ट इकट्ठा करना पर्यावरण और हम इंसानों के लिए बहुत बुरा होता है। यह हमारी सेहत पर बहुत ख़राब असर डालता है। एक बहुत बड़ा उदाहरण दिसंबर 1984 में हुई भोपाल गैस त्रासदी है। जहाँ यूनियन कार्बाइड पेस्टीसाइड फैक्ट्री से मेथिल आइसो साइनाइट नाम की एक बहुत ज़हरीली गैस लीक हो गई थी। इस गैस के फैलने से हज़ारों लोग मर गए थे और लाखों लोग बीमार पड़ गए थे। लोगों को कैंसर, साँस लेने में दिक्कत, सिरदर्द और शरीर के अंग सुन्न होने जैसी कई गंभीर बीमारियाँ हो गईं। इस दुर्घटना के बाद, फैक्ट्री से निकला ख़तरनाक कचरा आस-पास की ज़मीन और पानी में फैल गया था। इस कचरे का बुरा असर आज भी वहाँ की नई पीढ़ियों में देखा जा सकता है, जो दिखाता है कि अपशिष्ट को सही से न संभालना कितना खतरनाक हो सकता है।
In simple words: कचरा इकट्ठा करने से पर्यावरण और इंसानों को नुकसान होता है। भोपाल गैस त्रासदी इसका एक दुखद उदाहरण है, जहाँ ज़हरीली गैस से हज़ारों लोग मर गए और बीमार पड़ गए।

🎯 Exam Tip: अपशिष्ट जमा होने के हानिकारक प्रभावों को समझाते समय, पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी दोनों प्रभावों का उल्लेख करें, और भोपाल गैस त्रासदी जैसे उदाहरण का उपयोग करें।

 

Question 1.
(ङ) सोकपिट बनाने की विधि लिखिए ।
Answer: सोकपिट बनाने के लिए ज़मीन में 5-6 फीट गहरा और चौकोर गड्ढा खोदा जाता है। इस गड्ढे के नीचे ईंटों और पत्थरों के टुकड़े डाले जाते हैं, फिर उन्हें रेत की परत से ढक दिया जाता है। इसके बाद, इस गड्ढे को घर की नालियों से जोड़ दिया जाता है ताकि गंदा पानी इसमें आ सके। ऊपर से इसे ढक दिया जाता है। इस तरह, सोकपिट तैयार हो जाता है जो ज़मीन में पानी सोखने में मदद करता है और पर्यावरण को साफ़ रखता है।
In simple words: सोकपिट बनाने के लिए ज़मीन में गहरा गड्ढा खोदते हैं, नीचे ईंट-पत्थर और रेत डालते हैं, फिर उसे नालियों से जोड़कर ऊपर से ढक देते हैं।

🎯 Exam Tip: सोकपिट बनाने की विधि को क्रमबद्ध तरीके से समझाएँ, जिसमें गड्ढा खोदना, परतें बिछाना और उसे जल निकासी प्रणाली से जोड़ना शामिल हो।

 

Question 1.
(च) ई-कचरा से आप क्या समझते हैं ? उदाहरण सहित लिखिए।
Answer: ई-कचरा का मतलब है इलेक्ट्रॉनिक सामान का कूड़ा। ये वो खराब और बेकार इलेक्ट्रॉनिक चीज़ें होती हैं जो हमारे घरों और ऑफिसों से निकलती हैं। इसके उदाहरण हैं: पुराने और खराब कंप्यूटर, मोबाइल फ़ोन, सी०डी०, बैटरी, टीवी, वाशिंग मशीन, फ्रिज (रेफ्रिजरेटर) और ए०सी०। ये सभी उपकरण अब काम के नहीं रहते और फेंक दिए जाते हैं, जिससे ई-कचरा बनता है जो पर्यावरण के लिए एक चुनौती है।
In simple words: ई-कचरा यानी पुराने और खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे मोबाइल, कंप्यूटर, टीवी और बैटरियाँ।

🎯 Exam Tip: ई-कचरे को ख़राब या अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के रूप में परिभाषित करें और आम घरेलू तथा कार्यालयीन इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के उदाहरण दें।

 

