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Detailed Chapter 8 भारत में राजनीतिक विकास RBSE Solutions for Class 9 Social Science
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Class 9 Social Science Chapter 8 भारत में राजनीतिक विकास RBSE Solutions PDF
Chapter 8 भारत में राजनीतिक विकास
पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. अर्थशास्त्र पुस्तक के लेखक कौन हैं ?
(अ) मनु
(ब) शुक्र
(स) कौटिल्य
(द) बृहस्पति
Answer: (स) कौटिल्य
In simple words: कौटिल्य ने अर्थशास्त्र नाम की एक बहुत पुरानी और महत्वपूर्ण किताब लिखी थी। यह किताब हमें उस समय के राजकाज और नियमों के बारे में बताती है।
🎯 Exam Tip: चाणक्य को ही कौटिल्य और विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है, यह ध्यान रखें.
Question 2. स्वतंत्रता के समय भारत में कुल कितनी रियासतें थीं ?
(अ) 562
(ब) 300
(स) 365
(द) 430
Answer: (अ) 562
In simple words: जब भारत आज़ाद हुआ था, तब यहाँ 562 छोटी-छोटी रियासतें थीं। ये सभी रियासतें मिलकर भारत देश का हिस्सा बनीं।
🎯 Exam Tip: भारत में छोटी-छोटी रियासतों को एक साथ लाना एक बहुत बड़ा काम था, जिसे सरदार पटेल ने पूरा किया.
Question 3. स्वतंत्रता के समय राजस्थान में कुल कितनी रियासतें थीं ?
(अ) 29
(ब) 19
(स) 11
(द) 15.
Answer: (ब) 19
In simple words: जब भारत आज़ाद हुआ, तब राजस्थान में कुल 19 छोटी-छोटी रियासतें थीं। इन सभी रियासतों को एक करके आज का राजस्थान राज्य बनाया गया।
🎯 Exam Tip: राजस्थान में रियासतों का एकीकरण कई चरणों में हुआ था, जिसमें काफी समय लगा.
Question 5. गोवा का भारत में विलय किस वर्ष हुआ ?
(अ) 1955
(ब) 1960
(स) 1961
(द) 1965.
Answer: (स) 1961
In simple words: गोवा, जो पहले पुर्तगाल के कंट्रोल में था, साल 1961 में भारत का हिस्सा बन गया। यह एक बड़ी जीत थी क्योंकि यह आखिरी इलाका था जो विदेशियों के कंट्रोल में था।
🎯 Exam Tip: गोवा का विलय "ऑपरेशन विजय" नाम के सैन्य अभियान से हुआ था.
अति लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. मनुस्मृति के लेखक कौन थे।
Answer: मनुस्मृति के लेखक मनु थे। यह ग्रंथ प्राचीन भारत के सामाजिक और धार्मिक कानूनों का मुख्य स्रोत है।
In simple words: मनु ने मनुस्मृति नाम की किताब लिखी थी।
🎯 Exam Tip: मनुस्मृति को हिन्दू धर्म में सबसे पुराने धर्मशास्त्रों में से एक माना जाता है.
Question 2. स्वतंत्रता के समय कश्मीर के राजा कौन थे?
Answer: स्वतंत्रता के समय कश्मीर के राजा हरीसिंह थे। उन्होंने भारत में विलय के महत्वपूर्ण दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए थे।
In simple words: जब भारत आज़ाद हुआ, उस समय कश्मीर के राजा हरीसिंह थे।
🎯 Exam Tip: राजा हरीसिंह का फैसला जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय के लिए बहुत ज़रूरी था.
Question 3. हैदराबाद का भारत में विलय कब हुआ ?
Answer: हैदराबाद का भारत में विलय 17 सितम्बर 1948 को हुआ था। यह एक सैन्य कार्रवाई "ऑपरेशन पोलो" के ज़रिए हुआ।
In simple words: हैदराबाद 17 सितम्बर 1948 को भारत में शामिल हुआ।
🎯 Exam Tip: हैदराबाद के विलय में सरदार वल्लभ भाई पटेल की अहम भूमिका थी.
Question 4. राज्य पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष कौन थे ?
Answer: राज्य पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष जस्टिस फजल अली थे। इस आयोग ने नए राज्यों के गठन के लिए सुझाव दिए थे।
In simple words: जस्टिस फजल अली राज्य पुनर्गठन आयोग के मुखिया थे।
🎯 Exam Tip: इस आयोग ने भारत में राज्यों को भाषा के आधार पर बनाने में मदद की थी.
Question 6. पाण्डिचेरी पर किसका आधिपत्य था ?
Answer: पाण्डिचेरी पर फ्रांस का आधिपत्य था। यह भारत में फ्रांसीसी शासन का अंतिम क्षेत्र था।
In simple words: पाण्डिचेरी पर पहले फ्रांस का राज था।
🎯 Exam Tip: पाण्डिचेरी का विलय शांतिपूर्ण ढंग से हुआ था, जो भारत की कूटनीति की सफलता थी.
लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. जूनागढ़ रियासत के भारत में विलय का वर्णन कीजिए।
Answer: जूनागढ़ गुजरात के सौराष्ट्र में एक छोटी रियासत थी, जो 15 अगस्त, 1947 तक भारत में शामिल नहीं हुई। यहाँ के नवाब मोहब्बत खान ने इसे पाकिस्तान में मिलाने की घोषणा की, जिसे पाकिस्तान ने 13 सितम्बर, 1947 को मान लिया। लेकिन जूनागढ़ की ज़्यादातर हिन्दू जनता भारत में मिलना चाहती थी और उन्होंने आंदोलन शुरू कर दिया। इस आंदोलन के कारण नवाब पाकिस्तान भाग गए। भारत सरकार ने फरवरी 1948 में जूनागढ़ में लोगों से वोट डलवाए, जिसमें ज़्यादातर लोगों ने भारत में रहने का फैसला किया। इस तरह जूनागढ़ भारतीय संघ का एक अहम हिस्सा बन गया। यह लोगों की इच्छा का एक बड़ा उदाहरण था।
In simple words: जूनागढ़ के नवाब ने इसे पाकिस्तान में मिलाने की कोशिश की, लेकिन ज़्यादातर लोग भारत में रहना चाहते थे। जब लोगों ने आंदोलन किया और वोट डाला, तो जूनागढ़ भारत में मिल गया।
🎯 Exam Tip: जूनागढ़ के विलय में जनमत संग्रह का बहुत बड़ा महत्व था, जिससे लोगों की इच्छा का सम्मान हुआ.
Question 2. राष्ट्रीय एकीकरण में सरदार पटेल के योगदान पर टिप्पणी लिखिए।
Answer: सन् 1946 में जब भारत की अंतरिम सरकार बनी, तो सरदार वल्लभ भाई पटेल को देशी राज्य विभाग का मुखिया बनाया गया। उन्होंने 15 अगस्त, 1947 से पहले सभी रियासतों से भारत में शामिल होने की अपील की। सरदार पटेल ने रियासतों और वहाँ की जनता को भविष्य में सुरक्षा और खुशहाली का भरोसा दिया, जिससे विलय की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ी। उनके प्रयासों से 15 अगस्त, 1947 तक जूनागढ़, हैदराबाद और कश्मीर को छोड़कर सभी रियासतें भारत में मिल गईं। कश्मीर पर पाकिस्तान के हमले के बाद, भारतीय सेना ने कबायलियों को भगाया और कश्मीर का विलय भी भारत में हो गया। हैदराबाद और जूनागढ़ रियासतों को भी बल प्रयोग और जनसहयोग से भारत में मिलाया गया। सरदार पटेल के मज़बूत इरादों और सही कदमों के कारण ही सभी देशी रियासतें भारत का हिस्सा बन पाईं, इसीलिए उन्हें 'लौह पुरुष' भी कहा जाता है।
In simple words: सरदार पटेल ने भारत की सभी छोटी-छोटी रियासतों को भारत में मिलाया। उन्होंने अपनी समझदारी और हिम्मत से यह मुश्किल काम पूरा किया, इसलिए उन्हें 'लौह पुरुष' कहा जाता है।
🎯 Exam Tip: सरदार पटेल की सबसे बड़ी देन भारत को एक करना थी, जिससे देश मजबूत बना.
Question 3. स्वतंत्रता उपरान्त गठित भारत के पाँच राज्यों के नाम बताइए।
Answer: स्वतंत्रता के बाद भारत में कई नए राज्य बनाए गए। यहाँ पाँच प्रमुख राज्यों के नाम दिए गए हैं:
2. महाराष्ट्र – बम्बई राज्य को बाँटकर 1960 में महाराष्ट्र बनाया गया था।
3. गुजरात – 1960 में बम्बई राज्य को बाँटकर गुजरात राज्य बनाया गया था।
4. नागालैंड – 1963 में नागा लोगों के लिए नागालैंड राज्य बनाया गया था।
5. हरियाणा – 1966 में पंजाब राज्य को फिर से बाँटकर हरियाणा राज्य बनाया गया था। भाषा के आधार पर राज्यों का निर्माण भारत की एकता के लिए बहुत ज़रूरी था।
In simple words: आज़ादी के बाद, भारत में कुछ नए राज्य बने, जैसे महाराष्ट्र, गुजरात, नागालैंड और हरियाणा।
🎯 Exam Tip: भारत में कई राज्यों का गठन भाषा के आधार पर हुआ था, जिससे लोगों को अपनी पहचान बनाए रखने में मदद मिली.
