UP Board Solutions Class 12 Computer Chapter 15 Constructors And Destructors

Official UP Board Solutions for Class 12 Computer Science: Chapter 15 कंस्ट्रक्टर और डिस्ट्रक्टर

Access comprehensive textbook solutions for Chapter 15 कंस्ट्रक्टर और डिस्ट्रक्टर using the official curriculum guides for Class 12 Computer Science. Designed to align with the 2026 27 UP Board standards, these detailed answers help students reinforce core academic concepts.

Chapter-wise Solutions for Computer Science: Chapter 15 कंस्ट्रक्टर और डिस्ट्रक्टर

Access the complete solution PDF for Class 12 Computer Science below. Regular practice with these targeted textbook answers builds familiarity with standard question patterns and helps secure higher marks in final school evaluations.

बहुविकल्पीय प्रश्न (1 अंक)

 

Question 1. प्रोग्राम में क्या, ऑब्जेक्ट के निर्माण के समय स्वतः ही क्रियान्वित हो जाता है?
(a) कन्स्ट्रक्टर
(b) डिस्ट्रक्टर
(c) क्लास
(d) फंक्शन
Answer: (a) कन्स्ट्रक्टर
In simple words: कन्स्ट्रक्टर (Constructor) एक विशेष फंक्शन है जो क्लास का ऑब्जेक्ट बनते ही अपने आप चालू हो जाता है।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि ऑब्जेक्ट बनते ही जो अपने आप रन होता है, वह कन्स्ट्रक्टर ही होता है। परीक्षा में इसकी परिभाषा अक्सर पूछी जाती है।

 

Question 2. C++ में, कन्स्ट्रक्टर्स कितने प्रकार के होते हैं?
(a) दो
(b) तीन
(c) चार
(d) पाँच
Answer: (b) तीन (C++ में तीन प्रकार के कन्स्ट्रक्टर्स - डिफॉल्ट, पैरामीटराइज्ड तथा कॉपी होते हैं।)
In simple words: C++ प्रोग्रामिंग में कन्स्ट्रक्टर तीन तरह के होते हैं - डिफॉल्ट (बिना किसी मान के), पैरामीटराइज्ड (मान के साथ) और कॉपी (दूसरे ऑब्जेक्ट की नकल बनाने वाला)।

🎯 Exam Tip: तीनों प्रकार के कन्स्ट्रक्टर्स के नाम अच्छी तरह याद कर लें, यह बोर्ड परीक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. कॉपी कन्स्ट्रक्टर का प्रारूप क्या है?
(a) class_name object 2 = object 1;
(b) class_name object 1 = object 2;
(c) class_name object 2:
(d) class_name object 2();
Answer: (a) class_name object 2 = object 1;
In simple words: कॉपी कन्स्ट्रक्टर की मदद से हम एक पहले से बने ऑब्जेक्ट का डेटा बिल्कुल वैसा ही दूसरे नए ऑब्जेक्ट में कॉपी कर सकते हैं।

🎯 Exam Tip: कॉपी कन्स्ट्रक्टर के प्रारूप में असाइनमेंट ऑपरेटर (=) का सही उपयोग ध्यान रखें।

 

Question 4. class_name () { constructor_definition; }; उपरोक्त प्रारूप है:
(a) कॉपी कन्स्ट्रक्टर का
(b) पैरामीटराइज्ड कन्स्ट्रक्टर का
(c) डिफॉल्ट कन्स्ट्रक्टर का
(d) डिस्ट्रक्टर का
Answer: (c) डिफॉल्ट कन्स्ट्रक्टर का
In simple words: यहाँ कोष्ठक () खाली हैं, जिसका मतलब है कि इसमें कोई बाहरी मान (argument) नहीं दिया गया है। इसलिए यह एक डिफॉल्ट कन्स्ट्रक्टर का प्रारूप है।

🎯 Exam Tip: डिफॉल्ट कन्स्ट्रक्टर की पहचान यह है कि इसके कोष्ठक () खाली होते हैं और कोई पैरामीटर नहीं होता।

 

Question 5. आरग्यूमेण्ट वाले कन्स्ट्रक्टर को क्या कहा जाता है?
(a) कॉपी कन्स्ट्रक्टर
(b) डिफॉल्ट कन्स्ट्रक्टर
(c) फंक्शन कन्स्ट्रक्टर
(d) पैरामीटराइज्ड कन्स्ट्रक्टर
Answer: (d) पैरामीटराइज्ड कन्स्ट्रक्टर
In simple words: ऐसा कन्स्ट्रक्टर जो बाहर से कुछ मान (arguments या parameters) स्वीकार करता है, उसे पैरामीटराइज्ड कन्स्ट्रक्टर कहते हैं।

