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विस्तृत उत्तरीय प्रश्न
Question 1. धर्म-सुधार आन्दोलन के कुछ प्रमुख कारणों पर विस्तार से प्रकाश डालिए। या यूरोप में प्रोटेस्टेण्ट धर्म-सुधार आन्दोलन के कारणों का वर्णन कीजिए। [2014]
Answer: धर्म-सुधार आंदोलन के मुख्य कारण ये थे:
1. **चर्च के सिद्धांतों के प्रति असंतोष:** मध्यकाल में रोमन कैथोलिक चर्च के कुछ मुख्य सिद्धांतों के खिलाफ लोग असंतोष महसूस करने लगे थे। वे मानते थे कि चर्च ईसा मसीह की शिक्षाओं से दूर हो गया है। सुधारक चाहते थे कि ईसाई धर्म का आधार केवल पवित्र ग्रंथ हों, न कि चर्च के नियम। उन्होंने ईश्वर और मनुष्य के बीच सीधे संबंध पर जोर दिया, जिससे पादरियों का महत्व कम हो गया।
2. **चर्च में फैली बुराइयाँ:** 15वीं और 16वीं सदी में चर्च के भीतर कई गलत प्रथाएँ बढ़ गई थीं। इनमें पादरियों की अज्ञानता, उनके विलासी जीवन, चर्च के पद बेचना (सिमोनी), रिश्तेदारों को चर्च में पद देना (नेपोटिज्म) और एक पादरी का एक से ज्यादा पद संभालना (प्लुरेलिज्म) शामिल था। सबसे बुरा तो यह था कि पैसे देकर पापों से मुक्ति मिल सकती थी। नेक लोगों को यह बात गलत लगी कि ईश्वर पैसे लेकर पाप माफ नहीं कर सकते।
3. **आर्थिक कारण:** आर्थिक कारणों ने भी धर्म-सुधार आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाई। उस समय तक पश्चिमी यूरोप में राष्ट्रीय राज्य बन चुके थे। राजाओं को सेना और प्रशासन चलाने के लिए ज्यादा धन चाहिए था। पादरियों द्वारा लिया गया टैक्स रोम चला जाता था, और वे खुद टैक्स से मुक्त थे। राजा चाहते थे कि चर्च भी राज्य को टैक्स दे। जब व्यापार बढ़ा तो कर्ज लेने की प्रथा भी बढ़ गई, लेकिन चर्च इसे पाप मानता था। इससे व्यापारी ऐसा धर्म चाहते थे जो उनके काम का समर्थन करे।
4. **चर्च द्वारा किसानों का शोषण:** चर्च खुद एक बड़ा सामंत था जिसके पास बहुत जमीन थी। किसान चर्च के टैक्स से बहुत परेशान थे। पादरी, सामंत-प्रथा और किसानों (कम्मियों) के शोषण का समर्थन करते थे। जागे हुए किसान इस शोषण से नाराज थे और कभी-कभी विरोध भी करते थे।
5. **धर्म के प्रति कट्टरता:** पुनर्जागरण के कारण चर्च और पोप के खिलाफ विद्रोह की भावना और मजबूत हुई। चर्च नई सोच का विरोध करता था और पुराने विश्वासों को बदलना नहीं चाहता था। लेकिन प्रिंटिंग (मुद्रण) कला के आने से लोग धार्मिक ग्रंथों को पढ़ पाए और विचारकों के विचारों को जान पाए। उन्हें पता चला कि ईसाई धर्म का असली रूप क्या है और पादरियों के स्वार्थ के कारण उसमें क्या अंधविश्वास शामिल हो गए हैं। इसलिए वे धर्म के पुराने, शुद्ध रूप को वापस लाना चाहते थे। इस तरह सोलहवीं शताब्दी के अंत तक चर्च के खिलाफ धार्मिक, राजनीतिक, आर्थिक और बौद्धिक असंतोष अपनी चरम सीमा पर पहुँच चुका था, और एक बड़े बदलाव की जरूरत थी।
In simple words: धर्म-सुधार आंदोलन इसलिए हुआ क्योंकि लोग चर्च के गलत सिद्धांतों और बुराइयों से परेशान थे। चर्च बहुत धनवान हो गया था और किसानों का शोषण करता था। राजा भी चर्च को टैक्स देना चाहते थे। व्यापारियों को भी लगा कि चर्च की मान्यताएँ उनके व्यापार में रुकावट डाल रही हैं। लोगों ने नई किताबें पढ़कर जाना कि चर्च ने असली धर्म को बदल दिया है।
🎯 Exam Tip: इस तरह के विस्तृत प्रश्नों में, आपको प्रत्येक कारण का स्पष्ट रूप से उल्लेख करना चाहिए और उसके महत्व को संक्षेप में समझाना चाहिए। बिंदुओं में उत्तर लिखने से बेहतर अंक मिलते हैं।