Question 4. राज्य पुनर्गठन आयोग पर टिप्पणी लिखिए।
Answer: भारत की आज़ादी के बाद, देश के कई हिस्सों में लोग नए राज्य बनाने की माँग कर रहे थे। इसे देखते हुए, भारत सरकार ने 1953 में जस्टिस फजल अली की अध्यक्षता में एक राज्य पुनर्गठन आयोग बनाया। इस आयोग में के. एम. पण्णिकर और एच. एन. कुंजरू भी सदस्य थे। इस आयोग ने 1955 में पूरे देश में राज्यों की माँगों का अध्ययन किया और अपनी रिपोर्ट दी। आयोग की सिफारिशों के आधार पर, 1956 में भारतीय संसद ने देश में 14 राज्य और 6 केन्द्र-शासित प्रदेश बनाए। इस आयोग का काम भारत के अंदर राज्यों की सीमाओं को ठीक करना था।
In simple words: भारत में नए राज्य बनाने की माँग के बाद, सरकार ने फजल अली की अगुवाई में एक आयोग बनाया। इस आयोग की सलाह पर, भारत में 1956 में 14 राज्य और 6 केन्द्र-शासित प्रदेश बनाए गए।
🎯 Exam Tip: राज्य पुनर्गठन आयोग ने भारत के भाषाई राज्यों के पुनर्गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. राजस्थान के एकीकरण के विभिन्न चरणों को वर्णन कीजिए।
Answer: राजस्थान के एकीकरण के विभिन्न चरण निम्नलिखित 7 चरणों में पूरे हुए, इसमें लगभग 8 वर्ष 7 माह का समय लगा:
1. मत्स्य संघ - राजस्थान के एकीकरण का पहला चरण 18 मार्च, 1948 को शुरू हुआ। इसमें अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली रियासतें और नीमराणा ठिकाना शामिल थे, जिन्हें मिलाकर मत्स्य संघ बनाया गया। केंद्रीय मंत्री एन. वी. गाडगिल ने इसका उद्घाटन किया, और अलवर को इसकी राजधानी बनाया गया। धौलपुर के शासक उदयभान सिंह को राजप्रमुख और शोभाराम को प्रधानमंत्री बनाया गया।
2. पूर्वी राजस्थान – दूसरे चरण में 25 मार्च, 1948 को 9 रियासतें, जैसे बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, कोटा, बूंदी, झालावाड़, किशनगढ़, शाहपुरा और टोंक, मिलकर पूर्वी राजस्थान बना। इसका उद्घाटन भी एन. वी. गाडगिल ने किया। कोटा के शासक भीमसिंह राजप्रमुख और गोकुल लाल असावा प्रधानमंत्री बने, और कोटा इसकी राजधानी थी।
3. संयुक्त राजस्थान – मेवाड़ के महाराणा भूपाल सिंह पहले से ही पूर्वी राजस्थान में शामिल होने को तैयार थे। 11 अप्रैल 1948 को मेवाड़ ने विलय पत्र पर दस्तखत कर दिए। मेवाड़ को पूर्वी राजस्थान में मिलाकर संयुक्त राजस्थान बनाया गया। इसका उद्घाटन 18 अप्रैल, 1948 को पंडित जवाहर लाल नेहरू ने किया। मेवाड़ के महाराणा भूपालसिंह राजप्रमुख और माणिक्य लाल वर्मा प्रधानमंत्री बने। उदयपुर को इसकी राजधानी बनाया गया।
5. संयुक्त वृहत राजस्थान – भारत सरकार ने शंकरराव देव समिति की सलाह पर मत्स्य संघ को 15 मई, 1949 को वृहत राजस्थान में मिला दिया, जिससे संयुक्त वृहत राजस्थान बना। वहाँ के प्रधानमंत्री शोभाराम को हीरालाल शास्त्री की कैबिनेट में शामिल कर लिया गया। यह राजस्थान के एकीकरण में एक बड़ा कदम था।
6. राजस्थान संघ – राजस्थान एकीकरण के इस चरण में संयुक्त वृहत राजस्थान में सिरोही का विलय हुआ। 26 जनवरी, 1950 को सिरोही की दो तहसीलें-आबू और देलवाड़ा बम्बई राज्य में और बाकी सिरोही को राजस्थान में मिलाया गया। सिरोही की जनता चाहती थी कि दोनों तहसीलें भी राजस्थान में रहें। इस मामले को राज्य पुनर्गठन आयोग को सौंपा गया।
7. वर्तमान राजस्थान का निर्माण – राजस्थान के एकीकरण के अंतिम चरण में राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों के अनुसार, सिरोही की आबू व देलवाड़ा तहसीलें, मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले की मानपुरा तहसील का सुनेल टप्पा, और ब्रिटिशकाल के केन्द्र शासित प्रदेश अजमेर मेरवाड़ा क्षेत्र को 1 नवम्बर, 1956 को राजस्थान में मिला दिया गया। झालावाड़ जिले के सिरोंज क्षेत्र को मध्य प्रदेश में भेजा गया। इस प्रकार 7 अलग-अलग चरणों से होते हुए राजस्थान का निर्माण 1 नवम्बर, 1956 को पूरा हुआ और आज का राजस्थान अपने वर्तमान रूप में सामने आया। इस लंबी प्रक्रिया में कई नेताओं का योगदान था।
In simple words: राजस्थान को एक करने में 7 बड़े कदम लगे, जिसमें कई छोटे-छोटे राज्यों को मिलाकर एक बड़ा राजस्थान बनाया गया। यह काम 8 साल 7 महीने में पूरा हुआ, और 1 नवंबर, 1956 को आज का राजस्थान बन गया।
🎯 Exam Tip: राजस्थान के एकीकरण के सभी चरणों को क्रम से याद रखें और हर चरण में शामिल रियासतों को जानें, यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है.
