UP Board Solutions Class 5 Science Chapter 5 Kuposhan Aur Iske Prabhav 

Step-by-Step Textbook Solutions for Class 5 Science Chapter 05 कुपोषण और इसके प्रभाव

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कुपोषण और इसके प्रभाव अभ्यास प्रश्न

 

Question 1. निम्नांकित कथनों को पूर्ण करें (पूर्ण करके) -
(क) आवश्यकता से कम भोजन करने पर शरीर कमजोर हो जाता है।
(ख) आवश्यकता से अधिक भोजन करने पर मोटापा की शिकायत हो जाती है।
(ग) प्रोटीन की कमी से शरीर कमजोर हो जाता है और शरीर की वृद्धि रुक जाती है।
(घ) विटामिन 'ए' की कमी से रतौंधी रोग हो जाता है।
(ङ) विटामिन 'डी' की कमी से रिकेट्स रोग हो जाता है।
(च) विटामिन 'बी' की कमी से बेरी-बेरी रोग हो जाता है।
(छ) विटामिन 'सी' की कमी से स्कर्वी रोग हो जाता है।
Answer:
(क) जब हम अपनी जरूरत से कम खाते हैं, तो हमारा शरीर कमजोर पड़ जाता है।
(ख) अगर हम अपनी जरूरत से ज्यादा खाते हैं, तो हम मोटे हो सकते हैं।
(ग) प्रोटीन की कमी होने पर शरीर कमजोर हो जाता है और लंबाई बढ़ना रुक सकती है। शरीर को मजबूत बनाने के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी है।
(घ) विटामिन 'ए' की कमी से रतौंधी नाम की बीमारी होती है, जिसमें रात को देखने में परेशानी होती है।
(ङ) विटामिन 'डी' की कमी से रिकेट्स रोग होता है, जिसमें हड्डियाँ कमजोर होकर टेढ़ी हो जाती हैं।
(च) विटामिन 'बी' की कमी से बेरी-बेरी रोग होता है, जिससे शरीर में कमजोरी और थकावट महसूस होती है।
(छ) विटामिन 'सी' की कमी से स्कर्वी रोग होता है, जिससे मसूड़ों से खून आता है और शरीर में दर्द होता है।
In simple words: कम खाने से शरीर कमजोर होता है, ज्यादा खाने से मोटापा होता है। प्रोटीन की कमी से कमजोरी और विकास रुकता है। अलग-अलग विटामिन की कमी से रतौंधी, रिकेट्स, बेरी-बेरी और स्कर्वी जैसे रोग होते हैं।

🎯 Exam Tip: पोषक तत्वों की कमी या अधिकता से होने वाले रोगों के नाम और उनके लक्षण याद रखें।

 

Question 2. कारण बताइए-
(क) सब्जियों को काटने से पहले धो लेना चाहिए।
(ख) सब्जियों को पकाते समय अधिक तलना नहीं चाहिए।
(ग) हमें संतुलित भोजन करना चाहिए।
(घ) हमें आवश्यकता से अधिक अथवा कम भोजन नहीं करना चाहिए।
Answer:
(क) सब्जियों को काटने से पहले धो लेना चाहिए क्योंकि अगर हम उन्हें काटकर धोते हैं, तो पानी के साथ उनके कई जरूरी विटामिन भी बह जाते हैं और नष्ट हो जाते हैं। ऐसा करने से सब्जियों के पोषक तत्व बरकरार रहते हैं।
(ख) सब्जियों को पकाते समय उन्हें ज्यादा तलना नहीं चाहिए क्योंकि बहुत ज्यादा तलने से सब्जियों में मौजूद विटामिन खत्म हो जाते हैं, जिससे उनकी पौष्टिकता कम हो जाती है।
(ग) हमें संतुलित भोजन करना चाहिए क्योंकि एक संतुलित आहार हमारे शरीर को स्वस्थ और मजबूत रखता है, जिससे हम बीमारियों से बचे रहते हैं। इसमें सभी जरूरी पोषक तत्व सही मात्रा में होते हैं।
(घ) हमें जरूरत से ज्यादा या बहुत कम भोजन नहीं करना चाहिए क्योंकि जरूरत से ज्यादा खाने पर हम मोटे हो सकते हैं, और कम खाने पर हमारा शरीर कमजोर हो सकता है। यह दोनों ही स्थितियाँ हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
In simple words: सब्जियों को काटने से पहले धोना चाहिए ताकि विटामिन पानी में न बहें। उन्हें ज्यादा तलना नहीं चाहिए क्योंकि गर्मी से विटामिन नष्ट हो जाते हैं। संतुलित भोजन खाने से शरीर स्वस्थ रहता है और जरूरत से कम या ज्यादा भोजन करने से शरीर को नुकसान होता है।