Question 2. लूथरवाद तथा काल्विनवाद का विस्तृत वर्णन कीजिए । या धर्म-सुधार आन्दोलन में लूथर का क्या योगदान था ? या मार्टिन लूथर किंग पर टिप्पणी लिखिए।
Answer: **लूथरवाद:**
मार्टिन लूथर का जन्म 10 नवंबर, 1483 को जर्मनी के आइसलेवन शहर में हुआ था और उनकी मृत्यु 18 फरवरी, 1546 को 62 वर्ष की आयु में वहीं हुई। मार्टिन लूथर ने धर्मशास्त्र का अध्ययन किया था। उनका मानना था कि इंसान केवल ईसा मसीह में अटूट विश्वास से मुक्ति पा सकता है। उन्होंने यह महसूस किया कि पूजा-पाठ, प्रायश्चित्त, प्रार्थना, आध्यात्मिक ध्यान या क्षमा-पत्र (इंडल्जेन्स) खरीदने से पापों से मुक्ति नहीं मिल सकती। उन्होंने क्षमा-पत्रों की बिक्री को गलत ठहराया और तर्क दिया कि ये केवल चर्च द्वारा लगाए गए दंड से मुक्त कर सकते हैं, ईश्वर के दंड से नहीं। उनके विचारों ने बड़ी हलचल मचाई और उनके समर्थक बढ़ने लगे। पोप को लूथर के विचारों से चिंता हुई और उन्होंने उसे धर्म से बाहर कर दिया। उस समय जर्मनी में सामाजिक और धार्मिक उथल-पुथल थी, और कई राजा चर्च से नाराज थे, इसलिए उन्होंने लूथर का समर्थन किया। लूथर के विचार बहुत सीधे थे। उन्होंने केवल ईसा और बाइबिल की सत्ता को माना, और पोप तथा चर्च की शक्ति को नकार दिया। उन्होंने कहा कि चर्च का मतलब कोई खास संगठन नहीं, बल्कि वे लोग हैं जो ईसा में विश्वास करते हैं। उन्होंने पोप, कार्डिनल और बिशप के पदानुक्रम को खत्म करने और मठों तथा पादरियों के ब्रह्मचर्य को समाप्त करने की मांग की। उनके ये विचार बहुत पसंद किए गए। जर्मनी के राज्य दो समूहों में बंट गए: लूथर के समर्थक 'प्रोटेस्टेण्ट' कहलाए और विरोधी 'कैथोलिक'। प्रोटेस्टेण्ट धर्म उत्तरी जर्मन राज्यों, डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन और बाल्टिक राज्यों में तेजी से फैला।
**काल्विनवाद:**
प्रोटेस्टेण्ट धर्म की स्थापना में लूथर के बाद फ्रांस के 'काल्विन' का नाम आता है, जिनका जन्म 10 जुलाई, 1509 को फ्रांस में हुआ था। उन्होंने लूथर के विचारों को पढ़कर 24 साल की उम्र में प्रोटेस्टेण्ट धर्म अपनाया। उनका मानना था कि ईसाई धर्म को समझने के लिए ईसा के विचारों को समझना जरूरी है, और आचार-विचार का पालन सख्ती से होना चाहिए। काल्विन के सिद्धांतों का आधार ईश्वर की इच्छा की सर्वोच्चता थी। उनका मानना था कि सब कुछ ईश्वर की इच्छा से होता है, और मनुष्य की मुक्ति उसके कर्म या आस्था से नहीं, बल्कि केवल ईश्वर की कृपा से ही संभव है। उनके अनुसार, मनुष्य के जन्म लेते ही यह तय हो जाता है कि उसका उद्धार होगा या नहीं। इसे 'पूर्व नियति का सिद्धांत' कहते हैं। काल्विन के इस सिद्धांत ने उनके अनुयायियों, खासकर व्यापारियों में नया जोश, आत्मविश्वास और प्रेरणा भरी। काल्विन के धर्म को व्यापारियों का समर्थन इसलिए मिला क्योंकि उनके सिद्धांतों से उनके व्यापार को बहुत फायदा हुआ। स्कॉट, डच, फ्रांसीसी और अंग्रेज जैसे देशों के व्यापारियों ने इसे अपनाया। काल्विन पूंजीवादी विकास का समर्थन करते थे और उन्होंने व्यापारियों तथा मध्यम वर्ग के लोगों के समर्थन से अपने धर्म को मजबूत किया। उन्होंने यह भी कहा कि पूंजी पर ब्याज लेना उतना ही सही है जितना जमीन पर लगान लेना। वे व्यापार में मुनाफा कमाने को सही मानते थे। इन विचारों के कारण व्यापारी वर्ग ने उनका समर्थन किया और धार्मिक प्रतिबंध हटने से व्यापार तेजी से बढ़ा। 27 मई, 1564 को उनकी मृत्यु हो गई।
