Step-by-Step Textbook Solutions for Class 11 Pedagogy Chapter 05 शिक्षा एजेंसियां
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UP Board Solutions For Class 11 Pedagogy Chapter 5 Agencies Of Education (शिक्षा के अभिकरण)
विस्तृत उत्तरीय प्रज
Question 1. शिक्षा के अभिकरण (साधन) से क्या आशय है ? शिक्षा के अभिकरणों का एक व्यवस्थित या वर्गीकरण प्रस्तुत करते हुए औपचारिक तथा अनौपचारिक अभिकरणों का सामान्य परिचय प्रस्तुत कीजिए ।
या
शिक्षा के औपचारिक साधन कौन-कौन से हैं?
या
शिक्षा के 'औपचारिक' एवं 'अनौपचारिक' अभिकरण का क्या तात्पर्य है?
या
शिक्षा के अनौपचारिक साधन कौन-कौन से हैं?
या 'शिक्षा के अभिकरणों (साधनों) का वर्गीकरण' पर टिप्पणी लिखिए।
Answer:
शिक्षा के अभिकरण (या साधन) का अर्थ
(Meaning of the Agencies of Education)
प्राचीनकाल से ही समाज ने शिक्षा को क्रियान्वित करने के लिए अर्थात् यथार्थ में लागू करने के लिए विभिन्न संस्थाओं को अपनाकर उनका विकास किया है, इन्हीं संस्थाओं या माध्यमों को शिक्षा के अभिकरण (या साधन) कहा जाता है। अभिकरण या साधन अंग्रेजी भाषा के शब्द 'Agency' का हिन्दी रूपान्तर है जो स्वयं 'Agent' से बना है। 'Agent' का अर्थ 'प्रतिनिधि' या 'कार्यकर्ता' या 'साधन' है। वस्तुतः 'Agent' से हमारा अभिप्राय उस व्यक्ति या संस्था से होता है जो कोई कार्य करता है या प्रभाव डालता है।
शिक्षा के अभिकरण या साधन के अन्तर्गत वे सभी तत्त्व, कारक, स्थान अथवा संस्थाएँ आ जाती हैं जो किसी-न-किसी प्रकार से शिक्षा प्रदान करती हैं या बालक को सीखने में सहायता देती हैं। सर गॉडफ्रे थामसन के अनुसार, “व्यापक अर्थ में सम्पूर्ण वातावरण व्यक्ति की शिक्षा का साधन है, पर इस वातावरण में कुछ तत्त्व अधिक महत्त्वपूर्ण हैं; जैसे-घर, विद्यालय, चर्च, प्रेस, व्यवसाय, सार्वजनिक जीवन, मनोरंजन और प्रिय कार्य।” शिक्षा के अभिकरणों की विविधता या अनेकता को स्पष्ट करते हुए रेमॉण्ट ने लिखा है, “अध्यापक ही केवल शिक्षक नहीं होता, केवल स्कूल या कॉलेज ही शिक्षण संस्थाएँ नहीं हैं, वरन् ऐसी कई अन्य संस्थाएँ हैं, जिनका प्रभाव शैक्षिक होता है। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि शिक्षा की प्रक्रिया में सहयोग देने वाले समस्त कारक शिक्षा के अभिकरण ही हैं।
शिक्षा के साधनों का वर्गीकरण
(Classification of the Agencies of Education)
शिक्षा के समस्त अभिकरणों या साधनों को सामान्य रूप से चार वर्गों में विभक्त किया जा सकता है
• शिक्षा के औपचारिक साधन,
• शिक्षा के अनौपचारिक साधन,
• शिक्षा के सक्रिय साधन तथा
• शिक्षा के निष्क्रिय साधन।।
शिक्षा के औपचारिक साधन
(Formal Agencies of Education)
शिक्षा के औपचारिक साधनों को सविधिक साधन भी कहते हैं। ये वे साधन हैं जो समाज द्वारा निर्मित तथा विशेष रूप से शिक्षा हेतु निर्धारित एवं निर्दिष्ट किए जाते हैं। औपचारिक साधनों द्वारा शिक्षा का कार्य एक निश्चित योजना के अनुसार होता है। इनका प्रयोग बालक के आचरण को रूपान्तरित करने के लिए किया जाता है। इनके निश्चित नियम होते हैं और इनकी देखभाल भी प्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा की जाती है। शिक्षा सम्बन्धी सभी कार्यक्रम; जैसे-उद्देश्य, पाठ्यक्रम, शिक्षण-विधि, नियम तथा व्यवस्था आदि की योजना पहले से ही तैयार कर ली जाती है। ब्राउन ने अपनी पुस्तक 'शिक्षा-समाजशास्त्र' में शिक्षा के निम्नलिखित औपचारिक साधन बताए हैं-
• स्कूल या विद्यालय,
• पुस्तकालय तथा वाचनालय,
• संग्रहालय,
• धार्मिक संस्थाएँ,
• कला-वीथिकाएँ तथा
• व्यायामशाला ।।
शिक्षा के अनौपचारिक साधन
(Informal Agencies of Education)
शिक्षा के अनौपचारिक साधनों को अविधिक साधन भी कहा जाता है। ये वे साधन हैं जिनकी न तो कोई पूर्व-निर्धारित योजना होती है और न ही कोई सुनिश्चित नियम । इनमें विधिपूर्वक प्रवेश लेना आवश्यक नहीं होता और इनका कोई निश्चित पाठ्यक्रम भी नहीं होता। अनौपचारिक साधन बालक के आचरण का रूपान्तरण करते हैं, लेकिन यहाँ रूपान्तरण की प्रक्रिया अज्ञात, अप्रत्यक्ष व अनौपचारिक होती है। इस प्रकार ये साधन बालक को अप्रत्यक्ष तथा अज्ञात रूप से प्रभावित करते हैं। अनौपचारिक अभिकरण निजी क्रियाओं द्वारा स्वाभाविक रूप से शिक्षा प्रदान करने का कार्य करते हैं। शिक्षा के अनौपचारिक साधन निम्न प्रकार हैं
