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Detailed Chapter 9 मानवीय संसाधन जनसंख्या UP Board Solutions for Class 10 Social Science
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Class 10 Social Science Chapter 9 मानवीय संसाधन जनसंख्या UP Board Solutions PDF
विस्तृत उत्तरीय प्रश्न
Question 1. भारत में बढ़ती हुई जनसंख्या से उत्पन्न समस्याओं की विवेचना कीजिए। [2010, 2013, 2014, 2016, 2017, 2018]
Answer: जनसंख्या और देश की आर्थिक उन्नति का गहरा रिश्ता होता है। किसी भी देश का विकास वहाँ के कुदरती संसाधनों, लोगों की संख्या और उनके काम करने की क्षमता पर निर्भर करता है। भारत दुनिया में जनसंख्या के मामले में दूसरे नंबर पर है। हमारे पास दुनिया की कुल जमीन का 2.4% है, लेकिन हम दुनिया की 1.5% आय के साथ दुनिया की 16.7% जनसंख्या को पाल रहे हैं। इन आंकड़ों से साफ पता चलता है कि ज्यादा जनसंख्या हमारी आर्थिक तरक्की को रोक रही है। पिछले 50 सालों में जनसंख्या में लगातार बहुत तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिससे 'जनसंख्या विस्फोट' जैसी स्थिति आ गई है। बढ़ती जनसंख्या भारत के लिए एक बड़ी परेशानी बन गई है, क्योंकि इसने देश में ये दिक्कतें पैदा करके आर्थिक विकास को कमजोर कर दिया है:
1. **बेरोजगारी में बढ़ोतरी:** भारत में जनसंख्या बढ़ने से बेरोजगार लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। देश में काम के साधन कम होने के कारण हर किसी को नौकरी नहीं मिल पाती। इसी वजह से पढ़े-लिखे लोगों में भी बेरोजगारी और कम काम वाली बेरोजगारी बहुत ज्यादा फैल गई है।
2. **प्रति व्यक्ति आय में कमी:** पंचवर्षीय योजनाओं के तहत देश की राष्ट्रीय आय लगातार बढ़ी है, लेकिन बढ़ती जनसंख्या के कारण देश में हर व्यक्ति की कमाई का स्तर बहुत कम है। आज भी भारत की प्रति व्यक्ति आय दुनिया के बाकी देशों के मुकाबले बहुत कम है।
3. **गरीबी में बढ़ोतरी:** भारत की लगभग 23.76 करोड़ जनसंख्या गरीबी रेखा से नीचे जीवन जी रही है। भारतीय अर्थव्यवस्था गरीबी के दुष्चक्र में फंस गई है। जनसंख्या में तेजी से वृद्धि के कारण भारत में घरों की समस्या भी गंभीर होती जा रही है।
4. **कीमतों में तेज वृद्धि:** जनसंख्या में तेजी से वृद्धि के कारण चीजों की मांग लगातार बढ़ी है, लेकिन उनका उत्पादन उतनी तेजी से नहीं बढ़ पाया है। इस कारण कीमतों में बहुत तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम जनता को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
5. **खेती के विकास में रुकावट:** जनसंख्या में तेजी से वृद्धि के कारण जमीन पर लोगों का बोझ बढ़ रहा है और परिवारों के बड़े होने से जमीन का बंटवारा बढ़ता जा रहा है, जिससे खेतों का आकार छोटा और बेकाबू होता जा रहा है। भूमिहीन किसानों की संख्या भी बढ़ रही है। साथ ही खेती में छिपी हुई बेरोजगारी की समस्या भी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। खेती की जमीनों का बंटवारा छोटे-छोटे टुकड़ों में होने से नई तकनीकों का इस्तेमाल मुश्किल हो जाता है।
6. **बचत और पूँजी निर्माण में कमी:** जनसंख्या वृद्धि के कारण बेरोजगार युवाओं और बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। कमाने वाले लोगों को अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा बच्चों के पालन-पोषण पर खर्च करना पड़ता है। इससे बचत कम होती है, जिसका पूँजी निर्माण पर बुरा असर पड़ता है। इस वजह से विकास योजनाएं भी पूरी नहीं हो पातीं।
7. **सार्वजनिक सेवाओं पर अधिक खर्च:** जनसंख्या में तेज वृद्धि के कारण सरकार को लोगों की बुनियादी जरूरतों जैसे बिजली, परिवहन, चिकित्सा, शिक्षा, पानी की आपूर्ति, घर बनाने आदि पर लगातार ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ता है।
8. **अपराधों में बढ़ोतरी:** बेरोजगार लोगों की संख्या बढ़ने के कारण देश में चोरी, डकैती, अपहरण, लूटपाट और हत्या जैसे अपराध बढ़ जाते हैं। सरकार को समाज में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा पर अधिक पैसा खर्च करना पड़ता है। इससे सरकार पर बोझ बढ़ जाता है।
9. **शहरी समस्याओं में बढ़ोतरी:** जनसंख्या में तेज वृद्धि के कारण लोग रोजगार पाने के लिए गांवों को छोड़कर शहरों में आ रहे हैं, जिससे शहरों की जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। इससे शहरों में भीड़-भाड़, घरों की कमी, गंदगी और प्रदूषण, वेश्यावृत्ति जैसी समस्याएं और बुराइयां बढ़ती जा रही हैं।
In simple words: भारत में जनसंख्या बढ़ने से कई बड़ी समस्याएं पैदा हुई हैं, जैसे बेरोजगारी, गरीबी, कम कमाई, महंगाई और खेती में दिक्कतें। इससे सार्वजनिक सेवाओं पर खर्च भी बढ़ गया है, अपराध और शहरों में परेशानियां भी बढ़ गई हैं।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या वृद्धि से जुड़ी समस्याओं को लिखते समय हमेशा आर्थिक और सामाजिक दोनों पहलुओं पर ध्यान दें, जैसे रोजगार, गरीबी, शिक्षा, और स्वास्थ्य सेवाएँ।
Question 2. भारत में जनसंख्या के वितरण को प्रभावित करने वाले विभिन्न कारकों का उल्लेख कीजिए। [2011, 2013, 2016, 2018]
Answer: जनसंख्या के वितरण और घनत्व को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक इस प्रकार हैं:
1. **आवागमन के साधनों की सुविधा:** लोगों की ज्यादा संख्या के लिए आने-जाने के साधन बहुत अहम होते हैं। उदाहरण के लिए, गंगा के मैदान या समुद्री तटों के पास के इलाकों या डेल्टा क्षेत्रों में, जहाँ शहर, सड़कें और रेलमार्गों का जाल बिछा होता है, वहाँ जनसंख्या ज्यादा होती है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान और दक्षिण प्रायद्वीप के ऊँचे इलाकों में आवागमन के साधनों की कमी के कारण जनसंख्या कम होती है। अच्छी परिवहन व्यवस्था लोगों को आसानी से काम पर जाने और सामान लाने-ले जाने में मदद करती है।
