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UP Board Textbook Solutions for Class 5 Science Chapter 2 Jantuon Aur Vanaspatiyon Mein Anukoolan
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Chapter 2 Jantuon Aur Vanaspatiyon Mein Anukoolan Answers & Solutions for Class 5 Science (UP Board)
अपने परिवेश में पाए जाने वाले जन्तुओं की तालिका बनाएँ - नोट - विद्यार्थी स्वयं तालिका बनाएँ। दी गई सारणी में मरुस्थलीय तथा पर्वतीय जन्तुओं के नाम लिखिए (लिखकर)
| मरुस्थलीय जन्तु का नाम | पर्वतीय जन्तु का नाम |
|---|---|
| ऊँट | भेड |
| सर्प | याक |
| छिपकली | पहाड़ी बकरी |
| चूहा | भालू |
| मकड़ी | बाघ |
जन्तुओं और वनस्पतियों में अनुकूलन अभ्यास प्रश्न
Question 1. जीवधारियों में अनुकूलन के क्या कारण हैं?
Answer: जीवधारियों में अनुकूलन के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
(1) भोजन की उपलब्धता
(2) वातावरण से अनुकूलन
(3) प्रजनन की आवश्यकता
(4) शत्रुओं से अपनी रक्षा करना
ये सभी कारण जीवधारियों को अपने वातावरण में जीवित रहने और पनपने में मदद करते हैं।
In simple words: जीव अपने आसपास के माहौल में इसलिए ढलते हैं ताकि उन्हें खाना मिल सके, सही मौसम में रह सकें, बच्चे पैदा कर सकें और दुश्मनों से बचे रहें।
🎯 Exam Tip: अनुकूलन के चार मुख्य कारणों को याद रखें: भोजन, वातावरण, प्रजनन और सुरक्षा। इन बिंदुओं को स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 2. जल में रहने वाले तीन जन्तुओं एवं तीन वनस्पतियों के नाम लिखिए।
Answer: जल में रहने वाले तीन जन्तु हैं: मछली, ऑक्टोपस और केकड़ा। ये सभी जीव पानी में आसानी से जी सकते हैं।
जल में होने वाली तीन वनस्पतियाँ हैं: सिंघाड़ा, कमल और कुमुदनी। ये पौधे भी पानी में रहने के लिए विशेष रूप से ढले हुए होते हैं।
In simple words: पानी में रहने वाले जीव मछली, ऑक्टोपस और केकड़ा हैं। पानी में उगने वाले पौधे सिंघाड़ा, कमल और कुमुदनी हैं।
🎯 Exam Tip: जलीय जन्तु और वनस्पतियों के तीन-तीन उदाहरण दें। सुनिश्चित करें कि आप केवल जलीय जीवों के नाम लिखें।
Question 3. मछली की दो विशेषताएँ बताइए, जो उसे जल में रहने के अनुकूल बनाती है।
Answer: मछली की दो प्रमुख विशेषताएँ जो उसे जल में रहने के अनुकूल बनाती हैं, वे हैं:
(1) मछली की आकृति धारा-रेखित होती है, जिससे उसे पानी में आसानी से तैरने में मदद मिलती है।
(2) मछली में साँस लेने के लिए गलफड़े (गिल्स) होते हैं, जिनसे वह पानी में घुली ऑक्सीजन ले पाती है। ये दोनों विशेषताएँ मछली के पानी में जीवन के लिए बहुत ज़रूरी हैं।
In simple words: मछली का शरीर पतला होता है ताकि वह पानी में आसानी से तैर सके। उसके पास गलफड़े होते हैं जिससे वह पानी में साँस ले पाती है।
🎯 Exam Tip: मछली की अनुकूलन विशेषताओं को स्पष्ट और संक्षिप्त तरीके से लिखें, मुख्य रूप से उसकी आकृति और श्वसन अंग (गलफड़े) पर ध्यान दें।
Question 4. जलीय पौधे के तने और पत्ती की एक-एक विशेषता बताइए।
Answer: जलीय पौधों के तने और पत्ती की विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
जलीय पौधे के तनों के अंदर बहुत सारे खाली स्थान होते हैं, जिनमें हवा भरी होती है। यह उन्हें पानी में तैरने और सीधा खड़े रहने में मदद करता है।
जलीय पौधों की पत्ती की सतह पर मोम की एक चिकनी परत होती है। यह परत पत्तियों को पानी से गलने से बचाती है और उन पर पानी जमा नहीं होने देती।
In simple words: जलीय पौधों के तनों में खाली जगह होती है जो उन्हें पानी में तैरने में मदद करती है। उनकी पत्तियों पर मोम जैसी चिकनी परत होती है जो उन्हें पानी से खराब होने से बचाती है।
🎯 Exam Tip: तने के खाली स्थान और पत्ती पर मोम की परत - इन दोनों प्रमुख अनुकूलन को याद रखें और उनके कार्य को भी स्पष्ट करें।
Question 5. पक्षियों के लिए देशान्तरण का क्या महत्त्व है?
