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UP Board Class 12 Geography Chapter 9 Text Book Questions
UP Board Class 12 Geography Chapter 9 पाठचपुस्तक से अभ्यास प्रश्न
Question 1. नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए-
(i) प्रदेशीय नियोजन का सम्बन्ध है-
(क) आर्थिक व्यवस्था के विभिन्न सेक्टरों का विकास
(ख) क्षेत्र-विशेष के विकास का उपागम
(ग) परिवहन जल तन्त्र में क्षेत्रीय अन्तर
(घ) ग्रामीण क्षेत्रों का विकास
Answer: (ख) क्षेत्र-विशेष के विकास का उपागम
In simple words: प्रदेशीय नियोजन किसी विशिष्ट क्षेत्र के विकास पर केंद्रित होता है, न कि किसी एक सेक्टर या एक बड़े भूभाग पर। इसका लक्ष्य उस विशेष क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुसार योजना बनाना है।
🎯 Exam Tip: प्रदेशीय नियोजन से संबंधित प्रश्नों में क्षेत्र-विशेष पर केंद्रित विकास को पहचानना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह इसके मुख्य उपागम को दर्शाता है।
(ii) आई०टी०डी०पी० निम्नलिखित में से किस सन्दर्भ में वर्णित है-
(क) समन्वित पर्यटन विकास प्रोग्राम
(ख) समन्वित यात्रा विकास प्रोग्राम
(ग) समन्वित जनजातीय विकास प्रोग्राम
(घ) समन्वित परिवहन विकास प्रोग्राम
Answer: (ग) समन्वित जनजातीय विकास प्रोग्राम
In simple words: आई०टी०डी०पी० (ITDP) का पूरा नाम Integrated Tribal Development Programme है, जिसका अर्थ समन्वित जनजातीय विकास प्रोग्राम है। यह जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास पर केंद्रित है।
🎯 Exam Tip: ITDP जैसे संक्षिप्त रूपों के पूर्ण नाम और उनके मुख्य उद्देश्यों को याद रखना बहुविकल्पीय प्रश्नों में अंक प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है।
(iii) इन्दिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र में सतत पोषणीय विकास के लिए इनमें से कौन-सा सबसे महत्त्वपूर्ण कारक है-
(क) कृषि विकास
(ख) पारितन्त्र विकास
(ग) परिवहन विकास
(घ) भूमि उपनिवेशन
Answer: (ख) पारितन्त्र विकास
In simple words: इन्दिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र में सतत पोषणीय विकास के लिए पारितन्त्र का विकास सबसे अहम है। इसमें जल के विवेकपूर्ण उपयोग और पर्यावरण संतुलन बनाए रखना शामिल है, ताकि दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित हो सके।
🎯 Exam Tip: सतत पोषणीय विकास से जुड़े प्रश्नों में पर्यावरणीय या पारितन्त्र संबंधी कारकों को प्राथमिकता देना उचित होता है, क्योंकि यह दीर्घकालिक स्थिरता का मूल आधार है।
Question 2. निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर लगभग 30 शब्दों में दें-
(i) भरमौर जनजातीय क्षेत्र में समन्वित जनजातीय विकास कार्यक्रम के सामाजिक लाभ क्या हैं?
Answer: भरमौर जनजातीय क्षेत्र में जनजातीय विकास कार्यक्रम से सबसे अधिक विकास विद्यालयों, स्वास्थ्य सुविधाओं, पेयजल, परिवहन एवं संचार तथा विद्युत के क्षेत्र में हुआ ।
In simple words: भरमौर जनजातीय क्षेत्र में विकास कार्यक्रमों से शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ पानी, बेहतर सड़कें और बिजली जैसी बुनियादी सामाजिक सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार आया। इन सुधारों ने क्षेत्र के लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाया।
🎯 Exam Tip: जनजातीय विकास कार्यक्रमों के सामाजिक लाभों को सूचीबद्ध करते समय बुनियादी सुविधाओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और अवसंरचना पर ध्यान केंद्रित करें।
(ii) सतत पोषणीय विकास की संकल्पना को परिभाषित करो।
Answer: ब्रटलैण्ड आयोग के अनुसार सतत पोषणीय विकास का अर्थ है-“एक ऐसा विकास जिसमें भविष्य में आने वाली पीढ़ियों की आवश्यकता पूर्ति को प्रभावित किए बिना वर्तमान पीढ़ी द्वारा अपनी आवश्यकता की पूर्ति की जाए।”
In simple words: सतत पोषणीय विकास का मतलब है कि हम आज संसाधनों का उपयोग इस तरह से करें कि हमारी अपनी ज़रूरतें भी पूरी हों और भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी संसाधन बचें। यह पर्यावरण को बचाते हुए विकास करने की प्रक्रिया है।
🎯 Exam Tip: सतत पोषणीय विकास की परिभाषा में 'भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं' और 'वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं' के बीच संतुलन को प्रमुखता से उजागर करें।
(iii) इन्दिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र का सिंचाई पर क्या सकारात्मक प्रभाव पड़ा?
Answer: इन्दिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र में नहर द्वारा सिंचाई के प्रसार से इस प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ा है। यहाँ मृदा में नमी की कमी कृषि के विकास में सबसे बड़ी बाधा थी। सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने से बोए गए क्षेत्र का विस्तार हुआ है और एक से अधिक बार बोए गए क्षेत्र में वृद्धि हुई है।
In simple words: इन्दिरा गांधी नहर से सिंचाई की उपलब्धता ने सूखे क्षेत्रों में कृषि को बढ़ावा दिया, जिससे मृदा की नमी बढ़ी, बोए गए क्षेत्र का विस्तार हुआ और फसलों की पैदावार में वृद्धि हुई। इससे पूरे क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आया।
🎯 Exam Tip: इंदिरा गांधी नहर के सिंचाई प्रभावों का वर्णन करते समय कृषि उत्पादकता में वृद्धि, बोए गए क्षेत्र का विस्तार और कृषि अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव जैसे मुख्य बिंदुओं को शामिल करें।
Question 3. निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दें-
(i) सूखा सम्भावी क्षेत्र कार्यक्रम पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें । यह कार्यक्रम देश में शुष्क भूमि कृषि विकास में कैसे सहायक है?