🎯 Exam Tip: खाने की आदतों और पोषक तत्वों के बीच के संबंधों को समझने से स्वास्थ्य संबंधी कारणों को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है।

 

Question 3. निम्नांकित खाद्य पदार्थों के चित्रों को ध्यान से देखें तथा उनके नीचे पोषक तत्वों के अंक लिखकर उनका वर्गीकरण करें।
Answer: दिए गए चित्रों को देखकर खाद्य पदार्थों को उनके पोषक तत्वों के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है। चित्रों में विभिन्न खाद्य पदार्थों के नीचे अंक दिए गए हैं जो उनके मुख्य पोषक तत्व को दर्शाते हैं।
प्रोटीन-1: दालें, मछली, अंडे, पनीर, मांस।
कार्बोहाइड्रेट-2: आलू, चावल, रोटी, शकरकंद, अरवी।
वसा-3: तेल, घी, मक्खन।
विटामिन और खनिज लवण-4: गाजर, मूली, फल (जैसे सेब, अंगूर, नाशपाती), हरी पत्तेदार सब्जियां।
चित्रों में दिखाए गए कुछ उदाहरणों में:
- दालें और अंडे '1' (प्रोटीन) वर्ग में आते हैं।
- चावल, रोटी, आलू '2' (कार्बोहाइड्रेट) वर्ग में आते हैं।
- तेल '3' (वसा) वर्ग में आता है।
- गाजर, पपीता, हरी पत्तेदार सब्जियां और फल '4' (विटामिन और खनिज लवण) वर्ग में आते हैं।
यह वर्गीकरण हमें यह समझने में मदद करता है कि विभिन्न खाद्य पदार्थों में कौन से मुख्य पोषक तत्व पाए जाते हैं।
In simple words: चित्रों में दिखाए गए खाने की चीजों को उनके मुख्य पोषक तत्व के हिसाब से बांटा गया है। दाल, अंडे में प्रोटीन (1) होता है। चावल, आलू में कार्बोहाइड्रेट (2) होता है। तेल में वसा (3) होती है। गाजर, फलों में विटामिन और खनिज (4) होते हैं।

🎯 Exam Tip: विभिन्न खाद्य पदार्थों के प्रमुख पोषक तत्वों को पहचानना सीखें ताकि आप संतुलित आहार का चयन कर सकें।

 

Question 4. निम्नांकित पोषक तत्व जिन खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं, उन्हें लिखिए।
Answer:
1. कार्बोहाइड्रेट हमें आलू, अरवी, शकरकंद और चावल से मिलते हैं।
2. वसा हमें तेल, घी और मक्खन जैसे पदार्थों से मिलती है।
3. प्रोटीन मांस, अंडा, दूध, दही, पनीर और दालों में पाया जाता है। प्रोटीन शरीर की वृद्धि के लिए बहुत जरूरी है।
4. विटामिन गाजर, मूली, नाशपाती और अंगूर जैसे फल और सब्जियों में पाए जाते हैं।
5. खनिज लवण पत्ता गोभी, गाजर और पालक जैसी हरी सब्जियों में होते हैं।
In simple words: कार्बोहाइड्रेट आलू और चावल में होते हैं। वसा तेल और घी में होती है। प्रोटीन मांस, अंडा, दूध और दाल में मिलता है। विटामिन फल और सब्जियों में होते हैं। खनिज लवण हरी पत्तेदार सब्जियों में होते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रत्येक पोषक तत्व के दो से तीन मुख्य खाद्य स्रोत याद रखें ताकि आप उन्हें पहचान सकें।