Question 2. ऑपरेशन पोलो' का वर्णन कीजिए।
Answer: हैदराबाद को भारत में शामिल करने के लिए भारतीय सेना ने 13 सितम्बर, 1948 को हैदराबाद में प्रवेश किया। इस सैन्य कार्रवाई को 'ऑपरेशन पोलो' कहा गया। हैदराबाद, जम्मू और कश्मीर के बाद भारत की दूसरी सबसे बड़ी रियासत थी, जो 15 अगस्त, 1947 तक भारत में शामिल नहीं हुई थी। यह दक्कन के पठार में थी और चारों ओर से भारत से घिरी हुई थी। उस समय यहाँ का शासक निजाम मीर उस्मान अली था। हैदराबाद में 85 प्रतिशत से ज़्यादा लोग हिन्दू थे, लेकिन सेना और प्रशासन में मुसलमानों की संख्या ज़्यादा थी। निजाम एक आज़ाद देश का सपना देख रहा था और पाकिस्तान से गुपचुप बात कर रहा था। उसने पाकिस्तान से हथियार मँगवाकर मनमानी शुरू कर दी। इसी बीच, 'रजाकार' नाम का एक मुस्लिम संगठन बना, जिसने हिन्दुओं पर बहुत अत्याचार किए। रजाकारों ने विलय के मुद्दे को हिन्दू-मुस्लिम समस्या बना दिया। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से हैदराबाद पर हमला करने की इजाज़त माँगी। इजाज़त मिलने पर 13 सितम्बर, 1948 को भारतीय सेना ने हैदराबाद पर हमला कर दिया। निजाम के सैनिक एक दिन में ही भाग गए और रजाकारों ने चार दिन में आत्मसमर्पण कर दिया। 17 सितम्बर, 1948 को निजाम मीर उस्मान अली ने आत्मसमर्पण कर दिया, और हैदराबाद भारत का हिस्सा बन गया।
In simple words: 'ऑपरेशन पोलो' भारतीय सेना की एक कार्रवाई थी, जिसमें 1948 में हैदराबाद को भारत में मिलाया गया। हैदराबाद का निजाम भारत में शामिल नहीं होना चाहता था, और उसकी सेना लोगों पर अत्याचार कर रही थी।
🎯 Exam Tip: 'ऑपरेशन पोलो' हैदराबाद के भारत में विलय के लिए किया गया एक महत्वपूर्ण सैन्य अभियान था, जिसमें सरदार पटेल की रणनीति अहम थी.
Question 4. गोवा का भारत में विलय किन स्थितियों में हुआ, समझाइए। अथवा ऑपरेशन विजय का वर्णन कीजिए।
Answer: गोवा पर पुर्तगाल का कंट्रोल था और पुर्तगाल सरकार इसे अपनी शान समझती थी। गोवा के अलावा, दमन, दीव, दादरा और नगर हवेली पर भी पुर्तगालियों का राज था। भारतीय लोग मानते थे कि पुर्तगालियों का राज भारत के सम्मान पर चोट है। भारत सरकार ने गोवा को शांति से आज़ाद कराने की बहुत कोशिशें कीं, पर सब नाकाम रहीं। फिर गोवा को भारत में मिलाने के लिए आंदोलन शुरू हुए। 18 जून, 1954 को सत्याग्रह किया गया, जिसमें लोगों को पकड़ा गया और राष्ट्रीय झंडा फहराया गया। पुर्तगाली सरकार ने आंदोलन को कुचलने के लिए बहुत सख्ती दिखाई। गोवा पीपुल्स पार्टी और 'स्वतंत्र गोवा' के कार्यकर्ताओं ने 22 जुलाई, 1954 को दादरा व नगर हवेली पर कब्जा कर लिया। 15 अगस्त, 1955 को हज़ारों स्वतंत्रता सेनानियों ने गोवा, दमन और दीव में प्रवेश किया, जिसमें 200 लोग मारे गए। इन घटनाओं से भारतीय जनता बहुत नाराज़ हुई। जनरल जे. एन. चौधरी की अगुवाई में 17 व 18 दिसम्बर, 1961 की रात को 'ऑपरेशन विजय' शुरू किया गया। 19 दिसम्बर, 1961 को दोपहर 2 बजकर 25 मिनट पर पुर्तगाली गवर्नर ने भारतीय सेना के सामने बिना शर्त आत्मसमर्पण कर दिया। 'ऑपरेशन विजय' सफल रहा और भारतीय सेना ने गोवा, दमन और दीव में राष्ट्रीय झंडा फहरा दिया। इस तरह 1961 के आखिर में गोवा भारत का हिस्सा बन गया। यह संघर्ष लोगों के अधिकारों के लिए लड़ा गया था।
In simple words: गोवा पुर्तगाल के अधीन था। भारत ने बातचीत से इसे आज़ाद कराने की कोशिश की, पर सफलता नहीं मिली। फिर 'ऑपरेशन विजय' नाम के सैन्य अभियान से 1961 में गोवा को भारत में मिला लिया गया।
🎯 Exam Tip: 'ऑपरेशन विजय' भारत के इतिहास में गोवा को आज़ाद कराने का सैन्य अभियान था, जो देश की संप्रभुता के लिए महत्वपूर्ण था.
अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. शुक्र नीति सार पुस्तक के लेखक कौन हैं ?
(अ) मनु
(ब) कौटिल्य
(स) शुक्र
(द) वृहस्पति
Answer: (स) शुक्र
In simple words: शुक्र नीति सार नाम की किताब को शुक्र ने लिखा था। यह किताब राजनीति और शासन के बारे में महत्वपूर्ण बातें बताती है।
🎯 Exam Tip: 'शुक्र नीति सार' भी एक प्राचीन भारतीय ग्रंथ है जो शासन कला और नैतिकता पर प्रकाश डालता है.
Question 2. निम्न में से किस वर्ष जम्मू-कश्मीर राज्य की संविधान सभा के चुनाव हुए ?
(अ) 1947 ई.
(ब) 1948 ई.
(स) 1951 ई.
(द) 1956 ई.
Answer: (स) 1951 ई.
In simple words: जम्मू-कश्मीर में साल 1951 में एक संविधान सभा के लिए चुनाव हुए थे। इस सभा ने राज्य के लिए कानून बनाए थे।
🎯 Exam Tip: जम्मू-कश्मीर की संविधान सभा ने राज्य के भारत में अंतिम विलय की पुष्टि की थी.
Question 3. सरदार पटेल का यह कथन किस रियासत से सम्बन्धित था"यदि अपने पेट का यह फोड़ा निकालकर हम फेंक नहीं देंगे तो स्वयं अपनी कब्र खोदने का काम करेंगे
(अ) हैदराबाद
(ब) जम्मू-कश्मीर
(स) जूनागढ़
(द) राजपूताना।
Answer: (अ) हैदराबाद
In simple words: यह बात सरदार पटेल ने हैदराबाद रियासत के लिए कही थी। इसका मतलब था कि अगर हैदराबाद की समस्या को जल्दी हल नहीं किया गया, तो यह भारत के लिए खतरा बन जाएगा।
🎯 Exam Tip: यह कथन हैदराबाद की जटिल स्थिति और उसके विलय की तत्काल आवश्यकता को दर्शाता है.
Question 5. राजस्थान का एकीकरण कितने चरणों में पूर्ण हुआ ?
(अ) 15
(ब) 8
(स) 10
(द) 7
Answer: (द) 7
In simple words: राजस्थान को एक पूरा राज्य बनाने के लिए 7 अलग-अलग कदम या चरण पूरे करने पड़े थे।
🎯 Exam Tip: राजस्थान के एकीकरण के चरणों को क्रम से याद रखना महत्वपूर्ण है.
Question 6. मत्स्य संघ की राजधानी थी
(अ) अलवर
(ब) भरतपुर
(स) जयपुर
(द) उदयपुर।
Answer: (अ) अलवर
In simple words: राजस्थान के एकीकरण के पहले हिस्से, मत्स्य संघ की राजधानी अलवर शहर था।
🎯 Exam Tip: मत्स्य संघ राजस्थान एकीकरण का पहला चरण था और इसमें अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली रियासतें शामिल थीं.
Question 7. राजस्थान के प्रथम राज्यपाल थे
(अ) वसंत राव पाटिल
(ब) धनिक लाल मंडल
(स) बलिराम भगत
(द) गुरुमुख निहाल सिंह।
Answer: (द) गुरुमुख निहाल सिंह।
In simple words: राजस्थान राज्य के सबसे पहले राज्यपाल गुरुमुख निहाल सिंह थे।
🎯 Exam Tip: राज्य के पहले राज्यपाल का नाम याद रखना सामान्य ज्ञान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.
अति लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. स्वतंत्रता के समय किन रियासतों का भारत में विलय नहीं हुआ था ?
Answer: स्वतंत्रता के समय तीन प्रमुख रियासतें थीं जिनका भारत में तुरंत विलय नहीं हुआ था:
1. कश्मीर
2. हैदराबाद
3. जूनागढ़
इन रियासतों के विलय के लिए बाद में विशेष प्रयास किए गए थे।
In simple words: आज़ादी के समय कश्मीर, हैदराबाद और जूनागढ़ रियासतें भारत में शामिल नहीं हुई थीं।
🎯 Exam Tip: इन तीनों रियासतों के विलय की अपनी-अपनी चुनौतियाँ और तरीके थे, जो परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं.