2. **स्वास्थ्यकर जलवायु:** जनसंख्या बढ़ने के लिए किसी भी इलाके की जलवायु का सेहतमंद होना बहुत जरूरी है। यही वजह है कि जिन जगहों पर ज्यादा बारिश होती है, वहाँ मलेरिया या बुखार जैसी बीमारियाँ फैली रहती हैं; इसलिए वहाँ बहुत कम लोग रहना पसंद करते हैं।
3. **सुरक्षा:** जनसंख्या का घनत्व जीवन और धन-संपत्ति की सुरक्षा पर भी निर्भर करता है। जिन इलाकों में घने जंगल, जंगली और खतरनाक जानवर होते हैं या चोर-डाकुओं का डर रहता है, वहाँ बहुत कम लोग रहते हैं। इसके उलट, जहाँ जान-माल की पूरी सुरक्षा होती है, वहाँ ज्यादा लोग रहना पसंद करते हैं।
4. **उपजाऊ भूमि:** भारत में सबसे ज्यादा जनसंख्या उपजाऊ समतल मैदानों, नदियों की घाटियों या डेल्टाओं में रहती है, क्योंकि इन इलाकों की उपजाऊ जमीन उन्हें पर्याप्त अनाज और जीने के साधन देती है। यही वजह है कि भारत में जनसंख्या का घनत्व उत्तर के बड़े मैदान और पूर्वी तथा पश्चिमी तटों के मैदानों में ज्यादा पाया जाता है।
5. **तापमान:** लोग बहुत ज्यादा गर्म या बहुत ज्यादा ठंडे इलाकों में रहना पसंद नहीं करते। यही कारण है कि भारत के सामान्य तापमान वाले इलाकों में घनी जनसंख्या रहती है। इसके विपरीत, बहुत ठंडे, बहुत गर्म पहाड़ी इलाकों या थार के रेगिस्तान में कम जनसंख्या रहती है। तापमान सीधे तौर पर लोगों की जीवनशैली और कृषि को प्रभावित करता है।
6. **उद्योग-धंधे:** उद्योग-धंधे जनसंख्या के वितरण को सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं। उद्योग-धंधों वाले इलाकों में लोग रोजगार पाने के लिए दूर-दूर से आकर बस जाते हैं। नतीजतन, इन इलाकों में जनसंख्या बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्य उद्योग-धंधों के कारण ही घनी आबादी वाले हैं।
7. **खनिज पदार्थ:** जिन राज्यों में कोयला, लोहा, तांबा, सोना, खनिज तेल जैसे उपयोगी और कीमती खनिज पदार्थ निकलते हैं, वहाँ जनसंख्या का घनत्व भी अपेक्षाकृत ज्यादा पाया जाता है। भारत में छोटा नागपुर का पठार, बिहार, ओडिशा और तमिलनाडु राज्यों में जैसे-जैसे खनिज पदार्थों की खुदाई बढ़ती गई, वैसे-वैसे जनसंख्या का घनत्व भी लगातार बढ़ता गया।
8. **धरातल:** जमीन की बनावट और उसका स्वभाव भी जनसंख्या के वितरण को प्रभावित करता है। ऊँचे, उबड़-खाबड़, पहाड़ी और पठारी इलाकों के मुकाबले मैदानी इलाकों में घनी जनसंख्या पाई जाती है। यही वजह है कि प्रायद्वीपीय भारत की तुलना में उत्तर के विशाल मैदान में जनसंख्या ज्यादा जमा है। समतल मैदानी इलाकों को जनसंख्या का पालना कहा जाता है।
9. **वर्षा की मात्रा (जल-उपलब्धता):** भारत जैसे कृषि प्रधान देश में जनसंख्या का वितरण और घनत्व बारिश की मात्रा या पानी की उपलब्धता से भी प्रभावित होता है। यही कारण है कि 100 सेमी बारिश की रेखा के पश्चिमी हिस्से में बारिश की कमी के कारण आबादी कम घनी है, जबकि इसके पूर्वी हिस्से में कम बारिश होते हुए भी सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने के कारण आबादी घनी है। पानी की उपलब्धता खेती और जीवन के लिए एक बुनियादी जरूरत है।
In simple words: जनसंख्या का फैलाव और घनत्व कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे आने-जाने की सुविधा, अच्छी जलवायु, सुरक्षा, उपजाऊ जमीन, सही तापमान, उद्योग-धंधे, खनिज पदार्थ, जमीन की बनावट और पानी की उपलब्धता। इन सब से तय होता है कि लोग कहाँ रहना पसंद करते हैं।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या वितरण के कारकों को हमेशा भौगोलिक (जैसे भूभाग, जलवायु, पानी) और आर्थिक-सामाजिक (जैसे रोजगार, सुरक्षा, उद्योग) श्रेणियों में बांटकर याद करें, ताकि उत्तर को व्यवस्थित रख सकें।
Question 3. भारत में जनसंख्या की वृद्धि हेतु उत्तरदायी कारकों की व्याख्या कीजिए। [2010, 2011, 2012, 2013, 2015, 2016, 2017]
जनसंख्या विस्फोट
Answer: 1951 के बाद भारत में जनसंख्या वृद्धि की दर बहुत तेज हो गई। 1951-61 के दशक में जनसंख्या वृद्धि की दर 21.5% थी, जो 1961-71 में बढ़कर 24.8% हो गई। 1981-91 के दशक में वृद्धि दर थोड़ी कम होकर 21.4% हो गई। 2011 में भारत की जनसंख्या 121 करोड़ से अधिक थी और दशकीय वृद्धि दर 21.34% हो गई है। इतनी बड़ी जनसंख्या को पालने के लिए देश में साधन सीमित हैं; इसलिए भारत में जनसंख्या की वृद्धि एक बड़े विस्फोट की तरह दिखती है। 'जनसंख्या विस्फोट' वह स्थिति है जब जनसंख्या, भोजन और अन्य साधनों की सीमा से अधिक हो जाती है। यह एक महत्वपूर्ण अवधारणा है जो संसाधनों पर पड़ने वाले दबाव को दर्शाती है।
जनसंख्या में तीव्र वृद्धि के कारण
1951 में भारत की जनसंख्या 36.11 करोड़ थी, जो आज बढ़कर 121 करोड़ से ज्यादा हो गई है। इस तरह पिछले 55 सालों में देश की जनसंख्या तीन गुनी से भी ज्यादा बढ़ गई है। भारत में जनसंख्या की तेज वृद्धि के लिए ये कारण जिम्मेदार हैं:
1. **गर्म जलवायु:** भारत की जलवायु गर्म है। यहाँ लड़के-लड़कियाँ कम उम्र में ही बड़े हो जाते हैं और कम उम्र में ही बच्चे पैदा करने लायक हो जाते हैं।
2. **विवाह की अनिवार्यता:** भारत में विवाह को एक सामाजिक जरूरत माना जाता है। अविवाहित व्यक्ति को शक की नजर से देखा जाता है। इसलिए हर कोई शादी करता है, जिससे बच्चों के जन्म की संख्या बढ़ती है।
3. **कम उम्र में विवाह:** भारत में अक्सर बहुत कम उम्र में शादी कर दी जाती है। 90 प्रतिशत लड़कियों की शादी तो 20 साल से कम उम्र में ही हो जाती है। इससे महिलाओं की बच्चे पैदा करने की अवधि बढ़ जाती है, जिससे ज्यादा बच्चे होने की संभावना बढ़ जाती है।
4. **सामाजिक और धार्मिक विचार:** देश में कुछ धर्मों के लोग परिवार नियोजन को धर्म के खिलाफ और बच्चों को भगवान की देन मानते हैं। वंश चलाने के लिए बेटे का होना भी जरूरी माना जाता है। इसलिए लोग बेटे की चाह में लड़कियाँ पैदा करते रहते हैं। इस तरह के विचार और अंधविश्वास जनसंख्या वृद्धि में सहायक साबित हुए हैं।