Answer: सूखा सम्भावी क्षेत्र कार्यक्रम-यह कार्यक्रम चौथी योजना में शुरू किया गया था। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सूखा प्रवण क्षेत्रों में गरीब ग्रामीण लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना तथा सूखे के प्रभाव को कम करना था। इसमें भूमि तथा मजदूर की उत्पादकता में वृद्धि के लिए विकासात्मक कार्य शुरू किए गए थे। समन्वित विकास पर विशेष जोर दिया गया था। ये कार्यक्रम सिंचाई परियोजनाओं, भूमि विकास कार्यक्रम, वनारोपण/वनीकरण, घास भूमि विकास, ग्रामीण विद्युतीकरण और अवसंरचनात्मक विकास कार्यक्रम से सम्बन्धित थे । कार्यक्रम का प्रभाव मुख्यतः कृषि तथा इससे सम्बद्ध सेक्टरों के विकास तक ही सीमित है और पर्यावरणीय सन्तुलन पुनः स्थापन तक इसमें विशेष बल दिया गया। यह भी महसूस किया गया कि जनसंख्या में तीव्र वृद्धि के कारण भूमि पर जनसंख्या का भार निरन्तर बढ़ रहा है और कृषक अधिक कृषि उत्पादन प्राप्त करने के लिए सीमान्त भूमि का प्रयोग करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। इससे पारिस्थितिकीय सन्तुलन बिगड़ रहा है, अतः सूखा प्रभावी क्षेत्रों में वैकल्पिक रोजगार के अवसर उत्पन्न करना अति महत्त्वपूर्ण हो गया है।
कार्यक्रम देश में शुष्क भूमि कृषि विकास में सहायक-भारत में सूखा सम्भावी क्षेत्र मुख्यतः राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र, आन्ध्र प्रदेश में रायलसीमा, तेलंगाना, कर्नाटक पठार और तमिलनाडु की उच्च भूमि तथा आन्तरिक भाग के शुष्क और अर्द्ध-शुष्क भागों में फैले हुए हैं। पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के सूखा प्रभावित क्षेत्र सिंचाई के प्रसार के कारण सूखे से बच जाते हैं।
In simple words: सूखा सम्भावी क्षेत्र कार्यक्रम चौथी पंचवर्षीय योजना में शुरू हुआ, जिसका लक्ष्य सूखे से प्रभावित गरीब ग्रामीण लोगों को रोजगार देना और सूखे के प्रभाव को कम करना था। इसने सिंचाई, भूमि विकास, वनीकरण और ग्रामीण विद्युतीकरण जैसे विकासात्मक कार्यों के माध्यम से भूमि और श्रम की उत्पादकता बढ़ाई, जिससे शुष्क भूमि कृषि के विकास में सहायता मिली।
🎯 Exam Tip: सूखा सम्भावी क्षेत्र कार्यक्रम के उद्देश्यों, इसकी शुरुआत की योजना और शुष्क भूमि कृषि में इसकी सहायता के तरीकों को विस्तार से समझाना महत्वपूर्ण है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र इंदिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र का विस्तृत मानचित्र दर्शाता है, जो राजस्थान और पाकिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों में फैली है। मानचित्र में हरिके बैराज से निकलकर सतलुज और व्यास नदियों के संगम के पास से मुख्य नहर के मार्ग को दिखाया गया है, जो राजस्थान में बीकानेर और जैसलमेर तक जाती है। इसमें चरण-1 और चरण-2 के कमान क्षेत्रों, सहायक नहरों, तथा अंतर्राष्ट्रीय, राज्य और जिला सीमाओं को भी स्पष्ट रूप से इंगित किया गया है, जो नहर के जल वितरण और विकास क्षेत्र को दर्शाता है।
(ii) इन्दिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र में सतत पोषणीय विकास को बढ़ावा देने के लिए उपाय सुझाइए।
Answer: इन्दिरा गांधी नहर कमान क्षेत्र में सतत पोषणीय विकास को बढ़ावा देने के उपाय निम्नलिखित हैं-
(1) जल सघन फसलों के स्थान पर बागवानी कृषि में खट्टे फलों की कृषि को प्रोत्साहन देना चाहिए।
(2) जल प्रबन्धन नीति को कठोरता से लागू करने की आवश्यकता है।
(3) जलाक्रान्त तथा लवणता से प्रभावित भूमि के पुनरुद्धार के प्रयास किए जाएँ।
(4) कमान क्षेत्र विकास कार्यक्रम; जैसे-नालों को पक्का करना, भूमि विकास तथा समतलन और बारबंदी (ओसरा) पद्धति (निकास के कमान क्षेत्र में नहर के जल का समान वितरण) प्रभावी रूप से क्रियान्वित की जाएँ जिससे बहते जल की क्षति मार्ग में कम हो सके ।
(5) सतत पोषणीय विकास प्राप्त करने के लिए कृषि तथा इससे सम्बन्धित क्रियाकलापों के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों का भी विकास करना होगा।
(6) सामाजिक सतत पोषणीयता का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए निर्धन आर्थिक स्थिति वाले भू-आवंटियों को पर्याप्त वित्तीय एवं संस्थागत सहायता देने की आवश्यकता है।
(7) प्रदेश के पारिस्थितिक तन्त्र के विकास के लिए वनीकरण, वृक्षों की रक्षण मेखला का निर्माण तथा चरागाह का विकास आवश्यक है।
In simple words: इंदिरा गांधी नहर क्षेत्र में सतत विकास के लिए पानी बचाने वाली फसलें जैसे बागवानी को बढ़ावा देना, जल प्रबंधन नीतियों को सख्ती से लागू करना, खराब भूमि को सुधारना और नहर के पानी के समान वितरण के लिए नालों को पक्का करना आवश्यक है। साथ ही, कृषि से जुड़े अन्य क्षेत्रों का विकास और गरीब किसानों को वित्तीय सहायता देना भी महत्वपूर्ण है, ताकि वनीकरण और पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बना रहे।