Question 2. स्वतंत्र भारत के प्रथम गृहमन्त्री कौन थे ?
Answer: स्वतंत्र भारत के प्रथम गृहमन्त्री सरदार वल्लभभाई पटेल थे। उन्होंने रियासतों के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
In simple words: आज़ाद भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल थे।
🎯 Exam Tip: सरदार पटेल को भारत के एकीकरण का श्रेय दिया जाता है, जो उनके गृह मंत्री रहते हुए एक बड़ी उपलब्धि थी.
Question 3. जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय कब हुआ था ?
Answer: जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय 26 अक्टूबर, 1947 को हुआ था। राजा हरीसिंह ने विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए थे।
In simple words: जम्मू-कश्मीर 26 अक्टूबर, 1947 को भारत में शामिल हुआ।
🎯 Exam Tip: यह विलय पाकिस्तानी कबायलियों के हमले के बाद हुआ था, जिससे भारतीय सेना को हस्तक्षेप करने का मौका मिला.
Question 4. ऑपरेशन पोलो का सम्बन्ध किस रियासत से था ?
Answer: ऑपरेशन पोलो का सम्बन्ध हैदराबाद रियासत से था। यह सैन्य कार्रवाई हैदराबाद को भारत में मिलाने के लिए की गई थी।
In simple words: 'ऑपरेशन पोलो' हैदराबाद को भारत में शामिल करने के लिए था।
🎯 Exam Tip: 'ऑपरेशन पोलो' भारतीय सेना द्वारा किया गया था, क्योंकि हैदराबाद का निजाम भारत में विलय नहीं करना चाहता था.
Question 5. जूनागढ़ का भारत में विलय कब हुआ ?
Answer: जूनागढ़ का भारत में विलय 1948 ई. में हुआ था। यह जनमत संग्रह के माध्यम से हुआ।
In simple words: जूनागढ़ 1948 में भारत का हिस्सा बना।
🎯 Exam Tip: जूनागढ़ के मामले में लोगों की राय (जनमत संग्रह) ने विलय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
Question 7. गोवा पर किसका आधिपत्य था ?
Answer: गोवा पर पुर्तगाल का आधिपत्य था। यह भारत में विदेशी शासन के अंतिम गढ़ों में से एक था।
In simple words: गोवा पर पुर्तगाली लोगों का राज था।
🎯 Exam Tip: गोवा का विलय 'ऑपरेशन विजय' के तहत हुआ था, जो सैन्य कार्रवाई थी.
Question 8. गोवा का भारत में विलय कब हुआ ?
Answer: गोवा का भारत में विलय 1961 ई. में हुआ था। इसे 'ऑपरेशन विजय' के माध्यम से भारतीय संघ में शामिल किया गया।
In simple words: गोवा 1961 में भारत में मिल गया।
🎯 Exam Tip: गोवा के विलय से भारत में पुर्तगाली उपनिवेशवाद का अंत हुआ.
Question 9. राजस्थान के एकीकरण के प्रथम चरण में किस संघ का निर्माण हुआ?
Answer: राजस्थान के एकीकरण के प्रथम चरण में मत्स्य संघ का निर्माण हुआ। इसमें अलवर, भरतपुर, धौलपुर और करौली रियासतें शामिल थीं।
In simple words: राजस्थान के पहले चरण में मत्स्य संघ बनाया गया था।
🎯 Exam Tip: मत्स्य संघ के नामकरण का सुझाव के. एम. मुंशी ने दिया था.
Question 10. राजस्थान दिवस कब मनाया जाता है ?
Answer: राजस्थान दिवस प्रतिवर्ष 30 मार्च को मनाया जाता है। यह दिन राजस्थान के पूर्ण गठन का प्रतीक है।
In simple words: हर साल 30 मार्च को राजस्थान दिवस मनाया जाता है।
🎯 Exam Tip: 30 मार्च 1949 को वृहत राजस्थान संघ का गठन हुआ था, इसलिए यह दिन चुना गया.
Question 11. वृहत राजस्थान का प्रधानमंत्री किसे बनाया गया था ?
Answer: वृहत राजस्थान का प्रधानमंत्री पं. हीरालाल शास्त्री को बनाया गया था। उन्होंने इस नए राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था संभाली।
In simple words: हीरालाल शास्त्री वृहत राजस्थान के प्रधानमंत्री थे।
🎯 Exam Tip: हीरालाल शास्त्री राजस्थान के पहले मुख्यमंत्री भी बने, यह एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्य है.
Question 12. राजस्थान को एकीकरण कब पूर्ण हुआ ?
अथवा
राजस्थान को अपना वर्तमान स्वरूप कब प्राप्त हुआ?