🎯 Exam Tip: 'आरग्यूमेण्ट' (argument) को प्रोग्रामिंग में पैरामीटर भी कहा जाता है, जिससे इसका नाम 'पैरामीटराइज्ड कन्स्ट्रक्टर' पड़ता है।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न (1 अंक)

 

Question 1. डिफॉल्ट कन्स्ट्रक्टर किसे कहते हैं?
Answer: जिस कन्स्ट्रक्टर फंक्शन में कोई आरग्यूमेण्ट नहीं होता, उसे डिफॉल्ट कन्स्ट्रक्टर कहा जाता है। इसके द्वारा ऑब्जेक्ट को प्रारंभिक डिफॉल्ट मान दिए जाते हैं।
In simple words: बिना किसी मान या इनपुट के चलने वाले कन्स्ट्रक्टर को डिफॉल्ट कन्स्ट्रक्टर कहते हैं।

🎯 Exam Tip: इस उत्तर में मुख्य कीवर्ड 'कोई आरग्यूमेण्ट नहीं' है, इसे अपनी उत्तर पुस्तिका में अवश्य लिखें।

 

Question 2. पैरामीटराइज्ड कन्स्ट्रक्टर को घोषित करने का प्रारूप लिखिए।
Answer: प्रारूप निम्न प्रकार है:
class_name object_name = constructor_name (arguments);
इस प्रारूप की मदद से हम ऑब्जेक्ट बनाते समय ही उसे आवश्यक मान दे सकते हैं।
In simple words: पैरामीटराइज्ड कन्स्ट्रक्टर को दर्शाने के लिए हम ऑब्जेक्ट के नाम के साथ कोष्ठक में आवश्यक मान (arguments) लिखते हैं।

🎯 Exam Tip: परीक्षा में सिंटैक्स (प्रारूप) लिखते समय कोष्ठक और सेमीकॉलन (;) लगाना कभी न भूलें।

 

Question 3. कॉपी कन्स्ट्रक्टर को समझाइए।
Answer: कॉपी कन्स्ट्रक्टर एक ऐसा कन्स्ट्रक्टर है, जिसके द्वारा किसी ऑब्जेक्ट के प्रारम्भिक मान रखने में उसी क्लास के किसी अन्य ऑब्जेक्ट के मानों का प्रयोग किया जाता है। यह एक ऑब्जेक्ट की हूबहू दूसरी प्रति बनाने में मदद करता है।
In simple words: जब हम एक पहले से बने हुए ऑब्जेक्ट की सारी जानकारियों को दूसरे नए ऑब्जेक्ट में कॉपी करना चाहते हैं, तब कॉपी कन्स्ट्रक्टर का उपयोग होता है।

🎯 Exam Tip: यह ध्यान रखें कि कॉपी कन्स्ट्रक्टर समान क्लास के ही दूसरे ऑब्जेक्ट का रेफरेंस (reference) पैरामीटर के रूप में लेता है।

लघु-उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)

 

Question 1. कन्स्ट्रक्टर पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। (2010, 08) अथवा कन्स्ट्रक्टर शब्द का अर्थ समझाइए। (2014)
Answer: प्रोग्राम में किसी क्लास टाइप को कोई ऑब्जेक्ट बनाने के लिए कम्पाइलर उसके लिए स्थान सुरक्षित करने के लिए एक फंक्शन को कम्पाइल करता है, जिसे कन्स्ट्रक्टर कहा जाता है। कन्स्ट्रक्टर किसी भी प्रकार की कोई वैल्यू रिटर्न नहीं करता। यह स्वतः ही कॉल होता है जब क्लास का ऑब्जेक्ट बनता है। इसका नाम क्लास के नाम के समान ही होता है और यह क्लास के वेरिएबल्स को इनिशियलाइज करने के काम आता है।
In simple words: कन्स्ट्रक्टर क्लास के अंदर एक ऐसा खास फंक्शन होता है जिसका नाम क्लास के नाम जैसा ही होता है। जब भी क्लास का कोई नया ऑब्जेक्ट बनाया जाता है, यह अपने आप चल पड़ता है।

