NCERT Solutions for Class 10 Science: Chapter 05 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण
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Practice Class 10 Science Solutions: Chapter 05 तत्वों का आवर्त वर्गीकरण
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पाठगत हल प्रश्न
NCERT IN-TEXT QUESTIONS SOLVED
खंड 5.1 (पृष्ठ संख्या 91)
Question 1. क्या डॉबेराइनर के त्रिक, न्यूलैंड्स के अष्टक के स्तंभ में भी पाए जाते हैं? तुलना करके पता कीजिए।
Answer: हाँ, डॉबेराइनर के त्रिक, न्यूलैंड्स के अष्टक के स्तंभ में भी पाए जाते हैं। उदाहरण के लिए-Li, Na, K डॉबेराइनर के त्रिक हैं। परंतु ये न्यूलैंड्स के अष्टक के दूसरे स्तंभ में भी मौजूद हैं।
In simple words: डॉबेराइनर के त्रिक और न्यूलैंड्स के अष्टक नियम के तत्वों की व्यवस्था में समानताएं पाई जाती हैं, जैसे लिथियम, सोडियम और पोटैशियम दोनों में एक साथ मौजूद होते हैं।
🎯 Exam Tip: यह प्रश्न ऐतिहासिक वर्गीकरण प्रणालियों के बीच संबंधों को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 2. डॉबेराइनर के वर्गीकरण की क्या सीमाएँ हैं?
Answer: डॉबेराइनर के वर्गीकरण की सीमाएँ निम्नलिखित हैं
1. उस समय ज्ञात सभी तत्वों का वर्गीकरण डॉबेराइनर के त्रिक के द्वारा नहीं हो पाया।
2. वे उस समय ज्ञात 64 तत्वों में से केवल तीन त्रिक ही बना पाए। अतः उनका वर्गीकरण ज्यादा सफल नहीं रहा।
In simple words: डॉबेराइनर केवल कुछ ही तत्वों को त्रिक में व्यवस्थित कर पाए और सभी ज्ञात तत्वों पर यह नियम लागू नहीं हो सका, जिससे इसकी उपयोगिता सीमित हो गई।
🎯 Exam Tip: डॉबेराइनर के त्रिक की सीमाओं को जानना आवर्त सारणी के विकास को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 3. न्यूलैंड्स के अष्टक नियम की क्या सीमाएँ हैं?
Answer: संकेत-महत्वपूर्ण तथ्य एवं परिभाषाएँ” देखिए ।
In simple words: न्यूलैंड्स का अष्टक नियम केवल हल्के तत्वों तक ही सीमित था और भारी तत्वों पर लागू नहीं होता था।
🎯 Exam Tip: न्यूलैंड्स के अष्टक नियम की कमियों को समझना महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पता चलता है कि कैसे वैज्ञानिक तत्वों के वर्गीकरण में आगे बढ़े।
खंड 5.2 (पृष्ठ संख्या 94)
Question 1. मेंडेलीफ की आवर्त सारणी का उपयोग कर निम्नलिखित तत्वों के ऑक्साइड के सूत्र का अनुमान कीजिए: K, C, Al, Si, Ba
Answer:
K (समूह 1) \(\implies\) \(K_2O\)
C (समूह 14) \(\implies\) \(CO_2\)
Al (समूह 13) \(\implies\) \(Al_2O_3\)
Si (समूह 14) \(\implies\) \(SiO_2\)
Ba (समूह 2) \(\implies\) \(BaO\)
In simple words: मेंडेलीफ की आवर्त सारणी में तत्वों की संयोजकता के आधार पर उनके ऑक्साइड के सूत्र का अनुमान लगाया जा सकता है।
🎯 Exam Tip: मेंडेलीफ की आवर्त सारणी की उपयोगिता को समझने के लिए तत्वों के ऑक्साइड के सूत्र का अनुमान लगाना एक अच्छा अभ्यास है।
Question 2. गैलियम के अतिरिक्त, अब तक कौन-कौन से तत्वों का पता चला है, जिसके लिए मेन्डलीफ ने अपनी आवर्त सारणी में खाली स्थान छोड़ दिया था? दो उदाहरण दीजिए।
Answer: गैलियम के अतिरिक्त स्कैंडियम तथा जर्मेनियम तत्वों का पता बाद में चला जिसके लिए खाली स्थान छोड़ा गया था।
In simple words: मेंडेलीफ ने गैलियम के अलावा स्कैंडियम और जर्मेनियम जैसे तत्वों के लिए अपनी आवर्त सारणी में खाली स्थान छोड़े थे, जिनकी खोज बाद में हुई।
🎯 Exam Tip: मेंडेलीफ की आवर्त सारणी की भविष्यवाणी शक्ति को उजागर करने वाले इन तत्वों के नाम याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 3. मेंडेलीफ ने अपनी आवर्त सारणी तैयार करने के लिए कौन सा मापदंड अपनाया?
