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Up Board Solutions For Class 12 Economics Chapter 15 Sources Of Income And Items Of Expenditure Of Central Government (केन्द्रीय सरकार की आय के स्रोत तथा व्यय की मदें)
विस्तृत उत्तरीय प्रश्न (6 अंक)
Question 1. भारत में केन्द्र सरकार की आय के प्रमुख स्रोतों का वर्णन कीजिए।
या
भारत में केन्द्र सरकार द्वारा लगाए जाने वाले प्रमुख करों का संक्षिप्त विवरण दीजिए।
या
भारत में केन्द्र सरकार की आय के प्रमुख स्रोत क्या हैं? विवेचना कीजिए।
Answer:उत्तरः
केन्द्र सरकार की आय के स्रोत केन्द्र सरकार की आय के स्रोतों को मुख्यतः निम्नलिखित भागों में बाँटा जा सकता है
(अ) करों से प्राप्त आय विभिन्न प्रकार के करों के द्वारा केन्द्र सरकार को आय प्राप्त होती है, जिनमें मुख्य कर निम्नलिखित
हैं
1. संघीय उत्पादन शुल्क - संघीय उत्पादन कर केन्द्रीय सरकार की आय का प्रमुख स्रोत है। यह कर देश में उत्पन्न होने
वाली वस्तुओं पर लगाया जाता है। कुछ वस्तुओं को छोड़कर (जैसे-शराब-भाँग आदि) देश में उत्पन्न होने वाली प्रायः सभी
वस्तुओं पर संघ सरकार द्वारा उत्पादन कर लगाया जाता है; जैसे-कपड़ा, चीनी, दियासलाई, टायर-ट्यूब, बिजली के
सामान, रेडियो, मोटरगाड़ियाँ आदि। इस कर से प्राप्त आय का एक पूर्वनिश्चित भाग राज्यों में बाँट दिया जाता है।
2. आयकर - यह एक प्रत्यक्ष कर है जो गैर-कृषि आय पर लगाया जाता है। इस कर को लगाने व वसूल करने का
अधिकार केन्द्र सरकार को है। आयकर से प्राप्त निवल आय का विभाजन केन्द्र और राज्य सरकारों के बीच होता है।
आयकर भारत में प्रगतिशील कर है। इस कर से केन्द्र सरकार को पर्याप्त आय प्राप्त होती है।
3. निगम कर - निगम कर से अभिप्राय, देशी व विदेशी कम्पनियों की वार्षिक आय पर लगाये गये अति कर Super Tax
से है। यह कर सम्पूर्ण आय पर एक निश्चित दर से लगाया जाता है। सरकार को इससे भी आय होती है।
4. सम्पत्ति कर - भारत में यह कर 1957-58 से लागू किया गया है। जिन व्यक्तियों के पास 15, लाख रुपये से अधिक
की सम्पत्ति होती है, उन्हें सम्पत्ति कर देना पड़ता है। इस कर से कुछ खम्पत्तियों को मुक्त रखा गया है; जैसे - कृषि भूमि,
गाँवों में रहने के मकान, धार्मिक स्थानों की सम्पत्ति, बीमा व भविष्य निधि कोष आदि। इस कर की दर आरोही है। केन्द्रीय
सरकार को इस कर से भी आय प्राप्त होती है।
5. उपहार कर - यह कर केन्द्रीय सरकार द्वारा 1958-59 ई० से लागू किया गया। यह कर उन व्यक्तियों पर लगाया
जाता है जो अपने जीवन काल में निश्चित मूल्य से अधिक के उपहार अपने सम्बन्धियों या अन्य व्यक्तियों को देते हैं। इस
कर का उद्देश्य मृत सम्पत्ति, कर की चोरी रोकना तथा धन के वितरण की विषमता को कम करना है। अब इस कर को
समाप्त कर दिया गया है।
6. सीमा शुल्क-आयात - निर्यात कर को ही सीमा शुल्क कहते हैं। जब ये शुल्क मूल्य के आधार पर लगाये जाते हैं, तब
इन्हें मूल्यानुसार शुल्क और जब ये शुल्क परिमाण या संख्या के अनुसार लगाये जाते हैं, तब इन्हें परिमाणानुसार शुल्क