🎯 Exam Tip: इंदिरा गांधी नहर क्षेत्र में सतत पोषणीय विकास के उपायों को बताते समय जल संरक्षण, भूमि सुधार, कृषि विविधीकरण और सामाजिक-पारिस्थितिकीय संतुलन जैसे बिंदुओं पर जोर दें।
UP Board Class 12 Geography Chapter 9 Other Important Questions
UP Board Class 12 Geography Chapter 9 अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
Question 1. पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम की व्याख्या कीजिए।
Answer: विशिष्ट पहाड़ी क्षेत्र विकास कार्यक्रम पाँचवीं पंचवर्षीय योजना में आरम्भ हुआ और इसमें उत्तराखण्ड, मिकिर पहाड़ी और असम की उत्तरी कछार की पहाड़ियाँ, पश्चिम बंगाल का दार्जिलिंग जिला तथा तमिलनाडु के नीलगिरि इत्यादि को मिलाकर 15 जिले शामिल हैं। पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए बनी राष्ट्रीय समिति ने सन् 1981 में सिफारिश की कि देश के उन सभी पर्वतीय क्षेत्रों को पिछड़े पर्वतीय क्षेत्रों में शामिल कर लिया जाए जिनकी ऊँचाई 600 मीटर से अधिक है और जिनमें जनजातीय उपयोजना लागू नहीं है।
राष्ट्रीय समिति ने पहाड़ी क्षेत्रों के विकास के लिए जो सुझाव दिए, उनमें निम्नलिखित बातों का ध्यान रखा गया था
1. कार्यक्रम का लाभ पहाड़ी क्षेत्र के सभी लोगों तक पहुँचे ।
2. स्थानीय संसाधनों व प्रतिभाओं का विकास हो सके।
3. पहाड़ी लोग अपनी जीविका-निर्वाह अर्थव्यवस्था को निवेश-उन्मुखी बनाएँ व कुछ लाभ कमाना सीखें।
4. अन्तः प्रादेशिक व्यापार में पिछड़े अर्थात् पर्वतीय क्षेत्रों का शोषण न होने पाए।
5. पिछड़े क्षेत्रों की बाजार व्यवस्था में सुधार करके श्रमिकों को लाभ पहुँचाना।
6. पारिस्थितिकीय सन्तुलन बनाए रखना।
पहाड़ी क्षेत्रों के विकास की योजनाएँ बनाते समय उनकी स्थलाकृति, पारिस्थितिकी व सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दशाओं को ध्यान में रखा गया था।
कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय लोगों को पशुपालन, मधुमक्खी पालन, मुर्गी पालन, मृदा संरक्षण, वृक्षारोपण तथा उद्यान खेती इत्यादि का प्रशिक्षण देकर तथा उन्हें इन कार्यक्रमों में शामिल करके स्थानीय संसाधनों का दोहन करना था।
In simple words: पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम पाँचवीं पंचवर्षीय योजना में शुरू हुआ, जिसका उद्देश्य 600 मीटर से अधिक ऊँचाई वाले 15 पिछड़े पर्वतीय जिलों का विकास करना था। यह कार्यक्रम स्थानीय संसाधनों के विकास, आय में वृद्धि, और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने पर केंद्रित था, जिसमें पशुपालन, वनीकरण और बागवानी जैसे कार्यों को बढ़ावा दिया गया।
🎯 Exam Tip: पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम की शुरुआत, शामिल क्षेत्र, राष्ट्रीय समिति के सुझावों और मुख्य उद्देश्यों को स्पष्ट रूप से समझाएं।
Question 2. लक्ष्य क्षेत्र नियोजन को समझाइए ।
Answer: जो क्षेत्र आर्थिक विकास की दौड़ में पिछड़ गए हैं उनके नियोजन पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। आप जानते हैं कि किसी क्षेत्र का आर्थिक विकास उसके संसाधन आधार (Resources Base) पर निर्भर करता है, लेकिन कई बार संसाधनों से समृद्ध क्षेत्र भी पिछड़े रह जाते हैं। आर्थिक विकास के लिए संसाधनों के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान और पूँजी की भी आवश्यकता होती है।
भारत में पहली तीन पंचवर्षीय योजनाओं का परिणाम यह रहा कि आर्थिक विकास में क्षेत्रीय विषमता और अधिक बढ़ती जा रही है। विकास का फल आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों और लोगों, विशेषतया स्त्रियों को उस हिसाब से नहीं मिल पाया जिसकी उम्मीद थी, अतः प्रादेशिक और सामाजिक विषमताओं को कम करने के लिए योजना आयोग ने योजना के दो नए उपगमनों 'लक्ष्य क्षेत्र' और 'लक्ष्य समूह' को प्रस्तुत किया है। लक्ष्य क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए जो कार्यक्रम इस देश में बनाए गए हैं, उनमें कमाण्ड एरिया डेवलपमेण्ट प्रोग्राम, सूखा प्रवण क्षेत्र विकास कार्यक्रम, मरुस्थल क्षेत्र विकास कार्यक्रम तथा पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम प्रमुख हैं।
इसी तरह लक्ष्य समूह विकास को ध्यान में रखते हुए लघु कृषक विकास अभिकरण (SFDA) तथा सीमान्त कृषक विकास अभिकरण (MFDA) जैसे कार्यक्रम चलाए गए।
In simple words: लक्ष्य क्षेत्र नियोजन उन भौगोलिक क्षेत्रों पर केंद्रित होता है जो आर्थिक विकास में पिछड़ गए हैं। यह संसाधनों की उपलब्धता, तकनीकी ज्ञान और पूंजी की कमी जैसी समस्याओं को पहचानकर विशेष कार्यक्रम बनाता है। भारत में, यह दृष्टिकोण क्षेत्रीय विषमताओं को कम करने के लिए कमान क्षेत्र, सूखा प्रवण क्षेत्र, मरुस्थल क्षेत्र और पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रमों के माध्यम से अपनाया गया है।
