UP Board Solutions Class 12 Home Science Chapter 17 सामाजिक विषमताओं तथा विछेदनों का निराकरण

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Detailed Chapter 17 सामाजिक विषाणु और विभेदों का निदान UP Board Solutions for Class 12 Home Science

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Class 12 Home Science Chapter 17 सामाजिक विषाणु और विभेदों का निदान UP Board Solutions PDF

बहुविकल्पीय प्रश्न (1 अंक)

 

Question 1. विषमता को आशय है।
(a) जीवन स्तर एवं जीवन-शैली में भिन्नता
(b) शिक्षा में अन्तर
(c) आयु में असमानता
(d) विकल्पों में से कोई नहीं
Answer: (a) जीवन स्तर एवं जीवन-शैली में भिन्नता
In simple words: Inequality means that different people have different standards of living and ways of life. It shows the gap between how different groups of people live their daily lives.

🎯 Exam Tip: Clearly define 'inequality' as a difference in lifestyle and living standards to secure full marks in definition-based questions.

 

Question 2. सामाजिक विषमता की उत्पत्ति के विषय में प्रचलित व्याख्याओं में शामिल हैं।
(a) प्राकृतिक विभेद
(b) श्रम विभाजन एवं वर्ग निर्माण
(c) प्रकार्यात्मक आवश्यकता
(d) ये सभी
Answer: (d) ये सभी
In simple words: Social inequality is created by natural differences, how work is divided among people, and what society needs to function. Therefore, all of these factors together cause social inequality.

🎯 Exam Tip: When 'All of the options' is the correct answer, make sure you understand how each individual option contributes to the main concept.

 

प्रश्न 3. निम्नलिखित में से कौन विषमता के कारणों में सम्मिलित नहीं है?
(a) अर्जित आय
(b) व्यवसाय
(c) जन्म, जाति एवं प्रजाति
(d) बटाईदार
Answer: (d) बटाईदार
In simple words: A sharecropper is a type of farmer, which is an occupation, not a direct cause of social inequality itself.

🎯 Exam Tip: Remember that natural or social factors like birth and caste cause inequality, while being a sharecropper is just a job role.

 

प्रश्न 4. भारत में किस तरह की समाज व्यवस्था पाई जाती है?
(a) खुली समाज व्यवस्था
(b) बंद समाज व्यवस्था
(c) अर्ध खुली समाज व्यवस्था
(d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (b) बंद समाज व्यवस्था
In simple words: India has a closed social system (like the caste system) where a person's social status is mostly decided by birth and cannot be easily changed.

🎯 Exam Tip: In exams, clearly distinguish between open (class-based) and closed (caste-based) social systems to score full marks.

 

प्रश्न 5. समाज विच्छेदन का तात्पर्य है:
(a) संस्था टूट जाना
(b) सम्बन्धों में अलगाव
(c) 'a' और 'b' दोनों
(d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (c) 'a' और 'b' दोनों
In simple words: Social disintegration means when social institutions break down and people feel disconnected from each other.

🎯 Exam Tip: Social disintegration involves both structural breakdown (institutions) and relational breakdown (bonds).

 

प्रश्न 6. सामाजिक विघटन के कारणों में सम्मिलित हैं:
(a) जातिवाद
(b) जनसंख्या वृद्धि
(c) सामाजिक कुरीतियाँ
(d) इनमें से सभी विकल्प
Answer: (d) इनमें से सभी विकल्प
In simple words: Things like casteism, rapid population growth, and bad social customs all work together to break down the peace and structure of a society.

🎯 Exam Tip: When 'All of the options' is correct, make sure to read all choices carefully as multiple factors usually contribute to social issues.

 

अति लघु उत्तरीय प्रश्न (1 अंक)

 

प्रश्न 1. विषमता से आप क्या समझते हैं?
Answer: विषमता का तात्पर्य एक समाज के लोगों के जीवन स्तर तथा जीवन-शैली की भिन्नताओं से है। यह समाज में विभिन्न वर्गों के बीच अवसरों की असमानता को भी दर्शाता है।
In simple words: Inequality means that different people in a society have different living standards, wealth, and ways of living.

🎯 Exam Tip: Define inequality clearly by focusing on differences in lifestyle and living standards among different groups.

 

Question 2. विषमता की उत्पत्ति को लेकर कितने मत प्रचलित हैं?
Answer: विषमता की उत्पत्ति को लेकर प्रमुख रूप से दो प्रकार के मत प्रचलित हैं। ये मत मुख्य रूप से प्राकृतिक और सामाजिक असमानताओं के सिद्धांतों पर आधारित हैं।
In simple words: There are mainly two different views or theories about how inequality starts in a society.

🎯 Exam Tip: Clearly state the number of views (two) in your answer to get full marks directly.

