UP Board Solutions Class 11 Biology Chapter 1 The Living World

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Detailed Chapter 1 जीवित दुनिया UP Board Solutions for Class 11 Biology

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Class 11 Biology Chapter 1 जीवित दुनिया UP Board Solutions PDF

अभ्यास के अन्तर्गत दिए गए प्रश्नोत्तर

 

Question 1. जीवों को वर्गीकृत क्यों करते हैं?
Answer: जीवों का वर्गीकरण निम्नलिखित कारणों से किया जाता है
1. जीवों की सरलता से पहचान हेतु।
2. अन्य स्थानों के जीवों के अध्ययन हेतु ।
3. जीवाश्मों के अध्ययन हेतु ।
4. समूह बनाकर सभी जीवों का अध्ययन किया जा सकता है जबकि सभी जीवों का पृथक अध्ययन असम्भव है।
5. वर्गीकरण से जीवों में समानता व असमानता का पता चलता है जिससे विभिन्न जीव समूहों के बीच सम्बन्ध का ज्ञान होता है।
6. विभिन्न टैक्सा के विकास (evolution) को पता चलता है।
In simple words: जीवों को वर्गीकृत करना उनकी पहचान, अध्ययन और उनके बीच संबंधों को समझने में सहायक होता है। यह हमें जीवाश्मों और विकास के क्रम को जानने में भी मदद करता है।

🎯 Exam Tip: वर्गीकरण के महत्व पर आधारित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, जिसमें इसके विभिन्न उपयोगों को समझाना होता है।

 

Question 2. वर्गीकरण प्रणाली को बार-बार क्यों बदलते हैं?
Answer: नये उपकरणों और प्रौद्योगिकी के विकास के साथ-साथ वैज्ञानिक अध्ययन का भी लगातार विकास होता रहता है। प्राचीन काल में वैज्ञानिक जीवों का वर्गीकरण उनके आवास तथा गुण के आधार पर करते थे। उसके पश्चात् बाह्य आकारिकी (external morphology) वर्गीकरण का मुख्य आधार बन गई। उसके पश्चात् सूक्ष्मदर्शी (microscope) व अन्य उपकरणों की खोज के पश्चात् आन्तरिक संरचना (anatomy) तथा भौणिकी (embryology) का उपयोग वर्गीकरण हेतु होने लगा। वर्तमान में कोशिकीय संरचना (cellular structure), गुणसूत्र (chromosomes), जैव रासायनिक विश्लेषण (biochemical analysis), जीन संरचना (gene structure) तथा DNA में समानता का भी उपयोग जीवों के बीच सम्बन्ध स्थापित करने में तथा वर्गीकरण में किया जा रहा है। इसलिए वर्गीकरण प्रणाली समय के साथ-साथ परिवर्तित एवं विकसित की जाती रही है।
In simple words: वर्गीकरण प्रणाली में लगातार बदलाव इसलिए होते हैं क्योंकि नए उपकरणों और वैज्ञानिक अध्ययनों से जीवों के बारे में हमारी समझ बढ़ती रहती है, जिससे हम उन्हें अधिक सटीक रूप से वर्गीकृत कर पाते हैं।

🎯 Exam Tip: वर्गीकरण प्रणालियों के विकास को समझना महत्वपूर्ण है, जिसमें बाहरी लक्षणों से लेकर आणविक स्तर तक के अध्ययनों का उल्लेख करना होता है।

 

Question 3. जिन लोगों से आप प्रायः मिलते रहते हैं, आप उनको किस आधार पर वर्गीकृत करना पसंद करेंगे? [संकेत-ड्रेस, मातृभाषा, प्रदेश जिसमें वे रहते हैं; आर्थिक स्तर आदि ।]
Answer:
1. परिवार के सदस्य (Family members)
2. रिश्तेदार (Relatives)
3. पारिवारिक मित्र (Family friends)
4. स्कू ल मित्र (School friends)
5. सहपाठी (Classmates)
6. वयस्क, अपने से बड़े, अपने से छोटे, समान उम्र वाले (Adults, seniors, juniors, same age)
7. लिंग-स्त्री या पुरुष (Sex : Female or male)
8. ऊँचाई (Height)
9. खेल मित्र (Playmates)
In simple words: हम लोगों को विभिन्न सामाजिक, व्यक्तिगत और भौतिक विशेषताओं जैसे परिवार, रिश्ते, उम्र, लिंग, ऊंचाई या रुचियों के आधार पर वर्गीकृत कर सकते हैं।

🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्न में रचनात्मकता और सामाजिक वर्गीकरण के सामान्य सिद्धांतों को लागू करने की क्षमता का प्रदर्शन अपेक्षित होता है।