1. घर एवं परिवार,
2. खेल समुदाय,
3. समाज तथा राज्य,
4. व्यावसायिक साधन-
• प्रेस,
• आकाशवाणी (रेडियो),
• दूरदर्शन (टी० बी०),
• चलचित्र तथा
• पत्र-पत्रिकाएँ।
5. अव्यावसायिक साधन-
• खेल-संघ,
• सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाएँ,
• राजनीतिक संस्थाएँ,
• प्रौढ़ शिक्षा केन्द्र,
• बालचर तथा गर्ल्स गाइड और
• यात्राएँ।
In simple words: शिक्षा के अभिकरण या साधन वे सभी तत्व और संस्थाएं हैं जो किसी न किसी रूप में शिक्षा प्रदान करने या सीखने में सहायता करती हैं, जिन्हें औपचारिक (नियमबद्ध) और अनौपचारिक (स्वभाविक) साधनों में वर्गीकृत किया जा सकता है।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में शिक्षा के अभिकरणों की परिभाषा और उनके वर्गीकरण को सही ढंग से समझाना महत्वपूर्ण है, खासकर औपचारिक और अनौपचारिक साधनों के बीच के अंतर को स्पष्ट करना।
लघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. शिक्षा के औपचारिक साधनों या अभिकरणों के गुण-दोषों का उल्लेख कीजिए।
Answer:
शिक्षा के औपचारिक साधनों या अभिकरणों के गुण-दोष
(Merits and Demerits of Formal Means of Education)
शिक्षा के औपचारिक साधनों या अभिकरणों के मुख्य गुण-दोष निम्नलिखित हैं-
गुण-
1. औपचारिक अभिकरणों द्वारा प्रदान की जाने वाली शिक्षा लक्ष्यों के अनुसार होती है।
2. औपचारिक अभिकरणों के अन्तर्गत शिक्षण-प्रक्रिया को पूर्व निश्चित योजनाओं के अनुसार सम्पन्न किया जाता है। इसके परिणामस्वरूप शिक्षा सुनिश्चित तथा अत्यन्त प्रभावशाली होती है।
3. शिक्षा के औपचारिक साधनों द्वारा कम समय में उत्तम शिक्षा प्रदान की जाती है। शिक्षा के ये साधन प्रत्यक्ष रूप से बालक के व्यक्तिगत स्वभाव को प्रभावित करते हैं।
4. शिक्षा के औपचारिक अभिकरणों के गुणों को स्पष्ट करते हुए जॉन डीवी ने कहा है, “औपचारिक शिक्षा के बिना जटिल समाज के साधनों और उपलब्धियों को हस्तान्तरित करना सम्भव नहीं है। यह एक ऐसे अनुभव की प्राप्ति का द्वार खोलता है, जिसको बालक दूसरों के साथ रहकर अनौपचारिक शिक्षा द्वारा प्राप्त नहीं कर सकता।”
5. वर्तमान समय में औपचारिक अभिकरणों द्वारा प्रदान की गई शिक्षा को ही प्रामाणिक शिक्षा माना जाता है तथा इन अभिकरणों द्वारा प्रदान किए गए प्रमाण-पत्र को ही योग्यता का एकमात्र प्रमाण माना जाता है।
दोष-शिक्षा के औपचारिक साधनों या अभिकरणों के मुख्य दोष निम्नलिखित हैं
1. शिक्षा के औपचारिक साधन बालकों को केवल सीमित ज्ञान ही प्रदान करते हैं।
2. शिक्षा के इन अभिकरणों में अनेक बन्धनों एवं कठोर नियमों के कारण कृत्रिमता का वातावरण होता है तथा इस वातावरण में बालक का स्वाभाविक विकास नहीं हो पाता।
3. शिक्षा के औपचारिक अभिकरणों में केवल पुस्तकीय ज्ञान पर बल दिया जाता है। इन अभिकरणों द्वारा दी जाने वाली शिक्षा सैद्धान्तिक अधिक तथा व्यावहारिक कम होती है। जॉन डीवी के अनुसार, “इस बात का सदैव डर रहता है कि औपचारिक शिक्षा जीवन के अनुभव से कोई सम्बन्ध न रखकर केवल विद्यालयों की विषय-सामग्री न बन जाए।”
In simple words: औपचारिक शिक्षा के साधन लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक होते हैं, सुनियोजित होते हैं, कम समय में बेहतर ज्ञान देते हैं और योग्यता का प्रमाण देते हैं, लेकिन ये सीमित ज्ञान, कृत्रिम वातावरण और केवल पुस्तकीय ज्ञान पर जोर देने के कारण बालक के स्वाभाविक विकास को बाधित कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: औपचारिक शिक्षा के गुण और दोषों का वर्णन करते समय, प्रत्येक बिंदु पर संक्षिप्त और स्पष्ट विवरण देना सुनिश्चित करें और यदि संभव हो तो जॉन डीवी जैसे शिक्षाविदों के उद्धरणों का उल्लेख करें।
Question 2. शिक्षा के अनौपचारिक साधनों या अभिकरणों के गुण-दोषों का उल्लेख कीजिए।
Answer:
शिक्षा के अनौपचारिक साधनों या अभिकरणों के गुण-दोष
(Merits and Demerits of Informal Means of Education)
गुण-
1. शिक्षा के अनौपचारिक अभिकरणों का सम्बन्ध शिक्षा के व्यापक रूप से है।
2. शिक्षा के अनौपचारिक अभिकरण जीवन के निकट तथा जीवन से जुड़े होते हैं। इस स्थिति में ये अभिकरण बालक के चरित्र के स्वाभाविक विकास में योगदान प्रदान करते हैं।