🎯 Exam Tip: मुख्य विशेषता 'रिटर्न टाइप न होना' और 'क्लास के नाम के समान नाम होना' परीक्षा में लिखना बहुत महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. डिस्ट्रक्टर का अर्थ समझाइए। (2013, 08) अथवा डिस्ट्रक्टर की व्याख्या संक्षेप में कीजिए। (2018)
Answer: डिस्ट्रक्टर किसी क्लास का एक विशेष सदस्य फंक्शन होता है, जो तब क्रियान्वित होता है जब उस क्लास का ऑब्जेक्ट सीमा (Scope) से बाहर जाता है। डिस्ट्रक्टर का नाम भी क्लास के नाम के समान ही होता है, परन्तु इसमें पहले टाइल्ड (~) प्रीफिक्स का उपयोग किया जाता है। यह ऑब्जेक्ट द्वारा घेरे गए मेमोरी स्पेस को मुक्त करने में सहायता करता है।
In simple words: जैसे कन्स्ट्रक्टर ऑब्जेक्ट बनाते समय शुरू होता है, वैसे ही डिस्ट्रक्टर काम खत्म होने पर ऑब्जेक्ट को मिटाने और मेमोरी खाली करने के लिए अपने आप चलता है। इसकी पहचान इसके नाम के आगे लगे 'मरोड़' (~) निशान से होती है।

🎯 Exam Tip: डिस्ट्रक्टर के आगे लगने वाले टाइल्ड (~) चिन्ह का उल्लेख करना और इसके मेमोरी फ्री करने के काम को बताना अच्छे अंक दिलाता है।

 

Question 3. कन्स्ट्रक्टर तथा डिस्ट्रक्टर में अन्तर बताइए। (2012, 06)
Answer: कन्स्ट्रक्टर तथा डिस्ट्रक्टर में निम्नलिखित अन्तर हैं:

कन्स्ट्रक्टरडिस्ट्रक्टर
ये स्वतः ही कॉल होते हैं, जब ऑब्जेक्ट बनता है।ये स्वतः ही कॉल होते हैं, जब ऑब्जेक्ट सीमा (Scope) से बाहर जाता है।
कन्स्ट्रक्टर का नाम क्लास के नाम के समान होता हैं।डिस्ट्रक्टर का नाम क्लास के नाम के समान होता है, परन्तु उसमें पहले टाइल्ड (~) प्रीफिक्स का प्रयोग किया जाता है।
ये दोनों ही C++ प्रोग्रामिंग के महत्वपूर्ण हिस्से हैं जो मेमोरी के प्रबंधन में मदद करते हैं।
In simple words: कन्स्ट्रक्टर नया ऑब्जेक्ट बनने पर उसे मेमोरी और शुरुआती वैल्यू देता है, जबकि डिस्ट्रक्टर ऑब्जेक्ट का काम खत्म होने पर उसे हटाकर मेमोरी खाली करता है।

🎯 Exam Tip: अंतर स्पष्ट करने के लिए हमेशा तालिका (table) का उपयोग करें, इससे परीक्षक को उत्तर समझने में आसानी होती है।

 

Question 4. डिस्ट्रक्टर की विशेषताएँ बताइए।
Answer: डिस्ट्रक्टर की विशेषताएँ निम्न हैं:
1. एक डिस्ट्रक्टर के पास डिफॉल्ट आरग्यूमेण्ट हो सकते हैं।
2. डिस्ट्रक्टर अपनी क्लास के सदस्य फंक्शन को कॉल कर सकता है।
3. ये स्टैटिक नहीं हो सकते।
4. ये स्वतः कॉल होते हैं, जब ऑब्जेक्ट्स सीमा (Scope) से बाहर जाते हैं।
इन सभी विशेषताओं के कारण C++ में ऑब्जेक्ट का जीवनकाल सुरक्षित रूप से समाप्त होता है।
In simple words: डिस्ट्रक्टर ऑब्जेक्ट का काम समाप्त होने पर अपने आप सक्रिय होता है, यह कभी भी स्टैटिक नहीं होता, और जरूरत पड़ने पर क्लास के दूसरे फंक्शनों को भी कॉल कर सकता है।

🎯 Exam Tip: परीक्षा में कम से कम तीन विशेषताओं को बिंदुवार (point-wise) जरूर लिखें।

लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)

 