🎯 Exam Tip: लक्ष्य क्षेत्र नियोजन की अवधारणा, इसके कारण (संसाधन, तकनीक, पूंजी) और भारत में लागू किए गए प्रमुख कार्यक्रमों (जैसे कमांड एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम) का उल्लेख करें।
आठवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान उत्तर-पूर्वी राज्यों, जनजातीय क्षेत्रों एवं पिछड़े क्षेत्रों में ढाँचागत सुविधाओं का विकास करने के लिए 'विशिष्ट क्षेत्र विकास कार्यक्रम' लागू किया गया।
Question 3. नियोजन का क्या अर्थ है? नियोजन के उपगमन को समझाइए ।
Answer: नियोजन का अर्थ-किसी भी समस्या का समाधान करने के लिए-
1. सोच-विचार करना,
2. कार्यों व प्राथमिकताओं का क्रम विकसित करना तथा
3. उद्देश्य की प्राप्ति के लिए कठोर परिश्रम करना, 'नियोजन' कहलाता है।
नियोजन जिन समस्याओं को ध्यान में रखकर किया जाता है वे समस्याएँ स्थायी न होकर परिवर्तनीय होती हैं। नियोजन की अवधि भी अलग-अलग होती है।
नियोजन के उपगमन-सामान्यतः नियोजन के दो उपगमन होते हैं-
1. खण्डीय नियोजन-नियोजन के इस प्रकार में अर्थव्यवस्था के विभिन्न सेक्टरों; जैसे-कृषि, सिंचाई, विनिर्माण, ऊर्जा, परिवहन, संचार, सामाजिक अवसंरचना और सेवाओं के लिए कार्यक्रम बनाए और लागू किए जाते हैं।
2. क्षेत्रीय नियोजन-किसी भी क्षेत्र के सभी भागों में एक समान आर्थिक विकास नहीं पाया जाता। कुछ क्षेत्र अधिक विकसित हो जाते हैं व अन्य कुछ पिछड़े रह जाते हैं। विकास का यह क्षेत्रीय असमानता नियोजकों को प्रेरित करती है कि वे नियोजन का स्थानिक परिप्रेक्ष्य अपनाते हुए ऐसी योजनाएँ बनाएँ जिनसे विकास में प्रादेशिक असन्तुलन कम हो सके । इस प्रकार के नियोजन को क्षेत्रीय नियोजन' कहा जाता है।
In simple words: नियोजन का अर्थ है किसी समस्या का समाधान करने के लिए सोच-विचार कर योजना बनाना, कार्यों को प्राथमिकता देना और लक्ष्य प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करना। इसके दो मुख्य प्रकार हैं: खण्डीय नियोजन, जो अर्थव्यवस्था के अलग-अलग सेक्टरों पर केंद्रित होता है, और क्षेत्रीय नियोजन, जो किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र के विकास असंतुलन को दूर करने पर केंद्रित होता है।
🎯 Exam Tip: नियोजन की स्पष्ट परिभाषा, उसके विभिन्न उपगमनों (खण्डीय और क्षेत्रीय) और प्रत्येक उपगमन के मुख्य उदाहरणों को संक्षेप में बताएं।
लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
Question 1. प्रादेशिक विषमता उत्पन्न होने के कारणों को समझाइए ।
Answer: प्रादेशिक विषमता उत्पन्न होने के निम्नलिखित कारण हैं-
1. देश के अधिकांश पिछड़े क्षेत्रों पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया।
2. द्वितीय पंचवर्षीय योजना में देश के गिने-चुने भागों में बड़े-बड़े कारखाने स्थापित किए गए। इन उद्योगों की स्थापना से अन्तः प्रादेशिक विषमताएँ बढ़ गईं ।
3. 60 के दशक में आयी हरित क्रान्ति ने भी आर्थिक विषमता को बढ़ावा दिया।
4. उदारीकरण, निजीकरण तथा वैश्वीकरण के कारण भी विकास केवल सुविधाजनक क्षेत्रों में ही तेजी से हो रहा है, सभी क्षेत्रों में नहीं। इससे प्रादेशिक विषमता बढ़ रही है।
5. पक्षपातपूर्ण निवेश भी आर्थिक विषमता को बढ़ा रहा है।
In simple words: प्रादेशिक विषमताएं तब उत्पन्न होती हैं जब पिछड़े क्षेत्रों पर ध्यान नहीं दिया जाता, कुछ ही क्षेत्रों में बड़े उद्योग स्थापित होते हैं, हरित क्रांति और उदारीकरण जैसे आर्थिक बदलाव केवल कुछ क्षेत्रों को लाभ पहुंचाते हैं, और निवेश में पक्षपात होता है। ये सभी कारक विभिन्न क्षेत्रों के बीच विकास के स्तर में अंतर पैदा करते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रादेशिक विषमता के कारणों को समझाते समय ऐतिहासिक विकास नीतियों, आर्थिक सुधारों और निवेश पैटर्न जैसे प्रमुख कारकों पर जोर दें।
Question 2. भारत में किस पंचवर्षीय योजना में सूखा सम्भावित क्षेत्र विकास कार्यक्रम की शुरुआत हुई? कार्यक्रम के उद्देश्यों को समझाइए ।
Answer: सूखा सम्भावित क्षेत्र विकास कार्यक्रम चौथी पंचवर्षीय योजना में आरम्भ किया गया। कार्यक्रम के प्रमुख उद्देश्य थे-
1. सूखाग्रस्त क्षेत्रों के लोगों की आय में वृद्धि हो और उन्हें रोजगार के अवसर प्राप्त हों।
2. अभावग्रस्त लोगों के लिए काम के अवसर निकाले जा सकें ।
3. सूखाग्रस्त क्षेत्रों में गरीबी दूर करने के लिए रोजगार देकर सहायता करना।
In simple words: सूखा सम्भावी क्षेत्र विकास कार्यक्रम चौथी पंचवर्षीय योजना में शुरू किया गया था। इसका मुख्य लक्ष्य सूखाग्रस्त क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आय बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और गरीबी कम करके उन्हें सहायता प्रदान करना था।