3. शिक्षा के अनौपचारिक अभिकरण अनेक हैं तथा इनसे व्यक्तियों को व्यापक तथा उचित शिक्षा प्राप्त होती है। इस शिक्षा से व्यक्ति को जीवन की समस्याओं को हल करने में सहायता प्राप्त होती है।
4. शिक्षा के अनौपचारिक अभिकरणों के माध्यम से सभी प्रकार की शिक्षा प्राप्त की जा सकती है तथा इस प्रकार से पूरा विश्व ही शिक्षा-प्राप्ति का क्षेत्र है। शिक्षा के अनौपचारिक अभिकरणों के महत्त्व को जॉन
डीवी ने इन शब्दों में स्पष्ट किया है, “बालक दूसरों के साथ रहकर अनौपचारिक ढंग से शिक्षा प्राप्त करता है। और साथ रहने की प्रक्रिया ही शिक्षा प्रदान करने का कार्य करती है। यह प्रक्रिया अनुभव को विस्तृत बनाती है। और कल्पना को प्रेरित करती है। यह कथन और विचारों में शुद्धता व सजीवता लाती है। यह शैक्षिक दृष्टि से अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है।
दोष-शिक्षा के अनौपचारिक अभिकरणों या साधनों के मुख्य दोष निम्नलिखित हैं
1. अनौपचारिक अभिकरणों द्वारा दी जाने वाली शिक्षा की कोई पूर्व-योजना नहीं होती; अतः कभी-कभी ज्ञान प्राप्ति के अवसर कष्टदायक हो सकते हैं।
2. शिक्षा के अनौपचारिक अभिकरणों द्वारा सीखने की प्रक्रिया में अधिक समय लगता है।
3. इन अभिकरणों द्वारा प्रदान की आने वाली शिक्षा अव्यवस्थित होती है। इस स्थिति में बालक कुछ ऐसा ज्ञान भी अर्जित कर सकता है जो उसके लिए तथा समाज के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।
4. शिक्षा के अनौपचारिक अभिकरणों से अर्जित की गई शिक्षा का कोई योग्यता प्रमाण-पत्र प्राप्त नहीं होता।
In simple words: अनौपचारिक शिक्षा जीवन के करीब होती है, स्वाभाविक विकास में सहायक होती है, और व्यक्ति को व्यापक ज्ञान व समस्या-समाधान कौशल प्रदान करती है, हालांकि इसकी कोई पूर्व-योजना नहीं होती और इसमें सीखने में अधिक समय लग सकता है, साथ ही यह योग्यता प्रमाण-पत्र प्रदान नहीं करती।
🎯 Exam Tip: अनौपचारिक अभिकरणों के गुण और दोषों को सूचीबद्ध करते समय, उनके स्वाभाविक और जीवन-उन्मुख पहलुओं पर जोर दें, और साथ ही यह भी बताएं कि इनमें योजनाबद्धता और प्रमाणन का अभाव होता है।
Question 3. शिक्षा के औपचारिक तथा अनौपचारिक अभिकरणों में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Answer:
शिक्षा के औपचारिक तथा अनौपचारिक अभिकरणों में अन्तर
(Difference between the Formal and Informal means of Education)
शिक्षा के औपचारिक तथा अनौपचारिक साधनों या अभिकरणों के बीच पर्याप्त अन्तर हैं, जिन्हें निम्नलिखित तालिका द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है-
(A table with differences would typically follow here, but the content for the table is not provided in the OCR.)
In simple words: औपचारिक और अनौपचारिक अभिकरणों में मुख्य अंतर उनकी योजनाबद्धता, नियमों की निश्चितता, शिक्षण विधियों, स्थान, समय-सीमा और प्राप्त परिणामों (जैसे प्रमाण-पत्र) में होता है, औपचारिक अधिक संरचित और लक्षित होते हैं जबकि अनौपचारिक अधिक स्वाभाविक और जीवन से जुड़े होते हैं।
🎯 Exam Tip: औपचारिक और अनौपचारिक शिक्षा के साधनों के बीच अंतर स्पष्ट करने के लिए एक तुलनात्मक तालिका बनाना प्रभावी हो सकता है, जिसमें प्रत्येक पहलू (जैसे उद्देश्य, पाठ्यक्रम, स्थान, नियम आदि) पर प्रकाश डाला जाए।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. शिक्षा के सक्रिय साधनों या अभिकरणों से क्या आशय है ?
Answer: शिक्षा के सक्रिय साधन या अभिकरण (Active Agencies of Education) शिक्षा के वे अभिकरण हैं, जिनके अन्तर्गत शिक्षा पाने वाले तथा शिक्षा देने वाले दोनों ही के व्यक्तित्व एक-दूसरे से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होते हैं। इस व्यवस्था के अन्तर्गत दोनों ही एक-दूसरे पर क्रिया और प्रतिक्रिया करते हैं तथा इस भाँति दोनों के आचरण में रूपान्तरण होता है। इस वर्ग के मुख्य अभिकरण हैं-विद्यालय, परिवार, समाज, राज्य, धर्म तथा समाजकल्याण केन्द्र आदि ।
In simple words: सक्रिय शिक्षा अभिकरण वे होते हैं जहाँ सीखने और सिखाने वाले दोनों पक्ष एक-दूसरे को सीधे प्रभावित करते हैं, जिससे उनके व्यवहार में बदलाव आता है।
🎯 Exam Tip: सक्रिय अभिकरण की परिभाषा देते समय 'आपसी प्रभाव' और 'दोनों पक्षों की सक्रियता' पर विशेष जोर दें, साथ ही उदाहरण भी दें।
Question 2. शिक्षा के निष्क्रिय साधनों या अभिकरणों से क्या आशय है ?