कहते हैं। भारत में ये दोनों प्रकार के शुल्क लगाये जाते हैं। केन्द्रीय सरकार को निर्यात शुल्क की अपेक्षा आयात शुल्क से
अधिक आय प्राप्त होती है। विगत दस, बारह वर्षों में सीमा शुल्कों से प्राप्त आय में निरन्तर वृद्धि हो रही है।
(ब) गैर-कर आय
भारत सरकार की आय के कुछ गैर-कर साधन निम्नलिखित हैं
1. ब्याज एवं लाभांश से प्राप्तियाँ - केन्द्रीय सरकार राज्य सरकारों के अन्य संस्थाओं को एक बहुत बड़ी मात्रा में ऋण देती
है। अतः इसको प्रतिवर्ष इन ऋणों की ब्याज से करोड़ों रुपये की आय होती है।
2. प्रशासनिक प्राप्तियाँ - केन्द्रीय सरकार नागरिक प्रशासन, न्याय, शान्ति एवं व्यवस्था आदि के रूप में मनुष्यों को अनेक
महत्त्वपूर्ण सेवाएँ प्रदान करती है जिनसे उसे प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये की आय होती है।
3. मुद्रा एवं टकसाल - केन्द्रीय सरकार को नोट छापने व सिक्कों को ढालने का एकाधिकार प्राप्त है जिससे सरकार को
आय होती हैं। सरकार की ओर से यह कार्य देश में 'रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया' करता है।
4. सरकारी व्यवसायों में विशुद्ध आय - इस मद के अन्तर्गत केन्द्रीय सरकार को निम्नलिखित स्रोतों से आय होती है
• डाक एवं तार विभाग से आय-इस पर भी केन्द्रीय सरकार का एकाधिकार है। इससे सरकार को प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये
की आय प्राप्त होती है।
• रेलों से आय-इस पर भी केन्द्रीय सरकार का एकाधिकार है। इससे सरकार को प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये आय प्राप्त
होती है।
• अन्य स्रोतों से आय-इसके अन्तर्गत अफीम, जंगलात, सड़क यातायात आदि से भी केन्द्रीय सरकार को प्रतिवर्ष
करोड़ों रुपये की आय प्राप्त होती है।
In simple words: केंद्र सरकार अपनी आय विभिन्न स्रोतों से प्राप्त करती है, जिनमें कर (जैसे संघीय उत्पादन शुल्क, आयकर, निगम कर, सम्पत्ति कर, उपहार कर, सीमा शुल्क) और गैर-कर राजस्व (जैसे ब्याज, लाभांश, प्रशासनिक प्राप्तियाँ, मुद्रा एवं टकसाल से आय, और सरकारी व्यवसायों की शुद्ध आय) शामिल हैं। ये स्रोत सरकार को देश के विकास और प्रशासन के लिए आवश्यक धन जुटाने में मदद करते हैं।
🎯 Exam Tip: केंद्र सरकार की आय के प्रमुख स्रोतों को स्पष्ट रूप से वर्गीकृत करें - कर और गैर-कर आय। प्रत्येक प्रकार के आय स्रोत के तहत कम से कम तीन-चार उदाहरणों का विस्तार से वर्णन करें ताकि उत्तर व्यापक लगे।
लघु उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
Question 1. भारत में केन्द्र सरकार के व्यय के प्रमुख स्रोतों का वर्णन कीजिए।
Answer:उत्तरः
केन्द्र सरकार के व्यय के स्रोत (मदे) केन्द्र सरकार अपनी आय को निम्नलिखित मदों पर व्यय करती है
1. करों को एकत्रित करने पर व्यय - केन्द्रीय सरकार को प्रतिवर्ष करों की धनराशि को एकत्रित करने पर बहुत बड़ी
धनराशि व्यय करनी पड़ती है।
2. ऋण सेवाओं पर व्यय - केन्द्रीय सरकार ने अपनी विभिन्न प्रकार की योजनाओं को पूरा करने के लिए अनेक प्रकार के