 

Question 3. समाज में सामाजिक विषमता कैसे उत्पन्न होती है? अथवा सामाजिक विषमता के दो कारणों को लिखिए।
Answer: सामाजिक विषमता उत्पन्न होने के दो मुख्य कारण इस प्रकार हैं:
1. अर्जित आय
2. व्यवसाय ये दोनों कारक समाज में लोगों के स्तर और अवसरों को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
In simple words: Social inequality is mainly caused by differences in how much money people earn and the types of jobs they do.

🎯 Exam Tip: Mentioning 'earned income' and 'occupation' as the two primary points is crucial for scoring full marks.

 

Question 4. भारत किस तरह की समाज व्यवस्था का उदाहरण प्रस्तुत करता है?
Answer: भारत परम्परावादी खेतिहर समाज का उदाहरण प्रस्तुत करता है, जहाँ जाति के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि सुधार होने तक कृषि व्यवस्था में छः स्तर देखने को मिलते हैं:
1. गैर-खेतिहर भूस्वामी
2. गैर-खेतिहर पट्टेदार
3. खेतिहर भूस्वामी
4. खेतिहर रैय्यत
5. बटाईदार
6. भूमिहीन खेतिहर मजदूर यह ढांचा ग्रामीण भारत की सामाजिक और आर्थिक बनावट को गहराई से दर्शाता है।
In simple words: India is a traditional farming society where the agricultural system is divided into six different levels, ranging from rich landowners to landless laborers.

🎯 Exam Tip: Memorize all six levels of the agricultural hierarchy in order to write a complete and high-scoring answer.

 

Question 5. सामाजिक विच्छेदन कितने प्रकार के होते हैं?
Answer: सामाजिक विच्छेदन दो प्रकार के होते हैं, जो निम्नलिखित हैं:
1. व्यक्तिगत विच्छेदन
2. सामाजिक विच्छेदन ये दोनों रूप समाज की एकता और स्थिरता को अलग-अलग स्तरों पर प्रभावित करते हैं।
In simple words: Social breakdown or disintegration happens in two ways: at the personal level (individual) and at the community level (social).

🎯 Exam Tip: Clearly list both types of disintegration to ensure you don't lose any marks.

 

Question 6. सामाजिक विच्छेदन के किन्हीं दो कारणों का उल्लेख कीजिए।
Answer: सामाजिक विच्छेदन के दो कारण निम्नलिखित हैं:
1. अतिवाद
2. जनसंख्या वृद्धि ये कारक समाज में असंतुलन और तनाव पैदा करते हैं जिससे सामाजिक ताना-बाना कमजोर होता है।
In simple words: Social breakdown is often caused by extreme beliefs (extremism) and rapid population growth, which put pressure on resources and social harmony.

🎯 Exam Tip: Use precise terms like 'extremism' and 'population growth' as they are key academic keywords.

 

Question 7. सामाजिक विषमता एवं विच्छेदन को दूर करने के लिए किन्हीं दो उपायों को बताइए।
Answer: समाज में विषमता एवं विच्छेदन को दूर करने के दो प्रमुख उपाय निम्नलिखित हैं:
1. शिक्षा का प्रसार और जागरूकता बढ़ाना ताकि रूढ़िवादी विचारों को समाप्त किया जा सके।
2. आर्थिक और सामाजिक समानता को बढ़ावा देने वाली कल्याणकारी सरकारी नीतियां लागू करना। इन उपायों से समाज में समानता और भाईचारा स्थापित करने में मदद मिलती है।
In simple words: We can reduce social inequality and division by spreading education and implementing government policies that help everyone equally.

🎯 Exam Tip: Suggesting education and policy reforms is the most effective way to answer questions about social solutions.

लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)

 

Question 1. सामाजिक विषमता का क्या अर्थ है? समझाइए।
Answer: सामाजिक विषमता से आशय एक समाज के लोगों के जीवन स्तर तथा जीवन-शैली की भिन्नताओं से है, जो सामाजिक परिस्थितियों में इनकी विषम स्थिति में रहने के कारण होती हैं। उदाहरण के रूप में पूरयामो तथा भूमिहीन श्रमिक या ब्राह्मण व हरिजन को सामाजिक परिस्थितियों में पाए जाने वाले अंतर के कारण उन्हें प्राप्त जीवन-स्तरों तथा जीवन-शैलियों में भी अन्तर देखने को मिलता है। सामाजिक विषमता की उत्पत्ति के विषय में निम्न मान्यताएँ प्रचलित हैं:
• प्राकृतिक विभेद
• व्यक्तिगत सम्पत्ति
• श्रम विभाजन एवं वर्ग निर्माण
• युद्ध एवं विजय
• प्रकार्यात्मक आवश्यकता
• अभिमत एवं शक्ति

विषमता की उत्पत्ति को लेकर प्रमुख रूप से दो प्रकार के मत प्रचलित हैं। एक मत के अनुसार विषमता एक ऐतिहासिक तथ्य है, जो समय के साथ-साथ अपने आप समाप्त हो जाएगी, लेकिन दूसरे मतानुसार विषमता को समाज में समाप्त नहीं किया जा सकता, यह शाश्वत व निरन्तर बनी रहेगी।
In simple words: Social inequality means that different people in a society have different living standards and lifestyles. Some people have more resources and opportunities, while others have less due to their social situations.