Answer: शिक्षा के निष्क्रिय साधन या अभिकरण (Passive Agencies of Education) शिक्षा के वे अभिकरण हैं, जिनके अन्तर्गत शिक्षा की प्रक्रिया से सम्बद्ध दो पक्षों में से केवल एक पक्ष ही प्रभावित होता है। इस व्यवस्था के अन्तर्गत दूसरा पक्ष सामान्य रूप से निष्क्रिय ही रहता है। शिक्षा के निष्क्रिय अभिकरण इस अर्थ में निष्क्रिय हैं। वे दूसरों को तो प्रभावित करते हैं, किन्तु स्वयं दूसरों से प्रभावित नहीं होते। यह भी कहा जा सकता है कि इस व्यवस्था के अन्तर्गत शिक्षा ग्रहण करने वाला तो कुछ-न-कुछ अवश्य सीखता एवं ज्ञान अर्जित करता है, परन्तु शिक्षा प्रदान करने वाला पक्ष न तो कुछ सीखता है और न ही ज्ञान अर्जित करता है। इस वर्ग के मुख्य अभिकरण हैं- रेडियो, चलचित्र, दूरदर्शन तथा पत्र-पत्रिकाएँ आदि ।
In simple words: निष्क्रिय शिक्षा अभिकरण वे होते हैं जहाँ सीखने वाला पक्ष प्रभावित होता है, लेकिन शिक्षा प्रदान करने वाला पक्ष स्वयं प्रभावित नहीं होता, जैसे रेडियो या टेलीविजन।
🎯 Exam Tip: निष्क्रिय अभिकरण की व्याख्या करते समय 'एकतरफा प्रभाव' को स्पष्ट करें और उसके उदाहरणों को सटीक रूप से प्रस्तुत करें।
Question 3. आपके विचार के अनुसार शिक्षा के औपचारिक तथा अनौपचारिक साधनों या अभिकरणों ” में से कौन-से साधन अधिक महत्त्वपूर्ण हैं ?
Answer: शिक्षा के मुख्य रूप से दो प्रकार के अभिकरण माने गए हैं जिन्हें क्रमशः शिक्षा के औपचारिक तथा अनौपचारिक अभिकरण कहा जाता है। शिक्षा के ये दोनों ही अभिकरण अपने-अपने क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण हैं। औपचारिक शिक्षा की आवश्यकता समाज की जटिलता के साथ बढ़ती जाती है। आधुनिक युग में ज्ञान, विज्ञान एवं तकनीकी कुशलता में आशातीत वृद्धि हुई है, जिसके परिणामस्वरूप औपचारिक शिक्षा का काफी विस्तार हुआ है, किन्तु इस विस्तार के साथ ही प्रत्यक्ष सम्पर्क और विद्यालयी अनुभवों में अवांछनीय अन्तर होने का डर भी है। ऐसा इस कारण है, क्योंकि शिक्षा के दोनों साधनों के बीच उचित सन्तुलन नहीं रखी जा सका। किसी एक साधन को अनावश्यक रूप से महत्त्व दे दिया गया, जब कि दूसरे की उपेक्षा कर दी गई। वास्तव में, औपचारिक तथा अनौपचारिक दोनों ही साधनों को बराबर मूल्य एवं महत्त्व प्रदान किया जाना चाहिए ।
In simple words: शिक्षा के औपचारिक और अनौपचारिक दोनों ही साधन अपने-अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण हैं, और एक संतुलित शिक्षा के लिए दोनों के बीच सामंजस्य होना आवश्यक है, क्योंकि दोनों का अपना विशिष्ट योगदान है।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न का उत्तर देते समय, किसी एक साधन को दूसरे से बेहतर न बताते हुए, दोनों के महत्व को स्वीकार करें और उनके बीच संतुलन की आवश्यकता पर जोर दें।
Question 4. जन-संचार माध्यम शिक्षा के कौन-से अभिकरण हैं?
या
जन-संचार माध्यमों की क्या उपयोगिता है?