Answer: मेंडेलीफ ने अपनी आवर्त सारणी तैयार करने के लिए निम्नलिखित मापदंडों को अपनाया था-
1. तत्वों को परमाणु द्रव्यमानों के आरोही क्रम (बढ़ता क्रम) में व्यवस्थित किया।
2. रासायनिक गुणधर्मों की समानता के आधार पर व्यवस्थित किया।
3. तत्व से बनने वाले हाईड्राइड एवं ऑक्साइड के सूत्र को तत्वों के वर्गीकरण के लिए मूलभूत गुणधर्म माना गया ।
In simple words: मेंडेलीफ ने तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान के बढ़ते क्रम, रासायनिक गुणों की समानता और हाइड्राइड व ऑक्साइड के सूत्रों के आधार पर वर्गीकृत किया।
🎯 Exam Tip: मेंडेलीफ के वर्गीकरण के इन तीन मुख्य मापदंडों को याद रखना आवर्त सारणी के ऐतिहासिक विकास को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 4. आपके अनुसार उत्कृष्ट गैसों को अलग समूह में क्यों रखा गया?
Answer: उत्कृष्ट गैसों को अलग समूह में रखा गया, क्योंकि ये रासायनिक रूप से अक्रिय होती हैं। सभी उत्कृष्ट गैसों के बाह्यतम कोश पूर्णतः भरे होते हैं तथा इनके गुणों में समानताएँ पाई जाती हैं।
In simple words: उत्कृष्ट गैसों को अलग इसलिए रखा गया क्योंकि वे रासायनिक रूप से अक्रिय होती हैं और उनके बाहरी कोश पूर्ण होते हैं, जिससे उनके गुण एक-दूसरे के समान होते हैं।
🎯 Exam Tip: उत्कृष्ट गैसों की अक्रियता और पूर्ण बाहरी कोश उनकी विशिष्ट स्थिति का मुख्य कारण हैं।
खंड 5.3 (पृष्ठ संख्या 100)
Question 1. आधुनिक आवर्त सारणी द्वारा किस प्रकार से मेंडेलीफ की आवर्त सारणी की विविध विसंगतियों को दूर किया गया?
Answer: आधुनिक आवर्त सारणी द्वारा मेंडेलीफ की आवर्त सारणी की तीनों विसंगतियाँ निम्नलिखित तरीकों से दूर की गईं।
(i) हाइड्रोजन का स्थान-हाइड्रोजन को क्षारीय धातुओं से गुणों में समानता के आधार पर ग्रुप 1 में सबसे ऊपर रखा गया था, परंतु यह उचित स्थान नहीं था। यह मेंडेलीफ के आवर्त सारणी की एक कमी थी। लेकिन इलेक्ट्रॉनिक विन्यास क्षार धातु के समान होने के कारण तथा संयोजकता इलेक्ट्रॉन 1 होने के कारण आधुनिक आवर्त सारणी में इसे समूह (ग्रुप) 1 में रखा गया। जिससे मेंडेलीफ के आवर्त सारणी की पहली कमी दूर हो गई।
(ii) कोबाल्ट (Co) तथा निकैल (Ni) का स्थान-Co का परमाणु द्रव्यमान 58.9 तथा Ni का परमाणु द्रव्यमान 58.7 है; लेकिन Co को Ni के पहले रखा गया था। परंतु Co की परमाणु संख्या 27 तथा Ni की परमाणु संख्या 28 है। आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों को बढ़ाते हुए परमाणु संख्या के आधार पर व्यवस्थित किया गया जिससे यह कमी भी दूर हो गई । Co समूह-9 तथा Ni समूह-10 में आ गए। इसी प्रकार Ar (परमाणु संख्या 18) तथा K (परमाणु संख्या 19) के गलत क्रम का भी समाधान हो गया।