 

Question 5. सूची 'क' को सूची 'ख' से मिलान करें (मिलान करके) -
सूची 'क'
ऊर्जा
रोगों से रक्षा
विटामिन 'सी'
शरीर की वृद्धि
टेढ़ी-मेढ़ी हड्डियाँ
सूची 'ख'
कार्बोहाइड्रेट
विटामिन
नींबू
प्रोटीन
विटामिन 'डी', कैल्शियम एवं फास्फोरस
Answer:
ऊर्जा - कार्बोहाइड्रेट
रोगों से रक्षा - विटामिन
विटामिन 'सी' - नींबू
शरीर की वृद्धि - प्रोटीन
टेढ़ी-मेढ़ी हड्डियाँ - विटामिन 'डी', कैल्शियम एवं फास्फोरस
यह मिलान पोषक तत्वों और उनके कार्यों या स्रोतों को सही ढंग से जोड़ता है।
In simple words: ऊर्जा कार्बोहाइड्रेट से मिलती है। विटामिन हमें बीमारियों से बचाते हैं। विटामिन 'सी' नींबू में होता है। प्रोटीन शरीर को बढ़ने में मदद करता है। टेढ़ी-मेढ़ी हड्डियाँ विटामिन 'डी', कैल्शियम और फास्फोरस की कमी से होती हैं।

🎯 Exam Tip: पोषक तत्वों के कार्य और उनके मुख्य स्रोतों को याद रखें, यह मिलान वाले प्रश्नों में बहुत सहायक होता है।

 

Question 6. नीचे कुछ कथन दिए गए हैं, उनके सम्मुख सत्य (√) तथा असत्य (X) का चिह्न लगाइए (चिह्न लगाकर) -
• पपीता विटामिन 'सी' का उत्तम स्रोत है। (X)
• हमारे शरीर में पोषक तत्वों की कमी से रोग होते हैं। (√)
• सूर्य का प्रकाश स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। (X)
• विटामिन शरीर की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। (√)
• भोजन को अधिक पकाने से पौष्टिक तत्व नष्ट हो जाते हैं। (√)
• आँवले में विटामिन 'सी' अधिक मात्रा में पाया जाता है। (√)
Answer:
• पपीता विटामिन 'सी' का उत्तम स्रोत है। **(असत्य)**
• हमारे शरीर में पोषक तत्वों की कमी से रोग होते हैं। **(सत्य)**
• सूर्य का प्रकाश स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। **(असत्य)**
• विटामिन शरीर की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। **(सत्य)**
• भोजन को अधिक पकाने से पौष्टिक तत्व नष्ट हो जाते हैं। **(सत्य)**
• आँवले में विटामिन 'सी' अधिक मात्रा में पाया जाता है। **(सत्य)**
सही या गलत का चुनाव करते समय तथ्यों की सही जानकारी होना महत्वपूर्ण है।
In simple words: पपीता विटामिन सी का अच्छा स्रोत नहीं है (गलत)। पोषक तत्वों की कमी से बीमारियाँ होती हैं (सही)। सूरज की रोशनी सेहत के लिए खराब नहीं होती (गलत)। विटामिन शरीर को बचाता है (सही)। खाना ज्यादा पकाने से पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं (सही)। आँवले में बहुत विटामिन सी होता है (सही)।

🎯 Exam Tip: सामान्य स्वास्थ्य और पोषण संबंधी तथ्यों की सही जानकारी रखें ताकि आप सत्य/असत्य कथनों को पहचान सकें।

 