Answer: जन-संचार के माध्यम शिक्षा के अनौपचारिक अभिकरण (Informal Agencies of Education) हैं। जन-संचार के मुख्य माध्यम हैं-प्रेस, आकाशवाणी, दूरदर्शन, चलचित्र, पत्र-पत्रिकाएँ आदि । आजकल इण्टरनेट भी इस क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान कर रहा है। शिक्षा के इन अभिकरणों से शिक्षा प्राप्त करने के लिए नियमित रूप से न तो प्रवेश लेना पड़ता है और न ही निर्धारित नियमों का पालन करना पड़ता है। ये आजीवन शिक्षा प्रदान करने वाले अभिकरण हैं। इस प्रकार स्पष्ट है कि जन-संचार के माध्यम शिक्षा के अनौपचारिक अभिकरण हैं।
वर्तमान परिस्थितियों में जन-संचार के माध्यमों को व्यापक शिक्षा के दृष्टिकोण से अत्यधिक उपयोगी एवं महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योकि इनके माध्यम से कोई भी व्यक्ति कभी भी ज्ञान अर्जित कर सकता है। ये शिक्षा के सुलभ एवं सुविधापूर्ण अभिकरण हैं। इनमें अधिक समय तथा धन भी खर्च नहीं करना पड़ता।
In simple words: जन-संचार माध्यम शिक्षा के अनौपचारिक अभिकरण हैं जो बिना किसी प्रवेश या नियम के आजीवन शिक्षा प्रदान करते हैं, जिससे कोई भी व्यक्ति आसानी से ज्ञान प्राप्त कर सकता है और इन्हें वर्तमान में व्यापक शिक्षा के लिए अत्यधिक उपयोगी माना जाता है।
🎯 Exam Tip: जन-संचार माध्यमों को अनौपचारिक अभिकरणों के रूप में पहचानें और उनकी उपयोगिता में सुलभता, आजीवन शिक्षा और व्यापक पहुंच जैसे बिंदुओं को शामिल करें।
Question 5. पुस्तकालय के महत्त्व पर प्रकाश डालिए।
या
शिक्षा के अभिकरण के रूप में पुस्तकालय के महत्त्व पर प्रकाश डालिए।
या
पुस्तकालय की उपयोगिता बताइए ।
Answer: पुस्तकालय शिक्षा का एक औपचारिक अभिकरण है। पुस्तकालय में अनेक प्रकार की पुस्तकों का संकलन होता है। पुस्तकें ज्ञान का भण्डार होती हैं तथा असंख्य सूचनाओं का अधिकाधिक स्रोत भी। ज्ञात-प्राप्ति का इच्छुक कोई भी बालक या व्यक्ति पुस्तकालयों से अत्यधिक लाभ प्राप्त कर सकता है। निर्धन तथा ज्ञान-प्राप्ति के इच्छुक बालकों के लिए तो पुस्तकालय वरदानस्वरूप हैं। पुस्तकालय के वातावरण में गहन अध्ययन करना सरल एवं सुविधाजनक होता है।
In simple words: पुस्तकालय शिक्षा का एक औपचारिक साधन है, जो ज्ञान और सूचना का भंडार होता है, जिससे सभी छात्र, विशेषकर गरीब और ज्ञान के इच्छुक, लाभ उठा सकते हैं, और यह गहन अध्ययन के लिए एक सुविधाजनक वातावरण प्रदान करता है।
🎯 Exam Tip: पुस्तकालय के महत्व को बताते समय उसे ज्ञान के स्रोत, औपचारिक अभिकरण, और सुलभ अध्ययन वातावरण प्रदान करने वाले के रूप में दर्शाएँ।
निश्चित उत्तरीय प्रश्न
Question 1. 'शिक्षा के अभिकरण' से आप क्या समझते हैं ?
Answer: शिक्षा के अभिकरण या साधनों के अन्तर्गत वे सभी तत्त्व, कारण, स्थान अथवा संस्थाएँ सम्मिलित मानी जाती हैं जो किसी-न-किसी प्रकार की शिक्षा प्रदान करती हैं या सीखने में सहायता प्रदान करती हैं।
In simple words: शिक्षा के अभिकरण वे सभी तत्व, स्थान या संस्थाएं हैं जो किसी भी तरह से शिक्षा देने या सीखने में मदद करती हैं।
🎯 Exam Tip: 'शिक्षा के अभिकरण' की परिभाषा संक्षिप्त और सटीक होनी चाहिए, जिसमें सभी सहायक तत्वों और संस्थाओं का समावेश हो।
Question 2. व्यवस्था एवं नियमों की निश्चितता के आधार पर शिक्षा के अभिकरण के मुख्य प्रकार कौन-कौन से हैं ?
Answer: व्यवस्था एवं नियमों की निश्चितता के आधार पर शिक्षा के मुख्य अभिकरण हैं-
• शिक्षा के औपचारिक अभिकरण तथा
• शिक्षा के अनौपचारिक अभिकरण।।
In simple words: व्यवस्था और नियमों की निश्चितता के आधार पर शिक्षा के दो मुख्य प्रकार हैं: औपचारिक और अनौपचारिक अभिकरण।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में वर्गीकरण के आधार (व्यवस्था एवं नियमों की निश्चितता) को ध्यान में रखते हुए केवल दो मुख्य प्रकारों का उल्लेख करें।
Question 3. शिक्षा प्रदान करने वाले तथा शिक्षा ग्रहण करने वाले पक्षों के आपसी सम्बन्धों के आधार पर शिक्षा के अभिकरणों के मुख्य रूप से कौन-कौन से प्रकार निर्धारित किए गए हैं ?
Answer:
• शिक्षा के सक्रिय अभिकरण तथा
• शिक्षा के निष्क्रिय अभिकरण ।
In simple words: शिक्षा देने और लेने वाले पक्षों के संबंध के आधार पर शिक्षा के अभिकरण सक्रिय और निष्क्रिय प्रकारों में विभाजित किए जाते हैं।
🎯 Exam Tip: पक्षों के आपसी सम्बन्धों के आधार पर सक्रिय और निष्क्रिय अभिकरणों का उल्लेख करना चाहिए।
Question 4. शिक्षा के दो अभिकरण बताइट ।
Answer: शिक्षा के दो मुख्य अभिकरण हैं-घर तथा विद्यालय । घर शिक्षा का मुख्यतम अनौपचारिक अभिकरण है तथा विद्यालय शिक्षा का मुख्यतम औपचारिक अभिकरण है।
In simple words: शिक्षा के दो प्रमुख अभिकरण घर और विद्यालय हैं, जहाँ घर अनौपचारिक और विद्यालय औपचारिक शिक्षा प्रदान करते हैं।
🎯 Exam Tip: दो अभिकरणों के रूप में घर और विद्यालय का उल्लेख करना पर्याप्त है, साथ ही उनके औपचारिक/अनौपचारिक स्वरूप को भी दर्शाया जा सकता है।
Question 5. घर-परिवार, खेल-समूह तथा मित्रमण्डली आदि को शिक्षा के किस प्रकार के अभिकरण माना जाता है ?