 

Question 4. व्यष्टि तथा समष्टि की पहचान से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
Answer: व्यष्टि (Individual) : प्रत्येक व्यष्टि में कुछ विशिष्ट लक्षण होते हैं जो उसकी समष्टि के अन्य व्यष्टियों में नहीं पाए जाते हैं। समष्टि (Population)
1. प्रत्येक समष्टि जनन में पृथक (reproductively isolated) होती है।
2. एक समष्टि के सदस्य आपस में अन्तरे प्रजनन (interbreed) करके नये जीव को जन्म दे सकते हैं।
3. एक समष्टि के सदस्यों में समानता होती है तथा ये अन्य समष्टि से असमान दिखाई देते हैं।
4. समष्टि के प्रत्येक सदस्य का कैरियोटाइप (karyotype) समान होता है।
5. एक समष्टि के सदस्यों में आन्तरिक संरचना में समानता पायी जाती है।
In simple words: व्यष्टि एक विशिष्ट जीव है, जबकि समष्टि एक ही प्रजाति के जीवों का समूह है जो आपस में प्रजनन कर सकते हैं और समान आनुवंशिक तथा शारीरिक विशेषताएँ साझा करते हैं, लेकिन अन्य समूहों से पृथक होते हैं।

🎯 Exam Tip: व्यष्टि और समष्टि के बीच के अंतर को स्पष्ट करना और उनके मुख्य गुणों को सूचीबद्ध करना इस प्रश्न का मुख्य बिंदु है।

 

Question 5. आम का वैज्ञानिक नाम निम्नलिखित है। इनमें से कौन-सा सही है ? मैंजीफेरा इंडिका, मैजीफेरा इंडिका
Answer: मैंजीफेरा इंडिका (Mangifera indica).
In simple words: आम का सही वैज्ञानिक नाम 'मैंगिफेरा इंडिका' है, जहाँ पहला शब्द वंश और दूसरा जाति को दर्शाता है।

🎯 Exam Tip: वैज्ञानिक नामकरण (द्विपद नाम पद्धति) के नियमों को याद रखना महत्वपूर्ण है, जिसमें वंश का पहला अक्षर बड़ा और जाति का पहला अक्षर छोटा होता है, और दोनों तिरछे अक्षरों में लिखे जाते हैं।

 

Question 6. टैक्सोन की परिभाषा दीजिए। विभिन्न पदानुक्रम स्तर पर टैक्सा के कुछ उदाहरण दीजिए।
Answer: टैक्सोन, किसी भी स्तर को वर्गिकी समूह होता है। (Taxon is a taxonomic group of any rank). यह किसी भी स्तर पर जीवों के समूह को निरूपित करता है। उदाहरणार्थ-मक्का (species), रोजेज (genus), घास (family), कोनिफर (order), द्विबीजपत्री (class), बीजीय पौधे (division) शब्द टैक्सोन (taxon) सर्वप्रथम 1956 में ICBN (International Code of Botanical Nomenclature) ने प्रतिपादित किया था तथा मेयर (1964) ने इसकी परिभाषा 'किसी भी स्तर के वर्गिकी समूह' के रूप में दी थी।
In simple words: टैक्सोन वर्गीकरण में किसी भी स्तर पर जीवों के एक समूह को कहते हैं, जैसे जाति, वंश, कुल या संघ।

🎯 Exam Tip: टैक्सोन की परिभाषा और विभिन्न वर्गिकी स्तरों पर उसके उदाहरणों को याद रखना इस प्रश्न के लिए आवश्यक है।

 

Question 7. क्या आप वर्गिकी संवर्ग का सही क्रम पहचान सकते हैं ?
(a) जाति (Species) → गण (Order) → संघ (Phylum) → जगत (Kingdom)
(b) वंश (Genus) → जाति (Species) → गण (Order) → जगत (Kingdom)
(c) जाति (Species) → वंश (Genus) → गण (Order) → संघ (Phylum)
Answer: (c) जाति (Species) → वंश (Genus) → गण (Order) → संघ (Phylum)
In simple words: वर्गीकरण का सही पदानुक्रम सबसे छोटी इकाई (जाति) से शुरू होकर वंश, गण और फिर संघ की ओर बढ़ता है।

🎯 Exam Tip: वर्गिकी पदानुक्रम (जाति, वंश, कुल, गण, वर्ग, संघ, जगत) का सही क्रम याद रखना जीव विज्ञान के मौलिक सिद्धांतों में से एक है।

 