Question 7. यदि किसी के मसूड़े फूले हों, उनसे खून आता हो और दाँत हिलते हों तो उसे -
1. पपीता और पीला कदू खाना चाहिए।
2. नीब, नारंगी, आँवला खाना चाहिए। (√)
3. शकरकंद, अरवी खाना चाहिए।
4. मांस और रोटी खाना चाहिए।
Answer: (2) नीब, नारंगी, आँवला खाना चाहिए।
In simple words: मसूड़ों की समस्या, खून आना और दाँत हिलना विटामिन 'सी' की कमी के कारण होता है। नींबू, नारंगी और आँवला विटामिन 'सी' से भरपूर होते हैं, जो इन समस्याओं को ठीक करने में मदद करते हैं।

🎯 Exam Tip: विटामिन 'सी' की कमी से होने वाले रोग (स्कर्वी) के लक्षण और उसके उपचार के लिए आवश्यक खाद्य पदार्थों को याद रखें।

 

Question 8. रतौंधी के रोग से बचा जा सकता है। यदि प्रतिदिन -
1. चावल और दाल खाएँ।
2. दूध और रोटी खाएँ।
3. गाजर पालक, पपीता खाएँ। (√)
4. अंडे और मांस खाएँ।
Answer: (3) गाजर पालक, पपीता खाएँ।
In simple words: रतौंधी विटामिन 'ए' की कमी से होती है। गाजर, पालक और पपीता जैसे खाद्य पदार्थों में बहुत सारा विटामिन 'ए' होता है, जो इस बीमारी से बचाने में मदद करता है।

🎯 Exam Tip: रतौंधी (रात में कम दिखना) विटामिन 'ए' की कमी से होती है। विटामिन 'ए' से भरपूर खाद्य पदार्थों जैसे गाजर, पालक और पपीते का सेवन इस बीमारी से बचाता है।

 

Question 9. किसी बच्चे के होंठ के कोने फटे, जीभ लाल, त्वचा खुरदरी, हाथ-पांव में दर्द झुनझुनाहट हो तो वह पीड़ित है -
1. विटामिन 'डी' की कमी से।
2. विटामिन 'ए' की कमी से।
3. विटामिन 'सी' की कमी से।
4. विटामिन 'बी' की कमी से। (✔)
Answer: (4) विटामिन 'बी' की कमी से।
In simple words: होंठ फटना, जीभ का लाल होना, त्वचा का खुरदुरापन और हाथ-पैर में दर्द झुनझुनाहट ये सभी विटामिन 'बी' कॉम्प्लेक्स की कमी के लक्षण हैं। विटामिन 'बी' कई शारीरिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है।

🎯 Exam Tip: विटामिन 'बी' कॉम्प्लेक्स की कमी से होने वाले विभिन्न लक्षणों को पहचानें, जो त्वचा, जीभ और तंत्रिकाओं को प्रभावित कर सकते हैं।

 

Question 10. कुपोषण से बचने के तीन उपाय लिखिए।
Answer: कुपोषण से बचने के लिए तीन महत्वपूर्ण उपाय इस प्रकार हैं:
1. **संतुलित भोजन करें:** हमें ऐसा भोजन खाना चाहिए जिसमें सभी पोषक तत्व जैसे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन और खनिज सही मात्रा में हों। इससे शरीर को पूरी ताकत मिलती है।
2. **भरपूर विटामिन और खनिज लवण लें:** अपने आहार में ताजे फल और सब्जियां शामिल करें, जो विटामिन और खनिजों से भरपूर होती हैं। ये शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति देते हैं।
3. **हरी सब्जियों का अधिक सेवन करें:** हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी आदि बहुत पौष्टिक होती हैं और इनमें कई विटामिन और खनिज होते हैं। इनका नियमित सेवन कुपोषण से बचाता है।
इन उपायों को अपनाकर हम स्वस्थ रह सकते हैं और कुपोषण से बच सकते हैं।
In simple words: कुपोषण से बचने के लिए संतुलित खाना खाएं, खूब सारे विटामिन और खनिज वाला भोजन करें और हरी सब्जियां ज्यादा खाएं।