5. **निरक्षरता:** देश की ज्यादातर आबादी अशिक्षित है। इन अशिक्षित लोगों को परिवार नियोजन के महत्व का ज्ञान नहीं होता। परिवार नियोजन के तरीकों के प्रति संकोच, शर्म और गलत धारणाओं के कारण भी ज्यादातर दंपत्ति बच्चे पैदा करना नहीं रोकते। शिक्षा की कमी लोगों को सही निर्णय लेने से रोकती है।
6. **मृत्यु दर में कमी और औसत आयु में वृद्धि:** देश में शिक्षा, चिकित्सा और स्वच्छता से जुड़ी सुविधाओं में सुधार होने से मृत्यु दर में कमी आई है। 1951 में मृत्यु दर 27.4 थी, जो 2001 में घटकर 8.7 और 2011 में 6.4% हो गई। 1951 में देश में औसत आयु 33 साल थी, जो 2001 में बढ़कर करीब 61 साल और 2011 में 69.89 साल हो गई। बेशक मृत्यु दर में कमी और औसत आयु में वृद्धि देश की उपलब्धियाँ हैं, लेकिन अभी तक जन्म दर को नियंत्रित नहीं किया जा सका है, जिससे जनसंख्या में वृद्धि होती जा रही है।
7. **निर्धनता:** गरीब लोगों को बच्चों के पालन-पोषण पर बहुत कम खर्च करना पड़ता है। फिर उनके बच्चे कम उम्र में ही छोटे-मोटे काम करके कुछ कमाना शुरू कर देते हैं। इसलिए वे ज्यादा बच्चों के जन्म की बुराइयों को समझ नहीं पाते और बच्चे पैदा करते रहते हैं। गरीबी और अशिक्षा का एक चक्र बन जाता है जो जनसंख्या वृद्धि को बढ़ावा देता है।
8. **स्त्रियों की निम्न सामाजिक स्थिति:** भारत में स्त्रियों की सामाजिक स्थिति बहुत खराब है। उन्हें मुख्य रूप से बच्चे पैदा करने का साधन माना जाता है।
9. **सुरक्षा की भावना:** बुढ़ापे में सामाजिक सुरक्षा की कोई व्यवस्था न होने के कारण लोग यह सोचकर ज्यादा बच्चे पैदा करते हैं कि बुढ़ापे में बच्चे ही उनकी मदद करेंगे।
10. **शरणार्थियों का आगमन:** पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए करोड़ों शरणार्थियों के कारण भी देश पर जनसंख्या का बोझ बढ़ा है। इसके अलावा, पिछले कुछ सालों में श्रीलंका, मलाया, अफगानिस्तान और म्यांमार से भी बड़ी संख्या में लोग भारत आए हैं।
In simple words: भारत में जनसंख्या तेजी से बढ़ने के कई कारण हैं, जैसे गर्म मौसम, शादी का अनिवार्य होना, कम उम्र में विवाह, धार्मिक विचार, अशिक्षा, कम मृत्यु दर और बढ़ती जीवन प्रत्याशा, गरीबी, महिलाओं की खराब सामाजिक स्थिति और सुरक्षा की चाहत। शरणार्थियों के आने से भी जनसंख्या बढ़ी है।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या वृद्धि के कारणों को लिखते समय, जन्म दर (जैसे कम उम्र में विवाह, धार्मिक मान्यताएँ) और मृत्यु दर (जैसे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ) दोनों के कारकों को अलग-अलग श्रेणी में रखें।
Question 4. मानवीय संसाधन से आप क्या समझते हैं? यह देश के आर्थिक विकास में कैसे सहायक हो सकते हैं ? उदाहरण देकर समझाइए । [2013]
मानवीय संसाधन
Answer: किसी भी देश की संपत्ति को मुख्य रूप से दो हिस्सों में बांटा जाता है: (i) प्राकृतिक संसाधन, जैसे- जमीन, खनिज पदार्थ, पानी, वन, पशु आदि और (ii) मानवीय संसाधन, यानी जनसंख्या। मानवीय संसाधन का मतलब किसी देश में रहने वाली जनसंख्या से होता है। किसी देश के आर्थिक विकास में उसके मानवीय संसाधनों (जनसंख्या) की बहुत खास भूमिका होती है। मानवीय संसाधन में देश की जनसंख्या के आकार के साथ-साथ उसकी कुशलता, शिक्षा, उत्पादकता और दूरदर्शिता को भी शामिल किया जाता है। बेशक जनसंख्या के आकार के हिसाब से भारत एक खुशकिस्मत देश है, लेकिन देश में कुशल, शिक्षित और प्रशिक्षित कामकाजी जनसंख्या की बहुत कमी है। साथ ही, देश में ज्यादा जनसंख्या की समस्या भी है। इसी वजह से भारतीय मानवीय संसाधन देश के आर्थिक विकास के लिए पूरी तरह से सही नहीं माने जाते। एक अच्छी तरह से प्रशिक्षित और स्वस्थ आबादी किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी संपत्ति होती है।
मानव संसाधन और आर्थिक विकास
किसी देश की पूरी जनसंख्या को मानव संसाधन नहीं कहा जाता, बल्कि जनसंख्या के केवल उस हिस्से को मानव संसाधन कहते हैं जो शिक्षित, कुशल हो और जिसमें कमाने या उत्पादन करने की क्षमता हो। इस तरह मानव संसाधन वह मानव पूंजी है, जिसे प्राकृतिक साधनों में लगाकर देश का आर्थिक विकास किया जाता है। दूसरे शब्दों में, हम यह कह सकते हैं कि देश की पूरी मानव जनसंख्या को तो जनसंख्या कहा जा सकता है, लेकिन पूरी जनसंख्या को मानव संसाधन नहीं कहा जा सकता।
In simple words: मानवीय संसाधन का मतलब है किसी देश की शिक्षित, कुशल और काम करने वाली आबादी। यह देश के आर्थिक विकास में मदद करता है, क्योंकि ये लोग प्राकृतिक संसाधनों का सही इस्तेमाल करके उत्पादन और कमाई बढ़ा सकते हैं।
🎯 Exam Tip: मानवीय संसाधन की परिभाषा देते समय, सिर्फ जनसंख्या के आकार पर नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता (शिक्षा, कौशल) पर भी जोर दें, क्योंकि यही कारक आर्थिक विकास में सबसे ज्यादा सहायक होते हैं।
Question 5. पुरुषों की अपेक्षा स्त्रियों की संख्या में गिरावट के प्रमुख कारणों की व्याख्या कीजिए । [2015, 2017]
Answer: जनसंख्या के दो खास अंग होते हैं- स्त्री और पुरुष। दोनों के बीच संख्या का अनुपात 'स्त्री-पुरुष अनुपात' कहलाता है। इसे हर हजार पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या के रूप में दिखाया जाता है। जनसंख्या के अध्ययन में स्त्री-पुरुष के अनुपात का अध्ययन बहुत जरूरी है, क्योंकि इसके बदलाव से देश की सामाजिक-आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है। भारत में पुरुषों के मुकाबले स्त्रियों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में 62,37,24,248 पुरुष और 58,64,69,174 स्त्रियाँ हैं। लिंगानुपात समाज में लैंगिक समानता का एक महत्वपूर्ण संकेतक है।
| वर्ष | जनसंख्या (करोड़ में) | प्रति हजार पुरुषों पर महिलाएँ |
|---|---|---|
| 1901 | 23.84 | 972 |
| 1911 | 25.21 | 964 |