Question 1.
(छ) कारखानों से निकलने वाले जल को नदियों में बहाने से पहले क्या उपाय करने चाहिए?
Answer: कारखानों से निकलने वाले पानी को नदियों में बहाने से पहले उसे साफ़ करना बहुत ज़रूरी है। इस पानी को 'उचित उपचार' यानी खास तरीकों से शुद्ध किया जाना चाहिए। ऐसा करने से नदियों का पानी गंदा नहीं होगा और उसमें रहने वाले जीवों को भी कोई नुकसान नहीं पहुँचेगा। यह पर्यावरण को बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
In simple words: कारखानों का पानी नदियों में डालने से पहले उसे ज़रूर साफ़ करना चाहिए ताकि नदियाँ गंदी न हों।

🎯 Exam Tip: कारखानों के पानी को नदियों में छोड़ने से पहले "उचित उपचार" (ट्रीटमेंट) पर जोर दें, ताकि जल प्रदूषण को रोका जा सके।

 

Question 1.
(ज) प्रत्येक घर में शौचालय होना क्यों आवश्यक है ?
Answer: हर घर में शौचालय होना बहुत ज़रूरी है ताकि मल-मूत्र का सही तरीके से निपटारा हो सके। इससे गंदगी नहीं फैलती और बीमारी से बचा जा सकता है। शौचालय होने से हमारा वातावरण भी साफ रहता है और लोगों का स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।
In simple words: हर घर में शौचालय होना चाहिए ताकि गंदगी न फैले और बीमारियाँ रुकें।

🎯 Exam Tip: शौचालय की आवश्यकता के दो मुख्य कारण बताएँ: सही अपशिष्ट निपटान और गंदगी तथा बीमारियों से बचाव।

 

Question 2. सही कथन के सामने (√) और गलत के सामने (X) का चिह्न लगाइए-
(क) उद्योगों से विभिन्न प्रकार के अपशिष्ट पदार्थ निकलते हैं।
(ख) अपशिष्ट पदार्थों से हमारा पर्यावरण दूषित होता है।
(ग) अपशिष्ट पदार्थ ठोस, द्रव और गैस के रूप में होते हैं।
(घ) घरेलू कूड़े-कचरे का निस्तारण आज प्रदूषण की समस्या नहीं है।
(ङ) प्लास्टिक एवं पॉलीथीन आसानी से सडती है।
Answer:
(क) उद्योगों से विभिन्न प्रकार के अपशिष्ट पदार्थ निकलते हैं।
(√)
(ख) अपशिष्ट पदार्थों से हमारा पर्यावरण दूषित होता है।
(√)
(ग) अपशिष्ट पदार्थ ठोस, द्रव और गैस के रूप में होते हैं।
(√)
(घ) घरेलू कूड़े-कचरे का निस्तारण आज प्रदूषण की समस्या नहीं है।
(X)
(ङ) प्लास्टिक एवं पॉलीथीन आसानी से सडती है।
(X)
In simple words: इन कथनों को ध्यान से पढ़कर सही और गलत की पहचान करें, जो अपशिष्ट पदार्थों और उनके प्रभावों से संबंधित हैं।

🎯 Exam Tip: प्रत्येक कथन को ध्यान से पढ़ें और सोचें कि क्या यह अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों की आपकी समझ के अनुरूप है।

 

Question 3. सही मिलान कीजिए-
Answer: सही मिलान इस प्रकार हैं: * बायोगैस : जैविक अपशिष्ट * कम्पोस्ट खाद : फलों, सब्जियों के छिलके, सूखी पत्तियाँ * गैसीय अपशिष्ट : धुआँ * जल निकास तंत्र में बाधा : पॉलीथीन * अपशिष्टों से पुनः उपयोगी सामान बनाना : पुनः चक्रण
In simple words: बायोगैस जैविक कचरे से बनती है, कम्पोस्ट खाद छिलकों से, धुआँ गैसीय कचरा है, पॉलीथीन नालियाँ जाम करती है, और कचरे को दोबारा इस्तेमाल करना 'पुनः चक्रण' है।

🎯 Exam Tip: मिलान करते समय, संबंधित वस्तुओं और उनकी विशेषताओं या उपयोगों के बीच के संबंध को समझें। जो सबसे स्पष्ट मिलान हैं, उनसे शुरुआत करना सहायक हो सकता है।

प्रोजेक्ट वर्क- विद्यार्थी स्वयं करें।

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