🎯 Exam Tip: कुपोषण से बचने के लिए संतुलित आहार, विटामिन और खनिजों का सेवन, और हरी सब्जियों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने जैसे तीन मुख्य उपायों को याद रखें।

 

Question 11. अपने आप करो – आज दिन में क्या खाकर आए। सूची बनाएँ और पोषक तत्वों को लिखें । नोट – विद्यार्थी स्वयं लिखें ।
Answer: यह प्रश्न छात्रों के स्वयं करने के लिए है। छात्रों को दिनभर में खाए गए भोजन की सूची बनानी है और यह भी लिखना है कि उसमें कौन-कौन से पोषक तत्व मौजूद थे। उदाहरण के लिए:
सुबह का नाश्ता: परांठा (कार्बोहाइड्रेट, वसा), दूध (प्रोटीन, कैल्शियम)।
दोपहर का भोजन: दाल-चावल (प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट), सब्जी (विटामिन, खनिज), दही (प्रोटीन, कैल्शियम)।
शाम का नाश्ता: फल (विटामिन)।
रात का भोजन: रोटी (कार्बोहाइड्रेट), सब्जी (विटामिन, खनिज)।
यह गतिविधि छात्रों को उनके आहार में पोषक तत्वों को पहचानने में मदद करेगी।
In simple words: आपको अपने दिन के खाने की एक लिस्ट बनानी है। फिर हर चीज में कौन सा पोषक तत्व है, वह लिखना है। यह जानने के लिए है कि आप क्या खाते हैं।

🎯 Exam Tip: अपनी दैनिक आहार सूची बनाते समय, प्रत्येक खाद्य पदार्थ में मौजूद मुख्य पोषक तत्वों (जैसे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज) को पहचानने का अभ्यास करें।

 

Question 12. क्या होगा यदि?
(i) घर में माँ पढ़ी-लिखी न हो।
(ii) बच्चों को भरपेट भोजन न मिल पाता हो।
(iii) माँ हमेशा बीमार रहती हो।
(iv) घर में सिर्फ एक या दो बच्चे हों।
Answer:
(i) यदि घर में माँ पढ़ी-लिखी न हो, तो बच्चों को सही और संतुलित भोजन नहीं मिल पाएगा क्योंकि माँ को पोषण के बारे में पूरी जानकारी नहीं होगी। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।
(ii) यदि बच्चों को भरपेट भोजन न मिल पाता हो, तो वे कुपोषण का शिकार हो जाएँगे। उनके शरीर में कमजोरी आएगी, उनका विकास रुक जाएगा और वे बार-बार बीमार पड़ेंगे।
(iii) यदि माँ हमेशा बीमार रहती हो, तो बच्चों की देखभाल ठीक से नहीं हो पाएगी। माँ बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य जरूरतों पर पूरा ध्यान नहीं दे पाएगी। इससे पूरे परिवार पर नकारात्मक असर पड़ता है।
(iv) यदि घर में सिर्फ एक या दो बच्चे हों, तो परिवार सुखी होगा। बच्चों की बेहतर परवरिश हो पाएगी, उन्हें अच्छा भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलेंगी। परिवार के सदस्यों पर भी आर्थिक दबाव कम होगा।
In simple words: अगर माँ पढ़ी-लिखी नहीं होगी, तो बच्चे सही खाना नहीं खा पाएंगे। अगर बच्चों को पूरा खाना नहीं मिलेगा, तो वे कमजोर हो जाएंगे। अगर माँ बीमार रहेगी, तो बच्चों की देखभाल नहीं हो पाएगी। अगर परिवार में कम बच्चे होंगे, तो परिवार ज्यादा खुश और संपन्न होगा।

🎯 Exam Tip: सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी स्थितियों के प्रभावों को समझने के लिए, प्रत्येक 'क्या होगा यदि' प्रश्न के संभावित परिणामों पर ध्यान केंद्रित करें।

Step-by-Step Textbook Answers: Class 5 Science Chapter 05 कुपोषण और इसके प्रभाव

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