Answer: राजस्थान को अपना वर्तमान स्वरूप 1 नवम्बर, 1956 को प्राप्त हुआ। इस दिन राज्य पुनर्गठन अधिनियम लागू हुआ और राजस्थान का एकीकरण पूरा हुआ।
In simple words: राजस्थान 1 नवम्बर, 1956 को अपने आज के रूप में आया, जब उसका एकीकरण पूरा हो गया।
🎯 Exam Tip: 1 नवंबर, 1956 को राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिशों के आधार पर भारत के राज्यों का पुनर्गठन हुआ था.
Question 13. वर्तमान में भारत में कितने राज्य एवं केन्द्र-शासित प्रदेश हैं ?
Answer: वर्तमान में भारत में भाषायी आधार पर 28 राज्य एवं 8 केन्द्र-शासित प्रदेश हैं। इन राज्यों और केन्द्र-शासित प्रदेशों की अपनी-अपनी पहचान और प्रशासनिक व्यवस्था है।
In simple words: अभी भारत में 28 राज्य और 8 केन्द्र-शासित प्रदेश हैं।
🎯 Exam Tip: भारत में राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों की संख्या समय-समय पर बदल सकती है, इसलिए हमेशा नवीनतम जानकारी रखें.
लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. भारत स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 में ब्रिटिश सरकार ने क्या घोषणा की थी ?
अथवा
देशी रियासतों का भारत में विलय का कार्य अत्यन्त दुष्कर व चुनौती भरा क्यों था?
Answer: भारत स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 में ब्रिटिश सरकार ने यह घोषणा की थी कि भारत की आज़ादी के साथ ही सभी देशी रियासतों से ब्रिटिश कंट्रोल खत्म हो जाएगा। इसका मतलब था कि इन रियासतों के शासक भारत या नए बने पाकिस्तान में से किसी में भी शामिल होने के लिए आज़ाद थे। अगर वे चाहें तो स्वतंत्र भी रह सकते थे। इस घोषणा ने रियासतों के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी। इसलिए, इन देशी रियासतों को भारत में मिलाकर देश को एक करना बहुत मुश्किल और चुनौती भरा काम था। सरदार पटेल ने इस मुश्किल काम को बखूबी निभाया।
In simple words: 1947 के आज़ादी के कानून ने कहा कि रियासतें भारत या पाकिस्तान में मिल सकती हैं, या आज़ाद रह सकती हैं। इसी वजह से उन्हें भारत में मिलाना बहुत मुश्किल काम था।
🎯 Exam Tip: ब्रिटिश सरकार की इस घोषणा ने भारत के विभाजन के साथ-साथ रियासतों की स्थिति को भी जटिल बना दिया था.
Question 2. पाकिस्तान द्वारा 1947 में हड़पा गया कश्मीर का एक तिहाई भाग आज भी पाकिस्तान के आधिपत्य में क्यों है ?
Answer: पाकिस्तान ने 1947 में कबायलियों के ज़रिए कश्मीर का एक तिहाई हिस्सा हड़प लिया था, और आज भी वह उनके कंट्रोल में है। जब भारतीय सेना कबायलियों को कश्मीर से खदेड़ रही थी, तब लॉर्ड माउंटबेटन के कहने पर पं. जवाहर लाल नेहरू ने इस मामले को संयुक्त राष्ट्र संघ में उठा दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि भारतीय सेना कश्मीर को पूरी तरह से कबायलियों से आज़ाद नहीं करा पाई। इससे पहले ही युद्ध रुक गया, और कबायलियों द्वारा कब्ज़ा किया गया कश्मीर का हिस्सा आज भी पाकिस्तान के कंट्रोल में है, जिसे 'पाक अधिकृत कश्मीर' (POK) कहा जाता है। यह मुद्दा आज भी दोनों देशों के बीच तनाव का कारण है।
In simple words: 1947 में पाकिस्तान ने कबायलियों के ज़रिए कश्मीर का कुछ हिस्सा ले लिया था। जब भारतीय सेना उन्हें भगा रही थी, तब यह मामला संयुक्त राष्ट्र में चला गया और युद्ध रुक गया, इसलिए वह हिस्सा आज भी पाकिस्तान के पास है।
🎯 Exam Tip: कश्मीर मुद्दे में संयुक्त राष्ट्र का हस्तक्षेप और युद्ध विराम रेखा (LOC) की भूमिका को समझना महत्वपूर्ण है.