(iii) समस्थानिकों का स्थान-मेंडेलीफ के आवर्त सारणी में समस्थानिकों का कोई स्थान नहीं था। चूँकि समस्थानिकों के परमाणु संख्या समान होते हैं। अतः इन्हें आधुनिक आवर्त सारणी में एक ही स्थान पर रखा गया। उदाहरण के लिए CI-35 और CI-37 के परमाणु संख्या 17 हैं।
In simple words: आधुनिक आवर्त सारणी ने तत्वों को परमाणु संख्या के आधार पर व्यवस्थित करके मेंडेलीफ की हाइड्रोजन की स्थिति, कोबाल्ट-निकेल का क्रम और समस्थानिकों के लिए स्थान जैसी समस्याओं को हल किया।
🎯 Exam Tip: आधुनिक आवर्त सारणी ने मेंडेलीफ की आवर्त सारणी की कई कमियों को दूर किया, जो परमाणु संख्या को वर्गीकरण के मौलिक आधार के रूप में स्थापित करती है।
Question 2. मैग्नीशियम की तरह रासायनिक अभिक्रियाशीलता दिखाने वाले दो तत्वों के नाम लिखिए। आपके चयन का क्या आधार है?
Answer: बेरिलियम (Be) तथा कैल्शियम (Ca), मैग्नीशियम के समाने रासायनिक अभिक्रियाएँ प्रदर्शित करेंगे। हमारे चयन का आधार निम्न है-
1. \(4Be : 2, 2\) तथा \(20Ca : 2, 8, 8, 2\)
2. इनकी संयोजकता इलेक्ट्रॉन समान हैं। इसलिए ये एक ही वर्ग-2 के तत्व हैं, जिसमें Mg है। तथा एक समान गुणधर्म प्रदर्शित करेंगे ।
In simple words: बेरिलियम (Be) और कैल्शियम (Ca) मैग्नीशियम के समान अभिक्रियाशील होते हैं क्योंकि तीनों तत्व समूह 2 के हैं और उनके बाहरी कोश में 2 संयोजकता इलेक्ट्रॉन होते हैं।
🎯 Exam Tip: समान समूह के तत्वों की रासायनिक अभिक्रियाशीलता और संयोजकता इलेक्ट्रॉन समान होते हैं, जो उनके गुणों को निर्धारित करता है।
Question 3. नाम बताइए |
(a) तीन तत्वों जिनके सबसे बाहरी कोश में एक इलेक्ट्रॉन उपस्थित हो।
(b) दो तत्वों जिनके सबसे बाहरी कोश में दो इलेक्ट्रॉन उपस्थित हों ।
(c) तीन तत्वों जिनका बाहरी कोश पूर्ण हो ।
Answer:
(a) Li, Na, K (लीथियम, सोडियम, पोटैशियम)
(b) Mg, Ca (मैग्नीशियम, कैल्सियम)
(c) हीलियम (He), निऑन (Ne), आर्गन (Ar) |
In simple words: बाहरी कोश में एक इलेक्ट्रॉन वाले तत्व लीथियम, सोडियम, पोटैशियम हैं; दो इलेक्ट्रॉन वाले मैग्नीशियम, कैल्शियम हैं; और पूर्ण बाहरी कोश वाले हीलियम, निऑन, आर्गन हैं।
🎯 Exam Tip: तत्वों के बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या उनकी रासायनिक प्रवृत्ति और आवर्त सारणी में उनकी स्थिति को निर्धारित करती है।
Question 4.
(a) लीथियम, सोडियम, पोटैशियम, ये सभी धातुएँ जल से अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस मुक्त करती हैं। क्या इन तत्वों के परमाणुओं में कोई समानता है?
(b) हीलियम एक अक्रियाशील गैस है, जबकि निऑन की अभिक्रियाशीलता अत्यंत कम है। क्या इनके परमाणुओं में कोई समानता है?