| 1921 | 25.10 | 955 |
| 1931 | 27.09 | 950 |
| 1941 | 31.08 | 945 |
| 1951 | 36.11 | 946 |
| 1961 | 43.92 | 941 |
| 1971 | 54.82 | 930 |
| 1981 | 68.33 | 934 |
| 1991 | 84.63 | 927 |
| 2001 | 102.70 | 933 |
| 2011 | 121.00 | 940 |
- स्त्रियों के मुकाबले पुरुषों का ज्यादा जन्म होना।
- बचपन में लड़कों की तुलना में लड़कियों की देखभाल कम होना, जिससे लड़कियों में मृत्यु दर ज्यादा होती है।
- बाल-विवाह होना और उसके कारण कम उम्र में बच्चा पैदा करने से मृत्यु हो जाना।
- गर्भावस्था में सही देखभाल और चिकित्सा की कमी से स्त्रियों की मृत्यु होना (खासकर ग्रामीण इलाकों या गरीब वर्गों में)।
- गर्भावस्था में लिंग जाँच कराना और गर्भ में लड़की होने पर गर्भपात करा देना।
In simple words: भारत में पुरुषों की तुलना में स्त्रियों की संख्या कम होने के कई कारण हैं, जैसे पुरुषों का अधिक जन्म, लड़कियों की कम देखभाल, बाल-विवाह, गर्भावस्था में खराब स्वास्थ्य सुविधाएँ और लिंग जाँच के बाद गर्भपात।
🎯 Exam Tip: लिंगानुपात से जुड़े कारणों की व्याख्या करते समय, सामाजिक-सांस्कृतिक पहलुओं (जैसे कन्या भ्रूण हत्या, भेदभाव) और स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं (जैसे प्रसवकालीन मृत्यु दर) दोनों को शामिल करें।
Question 6. भारत में जनसंख्या नियन्त्रण हेतु किये गये उपायों का वर्णन कीजिए। [2011, 2012, 2013, 2014, 2015, 2016, 2017, 2018]
Answer: भारत में जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:
1. **विवाह की आयु में वृद्धि करना:** भारत में लड़के-लड़कियों की शादी कम उम्र में करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। दोनों को पूरी तरह से वयस्क होने के बाद ही शादी करने की छूट मिलनी चाहिए। जितनी ज्यादा उम्र में शादी होगी, उतने ही कम बच्चे पैदा होंगे। ज्यादा उम्र में शादी करने से लड़कियाँ शिक्षा प्राप्त करेंगी या उनकी रुचि सांस्कृतिक और सामाजिक कामों में होगी। अभी भारत में शादी की उम्र 21 साल लड़कों और 18 साल लड़कियों के लिए तय है। इसे कम से कम पाँच साल और बढ़ाया जाना चाहिए। शिक्षा और आत्मनिर्भरता विवाह की आयु में वृद्धि से जुड़े सकारात्मक परिणाम हैं।
2. **उत्पादन में वृद्धि करना:** आर्थिक उत्पादन में वृद्धि करने से लोगों की रुचि और भौतिक समृद्धि के साथ-साथ रहन-सहन का स्तर भी बढ़ता है। भारत के कृषि उत्पादन में अभी भी काफी संभावनाएं हैं। इसलिए यदि देश में प्रति एकड़ उपज बढ़ा दी जाती है, तो उससे बढ़ती हुई जनसंख्या की अनाज की जरूरत पूरी हो सकती है।
3. **औद्योगीकरण का विकास:** पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से देश में उद्योग-धंधों का विकास किया जा रहा है। इससे बढ़ती हुई जनसंख्या को आजीविका के साधन मिलेंगे और आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी। इसके साथ-साथ परिवहन, संचार, व्यापार आदि कामों में भी विकास होगा। उद्योगों का विकास रोजगार के अवसर पैदा करता है और गरीबी को कम करता है।
4. **शिक्षा का प्रचार और प्रसार:** शिक्षा के प्रचार और प्रसार से विज्ञान और तकनीक का ज्यादा इस्तेमाल करके मानव का जीवन-स्तर ऊँचा हो सकेगा और शिक्षित जनसंख्या की मानसिकता भी जनसंख्या वृद्धि की ओर कम होगी। शिक्षा लोगों को सही निर्णय लेने और परिवार नियोजन को अपनाने के लिए जागरूक करती है।
5. **परिवार-नियोजन और जन्म-दर पर नियंत्रण:** जनसंख्या वृद्धि का स्थायी समाधान परिवार नियोजन और जन्म दर पर नियंत्रण करना है। नसबंदी, बंध्याकरण और गर्भनिरोधक गोलियों व दवाओं का उपयोग इस दिशा में ज्यादा कारगर है। इन विधियों के प्रचार-प्रसार से भी जन्म दर पर नियंत्रण पाया जा सकता है और जनसंख्या वृद्धि को रोकने का स्थायी समाधान मिल सकता है।
6. **अन्य उपाय:** उपरोक्त उपायों के अलावा, देश में गरीबी को नियंत्रित करके, लड़के-लड़कियों में समानता का व्यवहार करके, सरकारी नीति और संतान सुधार कार्यक्रमों को लागू करके, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और सामाजिक सुरक्षा के विकास द्वारा भी जनसंख्या वृद्धि को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
In simple words: जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए शादी की उम्र बढ़ाना, उत्पादन बढ़ाना, उद्योगों का विकास करना, शिक्षा फैलाना, परिवार नियोजन के तरीके अपनाना और गरीबी कम करना जैसे उपाय किए जा सकते हैं।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या नियंत्रण के उपायों को लिखते समय, कानूनी, आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक पहलुओं को संतुलित रूप से प्रस्तुत करें।
लघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. भारत में विरल जनसंख्या वाले क्षेत्र कौन-कौन-से हैं? उनके विरल होने के कारणों पर प्रकाश डालिए ।
Answer: भारत में कम जनसंख्या वाले क्षेत्र और उनके विरल होने के कारण इस प्रकार हैं:
1. **उत्तरी पर्वतीय प्रदेश:** यह क्षेत्र उत्तर-पश्चिम में जम्मू-कश्मीर राज्य से लेकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश तक फैला हुआ है। यहाँ कम जनसंख्या के कारण हैं- पहाड़ी जमीन, ऊबड़-खाबड़ धरातल, मिट्टी की पतली परत के कारण खेती लायक जमीन की कमी और ऐसा मौसम जो इंसानों के रहने के लिए ठीक नहीं है।
2. **घनी वर्षा वाला उत्तर-पूर्वी प्रदेश:** इस प्रदेश में नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और मेघालय राज्य आते हैं। यहाँ कम जनसंख्या के कारण हैं- बहुत ज्यादा बारिश के कारण सदाबहार वनों का घना आवरण, अनुपजाऊ लैटेराइट मिट्टी और घने वनों के कारण खेती, उद्योग, परिवहन और आजीविका के साधनों की कमी।
3. **पश्चिमी राजस्थान:** यहाँ कम जनसंख्या के कारण हैं- बहुत कम बारिश, खेती और आजीविका के साधनों की कमी। यह एक रेगिस्तानी क्षेत्र है जहाँ जीवन मुश्किल है।