Question 8. 'जाति' शब्द के सभी मानवीय वर्तमान कालिक अर्थों को एकत्र कीजिए। क्या आप अपने शिक्षक से उच्च कोटि के पौधों, प्राणियों तथा बैक्टीरिया की स्पीशीज का अर्थ जानने के लिए चर्चा कर सकते हैं?
Answer:
1. जाति (species) एक प्राकृतिक जनसंख्या अथवा समान आकारिकी (morphology), आन्तरिक संरचना (anatomy), कार्यिकी (physiology) तथा कोशिकीय संरचना (cellular structure) वाले जीवों की प्राकृतिक जनसंख्या है।
2. जाति (species), वर्गीकरण की आधारीय इकाई (basic unit) है जिसमें एक जाति के जीव - समान आनुवंशिक गुण रखते हैं।
3. जाति (species) ऐसे संरचनात्मक रूप से समान जीवों का समूह है जो आपस में मुक्त लैंगिक जनन (freely sexual reproduction) द्वारा संतान उत्पन्न कर सकते हैं परन्तु अन्य जाति के जीवों से जनन में पृथकता (reproductively isolated) दर्शाते हैं।
उच्च पादप तथा जन्तुओं (higher plants and animals) में लैंगिक जनन होता है। अतः इनकी जाति निर्धारण के लिए जनन पृथकता (reproductive isolation) का उपयोग किया जाता है। अतः परिभाषा (3) सही है। जीवाणुओं (bacteria) में मुक्त प्रजनन (free reproduction) तथा जनन पृथकता (reproductive isolation) नहीं पाया जाता है। इसलिए जीवाणुओं की जाति का निर्धारण आकारिकी (morphology) के आधार पर किया जाता है। अतः परिभाषा (1) सही है।
In simple words: 'जाति' समान गुणों वाले जीवों का एक समूह है जो आपस में प्रजनन कर उपजाऊ संतान पैदा कर सकते हैं और अन्य जातियों से अलग होते हैं; यह वर्गीकरण की सबसे छोटी इकाई है।

🎯 Exam Tip: जाति की विभिन्न परिभाषाओं को समझना आवश्यक है, विशेषकर जनन पृथकता और आकारिकी के आधार पर, क्योंकि यह उच्च जीवों और बैक्टीरिया में भिन्न होती है।

 

Question 9. निम्नलिखित शब्दों को समझिए तथा परिभाषित कीजिए
(i) संघ
(ii) वर्ग
(iii) कुल
(iv) गण
(v) वंश
Answer:
(i) संघ (Phylum) : समान गुणों वाले वर्गों (class) को एक संघ (phylum) में रखा जाता है, जैसे मत्स्य, उभयचर, सरीसृप (reptiles), पक्षी तथा स्तनधारी जंतुओं को एक ही संघ कॉडेटा (chordata) में रखा गया है। इन सभी जंतुओं में रीढ़ की हड्डी पाई जाती है। पौधों में समान गुणों वाले वर्गों (class) को एक डिविजन (division) में वर्गीकृत किया जाता है।
(ii) वर्ग (Class) : समान गुणों वाले गण (order) को एक वर्ग (class) में रखा जाता है। गण प्राइमेटा (order primata) में बंदर, गोरिल्ला, चिंपैंजी आदि को एक ही वर्ग मैमेलिया (mammalia) में शेर, कुत्ता, बिल्ली आदि के साथ रखा गया है, क्योंकि ये सभी स्तनधारी श्रेणी में रखे गए हैं।
(iii) कुल (Family) : जिस प्रकार समान गुणों वाली जाति को एक वंश में रखते हैं उसी प्रकार समान गुणों वाले सभी वंशों को एक कुल या कुटुंब (family) में रखते हैं। जैसे आलू, टमाटर, बैंगन में कई गुण समान होते हैं इसलिए इन्हें एक ही कुल सोलेनेसी (solanaceae) में रखा गया है। कुटुंब को वर्धिक (vegetative) तथा जननीय लक्षणों (reproductive characters) के आधार पर विशेषीकरण (characterization) किया जाता है। उदाहरण के लिए, शेर, बाघ तथा तेंदुआ को वंश पैथेरा (Panthera) में बिल्ली (Felis) के साथ कुटुंब फेलिडी (Felidae) में रखा गया है। इसी प्रकार कुत्ता और बिल्ली में कुछ समानताएँ तथा कुछ अन्तर होते हैं। इन्हें दो अलग-अलग कुटुंबों क्रमशः कैनिडी (Canidae) तथा फेलिडी (Felidae) में रखा गया है।
(iv) गण (Order) : समान गुणों वाले कुलों को एक गण (order) में रखा जाता है। उदाहरण के लिए, बिल्ली, कुत्ता तथा शेर को एक ही ऑर्डर कार्निवोरा (carnivora) में रखा गया है। पौधों में कानवॉल्वुलेसी (convolvulaceae) तथा सोलेनेसी (solanaceae) कुटुंब को एक गण - पॉलीमोनिएल्स (polemoniales) में पुष्पीय गुणों के आधार पर रखा गया है।
(v) वंश (Genus) : वंश, सम्बन्धित स्पीशीज का एक समूह है । (Genus is a group of related species)। वर्गीकरण में वंश का बहुत महत्त्व है। द्विपद-नाम-पद्धति (binomial nomenclature) के अनुसार किसी भी स्पीशीजे को तब तक कोई नाम नहीं दिया जा सकता जब तक कि वह किसी वंश के साथ न हो।
प्रायः एक ही वंश की जाति के गुणों में काफी समानता होती है। सामान्य गुणों के ऐसे समूह को सह-संबंधित गुण (correlated characters) कहा जाता है। ऐसी जाति को एक वंश के अन्तर्गत रखा जाता है। एक वंश के अन्दर कई जाति हो सकती हैं, जैसे आम का वंश है मैंजीफेरा (Mangifera), जिसके अन्तर्गत 35 जातियों को रखा गया है। मैंजीफेरा इंडिका (Mangifera indica) 35 जातियों में से एक है। एक वंश के अन्तर्गत केवल एक जाति भी हो सकती है। जैसे वंश जिंगो (Ginkgo) में केवल एक जाति है-जिंगो बाइलोबा (Ginkgo biloba)। ऐसे वंश, जिनमें केवल एक ही जाति होती है-मोनोटिपिक जीनस (monotypic genus) कहलाते हैं।
In simple words: संघ वर्गों का समूह है, वर्ग गणों का समूह है, कुल वंशों का समूह है, गण कुलों का समूह है, और वंश संबंधित जातियों का समूह है; ये सभी जैविक वर्गीकरण की इकाइयाँ हैं।