In simple words: लूथरवाद मार्टिन लूथर ने शुरू किया था, जिसमें बाइबिल और ईश्वर से सीधे संबंध पर जोर दिया गया था। उन्होंने चर्च की गलत बातों का विरोध किया। काल्विनवाद को जॉन काल्विन ने चलाया, जिसमें यह माना जाता था कि मनुष्य का भाग्य पहले से तय है और ईश्वर की इच्छा ही सबसे ऊपर है। दोनों ही आंदोलनों ने चर्च में सुधार की मांग की।
🎯 Exam Tip: लूथरवाद और काल्विनवाद दोनों ही धर्म-सुधार आंदोलन के महत्वपूर्ण हिस्से थे। इन दोनों के मुख्य सिद्धांतों और प्रभावों को स्पष्ट रूप से याद रखना चाहिए।
Question 3. 15वीं सदी में नए स्थलों की खोज के लिए उत्तरदायी परिस्थितियों का वर्णन कीजिए। [2013] या 15वीं शताब्दी में नवीन व्यापारिक मार्गों की खोज क्यों हुई ? या 15वीं तथा 16वीं शताब्दी में नए प्रदेशों की खोजों के लिए उत्तरदायी कारणों को बताइए। या 15वीं तथा 16वीं शताब्दी में नए समुद्री माग की खोज के कारणों पर प्रकाश डालिए।
Answer: नए स्थानों की खोज-यात्राएँ मनुष्य की जिज्ञासा का नतीजा थीं। इसी जिज्ञासा के कारण 15वीं और 16वीं सदी में यूरोपीय नाविकों ने जोखिम उठाकर नए देशों की खोज की। इस समय को 'खोजों का काल' भी कहा जाता है। भौगोलिक खोजों में सबसे पहले पुर्तगाली और स्पेनिश नाविक आगे आए। बाद में इंग्लैंड, फ्रांस, हॉलैंड और जर्मनी के नाविक भी इन खोजों में शामिल हो गए। इन खोज यात्राओं के लिए कुछ अनुकूल परिस्थितियाँ थीं, जिनसे यह काम आसान हो गया:
1. **तुर्की द्वारा कुस्तुन्तुनिया पर अधिकार:** 1453 ई. में तुर्कों ने कुस्तुन्तुनिया पर कब्जा कर लिया, जिससे पश्चिम और पूर्व के बीच का व्यापारिक मार्ग यूरोपीय लोगों के लिए बंद हो गया। पुर्तगाल और स्पेन को भारत और इंडोनेशिया के व्यापार से बहुत फायदा होता था और वे इस लाभ को छोड़ना नहीं चाहते थे। इसलिए उन्होंने पूर्वी देशों के साथ व्यापार के लिए नए समुद्री रास्ते खोजने शुरू किए।
2. **वैज्ञानिक आविष्कार:** आधुनिक समय में दिशासूचक यंत्र (कंपास) का आविष्कार हुआ, जिससे समुद्री यात्राएँ आसान और सुरक्षित हो गईं। इस दौरान मजबूत जहाज भी बनाए गए, जो समुद्री यात्रा के दौरान तूफान और हवा से बेहतर तरीके से सुरक्षा देते थे। इन उपकरणों ने दूर के सफर को संभव बनाया।
3. **सम्राट हेनरी का योगदान:** पुर्तगाल के शासक हेनरी को 'नाविक हेनरी' के नाम से जाना जाता है। वे खुद नाविक नहीं थे, लेकिन उन्होंने भौगोलिक खोजों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण काम किया। उन्होंने नाविकों के लिए एक प्रशिक्षण केंद्र (स्कूल) खोला और खोजी यात्राओं को प्रोत्साहित किया। उन्होंने जहाज बनाने वालों को सुविधाएँ दीं और लंबी दूरी की यात्राओं के लिए सही जहाज बनाने की सलाह दी। हेनरी द्वारा स्थापित यह केंद्र नाविकों और वैज्ञानिकों के आकर्षण का केंद्र बन गया। इस तरह सम्राट हेनरी ने ऐसी परंपरा शुरू की जिससे खोजी यात्री उत्साहित हुए और उन्हें जरूरी सुविधाएँ भी मिलीं।
In simple words: नए देशों और रास्तों की खोज इसलिए हुई क्योंकि तुर्कों ने पुराना रास्ता बंद कर दिया था। नए वैज्ञानिक आविष्कार जैसे कंपास ने यात्रा आसान बनाई और सम्राट हेनरी जैसे लोगों ने नाविकों को बहुत मदद की।
🎯 Exam Tip: नए मार्गों की खोज के कारणों को बताते समय, राजनीतिक (कुस्तुन्तुनिया), तकनीकी (नाविक उपकरण) और शाही समर्थन (सम्राट हेनरी) जैसे विभिन्न पहलुओं को शामिल करना महत्वपूर्ण है।
लघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. नवीन व्यापारिक मार्गों की तलाश में किन नये देशों की खोज हुई ? इसका व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ा ?