🎯 Exam Tip: Clearly define social inequality and list at least three key factors responsible for its origin to secure full marks.

 

Question 2. विषमता के कारणों में शिक्षा किस प्रकार उत्तरदायी है? विवेचना कीजिए।
Answer: शिक्षा सम्बन्धी अन्तर विषमता को जन्म देते हैं। जहाँ सिद्धान्त रूप में शिक्षा की समान सुविधा की बात की जाती है, वहीं व्यावहारिक रूप में अनेक अन्तर देखने को मिलते हैं जहाँ सम्पन्न लोगों के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ने की सुविधा उपलब्ध है, वहीं गरीब लोगों के बच्चों को अभावमय स्थिति में पड़ना पड़ता है। जहाँ एक ओर कुछ गिने-चुने लोगों को उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने तथा प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से उच्च पदों पर आसीन होने के अवसर प्राप्त हैं, वहीं दूसरी ओर अधिकांश लोगों को इस तरह के अवसर समान रूप में उपलब्ध नहीं हैं। जहाँ एक ओर आर्थिक विषमता शिक्षा की असमान सुविधाओं के लिए उत्तरदायी है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा सम्बन्धी असमान सुविधाएँ विषमता की खाई को और अधिक बढ़ाने में योगदान देती हैं। यदि शिक्षा सम्बन्धी अवसर सभी वर्गों एवं व्यक्तियों के लिए उपलब्ध हो जाएँ, तो समाज में व्याप्त सामाजिक विषमता को पनपने से रोका जा सकता है। इस प्रकार शिक्षा की असमानता के कारण भी समाज में विषमता पनपती है, जो कि स्वस्थ समाज के विकास हेतु उपयुक्त नहीं है।
In simple words: Education can cause inequality when rich children get to study in good private schools with better facilities, while poor children do not get the same opportunities. This difference in education leads to unequal job opportunities in the future.

🎯 Exam Tip: Explain the bi-directional relationship between education and inequality—how wealth affects education, and how education then affects future wealth.

 

Question 3. भारत में सामाजिक विषमता पर टिप्पणी लिखिए।
Answer: भारत परम्परावादी खेतिहर समाज का उदाहरण है, जहां बन्द समाज व्यवस्था पाई जाती हैं। यहाँ जाति के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि सुधार होने तक कृषि-व्यवस्था के निम्न स्तर देखने को मिलते हैं, जिनमें एक संस्तरण व्यवस्था है:
• गैर-खेतिहर भूस्वामी
• गैर खेतिहर पट्टेदार
In simple words: India has traditionally been an agricultural society with a rigid caste system. This has created a layered social structure where land ownership and social status are closely linked, leading to inequality.

🎯 Exam Tip: Highlight the traditional agrarian nature of Indian society and how land ownership patterns contribute to social stratification.

 

Question 4. सामाजिक विघटन का क्या तात्पर्य है? विघटन के दो कारणों को स्पष्ट कीजिए।
Answer: सामाजिक विच्छेदन (विघटन) का तात्पर्य यह है कि किसी समूह या परिवार के सदस्यों के मध्य सम्बन्ध टूट जाना या अलगाव उत्पन्न हो जाना। सामाजिक विच्छेदन व्यक्तिगत तथा सामाजिक दोनों प्रकार का होता है। इस सम्बन्ध में पी. एच. लैंडिस ने अपनी पुस्तक 'ऐन इंट्रोडक्शन टू सोशियोलॉजी' में बताया है कि सामाजिक नियंत्रण की व्यवस्था का भंग होना और विशृंखल उत्पन्न होना ही सामाजिक विघटन है। सामाजिक विघटन के दो प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
1. जातिवाद: के. एन. शर्मा के अनुसार, जातिवाद या जाति शक्ति एक ही जाति के व्यक्तियों की उस भावना को कहा जाता है, जो देश व समाज के सामान्य हितों का ध्यान न रखते हुए केवल अपनी जाति के सदस्यों के उत्थान, जातीय एकता और जाति की सामाजिक परिस्थिति को सुदृढ़ रखने के लिए प्रेरित करती है। यह भावना समाज में आपसी मतभेद और दूरी को बढ़ावा देती है।
2. जनसंख्या वृद्धि: जनसंख्या में तीव्र गति से वृद्धि हो रही है, जिससे रोजगार के अवसरों में कमी आ रही है। प्रत्येक व्यक्ति को रोजगार उपलब्ध कराना एक चुनौती बन गया है। बेरोजगारी की स्थिति में कोई भी व्यक्ति परिवार के अन्य सदस्यों के लिए साधन सुविधाएं जुटाने में असमर्थ होता है, जिसके कारण परिवार में विघटन होने लगता है।
In simple words: Social disintegration means the breaking of relationships and bonds within a family or group. Two main reasons for this are casteism, which makes people care only about their own caste, and rapid population growth, which leads to unemployment and family stress.