🎯 Exam Tip: सूखा सम्भावी क्षेत्र विकास कार्यक्रम की शुरुआत की योजना और उसके मुख्य उद्देश्यों-जैसे आय वृद्धि, रोजगार सृजन और गरीबी उन्मूलन-को स्पष्ट रूप से उल्लेखित करें।
Question 3. हिमाचल प्रदेश के भरमौर क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र के रूप में कब अधिसूचित किया गया? इस क्षेत्र की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए ।
Answer: भरमौर क्षेत्र 21 नवम्बर, 1975 को आदिवासी क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। भरमौर क्षेत्र की विशेषताएँ-भरमौर क्षेत्र की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
1. यह क्षेत्र हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित है।
2. यह एक पर्वतीय क्षेत्र है।
3. यहाँ के निवासी गद्दी आदिवासी हैं।
4. यहाँ की जलवायु कठोर है तथा साधन कम हैं।
5. यह क्षेत्र आर्थिक व सामाजिक रूप से पिछड़ा हुआ है।
In simple words: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित भरमौर क्षेत्र को 21 नवंबर, 1975 को जनजातीय क्षेत्र घोषित किया गया था। यह एक पर्वतीय, कठोर जलवायु वाला और साधनहीन क्षेत्र है, जहाँ गद्दी आदिवासी रहते हैं, और यह आर्थिक व सामाजिक रूप से पिछड़ा हुआ है।
🎯 Exam Tip: भरमौर क्षेत्र के जनजातीय क्षेत्र के रूप में अधिसूचित होने की तारीख और उसकी भौगोलिक (पर्वतीय), सामाजिक (गद्दी जनजाति), आर्थिक (पिछड़ापन) और जलवायु संबंधी विशेषताओं पर ध्यान दें।
Question 4. भरमौर जनजातीय क्षेत्र विकास योजना के उद्देश्यों को समझाइए।
Answer: भरमौर जनजातीय क्षेत्र विकास योजना के उद्देश्य निम्नलिखित हैं-
1. भरमौर जनजातीय क्षेत्र विकास योजना का मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र का सर्वांगीण विकास करना है।
2. यहाँ के लोगों के जीवन स्तर का विकास तथा शिक्षा, आवास और स्वास्थ्य समस्या को हल करना है।
In simple words: भरमौर जनजातीय क्षेत्र विकास योजना का मुख्य लक्ष्य इस क्षेत्र का सर्वांगीण विकास करना था। इसमें लोगों के जीवन स्तर में सुधार, शिक्षा, आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाना शामिल था, ताकि उनकी मूलभूत समस्याओं का समाधान हो सके।
🎯 Exam Tip: भरमौर जनजातीय क्षेत्र विकास योजना के उद्देश्यों को बताते समय समग्र विकास और बुनियादी सामाजिक सेवाओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास में सुधार पर केंद्रित रहें।
Question 5. सूखा प्रवण क्षेत्र कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताओं को समझाइए ।
Answer: सूखा प्रवण क्षेत्र कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
1. कार्यक्रम के द्वारा अभावग्रस्त लोगों के लिए कार्यक्रम बनाए गए।
2. कार्यक्रम में भूमि और मजदूरों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए विकासात्मक कार्य शुरू किए गए।
3. कार्यक्रम में क्षेत्र के विकास पर जोर दिया गया।
4. भूमि विकास तथा लघु सिंचाई कार्यक्रमों द्वारा उत्पादकता बढ़ाने के लिए इन क्षेत्रों में विकासात्मक कार्य शुरू किए गए ।
In simple words: सूखा प्रवण क्षेत्र कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अभावग्रस्त लोगों को रोजगार देना और भूमि व श्रम की उत्पादकता बढ़ाना था। इसमें भूमि विकास और छोटी सिंचाई परियोजनाओं पर जोर दिया गया, जिससे सूखे से प्रभावित क्षेत्रों में समग्र विकास हो सके।
🎯 Exam Tip: सूखा प्रवण क्षेत्र कार्यक्रम की विशेषताओं में रोजगार सृजन, उत्पादकता वृद्धि, भूमि विकास और लघु सिंचाई जैसे प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित करें।
Question 6. चौथी पंचवर्षीय योजना के उद्देश्यों को समझाइए।
Answer: चौथी पंचवर्षीय योजना के उद्देश्य निम्नलिखित हैं-
1. यथासम्भव आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ना तथा विदेशी सहायता की अनिश्चितता को कम करना।
2. सामाजिक न्याय तथा समानता को बढ़ाना।
3. साधनहीन और कमजोर वर्गों की दशा सुधारने तथा जीवन स्तर को ऊँचा उठाने के लिए शिक्षा और रोजगार की व्यवस्था करना ।
4. प्रादेशिक असन्तुलन को कम करना।
In simple words: चौथी पंचवर्षीय योजना का मुख्य लक्ष्य आत्मनिर्भरता बढ़ाना, विदेशी सहायता पर निर्भरता कम करना, सामाजिक न्याय व समानता स्थापित करना, कमजोर वर्गों का जीवन स्तर सुधारना और क्षेत्रीय असंतुलन को कम करना था।
🎯 Exam Tip: चौथी पंचवर्षीय योजना के उद्देश्यों को बताते समय आत्मनिर्भरता, सामाजिक न्याय, कमजोर वर्गों का उत्थान और क्षेत्रीय असंतुलन को कम करने जैसे प्रमुख बिंदुओं को शामिल करें।
Question 7. पिछड़े क्षेत्रों के विषय में क्या सुझाव दिए गए थे?