Answer:
(a) हाँ, इन तत्वों के परमाणुओं में समानता है। Li, Na, तथा K के बाहरी कोश में 1 इलेक्ट्रॉन हैं तथा इनके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास एक जैसे हैं। Li : 2, 1, ; Na : 2, 8, 1 तथा K: 2, 8, 8, 1। अतः ये सभी तत्व आसानी से 1 इलेक्ट्रॉन का परित्याग कर धनायन बना सकते हैं।
(b) हाँ, दोनों के बाहरी कोश पूर्णतः भरे हैं। He : 2, Ne : 2,8 हीलियम में केवल K सेल है, जिसमें अधिक से अधिक 2 इलेक्ट्रॉन रह सकते हैं, जबकि नियॉन के बाहरी कोश (L-कोश) में अधिक से अधिक 8 इलेक्ट्रॉन रह सकते हैं। अतः ये अक्रिय गैसें हैं।
In simple words: लीथियम, सोडियम और पोटैशियम सभी के बाहरी कोश में एक इलेक्ट्रॉन होता है, जिससे वे आसानी से धनायन बनाते हैं। हीलियम और निऑन दोनों अक्रिय गैसें हैं क्योंकि उनके बाहरी कोश पूर्ण होते हैं।
🎯 Exam Tip: संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या तत्वों की रासायनिक अभिक्रियाशीलता और उनके धनायन या ऋणायन बनाने की प्रवृत्ति को निर्धारित करती है।
Question 5. आधुनिक आवर्त सारणी में पहले दस तत्वों में कौन-सी धातुएँ हैं?
Answer: लीथियम Li, बेरिलियम (Be)।
In simple words: आधुनिक आवर्त सारणी के पहले दस तत्वों में लीथियम (Li) और बेरिलियम (Be) धातुएँ हैं।
🎯 Exam Tip: आवर्त सारणी में धातुओं और अधातुओं की पहचान करना आवर्त सारणी के गुणों को समझने के लिए मौलिक है।
Question 6. आवर्त सारणी में इनके स्थान के आधार पर इनमें से किस तत्व में सबसे अधिक धात्विक अभिलक्षण की विशेषता है? Ga, Ge, As, Se, Bel
Answer: हम जानते हैं कि धात्विक अभिलक्षण आवर्त में बाईं ओर से दाईं ओर बढ़ने पर घटता है। अर्थात् अधिकतम धात्विक गुण वाले तत्व सबसे बाईं ओर होंगे। चूँकि Be आवर्त सारणी में सबसे बाईं ओर समूह-2 में रखे गए हैं इसलिए बेरिलियम (Be) की धात्विक अभिलक्षण दिए गए तत्वों में सबसे अधिक होगी ।
In simple words: दिए गए तत्वों में बेरिलियम (Be) में सबसे अधिक धात्विक अभिलक्षण होगा क्योंकि यह आवर्त सारणी में सबसे बाईं ओर स्थित है और धात्विक गुण बाईं से दाईं ओर घटते हैं।
🎯 Exam Tip: धात्विक अभिलक्षण आवर्त में बाईं से दाईं ओर जाने पर घटता है, और समूह में ऊपर से नीचे जाने पर बढ़ता है।
पाठ्यपुस्तक से हल प्रश्न
NCERT TEXTBOOK QUESTIONS SOLVED
Question 1. आवर्त सारणी में बाईं से दाईं ओर जाने पर, प्रवृत्तियों के बारे में कौन सा कथन असत्य है?
(a) तत्वों की धात्विक प्रकृति घटती है।
(b) संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ जाती है।
(C) परमाणु आसानी से इलेक्ट्रॉन का त्याग करते हैं।
(d) इनके ऑक्साइड अधिक अम्लीय हो जाते हैं।
Answer: (C) परमाणु आसानी से इलेक्ट्रॉन का त्याग करते हैं।
In simple words: आवर्त सारणी में बाईं से दाईं ओर जाने पर तत्वों की इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति घटती है, न कि बढ़ती है, इसलिए यह कथन असत्य है।
🎯 Exam Tip: आवर्त सारणी में प्रवृत्तियों (धात्विक प्रकृति, संयोजकता, अम्लीयता) को ध्यान से समझें, क्योंकि ये अक्सर बहुविकल्पीय प्रश्नों में पूछे जाते हैं।
Question 2. तत्व X, \(XCl_2\), सूत्र वाला एक क्लोराइड बनाता है, जो एक ठोस है तथा जिसका गलनांक अधिक है। आवर्त सारणी में यह तत्व संभवतः किस समूह के अंतर्गत होगा?