🎯 Exam Tip: Clearly define 'social disintegration' using Landis's definition and list the two reasons with clear headings to score maximum marks.

 

Question 5. विषमता एवं विच्छेदन के निराकरण में नवीन प्रौद्योगिकी का समुचित विकास किस प्रकार किया जाना चाहिए?
Answer: वर्तमान युग में कृषि क्षेत्र में नवीन प्रौद्योगिकी के विकास ने भूमि के साथ-साथ पूँजी के मित्र को भी विषमता का प्रमुख आधार बना दिया है, जो पंजाब, हरियाणा एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उदाहरणों में स्पष्ट है। इन क्षेत्रों में जिन भू-स्वामियों के पास पूँजी थी, उन्होंने अपने खेतों के पास ही ऊंची कीमतों पर भूमि को खरीदकर बड़े-बड़े फार्म बना लिए हैं। अब ये ट्रैक्टर, पम्पिंग सेट, पावर थ्रेशर तथा अन्य मशीनों का कृषि के लिए काफी प्रयोग करने लगे हैं। ऐसे में वे सरकारी और गैर-सरकारी दोनों ही स्रोतों से अधिक ऋण लेने में सफल रहे हैं। परिणामस्वरूप विषमता कम होने के बजाय और बढ़ने लगी है। इसी प्रकार पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से चलाए गए विकास कार्यक्रमों से देश की आर्थिक प्रगति तो हुई है, लेकिन इनका लाभ भी कुछ गिने-चुने शक्ति सम्पन्न लोगों को ही मिल पाया है। अतः विषमता दूर करने के लिए हमें वास्तविकता के धरातल पर आना होगा और सही दिशा में कारगर उपाय अपनाने होंगे ताकि समाज के हर वर्ग को इसका समान लाभ मिल सके।
In simple words: Modern technology in farming has helped rich farmers buy more land and machines, which has actually increased the gap between the rich and the poor. To solve this inequality, development programs must be designed so that their benefits reach everyone, not just a few wealthy people.

🎯 Exam Tip: Use real-world examples like Punjab and Haryana to explain how modern agricultural technology has impacted social inequality.

 

विस्तृत उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)

 

Question 1. सामाजिक विषमता से आप क्या समझते हैं? भारत में सामाजिक विषमता के स्तर को स्पष्ट कीजिए।
Answer: सामाजिक विषमता का अर्थ समाज में अवसरों, संसाधनों और पुरस्कारों के असमान वितरण से है, जिसके कारण समाज में उच्च और निम्न स्तरों का निर्माण होता है। भारत में सामाजिक विषमता के विभिन्न स्तर देखने को मिलते हैं, जैसे जातिगत विषमता, वर्गगत विषमता, लैंगिक विषमता और आर्थिक विषमता। ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि स्वामित्व के आधार पर भी विषमता पाई जाती है, जहाँ बड़े भूस्वामी और भूमिहीन मजदूरों के जीवन-स्तर में भारी अंतर होता है।
In simple words: Social inequality means that resources, money, and opportunities are not shared equally among people in a society. In India, this inequality is seen in the form of caste differences, gender bias, and the huge gap between rich landowners and poor laborers.

🎯 Exam Tip: Define social inequality clearly and list its key dimensions in India, such as caste, class, and gender, to write a comprehensive answer.

सामाजिक विषमता से आशय एक समाज के लोगों के जीवन-स्तर तथा जीवन-शैली की भिन्नताओं से है, जो सामाजिक परिस्थितियों में इनकी विषम स्थिति में रहने के कारण होती हैं। उदाहरण के रूप में भूस्वामी तथा भूमिहीन श्रमिक या ब्राह्मण व हरिजन की सामाजिक परिस्थितियों में पाए जाने वाले अंतर के कारण उन्हें प्राप्त जीवन-स्तरों तथा जीवन-शैलियों में अंतर देखने को मिलता है।

सामाजिक विषमता की उत्पत्ति के विषय में निम्नलिखित व्याख्याएँ प्रचलित हैं:

  • प्राकृतिक विभेद
  • व्यक्तिगत सम्पत्ति
  • श्रम विभाजन एवं वर्ग निर्माण
  • युद्ध एवं विजय
  • प्रकार्यात्मक आवश्यकता
  • अभिमत एवं शक्ति

विषमता को लेकर प्रमुख रूप से दो प्रकार के मत प्रचलित हैं। एक मत के अनुसार, विषमता एक ऐतिहासिक तथ्य है, जो समय के साथ-साथ अपने आप समाप्त हो जाएगी, लेकिन दूसरे मतानुसार, विषमता को समाज से समाप्त नहीं किया जा सकता, यह शाश्वत और निरन्तर बनी रहेगी।

भारत में सामाजिक विषमता

भारत परम्परावादी खेतिहर समाज का उदाहरण है, जहाँ बंद समाज-व्यवस्था पाई जाती रही है। यहाँ जाति के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि सुधार होने तक कृषि-व्यवस्था के निम्न छह स्तर देखने को मिलते हैं, जिनमें एक संस्तरण व्यवस्था है:

  • गैर-खेतिहर भूस्वामी
  • गैर-खेतिहर पट्टेदार
  • खेतिहर भूस्वामी
  • खेतिहर रैय्यत
  • बटाईदार
  • भूमिहीन खेतिहर मजदूर

उपरोक्त छह स्तरों के बीच सामाजिक विषमता के कई रूप देखने को मिलते हैं। उदाहरण के रूप में खेतिहर भूस्वामी तथा भूमिहीन खेतिहर मजदूर के जीवन-स्तर तथा जीवन-शैली में पर्याप्त अन्तर पाए जाते हैं। परम्परागत कृषि उत्पादन संगठन के दो प्रमुख पक्ष ऐसे हैं, जिनका सामाजिक विषमता की समस्या पर विशेष प्रभाव पड़ता है। पहला, भूस्वामित्व एवं नियन्त्रण तथा शारीरिक श्रम के बीच विपरीत सम्बन्ध है और दूसरा, मध्यवर्ती वर्गों का प्रचुर मात्रा में विकास। अधिकांश परम्परागत कृषि समाजों में ये दो प्रवृत्तियाँ पाई जाती हैं। भारतीय कृषि व्यवस्था अपने लम्बे इतिहास की अवधि में प्रमुखतः संस्तरात्मक रही है। सामान्यतः अध्ययनों के आधार पर पाया गया है कि बड़े भूस्वामी ऊँची जाति के, भूमिहीन मजदूर निम्न या किसी अस्पृश्य जाति के सदस्य थे। इन दोनों के बीच मध्य स्तरीय किसान थे, जो खेतिहर जातियों के अन्तर्गत आते थे। इसका तात्पर्य यह है कि परम्परागत भारतीय समाज में भूमि के नियन्त्रण एवं उपयोग में विषमताएँ केवल व्यावहारिक रूप में प्राप्त ही नहीं थीं, बल्कि इसे न्यायसंगत रूप में स्वीकार भी किया गया था।

 

Question 2. सामाजिक विषमता के कारणों की विस्तारपूर्वक विवेचना कीजिए।
Answer: विभिन्न समाजों में विषमता के भिन्न-भिन्न कारण देखने को मिलते हैं। यद्यपि कुछ कारण सभी समाजों में समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। विषमता के प्रमुख कारणों में प्राकृतिक असमानता, व्यक्तिगत संपत्ति का अधिकार, श्रम का विभाजन, और सामाजिक संस्तरण शामिल हैं। ये सभी कारक मिलकर समाज में विभिन्न वर्गों के बीच दूरी और असमानता को जन्म देते हैं।
In simple words: Social inequality is caused by various factors like natural differences, private property ownership, and division of labor. These factors create different classes in society, leading to unequal access to resources and opportunities.

🎯 Exam Tip: Clearly list the key factors like private property and division of labor, and explain how they lead to social stratification to secure maximum marks.

सामाजिक विषमता के कारण (Causes of Social Inequality)

1. अर्जित आय: एक ही समाज के लोगों की आय में पर्याप्त भिन्नता देखने को मिलती है। आय सम्बन्धी इस भिन्नता के परिणामस्वरूप व्यक्तियों के भोजन, वस्त्र, मकान, आभूषण तथा जीवन-स्तर में अन्तर पाए जाते हैं। इन अन्तरों के कारण विषमताएँ उत्पन्न होती हैं।

2. व्यवसाय: विषमता का एक प्रमुख कारण व्यवसाय सम्बन्धी भेद भी है। व्यवसायों में ऊँच-नीच का एक संस्तरण पाया जाता है। जहाँ किसी व्यवसाय को अधिक प्रतिष्ठित माना जाता है, वहीं किसी व्यवसाय को हीनता की दृष्टि से भी देखा जाता है। विभिन्न व्यवसायों का इस प्रकार का मूल्यांकन इनमें लगे हुए व्यक्तियों में विषमता को बढ़ावा देता है।