Answer: पिछड़े क्षेत्रों के सम्बन्ध में राष्ट्रीय समिति ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं-
1. सभी लोग लाभान्वित हों न कि केवल प्रभावशाली लोग ।
2. स्थानीय संसाधनों और प्रतिभाओं का विकास किया जाए ।
3. जीविका निर्वाह अर्थव्यवस्था को निवेश उन्मुखी बनाना।
4. अन्तःप्रादेशिक व्यापार में पिछड़े क्षेत्रों का शोषण न हो ।
5. पारिस्थितिक सन्तुलन को बनाए रखा जाए।
In simple words: राष्ट्रीय समिति ने सुझाव दिया कि पिछड़े क्षेत्रों में विकास का लाभ सभी लोगों तक पहुँचे, स्थानीय संसाधनों का विकास हो, अर्थव्यवस्था निवेश-आधारित बने, आंतरिक व्यापार में शोषण न हो और पारिस्थितिक संतुलन बना रहे।
🎯 Exam Tip: पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए सुझाव देते समय समावेशिता (सभी लोगों को लाभ), स्थानीय संसाधनों का उपयोग, आर्थिक स्वायत्तता और पर्यावरणीय संतुलन जैसे प्रमुख पहलुओं पर जोर दें।
Question 8. विकास की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए ।
Answer: विकास की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
1. विकास के अन्तर्गत वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाता है।
2. इसमें नवीकरण योग्य साधनों के संरक्षण पर विशेष ध्यान नहीं दिया जाता है।
3. इसमें पर्यावरण प्रदूषण के नियन्त्रण पर विशेष बल नहीं दिया जाता।
4. यह एक पुरानी संकल्पना है।
5. इसमें संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबन्धन पर विशेष ध्यान नहीं दिया जाता ।
In simple words: विकास एक पुरानी अवधारणा है जो वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं पर केंद्रित है, लेकिन इसमें नवीकरणीय संसाधनों के संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण या वैज्ञानिक संसाधन प्रबंधन पर अक्सर विशेष ध्यान नहीं दिया जाता।
🎯 Exam Tip: विकास की विशेषताओं को बताते समय इसकी वर्तमान पीढ़ी केंद्रित प्रकृति और पर्यावरणीय पहलुओं (संसाधन संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण) की उपेक्षा पर ध्यान दें।
Question 9. सतत पोषणीय विकास की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
Answer: सतत पोषणीय विकास की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
1. सतत पोषणीय विकास में भावी पीढ़ियों की आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जाता है।
2. इसमें नवीकरण योग्य संसाधनों; जैसे-वन, मछली आदि के प्राकृतिक रूप में पुनरुत्पादन और संवर्द्धन पर पूरा-पूरा ध्यान दिया जाता है।
3. इसमें पर्यावरण को एक संसाधन माना जाता है।
4. सतत पोषणीय विकास अपेक्षाकृत एक नई संकल्पना है।
In simple words: सतत पोषणीय विकास एक नई अवधारणा है जो वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखती है। यह नवीकरणीय संसाधनों के संरक्षण और पुनरुत्पादन पर जोर देती है, और पर्यावरण को एक महत्वपूर्ण संसाधन मानती है।
🎯 Exam Tip: सतत पोषणीय विकास की विशेषताओं को बताते समय भविष्य की पीढ़ियों पर ध्यान, नवीकरणीय संसाधनों का संरक्षण, और पर्यावरण को एक संसाधन मानने जैसे मुख्य बिंदुओं पर जोर दें।
Question 10. जनजातीय विकास कार्यक्रम की विशेषताओं को समझाइए।
Answer: जनजातीय विकास कार्यक्रम की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
1. ये कार्यक्रम समाज के सबसे कमजोर वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए बनाए गए थे।
2. ये कार्यक्रम आम आदमी को शीघ्र लाभ देने के उद्देश्य से बनाए गए थे।
3. ये कार्यक्रम चुने गए क्षेत्रों की विशेष समस्याओं को सुलझाने के लिए बनाए गए थे। प्रमुख समस्याएँ थीं-बँधुआ मजदूरी, स्थानान्तरी कृषि तथा भूमि का हस्तान्तरण आदि ।
4. इन कार्यक्रमों के कुछ जनजातीय और दीर्घावधि उद्देश्य भी निर्धारित किए गए थे।
In simple words: जनजातीय विकास कार्यक्रम कमजोर वर्गों के उत्थान और आम आदमी को तुरंत लाभ पहुँचाने के लिए बनाए गए थे। इन कार्यक्रमों ने बंधुआ मजदूरी, स्थानांतरण कृषि और भूमि हस्तांतरण जैसी विशिष्ट क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान करने का लक्ष्य रखा, साथ ही कुछ दीर्घकालिक उद्देश्यों को भी शामिल किया।
🎯 Exam Tip: जनजातीय विकास कार्यक्रम की विशेषताओं का वर्णन करते समय कमजोर वर्गों के उत्थान, त्वरित लाभ, विशिष्ट समस्याओं का समाधान और दीर्घकालिक उद्देश्यों पर ध्यान दें।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
Question 1. नियोजन किसे कहते हैं?