या
परिवार (गृह) शिक्षा के किस प्रकार का अभिकरण है?
Answer: घर-परिवार, खेल-समूह तथा मित्रमण्डली आदि को शिक्षा के अनौपचारिक अभिकरण माना जाता है।
In simple words: घर-परिवार, खेल-समूह और मित्रमंडली शिक्षा के अनौपचारिक अभिकरण हैं, जो बिना किसी औपचारिक नियम के सीखने में मदद करते हैं।
🎯 Exam Tip: इन सभी उदाहरणों को 'अनौपचारिक अभिकरण' के रूप में वर्गीकृत करना महत्वपूर्ण है।
Question 6. शिक्षा के किन अभिकरणों से व्यावहारिक जीवन से सम्बन्धित शिक्षा प्राप्त होती है?
Answer: व्यावहारिक जीवन से सम्बन्धित शिक्षा मुख्य रूप से शिक्षा के अनौपचारिक अभिकरणों से प्राप्त होती है।
In simple words: व्यावहारिक जीवन की शिक्षा मुख्य रूप से अनौपचारिक अभिकरणों से प्राप्त होती है।
🎯 Exam Tip: व्यावहारिक शिक्षा को अनौपचारिक अभिकरणों से जोड़ना इस प्रश्न का सटीक उत्तर है।
Question 7. विद्यालय, पाठशाला तथा विश्वविद्यालय आदि शिक्षण-संस्थाओं को शिक्षा के किस प्रकार के अभिकरण माना जाता है ?
Answer: विद्यालय, पाठशाला तथा विश्वविद्यालय आदि शिक्षण संस्थाओं को शिक्षा के औपचारिक अभिकरण माना जाता है।
In simple words: विद्यालय, पाठशाला और विश्वविद्यालय जैसे शिक्षण संस्थान शिक्षा के औपचारिक अभिकरण माने जाते हैं।
🎯 Exam Tip: इन सभी संस्थाओं को 'औपचारिक अभिकरण' के रूप में सही ढंग से वर्गीकृत करें।
Question 8. मकतब एवं मदरसे तथा गुरुकुल शिक्षा के किस प्रकार के अभिकरण हैं ?
Answer: मकतब एवं मदरसे तथा गुरुकुल शिक्षा के औपचारिक अभिकरण हैं।
In simple words: मकतब, मदरसे और गुरुकुल शिक्षा के औपचारिक अभिकरण हैं।
🎯 Exam Tip: ये सभी पारंपरिक शिक्षण संस्थाएं 'औपचारिक अभिकरण' की श्रेणी में आती हैं।
Question 9. शैक्षिक योग्यता का प्रमाण-पत्र शिक्षा के किस प्रकार के अभिकरणों द्वारा प्रदान किया जाता
Answer: शैक्षिक योग्यता का प्रमाण-पत्र शिक्षा के औपचारिक अभिकरणों द्वारा प्रदान किया जाता है।
In simple words: शैक्षिक योग्यता प्रमाण-पत्र औपचारिक अभिकरणों द्वारा ही प्रदान किए जाते हैं।
🎯 Exam Tip: 'प्रमाण-पत्र' का संबंध हमेशा औपचारिक शिक्षा से होता है, इस बिंदु को स्पष्ट करें।
Question 10. शिक्षा के उन अभिकरणों को क्या कहा जाता है जिनमें शिक्षा ग्रहण करने वाले तथा शिक्षा प्रदान करने वाले दोनों पक्ष एक-दूसरे से प्रभावित होते हैं ?
Answer: शिक्षा के इस प्रकार के अभिकरणों को शिक्षा के सक्रिय अभिकरण कहा जाता है।
In simple words: जिन अभिकरणों में शिक्षा ग्रहण करने और प्रदान करने वाले दोनों पक्ष एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं, उन्हें सक्रिय अभिकरण कहते हैं।
🎯 Exam Tip: 'दोनों पक्षों का आपसी प्रभाव' सक्रिय अभिकरण की पहचान है।
Question 11. शिक्षा के उन अभिकरणों को क्या कहा जाता है जिनमें शिक्षा प्रदान करने वाला पक्ष प्रभावित नहीं होता ?
Answer: इस प्रकार के अभिकरणों को शिक्षा के निष्क्रिय अभिकरण कहा जाता है।
In simple words: जिन अभिकरणों में शिक्षा प्रदान करने वाला पक्ष प्रभावित नहीं होता, वे निष्क्रिय अभिकरण कहलाते हैं।
🎯 Exam Tip: 'प्रदान करने वाले पक्ष का अप्रभावित रहना' निष्क्रिय अभिकरण की मुख्य विशेषता है।
Question 12. 'राज्य शिक्षा के किस अभिकरण का उदाहरण है?
Answer: राज्य शिक्षा के अनौपचारिक अभिकरण का उदाहरण है।
In simple words: राज्य शिक्षा का एक अनौपचारिक अभिकरण है।
🎯 Exam Tip: राज्य को अनौपचारिक अभिकरण के रूप में पहचानना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सीधे तौर पर शिक्षा के नियम नहीं बनाता बल्कि शिक्षा के वातावरण को प्रभावित करता है।
Question 13. 'समुदाय' शिक्षा के किस अभिकरण का उदाहरण है ?