🎯 Exam Tip: प्रत्येक वर्गिकी संवर्ग (संघ, वर्ग, कुल, गण, वंश) की परिभाषा और उसके उदाहरणों को याद रखना वर्गीकरण प्रणाली को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 10. जीव के वर्गीकरण तथा पहचान में कुंजी किस प्रकार सहायक है?
Answer: कुंजी एक ऐसी विधि है जिसके द्वारा विभिन्न वर्गों में स्थित प्रत्येक प्रकार के जीव की पहचान की जा सकती है। वैज्ञानिक जीवों की पहचान उनके गुणों के आधार पर बनाई गई कुंजी (keys) से करते हैं। कुंजी (key) पौधों तथा जन्तुओं के समान तथा असमान गुणों के आधार पर बनाई जाती है। वर्गिकी कुंजी (taxonomic key) दो विपरीत लक्षणों पर आधारित होती है। इनमें से एक को स्वीकार किया जाता है जबकि दूसरे को अस्वीकृत कर दिया जाता है। कुल, वंश तथा जाति के लिए अलग-अलग कुंजी का उपयोग किया जाता है।
In simple words: वर्गीकरण कुंजी जीवों की पहचान करने का एक उपकरण है, जो उन्हें विपरीत गुणों के आधार पर वर्गीकृत करने में मदद करती है, जिससे एक लक्षण को स्वीकार करके दूसरे को अस्वीकार किया जाता है।

🎯 Exam Tip: वर्गीकरण कुंजी के सिद्धांत और उसके उपयोग को उदाहरण सहित स्पष्ट करना परीक्षा में अच्छे अंक दिला सकता है।

 