4. **प्रायद्वीपीय पठार का वृष्टिछाया प्रदेश और कच्छ का रन:** यहाँ कम जनसंख्या के कारण हैं- प्रायद्वीपीय पठार के वृष्टिछाया प्रदेश में बारिश की कमी से अनाज की कम पैदावार, खारी मिट्टी और दलदली कच्छ का रन।
In simple words: भारत में कम लोग पहाड़ी, ज्यादा बारिश वाले जंगल, रेगिस्तानी और सूखे पठारी इलाकों में रहते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि इन जगहों पर जमीन, मौसम, पानी और खेती जैसी बुनियादी सुविधाएँ कम होती हैं।
🎯 Exam Tip: विरल जनसंख्या वाले क्षेत्रों की पहचान करते समय, हमेशा भौगोलिक विशेषताओं (जैसे पहाड़, रेगिस्तान, जंगल) और उनके प्रभावों (जैसे खेती की कमी, मुश्किल जलवायु) को जोड़कर लिखें।
Question 2. 1951 के पश्चात् भारत में जनसंख्या-वृद्धि की प्रवृत्ति का वर्णन कीजिए तथा वृद्धि का प्रमुख कारण भी लिखिए ।
Answer: 1951 के बाद भारत में जनसंख्या वृद्धि बहुत तेजी से हुई है। 1951 में 36.1 करोड़ जनसंख्या थी, जो 2011 में बढ़कर 121.02 करोड़ हो गई। 2001-2011 की अवधि में सालाना जनसंख्या वृद्धि की औसत दर 1.90% रही है। जनसंख्या में इस तेज वृद्धि दर का मुख्य कारण जन्म दर और मृत्यु दर के बीच का अंतर बढ़ना है। देश में मृत्यु दर में भारी कमी आने के कारण जन्म दर और मृत्यु दर के बीच का अंतर बहुत बढ़ गया है, जिससे जनसंख्या में तेज गति से वृद्धि हुई है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से मृत्यु दर में कमी आना एक सकारात्मक बदलाव है, लेकिन इसका जन्म दर पर नियंत्रण न होना जनसंख्या वृद्धि का कारण बनता है।
In simple words: 1951 के बाद भारत की जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ी है। इसका मुख्य कारण जन्म दर का ऊंचा रहना और मृत्यु दर का बहुत कम हो जाना है, जिससे दोनों के बीच का अंतर बढ़ गया है।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या वृद्धि की प्रवृत्ति का वर्णन करते समय, हमेशा विशिष्ट वर्षों और आँकड़ों (जैसे 1951, 2011 की जनसंख्या और वृद्धि दर) का उल्लेख करें।
Question 3. जनसंख्या-वृद्धि रोकने के किन्हीं दो सरकारी कार्यक्रमों का उल्लेख कीजिए।
Answer: जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के दो सरकारी कार्यक्रम निम्नलिखित हैं:
1. **स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार:** सरकार ने देशवासियों की आर्थिक क्षमता बनाए रखने के लिए उनकी चिकित्सा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया है। साथ ही खंड विकास स्तर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और परिवार नियोजन केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन सुविधाओं का विस्तार गाँव स्तर तक किया गया है, ताकि देशवासियों को अच्छी से अच्छी चिकित्सा सुविधाएँ मिल सकें। स्वास्थ्य सेवक और सेविकाएँ गाँव-गाँव जाकर खासकर महिलाओं में परिवार नियोजन संबंधी कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार करती हैं। बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ जीवन की गुणवत्ता में सुधार करती हैं और परिवार नियोजन को प्रोत्साहित करती हैं।
2. **शिक्षा का प्रचार-प्रसार:** परिवार के आकार को सीमित रखने के लिए शिक्षा का प्रचार-प्रसार महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इससे इंसान बहुत ज्यादा जिम्मेदार और समझदार हो जाता है, और जीवन के प्रति समझदार व तर्कपूर्ण दृष्टिकोण रखने लगता है। इसी कारण सरकार ने देश में अनिवार्य शिक्षा नीति, सर्व शिक्षा अभियान, प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम और अन्य कई कार्यक्रम लागू किए हैं। इससे महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिलेगी और वे परिवार कल्याण के प्रति खुद ही जागरूक हो सकेंगी। लेकिन कई कार्यक्रम लागू करने के बाद भी देश में साक्षरता 74.04% (2011) ही हो पाई है, जिसमें महिला साक्षरता का अनुपात 65.46% है। इसलिए देश में बड़े पैमाने पर शिक्षा का प्रचार-प्रसार करना बहुत जरूरी है, और उसमें भी महिला साक्षरता में वृद्धि करना अनिवार्य है।
In simple words: सरकार ने जनसंख्या वृद्धि रोकने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारा है, जिससे लोगों को बेहतर इलाज और परिवार नियोजन की जानकारी मिलती है। साथ ही, शिक्षा का प्रचार-प्रसार भी कर रही है, ताकि लोग जागरूक होकर छोटे परिवार के महत्व को समझें।
🎯 Exam Tip: सरकारी कार्यक्रमों का उल्लेख करते समय, उनके उद्देश्यों और प्रभावों को स्पष्ट रूप से बताएं, जैसे स्वास्थ्य सेवाएँ मृत्यु दर घटाती हैं और शिक्षा जागरूकता बढ़ाती है।
Question 4. भारत के उस प्रदेश का नाम लिखिए, जहाँ जनसंख्या का घनत्व सर्वाधिक है। वहाँ घनत्व अधिक होने के तीन कारणों का उल्लेख कीजिए ।
Answer: दिल्ली भारत का सबसे ज्यादा जनसंख्या घनत्व वाला प्रदेश है, जहाँ घनत्व 11,297 है। इसके बाद सबसे ज्यादा जन-घनत्व वाला प्रदेश चंडीगढ़ है, जहाँ घनत्व 9,252 है। केंद्र शासित प्रदेशों और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को छोड़कर, भारत के सभी राज्यों में पश्चिम बंगाल सबसे ज्यादा जनसंख्या घनत्व वाला राज्य है, जहाँ घनत्व 1,029 है। दिल्ली और पश्चिम बंगाल दोनों ही क्षेत्रों में अधिक घनत्व के तीन कारण निम्नलिखित हैं:
- परिवहन की अच्छी सुविधाएँ, जिससे लोगों को आने-जाने में आसानी होती है।
- उद्योग-धंधों का विकास, जिससे रोजगार के अवसर मिलते हैं और लोग यहाँ आकर बसते हैं।
- समतल धरातल और पर्याप्त वर्षा की मात्रा, जो खेती और जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ प्रदान करती है।