Answer: पक्षियों के लिए देशान्तरण (प्रवास) बहुत महत्त्वपूर्ण है। कुछ पक्षी ठंडे प्रदेशों को छोड़कर कुछ समय के लिए गर्म प्रदेशों में चले जाते हैं ताकि वे सर्दी से बच सकें। इसके अलावा, कुछ पक्षी भोजन की तलाश में एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं, खासकर जब उनके मूल स्थान पर भोजन की कमी हो जाती है। यह उन्हें जीवित रहने में मदद करता है।
In simple words: पक्षी ठंडी जगह छोड़कर गर्म जगह जाते हैं या भोजन ढूंढने के लिए एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं। यह उन्हें जीवित रहने में मदद करता है।
🎯 Exam Tip: पक्षियों के देशान्तरण के दो मुख्य कारणों पर ध्यान दें: कठोर मौसम से बचाव और भोजन की तलाश।
Question 6. ऊँट को रेगिस्तान का जहाज क्यों कहते हैं?
Answer: ऊँट को रेगिस्तान का जहाज कहा जाता है क्योंकि यह रेगिस्तान में सामान पहुँचाने और लोगों के यातायात के लिए बहुत उपयोगी है। यह कई दिनों तक बिना पानी के रह सकता है और अपनी गद्दीदार पैरों की मदद से रेतीली जमीन पर आसानी से चल सकता है। इन विशेषताओं के कारण यह रेगिस्तान में यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण साधन बन जाता है।
In simple words: ऊँट रेगिस्तान में सामान और लोगों को ले जाने में बहुत काम आता है। यह कई दिन बिना पानी के रह सकता है और रेत पर आसानी से चलता है, इसलिए इसे रेगिस्तान का जहाज कहते हैं।
🎯 Exam Tip: ऊँट की उन खासियतों का ज़िक्र करें जो उसे रेगिस्तान में सफर करने के लिए सबसे अच्छा बनाती हैं, जैसे पानी के बिना रहना और रेत पर चलना।
Question 7. निम्नलिखित कथन में सही के सामने (√) तथा गलत के सामने (X) का चिह्न लगाओ (चिह्न लगाकर)
(क) नागफनी एक जलीय पौधा है।
(ख) मेढक एक उभयचर जन्तु है।
(ग) मछलियों में तैरने हेतु पाद-जाल पाए जाते है।
(घ) पक्षियों के मुँह में दाँत पाए जाते हैं।
(ङ) पक्षियों एवं मछलियों का शरीर धारा-रेखित होता है।
Answer:
(क) नागफनी एक जलीय पौधा है। (X)
(ख) मेढक एक उभयचर जन्तु है। (√)
(ग) मछलियों में तैरने हेतु पाद-जाल पाए जाते है। (X)
(घ) पक्षियों के मुँह में दाँत पाए जाते हैं। (X)
(ङ) पक्षियों एवं मछलियों का शरीर धारा-रेखित होता है। (√)
In simple words: यहाँ आपको सही कथन के सामने सही का निशान (√) और गलत कथन के सामने गलत का निशान (X) लगाना है। नागफनी जलीय नहीं, रेगिस्तानी पौधा है। मछलियों में पाद-जाल नहीं होते, उनके पंख होते हैं। पक्षियों के दाँत नहीं होते, उनकी चोंच होती है।
🎯 Exam Tip: प्रत्येक कथन को ध्यान से पढ़ें और सुनिश्चित करें कि आप जीव की सही विशेषताओं के आधार पर (√) या (X) का चिह्न लगाएं।
Question 8. निम्नलिखित के सही जोड़े बनाइए (जोड़े बनाकर)
(क) नागफनी → मरुस्थल
(ख) चीड़ → पर्वत
(ग) मछली → धारा-रेखित
(घ) मेढक → उभयचर
Answer: सही जोड़े इस प्रकार हैं:
(क) नागफनी → मरुस्थल (नागफनी रेगिस्तानी पौधा है)
(ख) चीड़ → पर्वत (चीड़ का पेड़ पर्वतीय क्षेत्रों में पाया जाता है)
(ग) मछली → धारा-रेखित (मछली का शरीर तैरने के लिए धारा-रेखित होता है)
(घ) मेढक → उभयचर (मेढक पानी और जमीन दोनों पर रह सकता है)
In simple words: आपको हर एक नाम को उसके सही स्थान या विशेषता से मिलाना है। जैसे नागफनी रेगिस्तान में, चीड़ पर्वत पर, मछली का शरीर तैरने के लिए और मेढक पानी-जमीन दोनों पर रहता है।
🎯 Exam Tip: हर जोड़ी के संबंध को समझें और उन्हें सही तरीके से मिलाएं। पर्यावरण और जीव के अनुकूलन पर ध्यान दें।
Question 9. रिक्त स्थानों की पूर्ति करो (पूर्ति करके)
(क) मरुस्थलीय पौधों की पत्तियाँ काँटों में रूपांतरित हो जाती हैं।
(ख) ठंडे क्षेत्रों के जन्तुओं के शरीर पर प्रायः लम्बे घने बाल होते हैं।
Answer:
(क) मरुस्थलीय पौधों की पत्तियाँ **काँटों** में रूपांतरित हो जाती हैं।
(ख) ठंडे क्षेत्रों के जन्तुओं के शरीर पर प्रायः लम्बे घने **बाल** होते हैं।
In simple words: रेगिस्तानी पौधों की पत्तियां कांटे बन जाती हैं ताकि पानी कम खर्च हो। ठंडी जगह के जानवरों के शरीर पर मोटे बाल होते हैं ताकि उन्हें ठंड न लगे।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान की पूर्ति करते समय, यह सुनिश्चित करें कि आप उस अनुकूलन को लिखें जो उस विशेष वातावरण से संबंधित है।
Question 10. कारण बताएँ
(क) पर्वतीय क्षेत्र के पौधों की पत्तियाँ प्रायः नुकीली क्यों होती हैं?