ऋण लिये हैं। इन ऋणों पर दी जाने वाली ब्याज की धनराशि इस शीर्षक के अन्तर्गत आती है। इस मद पर भी केन्द्रीय
सरकार का व्यय निरन्तर बढ़ता जा रहा है।
3. रक्षा व्यय - चीन व पाकिस्तान के आक्रमण के भय के कारण हमारी सरकार को अपने देश की रक्षा पर प्रतिवर्ष होने
वाले व्यय पर वृद्धि करनी पड़ रही है। इसके अन्तर्गत जल, थल और नभ सेनाओं पर होने वाला व्यय सम्मिलित किया
जाता है।
4. नागरिक प्रशासन पर व्यय - इस मद के अन्तर्गत संसद, मन्त्रिपरिषद्, राष्ट्रपति, सचिवालय, सामान्य प्रशासन, न्याय,
पुलिस लेखा परीक्षण आदि पर होने वाले व्यय सम्मिलित हैं। इस मद पर होने वाले व्यय में निरन्तर वृद्धि होती जा रही है।
5. मुद्रा एवं टकसाल पर व्यय - केन्द्रीय सरकार, जो नोट छापने व सिक्कों को ढालने का कार्य करती है, इस पर होने
वाले व्यय में प्रतिवर्ष वृद्धि कर रही है।
6. सामाजिक विकास पर व्यय - इस मद में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, चिकित्सा, पिछड़ी तथा परिगणित जातियों के कल्याण,
सामाजिक कल्याण पर किया जाने वाला व्यय आदि सम्मिलित होते हैं। प्रत्येक सरकार को उद्देश्य कल्याणकारी राज्य की
स्थापना करना है; अतः इस मद पर होने वाले व्यय में अत्यधिक वृद्धि हुई है।
7. पेन्शन व्यय - केन्द्रीय सरकार को प्रतिवर्ष अवकाश प्राप्त कर्मचारियों एवं अधिकारियों को पेन्शन देनी होती है।
अवकाश प्राप्त कर्मचारियों की संख्या में निरन्तर वृद्धि होने के कारण इस मद पर व्यय होने वाली धनराशि में भी वृद्धि होती
जा रही है।
8. राज्यों को अनुदान - केन्द्रीय सरकार राज्यों को प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का अनुदान देती है। विकास कार्यों में वृद्धि होने
के कारण इस मद में होने वाले व्यय में भी निरन्तर वृद्धि होती जा रही है।
9. अन्य व्यय - उपर्युक्त प्रमुख मदों के अतिरिक्त केन्द्रीय सरकार को अन्य कई मदों पर व्यय करने होते हैं; जैसे-अकाल,
बाढ़, सूखा, भूकम्प, शिक्षा संस्थाओं को दिया गया अनुदान आदि।
In simple words: केंद्र सरकार विभिन्न मदों पर व्यय करती है, जिनमें करों के संग्रह, ऋण सेवाओं, रक्षा, नागरिक प्रशासन, मुद्रा एवं टकसाल, सामाजिक विकास, पेंशन, राज्यों को अनुदान और अन्य विविध व्यय जैसे आपदा राहत और शिक्षा अनुदान शामिल हैं। ये व्यय देश के सुचारु संचालन, सुरक्षा और विकास के लिए आवश्यक हैं।
🎯 Exam Tip: केंद्र सरकार के व्यय के मुख्य शीर्षकों को याद करें और प्रत्येक शीर्षक के तहत दो-तीन महत्वपूर्ण उदाहरणों के साथ उत्तर को बिंदुवार प्रस्तुत करें। विशेष रूप से रक्षा, ऋण सेवाओं और सामाजिक विकास पर होने वाले व्यय को हाइलाइट करें।
Question 2. केन्द्र सरकार द्वारा लगाए जाने वाले किन्हीं चार करों का उल्लेख कीजिए।
Answer:उत्तरः केन्द्र सरकार की आय
के स्रोतों को मुख्यतः निम्नलिखित भागों में बाँटा जा सकता है
(अ) करों से प्राप्त आय विभिन्न प्रकार के करों के द्वारा केन्द्र सरकार को आय प्राप्त होती है, जिनमें मुख्य कर निम्नलिखित