In simple words: भारत में दिल्ली का जनसंख्या घनत्व सबसे ज्यादा है, और पश्चिम बंगाल राज्यों में सबसे घना बसा है। यहाँ अधिक घनत्व के मुख्य कारण अच्छी परिवहन सुविधाएँ, उद्योग-धंधों का विकास और समतल भूमि तथा पर्याप्त वर्षा हैं।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या घनत्व के सबसे अधिक वाले क्षेत्रों को याद करते समय, हमेशा केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों में अंतर स्पष्ट करें, और घनत्व के कारणों को भौगोलिक और आर्थिक कारकों में विभाजित करें।
Question 5. भारत की जनसंख्या नीति का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए ।
Answer: जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए दो सरकारी कार्यक्रमों का विवरण इस प्रकार है:
1. **प्रजनन और बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम:** 10 अक्टूबर, 1997 को शुरू किए गए इस कार्यक्रम में प्रजनन क्षमता को नियंत्रित करना, सुरक्षित मातृत्व, बाल उत्तरजीविता और जननांग संक्रमण को शामिल किया गया है। इस कार्यक्रम को मुख्य रूप से प्राथमिक स्वास्थ्य देख-रेख के बुनियादी ढांचे द्वारा लागू किया जाता है। स्वतंत्र रूप से किए गए सर्वेक्षण से पता चलता है कि नौवीं पंचवर्षीय योजना की अवधि में इस कार्यक्रम के कुछ पहलुओं के संबंध में निर्धारित लक्ष्यों को कुछ राज्यों ने प्राप्त कर लिया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य में सुधार लाना है।
2. **राष्ट्रीय जनसंख्या नीति-2000:** जनसंख्या के इस कार्यक्रम में जनसंख्या के आकार को सीमित रखने के साथ ही जनसंख्या में गुणात्मक सुधार लाना आवश्यक समझा गया है। इस नीति में निम्नलिखित तीन उद्देश्यों को प्राथमिकता दी गई है:
- तात्कालिक उद्देश्य यानी गर्भनिरोधक तरीकों का विस्तार करना।
- अल्पकालिक उद्देश्य यानी 2010 तक जन्म दर में कमी लाना।
- दीर्घकालिक उद्देश्य यानी 2045 तक जनसंख्या वृद्धि को स्थिर बिंदु तक लाना, जिससे देश का आर्थिक विकास तेजी से हो सके।
यह नीति एक दूरदर्शी दृष्टिकोण रखती है, जो केवल संख्यात्मक नियंत्रण से परे जाकर लोगों के जीवन की गुणवत्ता पर केंद्रित है।
In simple words: भारत की जनसंख्या नीति दो मुख्य कार्यक्रमों पर आधारित है: प्रजनन और बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम जो मां और बच्चे के स्वास्थ्य पर केंद्रित है, और राष्ट्रीय जनसंख्या नीति-2000 जो गर्भनिरोधक विस्तार, जन्म दर में कमी और दीर्घकालिक स्थिरता का लक्ष्य रखती है।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या नीति का परीक्षण करते समय, केवल कार्यक्रमों के नाम नहीं, बल्कि उनके मुख्य उद्देश्यों (तात्कालिक, अल्पकालिक, दीर्घकालिक) और उन पर आधारित परिणामों का भी उल्लेख करें।
Question 6. भारत का जनसंख्या के आधार पर वर्गीकरण कीजिए तथा उनमें से किसी एक का वर्णन कीजिए । [2016]
Answer: भारत में जनसंख्या के वितरण को तीन मुख्य भागों में बांटा जा सकता है:
- **उच्च घनत्व के क्षेत्र:** (300 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी से अधिक)।
- **मध्यम घनत्व के क्षेत्र:** (100-300 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी)।
- **कम घनत्व के क्षेत्र:** (100 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी से कम)।
**उच्च घनत्व के क्षेत्र:** राज्यवार जनसंख्या के घनत्व के हिसाब से पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, केरल, बिहार, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, पंजाब, झारखंड, हरियाणा, त्रिपुरा, असम, गुजरात, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और गोवा राज्य तथा दिल्ली, चंडीगढ़, लक्षद्वीप, पुदुचेरी, दमन एवं दीव, दादर एवं नगर हवेली के केंद्र शासित प्रदेश इस श्रेणी में आते हैं। इन राज्यों और क्षेत्रों में कई क्षेत्रीय विषमताएँ भी मिलती हैं। इस क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा, भूमिगत जल-संसाधन, उपजाऊ जलोढ़ समतल भूमि, उन्नत कृषि, औद्योगिक विकास और परिवहन जाल के कारण जनसंख्या का उच्च घनत्व पाया जाता है। ये क्षेत्र लोगों को रहने और काम करने के लिए बेहतरीन सुविधाएँ प्रदान करते हैं।
In simple words: भारत की जनसंख्या को घनत्व के हिसाब से तीन हिस्सों में बांटा गया है: उच्च, मध्यम और कम घनत्व वाले क्षेत्र। उच्च घनत्व वाले क्षेत्रों में पश्चिम बंगाल, दिल्ली जैसे राज्य आते हैं जहाँ पानी, खेती और उद्योगों की अच्छी सुविधाएँ हैं, जिससे बहुत लोग यहाँ रहते हैं।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या वर्गीकरण को स्पष्ट करते समय, प्रत्येक श्रेणी के लिए एक घनत्व सीमा (प्रति वर्ग किमी) दें और उच्च घनत्व वाले क्षेत्रों के उदाहरणों के साथ-साथ उनके कारणों को भी बताएं।
Question 1. स्त्री-पुरुष अनुपात से क्या तात्पर्य है?
Answer: जनसंख्या के दो खास अंग होते हैं- स्त्री और पुरुष। दोनों के बीच संख्यात्मक अनुपात को 'स्त्री-पुरुष अनुपात' कहा जाता है। इसे अक्सर प्रति हजार पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या के रूप में व्यक्त किया जाता है। यह समाज में लैंगिक संतुलन का एक महत्वपूर्ण सूचक है।
In simple words: स्त्री-पुरुष अनुपात का मतलब है कि हर 1000 पुरुषों पर कितनी महिलाएँ हैं। यह समाज में महिलाओं और पुरुषों की संख्या का संतुलन बताता है।
🎯 Exam Tip: स्त्री-पुरुष अनुपात की परिभाषा देते समय 'प्रति हजार पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या' को स्पष्ट रूप से बताना महत्वपूर्ण है।
Question 2. विश्व में सर्वाधिक जनसंख्या वाले दो देशों के नाम लिखिए।
Answer: विश्व में सर्वाधिक जनसंख्या वाले दो देश हैं:
- चीन
- भारत
ये दोनों देश दुनिया की कुल जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा रखते हैं।
In simple words: दुनिया में सबसे ज्यादा लोग चीन और भारत में रहते हैं।
🎯 Exam Tip: ऐसे सीधे प्रश्नों में, देशों के नाम सही क्रम में (सबसे ज्यादा से कम) याद रखना उपयोगी होता है।
Question 3. अनुकूलतम जनसंख्या से क्या अभिप्राय है ?