(ख) पर्वतीय क्षेत्र के जन्तुओं के शरीर पर लंबे घने बाल क्यों होते हैं?
(ग) ऊँट के पैर गद्दीदार क्यों होते हैं?
(घ) जलीय पौधों के तने कोमल और हल्के क्यों होते हैं?
Answer:
(क) पर्वतीय क्षेत्र के पौधों की पत्तियाँ प्रायः नुकीली होती हैं क्योंकि नुकीली पत्तियों से तेज हवा आसानी से निकल जाती है। साथ ही, बर्फ पत्तियों पर रुक नहीं पाती, जिससे पौधे को नुकसान नहीं होता और वह जीवित रहता है।
(ख) पर्वतीय क्षेत्र के जन्तुओं के शरीर पर लंबे घने बाल होते हैं क्योंकि यह बाल उन्हें अत्यधिक सर्दी से बचाते हैं। यह एक प्राकृतिक कंबल की तरह काम करता है, जिससे उनके शरीर की गर्मी बनी रहती है।
(ग) ऊँट के पैर गद्दीदार होते हैं, जिससे वह रेगिस्तान की रेतीली भूमि पर बिना धँसे मीलों तक आसानी से चल सकता है। यह उसे गर्म रेत पर चलने में भी मदद करता है।
(घ) जलीय पौधों के तने कोमल और हल्के होते हैं क्योंकि उनके अंदर असंख्य खाली स्थान होते हैं, जिनमें हवा भरी रहती है। यह हवा इन पौधों को पानी में तैरने और सीधा रहने में मदद करती है।
In simple words: पर्वतीय पौधों की पत्तियां नुकीली होती हैं ताकि हवा और बर्फ से बची रहें। पर्वतीय जानवरों के शरीर पर लंबे बाल होते हैं ताकि उन्हें ठंड न लगे। ऊँट के पैर गद्दीदार होते हैं ताकि वह रेत पर आसानी से चल सके। जलीय पौधों के तने में हवा भरी होती है जिससे वे पानी में तैर सकें।
🎯 Exam Tip: प्रत्येक कारण को स्पष्ट रूप से समझाएँ और बताएं कि यह अनुकूलन जीव या पौधे को उसके वातावरण में कैसे मदद करता है।
Question 11. सोचो और बताओ- मनुष्य विभिन्न मौसमों में रह सकता है। कैसे?
Answer: मनुष्य अपनी बुद्धि और अनुकूलन क्षमता के कारण विभिन्न मौसमों में रह सकता है। उसने अपनी सुविधा के अनुसार रहने के लिए अनेक वस्तुएँ बनाई हैं, जैसे विभिन्न तरह के कपड़े (गर्म और ठंडे मौसम के लिए), घर (जो उसे मौसम की मार से बचाते हैं), और हीटिंग या कूलिंग सिस्टम। ये सभी चीजें मनुष्य को हर प्रकार के मौसम में आराम से रहने में मदद करती हैं।
In simple words: मनुष्य ने अपनी समझ से कपड़े और घर जैसी चीजें बनाई हैं, जो उसे हर मौसम में रहने में मदद करती हैं।
🎯 Exam Tip: मनुष्य के अनुकूलन के लिए उसकी बनाई हुई चीजों (कपड़े, घर आदि) और उसकी सोचने की क्षमता पर जोर दें।
Question 12. अपने आप करें – नोट – विद्यार्थी स्वयं बनाकर देखें।
Answer: यह कार्य विद्यार्थी को स्वयं करना है। छात्रों को स्वयं अवलोकन और सोच-विचार कर इस कार्य को पूरा करना चाहिए।
In simple words: यह काम आपको खुद करना है। इसे खुद सोचकर और देखकर पूरा करें।
🎯 Exam Tip: जब कोई प्रश्न "अपने आप करें" हो, तो स्पष्ट करें कि यह व्यक्तिगत अवलोकन और समझ पर आधारित एक गतिविधि है।
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Science Class 5 Curriculum Solutions: Chapter 2 Jantuon Aur Vanaspatiyon Mein Anukoolan
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