3. शिक्षा: जहाँ एक ओर आर्थिक विषमता शिक्षा की असमान सुविधाओं के लिए उत्तरदायी है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा सम्बन्धी असमान सुविधाएँ विषमता की खाई को और अधिक बढ़ाने में योगदान देती हैं।

4. पद: पद का सम्बन्ध सम्पत्ति एवं शक्ति में नहीं वरन् आदर और प्रतिष्ठा से है। विभिन्न समाज भिन्न-भिन्न गुणों का आदर भिन्न-भिन्न रूप से करते हैं। पद सम्बन्धी अन्तर के आधार अलग-अलग होने के कारण विषमता पनपती है।

5. सम्पत्ति: सम्मान के आधार पर सभी समाजों में स्तरीकरण किया जाता है। आदिम समाजों में भी सम्पत्ति के आधार पर ऊँच-नीच का भेद पाया जाता है। समाज में वे लोग ऊँचे माने जाते हैं, जिनके पास अधिक सम्पत्ति होती है तथा जो सभी प्रकार की सुख-सुविधाओं को जुटाने में सक्षम होते हैं।

6. शक्ति एवं सत्ता: शक्ति एवं सत्ता के वितरण में असमानता भी विषमता के लिए उत्तरदायी है। जिन लोगों के पास सैनिक शक्ति या शासन की बागडोर होती है, उनकी स्थिति उन लोगों से ऊँची होती है, जो सत्ता एवं शक्ति विहीन होते हैं।

7. जन्म, जाति एवं प्रजाति: जो लोग उच्च समझे जाने वाले कुल, वंश, जाति एवं प्रजाति में जन्म लेते हैं, वे स्वयं को दूसरों से श्रेष्ठ मानते हैं और इस आधार पर विषमता पनपती है। ग्रामीण भारत में जाति समस्या सामाजिक विषमता का एक प्रमुख आधार है।

प्रत्येक समाज में एक संस्कृति या सामूहिक प्रतिमानों का एक पुंज होता है, मूल्यांकन जिसका एक महत्वपूर्ण लक्षण है और यह विषमता के मौलिक स्रोत को प्रस्तुत करता है। आन्द्रे बेतेई ने अपने अध्ययनों के आधार पर बताया है कि मूल्यांकन विषमता का एक सार्वभौमिक स्रोत है। इसका दूसरा स्रोत बल, शक्ति तथा प्रभुत्व है।

 

Question 3. सामाजिक विच्छेदन के कारणों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालिए।
Answer: सामाजिक विच्छेदन के कारण निम्नलिखित हैं:
1. जातिवाद: डॉ. के. एन. शर्मा के अनुसार, जातिवाद या जाति-शक्ति एक ही जाति के व्यक्तियों की उस भावना को कहा जाता है, जो देश में समाज के सामान्य हितों का ख्याल न रखते हुए केवल अपनी जाति के सदस्यों के उत्थान, जातीय एकता और जाति की सामाजिक स्थिति को सुदृढ़ रखने के लिए प्रेरित करती है। इससे समाज में विघटन की स्थिति उत्पन्न होती है।
2. जनसंख्या वृद्धि: जनसंख्या में तीव्र गति से वृद्धि हो रही है, जिससे रोजगार के अवसरों में कमी आ रही है। प्रत्येक व्यक्ति को रोजगार उपलब्ध कराना एक चुनौती बन गया है। बेरोजगारी की स्थिति में कोई भी व्यक्ति परिवार के अन्य सदस्यों के लिए साधन-सुविधाएँ जुटाने में असमर्थ होता है, जिसके कारण परिवार में विच्छेदन होने लगता है।
3. राजनीतिक भ्रष्टाचार: राजनीतिक स्वार्थों के चलते विभिन्न जाति के लोगों में आपस में वैमनस्य उत्पन्न कर उन्हें अनेक वर्गों में विभाजित कर दिया जाता है। इससे किसी एक वर्ग को विशेष सुविधा उपलब्ध कराकर आकर्षित किया जाता है। इससे उनमें राष्ट्रीयता की भावना समाप्त होकर केवल अपने वर्ग की ही भावना रह जाती है, जिसके कारण सामाजिक विच्छेदन होने लगता है।
4. सामाजिक कुरीतियाँ: भारतीय समाज में अनेक तरह की कुरीतियाँ व्याप्त हैं, जैसे बाल विवाह, दहेज प्रथा, बेमेल विवाह, विवाह-विच्छेद आदि। इन कुरीतियों के कारण परिवार के सभी सदस्यों में सामंजस्य नहीं बन पाता और सम्बन्ध-विच्छेद होने लगते हैं, यहाँ तक कि परिवार टूट जाते हैं।
In simple words: Social disintegration happens due to factors like casteism, rapid population growth causing unemployment, political corruption that divides people, and harmful social evils like child marriage or dowry that break families apart.