हैं
1. संघीय उत्पादन शुल्क - संघीय उत्पादन कर केन्द्रीय सरकार की आय का प्रमुख स्रोत है। यह कर देश में उत्पन्न होने
वाली वस्तुओं पर लगाया जाता है। कुछ वस्तुओं को छोड़कर (जैसे-शराब-भाँग आदि) देश में उत्पन्न होने वाली प्रायः सभी
वस्तुओं पर संघ सरकार द्वारा उत्पादन कर लगाया जाता है; जैसे-कपड़ा, चीनी, दियासलाई, टायर-ट्यूब, बिजली के
सामान, रेडियो, मोटरगाड़ियाँ आदि। इस कर से प्राप्त आय का एक पूर्वनिश्चित भाग राज्यों में बाँट दिया जाता है।
2. आयकर - यह एक प्रत्यक्ष कर है जो गैर-कृषि आय पर लगाया जाता है। इस कर को लगाने व वसूल करने का
अधिकार केन्द्र सरकार को है। आयकर से प्राप्त निवल आय का विभाजन केन्द्र और राज्य सरकारों के बीच होता है।
आयकर भारत में प्रगतिशील कर है। इस कर से केन्द्र सरकार को पर्याप्त आय प्राप्त होती है।
3. निगम कर - निगम कर से अभिप्राय, देशी व विदेशी कम्पनियों की वार्षिक आय पर लगाये गये अति कर Super Tax
से है। यह कर सम्पूर्ण आय पर एक निश्चित दर से लगाया जाता है। सरकार को इससे भी आय होती है।
4. सम्पत्ति कर - भारत में यह कर 1957-58 से लागू किया गया है। जिन व्यक्तियों के पास 15, लाख रुपये से अधिक
की सम्पत्ति होती है, उन्हें सम्पत्ति कर देना पड़ता है। इस कर से कुछ खम्पत्तियों को मुक्त रखा गया है; जैसे - कृषि भूमि,
गाँवों में रहने के मकान, धार्मिक स्थानों की सम्पत्ति, बीमा व भविष्य निधि कोष आदि। इस कर की दर आरोही है। केन्द्रीय
सरकार को इस कर से भी आय प्राप्त होती है।
5. उपहार कर - यह कर केन्द्रीय सरकार द्वारा 1958-59 ई० से लागू किया गया। यह कर उन व्यक्तियों पर लगाया
जाता है जो अपने जीवन काल में निश्चित मूल्य से अधिक के उपहार अपने सम्बन्धियों या अन्य व्यक्तियों को देते हैं। इस
कर का उद्देश्य मृत सम्पत्ति, कर की चोरी रोकना तथा धन के वितरण की विषमता को कम करना है। अब इस कर को
समाप्त कर दिया गया है।
6. सीमा शुल्क-आयात - निर्यात कर को ही सीमा शुल्क कहते हैं। जब ये शुल्क मूल्य के आधार पर लगाये जाते हैं, तब
इन्हें मूल्यानुसार शुल्क और जब ये शुल्क परिमाण या संख्या के अनुसार लगाये जाते हैं, तब इन्हें परिमाणानुसार शुल्क
कहते हैं। भारत में ये दोनों प्रकार के शुल्क लगाये जाते हैं। केन्द्रीय सरकार को निर्यात शुल्क की अपेक्षा आयात शुल्क से
अधिक आय प्राप्त होती है। विगत दस, बारह वर्षों में सीमा शुल्कों से प्राप्त आय में निरन्तर वृद्धि हो रही है।
In simple words: केंद्र सरकार द्वारा लगाए जाने वाले चार प्रमुख कर संघीय उत्पादन शुल्क (देश में उत्पादित वस्तुओं पर), आयकर (गैर-कृषि आय पर), निगम कर (कम्पनियों की आय पर) और सीमा शुल्क (आयात-निर्यात पर) हैं। ये कर सरकार की आय के मुख्य स्रोत हैं।
🎯 Exam Tip: केंद्र सरकार द्वारा लगाए जाने वाले किन्हीं चार करों के नाम उनके संक्षिप्त विवरण के साथ याद रखें। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों के बीच अंतर को समझने से उत्तर अधिक प्रभावी होगा।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)