Question 1. कन्स्ट्रक्टर फंक्शन को कैसे इनवोक किया जाता है? कन्स्ट्रक्टर फंक्शन की चार विशेषताओं को सूचीबद्ध करें। (2006)
Answer: कन्स्ट्रक्टर फंक्शन को इनवोक करने की प्रक्रिया और इसकी मुख्य विशेषताएँ नीचे दी गई हैं:

कन्स्ट्रक्टर फंक्शन को इनवोक करना:
जब हम किसी क्लास का ऑब्जेक्ट बनाते हैं, तो कन्स्ट्रक्टर स्वतः ही इनवोक (कॉल) हो जाता है। इसे अलग से कॉल करने की आवश्यकता नहीं होती है। उदाहरण के लिए:

#include <iostream.h>
class Student
{
public:
    Student ()
    {
        cout<<endl<<"Constructor Function";
    }
};

void main ()
{
    Student stu; // यहाँ ऑब्जेक्ट stu बनते ही कन्स्ट्रक्टर कॉल होगा
}
आउटपुट:
Constructor Function

कन्स्ट्रक्टर फंक्शन की चार विशेषताएँ:
1. कन्स्ट्रक्टर्स स्वतः ही कॉल होते हैं, जब ऑब्जेक्ट बनता है।
2. कन्स्ट्रक्टर्स स्टैटिक नहीं हो सकते.
3. कन्स्ट्रक्टर्स के पास डिफॉल्ट आरग्यूमेण्ट होते हैं।
4. कन्स्ट्रक्टर अपनी क्लास के सदस्य फंक्शन को कॉल कर सकता है।
यह क्लास की मेमोरी को सुचारू रूप से प्रबंधित करने में सहायक होते हैं।
In simple words: कन्स्ट्रक्टर को हमें खुद कॉल नहीं करना पड़ता; जैसे ही हम क्लास का नया ऑब्जेक्ट 'Student stu;' बनाते हैं, वह अपने आप चालू हो जाता है और स्क्रीन पर मैसेज दिखा देता है।

🎯 Exam Tip: परीक्षा में सरल कोड उदाहरण लिखना आपके उत्तर को अधिक स्पष्ट बनाता है और अच्छे अंक सुनिश्चित करता है।

 

Question 2. कन्स्ट्रक्टर को डिक्लेयर करने के नियम बताइए।
Answer: कन्स्ट्रक्टर को डिक्लेयर करते समय निम्नलिखित नियमों पर ध्यान देना चाहिए:
1. कन्स्ट्रक्टर का नाम वही होना चाहिए जो क्लास का नाम है.
2. कन्स्ट्रक्टर्स में पैरामीटर हो सकते हैं।
3. कन्स्ट्रक्टर, फंक्शन को ओवरलोड कर सकता है।
4. जिस कन्स्ट्रक्टर में कोई आरग्यूमेण्ट नहीं होता, वह डिफॉल्ट कन्स्ट्रक्टर होता हैं।
5. कन्स्ट्रक्टर का एक्जीक्यूशन स्वयं होता हैं।
6. कन्स्ट्रक्टर को public सेक्शन में डिक्लेयर किया जाता है।
7. कन्स्ट्रक्टर का एड्रेस किसी को रेफर नहीं किया जा सकता।
8. कन्स्ट्रक्टर स्वतः ही डिफॉल्ट तथा कॉपी कन्स्ट्रक्टर उत्पन्न कर सकता है।
In simple words: जब हम प्रोग्राम में कन्स्ट्रक्टर बनाते हैं, तो सबसे जरूरी नियम यह है कि उसका नाम बिल्कुल क्लास के नाम जैसा ही होना चाहिए और उसे 'public' हिस्से में ही लिखना चाहिए।

🎯 Exam Tip: 'क्लास का नाम और कन्स्ट्रक्टर का नाम समान होना' तथा 'public सेक्शन में घोषित करना' इसके दो सबसे महत्वपूर्ण नियम हैं जिन्हें जरूर लिखें।

 

Question 3. डिस्ट्रक्टर को कैसे घोषित किया जाता है? समझाइए।
Answer: डिस्ट्रक्टर को दो प्रकार से घोषित किया जा सकता है, जो निम्न प्रकार हैं:

(i) क्लास के अन्दर डिस्ट्रक्टर:

class Teacher
{
public:
    Teacher ()
    {
        cout<<"Teacher is Present";
    }
    ~Teacher () // क्लास के अन्दर घोषित डिस्ट्रक्टर
    {
        cout<<"Teacher is Absent";
    }
};