🎯 Exam Tip: To score full marks, list all four major causes of social disintegration clearly with subheadings, and explain each point with relevant social examples like unemployment or casteism.

विषमता एवं विच्छेदन के कारण (शेष भाग)

5. धार्मिक दृष्टिकोण: भारतीय समाज अनेक वर्षों में विभाजित है, जिसमें अस्पृश्य वर्ग का जीवन-स्तर अत्यन्त निम्न है। सवर्णों द्वारा इन पर अनेक प्रकार के कर्तव्यों का बोझ डाला जाता है, जिससे इनमें हीन भावना आ जाती है और कुंठा पनपने लगती है।
6. साम्प्रदायिकता की भावना: वर्तमान समाज में धर्म, जाति तथा भाषा आदि के आधार पर अनेक वर्ग बन गए हैं, जिनमें एक-दूसरे के प्रति विरोध उत्पन्न हो गया है। आपस में संघर्ष और तनाव की स्थिति के कारण सामाजिक सम्बन्धों में विच्छेदन होने लगा है।
7. नए-पुराने में संघर्ष: नई और पुरानी पीढ़ी में तनाव उत्पन्न होने से विच्छेदन की स्थिति बनती है, क्योंकि युवा वर्ग और पुराने लोगों के विचारों में टकराहट होने से संघर्ष पैदा हो जाता है, जो विच्छेदन तक पहुँच जाता है।
8. दोषप्रद शिक्षा प्रणाली: अब के शिक्षित युवा पुरानी मर्यादाओं तथा मापदंडों का मूल्य नहीं समझ पाते हैं। उनके लिए इनका कोई औचित्य नहीं है, लेकिन पुरानी पीढ़ी इन पर जोर देती है, जिसके कारण दोनों वर्गों में विच्छेदन उत्पन्न हो जाता है।
9. नैतिक मूल्यों का ह्रास: धनी वर्ग सम्पन्न और समृद्ध होता है, इसलिए उसके पास पैसा और समय दोनों प्रचुर मात्रा में होते हैं। यही कारण है कि इस वर्ग की जीवन-शैली और जीवन-स्तर पर पाश्चात्य प्रभाव अधिक रहता है। पाश्चात्य जीवन-शैली परिवार के उन सदस्यों को उचित नहीं लगती, जो परम्पराओं और नैतिक मूल्यों का निर्वहन करते हैं। इस स्थिति में परिवार में तनाव और संघर्ष उत्पन्न हो जाता है, जो विच्छेदन के रूप में परिणत होता है।

 

Question 4. विषमता एवं विच्छेदन के निराकरण पर एक निबन्ध लिखिए।
Answer: समाज में विषमता एवं विच्छेदन को दूर करने के उपाय निम्नलिखित हैं:
1. पूँजी एवं आय का पुनर्वितरण: विषमता एवं विच्छेदन दूर करने के लिए जहां भूमि एवं पूँजी का पुनर्वितरण आवश्यक है, वहीं आय का पुनर्वितरण भी जरूरी है। जिन क्षेत्रों में नवीन प्रौद्योगिकी का सफलतापूर्वक प्रयोग किया जा सकता है, वहीं भू-स्वामियों का मुनाफा अवश्य बढ़ा है, परन्तु साथ ही कृषि श्रमिकों की मजदूरी भी बढ़ी है और कई स्थानों पर तो तेजी से तथा पर्याप्त मात्रा में, लेकिन कृषि मजदूरों की सुरक्षा के लिए इन्हें आर्थिक स्थायित्व प्रदान किया जाना चाहिए और इस हेतु कुटीर उद्योग-धन्धों का तेजी से विकास किया जाए। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।
2. आधुनिकीकरण: आधुनिकीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने से विषमता को दूर किया जा सकता है। आधुनिकीकरण से समाज का दृष्टिकोण विकसित होगा तथा एक नए माहौल में समरसता का भाव पनप सकेगा, जो कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है।
3. प्रजातान्त्रिक मूल्यों एवं मानवतावादी दृष्टिकोण: विषमता के आधारों पर चोट करने के लिए प्रजातान्त्रिक मूल्यों एवं मानवतावादी दृष्टिकोण का व्यापक प्रचार-प्रसार करना चाहिए, क्योंकि समाजीकरण की प्रक्रिया के दौरान ही प्रजातान्त्रिक एवं मानवतावादी मूल्यों के प्रति आस्था पैदा की जा सकती है।
4. जनैतिक परिवर्तन: विषमता एवं विच्छेदन को दूर करने के लिए कानूनी एवं राजनैतिक परिवर्तन भी आवश्यक हैं। टी.एच.मार्शल ने इंग्लैण्ड में पहले कानूनी समता, फिर राजनैतिक समता और अन्त में नागरिक समता के विकास का विस्तार से वर्णन किया है। अतः राजनैतिक तथा प्रशासनिक कार्यक्रमों द्वारा विषमता को कम किया जा सकता है।
In simple words: समाज में फैली असमानता और आपसी बिखराव को दूर करने के लिए धन का सही बँटवारा, आधुनिक सोच, लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रसार और उचित कानूनी व राजनैतिक बदलाव बेहद ज़रूरी हैं।