Question 11. पौधों तथा प्राणियों के उचित उदाहरण देते हुए वर्गिकी पदानुक्रम का चित्रण कीजिए।
Answer: वर्गीकरण एकल सोपान प्रक्रम नहीं है, बल्कि इसमें पदानुक्रम सोपान (hierarchy of steps) होते हैं जिसमें प्रत्येक सोपान पद अथवा वर्ग (rank or category) को प्रदर्शित करता है। चूंकि संवर्ग (category) समस्त वर्गिकी व्यवस्था है इसलिए इसे वर्गिकी संवर्ग (taxonomic category) कहते हैं। और तभी सारे संवर्ग मिलकर वर्गिकी पदानुक्रम (taxonomic hierarchy) बनाते हैं। प्रत्येक संवर्ग वर्गीकरण की एक इकाई को प्रदर्शित करता है। वास्तव में, यह एक पद को दिखाता है और इसे प्रायः वर्गक (टैक्सोन) कहते हैं। वर्गिकी संवर्ग तथा पदानुक्रम का वर्णन एक उदाहरण द्वारा कर सकते। हैं। कीट (insects) जीवों के एक वर्ग को दिखाता है जिसमें एक समान गुण जैसे तीन जोड़ी संधिपाद (टाँगे) होती हैं। इसका अर्थ है कि कीट संघ स्वीकारणीय सुस्पष्ट जीव है जिसका वर्गीकरण किया जा सकता है, इसलिए इसे एक पद (rank) अथवा संवर्ग (category) का दर्जा दिया वर्ग (क्लास) गया है। स्मरण रहे कि वर्ग (group) संवर्ग (category) को दिखाता है। प्रत्येक पदे (rank) अथवा वर्गक (taxon) वास्तव में, वर्गीकरण की एक इकाई को बताता है। ये वर्गिकी वर्ग/संवर्ग सुस्पष्ट जैविक है ना कि केवल आकारिकीय समूहन । सभी ज्ञात जीवों के वर्गिकीय अध्ययन से सामान्य संवर्ग जैसे जगत । (kingdom), संघ (phylum) अथवी भाग (पौधों के लिए), वर्ग (class), गण (order), कुल (family), वंश (genus) तथा जाति (species) का विकास हुआ। पौधों तथा प्राणियों दोनों में जाति । सबसे निचले संवर्ग में आती है। इनका वर्गीकरण संलग्न चित्र के अनुसार होता है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र जैविक वर्गीकरण के पदानुक्रम को दर्शाता है, जो सबसे बड़े संवर्ग 'जगत (Kingdom)' से शुरू होकर 'संघ (Phylum) या भाग (Division)', 'वर्ग (Class)', 'गण (Order)', 'कुल (Family)', 'वंश (Genus)', और अंत में सबसे छोटी इकाई 'जाति (Species)' तक जाता है। यह वर्गीकरण का एक सोपानिक क्रम प्रस्तुत करता है जहाँ प्रत्येक स्तर एक विशिष्ट वर्गिकी समूह का प्रतिनिधित्व करता है।
मनुष्य तथा आम का वर्गिकी पदानुक्रम में वर्गीकरण निम्न प्रकार है

पदानुक्रममनुष्यआम
जगत (Kingdom)एनीमेलिया (Animalia)प्लाण्टी (Plantae)
संघ/डिविजन (Phylum/Division)कॉडेटा (Chordata)एन्जियोस्पर्मी (Angiospermae)
वर्ग (Class)मैमेलिया (Mammalia)डाइकोटिलीडनी (Dicotyledonae)
गण (Order)प्राइमेटा (Primata)सेपिंडेल्स (Sapindales)
कुल (Family)होमोनीडी (Homonidae)एनाकाडेंसी (Anacardiaceae)
वंश (Genus)होमो (Homo)मैंजीफेरा (Mangifera)
जाति (Species)होमो सेपियन्स (Homo sapiens)इंडिका (Mangifera indica)

In simple words: वर्गीकरण एक श्रेणीबद्ध प्रणाली है जिसमें जीव को जगत से लेकर जाति तक विभिन्न स्तरों पर वर्गीकृत किया जाता है, जहाँ प्रत्येक स्तर एक विशिष्ट वर्गिकी समूह का प्रतिनिधित्व करता है।

🎯 Exam Tip: वर्गीकरण पदानुक्रम के प्रत्येक स्तर की परिभाषा और मनुष्य तथा आम के उदाहरणों के साथ उसका चित्रण, परीक्षा में पूरे अंक प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है।

परीक्षोपयोगी प्रश्नोत्तर

बहुविकल्पीय प्रश्न

 

Question 1. मछलियों का अध्ययन जीव विज्ञान की किस शाखा के अन्तर्गत करते हैं?
(क) हरपेटोलॉजी
(ख) हेल्मिन्थोलॉजी
(ग) ओफियोलॉजी
(घ) इक्थियोलॉजी
Answer: (घ) इक्थियोलॉजी
In simple words: मछलियों के अध्ययन से संबंधित जीव विज्ञान की शाखा को इक्थियोलॉजी कहते हैं।

🎯 Exam Tip: जीव विज्ञान की विभिन्न शाखाओं और उनके अध्ययन के विषयों को याद रखना वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. जन्तु किन लक्षणों में पादपों से मिलते हैं?
(क) ये दिन-रात श्वसन करते हैं।
(ख) ये केवल दिन में श्वसन करते हैं।
(ग) ये केवल रात में श्वसन करते हैं।
(घ) ये जब चाहें श्वसन करते हैं।
Answer: (क) ये दिन-रात श्वसन करते हैं।
In simple words: जन्तु और पादप दोनों ही दिन और रात दोनों समय श्वसन की प्रक्रिया करते हैं, जो उनके जीवित रहने के लिए आवश्यक है।