(ii) क्लास के बाहर डिस्ट्रक्टर:
class Teacher
{
public:
    Teacher ()
    {
        cout<<"Teacher is Present";
    }
    ~Teacher (); // केवल डिक्लेरेशन क्लास के अन्दर
};

// परिभाषा क्लास के बाहर स्कोप रेजोल्यूशन ऑपरेटर (::) की सहायता से
Teacher :: ~ Teacher ()
{
    cout<<"Teacher is Absent";
}
यह दोनों विधियाँ प्रोग्रामर की आवश्यकता और सुविधा के अनुसार चुनी जाती हैं।
In simple words: डिस्ट्रक्टर को हम या तो सीधे क्लास के अंदर ही लिख सकते हैं, या फिर क्लास के अंदर सिर्फ उसका नाम लिखकर उसकी पूरी कोडिंग क्लास के बाहर '::' (स्कोप रेजोल्यूशन ऑपरेटर) लगाकर कर सकते हैं।

🎯 Exam Tip: क्लास के बाहर डिस्ट्रक्टर को घोषित करते समय 'स्कोप रेजोल्यूशन ऑपरेटर' (::) का उपयोग सही ढंग से करना न भूलें।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)

 

Question 1. कन्स्ट्रक्टर क्या है? इसे कैसे डिक्लेयर करते हैं? इसकी विशेषताएँ बताइए। (2008)
Answer: कन्स्ट्रक्टर की परिभाषा:
प्रोग्राम में किसी क्लास टाइप का कोई ऑब्जेक्ट बनाने के लिए कम्पाइलर उसके लिए स्थान सुरक्षित करने के लिए एक फंक्शन को कम्पाइल करता है, जिसे कन्स्ट्रक्टर कहा जाता है। यह किसी भी प्रकार की वैल्यू रिटर्न नहीं करता। इसका मुख्य उद्देश्य ऑब्जेक्ट्स को इनिशियलाइज करना होता है। इसके अलावा, ऑब्जेक्ट्स की घोषणा के साथ ही वे स्वतः इनिशियलाइज हो जाते हैं।

कन्स्ट्रक्टर की विशेषताएँ:
1. कन्स्ट्रक्टर्स स्वतः ही कॉल होते हैं, जब ऑब्जेक्ट बनता है।
2. कन्स्ट्रक्टर्स स्टैटिक नहीं हो सकते।
3. कन्स्ट्रक्टर्स के पास डिफॉल्ट आरग्यूमेण्ट होते हैं।
4. कन्स्ट्रक्टर अपनी क्लास के सदस्य फंक्शन को कॉल कर सकता है।

कन्स्ट्रक्टर को घोषित करना (Declaration):
कन्स्ट्रक्टर को घोषित करने का सामान्य प्रारूप निम्न प्रकार है:
class_name (argument_list);

कन्स्ट्रक्टर को दो प्रकार से घोषित किया जा सकता है:
(i) क्लास के अन्दर कन्स्ट्रक्टर:

class Emp
{
public:
    int sal;
    Emp () // क्लास के अन्दर घोषित कन्स्ट्रक्टर
    {
        cout<<"Employee Salary";
    }
};

(ii) क्लास के बाहर कन्स्ट्रक्टर:
class Emp
{
public:
    int sal;
    Emp (); // केवल डिक्लेरेशन
};

// परिभाषा क्लास के बाहर स्कोप रेजोल्यूशन ऑपरेटर (::) की सहायता से
Emp :: Emp()
{
    cout<<"Employee Salary";
}
In simple words: कन्स्ट्रक्टर क्लास का एक विशेष फंक्शन है जो ऑब्जेक्ट बनते ही अपने आप चलता है। इसे हम क्लास के अंदर या स्कोप रेजोल्यूशन ऑपरेटर (::) की मदद से क्लास के बाहर भी घोषित कर सकते हैं।

🎯 Exam Tip: दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में क्लास के अंदर और बाहर दोनों प्रकार के डिक्लेरेशन का उदाहरण देना पूर्ण अंक प्राप्त करने में मदद करता है।

 

Question 2. कन्स्ट्रक्टर के प्रकार पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। (2012)
Answer: C++ में मुख्य रूप से तीन प्रकार के कन्स्ट्रक्टर्स होते हैं, जिनका विवरण निम्नलिखित है:

1. डिफॉल्ट कन्स्ट्रक्टर (Default Constructor):
यह वह कन्स्ट्रक्टर होता है जो कोई पैरामीटर स्वीकार नहीं करता। यदि हम क्लास में कोई कन्स्ट्रक्टर नहीं बनाते, तो कम्पाइलर अपने आप एक डिफॉल्ट कन्स्ट्रक्टर बना देता है।

2. पैरामीटराइज्ड कन्स्ट्रक्टर (Parameterized Constructor):
यह वह कन्स्ट्रक्टर है जो ऑब्जेक्ट बनाते समय डेटा वेरिएबल्स को प्रारंभिक मान देने के लिए आर्गुमेंट्स (पैरामीटर्स) लेता है।

3. कॉपी कन्स्ट्रक्टर (Copy Constructor):
यह एक विशेष प्रकार का कन्स्ट्रक्टर है जो पहले से मौजूद किसी ऑब्जेक्ट के मानों को नए ऑब्जेक्ट में कॉपी करने के लिए उपयोग किया जाता है।
In simple words: कन्स्ट्रक्टर तीन प्रकार के होते हैं: पहला बिना किसी वैल्यू वाला (Default), दूसरा बाहर से वैल्यू लेने वाला (Parameterized), और तीसरा किसी पुराने ऑब्जेक्ट की कॉपी बनाने वाला (Copy Constructor)।

🎯 Exam Tip: परीक्षा में तीनों प्रकारों के नाम लिखकर उनकी एक-एक लाइन की परिभाषा और छोटा सा उदाहरण देना सर्वोत्तम रहता है।

 

Question 3. डिस्ट्रक्टर का अर्थ समझाइए। (2013, 08) अथवा डिस्ट्रक्टर को उदाहरण सहित समझाइए। (2011)
Answer: डिस्ट्रक्टर का अर्थ:
यह किसी क्लास का एक विशेष सदस्य फंक्शन होता है, जो तब क्रियान्वित होता है जब उस क्लास का ऑब्जेक्ट सीमा (Scope) से बाहर जाता है। इसका नाम भी वही होता है, जो क्लास का नाम होता है, परन्तु उसमें पहले टाइल्ड (~) प्रीफिक्स का उपयोग किया जाता है। डिस्ट्रक्टर कभी भी कोई आर्गुमेंट नहीं लेता और न ही कोई वैल्यू रिटर्न करता है।

उदाहरण द्वारा डिस्ट्रक्टर की क्रियाविधि:

#include <iostream.h>
#include <conio.h>

class Line
{
private:
    double length;
public:
    void setLength (double len);
    double getLength ();
    Line ();   // कन्स्ट्रक्टर की घोषणा
    ~Line();  // डिस्ट्रक्टर की घोषणा
};

// कन्स्ट्रक्टर की परिभाषा
Line :: Line ()
{
    cout << "Object is being created" << endl;
}

// डिस्ट्रक्टर की परिभाषा
Line :: ~Line()
{
    cout << "Object is being deleted" << endl;
}

void Line :: setLength (double len)
{
    length = len;
}

double Line :: getLength()
{
    return length;
}

void main()
{
    clrscr();
    Line line;            // ऑब्जेक्ट बनते ही कन्स्ट्रक्टर कॉल होगा
    line.setLength(6.0);  // लम्बाई सेट करना
    cout << "Length of line: " << line.getLength() << endl;
    getch();
    // यहाँ प्रोग्राम समाप्त होते ही ऑब्जेक्ट मेमोरी से बाहर जाएगा और डिस्ट्रक्टर कॉल होगा
}
आउटपुट (Output):
Object is being created
Length of line: 6
Object is being deleted
In simple words: डिस्ट्रक्टर का मुख्य काम ऑब्जेक्ट के नष्ट होने के समय उसके द्वारा ली गई मेमोरी को खाली करना है। प्रोग्राम के खत्म होते ही 'Object is being deleted' का संदेश इसका प्रमाण है।

🎯 Exam Tip: प्रोग्राम के अंत में आउटपुट लिखना न भूलें। 'Object is being deleted' दिखाना यह साबित करता है कि डिस्ट्रक्टर सफलतापूर्वक काम कर रहा है।

Computer Science Class 12 Curriculum Solutions: Chapter 15 कंस्ट्रक्टर और डिस्ट्रक्टर

Textbook Solutions for Class 12 Computer Science Chapter 15 कंस्ट्रक्टर और डिस्ट्रक्टर

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