Answer: नवीन व्यापारिक मार्गों की तलाश में निम्नलिखित नए देशों की खोज हुई:
1. **उत्तमाशा अंतरीप की खोज:** 1486 ई. में बार्थोलोमियो डियाज अफ्रीका के दक्षिणी तट पर पहुँचे, जिसे उन्होंने 'तूफानों का अंतरीप' नाम दिया। बाद में पुर्तगाल के शासक ने इसका नाम 'उत्तमाशा अंतरीप' (Cape of Good Hope) रखा।
2. **अमेरिका तथा पश्चिमी द्वीपसमूह की खोज:** स्पेन के नाविक कोलंबस, 1492 ई. में तीन जहाजों के साथ एक नई भूमि पर पहुँचे। पहले उन्हें लगा कि यह भारत है, लेकिन असल में यह 'नई दुनिया' थी। बाद में इटली के नाविक अमेरिगो ने भी यहीं पर खोज की, जिसके नाम पर इसका नाम 'अमेरिका' पड़ा।
3. **न्यूफाउंडलैंड तथा लेब्रेडोर की खोज:** 1497 ई. में जॉन कैबेट इंग्लैंड के राजा हेनरी सप्तम की मदद से पश्चिमी समुद्र की ओर निकले। वे उत्तरी अटलांटिक महासागर को पार करके कनाडा के समुद्री तट पर पहुँचे और 'न्यूफाउंडलैंड' की खोज की।
4. **भारत के समुद्री मार्ग की खोज:** यूरोप और भारत के बीच समुद्री मार्ग की खोज पुर्तगाली नाविक वास्को-डि-गामा ने की।
5. **ब्राजील की खोज:** 1501 ई. में पुर्तगाली नाविक कैब्रेल ने एक नए देश 'ब्राजील' की खोज की।
6. **मेक्सिको तथा पेरू की खोज:** 1519 ई. में स्पेनिश नाविक कोर्टेस ने 'मेक्सिको' की और 1531 ई. में पिज़ारो ने 'पेरू' की खोज की।
7. **अफ्रीका महाद्वीप की खोज:** इस महाद्वीप की खोज का श्रेय मार्टन स्टैनली तथा डेविड लिविंग्स्टन को मिला।
8. **पृथ्वी की प्रथम परिक्रमा:** पुर्तगाली नाविक मैगलन और उनके साथियों ने 1519 ई. में समुद्र द्वारा पृथ्वी की पहली परिक्रमा की, जिससे यह साबित हुआ कि पृथ्वी गोल है और उसकी परिक्रमा आसानी से की जा सकती है। यह यात्रा बहुत महत्वपूर्ण थी।
नवीन व्यापारिक मार्गों की खोज से व्यापार पर निम्नलिखित प्रभाव पड़े:
1. भौगोलिक खोजों के परिणामस्वरूप भारत जाने का एक छोटा और नया मार्ग खुल गया।
2. नए व्यापारिक मार्गों की खोज के कारण विश्व के व्यापार में तेजी से वृद्धि होने लगी।
3. यूरोप में बड़े-बड़े व्यापारिक केंद्र विकसित होने लगे और इंग्लैंड, फ्रांस, स्पेन तथा पुर्तगाल जैसे देश धनी और शक्तिशाली बन गए।
4. यूरोपीय देशों में उपनिवेश बनाने और अपना साम्राज्य बढ़ाने की होड़ शुरू हो गई।
5. यूरोप के शरणार्थी अमेरिका में आकर बसने लगे और वहाँ अपनी सभ्यता एवं संस्कृति का विकास करने लगे।
In simple words: नए रास्तों की खोज से कई नए देश जैसे अमेरिका और भारत का रास्ता मिला। इससे पूरी दुनिया में व्यापार बहुत बढ़ गया और यूरोप के देश अमीर और ताकतवर बन गए।
🎯 Exam Tip: नए देशों और मार्गों की खोज के नाम और उनकी तारीखों को याद रखें। साथ ही, इन खोजों से विश्व व्यापार और उपनिवेशवाद पर क्या असर पड़ा, यह भी समझें।
Question 2. ज्विग्ली पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Answer: हुल्द्रिख ज्विंग्ली का जन्म 1484 ई. में स्विट्जरलैंड के एक किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने "आर्किटेलीस" (1522) और "सत्य तथा मिथ्या पर भाष्य" (1525) नामक पुस्तकें लिखीं। 11 अक्टूबर, 1531 को कैपेल नामक स्थान पर उनकी मृत्यु हो गई। मार्टिन लूथर अकेले कैथोलिक चर्च का विरोध नहीं कर रहे थे। स्विट्जरलैंड में ज्विंग्ली भी नए सिद्धांत दे रहे थे। 1506 ई. में वे ग्लेरस में एक स्थानीय पादरी बने। वहाँ उन्होंने ग्रीक, हिब्रू और चर्च प्रवर्तकों का अध्ययन शुरू किया। 1519 ई. में उन्हें ज्यूरिख के गिरजाघर का उपदेशक चुना गया और उन्होंने अपने उपदेश शुरू किए जो धर्म-सुधार आंदोलन के जन्मदाता बने।
In simple words: ज्विंग्ली स्विट्जरलैंड के एक धर्म-सुधारक थे। उन्होंने चर्च की गलत बातों का विरोध किया और अपनी किताबें भी लिखीं। वे मार्टिन लूथर की तरह ही धर्म में बदलाव लाना चाहते थे।
🎯 Exam Tip: ज्विंग्ली का योगदान स्विट्जरलैंड में धर्म-सुधार आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण था। उनके जन्मस्थान, मुख्य कृतियों और विचारों को याद रखना जरूरी है।
Question 3. वास्कोडिगामा किस प्रकार भारत पहुँचा ?