🎯 Exam Tip: जीवों में होने वाली मौलिक जैविक प्रक्रियाओं जैसे श्वसन की निरंतरता को समझना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पादपों और जंतुओं दोनों पर लागू होती है।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. "जीव विज्ञान" शब्द का प्रयोग सबसे पहले किसने किया था?
Answer: “जीव विज्ञान (Biology) शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग 1802 ई० में लैमार्क (Lamarck) और ट्रैविरैनस (Treviranus) द्वारा किया गया।
In simple words: "जीव विज्ञान" शब्द का प्रयोग सबसे पहले लैमार्क और ट्रैविरैनस नामक वैज्ञानिकों ने 1802 में किया था।

🎯 Exam Tip: प्रमुख वैज्ञानिक शब्दों के जनक या प्रथम प्रयोगकर्ता से संबंधित प्रश्न अक्सर सामान्य ज्ञान के रूप में पूछे जाते हैं।

 

Question 2. जीव विज्ञान, जन्तु विज्ञान तथा वनस्पति विज्ञान के पिता का नाम लिखिए। या जन्तु विज्ञान के जनक कौन थे?
Answer: जीव विज्ञान
\( \implies \) अरस्तू (Aristotle) जन्तु विज्ञान
\( \implies \) अरस्तू (Aristotle) वनस्पति विज्ञान
\( \implies \) थियोफ्रेस्टस (Theophrastus)
In simple words: जीव विज्ञान और जन्तु विज्ञान के जनक अरस्तू हैं, जबकि वनस्पति विज्ञान के जनक थियोफ्रेस्टस हैं।

🎯 Exam Tip: जीव विज्ञान और उसकी उप-शाखाओं के जनकों के नाम याद रखना परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. सजीव एवं निर्जीव में अन्तर बताइए ।
Answer: सभी सजीवों में जीवद्रव्य उपस्थित होता है जोकि सभी सजीवों (जीवधारियों) की भौतिक आधारशिला है। इसके विपरीत निर्जीवों में यह अनुपस्थित होता है।
In simple words: सजीवों में जीवद्रव्य पाया जाता है, जो उनकी जीवन गतिविधियों का आधार है, जबकि निर्जीवों में यह अनुपस्थित होता है।

🎯 Exam Tip: सजीव और निर्जीव के बीच के मौलिक अंतर को स्पष्ट करना, विशेष रूप से जीवद्रव्य की उपस्थिति के संदर्भ में, महत्वपूर्ण है।

लघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. जीव विज्ञान की दो परम्परागत शाखाओं के नाम लिखिए तथा इनमें अन्तर बताइए ।
Answer: जीव विज्ञान की दो परम्परागत शाखाएँ निम्नवत् हैं
1. जन्तु विज्ञान (Zoology)
2. वनस्पति विज्ञान (Botany)
जन्तु विज्ञान शाखा के अन्तर्गत जन्तुओं (animals) का अध्ययन किया जाता है, जबकि वनस्पति विज्ञान शाखा के अन्तर्गत वनस्पतियों (plants) का अध्ययन किया जाता है।
In simple words: जीव विज्ञान की दो मुख्य शाखाएँ जन्तु विज्ञान (जन्तुओं का अध्ययन) और वनस्पति विज्ञान (पौधों का अध्ययन) हैं, जो क्रमशः पशु और वनस्पति जगत पर केंद्रित हैं।

🎯 Exam Tip: जीव विज्ञान की पारंपरिक शाखाओं और उनके अध्ययन के विषय को स्पष्ट रूप से परिभाषित करना आवश्यक है।

 