Question 1. वित्त आयोग पर एक टिप्पणी लिखिए।
Answer:उत्तरः भारतीय संविधान की धारा 180 के अन्तर्गत यह व्यवस्था की गयी है
कि भारत का राष्ट्रपति प्रति पाँच वर्ष के लिए एक वित्त आयोग का गठन करेगा। इसका कार्य केन्द्र व राज्यों के बीच आय,
अनुदान आदि को सुनिश्चित करना तथा वित्त सम्बन्धी महत्त्वपूर्ण सुझाव देना है।
In simple words: वित्त आयोग एक संवैधानिक निकाय है जिसका गठन भारत के राष्ट्रपति द्वारा हर पाँच साल में किया जाता है। इसका मुख्य कार्य केंद्र और राज्यों के बीच राजस्व, अनुदान और वित्तीय सुझावों का वितरण सुनिश्चित करना है।
🎯 Exam Tip: वित्त आयोग के गठन का उद्देश्य और इसके मुख्य कार्यों को संक्षेप में स्पष्ट करें। 'अनुदान' और 'राज्यों के बीच आय वितरण' जैसे शब्दों का प्रयोग महत्वपूर्ण है।
Question 2. घाटे की वित्त-व्यवस्था पर टिप्पणी लिखिए।
Answer:उत्तरः घाटे की वित्त-व्यवस्था एक ऐसी स्थिति को बतलाती है जिसमें
सरकार का व्यये उसकी कुल आय से अधिक होता है। सरकार बजट के इस घाटे को पूरा करने के लिए या तो केन्द्रीय
बैंक से अथवा जनता से ऋण लेती है या नई मुद्रा जारी करती है। इस प्रकार कोई भी व्यय जो सार्वजनिक ऋण से पूरा
किया जाता है, घाटे की वित्त-व्यवस्था के अन्तर्गत आ जाता है। किसी प्रकार के वित्त-प्रबन्ध को घाटे की वित्त-व्यवस्था
कहने से पूर्व इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि उसके परिणामस्वरूप समाज में मुद्रा की पूर्ति में वृद्धि होती है अथवा
नहीं। जब सरकार की आये उसके द्वारा किये जाने वाले व्यय से कम रह जाती है तो बजट में इस प्रकार उत्पन्न होने वाले
घाटे को पूरा करने के लिए जो व्यवस्था की जाती है, उसे घाटे की वित्त-व्यवस्था कहते हैं। ऐसा दो प्रकार से किया जा
सकता है
• नई मुद्रा के निर्गमन द्वारा तथा
• संचित नकद बकाया को खातों से निकालकर।
रोजगार बढ़ाने, मन्दी की दशाओं को दूर करने तथा आर्थिक विकास की योजनाओं को पूरा करने के लिए विकासशील देशों
में घाटे की वित्त-व्यवस्था को अपनाया जाना आवश्यक है, किन्तु इसके दुष्प्रभावों से बचने के लिए हर सम्भव प्रयास किये
जाने चाहिए।
In simple words: घाटे की वित्त-व्यवस्था तब होती है जब सरकार का व्यय उसकी आय से अधिक हो जाता है। इस घाटे को पूरा करने के लिए सरकार या तो केंद्रीय बैंक या जनता से ऋण लेती है, या नई मुद्रा जारी करती है, या अपने संचित नकद शेष का उपयोग करती है। इसका उद्देश्य आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना हो सकता है, लेकिन मुद्रास्फीति जैसे दुष्प्रभावों से बचना महत्वपूर्ण है।
🎯 Exam Tip: घाटे की वित्त-व्यवस्था की परिभाषा और इसे पूरा करने के तरीकों को स्पष्ट करें। इसके उद्देश्यों (जैसे रोजगार बढ़ाना) और संभावित दुष्प्रभावों (जैसे मुद्रास्फीति) का उल्लेख करना आवश्यक है।
निश्चित उतरीय प्रश्न (1 अंक)
Question 1. केन्द्र सरकार द्वारा कौन-कौन से कर लगाये जाते हैं ?