Answer: 1498 ई. में पुर्तगाली नाविक वास्कोडिगामा ने अपने राजा से आर्थिक मदद लेकर अपने जहाजी बेड़े के साथ अफ्रीका के पश्चिमी तट से यात्रा शुरू की। वे उत्तमाशा अंतरीप पहुँचे, जिसे 'केप ऑफ गुड होप' भी कहते हैं। वहाँ से उन्होंने हिंद महासागर में प्रवेश किया। फिर वे उत्तर की ओर जंजीबार होते हुए पूर्व की ओर बढ़े। अंत में, वे भारत के पश्चिमी तट पर स्थित कालीकट राज्य में पहुँचे। वास्कोडिगामा की यह यात्रा भारत के लिए एक नया समुद्री रास्ता खोजने में सफल रही।
In simple words: वास्कोडिगामा अपने जहाजों के साथ अफ्रीका के नीचे से होते हुए हिंद महासागर पार करके भारत के कालीकट शहर पहुँचे। उन्होंने भारत के लिए एक नया समुद्री रास्ता खोजा।
🎯 Exam Tip: वास्कोडिगामा की यात्रा का मार्ग और वर्ष याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह अक्सर पूछा जाने वाला सवाल है।
Question 4. धर्म-सुधार आन्दोलन के प्रमुख परिणाम की विवेचना कीजिए। (2015)
Answer: धर्म-सुधार आंदोलन का यूरोप पर कई व्यापक प्रभाव पड़े, जो इस प्रकार हैं:
1. **कैथोलिक धर्म में सुधार:** इस आंदोलन के कारण कैथोलिक चर्च को अपनी आंतरिक बुराइयों को सुधारने के लिए मजबूर होना पड़ा।
2. **प्रोटेस्टेण्ट धर्म का उदय:** नए धार्मिक संप्रदाय, जैसे प्रोटेस्टेण्ट धर्म का जन्म हुआ और यह तेजी से फैला।
3. **इंग्लैंड का विकास:** इस आंदोलन ने इंग्लैंड में राजनीतिक और धार्मिक बदलाव लाए, जिससे उसके विकास को गति मिली।
4. **शासक वर्ग की शक्ति में वृद्धि:** राजाओं और शासकों की शक्ति बढ़ी क्योंकि उन्होंने चर्च के प्रभाव को कम किया।
5. **पोप की शक्ति का पतन:** पोप और रोमन कैथोलिक चर्च की धार्मिक और राजनीतिक शक्ति कमजोर हो गई।
6. **राजकीय संपत्ति एवं शक्ति में वृद्धि:** चर्च की संपत्ति को राज्य ने अपने नियंत्रण में ले लिया, जिससे राज्यों की आर्थिक और राजनीतिक शक्ति बढ़ी।
7. **गिरजाघरों में व्याप्त बुराइयों को दूर करने का प्रयास:** धर्म-सुधार आंदोलन ने गिरजाघरों और धार्मिक संस्थानों में फैली बुराइयों को खत्म करने के लिए प्रेरित किया, जिससे नैतिक स्तर में सुधार हुआ।
In simple words: धर्म-सुधार आंदोलन के कारण कैथोलिक चर्च में सुधार हुए, प्रोटेस्टेण्ट धर्म का जन्म हुआ और राजाओं की शक्ति बढ़ी। पोप की शक्ति कम हो गई और चर्च की बुराइयाँ दूर करने की कोशिश की गई।
🎯 Exam Tip: धर्म-सुधार आंदोलन के परिणामों को याद करते समय, धार्मिक (नए धर्म का उदय, चर्च में सुधार), राजनीतिक (शाही शक्ति में वृद्धि) और सामाजिक (बुराइयों का अंत) पहलुओं को वर्गीकृत करना सहायक होता है।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. यूरोप में धर्म-सुधार आन्दोलन कब शुरू हुआ ?
Answer: यूरोप में धर्म-सुधार आंदोलन की शुरुआत सोलहवीं शताब्दी में हुई थी। यह एक बड़ा धार्मिक बदलाव था।
In simple words: धर्म-सुधार आंदोलन सोलहवीं सदी में शुरू हुआ।
🎯 Exam Tip: धर्म-सुधार आंदोलन की शुरुआत का समय याद रखें क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना है।
Question 2. यूरोप में धर्म-सुधार आन्दोलन किसके विरुद्ध हुए ? (2017)
Answer: यूरोप में धर्म-सुधार आंदोलन चर्च के विरुद्ध हुए थे, खासकर रोमन कैथोलिक चर्च की बुराइयों के खिलाफ। लोग चर्च के नियमों और भ्रष्टाचार से खुश नहीं थे।
In simple words: धर्म-सुधार आंदोलन चर्च के खिलाफ हुआ था।
🎯 Exam Tip: यह समझना महत्वपूर्ण है कि धर्म-सुधार आंदोलन का मुख्य उद्देश्य क्या था - चर्च की बुराइयों को सुधारना।
Question 3. मुद्रण कला के विकास से धर्म-सुधार आन्दोलन पर क्या प्रभाव पड़ा ?
Answer: मुद्रण कला के विकास से किताबों की संख्या बहुत बढ़ गई। इससे आम लोगों के लिए शिक्षा के रास्ते खुल गए। शिक्षा के फैलाव से लोगों का ज्ञान बढ़ा और उनकी सोचने की शक्ति का विकास हुआ, जिससे वे चर्च की बातों पर सवाल उठाने लगे।
In simple words: छपाई बढ़ने से किताबें ज्यादा छपीं, जिससे लोगों को पढ़ने और सोचने का मौका मिला। इससे वे चर्च की बातों पर सवाल उठाने लगे।
🎯 Exam Tip: मुद्रण कला ने धर्म-सुधार आंदोलन को फैलाने में बड़ी भूमिका निभाई। किताबों की उपलब्धता ने लोगों को ज्ञान दिया और सोचने पर मजबूर किया।
Question 4. मार्टिन लूथर कहाँ का निवासी था ?
Answer: मार्टिन लूथर जर्मनी का निवासी था। उन्होंने जर्मनी में ही धर्म-सुधार आंदोलन की शुरुआत की थी।
In simple words: मार्टिन लूथर जर्मनी के थे।
🎯 Exam Tip: मार्टिन लूथर का मूल स्थान याद रखना आवश्यक है क्योंकि यह उनकी पहचान से जुड़ा है।
Question 5. लूथर के समर्थक किस नाम से जाने जाते थे ?