Answer: 'समुदाय' शिक्षा के अनौपचारिक अभिकरण का उदाहरण है।
In simple words: समुदाय शिक्षा का एक अनौपचारिक अभिकरण है।
🎯 Exam Tip: समुदाय को भी अनौपचारिक अभिकरण के उदाहरण के रूप में याद रखें, क्योंकि यह अप्रत्यक्ष रूप से शिक्षा प्रदान करता है।
Question 14. निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य
1. विद्यालय ही शिक्षा का मुख्यतम औपचारिक अभिकरण है।
2. शिक्षा के अनौपचारिक अभिकरणों का न तो कोई महत्त्व है और न ही कोई आवश्यकता।
3. व्यावहारिक जीवन में कुशलता अर्जित करने में शिक्षा के अनौपचारिक अभिकरण सहायक होते हैं।
4. संग्रहालय शिक्षा के औपचारिक अभिकरण हैं।
5. राज्य शिक्षा का अभिकरण नहीं है।
6. रेडियो शिक्षा का निष्क्रिय साधन है।
Answer:
1. सत्य,
2. असत्य,
3. सत्य,
4. सत्य,
5. असत्य,
6. सत्य ।.
In simple words: उपरोक्त कथन शिक्षा के विभिन्न अभिकरणों के बारे में हैं, जिनमें विद्यालय को औपचारिक, अनौपचारिक अभिकरणों को सहायक, संग्रहालय को औपचारिक, राज्य को एक अभिकरण और रेडियो को निष्क्रिय साधन बताया गया है।
🎯 Exam Tip: सत्य/असत्य प्रश्नों में प्रत्येक कथन को ध्यान से पढ़ें और शिक्षा के विभिन्न अभिकरणों की विशेषताओं के साथ तुलना करके सही उत्तर निर्धारित करें।
बहुविकल्पीय प्रश्न
Question 1. शिक्षा की किसी भी प्रकार की प्रक्रिया के परिचालन में सहायक कारकों को माना जाता है
(क) शिक्षा के अंग ।
(ख) शिक्षा के अभिकरण या साधन
(ग) शिक्षा को प्रभावित करने वाले कारक
(घ) विद्यालय
Answer: (ख) शिक्षा के अभिकरण या साधन
In simple words: शिक्षा की प्रक्रिया में सहायता करने वाले सभी कारक शिक्षा के अभिकरण या साधन कहलाते हैं।
🎯 Exam Tip: 'अभिकरण' शब्द का अर्थ ही 'सहायक कारक' है, इसलिए विकल्पों में सही मिलान करें।
Question 2. पूर्व-निर्धारित योजना, उद्देश्य एवं व्यवस्था के अनुसार शिक्षा प्रदान करने वाले शिक्षा के अभिकरणों को कहते हैं
(क) महत्त्वपूर्ण अभिकरण
(ख) औपचारिक अभिकरण
(ग) अनौपचारिक अभिकरण
(घ) निष्क्रिय अभिकरण
Answer: (ख) औपचारिक अभिकरण
In simple words: जो अभिकरण पूर्व-निर्धारित योजना और व्यवस्था के तहत शिक्षा देते हैं, वे औपचारिक अभिकरण होते हैं।
🎯 Exam Tip: 'पूर्व-निर्धारित योजना' और 'व्यवस्था' औपचारिक अभिकरणों की मुख्य पहचान है।
Question 3. शिक्षा का औपचारिक उपकरण (अभिकरण ) है ?
(क) घर
(ख) राज्य
(ग) विद्यालय
(घ) समाज
Answer: (ग) विद्यालय
In simple words: विद्यालय शिक्षा का एक औपचारिक अभिकरण है क्योंकि इसमें निश्चित नियम और पाठ्यक्रम होते हैं।
🎯 Exam Tip: विकल्पों में से सबसे स्पष्ट औपचारिक शिक्षण संस्था का चयन करें।
Question 4. बालक को शिक्षा प्रदान करने वाला प्रथम या प्रारम्भिक अभिकरण है ?
(क) क्रीड़ा विद्यालय
(ख) नर्सरी स्कूल
(ग) भाई-बहन तथा मित्र
(घ) परिवार
Answer: (घ) परिवार
In simple words: परिवार ही बालक को शिक्षा प्रदान करने वाला सबसे पहला और प्रारंभिक अभिकरण है।
🎯 Exam Tip: प्राथमिक सामाजिकरण और प्रारंभिक शिक्षा का स्रोत हमेशा परिवार ही होता है।
Question 5. “अध्यापक ही केवल शिक्षक नहीं होता, केवल स्कूल या कॉलेज ही शिक्षण संस्थाएँ नहीं हैं, वरन् ऐसी कई अन्य संस्थाएँ हैं जिनका प्रभाव शैक्षिक होता है।” यह कथन किसको है?
(क) स्वामी विवेकानन्द का
(ख) रेमॉण्ट का
(ग) फ्रॉबेल का
(घ) बी० डी० भाटिया का
Answer: (ख) रेमॉण्ट का
In simple words: यह प्रसिद्ध कथन रेमॉण्ट का है जो शिक्षा के व्यापक दायरे को परिभाषित करता है, जिसमें केवल औपचारिक संस्थाएँ ही नहीं बल्कि अन्य कारक भी शामिल होते हैं।
🎯 Exam Tip: शिक्षाविदों के उद्धरणों को याद रखना बहुविकल्पीय प्रश्नों में सहायक होता है।
Question 6. पुस्तकालय शिक्षा का अभिकरण है
(क) औपचारिक
(ख) अनौपचारिक
(ग) औपचारिकेत्तर
(घ) सक्रिय
Answer: (क) औपचारिक
In simple words: पुस्तकालय शिक्षा का एक औपचारिक अभिकरण है क्योंकि यह संरचित ज्ञान और अध्ययन की सुविधा प्रदान करता है।
🎯 Exam Tip: पुस्तकालय को एक व्यवस्थित और नियमबद्ध अध्ययन वातावरण के रूप में देखें, जिससे यह औपचारिक अभिकरण की श्रेणी में आता है।
Question 7. 'दूरदर्शन' शिक्षा का किस प्रकार की अभिकरण है?