या
केन्द्र सरकार की कर-आय के दो प्रमुख स्रोतों के नाम बताइए।
या
केन्द्र सरकार द्वारा लगाए जाने वाले किन्हीं दो करों के नाम लिखिए।
Answer:उत्तरः केन्द्र सरकार द्वारा लगाये जाने वाले
कर हैं
1. सीमा कर,
2. संघीय उत्पादन कर,
3. आयकर,
4. सम्पत्ति कर,
5. उपहार कर आदि।
In simple words: केंद्र सरकार द्वारा लगाए जाने वाले प्रमुख करों में सीमा कर, संघीय उत्पादन कर, आयकर, सम्पत्ति कर और उपहार कर शामिल हैं, जो सरकार की आय के मुख्य स्रोत हैं।
🎯 Exam Tip: केंद्र सरकार के करों को सूचीबद्ध करते समय, कम से कम तीन-चार प्रमुख करों के नाम देना सुनिश्चित करें। यह प्रश्न अक्सर सीधे करों के नाम पूछता है।
Question 2. संघीय उत्पादन शुल्क के दो उद्देश्य बताइए।
Answer:उत्तरः संघीय उत्पादन शुल्क के दो उद्देश्य हैं
1. आर्थिक विकास के कार्यों को कार्यान्वित करने के लिए तथा,
2. देश में मुद्रास्फीति की दशाओं पर रोक लगाने के लिए।
In simple words: संघीय उत्पादन शुल्क लगाने के दो मुख्य उद्देश्य आर्थिक विकास के कार्यों को पूरा करना और देश में मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना है।
🎯 Exam Tip: संघीय उत्पादन शुल्क के उद्देश्यों को बताते हुए, आर्थिक विकास और मुद्रास्फीति नियंत्रण को प्राथमिकता दें। संक्षिप्त और सटीक उत्तर दें।
Question 3. आयात शुल्क लगाने के दो उद्देश्य बताइए।
Answer:उत्तरः आयात शुल्क लगाने के दो उद्देश्य हैं
1. आय प्राप्त करना तथा
2. स्वदेशी उद्योगों को संरक्षण प्रदान करना।
In simple words: आयात शुल्क लगाने के दो मुख्य उद्देश्य सरकार के लिए राजस्व जुटाना और घरेलू उद्योगों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाना है।
🎯 Exam Tip: आयात शुल्क के उद्देश्यों में राजस्व सृजन और स्वदेशी उद्योगों को सुरक्षा प्रदान करना शामिल करें। यह एक महत्वपूर्ण नीतिगत उपकरण है।
Question 4. भारत में 'आयकर' किस प्रकार का कर है ?
Answer:उत्तर: भारत में आयकर प्रगतिशील कर है, क्योंकि कर की दर, आय
की वृद्धि के साथ बढ़ती जाती है।
In simple words: भारत में आयकर एक प्रगतिशील कर है, जिसका अर्थ है कि आय बढ़ने के साथ-साथ कर की दर भी बढ़ती जाती है।
🎯 Exam Tip: आयकर की प्रकृति (प्रगतिशील) को उसकी दर और आय के संबंध के साथ स्पष्ट करें। यह प्रत्यक्ष कर प्रणाली की एक प्रमुख विशेषता है।
Question 5. केन्द्रीय सरकार की व्यय की सबसे बड़ी मद कौन-सी है?
Answer:उत्तरः केन्द्रीय सरकार की व्यय की सबसे बड़ी मद
प्रतिरक्षा सेवा है।
In simple words: केंद्र सरकार की व्यय की सबसे बड़ी मद देश की प्रतिरक्षा सेवाओं पर होने वाला खर्च है।
🎯 Exam Tip: केंद्र सरकार के सबसे बड़े व्यय मद के रूप में 'प्रतिरक्षा' को याद रखें। यह एक तथ्यात्मक प्रश्न है।
Question 6. आयकर किसके द्वारा लगाया जाता है ?
Answer:उत्तरः आयकर केन्द्रीय सरकार द्वारा लगाया
जाता है।
In simple words: आयकर केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाता है।
🎯 Exam Tip: आयकर लगाने का अधिकार केंद्र सरकार के पास होता है। यह एक सीधा प्रश्न है।
Question 7. केन्द्रीय सरकार की व्यय को दो मदें लिखिए।
Answer:उत्तरः
1. देश की सुरक्षा पर व्यय तथा
2. विकास योजनाओं पर व्यय।
In simple words: केंद्र सरकार की व्यय की दो प्रमुख मदें देश की सुरक्षा और विभिन्न विकास योजनाओं पर किया गया खर्च हैं।
🎯 Exam Tip: केंद्र सरकार के व्यय की किन्हीं दो महत्वपूर्ण मदों जैसे सुरक्षा और विकास योजनाओं का उल्लेख करें।
Question 8. केन्द्र सरकार की विकास व्यय की मदें क्या हैं ?
Answer:उत्तर:
1. सामाजिक एवं सामुदायिक सेवाएँ तथा
2. सामान्य आर्थिक सेवाएँ।
In simple words: केंद्र सरकार की विकास व्यय की मदों में सामाजिक एवं सामुदायिक सेवाओं पर खर्च और सामान्य आर्थिक सेवाओं पर व्यय शामिल हैं।
🎯 Exam Tip: विकास व्यय की मदों में सामाजिक, सामुदायिक और आर्थिक सेवाओं को प्रमुखता से दर्शाएं।
Question 9. भारत सरकार की आय में किस प्रकार के करों का अधिक महत्त्व है ?