(a) Na
(b) Mg
(C) AI
(d) Si
Answer: (b) Mg
In simple words: तत्व X, \(XCl_2\) सूत्र का क्लोराइड बनाता है, जिसका अर्थ है कि इसकी संयोजकता 2 है, जो समूह 2 के तत्व मैग्नीशियम (Mg) की विशेषता है।
🎯 Exam Tip: यौगिकों के सूत्र से तत्वों की संयोजकता और आवर्त सारणी में उनके समूह की पहचान करना एक महत्वपूर्ण कौशल है।
Question 3. किस तत्व में
(a) दो कोश हैं तथा दोनों इलेक्ट्रॉनों से पूरित हैं?
(b) इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 2 हैं?
(c) कुल तीन कोश हैं तथा संयोजकता कोश में चार इलेक्ट्रॉन हैं?
(d) कुल दो कोश हैं तथा संयोजकता कोश में तीन इलेक्ट्रॉन हैं?
(e) दूसरे कोश में पहले कोश से दोगुने इलेक्ट्रॉन हैं?
Answer:
(a) निऑन- Ne (2, 8)
(b) मैग्नीशियम-Mg (2, 8, 2)
(c) सिलिकॉन Si (2, 8, 4)
(d) बोरॉन-B (2, 3)
(e) कार्बनः C (2, 4)
In simple words: यह प्रश्न विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक विन्यासों और कोशों की संख्या के आधार पर तत्वों की पहचान करने से संबंधित है।
🎯 Exam Tip: तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास को समझना आवर्त सारणी में उनकी स्थिति और गुणों को जानने के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 4.
(a) आवर्त सारणी में बोरान के स्तंभ के सभी तत्वों के कौन-से गुणधर्म समान हैं?
(b) आवर्त सारणी में फ्लुओरीन के स्तंभ के सभी तत्वों के कौन-से गुणधर्म समान है?
Answer:
1. बोरान की तरह स्तंभ 13 के सभी तत्वों में संयोजकता इलेक्ट्रॉन की संख्या 3 है तथा संयोजकता भी 3 है।
2. F (2,7) .. स्तंभ संख्या = 7 + 10 = 17 फ्लोरीन (F) की तरह इस ग्रुप (स्तंभ) के सभी तत्वों की संयोजकता इलेक्ट्रॉन क़ी संख्या 7 है तथा संयोजकता 1 है।
In simple words: बोरान के समूह (13) के सभी तत्वों की संयोजकता 3 होती है, जबकि फ्लुओरीन के समूह (17) के सभी तत्वों के बाहरी कोश में 7 इलेक्ट्रॉन होते हैं और उनकी संयोजकता 1 होती है।
🎯 Exam Tip: एक ही समूह में तत्वों के रासायनिक गुणधर्म समान होते हैं क्योंकि उनकी संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है।
Question 5. एक परमाणु का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 7 है।
(a) इस तत्व की परमाणु-संख्या क्या है?