🎯 Exam Tip: इस निबंधात्मक प्रश्न में पूरे अंक प्राप्त करने के लिए चारों मुख्य उपायों (पूँजी पुनर्वितरण, आधुनिकीकरण, प्रजातांत्रिक मूल्य, और कानूनी परिवर्तन) को अलग-अलग हेडिंग बनाकर स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 5. आर्थिक विकास
Answer: पूर्व यूरोपीय विद्वानों द्वारा विषमता को समाप्त करने के लिए आर्थिक विकास को आवश्यक माना गया है। आन्द्रे बेतेई के अनुसार, आर्थिक विकास के माध्यम से गरीबों, दरिद्रता एवं बेरोजगारी की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। यदि आर्थिक क्षेत्र में विषमता को कम किया जा सका तो अन्य क्षेत्रों में विषमता धीरे-धीरे कम होने लगेगी। इसका प्रमुख कारण यह है कि आज आय, सम्पत्ति, भौतिक साधन अर्थात् आर्थिक शक्ति व्यक्ति को सामाजिक प्रस्थिति के निर्धारण में प्रमुख रूप से महत्त्वपूर्ण है। यह बदलाव समाज में समानता लाने का मार्ग प्रशस्त करता है।
In simple words: आर्थिक विकास से गरीबी और बेरोजगारी दूर होती है। जब लोगों की आय और संपत्ति बढ़ती है, तो समाज में उनके बीच का अंतर अपने आप कम होने लगता है।

🎯 Exam Tip: उत्तर लिखते समय समाजशास्त्री आन्द्रे बेतेई के कथन और आर्थिक शक्ति (आय, संपत्ति) के महत्व को स्पष्ट रूप से रेखांकित करें।

 

Question 6. नवीन प्रौद्योगिकी का समुचित विकास
Answer: नवीन प्रौद्योगिकी विकास से इन भू-स्वामियों को अधिक लाभ मिल पाया, जिनके पास पर्याप्त मात्रा में पूँजी थी। इसी प्रकार पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से चलाए गए विकास कार्यक्रम से देश को आर्थिक प्रगति तो हुई है, लेकिन इनका लाभ भी कुछ गिने-चुने शक्ति-सम्पन्न लोगों को ही मिला है। अतः विषमता दूर करने के लिए सही दिशा में कारगर उपाय अपनाने होंगे, जो निम्न हैं:
जनसंख्या नियन्त्रण: जनसंख्या नियन्त्रण से आवास तथा भोजन जैसी मूलभूत समस्याओं से छुटकारा पाया जाता है। जनसंख्या वृद्धि से इन सुविधाओं का अभाव हो जाता है, जिसमें तनाव और संघर्ष होता है, इसलिए जनसंख्या वृद्धि पर नियन्त्रण से विषमता और विच्छेद को रोका जा सकता है।
साम्प्रदायिक सद्भावना: समाज सामाजिक समता स्थापित करने तथा विच्छेदन को रोकने के लिए आपसी सौहार्द एवं सद्भावना को बनाए रखना आवश्यक है, जो लोग अपने-अपने धर्मों की सर्वश्रेष्ठता स्थापित करने के उद्देश्य से आपसी तनाव पैदा करते हैं, उन्हें आपस में मिल-जुलकर रहना चाहिए, ताकि सद्भावना बनी रहे। यह सामाजिक एकता देश के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
In simple words: नई तकनीक और योजनाओं का लाभ सभी को मिलना चाहिए। इसके साथ ही जनसंख्या पर नियंत्रण रखने और आपस में भाईचारा बनाए रखने से समाज के झगड़े और दूरियां समाप्त होती हैं।

🎯 Exam Tip: विषमता दूर करने के उपायों में 'जनसंख्या नियंत्रण' और 'साम्प्रदायिक सद्भावना' को ब्लैक पेन से हेडिंग बनाकर लिखें ताकि उत्तर आकर्षक लगे।

UP Board Solutions Class 12 Home Science Chapter 17 सामाजिक विषाणु और विभेदों का निदान

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