Answer: किसी भी समस्या का समाधान करने के लिए सोच-विचार करना, कार्यों व प्राथमिकताओं का क्रम विकसित करना तथा उद्देश्य की प्राप्ति के लिए कठोर परिश्रम करना 'नियोजन' कहलाता है।
In simple words: नियोजन का अर्थ है किसी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से सोचना, कार्यप्रणाली तय करना और मेहनत करना। यह समस्याओं के समाधान की एक सुनियोजित प्रक्रिया है।
🎯 Exam Tip: नियोजन की परिभाषा देते समय 'सोच-विचार', 'प्राथमिकताओं का क्रम' और 'कठोर परिश्रम' जैसे प्रमुख शब्दों का प्रयोग करें।
Question 2. पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम कब आरम्भ हुआ?
Answer: पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम पाँचवीं पंचवर्षीय योजना में आरम्भ हुआ ।
In simple words: पर्वतीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम भारत की पाँचवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान शुरू किया गया था।
🎯 Exam Tip: कार्यक्रम की शुरुआत किस पंचवर्षीय योजना में हुई, यह तथ्य याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 3. ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना का समय क्या था?
Answer: ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना का समय सन् 2007 से 2012 तक का था ।
In simple words: ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना 2007 से 2012 तक चली थी।
🎯 Exam Tip: विभिन्न पंचवर्षीय योजनाओं की समयावधि को याद रखना सामान्य ज्ञान के प्रश्नों के लिए उपयोगी है।
Question 4. सूखा सम्भावी क्षेत्र विकास कार्यक्रम कब शुरू किया गया?
Answer: सूखा सम्भावी क्षेत्र विकास कार्यक्रम चौथी पंचवर्षीय योजना (1969-1974) में शुरू किया गया।
In simple words: सूखा सम्भावी क्षेत्र विकास कार्यक्रम चौथी पंचवर्षीय योजना (1969-1974) के दौरान शुरू किया गया था।
🎯 Exam Tip: सूखा सम्भावी क्षेत्र कार्यक्रम की शुरुआत की पंचवर्षीय योजना और उसका वर्ष याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 5. सूखा सम्भावी क्षेत्र विकास कार्यक्रम का उद्देश्य क्या था?
Answer: सूखा सम्भावी क्षेत्र विकास कार्यक्रम का उद्देश्य संसाधनों के अभाव वाले सूखा सम्भावी क्षेत्रों में सूखे के प्रभाव अर्थात् गरीबी को दूर करने के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना था।
In simple words: इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सूखाग्रस्त क्षेत्रों में गरीबी कम करके और रोजगार के अवसर पैदा करके लोगों की मदद करना था।
🎯 Exam Tip: सूखा सम्भावी क्षेत्र कार्यक्रम के उद्देश्यों में 'गरीबी उन्मूलन' और 'रोजगार सृजन' जैसे प्रमुख बिंदुओं को याद रखें।
Question 6. जनजातीय विकास कार्यक्रम किन जिलों के लिए तैयार किया गया था?
Answer: जनजातीय विकास कार्यक्रम उन जिलों के लिए तैयार किए गए थे जिनकी आधी या उससे अधिक जनसंख्या जनजातीय है।.
In simple words: जनजातीय विकास कार्यक्रम उन जिलों के लिए बनाए गए थे जहाँ 50% से अधिक जनसंख्या जनजातीय समुदाय की थी।
🎯 Exam Tip: जनजातीय विकास कार्यक्रम के लक्ष्य जिलों की पहचान के मानदंड (जनजातीय जनसंख्या का प्रतिशत) को जानना महत्वपूर्ण है।
Question 7. हिमाचल प्रदेश के भरमौर क्षेत्र में कौन-सी जनजाति पायी जाती है?
Answer: हिमाचल प्रदेश के भरमौर क्षेत्र में 'गद्दी' जनजाति पायी जाती है।
In simple words: हिमाचल प्रदेश के भरमौर क्षेत्र में मुख्य रूप से गद्दी जनजाति के लोग रहते हैं।
🎯 Exam Tip: भरमौर क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख जनजाति का नाम याद रखना एक महत्वपूर्ण तथ्य है।
Question 8. सतत पोषणीय विकास की संकल्पना कब की गई?
Answer: सतत पोषणीय विकास की संकल्पना सन् 1987 में की गई।
In simple words: सतत पोषणीय विकास की अवधारणा 1987 में सामने आई थी।
🎯 Exam Tip: सतत पोषणीय विकास की संकल्पना का वर्ष याद रखना एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्य है।
Question 9. जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम शुरू करने वाले राज्यों के नाम लिखिए।
Answer: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, आन्ध्र प्रदेश, तेलंगाना, झारखण्ड और राजस्थान ।
In simple words: जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, झारखंड और राजस्थान जैसे राज्यों में शुरू किए गए थे।
🎯 Exam Tip: जनजातीय विकास कार्यक्रम लागू करने वाले प्रमुख राज्यों के नाम याद रखना भौगोलिक ज्ञान के लिए उपयोगी है।
Question 10. 2 नवम्बर 1984 से पहले इन्दिरा गांधी नहर का क्या नाम था?