Question 3. पाण्डिचेरी के भारत में विलय का वर्णन कीजिए।
Answer: पाण्डिचेरी को अब पुदुचेरी के नाम से जाना जाता है। 15 अगस्त, 1947 के बाद भी पाण्डिचेरी पर फ्रांस का कंट्रोल बना रहा। इस इलाके के लोगों ने देश की आज़ादी के बाद भारत में शामिल होने की माँग शुरू कर दी और आंदोलन किए। 1954 में पाण्डिचेरी में बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू हो गए। उस समय मद्रास (जो अब चेन्नई है) में फ्रांसीसी दूतावास के सामने रोज़ प्रदर्शन होते थे। इसके बाद नवम्बर 1954 में फ्रांस ने पाण्डिचेरी को भारत को सौंप दिया। 1955 के गणतंत्र दिवस पर पहली बार राजपथ पर पाण्डिचेरी की झाँकी भी दिखाई गई थी। इस प्रकार पाण्डिचेरी भारत में शांति से मिल गया। यह विलय भारत की कूटनीति की एक बड़ी जीत थी।
In simple words: आज़ादी के बाद भी पाण्डिचेरी फ्रांस के कंट्रोल में था। लोगों के आंदोलन और बातचीत के बाद, फ्रांस ने 1954 में इसे भारत को सौंप दिया, और इस तरह पाण्डिचेरी शांति से भारत का हिस्सा बन गया।
🎯 Exam Tip: पाण्डिचेरी का विलय गोवा के विलय से अलग था क्योंकि यह शांतिपूर्ण तरीके से हुआ था, जिसमें सैन्य हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं पड़ी.
निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. देशी रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल की भूमिका का वर्णन कीजिए।
Answer: भारत की आज़ादी के समय देशी रियासतों को भारत में मिलाना एक बहुत मुश्किल काम था, जिसे सरदार वल्लभभाई पटेल ने सफलतापूर्वक पूरा किया। उनकी भूमिका को हम कुछ मुख्य बिंदुओं से समझ सकते हैं:
1. जूनागढ़ का विलय - गुजरात के काठियावाड़ में जूनागढ़ एक मुस्लिम नवाब के कंट्रोल में था। नवाब ने इसे पाकिस्तान में मिलाने की कोशिश की, लेकिन ज़्यादातर हिन्दू आबादी भारत में मिलना चाहती थी। लोगों ने आंदोलन किया और जनमत संग्रह (लोगों की राय) के ज़रिए जूनागढ़ को 1948 में भारत में मिला लिया गया। नवाब पाकिस्तान भाग गया।
2. कश्मीर का विलय – महाराजा हरीसिंह शुरू में फैसला नहीं ले पा रहे थे। उनकी चुप्पी का फायदा उठाकर पाकिस्तानी कबायलियों ने कश्मीर पर हमला कर दिया। तब महाराजा हरीसिंह ने 26 अक्टूबर, 1947 को भारत में विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए, और भारतीय सेना ने कबायलियों को भगाया। कश्मीर का भारत में विलय सुरक्षा के लिए बहुत ज़रूरी था।
3. हैदराबाद का विलय – हैदराबाद भारत की दूसरी सबसे बड़ी रियासत थी, और इसका निजाम आज़ाद रहने का सपना देख रहा था। उसने पाकिस्तान से भी बात की। निजाम की चालों का विरोध करते हुए, सरदार पटेल ने प्रधानमंत्री नेहरू से सैन्य कार्रवाई की इजाज़त माँगी। 13 सितम्बर, 1948 को 'ऑपरेशन पोलो' के तहत भारतीय सेना ने हैदराबाद पर हमला किया, और निजाम ने आत्मसमर्पण कर दिया। इस तरह हैदराबाद भी भारत का हिस्सा बन गया।
4. भोपाल का विलय – भोपाल के नवाब ने भी भारत विरोधी गुट में शामिल होने की कोशिश की थी। नवाब चाहते थे कि उदयपुर जैसी बड़ी रियासतें उनका साथ दें, लेकिन उदयपुर के महाराणा ने साफ मना कर दिया और वे भारत में शामिल हो गए। जोधपुर और जैसलमेर के नवाब भी पहले पाकिस्तान में शामिल होने को उत्सुक थे, लेकिन सरदार पटेल और वी. पी. मेनन की सूझबूझ से यह योजना सफल नहीं हो पाई और वे भी भारत में मिल गए। इसी तरह त्रावणकोर भी भारत में शामिल हो गया।
सरदार पटेल की दूरदर्शिता, मज़बूत इच्छाशक्ति और जनसहयोग से ही भारत में रियासतों का सफल विलय हो पाया। उन्होंने भारत को एक मज़बूत और एकजुट राष्ट्र बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्हें 'भारत का बिस्मार्क' भी कहा जाता है।
In simple words: सरदार पटेल ने बहुत समझदारी और दृढ़ता से भारत की सभी छोटी-छोटी रियासतों को भारत में मिलाया। उन्होंने जूनागढ़, कश्मीर, हैदराबाद और भोपाल जैसी मुश्किल रियासतों को भी भारत का हिस्सा बनाया, जिससे देश एकजुट हुआ।
🎯 Exam Tip: सरदार पटेल का रियासतों के एकीकरण में योगदान भारतीय इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है, उनके प्रमुख प्रयासों और जिन रियासतों को उन्होंने एकीकृत किया, उन पर विशेष ध्यान दें.
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