Question 2. सजीवों के किन्हीं दो लक्षणों का वर्णन कीजिए।
Answer:
1. श्वसन (Respiration) : जीवधारियों में श्वसन हर समय होता रहता है। इस क्रिया में जीव वायुमण्डल से ऑक्सीजन (O₂) लेते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) बाहर निकालते हैं। इस क्रिया में कार्बोहाइड्रेट, वसा एवं प्रोटीन का ऑक्सीकरण (Oxidation) होता है और ऊर्जा मुक्त होती है । इस मुक्त ऊर्जा से ही जीवधारियों की समस्त जैविक-क्रियाएँ संचालित होती हैं। श्वसन क्रिया एक अपचयी क्रिया (catabolic reaction) है।
2. जनन (Reproduction) : जनन भी जीवों का अभिलक्षण है। बहुकोशिक जीवों में जनने (लैंगिक जनन-sexual reproduction) का अर्थ अपनी संतति उत्पन्न करना है जिसके अभिलक्षण लगभग उसके अपने माता-पिता से मिलते हैं। जीव अलैंगिक जनन (asexual reproduction) भी करते हैं। फंजाई (कवक) लाखों अलैंगिक बीजाणुओं (asexual spores द्वारा गुणन करती है और सरलता से फैल जाती है। निम्न कोटि के जीवों; जैसे- यीस्ट तथा हाइड्रा में मुकुलन (budding) द्वारा जनन होता है। प्लैनेरिया (चपटा कृमि) में वास्तविक पुनर्जनन (true regeneration) होता है अर्थात् एक खंडित जीव अपने शरीर के लुप्त अंग को पुनः प्राप्त (जीवित) कर लेता है और इस प्रकार एक नया जीव बन जाता है। फंजाई, तंतुमयी शैवाल, मॉस का प्रथम तंतु (protonema of moss) सभी विखण्डन (fragmentation) विधि द्वारा गुणन करते हैं।
In simple words: श्वसन वह प्रक्रिया है जिसमें जीव ऊर्जा के लिए ऑक्सीजन लेते और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं, जबकि जनन वह क्षमता है जिससे जीव अपने समान संतति उत्पन्न करते हैं, जो लैंगिक या अलैंगिक हो सकता है।

🎯 Exam Tip: सजीवों के महत्वपूर्ण लक्षणों जैसे श्वसन और जनन को उनकी प्रक्रियाओं और उदाहरणों के साथ समझाना महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. पौधों तथा जन्तुओं में मुख्य अन्तर बताइए ।
Answer: पौधों तथा जन्तुओं में मुख्य अन्तर निम्नवत्

पौधेजन्तु
• पौधों का शरीर संगठन सरल प्रकार का होता है।• अपेक्षाकृत जटिल प्रकार का होता है।
• पौधों में कोशिका के चारों ओर सेलुलोज की बनी एक दृढ़ कोशिका भित्ति पाई जाती है।• कोशिका भित्ति अनुपस्थित होती है।
• अधिकतर पादप कोशिकाओं में एक हरे रंग का कोशिकांग पाया जाता है जिसे हरितलवक (chloroplast) कहते हैं।• हरितलवक अनुपस्थित होता है।
• पौधे जल, CO₂ तथा सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में प्रकाश संश्लेषण (photosynthesis) द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाते हैं।• जन्तुओं में प्रकाश संश्लेषण की क्रिया नहीं होती इस कारण ये अपना भोजन स्वयं नहीं बना पाते हैं।
• पौधे स्वपोषी (autotrophs) होते हैं।• जन्तु परपोषी (heterotrophs) होते हैं।

In simple words: पौधों में कोशिका भित्ति और हरितलवक होते हैं, जिससे वे प्रकाश संश्लेषण द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाते (स्वपोषी) हैं, जबकि जन्तुओं में ये नहीं होते और वे भोजन के लिए दूसरों पर निर्भर (परपोषी) करते हैं।

🎯 Exam Tip: पौधों और जन्तुओं के बीच संरचनात्मक और पोषण संबंधी प्रमुख अंतरों को एक तालिका के रूप में प्रस्तुत करना प्रभावी होता है।

 

Question 4. अजायबघर या म्यूजियम किसे कहते है? म्यूजियम एवं चिड़ियाघर में अन्तर बताइए।
Answer: संग्रहालय (Museum) : संग्रहालय प्रायः शैक्षिक संस्थानों; जैसे विद्यालय तथा कॉलेजों में स्थापित किए जाते हैं। संग्रहालय में अध्ययन के लिए परिरक्षित पौधों तथा प्राणियों के नमूने होते हैं। पौधे तथा प्राणियों के नमूनों को सुखाकर परिरक्षित करते हैं। कीटों को एकत्र करके मारने के बाद डिब्बों में पिन लगाकर रखते हैं। बड़े प्राणी; जैसे-पक्षी तथा स्तनधारी; को प्रायः परिरक्षित घोल में डालकर जारों में भरकर परिरक्षित करते हैं। संग्रहालय में प्रायः प्राणियों के कंकाल भी रखे जाते हैं।
प्रमुख संग्रहालय
1. नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम, लंदन
2. फॉरेस्ट म्यूजियम, अण्डमान-निकोबार द्वीप
3. नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री, दिल्ली
4. प्रिंस ऑफ वेल्स म्यूजियम, मुम्बई
5. इण्डियन म्यूजियम, कोलकाता
6. महाराजा सवाई मान सिंह म्यूजियम, जयपुर
प्राणी उपवन अथवा चिड़ियाघर (Zoological Park) : इन उपवनों में अधिकांशतः वन्य आवासी जीवित प्राणी रखे जाते हैं। इनसे हमें वन्य जीवों की मानव की देख-रेख में आहार-प्रकृति तथा व्यवहार को सीखने का अवसर प्राप्त होता है। जहाँ तक संभव होता है; चिड़ियाघरों में विभिन्न प्राणी उपलब्ध कराए जाते हैं। चिड़ियाघर में सभी प्राणियों को उनके प्राकृतिक आवासों वाली परिस्थितियों में रखने का प्रयास किया जाता है। इन उद्यानों को प्रायः चिड़ियाघर (zoos) कहते हैं। इसे देखने के लिए बहुत-से लोग तथा बच्चे आते हैं।
In simple words: संग्रहालय मृत और परिरक्षित नमूनों को शैक्षिक उद्देश्यों के लिए रखता है, जबकि चिड़ियाघर जीवित प्राणियों को उनके प्राकृतिक आवासों के समान परिस्थितियों में रखकर उनके व्यवहार और संरक्षण का अध्ययन करने का अवसर प्रदान करता है।