(क) सक्रिय अभिकरण
(ख) निष्क्रिय अभिकरण
(ग) औपचारिक अभिकरण
(घ) अनावश्यक अभिकरण
Answer: (ख) निष्क्रिय अभिकरण
In simple words: दूरदर्शन शिक्षा का एक निष्क्रिय अभिकरण है क्योंकि यह जानकारी प्रसारित करता है लेकिन सीखने वाले से सीधे संवाद या प्रभाव नहीं डालता।
🎯 Exam Tip: दूरदर्शन जैसे जनसंचार माध्यम 'निष्क्रिय अभिकरण' होते हैं क्योंकि इनमें एकतरफा सूचना का प्रवाह होता है।
Question 8. शिक्षा के औपचारिक अभिकरणों की विशेषता है
(क) निश्चित नियमावली होती है।
(ख) निर्धारित पाठ्यक्रम एवं परीक्षा का प्रावधान है।
(ग) योग्यता का प्रमाण-पत्र दिया जाता है।
(घ) उपर्युक्त सभी विशेषताएँ
Answer: (घ) उपर्युक्त सभी विशेषताएँ
In simple words: औपचारिक शिक्षा अभिकरणों में निश्चित नियम, पाठ्यक्रम, परीक्षा और प्रमाण-पत्र सभी शामिल होते हैं, जो इन्हें संरचित बनाते हैं।
🎯 Exam Tip: औपचारिक शिक्षा की सभी प्रमुख विशेषताओं को ध्यान में रखें; इसमें नियम, पाठ्यक्रम, परीक्षा और प्रमाणन सभी शामिल हैं।
Question 9. शिक्षा के अनौपचारिक अभिकरणों की विशेषता नहीं है
(क) कोई निश्चित एवं पूर्व-र्निर्धारित पाठ्यक्रम नहीं होता।
(ख) योग्यता का प्रमाण-पत्र दिया जाता है।
(ग) कोई निश्चित स्थान नहीं होता।
(घ) किसी-न-किसी रूप में आजीवन सक्रिय रहते हैं।
Answer: (ख) योग्यता का प्रमाण-पत्र दिया जाता है।
In simple words: अनौपचारिक अभिकरणों में योग्यता का प्रमाण-पत्र नहीं दिया जाता; यह उनकी विशेषता नहीं है, बल्कि यह औपचारिक अभिकरणों की विशेषता है।
🎯 Exam Tip: अनौपचारिक अभिकरणों में प्रमाण-पत्र का अभाव होता है, यह उनकी मुख्य पहचानों में से एक है।
Question 10. गृह या परिवार शिक्षा के किस अभिकरण के उदाहरण हैं ?
(क) औपचारिक अभिकरण
(ख) अनौपचारिक अभिकरण
(ग) निरौपचारिक अभिकरण
(घ) निष्क्रिय अभिकरण
Answer: (ख) अनौपचारिक अभिकरण
In simple words: घर या परिवार बिना किसी निश्चित पाठ्यक्रम या नियम के स्वाभाविक रूप से शिक्षा प्रदान करता है, इसलिए यह एक अनौपचारिक अभिकरण है।
🎯 Exam Tip: परिवार को शिक्षा के सबसे महत्वपूर्ण अनौपचारिक अभिकरण के रूप में समझें।
Question 11. विद्यालय शिक्षा का अभिकरण है।
(क) अनौपचारिक
(ख) औपचारिक
(ग) निरौपचारिक
(घ) विशेष
Answer: (ख) औपचारिक
In simple words: विद्यालय एक संरचित पाठ्यक्रम, निश्चित नियमों और शिक्षण विधियों के साथ शिक्षा प्रदान करता है, जो इसे एक औपचारिक अभिकरण बनाता है।
🎯 Exam Tip: विद्यालय को औपचारिक शिक्षा का प्रमुख उदाहरण मानें।
Question 12. शिक्षा का प्रमुख सक्रिय साधन है
(क) राज्य
(ख) धर्म
(ग) विद्यालय
(घ) सिनेमा
Answer: (ग) विद्यालय
In simple words: विद्यालय एक प्रमुख सक्रिय शिक्षा साधन है क्योंकि इसमें छात्र और शिक्षक सीधे संवाद करते हैं और एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं।
🎯 Exam Tip: सक्रिय साधन में दोतरफा प्रभाव होता है, और विद्यालय इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
Question 13. निम्नलिखित में कौन-सा शिक्षा का निष्क्रिय अभिकरण है?
(क) गिरजाघर
(ख) क्लब
(ग) विद्यालय
(घ) टेलीविजन
Answer: (घ) टेलीविजन
In simple words: टेलीविजन एक निष्क्रिय अभिकरण है क्योंकि यह सूचना प्रसारित करता है, लेकिन दर्शक से सीधे या दोतरफा बातचीत नहीं करता।
🎯 Exam Tip: निष्क्रिय अभिकरण वे होते हैं जो जानकारी एकतरफा प्रसारित करते हैं, जैसे टेलीविजन।
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