Answer: जनसंख्या और संसाधनों के बीच की आदर्श स्थिति को 'अनुकूलतम जनसंख्या' कहा जाता है। यह वह स्थिति है जहाँ देश के प्राकृतिक संसाधनों का सबसे अच्छे से इस्तेमाल करके प्रति व्यक्ति अधिकतम उत्पादन और जीवन स्तर हासिल किया जा सके।
In simple words: अनुकूलतम जनसंख्या वह स्थिति है जब किसी देश में संसाधनों के हिसाब से सही संख्या में लोग होते हैं, जिससे सबको अच्छी जिंदगी और ज्यादा कमाई मिलती है।
🎯 Exam Tip: अनुकूलतम जनसंख्या की परिभाषा में 'संसाधनों का इष्टतम उपयोग' और 'अधिकतम प्रति व्यक्ति आय/जीवन स्तर' जैसे मुख्य शब्दों को शामिल करें।
Question 4. कार्यशील जनसंख्या से आप क्या समझते हैं? [2013]
Answer: कार्यशील जनसंख्या, जनसंख्या का वह हिस्सा है जो काम करने में सक्षम है और काम करने का इच्छुक भी है। इसमें 14 वर्ष से 62 वर्ष तक की आयु के व्यक्ति आते हैं। यह आबादी देश की अर्थव्यवस्था में सीधे तौर पर योगदान करती है।
In simple words: कार्यशील जनसंख्या वे लोग हैं जो 14 से 62 साल के बीच के हैं और काम कर सकते हैं या करना चाहते हैं। ये लोग देश की कमाई में मदद करते हैं।
🎯 Exam Tip: कार्यशील जनसंख्या की परिभाषा में 'आयु वर्ग' (14-62 वर्ष) और 'काम करने की क्षमता व इच्छा' दोनों को स्पष्ट रूप से उल्लेख करें।
Question 5. मानव संसाधन से क्या तात्पर्य है? [2015, 2017]
Answer: किसी भी देश में पाई जाने वाली कुशल और शिक्षित जनसंख्या को मानव संसाधन कहते हैं। ये लोग देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वे अपनी क्षमताओं और ज्ञान का उपयोग करके उत्पादन और नवाचार को बढ़ावा देते हैं।
In simple words: मानव संसाधन का मतलब किसी देश के वे लोग हैं जो पढ़े-लिखे और कुशल हैं, जो देश की तरक्की में मदद करते हैं।
🎯 Exam Tip: मानव संसाधन को परिभाषित करते समय, 'कुशल' और 'शिक्षित' जैसे गुणों पर जोर देना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये जनसंख्या को सिर्फ संख्या से अधिक बनाते हैं।
Question 6. लिंगानुपात से आप क्या समझते हैं? भारत के किस राज्य में लिंगानुपात सबसे कम है? [2016]
Answer: जनसंख्या के दो खास अंग होते हैं- स्त्री और पुरुष। दोनों के बीच संख्यात्मक अनुपात को 'स्त्री-पुरुष अनुपात' या 'लिंगानुपात' कहा जाता है। भारत में सबसे कम लिंगानुपात दमन और दीव में पाया जाता है। यह अनुपात समाज में लैंगिक संतुलन और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को दर्शाता है।
In simple words: लिंगानुपात बताता है कि पुरुषों के मुकाबले कितनी महिलाएँ हैं। भारत में सबसे कम लिंगानुपात दमन और दीव में है।
🎯 Exam Tip: लिंगानुपात की परिभाषा देते समय 'स्त्री-पुरुष अनुपात' शब्द का भी उल्लेख करें और सबसे कम लिंगानुपात वाले क्षेत्र का नाम याद रखें।
Question 7. जनसंख्या घनत्व से आप क्या समझते हैं? सन् 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या का घनत्व क्या है? [2011, 2014, 2016, 2017]
Answer: किसी स्थान पर प्रति वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में रहने वाले व्यक्तियों की संख्या को जनसंख्या का घनत्व कहते हैं। यह बताता है कि कोई क्षेत्र कितना घना बसा हुआ है। सन् 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या का घनत्व 382 प्रति वर्ग किलोमीटर है। अरुणाचल प्रदेश का जनसंख्या घनत्व सबसे कम है। यह एक महत्वपूर्ण भौगोलिक संकेतक है।
In simple words: जनसंख्या घनत्व का मतलब है कि एक वर्ग किलोमीटर में कितने लोग रहते हैं। 2011 में भारत का जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर था, और अरुणाचल प्रदेश में सबसे कम था।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या घनत्व की परिभाषा में 'प्रति वर्ग किलोमीटर' इकाई का प्रयोग करें और भारत के औसत घनत्व (2011) के साथ-साथ सबसे कम घनत्व वाले राज्य का भी उल्लेख करें।
बहुविकल्पीय प्रश्न
Question 1. निम्नलिखित में से कौन-सा राज्य सबसे घना बसा है? [2012]
(क) केरल
(ख) पश्चिम बंगाल
(ग) महाराष्ट्र
(घ) बिहार
Answer: (ख) पश्चिम बंगाल
In simple words: भारत में, पश्चिम बंगाल राज्य में जनसंख्या सबसे ज्यादा घनी बसी हुई है। यहाँ बहुत से लोग एक साथ रहते हैं, जिससे जनसंख्या घनत्व बहुत अधिक है।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, सबसे घने बसे राज्यों को याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर बड़े राज्यों में। दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे केंद्र शासित प्रदेशों का घनत्व राज्यों से भी ज्यादा होता है, इसलिए प्रश्न को ध्यान से पढ़ें।
Question 2. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में साक्षरता का प्रतिशत है [2012, 2013]
(क) 54
(ख) 56
(ग) 60
(घ) 74.04
Answer: (घ) 74.04
In simple words: 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में लगभग 74.04% लोग पढ़े-लिखे थे। साक्षरता दर किसी देश की शिक्षा के स्तर को दर्शाती है।
🎯 Exam Tip: जनगणना के आँकड़ों को याद करते समय, प्रतिशत (जैसे साक्षरता दर) को सटीक रूप से याद रखने का प्रयास करें।
Question 3. जननी सुरक्षा योजना का उद्देश्य है [2012]
(क) महिला सशक्तीकरण को प्रोत्साहन देना
(ख) महिला साक्षरता को प्रोत्साहन देना
(ग) महिलाओं में स्वयं सहायता समूह बनाना
(घ) सरकारी अस्पतालों में शिशु-जन्म को प्रोत्साहन देना
Answer: (घ) सरकारी अस्पतालों में शिशु-जन्म को प्रोत्साहन देना
In simple words: जननी सुरक्षा योजना का मुख्य लक्ष्य है कि गर्भवती महिलाएँ सरकारी अस्पतालों में बच्चे को जन्म दें, ताकि माँ और बच्चे दोनों सुरक्षित रहें।
🎯 Exam Tip: योजनाओं के उद्देश्यों को याद करते समय, योजना के नाम से जुड़े मुख्य कार्य पर ध्यान केंद्रित करें (जैसे 'जननी' से 'शिशु-जन्म' और 'सुरक्षा' से 'सुरक्षित').