(b) निम्न में किस तत्व के साथ इसकी रासायनिक समानता होगी? (परमाणु-संख्या कोष्ठक में दी गई है)
N(7) F(9) P(15) Ar(18)
Answer:
(a) इस तत्व की परमाणु संख्या 17 है।
(b) N(7) = 2, 5, F (9) = 2, 7 P(15) = 2, 8, 5 Ar(18) = 2, 8, 8 F(9) में संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या 7 है जो दिए गए तत्व के समान है। अतः इस तत्व के रासायनिक गुण F के समान होंगे।
In simple words: इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 7 वाले तत्व की परमाणु संख्या 17 है, जो क्लोरीन है, और इसकी रासायनिक समानता फ्लुओरीन (F) से होगी क्योंकि दोनों के बाहरी कोश में 7 इलेक्ट्रॉन हैं।
🎯 Exam Tip: इलेक्ट्रॉनिक विन्यास से परमाणु संख्या और रासायनिक समानता निर्धारित करना आवर्त सारणी के अध्ययन का एक महत्वपूर्ण भाग है।
Question 6. आवर्त सारणी में तीन तत्व A, B तथा C की स्थिति निम्न प्रकार है-
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र आवर्त सारणी के दो आसन्न समूहों, समूह 16 और समूह 17, में तत्वों की स्थिति को दर्शाता है। समूह 17 में सबसे ऊपर तत्व A है, जिसके नीचे तत्व C स्थित है। समूह 16 में तत्व B, तत्व A के सामने की पंक्ति में मौजूद है।
अब बताइए कि
(a) A धातु है या अधातु।
(b) A की अपेक्षा C अधिक अभिक्रियाशील है या कम?
(c) C का साइज़ B से बड़ा होगा या छोटा? ।
(d) तत्व A किस प्रकार के आयन, धनायन या ऋणायन बनाएगा?
Answer:
(a) A अधातु है [क्योंकि समूह 17 आवर्त सारणी के दाईं ओर है]
(b) C, A से कम अभिक्रियाशील होगी, क्योंकि समूह में ऊपर से नीचे बढ़ने पर हैलोजन की अभिक्रियाशीलता घटती है।
(C) 'C' का साइज़ B से छोटा होगा, क्योंकि आवर्त में बाईं ओर से दाईं ओर बढ़ने पर परमाणु का साइज़ घटता है।
(d) A ऋणायन बनाएगा क्योंकि इसके बाहरी कोश में 7 इलेक्ट्रॉन है। अतः 1 इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर ऋण आवेश (आयन) (A) बनाएगा।
In simple words: तत्व A समूह 17 में होने के कारण अधातु है; C, A से कम अभिक्रियाशील है; C का आकार B से छोटा है; और A एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन बनाएगा।
🎯 Exam Tip: आवर्त सारणी में तत्वों की स्थिति से उनके धात्विक/अधात्विक गुण, अभिक्रियाशीलता और परमाणु आकार में प्रवृत्तियों को निर्धारित किया जा सकता है।
Question 7. नाइट्रोजन (परमाणु-संख्या 7) तथा फॉस्फोरस (परमाणु-संख्या 15) आवर्त सारणी के समूह 15. तत्व हैं। इन दोनों । तत्वों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए। इनमें से कौन-सा तत्व अधिक ऋण विद्युत होगा और क्यों?
Answer: नाइट्रोजन (7) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास-2, 5 फॉस्फोरस (15) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास-2, 8, 5 चूँकि नाइट्रोजन में दो कोश तथा फॉस्फोरस में 3 कोश हैं इसलिए नाइट्रोजन का परमाणु साइज कम होने के कारण नाभिक को आवेश इलेक्ट्रॉन को आसानी से ग्रहण कर ऋणायन बना लेता है। अतः नाइट्रोजन अधिक विद्युत ऋणात्मक होगा, क्योंकि किसी वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर विद्युत ऋणात्मक घटती है।
In simple words: नाइट्रोजन और फॉस्फोरस दोनों के बाहरी कोश में 5 इलेक्ट्रॉन हैं। नाइट्रोजन (2,5) फॉस्फोरस (2,8,5) से अधिक विद्युत ऋणात्मक है क्योंकि इसका आकार छोटा है, जिससे यह इलेक्ट्रॉनों को अधिक मजबूती से आकर्षित करता है।
🎯 Exam Tip: समूह में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु का आकार बढ़ने के कारण विद्युत ऋणात्मकता घटती है।
Question 8. तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास का आधुनिक आवर्त सारणी में तत्व की स्थिति से क्या संबंध है?