Answer: 2 नवम्बर 1984 से पहले इन्दिरा गांधी नहर का नाम 'राजस्थान नहर' था।
In simple words: 2 नवंबर 1984 से पहले इंदिरा गांधी नहर को 'राजस्थान नहर' के नाम से जाना जाता था।
🎯 Exam Tip: इंदिरा गांधी नहर के पुराने नाम और नाम परिवर्तन की तिथि को याद रखना एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक जानकारी है।
बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर
Question 1. कौन-सी योजना में स्पष्ट रूप से विकास की विचारधारा पर जोर दिया गया-
(a) द्वितीय
(b) तृतीय
(c) चतुर्थ
(d) पंचम
Answer: (c) चतुर्थ
In simple words: चतुर्थ पंचवर्षीय योजना में विकास की विचारधारा पर स्पष्ट रूप से बल दिया गया था।
🎯 Exam Tip: विभिन्न पंचवर्षीय योजनाओं के मुख्य फोकस बिंदुओं को याद रखना बहुविकल्पीय प्रश्नों के लिए उपयोगी है।
Question 2. कृषि जलवायु नियोजन का आरम्भ कब किया गया-
(a) सन् 1988 में
(b) सन् 1974 में
(c) सन् 1966 में
(d) सन् 1992 में।
Answer: (b) सन् 1974 में
In simple words: कृषि जलवायु नियोजन की शुरुआत 1974 में हुई थी।
🎯 Exam Tip: कृषि से संबंधित महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत का वर्ष याद रखना आवश्यक है।
Question 3. उन क्षेत्रों में कौन-सा कार्यक्रम शुरू किया गया जहाँ 50 प्रतिशत से अधिक जनजाति के लोग रहते-
(a) जनजातीय विकास कार्यक्रम
(b) पहाड़ी क्षेत्र विकास कार्यक्रम
(c) गहन कृषि विकास कार्यक्रम
(d) सामुदायिक विकास कार्यक्रम
Answer:
(a) जनजातीय विकास कार्यक्रम
In simple words: जिन क्षेत्रों में आधे से अधिक जनसंख्या जनजातीय थी, वहाँ जनजातीय विकास कार्यक्रम शुरू किए गए।
🎯 Exam Tip: जनजातीय विकास कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य जनजातीय आबादी वाले क्षेत्रों के विकास पर केंद्रित था।
Question 4. सतत विकास की आवश्यकता का उद्देश्य किस योजना में रखा गया-
(a) नौवीं पंचवर्षीय योजना
(b) आठवीं पंचवर्षीय योजना
(c) सातवीं पंचवर्षीय योजना
(d) छठी पंचवर्षीय योजना
Answer:
(a) नौवीं पंचवर्षीय योजना
In simple words: नौवीं पंचवर्षीय योजना में सतत विकास को एक महत्वपूर्ण उद्देश्य के रूप में शामिल किया गया था।
🎯 Exam Tip: सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण अवधारणाओं को किस पंचवर्षीय योजना में शामिल किया गया, यह जानना महत्वपूर्ण है।
Question 5. दसवीं पंचवर्षीय योजना कब समाप्त हुई-
(a) 31 मार्च 2007
(b) 31 मार्च 2008
(c) 31 मार्च 2009
(d) 31 मार्च 2010
Answer:
(a) 31 मार्च 2007
In simple words: दसवीं पंचवर्षीय योजना 31 मार्च 2007 को समाप्त हुई थी।
🎯 Exam Tip: पंचवर्षीय योजनाओं की समाप्ति तिथियाँ याद रखना परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
Question 6. भरमौर क्षेत्र में निवास करने वाली जनजाति है-
(a) गद्दी
(b) भोटिया
(c) गुर्जर
(d) बकरवाल
Answer:
(a) गद्दी
In simple words: भरमौर क्षेत्र में रहने वाली प्रमुख जनजाति गद्दी है।
🎯 Exam Tip: किसी क्षेत्र से जुड़ी विशिष्ट जनजातियों के नाम याद रखें।
Question 7. भारत में पहली पंचवर्षीय योजना कब आरम्भ हुई-
(a) सन् 1950 में
(b) सन् 1951 में
(c) सन् 1952 में
(d) सन् 1956 में।
Answer: (b) सन् 1951 में
In simple words: भारत में पहली पंचवर्षीय योजना 1951 में शुरू हुई थी।
🎯 Exam Tip: भारत की पंचवर्षीय योजनाओं की शुरुआत का वर्ष एक बुनियादी और महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान का प्रश्न है।
Question 8. भरमौर क्षेत्र की प्रमुख नदी है-
(a) सतलज
(b) व्यास
(c) ताप्ती
(d) रावी
Answer: (d) रावी
In simple words: भरमौर क्षेत्र से बहने वाली मुख्य नदी रावी है।
🎯 Exam Tip: किसी क्षेत्र की प्रमुख भौगोलिक विशेषताओं, जैसे नदियों के नाम, को याद रखें।
Question 9. सतत पोषणीय विकास को प्राप्त करने का कौन-सा उपाय ठीक नहीं है
(a) अवशिष्ट पदार्थों का पुनः उपयोग
(b) सही प्रविधि का प्रयोग
(c) नवीकरण योग्य संसाधनों का कम प्रयोग
(d) पर्यावरण प्रदूषण पर रोकथाम
Answer: (c) नवीकरण योग्य संसाधनों का कम प्रयोग
In simple words: सतत पोषणीय विकास के लिए नवीकरणीय संसाधनों का कम उपयोग करना सही उपाय नहीं है, बल्कि उनका विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण करना आवश्यक है।
🎯 Exam Tip: सतत पोषणीय विकास के सिद्धांतों को समझते हुए यह पहचानें कि कौन सा विकल्प इसके अनुकूल नहीं है। नवीकरणीय संसाधनों का कम प्रयोग इसके विपरीत है, क्योंकि उनका उपयोग सतत रूप से होना चाहिए।
Question 10. इन्दिरा गांधी नहर का निर्माण कितने चरणों में पूरा हुआ-
(a) दो
(b) तीन
(c) चार
(d) पाँच
Answer:(a) दो
In simple words: इंदिरा गांधी नहर का निर्माण दो मुख्य चरणों में पूरा किया गया था।
🎯 Exam Tip: इंदिरा गांधी नहर के निर्माण के चरणों की संख्या याद रखना एक तथ्यात्मक जानकारी है।
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