Answer:उत्तर: भारत सरकार की आय में परोक्ष करो
का अधिक महत्त्व है।
In simple words: भारत सरकार की आय में परोक्ष करों का अधिक महत्व है।
🎯 Exam Tip: भारत सरकार के राजस्व में परोक्ष करों के योगदान पर ध्यान दें। यह एक महत्वपूर्ण तथ्यात्मक जानकारी है।
Question 10. काले धन को बाहर निकालने के लिए सरकार ने कौन-सी योजना चलाई ?
Answer:उत्तरः केन्द्र सरकार ने काले धन को
बाहर निकालने के लिए 12 जनवरी, 1981 ई० को 'विशेष धारक बॉण्ड योजना प्रारम्भ की।
In simple words: काले धन को बाहर निकालने के लिए सरकार ने 12 जनवरी, 1981 को 'विशेष धारक बॉण्ड योजना' शुरू की थी।
🎯 Exam Tip: 'विशेष धारक बॉण्ड योजना' और उसके लागू होने की तिथि को याद रखें। यह एक ऐतिहासिक आर्थिक नीति का उदाहरण है।
Question 11. विशेष धारक बॉण्ड योजना क्या है ?
Answer:उत्तरः विशेष धारक बॉण्ड योजना में यह घोषित किया गया कि जो लोग इस
योजनान्तर्गत विशेष बॉण्ड खरीदेगे, उनसे यह नहीं पूछा जाएगा कि यह धन उनके पास कहाँ से आया।
In simple words: विशेष धारक बॉण्ड योजना एक ऐसी योजना थी जिसमें बॉण्ड खरीदने वालों से उनके धन के स्रोत के बारे में कोई पूछताछ नहीं की जाती थी, जिसका उद्देश्य काले धन को सफेद धन में बदलना था।
🎯 Exam Tip: विशेष धारक बॉण्ड योजना की मुख्य विशेषता - धन के स्रोत के बारे में पूछताछ न करना - पर केंद्रित रहें।
Question 12. भारत में योजना आयोग का अध्यक्ष कौन होता है ?
Answer:उत्तर: भारत में योजना आयोग का अध्यक्ष प्रधानमन्त्री होता
है।
In simple words: भारत में योजना आयोग का अध्यक्ष प्रधानमन्त्री होता है।
🎯 Exam Tip: योजना आयोग (अब नीति आयोग) के अध्यक्ष के पद को याद रखें, जो प्रधानमन्त्री होते हैं।
Question 13. ऐसे कर जिनका प्रभाव सम्पूर्ण देश पर पड़ता है, लगाने का अधिकार किसे है ?
Answer:उत्तरः ऐसे कर जिनका प्रभाव
सम्पूर्ण देश पर पड़ता है, को लगाने का अधिकार केन्द्र सरकार को है।
In simple words: जिन करों का प्रभाव पूरे देश पर पड़ता है, उन्हें लगाने का अधिकार केंद्र सरकार के पास होता है।
🎯 Exam Tip: कराधान के संघीय ढांचे को समझें, जिसमें केंद्र सरकार के पास अखिल भारतीय प्रभाव वाले कर लगाने का अधिकार होता है।
Question 14. उत्पाद शुल्क किस सरकार से सम्बन्धित है?
Answer:उत्तरः केन्द्र सरकार।
In simple words: उत्पाद शुल्क केंद्र सरकार से संबंधित है।
🎯 Exam Tip: उत्पाद शुल्क केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला एक अप्रत्यक्ष कर है, इसे याद रखें।
Question 15. निगम कर कैसा कर है?
Answer:उत्तरः प्रत्यक्ष कर।
In simple words: निगम कर एक प्रत्यक्ष कर है।
🎯 Exam Tip: निगम कर की प्रकृति (प्रत्यक्ष कर) को याद रखें।
Question 16. निगम कर किसके द्वारा लगाया जाता है?
Answer:उत्तरः केन्द्र सरकार द्वारा।
In simple words: निगम कर केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाता है।
🎯 Exam Tip: निगम कर लगाने का अधिकार केंद्र सरकार के पास होता है।
Question 17. प्रतिरक्षा व्यय को कौन-सी सरकार वहन करती है ?