Answer: लूथर के समर्थक प्रोटेस्टेण्ट के नाम से जाने जाते थे। यह नाम उन लोगों को मिला जिन्होंने रोमन कैथोलिक चर्च के विरोध में आवाज उठाई थी।
In simple words: लूथर के समर्थकों को प्रोटेस्टेण्ट कहते थे।
🎯 Exam Tip: 'प्रोटेस्टेण्ट' शब्द का अर्थ और उसके उदय का कारण समझना महत्वपूर्ण है।
Question 6. कुस्तुनतुनिया नगर का क्या महत्त्व था ?
Answer: मध्यकाल में कुस्तुनतुनिया शिक्षा एवं कला का एक प्रमुख केंद्र था। यह यूरोप और एशिया के बीच व्यापार का भी एक महत्वपूर्ण रास्ता था।
In simple words: कुस्तुनतुनिया मध्यकाल में पढ़ाई और कला का बड़ा केंद्र था।
🎯 Exam Tip: कुस्तुनतुनिया की ऐतिहासिक और भौगोलिक स्थिति को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 7. व्यापारिक मार्गों की खोज में कौन-सा देश अग्रणी था ?
Answer: व्यापारिक मार्गों की खोज में पुर्तगाल देश विश्व का सबसे अग्रणी देश था। उन्होंने अफ्रीका के रास्ते भारत के लिए समुद्री मार्ग खोजा था।
In simple words: पुर्तगाल नए व्यापारिक रास्ते खोजने में सबसे आगे था।
🎯 Exam Tip: पुर्तगाल और स्पेन जैसे देशों ने भौगोलिक खोजों में मुख्य भूमिका निभाई, यह याद रखना चाहिए।
Question 8. सूक्ष्मदर्शी का आविष्कार किसने किया ?
Answer: सूक्ष्मदर्शी का आविष्कार जेड जॉनसन ने 1590 ई. में किया था। यह उपकरण बहुत छोटी चीजों को देखने में मदद करता है।
In simple words: जेड जॉनसन ने सूक्ष्मदर्शी बनाया था।
🎯 Exam Tip: वैज्ञानिक आविष्कारों और उनके आविष्कारकों के नाम याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 9. अमेरिका की खोज किसने एवं कब की ?
Answer: अमेरिका की खोज कोलंबस ने 1492 ई. में की थी। उन्होंने गलती से इसे भारत समझा था, लेकिन बाद में यह 'नई दुनिया' कहलाई।
In simple words: कोलंबस ने 1492 में अमेरिका को खोजा।
🎯 Exam Tip: कोलंबस की खोज की तारीख और परिणाम को हमेशा याद रखें।
Question 10. वास्कोडिगामा कौन था ? उसने किस वर्ष भारत आने के जलमार्ग की खोज की ? (2012, 18) या यूरोप से भारत पहुँचने के लिए समुद्री मार्ग की खोज किसने की थी? वह किस देश का निवासी था? (2015, 18) या वास्कोडिगामा किस देश का नाविक था? (2011)
Answer: वास्कोडिगामा पुर्तगाल का निवासी था। उसने 1498 ई. में भारत आने के जलमार्ग की खोज की थी। यह खोज यूरोप और भारत के बीच सीधा समुद्री व्यापार शुरू करने में महत्वपूर्ण थी।
In simple words: वास्कोडिगामा पुर्तगाल का था। उसने 1498 में भारत के लिए समुद्र का रास्ता खोजा।
🎯 Exam Tip: वास्कोडिगामा, उसका देश और भारत की खोज का वर्ष, यह सभी महत्वपूर्ण तथ्य हैं।
Question 11. यूरोप में धर्म-सुधार आन्दोलन के दो प्रमुख नेताओं के नाम लिखिए। (2015, 16)
Answer: यूरोप में धर्म-सुधार आंदोलन के दो प्रमुख नेता मार्टिन लूथर और काल्विन थे। इन दोनों ने चर्च की बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाई थी।
In simple words: मार्टिन लूथर और काल्विन धर्म-सुधार आंदोलन के खास नेता थे।
🎯 Exam Tip: धर्म-सुधार आंदोलन के प्रमुख व्यक्तित्वों के नाम याद रखना परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 12. कोलम्बस किस देश का निवासी था?