🎯 Exam Tip: संग्रहालय और चिड़ियाघर के उद्देश्यों, संग्रहीत वस्तुओं और उनके महत्व को स्पष्ट रूप से समझाना इस प्रश्न में महत्वपूर्ण है।

 

Question 5. वानस्पतिक उद्यानों का क्या महत्त्व है? भारतवर्ष के किन्हीं दो वानस्पतिक उद्यानों के नाम लिखिए। या पादप (वानस्पतिक) उद्यान को समझाइए ।
Answer: विभिन्न प्रकार के पौधों की जातियाँ लगाकर उसे सुरक्षित करने हेतु सम्पूर्ण क्षेत्रफल को चारों ओर से घेर देते हैं। इन्हें ही वानस्पतिक या पादप उद्यान कहते हैं। वानस्पतिक उद्यानों से निम्नलिखित लाभ हैं जिसके कारण इनका बहुत महत्त्व है।
1. वर्गीकरण अध्ययन हेतु जीवित जातियों को वानस्पतिक उद्यानों से प्राप्त किया जाता है।
2. यहाँ पर विदेशों से भी लाकर नई जातियाँ लगाई जाती हैं तथा उनका विकास किया जाता है।
3. अनुसंधान के लिए यहाँ पर पौधों को लगाकर रखा जाता है।
4. अनुसंधान द्वारा यहाँ नई जातियों का विकास किया जाता है।
5. विलुप्त होने वाली पादप जातियों को यहाँ संरक्षण प्रदान किया जाता है।
भारत के दो प्रमुख वानस्पतिक उद्यान निम्नवत् हैं
1. Royal Botanical Garden (Kolkata)
2. National Botanical Garden (Lucknow)
In simple words: वानस्पतिक उद्यान जीवित पौधों का संग्रह हैं जो वर्गीकरण अध्ययन, नई जातियों के विकास, अनुसंधान और विलुप्तप्राय पौधों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

🎯 Exam Tip: वानस्पतिक उद्यानों के महत्व और उनके द्वारा प्रदान किए जाने वाले लाभों को सूचीबद्ध करना तथा भारत के प्रमुख उद्यानों के नाम याद रखना परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 6. हरबेरियम किसे कहते हैं? इसे तैयार करने में किन चीजों की आवश्यकता होती है?
Answer: हरबेरियम पौधों या पौधों के भागों का संग्रहालय होता है जिसे मान्य वर्गीकरण पद्धति के अनुसार व्यवस्थित रखा जाता है। इसे हरबेरियम शीट या पादपालय पत्र पर चिपकाकर व्यवस्थित ढंग से रखा जाता है। हरबेरियम को तैयार करने के लिए निम्नलिखित चीजों की आवश्यकता होती है।
1. कैंची
2. चाकू
3. नमूनों को रखने हेतु वैस्कुलम नामक बॉक्स
4. पादप प्रेस
5. अखबार
6. लेंस आदि
In simple words: हरबेरियम सूखे और परिरक्षित पौधों का एक संग्रह है, जिसे वैज्ञानिक अध्ययन के लिए व्यवस्थित रूप से रखा जाता है, और इसे तैयार करने के लिए कैंची, प्रेस, अखबार आदि उपकरण चाहिए होते हैं।

🎯 Exam Tip: हरबेरियम की परिभाषा, उसके महत्व और उसे बनाने के लिए आवश्यक सामग्री को स्पष्ट रूप से समझाना इस प्रश्न का महत्वपूर्ण भाग है।

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