Answer:उत्तरः प्रतिरक्षा व्यय' को केन्द्रीय सरकार
वहन करती है।
In simple words: प्रतिरक्षा व्यय का भार केंद्र सरकार वहन करती है।
🎯 Exam Tip: देश की रक्षा का उत्तरदायित्व केंद्र सरकार का होता है, अतः इससे संबंधित व्यय भी वही वहन करती है।
Question 18. कौन-सी सरकार सेवा कर लगाती है?
Answer:उत्तर: केन्द्रीय सरकार।
In simple words: सेवा कर केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाता है।
🎯 Exam Tip: सेवा कर, जो अब GST में शामिल है, मूल रूप से केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाता था।
बहुविकल्पीय प्रश्न (1 अंक)
Question 1. निम्नलिखित में से किस कर को केन्द्रीय सरकार नहीं लगाती है ?
या
निम्नलिखित में से कौन-सा कर राज्य सरकार द्वारा लगाया जाता है?
(क) आय कर
(ख) निगम कर
(ग) सम्पत्ति कर
(घ) मनोरंजन कर
Answer: (घ) मनोरंजन कर।
In simple words: मनोरंजन कर राज्य सरकार द्वारा लगाया जाता है, जबकि अन्य विकल्प केंद्र सरकार द्वारा लगाए जाते हैं।
🎯 Exam Tip: केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले विभिन्न करों के बीच अंतर को जानें। मनोरंजन कर पारंपरिक रूप से राज्य सरकार का कर रहा है।
Question 2. संघीय सरकार की व्यय की सबसे बड़ी मद कौन-सी है ?
(क) प्रतिरक्षा सेवा
(ख) सामाजिक तथा विकासार्थ व्यय
(ग) ऋण सेवा
(घ) प्रशासनिक सेवा
Answer: (क) प्रतिरक्षा सेवा।
In simple words: संघीय सरकार की व्यय की सबसे बड़ी मद प्रतिरक्षा सेवा है।
🎯 Exam Tip: केंद्र सरकार के व्यय में प्रतिरक्षा सेवा का हिस्सा सबसे बड़ा होता है।
Question 3. निम्नलिखित में से किस कर को केन्द्रीय सरकार लगाती है ?
(क) आय कर
(ख) बिक्री कर
(ग) मनोरंजन कर
(घ) भू-राजस्व
Answer: (क) आय कर।
In simple words: केंद्र सरकार आय कर लगाती है, जबकि बिक्री कर, मनोरंजन कर और भू-राजस्व मुख्य रूप से राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाते हैं।
🎯 Exam Tip: केंद्र सरकार द्वारा लगाए जाने वाले प्रमुख प्रत्यक्ष करों में आयकर शामिल है।
Question 4. भारत के वर्तमान वित्त मन्त्री हैं
(क) मनमोहन सिंह
(ख) पी० चिदम्बरम्
(ग) अटल बिहारी वाजपेयी
(घ) अरुण जेटली
Answer: (घ) अरुण जेटली।
In simple words: प्रश्न के संदर्भ के अनुसार, अरुण जेटली भारत के तत्कालीन वित्त मंत्री थे।
🎯 Exam Tip: यह प्रश्न ऐतिहासिक संदर्भ पर आधारित है; छात्रों को वर्तमान वित्त मंत्री का नाम भी पता होना चाहिए।
Question 5. भारत में योजना आयोग का अध्यक्ष होता है।
(क) राष्ट्रपति
(ख) प्रधानमन्त्री
(ग) वित मन्त्री
(घ) योजना मन्त्री
Answer: (ख) प्रधानमन्त्री।
In simple words: भारत में योजना आयोग का अध्यक्ष प्रधानमन्त्री होता है।
🎯 Exam Tip: योजना आयोग (अब नीति आयोग) का पदेन अध्यक्ष हमेशा देश का प्रधानमन्त्री होता है।
Question 6. भारत में आय कर लगाया जाता है
(क) केन्द्र सरकार द्वारा
(ख) राज्य सरकार द्वारा
(ग) स्थानीय सरकार द्वारा
(घ) इन सभी के द्वारा
Answer: (क) केन्द्र सरकार द्वारा।
In simple words: भारत में आयकर केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाता है।
🎯 Exam Tip: आयकर केंद्र सरकार के प्रत्यक्ष करों में से एक है।
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