Question 4. सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य कौन-सा है? [2014]
(क) उत्तर प्रदेश
(ख) ओडिशा
(ग) बिहार
(घ) पश्चिम बंगाल
Answer: (क) उत्तर प्रदेश
In simple words: भारत में उत्तर प्रदेश राज्य की जनसंख्या सबसे ज्यादा है। यह भारत का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या से जुड़े भौगोलिक तथ्यों को याद करते समय, भारत के सबसे बड़े राज्यों को जनसंख्या और क्षेत्रफल दोनों के हिसाब से जानने का प्रयास करें।
Question 5. निम्न में से किस राज्य में सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व पाया जाता है? [2014, 2016, 2018]
(क) सिक्किम
(ख) मिजोरम
(ग) अरुणाचल प्रदेश
(घ) पश्चिम बंगाल
Answer: (घ) पश्चिम बंगाल
In simple words: भारत में पश्चिम बंगाल राज्य में जनसंख्या घनत्व सबसे अधिक है, जिसका मतलब है कि यहाँ प्रति वर्ग किलोमीटर में सबसे ज्यादा लोग रहते हैं।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या घनत्व से संबंधित प्रश्नों में, केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों के बीच अंतर को हमेशा याद रखें।
Question 6. 2011 की जनगणना के अनुसार प्रति एक हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या कितनी है? [2013, 2015]
(क) 931
(ख) 935
(ग) 940
(घ) 933
Answer: (ग) 940
In simple words: 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में हर 1000 पुरुषों पर 940 महिलाएँ थीं। यह लिंगानुपात समाज में लैंगिक संतुलन को दर्शाता है।
🎯 Exam Tip: लिंगानुपात के आँकड़ों को याद करते समय, 'प्रति एक हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या' के रूप में सही संख्या को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 7. 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल आबादी कितनी है?
(क) 101.7 करोड़
(ख) 121 करोड़
(ग) 100.8 करोड़
(घ) 102.8 करोड़
Answer: (ख) 121 करोड़
In simple words: 2011 की जनगणना के हिसाब से भारत में कुल 121 करोड़ लोग रहते थे। यह आंकड़ा दुनिया की सबसे बड़ी आबादी में से एक है।
🎯 Exam Tip: जनगणना के बड़े आँकड़ों को लगभग या सटीक रूप से याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर कुल जनसंख्या जैसे प्रमुख डेटा को।
Question 8. 2001 की जनगणना के अनुसार भारत में जनसंख्या का घनत्व क्या है?
(क) 327
(ख) 319
(ग) 324
(घ) 382
Answer: (ग) 324
In simple words: 2001 की जनगणना के अनुसार, भारत में जनसंख्या का घनत्व 324 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर था। यह बताता है कि उस समय प्रति वर्ग किलोमीटर में कितने लोग रहते थे।
🎯 Exam Tip: विभिन्न जनगणना वर्षों के जनसंख्या घनत्व के आँकड़ों में अंतर को ध्यान में रखें, क्योंकि प्रश्न में विशिष्ट वर्ष का उल्लेख होता है।
Question 9. जनसंख्या-वृद्धि पर नियन्त्रण का सर्वोत्तम उपाय क्या है?
(क) परिवार नियोजन
(ख) औद्योगिक विकास
(ग) शिक्षा का प्रसार
(घ) गरीबी उन्मूलन
Answer: (क) परिवार नियोजन
In simple words: जनसंख्या को नियंत्रित करने का सबसे अच्छा तरीका परिवार नियोजन है, क्योंकि यह सीधे जन्म दर को कम करने पर काम करता है।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या नियंत्रण के उपायों में, 'परिवार नियोजन' को हमेशा सबसे प्रत्यक्ष और प्रभावी उपाय के रूप में मानें, हालांकि अन्य उपाय भी सहायक होते हैं।
Question 10. निम्नलिखित में से किस राज्य में जनसंख्या घनत्व न्यूनतम पाया जाता है? [2013]
(क) केरल
(ख) आंध्र प्रदेश
(ग) राजस्थान
(घ) बिहार
Answer: (ग) राजस्थान
In simple words: भारत में राजस्थान राज्य में जनसंख्या घनत्व सबसे कम है, क्योंकि यह एक बड़ा रेगिस्तानी राज्य है जहाँ जीवन-यापन की परिस्थितियाँ कठिन हैं।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या घनत्व के चरम (न्यूनतम और अधिकतम) मान वाले राज्यों को याद रखना महत्वपूर्ण है, और उनके भौगोलिक कारणों पर विचार करें।
Question 11. 2001 की जनगणना के अनुसार भारत में लिंगानुपात है [2013, 2015, 2018]
(क) 970
(ख) 890
(ग) 940
(घ) 933
Answer: (घ) 933
In simple words: 2001 की जनगणना के अनुसार, भारत में हर 1000 पुरुषों पर 933 महिलाएँ थीं। यह आंकड़ा 2011 के लिंगानुपात से थोड़ा कम था।
🎯 Exam Tip: लिंगानुपात के प्रश्नों में, जनगणना वर्ष पर ध्यान दें, क्योंकि अलग-अलग वर्षों में आँकड़े बदल सकते हैं।
Question 12. जनगणना वर्ष 2011 के अनुसार भारत का जनघनत्व है [2014]
(क) 322
(ख) 382
(ग) 402
(घ) 198
Answer: (ख) 382
In simple words: 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर था, जो बताता है कि प्रति वर्ग किलोमीटर में कितने लोग रहते थे।
🎯 Exam Tip: जनघनत्व (जनसंख्या घनत्व) के सही आँकड़े को जनगणना वर्ष के साथ याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 13. निम्न में से किस राज्य में सर्वाधिक महिला साक्षरता पायी जाती है? [2014, 2015, 2017]
(क) उत्तर प्रदेश
(ख) पंजाब
(ग) केरल
(घ) छत्तीसगढ़
Answer: (ग) केरल
In simple words: भारत में केरल राज्य में महिलाओं की साक्षरता दर सबसे ज्यादा है, जो शिक्षा और सामाजिक विकास में इस राज्य की प्रगति को दर्शाता है।
🎯 Exam Tip: साक्षरता दर (विशेषकर महिला साक्षरता) से संबंधित प्रश्नों में, केरल जैसे उच्च प्रदर्शन वाले राज्यों को याद रखना उपयोगी है।
Question 14. कुल जनसंख्या की दृष्टि से भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है? [2015]
(क) पाँचवाँ
(ख) दूसरा
(ग) सातवाँ
(घ) नौवाँ
Answer: (ख) दूसरा
In simple words: कुल जनसंख्या के मामले में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है, चीन पहले स्थान पर है।
🎯 Exam Tip: ऐसे सीधे प्रश्नों में, विश्व स्तर पर भारत के स्थान को सटीक रूप से याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 15. भारत की जनगणना, 2011 के अनुसार भारत की जनसंख्या है- [2016, 2017, 2018]
(क) 122, 09, 84, 212
(ख) 121, 01, 93, 422
(ग) 119, 01, 84, 822
(घ) 120, 19, 35, 822 :
Answer: (ख) 121, 01, 93, 422
In simple words: 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत की कुल जनसंख्या 121 करोड़, 1 लाख, 93 हजार, 422 थी।
🎯 Exam Tip: जनसंख्या के सटीक आँकड़ों को याद करते समय, अंकों को सही क्रम में और लाख/करोड़ में समझना महत्वपूर्ण है।
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