Answer: कोलंबस स्पेन (जेनेवा) का निवासी था। हालाँकि, उसका जन्म जेनोआ (इटली) में हुआ था, लेकिन उसने स्पेन के लिए यात्राएँ कीं।
In simple words: कोलंबस स्पेन का निवासी था।
🎯 Exam Tip: कोलंबस के देश को लेकर अक्सर भ्रम होता है, इसलिए यह स्पष्ट होना चाहिए कि उसने स्पेन के लिए खोज की थी।
Question 13. भौगोलिक खोजों के तीन प्रभावों का उल्लेख कीजिए। (2016)
Answer: भौगोलिक खोजों के तीन प्रमुख प्रभाव इस प्रकार हैं:
1. यूरोप में बड़े-बड़े व्यापारिक केंद्र विकसित हुए और इंग्लैंड, फ्रांस, स्पेन तथा पुर्तगाल जैसे देश धनी और शक्तिशाली बन गए।
2. यूरोपीय देशों में उपनिवेश बनाने और अपना साम्राज्य बढ़ाने की होड़ शुरू हो गई, जिससे विश्व स्तर पर उनका प्रभाव बढ़ा।
3. यूरोप के शरणार्थी अमेरिका में जाकर बसने लगे और वहाँ अपनी सभ्यता एवं संस्कृति का विकास करने लगे, जिससे नई संस्कृतियों का जन्म हुआ।
In simple words: भौगोलिक खोजों से व्यापार बढ़ा, देश अमीर हुए और उन्होंने नई जगहें जीतकर अपना राज फैलाया।
🎯 Exam Tip: भौगोलिक खोजों के प्रभावों को याद करते समय आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक पहलुओं को शामिल करना महत्वपूर्ण है।
बहु विकल्पीय प्रश्न
Question 1. यूरोप में धर्म-सुधार आन्दोलन का उद्देश्य था
(क) यूरोपीय लोगों को धार्मिक बनाना
(ख) पादरी वर्ग को और अधिक शक्तिशाली बनाना
(ग) तत्कालीन धर्म एवं चर्च में सुधारवादी परिवर्तन करना
(घ) रोमन कैथोलिक चर्च को प्रतिष्ठित करना
Answer: (ग) तत्कालीन धर्म एवं चर्च में सुधारवादी परिवर्तन करना
In simple words: धर्म-सुधार आंदोलन का मुख्य लक्ष्य चर्च और धर्म में जो गलत बातें थीं, उन्हें ठीक करना था।
🎯 Exam Tip: धर्म-सुधार आंदोलन का मूल उद्देश्य हमेशा याद रखें – यह चर्च के सिद्धांतों और प्रथाओं में सुधार लाना था।
Question 2. मार्टिन लूथर द्वारा चलाये गये आन्दोलन का क्या नाम था ? [2012, 13, 17]
(क) कैथोलिक
(ख) प्यूरीटन
(ग) डेसबेटेरियन्स
(घ) प्रोटेस्टेण्ट
Answer: (घ) प्रोटेस्टेण्ट
In simple words: मार्टिन लूथर ने जो आंदोलन शुरू किया था, उसे प्रोटेस्टेण्ट आंदोलन कहते हैं।
🎯 Exam Tip: मार्टिन लूथर को प्रोटेस्टेण्ट सुधार आंदोलन का जनक माना जाता है, इसलिए यह नाम हमेशा उनके साथ जुड़ा होता है।
Question 3. मार्टिन लूथर ने धर्म-सुधार आन्दोलन किस देश से प्रारम्भ किया था ? (2012]
(क) इटली
(ख) जर्मनी
(ग) फ्रांस
(घ) हॉलैण्ड
Answer: (ख) जर्मनी
In simple words: मार्टिन लूथर ने जर्मनी से धर्म-सुधार आंदोलन की शुरुआत की थी।
🎯 Exam Tip: मार्टिन लूथर का संबंध जर्मनी से है, यह एक सीधा और महत्वपूर्ण तथ्य है।
Question 4. समुद्री मार्ग से सर्वप्रथम भारत पहुँचने वाला विदेशी व्यक्ति कौन था ? [2011, 13, 17]
(क) मैगलेन
(ख) वास्कोडिगामा
(ग) कोलम्बस
(घ) सर फ्रांसिसस ड्रेम
Answer: (ख) वास्कोडिगामा
In simple words: वास्कोडिगामा सबसे पहले समुद्री रास्ते से भारत आया था।
🎯 Exam Tip: भारत के समुद्री मार्ग की खोज से जुड़ा नाम वास्कोडिगामा ही है, यह तथ्य बहुत प्रसिद्ध है।
Question 5. भारत आने के लिए जलमार्ग की खोज की
(क) कोलम्बस ने
(ख) अल्बुकर्क ने
(ग) डी० अल्मोडा ने
(घ) वास्कोडिगामा ने
Answer: (घ) वास्कोडिगामा ने
In simple words: वास्कोडिगामा ने भारत आने का समुद्री रास्ता खोजा।
🎯 Exam Tip: विभिन्न खोजकर्ताओं और उनकी विशिष्ट खोजों को ध्यान से याद रखें ताकि भ्रम से बचा जा सके।
Question 6. वास्कोडिगामा कालीकट बन्दरगाह पर पहुँचा
(क) सन् 1488 ई० में
(ख) सन् 1494 ई० में
(ग) सन् 1498 ई० में
(घ) सन् 1598 ई० में
Answer: (ग) सन् 1498 ई० में
In simple words: वास्कोडिगामा 1498 में कालीकट पहुँचा था।
🎯 Exam Tip: भारत के समुद्री मार्ग की खोज का वर्ष एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तारीख है जिसे याद रखना चाहिए।
Question 7. 'सेन्ट पॉल' गिरजाघर स्थित है [2012]
(क) रोम में
(ख) स्पेन में
(ग) जर्मनी में
(घ) लन्दन में
Answer: (क) रोम में
In simple words: 'सेन्ट पॉल' गिरजाघर रोम शहर में है।