Answer: आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों को उसके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के आधार पर व्यवस्थित किया गया है। कोशों की संख्या = आवर्त संख्या बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या (संयोजकता इलेक्ट्रॉन) से समूह (ग्रुप) संख्या निर्धारित होती है। संयोजकता इलेक्ट्रॉन 1 वाले तत्वों को ग्रुप 1 में, संयोजकता इलेक्ट्रॉन 2 वाले तत्वों को ग्रुप 2 में तथा संयोजकता इलेक्ट्रॉन 3 वाले तत्वों को ग्रुप 13 में (3 या 3 से ज्यादा संयोजकता इलेक्ट्रॉन के लिए ग्रुप संख्या = संयोजकता इलेक्ट्रॉन + 10 = 3 + 10 =13)
In simple words: आधुनिक आवर्त सारणी में तत्व का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास उसकी स्थिति को सीधे निर्धारित करता है; कोशों की संख्या आवर्त संख्या के बराबर होती है, और संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या समूह संख्या निर्धारित करती है।
🎯 Exam Tip: इलेक्ट्रॉनिक विन्यास और आवर्त सारणी में तत्व की स्थिति के बीच का संबंध आवर्त सारणी की संरचना को समझने के लिए केंद्रीय है।
Question 9. आधुनिक आवर्त सारणी में कैल्शियम (परमाणु-संख्या 20) के चारों ओर 12, 19, 21 तथा 38 परमाणु-संख्या वाले तत्व स्थित हैं। इनमें से किन तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्म कैल्शियम के समान हैं।
Answer: कैल्शियम (Ca) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 8, 8, 2
दिए गए तत्वों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास-
परमाणु संख्या 12 (मैग्नीशियम, Mg): 2, 8, 2
परमाणु संख्या 19 (पोटैशियम, K): 2, 8, 8, 1
परमाणु संख्या 21 (स्कैंडियम, Sc): 2, 8, 9, 2
परमाणु संख्या 38 (स्ट्रॉन्शियम, Sr): 2, 8, 18, 8, 2
चूँकि दिए गए तत्वों में से परमाणु संख्या 12 और 38 वाले तत्वों के बाहरी कोश में विद्यमान इलेक्ट्रॉनों की संख्या कैल्शियम के बाहरी कोश में स्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या के समान हैं अर्थात् इन दोनों तत्वों की संयोजकता इलेक्ट्रॉन Ca के समान हैं। इसलिए ये दोनों तत्व Ca की तरह भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्म प्रदर्शित करेंगे ।
In simple words: परमाणु संख्या 12 (मैग्नीशियम) और 38 (स्ट्रॉन्शियम) वाले तत्व कैल्शियम (परमाणु संख्या 20) के समान रासायनिक गुणधर्म प्रदर्शित करेंगे क्योंकि उनके बाहरी कोश में समान संख्या में संयोजकता इलेक्ट्रॉन (2) होते हैं।
🎯 Exam Tip: आवर्त सारणी में समान समूह के तत्वों के बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है, जिससे उनके भौतिक और रासायनिक गुणधर्म समान होते हैं।
Question 10. आधुनिक आवर्त सारणी एवं मेंडेलीफ की आवर्त सारणी में तत्वों की व्यवस्था की तुलना कीजिए।
Answer:
(i) मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी तत्त्वों के परमाणु द्रव्यमान पर आधारित है एवं आधुनिक आवर्त सारणी परमाणु संख्या पर आधारित है।
(ii) मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी में अक्रिय गैसों का कोई स्थान नहीं था किन्तु आधुनिक आवर्त सारणी में अक्रिय गैसों को 18वें समूह में रखा गया है।
(iii) मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी में 8 समूह हैं जबकि आधुनिक आवर्त सारणी में 18 समूह हैं।
(iv) आधुनिक आवर्त सारणी में मेन्डेलीफ की आवर्त सारणी के सारे दोषों को हटा दिया गया है।
In simple words: मेंडेलीफ की आवर्त सारणी परमाणु द्रव्यमान पर आधारित थी और उसमें अक्रिय गैसों या समस्थानिकों के लिए कोई स्थान नहीं था, जबकि आधुनिक आवर्त सारणी परमाणु संख्या पर आधारित है, जिसमें अक्रिय गैसों के लिए 18वां समूह है और मेंडेलीफ के सभी दोषों को दूर किया गया है।
🎯 Exam Tip: मेंडेलीफ और आधुनिक आवर्त सारणी के बीच के मूलभूत अंतरों को समझना आवर्त वर्गीकरण के विकास को दर्शाता है।
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