🎯 Exam Tip: विश्व के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के स्थान याद रखना सामान्य ज्ञान के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 8. प्रोटेस्टेण्ट आन्दोलन का नेतृत्व किसने किया? [2013] या प्रोटेस्टेण्ट सम्प्रदाय की स्थापना किसने की? [2013]
(क) दान्ते ने
(ख) सर टॉमस मूर ने
(ग) मार्टिन लूथर ने
(घ) जूलियस द्वितीय ने
Answer: (ग) मार्टिन लूथर ने
In simple words: प्रोटेस्टेण्ट आंदोलन को मार्टिन लूथर ने शुरू किया था।
🎯 Exam Tip: प्रोटेस्टेण्ट सुधार आंदोलन का नेतृत्व मार्टिन लूथर ने किया था, यह एक केंद्रीय तथ्य है।
Question 9. फ्रांसिस ड्रेक की प्रसिद्धि का कारण था, उसके द्वारा (2013)
(क) उत्तमाशा की खोज
(ख) कुतुबनुमा का आविष्कार
(ग) फिलीपीन्स में उपनिवेश की स्थापना
(घ) समुद्री मार्ग से विश्व की परिक्रमा
Answer: (घ) समुद्री मार्ग से विश्व की परिक्रमा
In simple words: फ्रांसिस ड्रेक पूरी दुनिया की समुद्री यात्रा करने के लिए मशहूर थे।
🎯 Exam Tip: फ्रांसिस ड्रेक को विश्व की परिक्रमा करने वाले पहले अंग्रेजी नाविक के रूप में याद किया जाता है।
Question 10. निम्न में से किसने रोमन कैथोलिक धर्म की तीव्र आलोचना की? [2014]
(क) मार्टिन लूथर
(ख) इग्नेशियस लायोला
(ग) दान्ते
(घ) इरास्मस रास्मस
Answer: (क) मार्टिन लूथर
In simple words: मार्टिन लूथर ने रोमन कैथोलिक धर्म की बहुत आलोचना की थी।
🎯 Exam Tip: मार्टिन लूथर धर्म-सुधार आंदोलन के सबसे प्रमुख आलोचकों में से एक थे, यह समझना महत्वपूर्ण है।
Question 11. महान धर्म सुधारक मार्टिन लूथर किस देश का निवासी था? [2014]
(क) जर्मनी
(ख) इंग्लैण्ड
(ग) फ्रांस
(घ) स्पेन
Answer: (क) जर्मनी
In simple words: मार्टिन लूथर जर्मनी के रहने वाले थे।
🎯 Exam Tip: मार्टिन लूथर का जन्मस्थान जर्मनी था, यह एक सीधा और महत्वपूर्ण तथ्य है।
Question 12. बार्थोलोमियो डियाज ने निम्न में से किसकी खोज की थी? [2014]
(क) उत्तमाशा अन्तरीप की
(ख) ब्राजील की
(ग) पेरू की।
(घ) फिलीपीन द्वीप समूह की
Answer: (क) उत्तमाशा अन्तरीप की
In simple words: बार्थोलोमियो डियाज ने उत्तमाशा अंतरीप (केप ऑफ गुड होप) को खोजा था।
🎯 Exam Tip: बार्थोलोमियो डियाज ने अफ्रीकी तट के नीचे इस महत्वपूर्ण अंतरीप की खोज की थी, जो भारत के समुद्री मार्ग का एक अहम पड़ाव था।
Question 13. जर्मनी में धर्म-सुधार आन्दोलन के प्रणेता थे – [2015]
(क) ज्विगली
(ख) काल्विन
(ग) राजा फिलिप
(घ) मार्टिन लूथर
Answer: (घ) मार्टिन लूथर
In simple words: मार्टिन लूथर ने जर्मनी में धर्म-सुधार आंदोलन शुरू किया था।
🎯 Exam Tip: जर्मनी में धर्म-सुधार आंदोलन के जनक मार्टिन लूथर ही थे, यह एक मौलिक जानकारी है।
Question 14. प्रोटेस्टेण्ट धर्म सुधारक काल्विन किस देश का नागरिक था? [2016]
(क) स्कॉटलैण्ड
(ख) स्विट्जरलैण्ड
(ग) फ्रांस
(घ) स्पेन
Answer: (ग) फ्रांस
In simple words: प्रोटेस्टेण्ट सुधारक काल्विन फ्रांस के रहने वाले थे।
🎯 Exam Tip: जॉन काल्विन का जन्म फ्रांस में हुआ था, लेकिन उन्होंने स्विट्जरलैंड में अपने सुधारवादी आंदोलन को फैलाया।
Question 15. कैथोलिक चर्च के विरुद्ध आवाज उठाने वाला धर्म-सुधारक ज्विग्ली किस देश का निवासी था? (2017)
(क) जर्मनी
(ख) स्विट्जरलैण्ड
(ग) फ्रांस
(घ) स्पेन
Answer: (ख) स्विट्जरलैण्ड
In simple words: धर्म-सुधारक ज्विग्ली स्विट्जरलैंड के थे।
🎯 Exam Tip: ज्विग्ली का संबंध स्विट्जरलैंड से था, ठीक वैसे ही जैसे लूथर का जर्मनी से और काल्विन का फ्रांस से।
Question 16. नई दुनिया की खोज की (2017)
(क) वास्को-डि-गामा ने
(ख) मैगलेन ने
(ग) केल्विन ने
(घ) कोलम्बस ने
Answer: (घ) कोलम्बस ने
In simple words: कोलंबस ने नई दुनिया (अमेरिका) को खोजा था।
🎯 Exam Tip: "नई दुनिया" से तात्पर्य अमेरिका से है, और इसकी खोज का श्रेय कोलंबस को जाता है।
उत्तरमाला
1. (ग)
2. (घ)
3. (ख)
4. (ख)
5. (घ)
6. (ग)
7. (क)
8. (ग)
9. (घ)
10. (क)
11. (क)
12. (क)
13. (घ)
14. (ग)
15. (ख)
16. (घ)
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